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बिजली बिल का नया झंझट: अधूरे मैसेज से बढ़ा भ्रम, उपभोक्ता असमंजस में

चंडीगढ़. पंजाब में बिजली बिलों के मोबाइल मैसेज में पुराने और नए मीटर की रीडिंग शामिल करने की मांग उठी है। असल में, पावरकॉम की तरफ से कंज्यूमर्स को भेजे जाने वाले मोबाइल मैसेज में सिर्फ अकाउंट नंबर और कुल रकम की जानकारी होती है और नई और पुरानी रीडिंग के बिना खपतकार के लिए समझना मुश्किल हो जाता है कि बिल सही है या नहीं, जिससे बिजली विभाग के प्रति अविश्वास पैदा होता है। यह मांग जाने-माने समाजसेवी संजीव कुमार टोनी, प्रीतिंदर सिंह ढींडसा, सतपाल सिंह सत्ता सूरजगढ़, मनजीत सिंह मोटेमाजरा, दलजीत सिंह बिल्लू मोही, हरप्रीत सिंह अमला आदि ने उठाई है और कहा है कि बिजली खपतकारों के हित में बिजली बिलों के मोबाइल मैसेज में पुराने और नए मीटर की रीडिंग शामिल की जानी चाहिए। ऊपर बताए गए नेताओं ने मांग की है कि पावरकॉम की तरफ से खपतकार को भेजे जाने वाले मोबाइल मैसेज में सिर्फ अकाउंट नंबर और टोटल अमाउंट होती है और नई और पुरानी रीडिंग के बिना खपतकार के लिए यह समझना मुश्किल हो जाता है कि कितने यूनिट बिजली खर्च हुई है, बिल सही है या नहीं। इलाके के युवाओं ने मांग की कि डिजिटल जमाने में पारदर्शिता लाना जरूरी है और पावरकॉम की तरफ से भेजे जाने वाले मोबाइल मैसेज में नई और पुरानी रीडिंग दिखाई जानी चाहिए ताकि खपतकारों को भेजे गए बिल को समझने में कोई दिक्कत न हो। 

3.80 करोड़ की लागत से बनेगी सड़क, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने किया शिलान्यास

रायपुर मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने 3.80 करोड़ रूपए की सड़क निर्माण कार्य का किया शुभारंभ प्रदेश में आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर जिले के भटगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जयनगर-कासापारा में ₹3.80 करोड़ की लागत से बनने वाली सड़क के निर्माण कार्य का विधिवत कार्यप्रारंभ पूजन किया। लोक निर्माण विभाग के माध्यम से स्वीकृत इस परियोजना के तहत 3.60 किलोमीटर लंबी सड़क का उन्नयन एवं नवीनीकरण किया जाएगा। इस कार्य के लिए शासन द्वारा 380.15 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। सड़क निर्माण पूर्ण होने के पश्चात क्षेत्र के ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा और सुगम संपर्क का लाभ मिलेगा। मंत्री  राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन और विकास को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतार रही है। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़कें केवल आवागमन को सुगम नहीं बनातीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी सृजित करती हैं। जयनगर से कासापारा तक बनने वाला यह मार्ग क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान करेगा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों की सक्रिय सहभागिता रही। इस अवसर पर श्री हरीश राजवाड़े, श्री देवधन बिंझिया, श्री अशोक अग्रवाल, श्री रितेश जायसवाल, जनपद सदस्य  धनेश्वरी सिरदार, सरपंच  राधा सिंह सहित विभागीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

योगी सरकार के विजन ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ को साकार कर गांव में स्थापित किया वाशिंग पाउडर उद्योग

