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कौशाम्बी दुर्घटना पर मुख्यमंत्री ने जताया शोक, मृतकों के परिवारों को मिलेगा 2 लाख रुपये का मुआवजा

कौशाम्बी हादसा: मुख्यमंत्री ने जताया शोक,  मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये देने की घोषणा की मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये देने की घोषणा की सीएम ने घायलों को 50-50 हजार रुपये देने का निर्देश दिया स्थानीय प्रशासन को दिया निर्देश: घायलों का कराया जाय समुचित इलाज लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  कौशाम्बी में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम से प्रार्थना की कि परिजनों को दुःख सहने की क्षमता प्रदान करें।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय प्रशासन से कौशांबी में हुए हादसे के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये आर्थिक मदद देने की  घोषणा की।  मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन के आलाधिकारियों को राहत-बचाव तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि घायलों का समुचित तरीके से इलाज कराया जाय। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।

मोहन सरकार की पहल: अब वाराणसी में गूंजेगी सम्राट विक्रमादित्य की शौर्य गाथा

मोहन सरकार की पहल:अब वाराणसी में गूंजेगी सम्राट विक्रमादित्य की शौर्य गाथा 3 से 5 अप्रैल तक वाराणसी में होगा “महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य” का भव्य मंचन भोपाल  मध्यप्रदेश में मोहन सरकार भारतीय ज्ञान परंपरा और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। गौरवमयी अभियान विक्रमोत्सव-2026 के अंतर्गत, मोक्षदायिनी नगरी वाराणसी में आगामी 3 से 5 अप्रैल 2026 तक भव्य “महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य” का मंचन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विशेष रुचि और दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से शुरू हुई यह सांस्कृतिक यात्रा अब बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी पहुँच रही है। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का महाकुंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य केवल एक शासक नहीं, बल्कि भारतीय न्यायप्रियता, वीरता और सुशासन के जीवंत प्रतीक हैं। वाराणसी में होने वाला यह महानाट्य जन-जन को उस वैभवशाली कालखंड से परिचित कराएगा। जब सम्राट विक्रमादित्य ने आज से लगभग 2100 वर्ष पूर्व आक्रांता शकों का समूल नाश कर 'विक्रम संवत' का प्रवर्तन किया था, यह संवत विश्व की प्राचीनतम काल-गणनाओं में से एक है, जो भारतीय विज्ञान और खगोल शास्त्र की श्रेष्ठता को दर्शाता है। अद्वितीय शौर्य और न्याय का चित्रण वाराणसी में होने वाली तीन दिवसीय विक्रमादित्य महानाट्य के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य के 'शकारि' और 'साहसांक' बनने की गाथा को जीवंत किया जाएगा। नाटक में दिखाया जाएगा कि कैसे एक लोक-कल्याणकारी राजा ने अपने राजकोष से धन देकर प्रजा को ऋणमुक्त किया और एक ऐसा साम्राज्य स्थापित किया जहाँ न कोई दरिद्र था और न ही कोई दुखी। साथ ही, सम्राट की 'नवरत्न' परंपरा—जिसमें कालिदास, वराहमिहिर और धन्वंतरि जैसे महान विद्वान शामिल थे—के माध्यम से 'श्रेष्ठ भारत' के निर्माण के संकल्प को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। दिल्ली के लाल किले पर सफल मंचन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इसकी सराहना के बाद, वाराणसी का यह मंचन एक नया मील का पत्थर साबित होगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विक्रमोत्सव की ऐतिहासिक सफलता उल्लेखनीय है कि उज्जैन में आयोजित 'विक्रमोत्सव 2026' ने डिजिटल आउटरीच में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ की रिपोर्ट के अनुसार, 7 फरवरी से 24 मार्च 2026 के बीच इस आयोजन की डिजिटल रीच 17.72 करोड़ से अधिक रही है। सोशल मीडिया पर #vikramutsav2026 जैसे हैशटैग्स ने वैश्विक स्तर पर ट्रेंड किया, जिससे सिद्ध होता है कि युवा पीढ़ी अपनी जड़ों की ओर लौटने को आतुर है। महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ और मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह महानाट्य वाराणसी में न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करेगा, बल्कि राष्ट्रीय एकता के सूत्र को और अधिक सुदृढ़ करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संकल्पों के अनुरूप यह आयोजन 'विकसित भारत' की राह में 'सांस्कृतिक पुनर्जागरण' का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।  

