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नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता: 25 माओवादी कैडरों ने छोड़ी बंदूक

रायपुर. छत्तीसगढ़ के इतिहास में अहम मोड़ दर्ज हो गया है. वर्षों से हिंसा, डर और बंदूक के साये में जी रहे दण्डकारण्य क्षेत्र ने अब शांति और भरोसे की ओर कदम बढ़ाया है. नक्सल उन्मूलन की दिशा में बड़ी सफलता तब सामने आई, जब 25 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए मुख्यधारा में वापसी की. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे न केवल आत्मसमर्पण, बल्कि “विश्वास की जीत” बताया है. 25 माओवादी कैडरों की मुख्यधारा में वापसी दण्डकारण्य क्षेत्र में चल रहे “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान के तहत 25 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया है. इनमें 12 महिलाएं भी शामिल हैं. ये सभी माओवादी लंबे समय से जंगलों में सक्रिय थे और अलग‑अलग हिंसक गतिविधियों में शामिल रहे हैं. आत्मसमर्पण के साथ ही इन कैडरों ने बंदूक छोड़कर संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भरोसा जताया है. सीएम विष्णुदेव साय ने बताया ऐतिहासिक दिन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज का दिन दण्डकारण्य और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है. उन्होंने कहा कि वर्षों से चली आ रही हिंसा और डर की विचारधारा का आज अंत होता दिख रहा है. यह लोकतंत्र, जन‑विश्वास और सरकार की नीति की जीत है. मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के लिए नई शुरुआत बताया. ₹1.47 करोड़ के इनामी नक्सलियों ने किया सरेंडर मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि आत्मसमर्पण करने वाले 25 माओवादी कैडरों पर कुल 1 करोड़ 47 लाख रुपये का इनाम घोषित था. इनका मुख्यधारा में लौटना इस बात का संकेत है कि अब भटके हुए लोगों का भरोसा सरकार की पुनर्वास नीति और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर बढ़ रहा है. 93 हथियार और ₹14 करोड़ से ज्यादा की बरामदगी सुरक्षा बलों की प्रभावी कार्रवाई और सरकार की समन्वित रणनीति के चलते माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है. इस कार्रवाई के दौरान 93 घातक हथियारों के साथ कुल ₹14.06 करोड़ की बरामदगी हुई है. यह बरामदगी साफ तौर पर दिखाती है कि नक्सली तंत्र अब कमजोर पड़ चुका है. ""दण्डकारण्य क्षेत्र आज वामपंथी उग्रवाद के अंत के ऐतिहासिक और निर्णायक क्षण का साक्षी बन रहा है। “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के तहत आज 25 माओवादी कैडरों (12 महिला सहित) ने हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की। इन पर कुल ₹1.47 करोड़ का इनाम घोषित था। माओवादी…"" – Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) दण्डकारण्य में लौट रहा शांति का भरोसा मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह घटना केवल आत्मसमर्पण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भरोसे और शांति की वापसी है. दण्डकारण्य क्षेत्र अब धीरे‑धीरे सामान्य जीवन, स्थिरता और विकास की ओर बढ़ रहा है. यहां के लोग हिंसा नहीं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की चाह रख रहे हैं. इतिहास में याद रखा जाएगा 31 मार्च 2026 मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 मार्च 2026 का दिन छत्तीसगढ़ के इतिहास में उस तारीख के रूप में याद रखा जाएगा, जब नक्सलवाद के अंत की दिशा में निर्णायक परिणाम सामने आए. यह वह दिन है, जब प्रदेश ने हिंसा के अंधेरे से निकलकर एक नए और शांतिपूर्ण युग की ओर कदम बढ़ाया.

