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मथुरा में ईद पर हिंसा, गौ-सेवक की मौत से भड़का गुस्सा, दिल्ली-आगरा हाईवे जाम, पुलिस ने चलाईं रबड़ गोलियां

 मथुरा  उत्तर प्रदेश के मथुरा में कथित गौ रक्षक 'फरसा वाले बाबा’ नाम से मशहूर चंद्रशेखर की गाड़ी से कुचलकर मौत हो गई। जिससे इलाके में तनाव फैल गया है। जानकारी के मुताबिक फरसा वाले बाबा गौ-तस्करों का पीछा कर रहे थे। इस दौरान कोहरे के कारण पीछे से आ रहे वाहन ने उन्हें कुचल दिया। इस घटना से आक्रोशित लोगों ने दिल्ली-आगरा हाईवे जाम कर दिया। वहीं, सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंची और लोगों को समाझाने की कोशिश की। लेकिन जब देखते ही देखते हालात बिगड गए और प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस को भीड़ को काबू करने के लिए रबड़ की गोलियां चलानी पड़ीं।। कान्हा की नगरी ब्रज में ईद वाले दिन बवाल मच गया. आरोप है कि मथुरा के थाना कोसीकलां के अंतर्गत कोटवन चौकी क्षेत्र के नवीपुर में बीती रात विख्यात गौ-सेवक चंद्रशेखर उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ की गाड़ी से कुचलकर हत्या कर दी. जबकि एसएसपी ने कोहरे को टक्कर की वजह बताई है. इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है. इस दौरान गुस्साए लोगों ने दिल्ली-आगरा हाईवे पर जाम लगा दिया. जाम के चलते हाईवे पर वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं और यातायात कई घंटे प्रभावित रहा । जानकारी के मुताबिक घटना कोसीकलां थाना क्षेत्र के नवीपुर इलाके की है। फरसे वाले बाबा को क्षेत्र में गौ-तस्करों की सक्रियता की सूचना मिली थी। इसके बाद वह अपनी टीम के साथ आरोपियों का पीछा कर रहे थे। नवीपुर के पास पीछे से आ रही गाड़ी ने उन्हें टक्कर मारते हुए कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। कौन हैं फरसा वाले बाबा? मथुरा के ‘फरसा वाले बाबा’ का नाम चंद्रशेखर था, जो ब्रज क्षेत्र में एक प्रसिद्ध और निडर गौ रक्षक थे. वे हमेशा हाथ में फरसा लेकर गौ-वंश की रक्षा करते थे. गौरक्षा आंदोलन का प्रमुख चेहरा थे और वे प्रखर गौरक्षक व संत के रूप में जाने जाते थे. मथुरा के अंजनोक में वे प्रवास करते थे. वे निडर होकर गौ रक्षा में लगे रहते थे और ब्रज में उनकी काफी लोकप्रियता थी।  हाईवे पर जाम लगने से फंसे वाहनों पर हुआ पथराव वहीं जैसे-जैसे भीड़ जुटती गई, आक्रोश बढ़ता गया. इस दौरान आगरा दिल्ली हाईवे पर आक्रोशित भीड़ ने पथराव करना शुरू कर दिया. अचानक हुआ पथराव से भगदड़ मच गई. हाईवे पर जाम लगने से फंसे वाहनों पर हुआ पथराव से लोग सहम गए. पुलिस ने मोर्चा संभाला, लेकिन भीड़ के आगे पुलिसकर्मियों के कदम भी पीछे हट गए।  हजारों की संख्या में ग्रामीण और गौ-भक्त जमा बाबा का पार्थिव शरीर उनके गांव अंजनोख स्थित बाबा की गोशाला पहुंचा, जहां हजारों की संख्या में ग्रामीण और गौ-भक्त जमा हैं. बाबा ‘फरसा वाले’ अपने निडर स्वभाव और गौ-वंश की रक्षा के लिए ब्रज क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थे. उनकी हत्या की खबर फैलते ही हिंदूवादी संगठनों और गौ-सेवकों में भारी रोष व्याप्त है।  एक आरोपी पकड़ा गया, तीन फरार स्थानीय लोगों ने मौके से एक मुस्लिम युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि तीन आरोपी वारदात के बाद फरार होने में सफल रहे. पुलिस टीम उनकी तलाश में जुटी है।  गौ रक्षक की हत्या के बाद क्षेत्र में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। पूरे इलाके में शोक के साथ-साथ भारी आक्रोश फैल गया। घटना के विरोध में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और मुख्य मार्गों पर जाम लगा दिया। प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय और बिगड़ गए, जब कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पहुंची पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए रबर की गोलियां चलानी पड़ीं। बताया जा रहा है कि डीआईजी द्वारा समझाने के प्रयासों के बावजूद प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए। जाम के कारण हाईवे पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिसमें विदेशी नागरिक भी फंसे रहे। कई वाहन चालक गलत दिशा से निकलने की कोशिश करते नजर आए, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया।इस दौरान उग्र भीड़ ने एडीएम प्रशासन की गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और हालात पर नजर रखी जा रही है।