योगी सरकार का बिल्डरों पर बड़ा एक्शन, घर खरीदारों को मिलेंगी कानूनी राहतें

लखनऊ  उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (UP RERA) ने रियल एस्टेट क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार करते हुए गैर-पंजीकृत (Unregistered) प्रमोटरों को भी अपने दायरे में ले लिया है। रेरा अधिनियम 2016 की धारा 85 के तहत किए गए इस 10वें संशोधन के बाद, अब उन हजारों खरीदारों को न्याय मिल सकेगा जिन्होंने ऐसे प्रोजेक्ट्स में निवेश किया था जो रेरा में पंजीकृत नहीं हैं। यह नई व्यवस्था 25 मार्च 2026 से प्रभावी हो गई है। संशोधन के मुख्य बिंदु न्याय के लिए समान मंच: अब अपंजीकृत परियोजनाओं के आवंटी भी पोर्टल पर 'फार्म-एम' के माध्यम से प्रतिपूर्ति (Refund), कब्जा (Possession) और अन्य राहतों के लिए शिकायत दर्ज कर सकेंगे। पहले केवल पंजीकृत प्रोजेक्ट्स के मामलों की ही सुनवाई होती थी। पारदर्शी प्रक्रिया: यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी के अनुसार, यदि जांच में पाया जाता है कि किसी प्रोजेक्ट का पंजीकरण अनिवार्य था और प्रमोटर ने नहीं कराया, तो प्राधिकरण सचिव को उस पर कड़ी कार्रवाई के लिए निर्देश देगा। मनमाने शुल्क पर लगाम: प्रमोटर अब आवंटियों से मनमाना शुल्क नहीं वसूल सकेंगे। आवंटी की मृत्यु पर उत्तराधिकारी के नाम संपत्ति ट्रांसफर करने के लिए अधिकतम 1,000 रुपये और परिवार के बाहर ट्रांसफर करने पर अधिकतम 25,000 रुपये ही प्रोसेसिंग फीस ली जा सकेगी। विधिक सुधार: यह कदम सुप्रीम कोर्ट की उस तल्ख टिप्पणी के बाद आया है जिसमें संस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए थे। अब एक ही बेंच के बजाय सभी बेंचों में इन मामलों की सुनवाई गुण-दोष के आधार पर होगी। फैसले रियल एस्टेट में बढ़ेगी पारदर्शिता इस निर्णय से रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ेगी और उन प्रमोटरों की जवाबदेही तय होगी जो पंजीकरण से बचकर ग्राहकों को ठग रहे थे। हालांकि, यूपी रेरा पर काम का बोझ बढ़ेगा क्योंकि पहले से ही 50 हजार से अधिक मामले लंबित हैं, लेकिन उपभोक्ताओं के लिए यह एक 'सुरक्षा कवच' की तरह काम करेगा।