प्रीतम कुमार बर्मन बने प्रदेश अध्यक्ष, पत्रकार जगत में हर्ष

मंडला अधिमान पत्रकार नेतृत्व समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डल्लू कुमार सोनी जी ने संगठन की मजबूती और विस्तार को देखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। समिति ने अपनी कार्यकुशलता और संगठन के प्रति समर्पण के लिए पहचाने जाने वाले मंडला जिला अध्यक्ष प्रीतम कुमार बर्मन को बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्हें प्रदेश अध्यक्ष के पद पर पदोन्नत (Promote) किया है। ज्ञात हो कि प्रीतम बर्मन जी लंबे समय से मंडला में जिला अध्यक्ष के रूप में पत्रकारों के हितों की रक्षा और संगठन की गतिविधियों को सक्रियता से संचालित कर रहे थे। उनकी इसी नेतृत्व क्षमता को देखते हुए समिति ने अब उन्हें पूरे प्रदेश की कमान सौंपी है। छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल जी ने बधाई शुभकामनाएँ प्रेषित की एवम् मध्य प्रदेश शासन के वर्तमान राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिलीप जायसवाल जी ने भी सम्मान पूर्वक राम जी की प्रतिमा भेट की

नंगल झील पर 10 करोड़ से बनेगा ग्लास ब्रिज, छह महीने में तैयार होगा उत्तरी भारत का पहला ब्रिज

नंगल पर्यटन को बढ़ावा देने के मकसद से नंगल झील (शिवालिक पार्क झील) पर 10 करोड़ रुपये से उत्तरी भारत का पहला ग्लास ब्रिज बनाया जाएगा। इसे छह माह के भीतर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। यह घोषणा मंगलवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नंगल दौरे के दौरान की।  नंगल को आधुनिक बुनियादी ढांचे, कौशल विकास और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से सीएम ने 75 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की शुरुआत की। इनमें उत्तरी भारत का पहला ग्लास ब्रिज, कारगिल शहीद कैप्टन अमोल कालिया के नाम पर 23 करोड़ रुपये का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और शिक्षा बुनियादी ढांचे में बड़े स्तर पर अपग्रेडेशन शामिल है। करोड़ों के विकास कार्यों को लोगों को समर्पित करने के बाद सीएम सियासी विरोधियों पर भी हमलावर दिखे। इस दौरान आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम मान ने पंजाब में नशे को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा, अकालियों पर पीढ़ियों के नरसंहार का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने नशे के व्यापार को सरपरस्ती दी थी और उनके लंबे कुशासन के दौरान नशे का व्यापार फैला। सीएम ने कहा, ये मौकापरस्त नेता हैं जो अपनी सुविधा और निजी राजनीतिक हितों के अनुसार गिरगिट की तरह अपना रंग और पक्ष बदलते हैं। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष व पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल ने जनता में अपना विश्वास खो दिया है। सीएम ने कहा, पूर्व उप मुख्यमंत्री बादल दावा करते हैं कि उन्होंने अपने शासन में बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए लेकिन कोटकपूरा, बहिबल कलां और अन्य जगहों पर जहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी हुई और बेकसूरों को मारा गया, उनके बारे में चुप क्यों हैं? ये सारी घटनाएं उनके शासन के दौरान हुईं। मान ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की गई है, जिसके तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं। राज्य के युवाओं को 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। इन परियोजनाओं की मिली सौगात 23 करोड़ की लागत से कैप्टन अमोल कालिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की नींव रखी गई। 540 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण मिलेगा। रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन टेक्नोलॉजी, सोलर टेक्नीशियन और 3डी प्रिंटिंग कोर्स पढ़ाए जाएंगे। सिविल एविएशन, एयर होस्टेस प्रशिक्षण और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे कई नए कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। नंगल समेत 11 सरकारी आईटीआई को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपग्रेड किया गया। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नंगल के शिवालिक पार्क में झील पर 10 करोड़ रुपये से ग्लास ब्रिज बनाया जाएगा । नंगल के स्कूल ऑफ एमिनेंस में 10 करोड़ रुपये की लागत से 500 सीटों वाला ऑडिटोरियम बनेगा। चार प्रयोगशालाओं और 12 क्लासरूम वाला एक चार मंजिला अकादमिक ब्लॉक 8 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। एक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित किया जाएगा। सिस्टम बदलने को बनी थी पार्टी : सिसोदिया जनसभा को संबोधित करते हुए आप के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि आम आदमी पार्टी का गठन सिर्फ सरकारें बदलने के लिए नहीं, बल्कि सिस्टम बदलने के लिए किया गया था। जिस कारण पंजाब शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में तेजी से तरक्की कर रहा है। इस विकास से घबराए विपक्षी दलों ने हमें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की, लेकिन अदालत से बरी होकर हमने अपनी ईमानदारी साबित कर दी। अगर कांग्रेस, अकाली या भाजपा सत्ता में वापस आए तो वे इन जनकल्याण योजनाओं को खत्म कर देंगे।