मिशन शक्ति 5.0 के तहत 21 मार्च को महिलाओं और बच्चों के अधिकारों पर प्रदेशभर में जागरूकता अभियान

मिशन शक्ति 5.0 के दूसरे चरण के तहत प्रदेशभर में जन-जागरूकता कार्यक्रम, 21 मार्च को महिलाओं-बच्चों के अधिकारों पर फोकस यूपी में गांव से लेकर जनपद स्तर तक मोबाइल वैन, कैंप और स्टॉल के जरिए पहुंचेगा अभियान वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन और विभिन्न योजनाओं की दी जाएगी जानकारी लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को समर्पित ‘मिशन शक्ति 5.0’ के दूसरे चरण के तहत प्रदेशभर में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। नवरात्र के अवसर पर महिला कल्याण विभाग द्वारा इस विशेष अभियान में 21 मार्च को सार्वजनिक स्थलों पर मोबाइल वैन, कैंप और स्टॉल लगाकर महिलाओं एवं बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। यह कार्यक्रम ग्राम, ब्लॉक और जनपद स्तर तक एक साथ संचालित होगा, जिससे अधिकतम लोगों तक सीधी पहुंच सुनिश्चित की जा सके। महिला कल्याण विभाग द्वारा 20 अप्रैल तक प्रतिदिन विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।  गांव-गांव तक पहुंचेगा जागरूकता अभियान महिला कल्याण विभाग की निदेशक डॉ. वंदना वर्मा ने बताया कि मिशन शक्ति अभियान के तहत जनपद, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मोबाइल वैन और सूचना स्टॉल के माध्यम से महिलाओं और बच्चों से सीधे संवाद स्थापित किया जाएगा। इसमें घरेलू हिंसा, सुरक्षा अधिकारों और उपलब्ध सहायता तंत्र के बारे में जानकारी दी जाएगी। स्थानीय प्रशासन और विभागीय इकाइयां मिलकर यह सुनिश्चित करेंगी कि अभियान की पहुंच दूरस्थ क्षेत्रों तक भी हो, ताकि कोई भी जरूरतमंद इससे वंचित न रहे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर योजना के प्रचार-प्रसार के लिए हैशटैग #Women&ChildrenFirst #MissionShakti प्रयोग किया जाएगा।  योजनाओं और हेल्पलाइन की दी जाएगी जानकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सहित विभिन्न योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। साथ ही पीड़ित महिलाओं को तत्काल सहायता दिलाने के लिए उपलब्ध सेवाओं की जानकारी भी दी जाएगी, जिससे संकट की स्थिति में वे तुरंत मदद प्राप्त कर सकें। कार्यक्रमों में जन-प्रतिनिधियों, क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों को आमंत्रित किया जाएगा तथा स्थानीय चैनलों, रेडियो कार्यक्रमों, तथा विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।  कानूनी अधिकारों पर विशेष जोर अभियान के अंतर्गत महिलाओं और बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। घरेलू हिंसा अधिनियम, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न निवारण कानून, दहेज निषेध अधिनियम और बाल संरक्षण से जुड़े प्रावधानों के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कार्यक्रमों की निगरानी करते हुए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो और प्रत्येक प्रकरण का प्रभावी फॉलोअप किया जाए। समस्त जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय द्वारा प्रतिदिन की रिपोर्ट जनपद स्तर पर संकलित कर पूर्व विकसित "शक्ति वार रूम" के माध्यम से महिला कल्याण निदेशालय को निर्धारित रिपोर्टिंग प्रारूप/स्प्रेडशीट (पूर्व से प्रेषित) पर प्रतिदिन सायं 8 बजे तक अपडेट की जाएगी। यह अभियान प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

‘नियमों के तहत हुए चुनाव’: रिटर्निंग अधिकारी का जवाब, कांग्रेस के आरोपों को किया खारिज