नगर निगम का नया दांव: बजट में बढ़ा मनोरंजन कर, मौज-मस्ती पर अब चुकाना होगा टैक्स

भोपाल  राजधानी में अब फिल्म देखना, म्यूजिक कॉन्सर्ट का आनंद लेना या गेम जोन में वक्त बिताना महंगा होने जा रहा है। नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट में मनोरंजन कर की नई और सख्त दरों का प्रावधान किया है। मध्य प्रदेश नगर पालिका (मनोरंजन एवं आमोद) कर नियम 2018 के तहत जारी इस नए फरमान से अब शहर में होने वाले हर व्यावसायिक मनोरंजन कार्यक्रम पर निगम की नजर होगी। नगर निगम के इस कदम का सीधा असर आम आदमी की जेब और इवेंट आयोजकों के बजट पर पड़ना तय है। अभी तक आयोजक के प्रॉफिट का दस प्रतिशत टैक्स लगता था, लेकिन अब प्रति टिकट के हिसाब से टैक्स की गणना होगी। सिनेमा हॉल: महंगी टिकट पर ज्यादा टैक्स अगर आप मल्टीप्लेक्स में 400 रुपए की टिकट खरीदते हैं, तो उस पर अब सीधे तौर पर मनोरंजन कर का बोझ बढ़ेगा। निगम ने सिनेमाघरों के लिए टैक्स की दरों को टिकट की कीमतों से जोड़ा है। सिनेमा ग्राफ एक्ट 1952 के तहत लाइसेंस रखने वाले सिनेमाघरों के लिए प्रस्तावित दरें कुछ इस प्रकार हैं- -99 रुपए तक की टिकट: 5 प्रतिशत कर। -100 से 199 रुपए तक की टिकट: 10 प्रतिशत कर। -200 रुपए से अधिक की टिकट: 15 प्रतिशत कर। म्यूजिक कॉन्सर्ट और ड्रामा: क्षमता के हिसाब से वसूली होटल, रिसॉर्ट या रेस्टोरेंट में होने वाले म्यूजिक बैंड कॉन्सर्ट, नृत्य प्रदर्शन या नाटक अब क्षमता के आधार पर टैक्स देंगे- – 200 व्यक्तियों तक की क्षमता (टिकट 300 रुपए तक): 03 हजार रुपए। – 201 से 500 व्यक्तियों तक (टिकट 301-500 रुपए तक): 10 हजार रुपए। – 501 से 1000 व्यक्तियों तक (टिकट 501-1000 रुपए तक): 37.5 हजार रुपए। – हजार से अधिक क्षमता और एक हजार से महंगी टिकट: सीधे 50 हजार रुपए का कर देय होगा। पब, डिस्को और खेलों पर डेली चार्ज निगम ने डिस्को, पब, क्लब और पूल क्लब के लिए प्रति दिन 10 हजार रुपए का कर प्रस्तावित किया है। यही नहीं, सर्कस, मेलों और सबसे लोकप्रिय गरबा आयोजनों (जिनमें टिकट या पास शुल्क है) पर भी 10 हजार रुपए प्रतिदिन के हिसाब से टैक्स वसूल किया जाएगा। क्रिकेट, हॉकी जैसे खेलों के व्यावसायिक आयोजनों पर भी यही दर लागू होगी। राहत: नि:शुल्क कार्यक्रमों पर छूट यह कर केवल उन्हीं कार्यक्रमों पर प्रभावी होगा, जहां प्रवेश के लिए टिकट शुल्क, देय शुल्क या अग्रिम पास की सुविधा ली जा रही है। ऐसे सार्वजनिक कार्यक्रम, जो आम जनता के लिए पूरी तरह नि:शुल्क हैं, उन्हें मनोरंजन कर के दायरे से बाहर रखा गया है। 

पंजाब में अनोखा रेलवे स्टेशन, जहां सिर्फ 2 दिन चलती है ट्रेन और साल में दो बार रुकती है