चंडीगढ़ में पानी के बिल में 5% की बढ़ोतरी, सीवरेज सेस भी हुआ महंगा

चंडीगढ़ नया वित्त वर्ष बदलने के साथ ही आज से कई तरह के चार्ज भी बढ़ गए हैं। पहली अप्रैल से वाटर टैरिफ पांच प्रतिशत बढ़ गया है। सीवरेज सेस में भी बढ़ोतरी हो गई है यह बढ़कर ही पानी के बिल में जुड़ेगा। अभी तक 0-15 किलोलीटर (एक किलोलीटर में एक हजार लीटर) पानी पर प्रति केएल 3.47 रुपये खर्च आता है जो बढ़कर 3.64 रुपये प्रति किलोलीटर हो गया है। 60 केएल से अधिक पर 24.31 रुपये प्रति केएल खर्च बिल में जुड़कर आने लगेगा। कम पानी खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को मामूली अतिरिक्त खर्च वहन करना होगा। जैसे पहली 0-15 किलोलीटर की स्लैब में 15 पैसे की बढ़ोतरी से तीन से पांच रुपये ही अधिक चुकाने होंगे। निगम ने प्रापर्टी मालिकों को राहत देते घोषणा की है कि 31 मई तक प्रापर्टी टैक्स जमा करने पर 20 प्रतिशत तक छूट दी जाएगी। यह छूट रिहायशी संपत्तियों पर 20 प्रतिशत तक और कमर्शियल, इंडस्ट्रियल व अन्य संपत्तियों पर 10 प्रतिशत तक लागू होगी। 31 मई के बाद टैक्स जमा करने वालों पर 25 तक पेनल्टी और 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लगाया जा सकता है। पिछले वर्ष निगम ने रिकार्ड प्रापर्टी टैक्स जमा किया था। प्रॉपर्टी खरीदना हुआ और महंगा शहर में कलेक्टर रेट में 10% से लेकर 22% तक की बढ़ोतरी की गई है। रिहायशी, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और कृषि भूमि सभी इसके दायरे में हैं। सेक्टर 1 से 12 में दरें अब ₹2.37 लाख प्रति वर्ग गज तक पहुंच गई हैं। सेक्टर 14 से 37 के लिए ₹1.81 लाख प्रति वर्ग गज तय किया गया है। बाहरी सेक्टरों (38 और आगे) में यह ₹1.33 लाख प्रति वर्ग गज हो गया है। फ्लैट और मकानों के लिए भी अलग-अलग फ्लोर के हिसाब से नई दरें लागू हुई हैं। कॉर्नर प्रॉपर्टी पर 5% अतिरिक्त शुल्क देना होगा, जबकि रिहायशी प्लॉट को नर्सिंग होम या अस्पताल में बदलने पर 25% से ज्यादा अतिरिक्त फीस लगेगी। पानी के बिल में भी बढ़ोतरी पानी की दरों में मामूली लेकिन असरदार इजाफा किया गया है। 0–15 किलोलीटर पानी अब ₹3.64 प्रति किलोलीटर मिलेगा। ज्यादा खपत पर अतिरिक्त चार्ज बढ़ेगा। हालांकि कम खपत वाले उपभोक्ताओं पर इसका असर सीमित रहेगा, लेकिन कुल बिल में हल्की बढ़ोतरी तय है। साथ ही पानी की बर्बादी रोकने के लिए अप्रैल से जून तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। कूड़ा उठाने का शुल्क बढ़ा नगर निगम ने घरों से कचरा उठाने की फीस में 5% तक की वृद्धि की है। छोटे घरों से लेकर बड़े कोठियों तक सभी श्रेणियों में चार्ज बढ़ा है। 2 मरला तक के घरों के लिए शुल्क ₹60 से अधिक हो गया है, जबकि बड़े घरों के लिए ₹425 तक पहुंच गया है। बिजली बिल में भी असर घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए पहले स्लैब (0–100 यूनिट) में दर बढ़ाकर ₹2.95 प्रति यूनिट कर दी गई है। 100 यूनिट इस्तेमाल करने वालों को अब ₹15 ज्यादा देने होंगे। 200 यूनिट तक खपत करने वालों के बिल में भी हल्की बढ़ोतरी देखी जाएगी। शराब भी हुई महंगी, बिक्री के नए विकल्प नई एक्साइज पॉलिसी लागू होने के साथ शराब की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। ₹500 की बोतल अब करीब ₹510 में मिलेगी। ₹2000 की बोतल की कीमत ₹2040 तक पहुंच गई है। खास बात यह है कि अब शहर में पेट्रोल पंप और किराना दुकानों पर भी शराब उपलब्ध होगी, जिससे इसकी पहुंच और आसान हो जाएगी। डोमेस्टिक कंज्य के लिए नई पानी की दरें खपत की सीमा (केएल में) नई दर (रुपये प्रति केएल) 01-15 3.64 16-30 7.30 31-60 12.16 60 से अधिक 24.31 अन्य कंज्यूमर के लिए नई पानी की दरें (1 अप्रैल से प्रभावी) कंज़्यूमर का प्रकार नई दर (रुपये प्रति केएल) कमर्शियल 36.47 इंस्टीट्यूशनल 30.39 टैक्सी स्टैंड 36.47