चंड़ीगढ़. हरियाणा के राज्यसभा चुनाव के रिटर्निंग अधिकारी सीनियर आईएएस पंकज अग्रवाल की भूमिका पर कांग्रेस भले ही सवाल उठा रही है, लेकिन उनका दावा है कि चुनाव में मतदान प्रक्रिया आरंभ होने से लेकर जीत के प्रमाण पत्र बांटने तक उन्होंने नियम और कानून के हिसाब से कार्य किया। उन्होंने चुनाव में अनियमितता, धांधली और किसी पार्टी विशेष के प्रति कथित झुकाव से साफ इनकार किया। उनका कहना है कि हर चुनाव में राजनीतिक प्रोपगेंडा होते ही रहते हैं। वह इनमें नहीं पड़ना चाहते। उन्हें इस बात की संतुष्टि है कि केंद्रीय चुनाव आयोग भी रिटर्निंग ऑफिसर की भूमिका के रूप में उनकी कार्यप्रणाली से पूरी तरह संतुष्ट है। रिटर्निंग अधिकारी पंकज अग्रवाल ने सवालों के जवाब दिए। सवाल: राज्यसभा की दो सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस आपकी भूमिका पर लगातार सवाल उठा रही है। विपक्ष के नेता भूपेंद्र हुड्डा आपके विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर राज्यपाल से मिलने भी गए? जवाब: कांग्रेस क्यों ऐसे सवाल उठा रही है, इस बारे में तो मैं क्या ही कहूं, लेकिन इतना जरूर कहना चाहता हूं कि मैंने रिटर्निंग अधिकारी के रूप में नियम और कानून के दायरे में रहकर काम किया। पूरी चुनाव प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग हुई है। सब कुछ पारदर्शी तरीके से हुआ। सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मतदान केंद्र में मतगणना तक मौजूद थे। फिर हमारी भूमिका कहां से गलत हो गईं। सवाल: राज्यसभा के चुनाव में एक-एक वोट की कीमत है। कितनी वोट क्रॉस हुई, कितनी रद हुई और रद होने के क्या कारण रहे? जवाब: चुनाव में कुल पांच वोट रद हुए हैं। चार वोट किसके हैं और एक वोट किसका है, यह मैं अधिकृत रूप से नहीं कह सकता। मुझे इतना पता है कि कुल पांच वोट रद हुए हैं। अधिकतर वोटों के रद होने का कारण मतपत्र पर निशान बना है। कुछ सीक्रेसी लीक भी कारण बना। कितनी वोट क्रॉस हुई है, यह देखना, बताना अथवा इस पर निगाह रखना मेरे अधिकार क्षेत्र का मामला नहीं है। यह विशुद्ध रूप से राजनीतिक इश्यू है। चुनाव के एजेंटों को पता होगा कि किस पार्टी के किस विधायक की वोट क्यों क्रास हुई। सवाल: कुछ विधायक आरोप लगा रहे हैं कि राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया काफी देर तक बाधित रही और इसी दौरान गड़बड़ी की प्रक्रिया को अंजाम दिया गया ? जवाब: मैंने अभी कहा कि मतदान केंद्र में सभी दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे। इस सूचना में कोई दम नहीं कि मतदान प्रक्रिया बाधित रही। पौने तीन बजे के आसपास तक सभी वोट पड़ चुके थे। सिर्फ दो वोट पड़ने बाकी थे। हमने चार बजे तक उनके आने की प्रतीक्षा की। समय पूरा होने के बाद प्रतीक्षा बंद कर मतगणना की प्रक्रिया चालू की गई। जिन मतों पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने आपत्ति जताई थी, उनका निस्तारण किया गया। इसकी भी एक प्रक्रिया होती है। उसे पूरी तरह से अपनाया गया। केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा समस्त आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद उनकी अनुमति से मतगणना आरंभ कर जीत के प्रमाण पत्र बांटे गए। सवाल: हरियाणा सरकार ने राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी होते ही आपका तबादला कर दिया। आपको अधिक महत्व के विभाग सौंपे गए। विपक्ष इसे आपको सरकार द्वारा पावरफुल करने के रूप में प्रचारित कर रहा है? जवाब: मैं कोई राजनीतिक आदमी हूं, जो अधिक पावरफुल या कम पावरफुल होगा। मैं प्रशासनिक अधिकारी हूं। आइएएस अधिकारी के रूप में किसी भी पद पर सेवाएं लेना सरकार के अधिकार क्षेत्र का मामला है। सरकार द्वारा सौंपी जाने वाली जिम्मेदारी को पूरा करना हमारा दायित्व है। पहले मेरे पास कृषि और खनन एवं भूगर्भ विभागों का दायित्व था। अब सरकार ने सिंचाई एवं जल संसाधन, सरस्वती हैरिटेज बोर्ड और खनन व भूगर्भ विभाग का काम सौंपा है। इसमें नई बात क्या है। यह सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। हरियाणा के राज्यसभा चुनाव में यह रहे नतीजे एक सीट पर भाजपा के संजय भाटिया जीते। कर्मवीर बौद्ध जीते। कर्मवीर बौद्ध की जीत भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल से मात्र 0.44 मतों के अंतर से हुई। कांग्रेस के पांच विधायकों ने सतीश नांदल के समर्थन में वोटिंग की, जिन्हे कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है कांग्रेस के चार और भाजपा के एक विधायक की वोट रद हुई है। राज्य की 90 विधानसभा सीटों में से भाजपा के 48, कांग्रेस के 37, इनेलो के दो और निर्दलीय तीन विधायक हैं इनेलो के दो विधायकों अर्जुन चौटाला व आदित्य देवीलाल ने स्वयं को इस चुनाव से अलग रखा।