हुसैनीवाला भारत में रेलवे का नेटवर्क बहुत बड़ा है और ज्यादातर स्टेशनों पर हर दिन कई ट्रेनें आती-जाती रहती हैं। लेकिन एक ऐसा अनोखा स्टेशन भी है, जहां पूरे साल में सिर्फ दो बार ही ट्रेन पहुंचती है। यही वजह है कि यह स्टेशन इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। हाल ही में एक वायरल वीडियो में एक शख्स इस स्टेशन के बारे में बताता नजर आता है। वह स्टेशन पर खड़ी ट्रेन (Unique Railway Station India) के पास खड़े होकर कहता है कि यह वही खास ट्रेन है, जो साल में सिर्फ दो बार चलती है। वीडियो में वह रेलवे ट्रैक भी दिखाता है, जहां साफ दिखाई देता है कि पटरी आगे जाकर खत्म हो जाती है। इस स्टेशन पर ट्रेन आती है सिर्फ दो बार  यानी यह इस लाइन का आखिरी स्टेशन है और यहां से ट्रेन आगे नहीं जाती, बल्कि वापस उसी दिशा में लौट जाती है, जहां से आई होती है। इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर “northern_vlogger” नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है, जिसे लाखों लोग देख चुके हैं। यह खास स्टेशन पंजाब के फिरोजपुर जिले के पास हुसैनीवाला बॉर्डर के नजदीक स्थित है, जिसे हुसैनीवाला रेलवे स्टेशन (Hussainiwala Railway Station) कहा जाता है। यह स्टेशन अपनी अनोखी व्यवस्था के कारण लोगों को हैरान कर देता है। यहां पूरे साल में केवल दो ही बार ट्रेन आती है और बाकी समय यह स्टेशन (Indian Railways Facts) लगभग सुनसान रहता है। इन दो खास दिनों में पहला दिन 23 मार्च होता है और दूसरा 13 अप्रैल, जो बैसाखी का दिन होता है। साल में सिर्फ 2 बार ही क्यों आती है ट्रेन? हुसैनीवाला स्टेशन की सबसे खास बात यही है कि यहां रोजाना ट्रेन नहीं चलती. पूरे साल में सिर्फ दो खास मौकों पर ही ट्रेन यहां तक पहुंचती है. पहली ट्रेन 23 मार्च को चलती है, जो शहीद भगत सिंह की शहादत दिवस के मौके पर चलाई जाती है. इस दिन देशभर से लोग हुसैनीवाला बॉर्डर पर उन्हें श्रद्धांजलि देने आते हैं. वहीं, दूसरी ट्रेन की बात करें तो ये 13 अप्रैल को चलती है, जो बैसाखी के पर्व के अवसर पर चलाई जाती है. इन दोनों दिनों पर यहां काफी भीड़ देखने को मिलती है, जबकि बाकी समय यह स्टेशन लगभग खाली रहता है।  वायरल वीडियो से बढ़ी चर्चा हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक व्यक्ति इस स्टेशन के बारे में जानकारी देता नजर आता है. वह बताता है कि जिस जगह वह खड़ा है, वहां साल में सिर्फ दो बार ही ट्रेन आती है. इस वीडियो में वो शख्स स्टेशन और वहां खड़ी ट्रेन की झलक भी दिखाता है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. इस अनोखी जानकारी ने इंटरनेट यूजर्स को हैरान कर दिया और लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रिया देने लगे।  रेलवे लाइन का आखिरी पड़ाव हुसैनीवाला रेलवे स्टेशन आखिरी रेलवे स्टेशन है और यहां पर आकर रेलवे लाइन भी खत्म हो जाती है. यह उत्तर रेलवे की आखिरी रेलवे लाइन है. यहां आई हुई ट्रेन उसी दिशा में वापस लौटती है, जहां से आई होती है. इस स्टेशन से पहले लाहौर तक की ट्रेन जाया करती थी, जिसे लोग पकड़ते थे. मगर अब वो भी बंद कर दिया गया है. इसके आगे पाकिस्तान लग जाता है।  लोगों की प्रतिक्रियाएं और भावनाएं वीडियो देखने के बाद कई लोगों ने इसपर अपनी प्रतिक्रियाएं दी. कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि इस स्टेशन का नाम बदलकर शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा देना चाहिए. वहीं, कुछ यूजर्स ने गर्व के साथ कहा कि वो फिरोजपुर से हैं और इस खास जगह से उनका काफी लगाव है।  23 मार्च का दिन देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी दिन शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी गई थी। इस दिन को शहादत दिवस (Shaheedi Diwas Train) के रूप में मनाया जाता है। बड़ी संख्या में लोग हुसैनीवाला बॉर्डर पर उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचते हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए इस मौके पर स्पेशल ट्रेन चलाई जाती है। दूसरी बार 13 अप्रैल को बैसाखी (Baisakhi Special Train) के अवसर पर भी यहां ट्रेन चलाई जाती है, क्योंकि उस दिन भी बड़ी संख्या में लोग इस क्षेत्र में पहुंचते हैं। इन दो दिनों के अलावा यह स्टेशन लगभग खाली ही रहता है। इस अनोखे स्टेशन की कहानी लोगों को काफी आकर्षित कर रही है। यही कारण है कि इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे देखकर हैरान भी हो रहे हैं और भारत के रेलवे सिस्टम की इस खासियत को जानकर उत्साहित भी हैं।

मुख्यमंत्री ने लिया प्रयागराज हादसे का संज्ञान, शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना की व्यक्त