हॉकी में छत्तीसगढ़ को कांस्य पदक

रायपुर  खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में आज रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में पुरुषों की हॉकी में छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच तीसरे और चौथे स्थान के लिए मैच खेला गया। इसमें छत्तीसगढ़ ने मध्यप्रदेश को 14-6 से हरा कर कांस्य पदक जीता।

अटारी-वाघा सीमा पर रिट्रीट समारोह की नई टाइमिंग, अब शाम 5:30 से 6 बजे तक

अटारी अमृतसर स्थित भारत-पाकिस्तान अटारी सीमा पर होने वाली प्रसिद्ध रिट्रीट सेरेमनी के समय में बदलाव किया गया है। अटारी-वाघा बॉर्डर पर हर रोज होने वाली इस देशभक्ति से भरपूर सेरेमनी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। नए निर्णय के अनुसार अब रिट्रीट सेरेमनी शाम 5:30 बजे से शुरू होकर 6:00 बजे तक चलेगी। इससे पहले रिट्रीट सेरेमनी 5 बजे शुरू होकर साढ़े 5 बजे खत्म हो रही थी। मौसम और दिन की घटती-बढ़ती रोशनी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है। अधिकारियों का कहना है कि दर्शकों को बेहतर अनुभव देने और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए समय में यह बदलाव जरूरी था। यह नया समय आज यानी 1 अप्रैल से लागू कर दिया गया है। यानी अब जो भी पर्यटक या स्थानीय लोग इस सेरेमनी को देखने की योजना बना रहे हैं, उन्हें नए समय के अनुसार ही पहुंचना होगा। बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी भारत और पाकिस्तान के सैनिकों द्वारा की जाने वाली एक विशेष परंपरा है, जिसमें जोश, अनुशासन और देशभक्ति की झलक देखने को मिलती है। हजारों लोग बनते हैं आयोजन का हिस्सा हर दिन हजारों लोग इस आयोजन का हिस्सा बनते हैं और भारत माता की जय तथा वंदे मातरम जैसे नारों से माहौल देशभक्ति से गूंज उठता है। इस बदलाव के बाद उम्मीद है कि लोग समय से पहुंचकर इस अद्भुत दृश्य का आनंद ले पाएंगे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे समय का विशेष ध्यान रखें और निर्धारित समय से पहले ही पहुंचकर अपनी सीट सुनिश्चित करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।

