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प्रवेश उत्सव की शुरुआत: आज से स्कूलों में तिलक और मुफ्त किताबें वितरण

भोपाल  जिले के सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में आज 1 अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत प्रवेश उत्सव के साथ होगी। कलेक्टर संदीप जीआर ने निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूलों में जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और अधिकारियों की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित किया जाए तथा आने वाले विद्यार्थियों और पालकों का तिलक लगाकर सम्मानपूर्वक स्वागत किया जाए।उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों को विशेष आमंत्रण देकर विद्यालयों से जोड़ा जाए। सत्र शुरू होते ही विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण भी किया जाएगा। राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के निर्देशानुसार 31 मार्च तक कक्षा 1 से 8 तक सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाना है।स्कूल चलें हम अभियान के प्रथम चरण के तहत प्रवेश उत्सव आयोजित होगा। शिक्षा पोर्टल 3.0 पर कक्षा उन्नयन की प्रक्रिया पूरी कर कक्षा 2 से 8 और 9 से 11 तक विद्यार्थियों का नामांकन दर्ज किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक ने ब्लॉक स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर प्राथमिक, माध्यमिक, हाई और हायर सेकेंडरी विद्यालयों में कार्यक्रम और विशेष भोज का आयोजन भी किया जाएगा। बालसभा में अभिभावकों को नामांकन, उपस्थिति, छात्रवृत्ति, गणवेश, साइकिल और निशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण होगा । राज्य स्तरीय आयोजन "स्कूल चलें हम" अभियान का राज्य स्तरीय कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में होगा। कार्यक्रम के आयोजन को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा तैयारी भी शुरू कर दी गई है। जिला-शाला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम प्रदेश में जिले के प्रभारी मंत्री जिला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम चयनित स्कूलों में होगा। कार्यक्रम में सांसद, विधायक एवं अन्य जन-प्रतिनिधि शामिल होंगे। उपस्थित छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें वितरित की जायेंगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने ऐसी व्यवस्था की है कि नये शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकें मिल जायें। इस संबंध में विभाग द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी और मैदानी अमले को निर्देश भी जारी कर दिये गये हैं। ग्राम और बसाहट के शाला से बाहर रहे चिन्हित बच्चों का शाला में नामांकन कराया जायेगा। बच्चों के अभिभावकों का शाला स्तर पर स्वागत किया जायेगा। कक्षा 1 से 8 तक सभी शालाओं में एक अप्रैल को बालसभा का आयोजन किया जायेगा। इस दिन शालाओं में विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गई है। भविष्य से भेंट कार्यक्रम "स्कूल चलें हम" अभियान के दूसरे दिन शालाओं में “भविष्य से भेंट’’ कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध, प्रबुद्ध और सम्मानित व्यक्तियों को एक प्रेरक की भूमिका में विद्यार्थियों से भेंट के लिये आमंत्रित किया जायेगा। इसी दिन स्थानीय स्तर पर विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ी, साहित्यकार, कलाकार, मीडिया, संचार मित्रों, पुलिस अधिकारी, राज्य शासन के अधिकारी को विशेष रूप से आमंत्रित किया जायेगा। आमंत्रित अतिथि उपस्थित बच्चों को पढ़ाई के महत्व और प्रेरणादायी कहानियां सुनाएंगे। इस दौरान सामाजिक संस्था एवं आमंत्रित व्यक्ति स्वेच्छा से विद्यार्थियों को शाला उपयोगी वस्तुएं भेंट कर सकेंगे। जिला कलेक्टर को जिले के प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को किसी एक शाला में जाकर एक कालखण्ड में बच्चों के साथ संवाद करने के लिये संवाद करने के भी निर्देश दिये गये हैं। सांस्कृतिक एवं खेल-कूद गतिविधियाँ "स्कूल चलें हम" अभियान के अंतर्गत 3 अप्रैल को शाला स्तर पर पालकों के साथ सांस्कृतिक एवं खेल-कूद की गतिविधियां आयोजित की जायेंगी। इसका उद्देश्य पालकों का विद्यालय से जोड़ना है। इसी दिन शाला में उपस्थित पालकों को शैक्षणिक स्टॉफ द्वारा राज्य सरकार की स्कूल शिक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जायेगी। पिछले शैक्षणिक सत्र में जिन विद्यार्थियों की 85 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति रही है, उनके पालकों को सभा में सम्मानित किया जायेगा। हार के आगे जीत "स्कूल चलें हम" अभियान के अंतर्गत 4 अप्रैल को ऐसे छात्रों को चिन्हित किया जायेगा, जो किन्हीं वजहों से कक्षोन्नति प्राप्त करने में असफल हो गये हैं। पालकों को इन बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिये समझाइश दी जायेगी। उन्हें बताया जायेगा कि असफल होने के बाद भी लगातार प्रयास से अच्छा भविष्य तैयार किया जा सकता है। इसी दिन शाला प्रबंधन और विकास समिति की बैठक भी होगी। बैठक में नये शैक्षणिक सत्र में ऐसे बच्चों पर विशेष रूप से चर्चा की जायेगी, जिनका शालाओं में नामांकन नहीं हो पाया है। समिति के सदस्य अपने विद्यालयों में शत-प्रतिशत बच्चों के नामांकन की कोशिश करेंगे और वार्षिक कार्य-योजना बनाकर उसके क्रियान्वयन पर चर्चा करेंगे।  