मुख्यमंत्री ने लिया प्रयागराज हादसे का संज्ञान, शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना की व्यक्त प्रयागराज में बामपुर गंगा घाट में डूबने से 4 बच्चों की हुई मौत लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार सुबह प्रयागराज में हुए हादसे का संज्ञान लिया। गौरतलब है कि प्रयागराज में बामपुर गंगा घाट पर शुक्रवार सुबह स्नान करने गए चार बच्चों की मौत हो गई। घटना की जानकारी होने पर मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत व बचाव करने के निर्देश दिए।  मुख्यमंत्री ने रामनवमी पर हुए इस हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पति-पत्नी के अप्राकृतिक संबंध अपराध नहीं, ग्वालियर बेंच ने दी राहत

ग्वालियर   मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने पत्नी के साथ अप्राकृतिक संबंध के मामले में पति को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने कहा है कि पति-पत्नी के बीच अननैचुरल संबंध अपराध नहीं है। इसके साथ ही पति पर दर्ज एफआईआर को आंशिक रूप से निरस्त कर दिया है। वहीं, अन्य मामले उसके खिलाफ चलते रहेंगे। पति पर पत्नी ने दहेज, मारपीट और प्रताड़ना का आरोप लगाया था। महिला ने पति पर दर्ज करवाया था केस दरअसल, भिंड की महिला ने साल 2023 में अपने पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। उसमें महिला ने कहा था कि ससुराल पक्ष के लोग 10 लाख रुपए और बुलेट की मांग कर रहे हैं। शादी के समय परिवार ने भरपुर दहेज दिया था। इसके बावजूद यह मांग की जा रही है। साथ ही शिकायत में कहा गया था कि मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है। पत्नी ने अपने पति अननैचुरल यौन संबंध का भी आरोप लगाया था। कोर्ट ने कहा कि यह अपराध नहीं इस मामले का ट्रायल हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में चल रहा था। अननैचुरल संबंध के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। साथ ही कहा है कि पति-पत्नी के बीच बने संबंधों को धारा 377 के तहत अपराध नहीं माना जा सकता है। इस आधार पर दर्ज की गई एफआईआर को आंशिक रूप से निरस्त किया जाता है। वहीं, मारपीट, दहेज और प्रताड़ना के मामले में सुनवाई जारी रहेगी। महिला की शिकायत पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 377, 498 ए और 354 के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस अन्य मामलों में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। कोर्ट में अभी ट्रायल चलता रहेगा। ये था पूरा मामला     पत्नी ने अपने पति पर दर्ज करवाया था केस     दहेज, मारपीट और प्रताड़ना के साथ अप्राकृतिक संबंध के मामले     2023 में ये दर्ज हुआ था केस     हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में चल रही सुनवाई पति भी पहुंचा था हाईकोर्ट गौरतलब है कि इस मामले में सुनवाई के दौरान पति भी कोर्ट में उपस्थित था। इस दौरान पति के वकील ने कहा कि मेरे मुवक्किल के खिलाफ मामले को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया है। वहीं, महिला के पूर्व और अभी के बयान मेल नहीं खाते हैं। धारा 377 के तहत केस नहीं चलाया जा सकता है। कोर्ट ने पति, ससुर और सास के खिलाफ लगे आरोपों को रद्द करने से इनकार कर दिया है।  

