samacharsecretary.com

अस्पताल पहुंचकर मंत्री ने जानी हकीकत, महिला मरीजों की समस्याएं सुनीं

पटियाला. यहां माता कौशल्या अस्पताल में बीते दिन बुधवार को अस्पताल के एक कर्मचारी द्वारा पर्ची बनवाने के लिए लाइन में लगी महिला को थप्पड़ करने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य मंत्री डॉ बलबीर सिंह वीरवार सुबह नो बजे ही अस्पताल में स्थित ओपीडी में पहुंच गए। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने पर्ची काउंटर पर पर्ची बनवाने के लिए लाइन में लगी महिलाओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी और तुरंत अधिकारियों को समस्याओं का समाधान करने के निर्देश भी दिए। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री द्वारा महिला को थप्पड़ मारने के मामले को लेकर अस्पताल अधिकारियों से बातचीत की गई मौजूदा समय में स्वास्थ्य मंत्री की अस्पताल अधिकारियों से मीटिंग चल रही है। पंजाब ने बड़े पैमाने पर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा वितरण में एक मिसाल कायम की; डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 3 महीने से भी कम समय में 30.51 लाख से अधिक परिवार पंजीकृत हुए। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब ने मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत बड़े पैमाने पर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में एक मिसाल कायम की है। 8 जनवरी, 2026 को शुरू होने के तीन महीने के भीतर ही 30.51 लाख से अधिक परिवार इस योजना में नामांकित हो चुके हैं और 292 करोड़ रुपये के मुफ्त उपचार को मंजूरी मिल चुकी है, जिससे यह योजना राष्ट्रीय स्तर पर एक अग्रणी मॉडल के रूप में उभरी है। शुक्रवार को पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने योजना के व्यापक कार्यान्वयन और गति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस योजना से पंजाब भर में लाखों परिवारों को तेजी से वास्तविक वित्तीय राहत और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच प्राप्त हुई है।

छत्तीसगढ़ की फुटबॉलर किरण पिस्दा की कहानी: जनजातीय जड़ों से अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक का संघर्ष