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही योजनाएं आज युवाओं के सपनों को पंख देने का काम कर रही हैं। सरकार का लक्ष्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार देने वाला बनाना है। योगी सरकार के इसी विजन को साकार करते हुए लखीमपुर खीरी के ग्राम पहाड़ापुर के रहने वाले अनिकेत वर्मा सरकारी योजना के लाभ से सफल युवा उद्यमी बने हैं। अनिकेत वर्मा के उद्यमी बनने के सफर में सबसे बड़ी भूमिका ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ ने निभाई। इस योजना के तहत उन्हें दिसंबर 2025 में जिला उद्योग एवं उद्यमिता विकास केंद्र के माध्यम से 25 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहायता ने उनके सपनों को नई उड़ान दी और उन्होंने अपने छोटे स्तर के काम को एक संगठित उद्योग में बदल दिया। उन्होंने अपनी यूनिट में 6 ऑटोमेटिक मशीनें स्थापित की। आज उनकी यूनिट हर महीने ऑर्डर के अनुसार वाशिंग पाउडर का उत्पादन कर रही है। उत्पादों को आधा किलो, 1 किलो और 3 किलो की पैकिंग में तैयार किया जाता है, जिससे बाजार की अलग-अलग जरूरतों को पूरा किया जा सके। वे कानपुर से कच्चा माल मंगवाते हैं, उनका वाशिंग पाउडर स्थानीय बाजार में अपनी पहचान बना रहा है। अनिकेत वर्मा केवल खुद आत्मनिर्भर नहीं बने, बल्कि उन्होंने 7 लोगों को रोजगार भी दिया है। प्रोडक्ट की लागत और अन्य खर्चों के बाद अनिकेत की शुद्ध मासिक आमदनी 50 से 60 हजार रुपये है।  ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ का उद्देश्य प्रदेश के युवाओ को उद्यमशीलता के लिए प्रोत्साहित करने और अन्य के लिए रोजगार का अवसर प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार युवाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने व्यवसाय का सफलतापूर्वक संचालन कर सकें। योजना के तहत विनिर्माण क्षेत्र में नए उद्योग लगाने के लिए अधिकतम ₹25 लाख तथा सेवा क्षेत्र आधारित व्यवसाय शुरू करने के लिए अधिकतम ₹10 लाख तक का ऋण दिया जाता है। यह ऋण रियायती ब्याज दरों पर उपलब्ध कराया जाता है जो बाज़ार दर से कम है। इस धनराशि का उपयोग प्लांट एवं मशीनरी, कच्चे माल के क्रय, कार्यशील पूंजी और अन्य सम्बंधित खर्चों के लिए किया जा सकता है। इच्छुक व्यक्ति जिला उद्योग एवं उद्यमिता विकास केंद्र के माध्यम से पूर्ण जानकारी लेकर आवेदन कर सकता है।

किसानों पर कुदरत का कहर, जयपुर समेत 20 जिलों में बारिश की चेतावनी, कटाई के समय भीग गया अन्नदाता का सोना

जयपुर राजस्थान के किसानों को मौसम की जबरदस्त मार झेलनी पड़ रही है। मार्च के अंतिम सप्ताह में हुई बारिश और ओलावृष्टि से प्रदेश में सरसों, जीरा और ईसबगोल की फसल में भारी खराबा देखने को मिला है।  मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार राजस्थान में मौसम का बदला हुआ मिजाज बुधवार एक अप्रेल को भी जारी रहने की संभावना है। विभाग ने आज दो जिलों में हल्की बारिश का अनुमान जताया है। राजधानी जयपुर और आसपास के इलाकों में सुबह से ही घने बादल छाए हुए हैं और तेज हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी 2 अप्रैल से एक नया वेदर सिस्टम सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से प्रदेश में फिर से बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मंगलवार को पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे रबी फसलों को नुकसान पहुंचा है। पिछले 24 घंटों में श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, चूरू, सीकर, झुंझुनूं, जयपुर, अलवर, भरतपुर, दौसा, करौली, धौलपुर, सवाई माधोपुर और टोंक समेत 10 से अधिक जिलों में दोपहर बाद मौसम ने करवट ली। सुबह साफ आसमान रहने के बाद दिन चढ़ने के साथ बादल छा गए और कई जगह बारिश दर्ज की गई। हनुमानगढ़, चूरू और श्रीगंगानगर के कुछ क्षेत्रों में ओले भी गिरे। जयपुर के आसपास भी दोपहर बाद बादल छाने के साथ हल्की बारिश हुई। वहीं, मंगलवार को कोटा और चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान क्रमशः 37.9 और 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि के कारण श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, नागौर, डीडवाना-कुचामन सहित कई जिलों में रबी फसलों को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार, नए वेदर सिस्टम के प्रभाव से 4 अप्रैल तक प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है।  