राजस्थान में बड़े प्रशासनिक फेरबदल, टीना डाबी समेत 65 IAS अफसरों के ट्रांसफर, 25 कलेक्टर बदले

जयपुर राजस्थान में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल हुआ है. सूबे की सरकार ने एक साथ 65 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं, जिससे ब्यूरोक्रेसी में हलचल तेज हो गई है. राज्य के 25 कलेक्टर बदले गए हैं. इस बड़े प्रशासनिक बदलाव में खास बात यह है कि मुख्यमंत्री सचिवालय में प्रमुख सचिव को छोड़कर करीब सभी अधिकारियों को बदल दिया गया है. इसे सरकार का बड़ा रणनीतिक कदम माना जा रहा है।  आईएएस टीना डाबी का बाड़मेर से सचिन पायलट के इलाके टोंक में कलेक्टर पद पर तबादला हुआ है. टीना की बहन रिया डाबी को मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है. जयपुर के कलेक्टर जितेंद्र सोनी को सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी बनाया गया है।  राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को बहुत जरूरी माना जा रहा है, क्योंकि इतने बड़े स्तर पर एक साथ तबादले कम ही देखने को मिलते हैं।  जयपुर में संदेश नायक को कलेक्टर बनाया गया है, जबकि टोंक की जिम्मेदारी टीना डाबी को सौंपी गई है. उदयपुर में गौरव अग्रवाल और बीकानेर में निशांत जैन को तैनात किया गया है. करौली में अक्षय गोदारा और जोधपुर में आलोक रंजन को जिम्मेदारी दी गई है।  जैसलमेर में अनुपमा जोरवाल, बाड़मेर में चिनमयी गोपाल, प्रतापगढ़ में शुभम चौधरी और सीकर में आशीष मोदी को कलेक्टर बनाया गया है. फलौदी में अंकित कुमार सिंह और बारां में बाल मुकुंद असावा को पोस्टिंग मिली है।  श्रीगंगानगर में अमित यादव, चित्तौड़गढ़ में मंजू, पाली में रविन्द्र गोस्वामी और सिरोही में रोहिताश्व सिंह तोमर को नियुक्त किया गया है. बूंदी में हरफूल सिंह यादव, डीडवाना-कुचामन में अवधेश मीणा और नागौर में देवेंद्र कुमार को जिम्मेदारी दी गई है।  दौसा में सौम्या झा, खैरथल-तिजारा में अतुल प्रकाश, सलूंबर में मुहम्मद जुनैद पीपी, डूंगरपुर में देशल दान और डीग में मयंक मनीष को कलेक्टर बनाया गया है. वहीं, करौली-बहरोड़ में अपर्णा गुप्ता को जिला कलेक्टर के तौर पर नियुक्त किया गया है। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की घोषणा का 24 घंटे में हुआ प्रभावी पालन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की एक दिन पूर्व की गई घोषणा का 24 घंटे में हुआ पालन 375 करोड़ रुपए की राशि 600 से अधिक एमएसएमई इकाइयों के खातों की अंतरित सोमवार को मुख्यमंत्री ने 250 इकाइयों को किए थे 169.50 करोड़ अंतरित एमएसएमई मंत्री काश्यप ने मुख्यमंत्री की सहृदयता के लिए किया आभार व्यक्त भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की एक दिन पूर्व की गई घोषणा का 24 घंटे में पालन हुआ है। वित्त विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई 375 करोड़ रुपए की राशि आज ही एमएसएमई विभाग ने 600 से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाइयों के खातों में प्रोत्साहन तथा अनुदान राशि अंतरित भी कर दी है। उल्लेखनीय है कि सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में संपन्न हुए कार्यक्रम में 250 इकाइयों को 169 करोड़ 57 लाख की राशि अंतरित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ यादव ने शेष इकाइयों से वायदा किया था कि उन्हें भी जल्दी ही मदद की जाएगी।एमएसएमई मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने विभाग और उद्यमियों की ओर से मुख्यमंत्री की सहृदयता के लिए आभार व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि सर्वाधिक रोजगार सृजन के सशक्त माध्यम एमएसएमई के लिए मुख्यमंत्री डॉ यादव द्वारा प्रदेश में निवेश एवं उद्यम का जाल बिछाने की संभावनाओं में वृद्धि करने के उद्देश्य से एमएसएमई विकास नीति 2025 लागू की है। नीति में निवेशकों को विभिन्न सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने तय किया है कि निवेशकों को स्वीकृत सुविधाओं का समयावधि में वितरण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उद्योग आयुक्त दिलीप कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ यादव के निर्देश एवं विशेष प्रयासों से वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन इकाइयों की लंबित देयताओं के भुगतान के लिए वित्त विभाग द्वारा समुचित बजट आवंटन विभाग को उपलब्ध कराया गया । एमएसएमई इकाइयों को स्वीकृत सुविधाओं के वितरण की निरंतरता में 31 मार्च मंगलवार को 600 से अधिक इकाइयों को राशि रु. 375 करोड़ से अधिक की राशि वितरित की गयी। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन इतनी बड़ी मात्रा में अनुदान राशि वितरण होने पर निवेशकों में उत्साह एवं प्रदेश की नीतियों के प्रति विश्वास और प्रबल हुआ है। एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप ने एमएसएमई इकाइयों को उनकी स्वीकृत सुविधाओं के समयावधि में वितरण के लिए मुख्यमंत्री का का आभार व्यक्त किया है। एमएसएमई जगत के उद्यमियों एवं संघो द्वारा भी उक्त पहल पर हर्ष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया गया है। उन्होंने कहा है कि शासन की इस पहल से न केवल स्थापित एमएसएमई इकाई निरंतर प्रगति कर रही हैं अपितु देश एवं विदेश के निवेशक भी प्रदेश में नए निवेश के लिए आकर्षित हो रहे हैं।  