1 अप्रैल से दूध महंगा होगा, 4 रुपए की बढ़ोतरी, पेट्रोल-डीजल की किल्लत से बढ़ी महंगाई

धार अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के चलते देश में गैस सिलेंडरों और पेट्रोल-डीजल को लेकर परेशानी झेलनी पड़ रही है. वहीं मध्य प्रदेश के धार जिले में लोगों को बड़ा झटका लगने जा रहा है. धार में आज  1 अप्रैल से दूध के दामों में बढ़ोत्तरी हुई . दुग्ध उत्पादक संघ ने एक-दो रुपए नहीं बल्कि 4 रुपए की वृद्धि दूध के दामों में की गई . जिसके बाद आम उपभोक्ताओं पर इसका आर्थिक प्रभाव पड़ेगा. 60 रुपए का दूध अब 64 रु. में मिलेगा धार में दूध के दाम बढ़ाने को लेकर दुग्ध उत्पादक संघ और दूध विक्रेता की एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई थी. जहां सभी की सहमति से दूध की कीमत बढ़ाने का फैसला लिया गया है. जिसके बाद धार में वर्तमान में ₹60 प्रति लीटर बिक रहा दूध अब ₹64 प्रति लीटर हो जाएगा. दुग्ध उत्पादकों का कहना है कि पिछले तीन सालों से दूध के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी, जबकि इस दौरान पशु, आहार सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार इजाफा हुआ है. 1 अप्रैल से बढ़ी हुई कीमतों पर दूध दुग्ध उत्पादक संघ के अध्यक्ष प्रताप सिंह ठाकुर ने बताया कि "बढ़ती महंगाई और पशु आहार की लागत में भारी वृद्धि के कारण अब दूध के दाम बढ़ाना उनकी मजबूरी बन गया है. उन्होंने कहा कि लंबे समय से लागत और बिक्री मूल्य के बीच असंतुलन बना हुआ था, जिसे अब संतुलित करने के लिए यह कदम उठाया गया है." वहीं, दूध विक्रेता संघ के कृष्णकांत सोमानी ने बताया कि "उत्पादकों द्वारा बढ़ाई गई कीमतों को देखते हुए विक्रेताओं ने भी इस निर्णय को स्वीकार कर लिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि 1 अप्रैल से सभी विक्रेता बढ़ी हुई दरों पर ही दूध का विक्रय करेंगे." दूध के दूसरे उत्पादों के बढ़ सकते हैं दाम रोजमर्रा की जिंदगी में दूध का उपयोग होता है, ऐसे में दूध के दाम बढ़ने से परिवार के बजट पर असर पड़ेगा. दूध के दाम बढ़ने से इसका असर दूसरी वस्तुओं पर भी होगा, जैसे घी, पनीर और दूध से बने दूसरे उत्पाद भी महंगे हो सकते हैं. दूध और उससे बनने वाले उत्पादों के मूल्य पर राज्य सरकार का सीधा नियंत्रण नहीं होता, जिसके कारण अलग-अलग क्षेत्रों में दूध के दामों में भिन्नता देखने को मिलती है. ऐसे में जहां एक ओर बिजली दरों में भी वृद्धि की संभावना जताई जा रही है, वहीं दूध के दाम बढ़ने से आम जनता पर आर्थिक बोझ और बढ़ जाएगा.