जनजातीय जड़ों से अंतर्राष्ट्रीय फलक तक: छत्तीसगढ़ की स्टार फुटबॉलर किरण पिस्दा के संघर्ष की कहानी किरण भारत के लिए खेल चुकी हैं और क्रोएशियन महिला लीग में डिनामो ज़ाग्रेब के लिए भी खेली हैं किसी भी पोज़िशन पर खेलने की क्षमता उनकी सबसे बड़ी ताकत रायपुर  जब खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के सेमीफाइनल में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट के दौरान किरण पिस्दा ने गोलकीपिंग के दस्ताने पहने, तब वह अपने अब तक के अनुभवों पर भरोसा कर रही थीं। उन अनुभवों पर, जिन्होंने चुनौतियों और निराशाओं के बीच उन्हें और अधिक मजबूत बनाया।              24 साल की उम्र में किरण अपने खेल कौशल के शिखर पर नजर आती हैं। वह यूरोप में लीग फुटबॉल खेल चुकी हैं और अब बड़े अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने की दहलीज पर हैं।          हालांकि, उनका यह सफर बिल्कुल आसान नहीं रहा, भले ही उन्हें स्कूल और परिवार से शुरुआती समर्थन मिला। उनके भाई गिरीश पिस्दा, जो खुद राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हैं, उनके लिए प्रेरणा बने।          किरण ने साई मीडिया से कहा, “मुझे स्कूल में काफी सपोर्ट मिला। वहीं से मुझे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर खेलने के मौके मिले और हर चयन के साथ मेरा आत्मविश्वास बढ़ता गया।” इसके बाद किरण शारीरिक शिक्षा में डिग्री हासिल करने के लिए रायपुर आईं। छत्तीसगढ़ महिला लीग के दौरान उन्होंने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और उन्हें राष्ट्रीय शिविर के लिए बुलावा मिला।             किरण बताती हैं, “उस समय मैं शारीरिक रूप से उतनी फिट नहीं थी और मेरा मानसिक स्तर भी सीनियर खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार नहीं था।”  यही कारण रहा कि उस राष्ट्रीय शिविर में उन्हें भारतीय टीम के लिए चयन नहीं मिला। वह कहती हैं, “मुझे एहसास हुआ कि वहां जो अनुभव मिला है, उस पर मुझे काम करना होगा।”             इसके बाद उनके जीवन में आत्म-सुधार का एक कठिन दौर शुरू हुआ। उन्होंने अपनी फिटनेस पर काम किया, मैचों का विश्लेषण करना शुरू किया और अपनी पोज़िशनल समझ को बेहतर बनाया। लेकिन सबसे बड़ा बदलाव उनकी मानसिकता में आया।          वह कहती हैं, “मैंने खुद से कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए, मैं नकारात्मक नहीं सोचूंगी। अगर आप नकारात्मक हो जाते हैं, तो उसका सीधा असर आपके प्रदर्शन पर पड़ता है।” इस बदलाव में उनके मेंटर और कोच योगेश कुमार जांगड़ा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। किरन ने कहा,“जब भी मुझे लगता है कि मैं अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही हूं या मन खराब होता है, तो मैं उनसे बात करती हूं। वह हमेशा मुझे सकारात्मक रहने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।”            किरण की मेहनत का असर धीरे-धीरे दिखने लगा। घरेलू स्तर पर उनके प्रदर्शन ने केरल ब्लास्टर्स जैसे क्लबों के दरवाजे खोले, जहां उन्होंने खुद को और निखारा। उनकी सबसे बड़ी ताकत उनकी बहुमुखी प्रतिभा बन गई। वह कहती हैं, “मैंने स्ट्राइकर के रूप में शुरुआत की, फिर मिडफील्ड में खेली और अब राष्ट्रीय टीम के लिए फुल-बैक के रूप में खेलती हूं। एक फुटबॉलर के रूप में आपको अपनी टीम के लिए कई पोज़िशन पर खेलने के लिए तैयार रहना चाहिए।”            किरण कई बार भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वह 2022 के सैफ़ चैंपियनशिप स्क्वाड का हिस्सा रही हैं और क्रोएशियन महिला लीग में डिनामो ज़ाग्रेब के लिए भी खेल चुकी हैं। फिर भी, इस मुकाम पर भी असफलताएं उनके सफर का हिस्सा रही हैं। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित एएफसी (AFC) महिला एशियन कप जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए चयन न होना उनके लिए एक और परीक्षा थी।          किरण कहती हैं, “बड़े टूर्नामेंट के लिए चयन न होना दुख देता है। हर खिलाड़ी इसे महसूस करता है। लेकिन अब मैं इसे अलग नजरिए से देखती हूं। इसे मैं और मेहनत करने और मजबूत वापसी करने की प्रेरणा मानती हूं।” दबाव को संभालना उनकी पहचान बन चुका है। चाहे टीम में जगह के लिए प्रतिस्पर्धा हो या अहम मैचों में प्रदर्शन, उन्होंने खुद को संयमित रखना सीख लिया है। वह कहती हैं, “ऊंचे स्तर पर खेलते समय दबाव हमेशा रहता है। आपको उसे संभालना सीखना पड़ता है।”             किरण टीम के प्रदर्शन की भूमिका को भी महत्वपूर्ण मानती हैं। उन्होंने कहा, “अगर टीम अच्छा कर रही होती है, तो हर खिलाड़ी आत्मविश्वास से भरा होता है। लेकिन जब टीम हार रही होती है, तो व्यक्तिगत प्रदर्शन भी प्रभावित होता है।” जनजातीय पृष्ठभूमि से आने वाली किरण दूर-दराज के इलाकों के खिलाड़ियों की चुनौतियों को अच्छी तरह समझती हैं। उनका मानना है कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसे मंच इस अंतर को पाटने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।            वह कहती हैं, “जनजातीय इलाकों में बहुत प्रतिभा है, लेकिन खिलाड़ियों को हमेशा मौके नहीं मिलते। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स ने उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दिया है। इससे उन्हें आत्मविश्वास और राज्य तथा देश के लिए खेलने का सपना देखने की प्रेरणा मिलती है।” जहां तक किरण का सवाल है, उनका फोकस फिलहाल इंडियन वुमेंस लीग जैसी घरेलू प्रतियोगिताओं में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने और राष्ट्रीय टीम में नियमित जगह बनाने पर है। लेकिन उनका लक्ष्य इससे कहीं बड़ा है।            वह कहती हैं, “मैं लगातार खुद को बेहतर बनाना चाहती हूं, नियमित प्रदर्शन करना चाहती हूं और बड़े टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहती हूं। अगर आपका चयन नहीं होता, तो इसका मतलब यह नहीं कि आप अच्छे खिलाड़ी नहीं हैं—इसका मतलब है कि आपको और मेहनत करनी होगी।”