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा की गई व्यवस्थाएं राष्ट्रीय स्तर पर बटोर रही है सराहना

रायपुर ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा की गई व्यवस्थाएं राष्ट्रीय स्तर पर सराहना बटोर रही हैं। विभिन्न राज्यों से आए खेल अधिकारियों एवं कोचों ने सरगुजा जिले के मैनपाट में स्थित प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर यहां की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और आत्मीय आतिथ्य का अनुभव किया। अतिथियों ने मैनपाट के प्रसिद्ध तिब्बती मोनेस्ट्री, रहस्यमयी उल्टा पानी तथा अद्वितीय प्राकृतिक स्थल जलजली का भ्रमण किया। इन स्थलों की विशिष्टता और प्राकृतिक आकर्षण ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। अधिकारियों और कोचों ने कहा कि मैनपाट न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए एक अनूठा पर्यटन गंतव्य है, जहां प्रकृति और शांति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। भ्रमण के दौरान सभी मेहमानों ने छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के सैला रिसॉर्ट में दोपहर भोजन का आनंद लिया। यहां पर परोसे गए पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों जैसे चीला, फरा, ठेठरी-खुरमी और देशी स्वाद से भरपूर भोजन की मेहमानों ने खुले दिल से सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि “छत्तीसगढ़ का भोजन जितना सरल है, उतना ही स्वादिष्ट और पौष्टिक भी है।” अतिथियों ने विशेष रूप से मैनपाट के स्थानीय निवासियों के सहज, सरल और आत्मीय व्यवहार की भी प्रशंसा की। उनका कहना था कि यहां का आतिथ्य उन्हें अपने घर जैसा अपनापन महसूस कराता है, जो छत्तीसगढ़ की पहचान को और मजबूत बनाता है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के सौजन्य से ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ में शामिल खिलाड़ियों, अधिकारियों और कोचों को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से उन्हें छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और खानपान से परिचित कराया जा रहा है, जिससे राज्य की सकारात्मक छवि राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हो रही है। खेल और पर्यटन के इस समन्वित मॉडल से छत्तीसगढ़ ने एक नई दिशा दिखाई है, जहां खेल आयोजन केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित न रहकर सांस्कृतिक आदान-प्रदान का माध्यम भी बन रहे हैं। इससे न केवल राज्य के पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि देशभर में छत्तीसगढ़ की एक सकारात्मक और समृद्ध पहचान भी बन रही है। छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास राज्य को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक मजबूत स्थान दिलाने में सफल हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने अफसरों को दिया निर्देशः किसानों से संवाद बनाएं, फसलों के नुकसान का आकलन कराएं और उन्हें मुआवजा दिलाएं