घबराहट में न करें पेट्रोल-डीजल का स्टॉक, बिलासपुर प्रशासन अलर्ट, सप्लाई पूरी तरह सुचारू

बिलासपुर खाड़ी देशों में बने हालात का असर देश के कई हिस्सों में दिखने लगा है, जिसके चलते लोगों में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस को लेकर चिंता बढ़ी है. हालांकि बिलासपुर जिले में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. कलेक्टर संजय अग्रवाल ने साफ किया है कि जिले में किसी भी प्रकार की कमी नहीं है और सप्लाई पूरी तरह सुचारू है. कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि हाल के दिनों में ईंधन की मांग जरूर बढ़ी है, लेकिन इसका कारण वास्तविक कमी नहीं बल्कि लोगों द्वारा जरूरत से ज्यादा स्टॉक करना है. जिले में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. 38 गैस एजेंसियों में घरेलू एलपीजी के 9489 सिलेंडर, व्यावसायिक गैस (19.2 किग्रा) के 247 सिलेंडर, 171 पेट्रोल पंपों पर 1209 किलोलीटर पेट्रोल, 1429 किलोलीटर डीजल उपलब्ध है. कलेक्टर ने भरोसा दिलाया कि यह स्टॉक वर्तमान जरूरतों के अनुसार पर्याप्त है और आम लोगों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी. अफवाहों से बढ़ रही भीड़, प्रशासन सतर्क कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि कुछ स्थानों पर ईंधन की अचानक बढ़ी मांग का कारण अफवाहें हैं. लोग जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल और गैस खरीदकर स्टॉक कर रहे हैं, जिससे अनावश्यक दबाव बन रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की घबराहट से कृत्रिम संकट की स्थिति बन सकती है, जबकि वास्तविकता में सप्लाई पूरी तरह सामान्य है. संयम और जिम्मेदारी की जरूरत प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि, केवल जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें. अनावश्यक भंडारण से बचें. अफवाहों पर ध्यान न दें. पेट्रोल-डीजल और गैस का उपयोग सोच-समझकर करें. जहां संभव हो, वैकल्पिक साधनों के उपयोग पर भी जोर दिया गया है, ताकि संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित हो सके. कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है. उन्होंने नागरिकों को भरोसा दिलाया कि जिले में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी.

विश्वनाथ ज्वेलर्स में सनसनीखेज वारदात, दुकानदार की नजर हटते ही गहनों का डिब्बा लेकर फरार हुआ चोर

जमशेदपुर झारखंड के जमशेदपुर में एक बार फिर अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आए. ओलिडीह थाना क्षेत्र के रोड नंबर एक स्थित एक ज्वैलरी दुकान में मंगलवार को दिनदहाड़े बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया. इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और व्यापारियों में भय का माहौल बन गया. ग्राहक बनकर दुकान में घुसा बदमाश प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना सुबह करीब 11:30 बजे विश्वनाथ ज्वेलर्स की है. एक युवक ग्राहक बनकर दुकान में पहुंचा और दुकानदार से गहने दिखाने की बात कही. दुकानदार ने सामान्य ग्राहक समझकर उसे गहनों से भरा डिब्बा दिखाया. बदमाश ने बड़ी चालाकी से स्थिति का जायजा लिया और मौके की तलाश में रहा. मौका मिलते ही गहनों से भरा डिब्बा लेकर फरार इसी दौरान दुकानदार किसी दूसरे काम में व्यस्त हो गया. बस यही मौका देखकर बदमाश गहनों से भरा डिब्बा लेकर वहां से फरार हो गया. जब तक दुकानदार को घटना की भनक लगी, तब तक आरोपी दुकान से काफी दूर निकल चुका था. चोरी गए गहनों की कीमत लगभग 22 लाख रुपये बताई जा रही है. पुलिस ने शुरू की जांच, सीसीटीवी फुटेज खंगाले घटना की सूचना मिलते ही दुकानदार ने ओलिडीह थाना में शिकायत दर्ज कराई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई, जिसमें आरोपी की तस्वीर कैद हो गई है. पुलिस अब उसी आधार पर आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है. इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों में डर और चिंता का माहौल है. दिनदहाड़े इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि बाजार क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.