प्रॉपर्टी खरीदना अब पड़ेगा महंगा: राज्य में नए कलेक्टर रेट लागू

झज्जर. नया वित्त वर्ष शुरू होते ही जिले में जमीन के नए कलेक्टर रेट लागू कर दिए गए हैं। बुधवार को पहले दिन नए रेट पोर्टल पर अपडेट न होने के कारण तहसीलों में रजिस्ट्री का कार्य प्रभावित रहा। लोग दिनभर सरल केंद्रों के चक्कर काटते रहे, लेकिन केवल वही रजिस्ट्रियां हो पाईं जिनमें स्टांप ड्यूटी की छूट थी या जो खून के रिश्तों के आधार पर होनी थीं। अब जेब पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ जिला राजस्व अधिकारी मनबीर सिंह सांगवान ने पुष्टि की कि बुधवार शाम को मुख्यालय की ओर से नए कलेक्टर रेट की सूचना प्राप्त हो गई है और इसे सिस्टम पर अपलोड कर दिया गया है। वीरवार सुबह से जो भी लोग रजिस्ट्री के लिए आवेदन करेंगे, उन्हें बढ़े हुए कलेक्टर रेट के अनुसार ही स्टांप ड्यूटी चुकानी होगी। क्षेत्रवास दाम बढ़ने से जमीन खरीदना आम जनता के लिए महंगा हो जाएगा। इधर, सरल केंद्र के कर्मचारियों के अनुसार, शाम तक तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब वीरवार से सभी प्रकार की रजिस्ट्रियां सुचारू रूप से शुरू हो जाएंगी। हालांकि, पहले दिन की देरी के कारण कई खरीदार और विक्रेता निराश होकर लौट गए। तहसीलों की स्थिति और टोकन का ब्योरा दोपहर 2 बजे तक तीन प्रमुख तहसीलों में कुल 28 टोकन काटे, जिनमें 9 रजिस्ट्रियां ही हो सकीं। झज्जर व बहादुरगढ़: दोनों तहसीलों में 11-11 टोकन कटे, जिनमें से 4-4 रजिस्ट्रियां हुईं। बादली: यहां पर 6 टोकन कटे, जिनमें से केवल एक रजिस्ट्री हो पाई। साल्हावास, बेरी और मातनहेल तहसीलों में दोपहर बाद तक कोई नया टोकन नहीं कटा, क्योंकि लोग नए रेट लागू होने का इंतजार कर रहे थे।