ड्रग्स नेटवर्क पर करारा प्रहार: 95 हजार से ज्यादा तस्कर गिरफ्तार, 806 ड्रोन भी जब्त

चंडीगढ़. पंजाब में नशा तस्करी और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ चल रही कार्रवाई में सरकार ने बड़े आंकड़े पेश करते हुए दावा किया है कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। सरकार के मुताबिक सख्त पुलिसिंग और लगातार ऑपरेशन के चलते न केवल अपराध पर लगाम लगी है, बल्कि इसका असर उद्योग निवेश पर भी साफ दिख रहा है। सरकार के अनुसार 16 मार्च 2022 से अब तक 95,881 ड्रग तस्कर और सप्लायर गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि एनडीपीएस एक्ट के तहत 70,228 एफआईआर दर्ज हुई हैं। नशे के नेटवर्क पर आर्थिक चोट करते हुए 556 तस्करों की 772 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की गई है। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के गठन के बाद 3,658 गैंगस्टर गिरफ्तार किए गए और 1,105 गैंग मॉड्यूल का पर्दाफाश किया गया। इस दौरान 2,267 हथियार और 655 वाहन भी बरामद किए गए, जो अपराध में इस्तेमाल हो रहे थे। पंजाब की सुरक्षा देश से जुड़ी मुख्यमंत्री भगवंत मान ने साफ किया कि पंजाब की सुरक्षा केवल राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की सुरक्षा से भी जुड़ी है। पाकिस्तान से लगती 532 किलोमीटर लंबी सीमा के चलते पंजाब पुलिस को बीएसएफ के साथ फ्रंटलाइन पर काम करना पड़ता है। ड्रोन के जरिए हो रही तस्करी पर भी बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 806 ड्रोन बरामद किए गए हैं और 1,472 ड्रोन मूवमेंट ट्रैक की गई हैं। पुलिस के आधुनिकीकरण पर भी जोर दिया गया है। “बॉटम टू टॉप” मॉडल के तहत सबसे पहले थानों को मजबूत किया गया। अब तक 2,904 वाहन खरीदे गए हैं, जिन पर 327.70 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इनमें 2,258 चार पहिया और 646 दो पहिया वाहन शामिल हैं, जबकि 508 नई गाड़ियां पीसीआर टीमों को दी जानी हैं। भर्ती प्रक्रिया में लाई गई तेजी भर्ती प्रक्रिया को तेज करते हुए 450 हेड कांस्टेबल, 10,285 कांस्टेबल और 400 सिविलियन सपोर्ट स्टाफ की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा 2025 के लिए 1,746 और 2026 के लिए 3,298 कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया जारी है।  सरकार का कहना है कि मजबूत लॉ एंड ऑर्डर का ही नतीजा है कि पंजाब में स्टील, टेक्सटाइल समेत विभिन्न क्षेत्रों में निवेश बढ़ रहा है और राज्य एक सुरक्षित औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है।