घोड़ा बना ‘आरोपी’: पार्क की घास चरते पकड़ा गया, मालिक पर भी कार्रवाई की तैयारी

 सीहोर  शहर में नगर पालिका की एक अनोखी कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। रविन्द्र सांस्कृतिक भवन परिसर में विकसित हरियाली को नुकसान पहुंचा रहे एक घोड़े को आखिरकार नगर पालिका अमले ने पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि घोड़ा लगातार तीन दिनों से पार्क में घास चर रहा था, जिसके बाद लोगों की शिकायतों और सोशल मीडिया पर उठे सवालों के चलते कार्रवाई की गई। जानकारी के अनुसार नगर पालिका द्वारा लाखों रुपये खर्च कर तैयार की गई हरियाली इन दिनों भीषण गर्मी और पेयजल संकट के बीच बचाना चुनौती बनी हुई है। इसी बीच एक घोड़ा लगातार पार्क में घुसकर घास चर रहा था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि घोड़े का मालिक उसे खुले में छोड़ देता था, जिससे पार्क को नुकसान हो रहा था। शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई मामले की शिकायत नगर पालिका तक पहुंची, वहीं सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर नाराजगी जताई गई। बढ़ते दबाव के बाद नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची और घोड़े को पकड़कर नगर पालिका परिसर ले आई, जहां गेट पर ही घोड़े को बांध दिया। सोशल मीडिया पर तंज इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों ने तंज कसे। एक यूजर ने लिखा कि पार्क आम लोगों के सुकून के लिए बनाए जाते हैं, लेकिन कुछ लोग इन्हें अपनी निजी जागीर समझ लेते हैं। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि घोड़े के मालिक पर सख्त कार्रवाई होती है या मामला फिर ठंडे बस्ते में चला जाता है।  

लक्षद्वीप के अब्दुल फताह 7 मीटर की दूरी पार कर स्वर्ण जीतने वाले पहले लंबी कूद खिलाड़ी बने