15वें वित्त आयोग से बड़ी मदद: अब तेजी से होंगे स्थानीय विकास कार्य

रायपुर. वित्तीय वर्ष के आखिरी 48 घंटों में छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन विभाग ने एक शानदार रिकॉर्ड कायम किया है. विभाग ने मिशन मोड में काम करते हुए राज्य के नगरीय निकायों के लिए 15वें वित्त आयोग की 404.66 करोड़ रुपये की बड़ी राशि प्राप्त कर दिखाया. दरअसल, लगातार प्रयासों से वित्तीय वर्ष खत्म होने के ठीक पहले 30 मार्च 2026 को भारत सरकार से 202.33 करोड़ रुपये राज्य को प्राप्त हुई. उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर विभाग द्वारा सभी निकायों को तुरंत राशि अंतरित की गई, और अगली किश्त की पात्रता के लिए GTC तैयार कर त्वरित मांग प्रस्तुत किया गया. नियमानुसार ग्रांट ट्रांसफर सर्टिफिकेट समय सीमा में प्रस्तुत होने से केंद्र से अगले किस्त की राशि की पात्रता प्राप्त कर ली गई और कुछ ही घंटों में राशि भी प्राप्त हो गई. ​महज 24 घंटे में हुआ पूरा प्रोसेस मात्र एक दिन के भीतर कोषालय ट्रेजरी से राशि निकाली गई, निकायों को ट्रांसफर की गई और ग्रांट ट्रांसफर सर्टिफिकेट’ GTC तैयार कर केंद्र सरकार को भेज दिया गया. तुरंत मिली दूसरी किश्त इस त्वरित कार्रवाई और केंद्र सरकार आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के साथ बेहतरीन समन्वय का नतीजा यह रहा कि बिना समय गंवाए 202.33 करोड़ रुपये की दूसरी किश्त भी तुरंत मंजूर हो गई. ​इस प्रकार मान उप मुख्यमत्री जी के लगातार मानिटरिंग एवम केंद्र से बेहतर समन्वय से कुल 404.66 करोड़ रुपये की राशि छत्तीसगढ़ के शहरों के लिए प्राप्त कर ली गई. इस फंड के आने से अब प्रदेश के नगरीय निकायों में विकास कार्यों, पेयजल और स्वच्छता सुविधाओं को एक नई रफ्तार मिलेगी.

चंडीगढ़ BJP ऑफिस अटैक में पाकिस्तान मेड ग्रेनेड का प्रयोग, संदिग्धों के 2 और वीडियो हुए सार्वजनिक