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के कई जनपदों में बुधवार को हुई बारिश से परेशान किसानों का हाल जाना। उन्होंने असमय बारिश के कारण किसानों को होने वाली परेशानी के बारे में जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी। अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम की मार झेलने वाले किसानों को परेशानी न हो, किसान हित सरकार की प्राथमिकता है। किसानों की बर्बाद हुई फसल के नुकसान का आकलन कर संपूर्ण जानकारी एकत्र करें और उन्हें जल्द से जल्द राहत दिलाएं। सीएम योगी ने निर्देश दिया कि राजस्व, कृषि विभाग व बीमा कंपनी फसल नुकसान का तत्काल संयुक्त सर्वे कराकर शासन को अवगत कराएं, जिससे किसानों को तत्काल मुआवजा दिलाया जा सके।  मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर आपदा-विपदा में प्रदेशवासियों के साथ निरंतर खड़ी है। विगत दिनों हुई बारिश से भी किसानों की फसल प्रभावित हुई थी, इससे नुकसान होने वाली फसल का मुआवजा दिलाया जा रहा है। बुधवार को होने वाली बारिश के कारण भी फसल को जो नुकसान हुआ है, उसका भी जल्द से जल्द आकलन करा लिया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों के हित में संवेदनशीलता के साथ कार्य करें और सुनिश्चित करें कि किसानों को कोई परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि फील्ड में रहकर वस्तुस्थिति का जायजा लें और प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का वास्तविक आकलन कराएं, जिससे किसानों को समय पर उचित सहायता मिल सके। मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव (कृषि) व राहत आयुक्त से कहा कि फील्ड में कार्यरत अधिकारियों से सीधा संपर्क करें और समन्वय बनाएं। सभी सूचनाएं समय पर एकत्र कर शासन को उपलब्ध कराई जाए, जिससे राहत कार्य भी समय से हो सके।  मुख्यमंत्री ने कहा कि फसलों को हुई क्षति का आकलन प्राप्त होते ही मुआवजा वितरण की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए। भुगतान व्यवस्था समयबद्ध ढंग से हो, ताकि मौसम की मार से प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।

मुख्यमंत्री का निर्देश फार्मर रजिस्ट्री के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर लगेंगे विशेष शिविर

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री को व्यापक स्तर पर लागू करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी किसानों का पंजीकरण प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि यथाशीघ्र प्रत्येक ग्राम पंचायत में विशेष शिविर आयोजित कर किसानों को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ा जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान इस व्यवस्था से वंचित न रहे।  मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार फार्मर रजिस्ट्री को कृषि क्षेत्र में एकीकृत लाभ वितरण प्रणाली के रूप में विकसित कर रही है। इसके अंतर्गत कृषि विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों की सभी लाभार्थीपरक योजनाओं को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ा जा रहा है, जिससे किसान को विभिन्न योजनाओं का लाभ एक ही पहचान के आधार पर सरल और व्यवस्थित तरीके से प्राप्त हो सके। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना सहित अन्य योजनाओं में यदि लाभार्थियों के नाम या अभिलेखों में कोई त्रुटि अथवा असंगति है तो उसे आधार से लिंक कर प्राथमिकता के आधार पर संशोधित किया जाए। साथ ही प्रत्येक पात्र किसान का किसान पहचान पत्र बनवाना सुनिश्चित किया जाए, जिससे योजनाओं के लाभ वितरण में किसी प्रकार की बाधा न आए और पात्रता का सत्यापन सुगम हो सके।  मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि विभाग अपनी सभी योजनाओं को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ने के लिए आवश्यक तकनीकी व्यवस्था निर्धारित समयसीमा में तैयार करे और विभागीय पोर्टल को 01 मई 2026 तक पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाया जाए। इसके माध्यम से लाभार्थियों के चयन और लाभ वितरण की प्रक्रिया को डिजिटल एवं एकीकृत रूप में संचालित किया जा सकेगा।  उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता एवं लघु सिंचाई जैसे सहयोगी विभाग भी अपनी योजनाओं में किसान पहचान पत्र के उपयोग के लिए कृषि विभाग के साथ समन्वय स्थापित करें और 31 मई 2026 तक आवश्यक तैयारियां पूरी कर लें, ताकि सभी विभागों में एक समान व्यवस्था लागू हो सके।  मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों को योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी और लाभ प्राप्त करने में अनावश्यक जटिलताएं समाप्त होंगी। इससे संसाधनों का लक्षित उपयोग संभव होगा तथा विशेष परिस्थितियों में आवश्यक कृषि इनपुट का वितरण अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।  उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के लागू होने से योजनाओं का लाभ पारदर्शी ढंग से किसानों तक पहुंचेगा और एक ही लाभार्थी को बार-बार लाभ मिलने की स्थिति की समीक्षा भी सहज रूप से की जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि इस कार्य को गंभीरता से लेते हुए समयसीमा के भीतर पूर्ण करें और इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करें।

पखवाडेभर में 31 हजार से अधिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण

रायपुर मोर गाँव,मोर पानी अभियान ने हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धि मोर गांव,मोर पानी महाभियान  अंतर्गत बलौदा बाजार भाटापारा जिले में जल संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप देते हुए अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत निर्मित आवासों में केवल 15 दिन में 31,066 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण पूर्ण कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है। यह उपलब्धि  व्यापक जनजागरूकता, सामुदायिक सहभागिता एवं श्रमदान का मिसाल बन गया है। जनभागीदारी बना जन आंदोलन – कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन एवं सीईओ जिला पंचायत सु दिव्या अग्रवाल के नेतृत्व में मोर गांव, मोर पानी महाभियान 2.0 की शुरुआत जिले में 13 मार्च 2026 से की गई है। इस अभियान के सफल संचालन हेतु तिथिवार कार्यक्रम तय किये गए है। इस उपलब्धि से जल संरक्षण के प्रति जिले की सामूहिक प्रतिबद्धता, जनसहभागिता और सशक्त नेतृत्व परिलक्षित होता है।ग्रामीणों ने स्वयं आगे बढ़कर श्रमदान किया जिससे अभियान ने एक जन-आंदोलन का रूप ले लिया। प्रत्येक पीएम आवास की औसत साइज लगभग 300 वर्ग फीट है। इनमे  निर्मित रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं वर्षा जल को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। अनुमानतः प्रत्येक वर्षा ऋतु में इन संरचनाओं के माध्यम से हजारों लीटर पानी का संग्रहण संभव होगा, जिससे भूजल स्तर में वृद्धि, जल संकट में कमी तथा स्थायी जल प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा। वर्तमान के साथ भविष्य भी सुरक्षित – इस पहल से न केवल वर्तमान जल आवश्यकताओं की पूर्ति होगी, बल्कि भविष्य के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में भी यह एक ठोस कदम है। मोर गांव,मोर पानी अभियान ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब प्रशासन और आमजन एक साथ मिलकर संकल्प लेते हैं तो असंभव भी संभव हो जाता है। प्रशासन की अपील –  जिला प्रशासन द्वारा सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस जन-आंदोलन से जुड़कर अपने घरों एवं गांवों में अधिक से अधिक जल संरक्षण संरचनाएं बनाएं तथा 'हर घर जल संचय' के लक्ष्य को साकार करने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी पर जोर, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताई सरकार की प्राथमिकता

रायपुर 9 नवीन ‘108 संजीवनी एक्सप्रेस’ एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी छत्तीसगढ़ सरकार की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज सूरजपुर ज़िले में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए 9 अत्याधुनिक ‘108 संजीवनी एक्सप्रेस’ एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।  जिला चिकित्सालय सूरजपुर से शुरू की गई यह सेवा अब दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक त्वरित आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएगी। इस अवसर पर मंत्री  राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण एवं शीघ्र स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सूरजपुर की बेटी होने के नाते यह मेरे लिए गौरव का क्षण है कि मैं अपने ज़िलेवासियों को यह जीवनरक्षक सुविधा समर्पित कर रही हूँ। 9 नवीन ‘108 संजीवनी एक्सप्रेस’ एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी उन्होंने कहा कि ये एम्बुलेंस केवल वाहन नहीं, बल्कि जीवन बचाने वाली महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सरकार का उद्देश्य है कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाली माताएँ, बहनें और बच्चों को आपातकालीन स्थिति में समय पर उपचार मिल सके और ‘गोल्डन ऑवर’ में चिकित्सा सहायता सुनिश्चित हो। मंत्री  राजवाड़े ने यह भी कहा कि एम्बुलेंस संचालन एजेंसी के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर सेवाओं की गुणवत्ता एवं प्रतिक्रिया समय (Response Time) में निरंतर सुधार किया जाएगा। उन्होंने स्वयं इन सेवाओं की नियमित निगरानी करने की बात कही, ताकि पारदर्शिता और प्रभावशीलता बनी रहे। ज़िले में आवंटित 9 एम्बुलेंसों में से 2 को जिला चिकित्सालय सूरजपुर में स्थायी रूप से तैनात किया गया है, जबकि शेष एम्बुलेंसों को विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में रणनीतिक रूप से तैनात किया गया है, जिससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित हो सके।