रायपुर झारखंड के शिव कुमार सोरेन और पृथ्वी उरांव ने मंगलवार को जगदलपुर के क्रीड़ा परिसर मैदान में आयोजित किए जा रहे पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में क्रमशः पुरुष और महिला वर्ग में सबसे तेज धावक बनने का गौरव हासिल किया। वहीं, मेजबान छत्तीसगढ़ के सिद्धार्थ नागेश ने शॉट पुट में स्वर्ण और डिस्कस थ्रो में रजत पदक जीता, जबकि तिलक बारसेट ने पुरुष 100 मीटर में रजत पदक अपने नाम किया। शिव कुमार और पृथ्वी ने अपनी-अपनी 100 मीटर दौड़ की शुरुआत से अंत तक बढ़त बनाए रखते हुए अपने राज्य के लिए स्वर्ण पदक जीते। शिव कुमार ने 10.58 सेकंड का समय लिया, जबकि बारसेट ने 10.87 सेकंड के साथ रजत पदक हासिल किया। ओडिशा के अतिश किंडो (10.91 सेकंड) ने कांस्य पदक जीता। महिला 100 मीटर फाइनल में 16 वर्षीय पृथ्वी ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 12.73 सेकंड में दौड़ पूरी कर स्वर्ण पदक जीता। नागालैंड की रुडुओल्हौनुओ बेल्हो (12.90 सेकंड) और झारखंड की पुतुल बक्शी (13.03 सेकंड) ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक हासिल किए।  पृथ्वी ने दौड़ के बाद कहा, मैं पदक जीतने को लेकर आश्वस्त थी क्योंकि मैंने चयन ट्रायल्स में अच्छा प्रदर्शन किया था। आज मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ देने पर ध्यान दिया और खुशी है कि मैंने अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय बनाया। मेजबान छत्तीसगढ़ के लिए सिद्धार्थ नागेश ने दिन की शुरुआत पुरुष डिस्कस थ्रो में 35.56 मीटर के साथ रजत पदक जीतकर की। गुजरात के दानिश मकवाना (44.83 मीटर) ने स्वर्ण, जबकि ओडिशा के चंद्राय मुर्मू (33.97 मीटर) ने कांस्य पदक जीता। शाम के सत्र में सिद्धार्थ ने एक कदम आगे बढ़ते हुए 13.52 मीटर के थ्रो के साथ शॉट पुट में स्वर्ण पदक हासिल किया। दानिश मकवाना (13.04 मीटर) को रजत मिला। मेजबान छत्तीसगढ़ ने महिला फुटबॉल के सेमीफाइनल में अरुणाचल प्रदेश को पेनल्टी शूटआउट में हराकर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल में उसका सामना झारखंड से होगा जिसने गुजरात को 9-0 हराया। छत्तीसगढ़ अब पदक तालिका में 2 स्वर्ण, 7 रजत और 4 कांस्य के साथ 10वें स्थान पर है। कर्नाटक 19 स्वर्ण, 7 रजत और 7 कांस्य के साथ पदक तालिका में शीर्ष पर बना हुआ है, जबकि ओडिशा 13 स्वर्ण, 8 रजत और 15 कांस्य के साथ दूसरे स्थान पर है। झारखंड ने महिला 4×100 मीटर और पुरुष 77 किग्रा ग्रीको रोमन में स्वर्ण जोड़कर 7 स्वर्ण, 2 रजत और 5 कांस्य के साथ तीसरे स्थान पर छलांग लगाई। अंबिकापुर में अभिषेक मुंडा ने हिमाचल प्रदेश के अरफान को हराकर स्वर्ण जीता। पिछली शाम जगदलपुर में असामयिक बारिश के कारण एथलेटिक्स सत्र रद्द होने के बाद सुबह का सत्र बेहद व्यस्त रहा, जिसमें सात फाइनल हुए और लंबी कूद का फाइनल दर्शकों के लिए रोमांचक साबित हुआ। लक्षद्वीप के 26 वर्षीय अब्दुल फताह ने अंतिम प्रयास में 7.03 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता और 7 मीटर पार करने वाले अपने क्षेत्र के पहले खिलाड़ी बने। ओडिशा के भीमा सरदार (6.96 मीटर) ने रजत और जीवन बिलुंग (6.95 मीटर) ने कांस्य पदक हासिल किया। पुरुष 400 मीटर फाइनल में कांटे की टक्कर देखने को मिली, जहां ओडिशा के नोबल कुमार किसन की आखिरी क्षणों की डाइव भी उन्हें जीत नहीं दिला सकी। गुजरात के संतोषभाई गणवित ने 49.332 सेकंड में स्वर्ण जीता, जबकि नोबल 49.335 सेकंड के साथ रजत पर रहे। कर्नाटक के रामू (49.60 सेकंड) ने कांस्य पदक जीता। गोवा की मानसी कुंकलका ने 9.72 मीटर के थ्रो के साथ महिला शॉट पुट में स्वर्ण जीतकर अपने राज्य का खाता खोला। बिहार की अनामिका गोंड (9.50 मीटर) और मेघालय की मेलिबाडक्रो (9.43 मीटर) ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक जीते। 