चंडीगढ़ चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पंजाब बीजेपी के मुख्यालय के बाहर हुए ब्लास्ट में नया खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक इस हमले में GHD2P हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया गया था। यह ग्रेनेड पाकिस्तान में बनाया जाता है। जानकारी के अनुसार, विस्फोट के बाद यह करीब 5 से 10 मीटर के दायरे में बेहद घातक साबित हो सकता है। वहीं इसके टुकड़े 20 से 25 मीटर तक फैल सकते हैं, जिससे आसपास मौजूद लोगों के गंभीर रूप से घायल होने का खतरा रहता है। इससे पहले 2 नए वीडियो सामने आए। हमले से कुछ मिनट पहले वीडियो में BJP ऑफिस के पास स्थित एक अन्य दफ्तर के बाहर 2 संदिग्ध खड़े दिखाई दे रहे हैं। वहीं दूसरे वीडियो में हमले के बाद दोनों संदिग्ध सड़क के दूसरी ओर भागते हुए कैद हुए हैं। बुधवार शाम को पंजाब बीजेपी के मुख्यालय के बाहर ब्लास्ट हुआ था। इससे मौके पर खड़ी कई कारों के शीशे टूट गए और आसपास की दीवार पर छर्रों के निशान बन गए। घटना के 2 वीडियो वायरल हुए, जिसमें से एक में व्यक्ति ग्रेनेड बम फेंकता दिखा। जबकि, दूसरे वीडियो में बाइक पर जाते दो लोग दिखे, जिन्हें हमलवार बताया गया। वहीं, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी वायरल हुई, जिसमें इस हमले की जिम्मेदारी खालिस्तानी संगठन ने ली। अब तक पुलिस ने इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं की है। चंडीगढ़ की SSP कंवरदीप कौर ने कहा था कि क्रूड जैसी चीज फेंकी गई है। चंडीगढ़ पुलिस और सीएफएसएल की टीम बीजेपी ऑफिस के बाहर जांच में जुटी हुई हैं। 30 फुट दूरी से फेंका गया ग्रेनेड BJP मुख्यालय के बाहर करीब 30 फुट दूरी से ग्रेनेड फेंका गया था। दीवार की ऊंचाई लगभग 3 फुट है, जबकि उसके ऊपर करीब 2 फुट ऊंची एल्यूमीनियम ग्रिल लगी हुई है। जिस जगह ग्रेनेड गिरा, वहां से बीजेपी दफ्तर के मुख्य द्वार की दूरी करीब 25 फीट बताई जा रही है। मुख्य द्वार के पास सुरक्षा कर्मियों के लिए केबिन बना हुआ है, जहां केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के दो जवान राउंड द क्लॉक तैनात रहते हैं। वहीं मुख्य गेट पर चंडीगढ़ पुलिस के कर्मचारी भी मौजूद रहते हैं। हालांकि जिस स्थान पर ग्रेनेड गिरा, वहां अकसर आने वाले लोग अपनी गाड़ियां पार्क करते हैं और घटना के समय भी वहां वाहन खड़े थे। खालिस्तानी आतंकी सुखजिंदर सिंह बब्बर ने इस घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में कहा गया है कि चंडीगढ़ के सेक्टर-37 में हुए ग्रेनेड हमले के पीछे वही है। पोस्ट में कहा गया है कि भारतीय सिस्टम चाहे पंजाब के सिख युवाओं के खिलाफ कितने भी कदम उठा ले, इसका जवाब दिया जाएगा। खालसा पंथ उचित प्रतिक्रिया करेगा। गुरदासपुर में रणजीत सिंह की हत्या का जिक्र करते हुए उसके आरोपियों को भी न बख्शने की बात कही गई है। पंजाब की धरती खालसा की धरती पोस्ट के अंत में खालिस्तान समर्थक नारे भी लिखे गए हैं, जिनमें खालिस्तान के समर्थन और खालसा राज की बात दोहराई गई है। इस में कहा गया है कि पंजाब की धरती खालसा की धरती है। पंजाब में खालिस्तान बनेगा खालिस्तान जिंदाबाद, खालसा राज करेगा। वायरल पोस्ट में संगठन की ओर से इस वारदात को अंजाम देने का जिक्र करते हुए पंजाब के डीआईजी संदीप गोयल को भी चेतावनी दी गई है। वहीं, सोशल मीडिया पर इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें एक शख़्स ग्रेनेड की पिन निकाल कर फेंकते हुए दिख रहा है। हमले की जांच में पुलिस को सीसीटीवी में दो संदिग्ध दिखे हैं। दोनों लोगों को मोटरसाइकिल पर बीजेपी ऑफिस के आसपास घूमते देखा गया। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। कहीं पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष तो नहीं थे निशाना? पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस घटना के तार प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़ने की आशंका है। इसके अलावा इस हमले को पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी कुमार शर्मा से जोड़कर भी देखा जा रहा है। करीब 15 दिन पहले एसएसपी पठानकोट ने अश्वनी शर्मा को सतर्क रहने और सार्वजनिक स्थानों पर कम जाने की चेतावनी दी थी। घटना से दो दिन पहले तक शर्मा पार्टी कार्यालय में मौजूद थे और बुधवार सुबह ही दिल्ली में एक कार्यक्रम के लिए रवाना हुए थे। क्रूड बम का इस्तेमाल किया: एसएसपी चंडीगढ़ सेक्टर-37 में पंजाब भाजपा कार्यालय के बाहर बुधवार शाम करीब 4:48 बजे जोरदार धमाके से भाजपा कार्यालय के बाहर खड़ी कार का शीशा टूट गया। काले रंग की एक एक्टिवा क्षतिग्रस्त हो गई और चारदीवारी पर 50 से अधिक स्थानों पर छर्रों के निशान देखने को मिले। चण्डीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर ने कहा कि विस्फोट के लिए क्रूड बम का इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने बताया कि इससे पहले क्रूड बम का इस्तेमाल पश्चिम बंगाल में एक घटना में किया गया था। घटना के बाद केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की टीमों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए। वहीं, घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