आईएएस तबादला सूची में भारी उलटफेर, रिया डाबी को सीएमओ में एंट्री, तो बहन टीना डाबी का घटा सियासी कद

जयपुर राजस्थान में आईएएस तबादला सूची में सीएमओ में 7 नए आईएएस को एंट्री मिली है। इसके साथ ही सीएमओ में अब आईएएस की संख्या बढ़कर 11 हो चुकी है। सीएमओ में इतनी बड़ी संख्या में आईएएस की तैनाती राजस्थान में पहली बार देखने को मिली है। इसमें जूनियर अफसरों में रजत यादव, अक्षत कुमार सिंह, गरीमा नरूला, रीया डाबी, अमीता शर्मा शामिल है। इनके अलावा जितेंद्र कुमार सोनी, उत्सव कौशल और मुकुल शर्मा को भी सीएमओ में लगाया है। इस लिस्ट के साथ अब यह भी लगभग तय हो गया है कि जल्द ही आरएएस तबादला सूची भी आएगी जिसमें सीएमओ में तैनात आरएएस अफसरों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है क्योंकि अब यहां इनका काम आईएएस अफसरों के जिम्मे किया जा रहा है। क्या सीएस को नहीं मिला पसंद का असर? लिस्ट में किसकी चली इसे लेकर सबसे ज्यादा चर्चा है। जानकार सूत्रों का कहना है कि यह लिस्ट पूरी तरह सीएमओ के शीर्ष अफसरों की है। जानकार सूत्रों सीएस वी श्रीनिवासन ने अपने ऑफिस के लिए आईएएस अफसर जुनैद पीपी को मांग रखा था। इसके लिए दिसंबर में नोटशीट भी चलाई गई थी। लेकिन जुनैद पीपी को इस तबादला सूची में छोटे जिले सलुंबर में कलेक्टर लगा दिया गया। कुछ नाम पहले से चर्चाओं में थे लिस्ट में कुछ नाम ऐसे हैं जिन्हें लेकर एक साल पहले से चर्चाएं थीं। जयपुर कलेक्टर से सीएम सचिव लगाए गए जितेंद्र सोनी के तबादले को लेकर साल भर से चर्चाएं थीं कि वे सीएमओ आ रहे हैं। हालांकि वे सचिव रैंक में आ चुके हैं और कलेक्टर का पद सचिव के लिए जूनियर रैंक वाला होता है। इसलिए उनका तबादला तय था। संदेश नायक जयपुर कलेक्टर लगाए गए हैं, उनके सीएमओ से बाहर जाने की चर्चाएं भी काफी पहले से चल रहीं थीं। आरएएस और अन्य सेवाओं से बने आईएएस खाली हाथ पिछले साल आरएएस और अन्य सेवाओं से आईएएस बने 16 अफसरों को इस लिस्ट में कोई खास तवज्जो नहीं मिली है। उम्मीद की जा रही थी कि इनमें से एक-आध असफसर को कलेक्टर की पोस्ट मिलेगी। लेकिन इनमें से एक भी अफसर को कलेक्टरशिप नहीं मिली है। टीना डाबी को छोटा जिला आईएएस टीना डाबी और उनकी बहन रिया डाबी का नाम भी इस लिस्ट में है। टीना डाबी को बाड़मेर जैसे बॉर्डर जिले से हटाकर टोंक का कलेक्टर बनाया गया है। सियासी भाषा में इसे कद घटना कहा जाता है। हालांकि बाड़मेर में उनके काम को लेकर तारीफ हुई थी लेकिन शोशल मीडिया पर रीलबाजी को लेकर काफी विवादों में भी रहीं थीं। उनकी बहन रिया डाबी को सीएमओ में एंट्री मिली है। रिया को सीएम का ओएसडी लगाया गया है।