100 मीटर: स्वर्ण – पृथ्वी उरांव (झारखंड) 12.73 सेकंड; रजत – रुडुओल्हौनुओ बेल्हो (नागालैंड) 12.90 सेकंड; कांस्य – पुतुल बक्शी (झारखंड) 13.03 सेकंड 100 मीटर दौड़: स्वर्ण – बसंती माझी (ओडिशा) 16.20 सेकंड; रजत – कविता टाडिंगी (ओडिशा) 16.81 सेकंड; कांस्य – राठवा सोमसिंह (गुजरात) 16.94 सेकंड 400 मीटर: स्वर्ण – रीथुश्री (कर्नाटक) 58.63 सेकंड; रजत – आदित्य केएम (केरल) 1:00.07; कांस्य – चिंतामणि टुटी (झारखंड) 1:00.76 4×100 मीटर: स्वर्ण – झारखंड 50.31 सेकंड; रजत – ओडिशा 51.11 सेकंड; कांस्य – 54.00 सेकंड डिस्कस थ्रो: स्वर्ण – मुस्कान लोबी (गुजरात) 32.29 मीटर; रजत – अपिक्षा गामित (गुजरात) 31.52 मीटर; कांस्य – कृष्णामोनी पेगु (असम) 29.95 मीटर शॉट पुट: स्वर्ण – मानसी कुंकलका (गोवा) 9.72 मीटर; रजत – अनामिका गोंड (बिहार) 9.50 मीटर; कांस्य – मेलिबाडक्रो (मेघालय) 9.43 मीटर पुरुष 100 मीटर: स्वर्ण – शिव कुमार सोरेन (झारखंड) 10.58 सेकंड; रजत – तिलक बारसेट (छत्तीसगढ़) 10.87 सेकंड; कांस्य – अतिश किंडो (ओडिशा) 10.91 सेकंड 110 मीटर बाधा दौड़: स्वर्ण – ट्रोइलुक्या मोसरोन्ग (असम) 15.85 सेकंड; रजत – सापावत दत्तू (तेलंगाना) 16.65 सेकंड; कांस्य – हरि मोहन त्रिपुरा (त्रिपुरा) 16.82 सेकंड 400 मीटर: स्वर्ण – संतोषभाई गणवित (गुजरात) 49.332 सेकंड; रजत – नोबल कुमार किसन (ओडिशा) 49.335 सेकंड; कांस्य – रामू (कर्नाटक) 49.60 सेकंड 4×100 मीटर: स्वर्ण – ओडिशा 41.97 सेकंड; रजत – झारखंड 42.29 सेकंड; कांस्य – गुजरात 43.44 सेकंड लंबी कूद: स्वर्ण – अब्दुल फताह (लक्षद्वीप) 7.03 मीटर; रजत – भीमा सरदार (ओडिशा) 6.96 मीटर; कांस्य – जीवन बिलुंग (ओडिशा) 6.95 मीटर हाई जंप: स्वर्ण – सागर एक्का (ओडिशा) 1.94 मीटर; रजत – वैभव गांवकर (गोवा) 1.91 मीटर; कांस्य – हेमंत खड़िया (ओडिशा) 1.80 मीटर डिस्कस थ्रो: स्वर्ण – दानिश मकवाना (गुजरात) 44.83 मीटर; रजत – सिद्धार्थ नागेश (छत्तीसगढ़) 35.56 मीटर; कांस्य – चंद्राय मुर्मू (ओडिशा) 33.97 मीटर शॉट पुट: स्वर्ण – सिद्धार्थ नागेश (छत्तीसगढ़) 13.52 मीटर; रजत – दानिश मकवाना (गुजरात) 13.04 मीटर; कांस्य – मानस प्रतिम राभा (असम) 12.20 मीटर फुटबॉल (सेमीफाइनल) महिला: छत्तीसगढ़ ने अरुणाचल प्रदेश को 2-2 (पेनल्टी में 4-3) से हराया; झारखंड ने गुजरात को 9-0 से हराया  रायपुर झारखंड के शिव कुमार सोरेन और पृथ्वी उरांव ने मंगलवार को जगदलपुर के क्रीड़ा परिसर मैदान में आयोजित किए जा रहे पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में क्रमशः पुरुष और महिला वर्ग में सबसे तेज धावक बनने का गौरव हासिल किया। वहीं, मेजबान छत्तीसगढ़ के सिद्धार्थ नागेश ने शॉट पुट में स्वर्ण और डिस्कस थ्रो में रजत पदक जीता, जबकि तिलक बारसेट ने पुरुष 100 मीटर में रजत पदक अपने नाम किया। शिव कुमार और पृथ्वी ने … Read more