हिसार समेत पूरे NCR में अप्रैल में दिखेगा मानसून जैसा हाल, मौसम विभाग ने जारी की बारिश और आंधी की चेतावनी

हिसार मार्च महीने के आखिरी दिन ओलावृष्टि-बारिश के बाद बुधवार को दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। ओलावृष्टि के बाद दिन व रात के तापमान में गिरावट रही। अप्रैल में भी लगातार 7 से 8 पश्चिम विक्षोभ सक्रिय होंगे। इस वजह से तापमान सामान्य या इससे कम ही रहेगा। 2 अप्रैल की रात से नया पश्चिम विक्षोभ सक्रिय होने से कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि अप्रैल में भी मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिलेंगे। अप्रैल महीने में कुल 7-8 पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे। पहले पखवाड़े में लगातार एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे। 2-3 अप्रैल ,दूसरा 7-8 अप्रैल को फिर बाद 11-12 अप्रैल से उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर बर्फबारी और मैदानी राज्यों विशेषकर हरियाणा एनसीआर दिल्ली में बार बार मौसम में बदलाव देखने को मिलेंगे। इस दौरान हरियाणा एनसीआर दिल्ली में आंधी चलने के साथ साथ बारिश हो सकती है जिसकी वजह से संपूर्ण इलाके में दिन और रात के तापमान सामान्य और सामान्य से नीचे बने रहेंगे। दूसरे पखवाड़े में 1-2 पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ती नजर आ रही हैं। गुजरात और राजस्थान पर एक प्रति चक्रवातीय परिसंचरण तंत्र विकसित होने की वजह से संपूर्ण मैदानी राज्यों विशेषकर हरियाणा एनसीआर दिल्ली में तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। तीसरे सप्ताह में प्रति चक्रवातीय परिसंचरण तंत्र कमजोर पड़ने लगेगा और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में अप्रैल माह के अंतिम 10 दिनों के दौरान एक बार फिर से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। इस दौरान बारिश और तेज गति से हवा चल सकती है। बिजली गिरने से किशोर की मौत गांव कंवलगढ़ में मंगलवार शाम को बिजली गिरने से किशोर दिलबाज (15) की मौत हो गई। मृतक के चाचा करमजीत ने बताया कि उनका घर खेत में ढाणी के तौर पर बने हुए हैं। बारिश के चलते दिलबाज पॉलिथीन से घर की छत को ढक रहा था। इसी दौरान तेज गर्जना के साथ दिलबाज पर बिजली गिर गई। इससे वह बुरी तरह से झुलस गया और मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मृतक के चाचा करमजीत के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है।  

छत्तीसगढ़ के नक्सल मुक्त होने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर श्रद्धांजलि एवं दीपदान कार्यक्रम आयोजित

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ के नक्सल मुक्त होने की ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में भारतीय जनता युवा मोर्चा, जिला बिलासपुर द्वारा सत्यम चौक स्थित शहीद विनोद चौबे जी की स्मृति में श्रद्धांजलि एवं दीपदान कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने शहीदों के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित करते हुए दीप प्रज्वलित कर उनके बलिदान को नमन किया। कार्यक्रम में बिलासपुर विधायक माननीय अमर अग्रवाल जी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। साथ ही भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक सिंह जी, भारतीय जनता युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष वैभव गुप्ता जी एवं संगठन के समस्त पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में सुरक्षा बलों और शहीदों के योगदान को याद किया तथा इस उपलब्धि को प्रदेश के विकास और शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान भी किया। पूरे आयोजन में देशभक्ति का उत्साह और श्रद्धा का भाव देखने को मिला। दीपदान के माध्यम से उपस्थित लोगों ने शहीदों की स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखने का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम न केवल शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का माध्यम बना, बल्कि समाज में एकता, देशभक्ति और जागरूकता का संदेश भी प्रसारित करने में सफल रहा।

कंबोडिया-फिलीपींस से जुड़ा है ठगी का जाल,गुरुग्राम पुलिस ने 5 गुर्गों को दबोचा, भारी मात्रा में हाई-टेक गैजेट्स बरामद