पंजाब में 52 शराब ग्रुप्स के लिए खरीदार नहीं, 1200 ठेके खाली पड़े

चंडीगढ़  पंजाब में शराब के ठेकों की नीलामी को लेकर राज्य सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती है। ई-टेंडरिंग के कई राउंड पूरे होने के बावजूद, राज्य में 52 शराब ग्रुप्स के लिए कोई बोली लगाने वाला सामने नहीं आया है। इन ग्रुप्स के तहत करीब 1,200 रिटेल ठेके आते हैं जिन्हें अभी तक अलॉट नहीं किया गया है। राज्य भर में कुल 207 ग्रुप्स (जिनमें 6,378 ठेके शामिल हैं) में से सिर्फ 147 ग्रुप्स को ही रिन्यू किया गया है। बाकी ग्रुप्स के लिए सरकार लगातार कोशिश कर रही है लेकिन ट्रेडर्स की तरफ से कोई जवाब नहीं आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, ट्रेडर्स कई वजहों से इन्वेस्ट करने में हिचकिचा रहे हैं। ट्रेडर्स का कहना है कि साल 2025-26 में उन्हें काफी नुकसान हुआ है, जिसके चलते वे नए इन्वेस्टमेंट को लेकर परेशान हैं। सरकार ने पिछले साल के मुकाबले रिजर्व प्राइस में 6.5% की बढ़ोतरी की है, जिसे ट्रेडर्स बहुत ज्यादा मान रहे हैं। ओपन IMFL कोटा जारी रखने और एक इंस्टीट्यूशन के लिए ज्यादा से ज्तादा 5 ग्रुप की लिमिट जैसी शर्तें भी बोली लगाने वालों को रोक रही हैं। ट्रेडर्स का मानना ​​है कि बोली को फायदेमंद बनाने के लिए कीमतों में 8% से 12% की कमी ज़रूरी है। प्रभावित इलाके सबसे ज्तादा बिना अलॉट किए गए ठेको ज़ीरा (85), लहरा (74), फिरोजपुर छावनी (68), बाघा पुराना (60), निहाल खेड़ा (53), बेगोवाल (47) और शालीमार बाग (46) में हैं। न्यू चंडीगढ़, होशियारपुर और अमृतसर जैसी दूसरी बड़ी जगहों पर अभी भी कई ठेके अलॉट होने बाकी हैं। हालात सुधारने के लिए, एक्साइज डिपार्टमेंट ने पहले रिज़र्व प्राइस में 3% और फिर 2% की कमी की, लेकिन यह भी इन्वेस्टर्स को अट्रैक्ट करने में काफी नहीं रहा। ऑक्शन का अगला राउंड 27 मार्च को तय किया गया है। नई पॉलिसी के मुताबिक, फाइनेंशियल कमिश्नर के पास खास हालात में ग्रुप्स का कंपोज़िशन बदलने या कीमतों में और डिस्काउंट देने का भी अधिकार है ताकि रेवेन्यू पर असर न पड़े। 

टीटी नगर में सीमांकन पूरा, 347 लोगों को दिया अंतिम नोटिस, 100 से ज्यादा झुग्गियां हटाने का आदेश

भोपाल   बड़ा तालाब कैचमेंट एरिया साफ करने के लिए बनाई गई टास्क फोर्स एक सप्ताह बाद दोबारा अपनी कार्रवाई शुरू करने जा रही है। नगर निगम, बिल्डिंग परमिशन शाखा के माध्यम से टास्क फोर्स ने 347 ऐसे निर्माणों को अंतिम नोटिस जारी कर दिए हैं, जो कैचमेंट के अंदर बने पाए गए हैं। इसके अलावा फुल टैंक लेवल के अंदर मौजूद सबसे ज्यादा निर्माण को अभी तक हटाया गया है। इनमें से 55 निर्माण पूरी तरह से तोड़े गए हैं। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के मुताबिक, नगर निगम, जिला प्रशासन, पुलिस की संयुक्त मुहिम अगले सप्ताह से शुरू की जाएगी, जिसमें बाकी बचे निर्माण को हटाया जाना है। टीटी नगर से होगी शुरुआत प्रशासन की पहली कार्रवाई भोपाल के टीटी नगर सीमा से शुरू की गई थी। इस क्षेत्र में भी सीमांकन का काम पूरा कर लिया गया है। एसडीएम अर्चना शर्मा की टीम ने यहां 127 अतिक्रमण चिह्नित कर नोटिस जारी किए हैं। इनमें 59 निजी और 78 सरकारी शामिल हैं। परिवहन विभाग के पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा की सास का रो-हाउस भी अतिक्रमण की सूची में शामिल है। तहसीलदार कुणाल राउत के मुताबिक, एक हफ्ते बाद बुलडोजर चलाया जाएगा। सभी चिह्नित अतिक्रमण हटाए जाएंगे। प्रशासन की टीम ने सेवनिया गौंड, प्रेमपुरा सहित अन्य क्षेत्रों में भी सीमांकन का काम पूरा कर लिया है। 100 से ज्यादा झुग्गियां भी हटेंगी जांच के दौरान वन विहार के पास जॉक रेस्टोरेंट, लहर रेस्टोरेंट, वड्स एंड वेब, होटल रंजीत लेक व्यू, फूड जोन की 26 दुकानें, गेम जोन, कचरा कैफे, सुलभ कॉ्ह्रश्वलेक्स और लहर जिम सहित अन्य निर्माण शामिल हैं। प्रशासन का कहना है, 100 से अधिक झुग्गी भी हटेंगी। टास्क फोर्स में एसई प्रमोद मालवीय शामिल किए गए हैं।