किसानों के लिए खुशखबरी, ₹2275 प्रति क्विंटल मिलेगा गेहूं का दाम, पंजाब में 1 अप्रैल से शुरू होगी खरीद

चंडीगढ़। पंजाब में गेहूं के सीजन को लेकर मान सरकार ने कमर कस ली है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घोषणा की कि कल, यानी 1 अप्रैल से पूरे राज्य में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है। सरकार ने इस सीजन के लिए सभी प्रबंध मुकम्मल होने का दावा किया है। मंत्री कटारूचक्क ने बताया कि इस बार पंजाब में 34 लाख 90 हजार हेक्टेयर रकबे में गेहूं की बुवाई हुई है। मंडियों में करीब 7 लाख से ज्यादा किसानों के पहुंचने की उम्मीद है। खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए कुल 1,897 स्थायी मंडियां स्थापित की गई हैं। इसके अलावा कुछ अस्थायी मंडियां भी बनाई गई हैं ताकि किसानों को दूर न जाना पड़े। MSP में 150 की बढ़ोतरी, CCL लिमिट हुई प्राप्त इस बार केंद्र सरकार की ओर से गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,275 प्रति क्विंटल तय किया गया है। यह पिछले साल के मुकाबले 150 प्रति क्विंटल अधिक है। मंत्री ने जानकारी दी कि खरीद के भुगतान के लिए 30,773 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट प्राप्त हो चुकी है, जिससे किसानों को समय पर अदायगी सुनिश्चित की जाएगी। सीमावर्ती इलाकों में विशेष चौकसी दूसरे राज्यों से अवैध रूप से गेहूं लाकर पंजाब की मंडियों में खपाने की कोशिशों को रोकने के लिए अंतरराज्यीय सीमाओं पर विशेष नाकेबंदी की जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि कोई अवैध तरीके से बाहरी राज्य का गेहूं लाने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य पंजाब के किसानों के लिए आवंटित फंड का लाभ केवल यहीं के किसानों तक पहुंचाना है।  

सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत से बारनवापारा की हरियाली तक, सिक्किम के खिलाड़ियों ने लिया अनूठा अनुभव

रायपुर सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत से बारनवापारा की हरियाली तक, सिक्किम के खिलाड़ियों ने लिया अनूठा अनुभव खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के रंग में पूरा छत्तीसगढ़ सराबोर नजर आ रहा है। खेलों के इस महाकुंभ के बीच राज्य अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता से देशभर से आए खिलाड़ियों को आकर्षित कर रहा है। इसी कड़ी में सिक्किम से आए फुटबॉल खिलाड़ियों के दल ने आज ऐतिहासिक नगरी सिरपुर का भ्रमण किया। खिलाड़ियों ने यहां प्राचीन मंदिरों, पुरातात्विक स्थलों और सांस्कृतिक धरोहरों को करीब से देखा और छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास से रूबरू हुए। सिरपुर की स्थापत्य कला और ऐतिहासिक महत्व ने खिलाड़ियों को विशेष रूप से प्रभावित किया। इसके पश्चात खिलाड़ियों ने बारनवापारा अभयारण्य की हरियाली के बीच प्रकृति का सुकून महसूस किया। घने जंगल, स्वच्छ वातावरण और वन्यजीवों की मौजूदगी ने इस अनुभव को और भी खास बना दिया। दिनभर की यात्रा के दौरान खिलाड़ियों ने हरेली इको रिसॉर्ट में पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का आनंद लिया। साथ ही बैंबू राफ्टिंग और जंगल से जुड़े रोमांचक गतिविधियों में भाग लेकर दिन को यादगार बना दिया। छत्तीसगढ़ की आत्मीय मेहमाननवाज़ी ने खिलाड़ियों का दिल जीत लिया। सभी खिलाड़ियों ने इस सुंदर और अविस्मरणीय अनुभव के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के माध्यम से छत्तीसगढ़ न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर रहा है, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान को भी राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहा है।