 गुरुग्राम गुरुग्राम पुलिस ने कंबोडिया-फिलीपींस से संचालित साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़ किया, जिसमें 5 गिरफ्तार हुए. आरोपी 'सिम बॉक्स' से कॉल डायवर्ट कर 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाकर ठगी करते थे. गुरुग्राम में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है. यह नेटवर्क कंबोडिया और फिलीपींस से संचालित हो रहा था. पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 5 अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं. शातिर आरोपी 'सिम बॉक्स' (SIM Box) के जरिए कॉल डायवर्ट कर लोगों को 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाते थे और लाखों रुपये की ठगी को अंजाम देते थे. गुरुग्राम पुलिस के डीसीपी ईस्ट (DCP East) गौरव राजपुरोहित ने बताया कि जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. गिरफ्तार आरोपी फिलीपींस और कंबोडिया में बैठे अपने विदेशी आकाओं के सीधे संपर्क में थे. ठगी के लिए इस्तेमाल होने वाले हाई-टेक उपकरण और अवैध मशीनें नेपाल-बिहार रूट के जरिए तस्करी कर भारत लाई जाती थीं. इस नेटवर्क के जरिए भारत में हजारों फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेट किए गए थे. SIT की छापेमारी में मिला भारी जखीरा मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित की गई एसआईटी (SIT) ने गुरुग्राम के यू-ब्लॉक और चकरपुर समेत कई ठिकानों पर अचानक छापेमारी की. इस रेड के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल इंटरनेट के जरिए कॉल डायवर्ट करने और फर्जी कॉल करने में होता था. बरामद किए गए उपकरण:     15 सिम बॉक्स     504 फर्जी सिम कार्ड     7 वाई-फाई राउटर     29 वाई-फाई स्विच     7 TAPO कैमरे और 30 बैटरियां ये 5 शातिर आरोपी हुए गिरफ्तार पुलिस ने इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े पांच शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान इस प्रकार हुई है:     राहुल कुमार (निवासी: कासगंज)     यश अमृत सिंह डुगर (निवासी: अहमदाबाद)     भाविका भगचंदानी (निवासी: कच्छ)     लितेश     सागर डीसीपी गौरव राजपुरोहित के अनुसार, फिलहाल गुरुग्राम पुलिस सभी आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है. पुलिस इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की गहन जांच कर रही है ताकि इसके मास्टरमाइंड और अन्य जुड़े लोगों तक पहुंचा जा सके.  