बड़ी कार्रवाई: गैस एजेंसी में अनियमितता मिली, 961 सिलेंडर किए गए जब्त

दुर्ग. जिले के एक और गैस एजेंसी में जांच के दौरान गड़बड़ी सामने आई है. खाद्य महकमा की टीम ने गोल्डन गैस एजेंसी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. जहां गड़बड़ी सामने आने पर कुल 961 नग खाली एवं भरा हुआ रसोई गैस सिलेंडर जप्त किए गए हैं. गौरतलब है कई गैस एजेंसियों में बुकिंग के बाद भी समय पर सिलेंडर नहीं मिलने की शिकायतें आ रही है. जिसके मद्देनजर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय, नवा रायपुर से प्राप्त निर्देशों के परिपालन में जिले में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों तथा पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता एवं आपूर्ति व्यवस्था की सतत निगरानी की जा रही है. इसी कड़ी में पद्मनाभपुर स्थित गोल्डन भारत गैस की भी निरंतर शिकायतें खाद्य महकमा को मिल रही थी . प्राप्त शिकायत पर खाद्य विभाग के जांच दल द्वारा जांच की गई. खाद्य नियंत्रक अनुराग सिंह भदौरिया से मिली जानकारी के मुताबिक गोल्डन गैस एजेंसी एक भागीदार फर्म है जिसके 2 भागीदार मोहन लाल धुव्र एवं अंशुमन मढरिया है. जांच में भौतिक सत्यापन में स्टाक में अंतर पाया गया इसके आधार पर घरेलू गैस सिलेंडर (14.2 किग्रा) खाली 838 एवं भरे 48 नग, व्यावसायिक सिलेंडर (19 किग्रा) खाली 63 नग तथा 5 किग्रा सिलेंडर 22 नग (खाली) भागीदार अंशुमन मढरिया से जप्त किया गया. भदौरिया का कहना है कि प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जिले में एलपीजी गैस तथा पेट्रोल- डीजल की आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहे ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. इसके लिए विभाग द्वारा लगातार जांच की कार्रवाई जारी है आगे भी निरंतर जांच जारी रहेगा.

भोपाल में ईद के बाद नारे – अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद, सुन्नी और शिया मस्जिदों में अलग-अलग आयोजन

 भोपाल  ईद की नमाज के बाद भोपाल में शिया समुदाय ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। नमाज अदा करने के बाद सड़कों और इमामबाड़ा परिसर में “अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद” के नारे गूंज उठे। शिया समुदाय के लोग काली पट्टी बांधकर सादे और पुराने कपड़ों में इमामबाड़ा पहुंचे और इस बार ईद को शोक के साथ मनाने का फैसला किया। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शिया समुदाय पूरे देश में गम में डूबा हुआ है। भोपाल में भी राष्ट्रीय मुस्लिम त्यौहार कमेटी और स्थानीय शिया संगठनों ने ‘काली ईद’ का ऐलान कर दिया। लोगों ने ईद की रौनक छोड़कर सादगी अपनाई नए कपड़े नहीं पहने, घरों में पारंपरिक स्वीट्स नहीं बनाईं और नमाज के दौरान काली पट्टी बांधकर शोक जताया। भोपाल में शिया समुदाय ने फतेहगढ़ इमामबाड़ा में काली ईद मनाई। नमाज के बाद में अमेरिका और इजराइल के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। लोग काली पट्टी बांधकर सादे और पुराने कपड़ों में पहुंचे, जिससे गम का माहौल दिखा। इमामबाड़ा में आयतुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीर रखकर श्रद्धांजलि दी गई। तकरीर में मौलाना राजी उल हसन ने जुल्म के खिलाफ खड़े होने की बात कही। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के रुख का जिक्र करते हुए उनके विचारों की सराहना भी की। इसके अलावा फतेहगढ़ इमामबाड़ा में भी काली पट्टी बांधकर ईद मनाई गई। करौंद स्थित शिया जामा मस्जिद और अन्य इमामबाड़ों में ईद की नमाज के बाद श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित हुईं। इमाम मौलाना अजहर हुसैन रिजवी ने कहा, “खामेनेई साहब जालिम के खिलाफ और मजलूम के साथ खड़े रहने वाले निडर रहबर थे। उनकी शहादत से उम्मत-ए-मुसलमान खुद को यतीम महसूस कर रही है, लेकिन शहादत विचारधारा को कमजोर नहीं करती, बल्कि मजबूत बनाती है।” इमाम बाकर हुसैन ने भी संबोधित करते हुए कहा, “पूरी दुनिया जानती है कि उन्होंने जुल्म के खिलाफ आवाज उठाई और इस्लामी इंकलाब के सिद्धांतों को आगे बढ़ाया। इतिहास गवाह है कि एक व्यक्ति की शहादत से आंदोलन नहीं रुकता।” सभा में खामेनेई जिंदाबाद, अमेरिका मुर्दाबाद और इजराइल मुर्दाबाद के नारे लगे। शिया समुदाय के नेताओं ने तीन दिवसीय शोक की घोषणा की है। उन्होंने अपील की कि ईद की नमाज सादगी से अदा की जाए और फिलिस्तीन-ईरान के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ एकजुट रहा जाए। भोपाल के अलावा इंदौर, दिल्ली, लखनऊ और अन्य शहरों में भी इसी तरह का मातम देखा जा रहा है।  