भोपाल में समर शेड्यूल अपडेट: गोवा की फ्लाइट बंद, नवीं मुंबई के लिए शुरू होंगी उड़ानें

 भोपाल एयरलाइंस कंपनियों का नया समर शेड्यूल 29 मार्च से लागू हो जाएगा। इस सीजन में भोपाल को नए शहरों की कनेक्टिविटी के नाम पर केवल नवीं मुंबई तक एक उड़ान मिलने जा रही है। पैसेंजर फ्रेंडली गोवा उड़ान को बंद किया जा रहा है। माना जा रहा था कि इस बार समर सीजन में एयर कनेक्टिविटी बढ़ेगी लेकिन विंटर के मुकाबले उड़ानों की संख्या कम हो जाएगी। हालांकि समर सीजन के मुकाबले दो उड़ानें बढ़ रही हैं। अब भोपाल से कुल 36 (18 जोड़ी) उड़ानें हो जाएंगी। नई उड़ान के नाम पर हाल ही में शुरू हुए नवीं मुंबई की उड़ान भोपाल को मिलने जा रही है। इस रूट पर इंडिगो एक उड़ान का संचालन करेगा। अहमदाबाद के लिए अब तक दो उड़ानें थीं, लेकिन अब एक हो जाएगी। हैदराबाद तक एक थी अब दो उड़ानें हो जाएंगी। गोवा रूट पर संचालित इंडिगो की उड़ान 29 मार्च से बंद हो जाएगी। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने स्लॉट लेने के बावजूद इस सीजन में एक भी उड़ान की बुकिंग शुरू नहीं की है। दिल्ली तब सर्वाधिक सात उड़ानें नए शेड्यूल में दिल्ली तक सर्वाधिक सात उड़ानें हो जाएंगी, इनमें से एक साप्ताहिक उड़ान है। मुंबई तक चार, बेंगलुरू तक दो, हैदराबाद तक दो, रायपुर, पुणे, अहमदाबाद एवं नवीं मुंबई तक एक उड़ान होगी। सूरत, शिर्डी, देहरादून, कोलकात्ता, अमृतसर एवं लखनऊ जैसे शहरों तक उड़ानें इस बार भी शुरू नहीं होंगी। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी का कहना है कि समर शेड्यूल 24 अक्टूबर तक लागू होगा। इस अवधि के मध्यम में कुछ नए रूट जुड़ेंगे। इस प्रकार रहेगा 29 मार्च से लागू समर शेड्यूल शहर आगमन समय प्रस्थान समय ऑपरेटर पुणे सुबह 02:30 बजे सुबह 03:10 बजे इंडिगो दिल्ली सुबह 06:30 बजे सुबह 07:00 बजे इंडिगो दिल्ली सुबह 07:55 बजे सुबह 08:25 बजे एयर इंडिया बैंगलोर सुबह 08:10 बजे सुबह 08:40 बजे इंडिगो मुंबई सुबह 09:00 बजे सुबह 09:30 बजे इंडिगो हैदराबाद सुबह 09:15 बजे सुबह 09:40 बजे इंडिगो दिल्ली दोपहर 12:05 बजे दोपहर 12:35 एयर इंडिया हैदराबाद दोपहर 12:30 बजे दोपहर 12:50 बजे इंडिगो मुंबई दोपहर 01:00 बजे दोपहर 01:40 बजे एयर इंडिया दिल्ली शाम 04:20 बजे शाम 04:50 बजे इंडिगो रायपुर शाम 04:25 बजे शाम 05:00 बजे इंडिगो मुंबई शाम 05:25 बजे शाम 06:00 बजे इंडिगो दिल्ली शाम 05:40 बजे शाम 06:15 बजे इंडिगो (बुध) अहमदाबाद शाम 06:35 बजे शाम 06:50 बजे इंडिगो दिल्ली शाम 07:00 बजे शाम 07:50 बजे एयर इंडिया बैंगलोर शाम 07:00 बजे रात्रि 08:00 बजे इंडिगो नवी मुंबई रात्रि 08:10 बजे रात्रि 08:50 बजे इंडिगो दिल्ली रात्रि 08:25 बजे रात्रि 09:00 बजे इंडिगो