पंजाब सरकार की नई पहल: आंगनवाड़ी नेटवर्क से तैयार होगा ड्रग डेटा

चंडीगढ़. आंगनवाड़ी वर्करों के लिए स्मार्टफोन खरीद को लेकर पहले से चल रहे विवाद ने बुधवार को नया मोड़ ले लिया। पंजाब सरकार ने अब इन स्मार्टफोनों को ड्रग्स जनगणना में लगे एन्यूमरेटरों को देने का फैसला किया है। इस फैसले से पहले ही छह साल की देरी और दो आईएएस अधिकारियों के निलंबन को लेकर यह मामला चर्चा में रहा है। सरकार ने कुल 28,515 सैमसंग 5G स्मार्टफोन खरीदे थे। इनमें से करीब 28,000 फोन अब ड्रग्स जनगणना के एन्यूमरेटरों को दिए जाएंगे। ये फोन मूल रूप से सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आंगनवाड़ी केंद्रों में वितरित किए जाने थे, लेकिन अब इन्हें ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग को सौंपने का निर्णय लिया गया है, जो ड्रग्स जनगणना का नोडल विभाग है। इन स्मार्टफोनों की खरीद पर लगभग 57 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और यह योजना केंद्र सरकार की ओर से वित्तपोषित है। इन स्मार्ट फोनों को कम से कम पांच जिलों में भेजा भी गया था और बाकी जिलों में वितरण की तैयारी थी। इसी बीच सरकार ने इन्हें ड्रग्स जनगणना के लिए उपयोग करने का फैसला लिया। एन्यूमरेटर महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं, इसलिए उन्हें इन फोनों की जरूरत है। जनगणना पूरी होने के बाद ये फोन आंगनवाड़ी वर्करों को दे दिए जाएंगे। संसाधनों के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। वहीं, आंगनवाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन की पंजाब अध्यक्ष बरिंदरजीत कौर छीना ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि सोमवार को मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया था कि फोन आंगनवाड़ी वर्करों को दिए जाएंगे, लेकिन अब जानकारी मिली है कि इन्हें ड्रग्स जनगणना में लगाया जा रहा है, जो अनुचित है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उनकी बैठक मंत्री डॉ. बलजीत कौर और विभाग के प्रशासनिक सचिव गुरकीरत किरपाल सिंह के साथ हुई थी, जिसमें उन्हें बताया गया था कि फोन खरीदे जा चुके हैं और वितरण प्रक्रिया शुरू हो रही है। यह खरीद पोषण अभियान के तहत की गई थी, जो केंद्र सरकार की प्रायोजित योजना है। इसका उद्देश्य आंगनवाड़ी वर्करों को फील्ड से डेटा भरने के लिए ऐप के माध्यम से सशक्त बनाना है, ताकि योजना की निगरानी बेहतर ढंग से हो सके। इस पूरे मामले में देरी को लेकर 7 फरवरी को आईएएस अधिकारी केके यादव और जसप्रीत सिंह को निलंबित किया गया था। उस समय वे क्रमशः उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रशासनिक सचिव और इंफोटेक के एमडी थे। स्मार्टफोन की खरीद प्रक्रिया पंजाब इंफोटेक के जरिए की गई थी, जिसमें अनियमितताओं और देरी की बात सामने आई थी। शुरुआत में करीब 27,515 स्मार्टफोन के लिए टेंडर जारी किया गया था। उस समय 5G फोन उपलब्ध नहीं थे, इसलिए 4G फोन के लिए प्रक्रिया शुरू हुई और एक कंपनी को एल1 घोषित किया गया। बाद में 5G फोन की जरूरत बताते हुए नया टेंडर जारी किया गया, जिसके खिलाफ कंपनी हाई कोर्ट पहुंची थी। इसके बाद अधिकारियों पर कार्रवाई की गई और खरीद प्रक्रिया को तेज किया गया। प्रत्येक फोन की कीमत करीब 20,000 रुपये बताई गई है।

अब बिना अनुमति नहीं मिलेगा अवकाश: जनगणना तक लागू कड़े नियम

कोरबा. जनगणना 2027 के महत्वपूर्ण कार्य को सुचारू, व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने हेतु कोरबा जिला प्रशासन द्वारा विशेष – तैयारी शुरू की गई है. कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में अपर कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी द्वारा अभियान की गंभीरता को देखते हुए आदेश जारी कर जिले के समस्त अधिकारियों कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध लगाया गया है. जारी निर्देशानुसार जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार के व्यवधान को रोकने और अपरिहार्य परिस्थितियों में प्राप्त होने वाले अवकाश आवेदनों के विधिवत – निराकरण हेतु जिला स्तर पर एक – समीक्षा समिति का गठन किया गया है. यह समिति जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी/कर्मचारियों से प्राप्त होने वाले अवकाश आवेदनों की गहन समीक्षा करेगी और अपनी अनुशंसा के साथ प्रस्ताव अंतिम निर्णय हेतु कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी के – समक्ष प्रस्तुत करेगी. गठित समिति में तुलाराम भारद्वाज को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. साथ ही जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी मोहन सिंह कंवर को सदस्य सचिव तथा जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी हेमंत जायसवाल को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है. उल्लेखनीय है कि जनगणना में जिले के प्रत्येक शासकीय सेवक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल विशेष और अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में ही समिति की अनुशंसा के आधार पर अवकाश पर विचार किया जाएगा, ताकि गणना कार्य की निरंतरता बनी रहे.