सीएम योगी के निर्देश पर यूपीएसआईएफएस में जल्द स्थापित की जाएंगी पांच लैब्स

योगी सरकार अपराध के बदलते तरीकों पर पांच नई लैब्स से लगाएगी ब्रेक  सीएम योगी के निर्देश पर यूपीएसआईएफएस में जल्द स्थापित की जाएंगी पांच लैब्स – क्वांटम कंप्यूटिंग लैब, चैलेंज्ड ऑडियो-वीडियो लैब, 3-डी प्रिंटिंग लैब, एससीएडीए लैब और डिजिटल फॉरेंसिक लैब की जाएंगी स्थापित नई लैब्स से केसों के निस्तारण में आएगी तेजी और दोषियों को जल्द सजा दिलाने में मिलेगी मदद :सीएम योगी लखनऊ योगी सरकार ने अपराध के बदलते तरीकों पर रोक लगाने के लिए यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज में पांच नई लैब स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन लैब के जरिये इंस्टीट्यूट के छात्र अपराध के विभिन्न स्वरूपों की जांच करने के तरीके सीख सकेंगे। इसके साथ ही यूपी पुलिस के जांबाज भी इन लैब्स से विभिन्न तरीकों से होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने के गुण सीख सकेंगे। योगी सरकार इंस्टीट्यूट में क्वांटम कंप्यूटिंग लैब, चैलेंज्ड ऑडियो-वीडियो लैब, 3-डी प्रिंटिंग लैब, आईटी/ओटी सिक्योरिटी के लिए एससीएडीए लैब और डिजिटल फॉरेंसिक लैब शुरू करेगी। इन लैब्स के शुरू होने से प्रदेश में अपराधों की जांच और साक्ष्य विश्लेषण की क्षमता में बड़ा सुधार होगा। गौरतलब है कि वर्तमान में इंस्टीट्यूट में पांच लैब्स संचालित हैं। इनमें एडवांस्ड साइबर फॉरेंसिक, एडवांस्ड डीएनए प्रोफाइलिंग, एआई-ड्रोन एंड रोबोटिक्स, डॉक्यूमेंटेशन एग्जामिनेशन और इंस्ट्रूमेंटेशन लैब्स शामिल हैं।  क्वांटम कंप्यूटिंग लैब से जटिल डाटा एनालिसिस को तेजी से सुलझाया जा सकेगा यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज के निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमेशा मॉर्डन टेक्नोलॉजी अपनाने पर जोर देते हैं। इसी कड़ी में सीएम योगी की मंशा के अनुरूप इंस्टीट्यूट में पांच नई लैब की स्थापना की तैयारी की जा रही है। इसमें क्वांटम कंप्यूटिंग लैब के माध्यम से जटिल डाटा एनालिसिस और एन्क्रिप्शन से जुड़े मामलों को तेजी और सटीकता से सुलझाया जा सकेगा। यह लैब साइबर अपराधों की जांच में विशेष रूप से उपयोगी साबित होगी। वहीं, चैलेंज्ड ऑडियो-वीडियो लैब उन मामलों में अहम भूमिका निभाएगी, जहां खराब गुणवत्ता वाले ऑडियो या वीडियो को स्पष्ट कर साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल करना होता है। डिजिटल फॉरेंसिक लैब से डिजिटल उपकरणों की डाटा रिकवरी की बढ़ेगी क्षमता 3-डी प्रिंटिंग लैब अपराध स्थलों के मॉडल तैयार करने, हथियारों के प्रतिरूप बनाने और घटनाओं के रीक्रिएशन में मदद करेगी। इससे जांच एजेंसियों को केस को बेहतर तरीके से समझने और अदालत में प्रभावी प्रस्तुति देने में सहायता मिलेगी। वहीं, एससीएडीए लैब आईटी और ओटी (ऑपरेशनल टेक्नोलॉजी) सुरक्षा से जुड़े मामलों की जांच के लिए महत्वपूर्ण होगी, खासकर औद्योगिक संस्थानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर होने वाले साइबर हमलों की पड़ताल में अहम भूमिका निभाएगी। इसके अलावा डिजिटल फॉरेंसिक लैब से मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरणों से डाटा रिकवरी और विश्लेषण की क्षमता बढ़ेगी। इससे साइबर क्राइम, वित्तीय धोखाधड़ी और अन्य तकनीकी अपराधों की जांच और भी प्रभावी हो सकेगी। नई लैब्स के शुरू होने से केसों के निस्तारण में आएगी तेजी  योगी सरकार द्वारा प्रदेश में फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। योगी सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में न केवल नए फॉरेंसिक संस्थानों की स्थापना पर जोर दिया है, बल्कि मौजूदा लैब्स को आधुनिक तकनीकों से लैस करने का भी काम किया है। पुलिस और जांच एजेंसियों को वैज्ञानिक साक्ष्य आधारित जांच के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे अपराधियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार किए जा सकें। योगी सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश में न्याय प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया जाए। नई लैब्स के शुरू होने से केसों के निस्तारण में तेजी आएगी और दोषियों को जल्द सजा दिलाने में मदद मिलेगी। साथ ही, इससे प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने में भी योगदान मिलेगा।