नाचा के जनक दाऊ दुलार सिंह मंदराजी की जयंती पर मुख्यमंत्री साय ने किया नमन

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला परंपरा के संवाहक और ‘नाचा’ के जनक माने जाने वाले स्वर्गीय दाऊ दुलार सिंह मंदराजी की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि दाऊ मंदराजी ने ‘नाचा’ जैसी लोकविधा को न केवल पुनर्जीवित किया, बल्कि उसे जन-जन तक पहुँचाकर सामाजिक चेतना का सशक्त माध्यम बनाया। उन्होंने गांवों के लोक कलाकारों को संगठित कर ‘नाचा’ को नई पहचान और गरिमा प्रदान की। उनके प्रयासों से यह लोककला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रही, बल्कि समाज में जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का प्रभावी मंच बनी। उन्होंने कहा कि दाऊ मंदराजी ने अपने समर्पण और साधना से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को जीवंत बनाए रखा और उसके संरक्षण के लिए जीवनपर्यंत कार्य किया। उनका योगदान प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर के रूप में सदैव स्मरणीय रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लोक कला और शिल्प के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को ‘दाऊ दुलार सिंह मंदराजी सम्मान’ प्रदान किया जाता है, जो उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि दाऊ मंदराजी का व्यक्तित्व और कृतित्व आज भी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने और लोकसंस्कृति को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है।

नामकुम में नशा तस्करों पर स्ट्राइक, बोलेरो के साथ पकड़ा गया मादक पदार्थों का जखीरा, पुलिस की बड़ी कामयाबी

रांची झारखंड की राजधानी रांची में नशे के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. नामकुम थाना क्षेत्र के बुदरी गांव में गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर भारी मात्रा में प्रतिबंधित डोडा और अफीम बरामद किया. नामकुम पुलिस ने इसके किंगपिन को गिरफ्तार भी किया है. इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है और नशा कारोबारियों में डर का माहौल देखा जा रहा है. घर से मिला भारी मात्रा में मादक पदार्थ पुलिस की छापेमारी के दौरान एक घर से करीब 6 क्विंटल डोडा और लगभग आधा किलो अफीम बरामद किया गया. इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ की बरामदगी इस बात की ओर इशारा करती है कि यह कोई संगठित गिरोह का हिस्सा हो सकता है. पुलिस ने मौके से कई अहम सुराग भी जुटाए हैं. मुख्य आरोपी मनीष तिर्की गिरफ्तार इस मामले में पुलिस ने घर के मालिक मनीष तिर्की को गिरफ्तार कर लिया है. बताया जा रहा है कि वह अवैध रूप से डोडा और अफीम का भंडारण कर रहा था. पुलिस ने आरोपी की बोलेरो गाड़ी भी जब्त कर ली है, जिसका इस्तेमाल इस अवैध कारोबार में किया जा रहा था. आरोपी से पूछताछ जारी है और उससे कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है. वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में कार्रवाई मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले की सूचना वरीय पुलिस अधीक्षक को मिली थी. इसके बाद पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन में पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय प्रथम) और नामकुम थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रामनारायण सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया. टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी कर इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया. पुलिस ने साधी चुप्पी हालांकि इतनी बड़ी बरामदगी के बावजूद पुलिस फिलहाल पूरे मामले पर ज्यादा जानकारी देने से बच रही है. संभावना जताई जा रही है कि पुलिस जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे नेटवर्क और अन्य आरोपियों के बारे में विस्तृत जानकारी साझा करेगी. नशा कारोबार पर सख्त कार्रवाई के संकेत इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ पुलिस की बड़ी मुहिम के रूप में देखा जा रहा है. लगातार हो रही छापेमारी से यह साफ संकेत मिल रहा है कि प्रशासन अवैध नशा कारोबार के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है.