बस्तर में नक्सलवाद पर बड़ी सफलता: टॉप नक्सल लीडरों का एनकाउंटर, हथियारों के साथ सरेंडर, ये हैं 5 कारण

जगदलपुर  छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद लगभग खत्म हो गया है। सुरक्षाबल के जवानों ने डेडलाइन 31 मार्च 2026 से पहले ही नक्सलियों के कई टॉप लीडरों का एनकाउंटर किया। इसके साथ ही बड़ी संख्या में नक्सलियों के सरेंडर के कारण जवानों को बड़ी सफलता मिली है। नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबल कैंप की स्थापना से जवानों को इस मिशन में बड़ी मदद मिली है। बस्तर संभाग के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि नक्सल विरोधी अभियान में स्थानीय लोगों का साथ मिला। इसके साथ ही रणनीति बनाई गई थी कि फोर्स की पहुंच उन इलाकों में होनी चाहिए जो हार्डकोर नक्सली माने जाते हैं। जिसके बाद सुरक्षा कैंप की स्थापना पर फोकस किया गया। कैंप की स्थापना से स्थानीय लोगों से संवाद आसान हुआ इसके साथ की नक्सलियों की गतिविधियों पर सीधी नजर रखी गई। जिस कारण से नक्सलवाद के खिलाफ जीत मिली है। हार्डकोर नक्सली इलाके में फोर्स की पहुंच बस्तर संभाग में 2025 में नक्सल विरोधी अभियान के साथ-साथ क्षेत्र की जनता से संवाद के मकसद से 58 नवीन सुरक्षा कैम्प की स्थापना की गई। इसके साथ ही 22 मार्च 2026 तक 15 नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित किए गए। जिसमें नारायणपुर जिले के हार्डकोर नक्सली इलाका माने जाने वाले जटवर, मदौड़ा, वाड़ापेंदा, कुरूषकोड़ो, हच्चेकोटी, आदनार, बोटेर, दिवालूर, तुमनार। बीजापुर जिले के आदवाड़ा, मुक्कावेली, गुण्डेपुरी, पालसेगुड़ी, सेन्ड्रा, बड़ेगुण्डेम जैसे स्थान पर सुरक्षा कैंप की स्थापना की गई। ग्रामीणों तक योजनाओं का पहुंचा लाभ बस्तर संभाग के सुरक्षा कैम्पों की स्थापना के साथ-साथ विकास कार्य को भी प्राथमिकता दी गई। नक्सली इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, बिजली, बैंक, आंगनबाड़ी केन्द्र एवं अन्य सुविधायें उपलब्ध कराया गया। जिस कारण से नक्सल प्रभावित क्षेत्रवासियों में शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ाने लगा। नक्सलियों के खिलाफ रणनीति के साथ लड़ाई लडी गई। अलग-अलग मोर्चे पर रणनीति तैयार की गई थी। जो गांव नक्सलवाद से मुक्त हो रहे थे वहां, सरकारी योजनाएं पहुंचाकर ग्रामीणों का विश्वास हासिल किया गया। सुंदरराज पी, पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज नक्सलियों के सरेंडर से संगठन कमजोर बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खात्मे के लिए नक्सल प्रभावित इलाकों में माओवादी कैडरों को सरेंडर के लिए प्रेरित किया गया। इसके लिए 'पूना मारगेम' अभियान चलाया गया। अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के तहत 2025 में 1573 और 2026 में 373 माओवादियों ने सरेंडर किया है। जिस कारण से नक्सली संगठन को झटका लगा। वहीं, 2024 में 792 माओवादियों ने हिंसा त्यागकर सरकार की नीतियों का साथ दिया और समाज की मुख्यधारा में लौटे हैं। बड़े नक्सलियों का एनकाउंटर नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबल के जवानों ने टॉप नक्सली लीडरों को टारगेट किया। नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबल के जवानों ने बसवाराजू, माड़वी हिडमा जैसे नक्सलियों का एनकाउंटर किया। जिसके बाद से नक्सली संगठन कमजोर होता गया। नक्सल संबंधी घटनाओं का विवरण साल 2024 साल 2025 साल 2026 (22 मार्च तक) मुठभेड़ में मारे गए नक्सली 217 256 26 गिरफ्तार नक्सली 929 898 94 नक्सलियों द्वारा बरामद हथियार 286 677 237 सरेंडर करने वाले नक्सली 792 1573 373 बरामद किए गए आईईडी विस्फोटक 308 894 220 हथियार के साथ सरेंडर से झटका माओवादी संगठनों को सबसे बड़ा झटका उस समय लगा जब नक्सलियों ने अपने हथियारों के साथ सरेंडर किया। बस्तर संभाग में पुलिस ने नक्सली मुठभेड़, माओवादियों द्वारा डम्प किये गये हथियार एवं पूना मारगेम के तहत सशस्त्र माओवादियों द्वारा हिंसा त्यागकर समाज के मुख्यधारा में शामिल होनों से नक्सली संगठन को झटका लगा।  

मध्यप्रदेश पुलिस में बैंड के 679 आरक्षक पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा पुलिस बैंड के अंतर्गत आरक्षक (बैंड) के कुल 679 पदों पर सीधी भर्ती वर्ष 2026 हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह भर्ती प्रक्रिया विशेष रूप से पुरुष अभ्यर्थियों के लिए आयोजित की जा रही है। इन पदों पर नियुक्ति हेतु इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी दिनांक 05 अप्रैल 2026 से 19 अप्रैल 2026 तक एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। अभ्यर्थियों को आवेदन हेतु एमपी ऑनलाइन की अधिकृत वेबसाइट पर जाकर निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी मध्यप्रदेश पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट mppolice.gov.in पर भी उपलब्ध है, जहाँ भर्ती से संबंधित नियम, पात्रता, चयन प्रक्रिया एवं अन्य आवश्यक निर्देश देखे जा सकते हैं।