जरही में कुदरत का कहर, आंधी तूफान वा बारिश के साथ गिरे ओले

जरही में कुदरत का कहर, आंधी तूफान वा बारिश के साथ गिरे ओले राजेंद्रग्राम  मुख्यालय परिसर से लगभग 8 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत जरही में करीब 7:00 बजे अचानक बदला मौसम ने किसानो की चिंता बढ़ा दी और हवा तूफान के साथ गरज चमक शुरू हो गई बारिश कुछ ही देर में तेज वर्षा में बदल गई इस दौरान बड़े आकार के ओले गिरने से हजारों एकड़ में लगी फसल प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है तेज हवा और बिजली की चमक के साथ करीब 20 मिनट तक बारिश हुई बे मौसम वर्षा के साथ गिरे ओलों ने खेतों में खड़ी कटी हुई गेहूं दलहन फसल जैसे चना,मसूर,तुअर एवम तिलहन फसल अलसी को भारी नुक्सान पहुंचाया है। इस समय क्षेत्र में फसल कटाई का दौरा चल रहा है ऐसे में अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसने की मेहनत पर पानी फेरने का खतरा बढ़ा दिया है खेतों में रखी फसल के भीगने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होना की आशंका है। बारिश के कारण खेतों में पड़ी फसल भींगने से गेहूं की फसल भींगने से चलिए गेहूं की फसल में चमक और गुणवत्ता में प्रभावित होने की आशंका बताई जा रही है। जिससे किसानों को उचित दाम मिलने मे परेशानी हो सकती है।

मुख्यमंत्री योगी की दूरदृष्टि व सुनियोजित कार्ययोजना से यूपी बना निवेशकों की पहली पसंद

₹7.5 लाख करोड़ की नई परियोजनाओं के साथ पांचवीं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी की तैयारी मुख्यमंत्री योगी की दूरदृष्टि व सुनियोजित कार्ययोजना से यूपी बना निवेशकों की पहली पसंद रिफॉर्म, परफॉर्म व ट्रांसफॉर्म के मंत्र से बदली प्रदेश की तस्वीर सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, हर मोर्चे पर तैयार की गई निवेश के लिए आदर्श जमीन लखनऊ उत्तर प्रदेश ने पिछले 9 वर्षों में जो परिवर्तन देखा है, वह केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक आर्थिक और औद्योगिक बदलाव की कहानी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदृष्टि व सुनियोजित कार्ययोजना के तहत “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” के मंत्र ने प्रदेश को निवेश के नक्शे पर नई पहचान दिलाई है। यह योगी सरकार की नियोजित कार्यशैली का नतीजा है कि अब तक चार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) के जरिये लगभग ₹15 लाख करोड़ की परियोजनाएं धरातल पर उतारी जा चुकी हैं, जबकि ₹7.5 लाख करोड़ की नई परियोजनाओं के साथ पांचवीं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी की तैयारी है। निवेश व उद्यमिता के मोर्चे पर बुरी तरह पिछड़ रहे उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 में योगी सरकार आने पर स्थिति में सुधार के लिए बिंदुवार योजना तैयार की गई। सबसे पहले योजनाबद्ध तरीके से सिस्टम में सुधार (रिफॉर्म) किया गया, फिर परफॉर्मेंस के जरिए नीतियों को जमीन पर उतारा गया और अंततः ट्रांसफॉर्म के माध्यम से प्रदेश की छवि बदल गई। हर क्षेत्र के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया, निवेश प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाया गया। निवेश व उद्योग के रास्ते में आने वाली बाधाओं को पहचान कर ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत 13 अधिनियमों में 99% छोटे आपराधिक प्रावधान समाप्त कर कारोबार को आसान किया गया। प्रदेश में निवेश के अनुकूल माहौल तैयार करना केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार कर निवेश के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार किया गया। उद्योगों के लिए प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं और डि-रेगुलेशन सुधार लागू किए गए। इसी का परिणाम है कि योगी सरकार के अस्तित्व में आने के बाद यूपी को ₹50 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।  योगी सरकार की नीति प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए सेक्टरवार विशेष औद्योगिक क्षेत्रों का विकास करना भी रही। इसके तहत राज्य में उद्योग विशेष के लिए क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। फिल्म सिटी, टॉय पार्क, लॉजिस्टिक हब (यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र), फार्मा पार्क (झांसी-ललितपुर) मेगा टेक्सटाइल पार्क (लखनऊ-हरदोई), परफ्यूम पार्क (कन्नौज), प्लास्टिक, गारमेंट और लेदर क्लस्टर (गोरखपुर, कानपुर, हरदोई) क्षेत्र विशेष के निवेश को आकर्षित करने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं।  निवेश का ड्रीम डेस्टिनेशन बनकर उत्तर प्रदेश 1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनने के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार का स्पष्ट फोकस हाईटेक सेक्टर जैसे एआई, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स और उन्नत विनिर्माण पर है, जहां निवेश के साथ-साथ युवाओं के लिए नए अवसर भी तैयार हो रहे हैं। साथ ही, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क जैसे मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए निवेश को गति दी जा रही है। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश की कहानी अब महज सुधार तक सीमित नहीं, बल्कि एक व्यापक परिवर्तन की मिसाल बन चुकी है, जहां “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” का मंत्र प्रदेश को सुरक्षित, सक्षम और निवेश के लिए सबसे उपयुक्त गंतव्य में बदल चुका है।

लखीमपुर की सरिता बनीं सफल उद्यमी, पीएमईजीपी योजना से मिली नई राह

पीएमईजीपी योजना से बदली किस्मत, लखीमपुर की सरिता बनीं सफल उद्यमी सीमित संसाधनों से बनीं लाखों कमाने वाली उद्यमी,  आत्मनिर्भर बनकर पेश की मिसाल गांव की बेटी ने खड़ा किया 25 लाख का उद्योग, ऑयल मिल से 27 लोगों को मिला रोजगार गांव-गांव तक पहुंच रहीं सरकार की महत्वकांक्षी योजनाएं, रोजगार मांगने वाले नहीं रोजगार देने वाले बन रहे प्रदेश के युवा लखनऊ योगी सरकार ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का जो संकल्प लिया है, वह केवल एक नारा नहीं बल्कि लाखों युवाओं के जीवन में बदलाव की कहानी बन चुका है। सरकार की योजनाएं आज गांव-गांव तक पहुंच रहीं हैं और युवाओं को रोजगार देने के साथ-साथ उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रहीं हैं। इसी संकल्प की एक प्रेरणादायक मिसाल लखीमपुर खीरी की सरिता सिंह हैं। लखीमपुर खीरी के ग्राम बुझारी की रहने वाली सरिता सिंह ने सीमित संसाधनों और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद कुछ अलग करने का सपना देखा। सरकार की ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम’ (PMEGP) योजना ने उनके इस सपने को साकार करने का रास्ता दिखाया। 25 लाख रुपये का ऋण लेकर उन्होंने तेल कोल्हू (ऑयल मिल) उद्योग की शुरुआत की। उन्होंने सरसों के तेल का उत्पादन शुरू किया और आधुनिक तकनीक से उसे फिल्टर कर व्यापारियों तक पहुंचाने लगीं। आज उनकी इकाई प्रतिदिन 12 क्विंटल सरसों तेल का उत्पादन करती है। सरिता सिंह की सफलता सिर्फ उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि ही नहीं है, बल्कि पूरे गांव के लिए प्रेरणा बन गई है। उनके उद्योग में आज 27 लोगों को रोजगार मिला हुआ है। इससे गांव के कई परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधरी है और लोगों में आत्मनिर्भर बनने का विश्वास बढ़ा है। आज सरिता सिंह हर महीने लगभग 1 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहीं हैं। उन्होंने सरकारी सहयोग और दृढ़ संकल्प से अपने सपनों को साकार कर दिखाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के विजन के तहत ऐसे ही हजारों युवा आज अपने पैरों पर खड़े हो रहे हैं और राज्य को आर्थिक रूप से मजबूत बना रहे हैं। ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम’ (PMEGP) सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा संचालित एक प्रमुख क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है, जो नए स्वरोजगार उपक्रम स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पारंपरिक कारीगरों और बेरोजगार युवाओं को सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण के साथ मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान करना है।