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सीएम मोहन यादव जयपुर में निवेशकों से करेंगे मुलाकात, टेक्सटाइल से लेकर EV तक के अवसरों पर चर्चा

भोपाल  पिछले कुछ वर्षों में मध्यप्रदेश सरकार निवेश बढ़ाने के लिए लगातार कोशिश कर रही है। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mp cm dr mohan yadav) शनिवार को देश के उद्योगपतियों से सीधा संवाद करेंगे। जयपुर में 21 मार्च को बड़ा कार्यक्रम होने जा रहा है। जिसमें टेक्सटाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, ऑटोमोबाइल, फूड प्रोसेसिंग और पर्यटन के क्षेत्र में काम करने वाले निवेशक शामिल हो रहे हैं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को राजस्थान की राजधानी जयपुर में रहेंगे। वे जयपुर के आईटीसी राजपूताना में आयोजित निवेशकों के बड़े कार्यक्रम (Investment Summit) में उद्योगपतियों से वन टू वन संवाद करेंगे। कार्यक्रम का नाम 'इंटरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्यूनिटीज इन मध्यप्रदेश' है। इस कार्यक्रम में खास प्रोजेक्ट और निवेश की नई योजनाओं पर चर्चा की जाएगी। सीएम मोहन यादव उद्योगपतियों से मीटिंग कर टेक्सटाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, ऑटोमोबाइल, फूड प्रोसेसिंग और टूरिज्म के क्षेत्र में निवेश पर बात करेंगे। जयपुर में दूसरा बड़ा आयोजन एमपी सरकार (mp govt) की मंशा है कि मध्यप्रदेश में अधिक से अधिक उद्योग आएं और युवाओं के लिए रोजगार बढ़े। मोहन सरकार ने इसके लिए मध्यप्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए नई औद्योगिक नीति भी बनाई है। इसमें उद्योग लगाने की और निवेश की प्रक्रिया को आसान बनाया है। इससे निवेशकों को पूरी कागजी कार्यवाही में परेशानी न हो। कुछ दिन पहले भीलवाड़ा में एक्सटाइल सेक्टर को लेकर इसी प्रकार का आयोजन हो चुका है, इसके बाद यह दूसरा बड़ा आयोजन जयपुर में हो रहा है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्पष्ट संदेश है कि मध्यप्रदेश अब संभावनाओं तक सीमित राज्य नहीं रहा, बल्कि नीतिगत स्पष्टता, त्वरित निर्णय क्षमता और मजबूत औद्योगिक आधार के साथ निवेश को धरातल पर उतारने वाला अग्रणी राज्य बन चुका है। उनका मानना है कि निवेश केवल पूंजी का प्रवाह नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, कौशल विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और समग्र क्षेत्रीय विकास का माध्यम है। एमपी में चल रहा है काम मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में कई जिलों में नए उद्योग विकसित किए जा रहे हैं। उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क, ग्वालियर में फुटवियर पार्क, जबलपुर में डिफेंस हब और धार में पीएम मित्रा पार्क बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा आईटी पार्क और स्किल डेवलपमेंट सेंटर पर भी काम तेजी से चल रहा है। राज्य सरकार ने साल 2026 को ‘कृषि वर्ष’ घोषित किया है, जिससे खेती और फूड प्रोसेसिंग से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा मिल सके। जयपुर (jaipur) में होने वाले इस बड़े आयोजन का मकसद भी यह है कि राजस्थान और आसपास के निवेशकों को मध्यप्रदेश में आकर्षित किया जा सके और उनसे निवेश कराया जा सके। इससे मध्यप्रदेश में विकास बढ़े और रोजगार के नए-नए अवसर भी निर्मित हों।  

RTE एडमिशन में नया बदलाव, अब सिर्फ 1425 बच्चों को मिलेगा दाखिला, केजी और नर्सरी बंद

दुर्ग  छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जिले में आरटीई सीटों में भारी कटौती करते हुए संख्या घटाकर केवल 1425 कर दी गई है। पिछले वर्ष जहां 4267 सीटें उपलब्ध थीं, वहीं इस बार 2842 सीटें कम कर दी गई हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।  केजी-नर्सरी खत्म, अब सीधे पहली कक्षा में प्रवेश इस बार सबसे बड़ा बदलाव यह किया गया है कि केजी-1, केजी-2 और नर्सरी कक्षाओं को आरटीई दायरे से बाहर कर दिया गया है। अब केवल पहली कक्षा में ही प्रवेश दिया जाएगा। इससे पहले निजी स्कूलों में इन शुरुआती कक्षाओं में भी आरटीई के तहत दाखिले होते थे। विभाग को अब तक 2533 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जबकि सीटें सिर्फ 1425 ही हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में बच्चों का चयन नहीं हो पाएगा। इससे अभिभावकों के बीच प्रतिस्पर्धा और चिंता दोनों बढ़ गई हैं। निजी स्कूलों की संख्या भी घटी पिछले वर्ष जहां 540 निजी स्कूलों को आरटीई के तहत चिन्हांकित किया गया था, इस बार उनकी संख्या घटकर 528 रह गई है। इससे भी सीटों में कमी का असर साफ नजर आ रहा है। निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत वर्ष 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन की जा रही है। आरटीई पोर्टल के माध्यम से आवेदन और चयन की प्रक्रिया संपन्न होगी। पहले चरण का शेड्यूल जारी आरटीई प्रवेश प्रक्रिया के पहले चरण का शेड्यूल भी जारी कर दिया गया है। इसके तहत ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित की गई है, जबकि नोडल वेरिफिकेशन की प्रक्रिया 16 फरवरी से 31 मार्च तक चलेगी। इसके बाद 13 से 17 अप्रैल के बीच लॉटरी के माध्यम से सीटों का आबंटन किया जाएगा। चयनित छात्रों का स्कूल में प्रवेश 1 मई से 30 मई के बीच कराया जाएगा, वहीं 2025-26 सत्र की शुल्क प्रतिपूर्ति का सत्यापन कार्य 25 मई से 25 जून तक पूरा किया जाएगा। दूसरे चरण की समय-सारणी द्वितीय चरण के तहत आरटीई प्रवेश प्रक्रिया की समय-सारणी भी जारी कर दी गई है, जिसके अनुसार नए स्कूलों का रजिस्ट्रेशन 8 से 20 जून तक किया जाएगा। इसके बाद नोडल अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) द्वारा सीटों का वेरिफिकेशन 8 जून से 25 जून तक किया जाएगा। छात्र पंजीयन की प्रक्रिया 1 से 11 जुलाई के बीच पूरी होगी, जबकि नोडल वेरिफिकेशन 1 से 15 जुलाई तक किया जाएगा। इसके पश्चात 27 से 31 जुलाई के बीच लॉटरी और सीटों का आबंटन किया जाएगा, वहीं चयनित छात्रों की स्कूल में प्रवेश प्रक्रिया 3 से 17 अगस्त तक पूरी की जाएगी। अभिभावकों में बढ़ी चिंता सीटों में भारी कटौती और कक्षाओं के दायरे में बदलाव के कारण इस बार बड़ी संख्या में बच्चों को आरटीई का लाभ नहीं मिल पाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे निजी स्कूलों में शिक्षा हासिल करने का अवसर सीमित हो सकता है, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए।

युवा भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के ध्वजवाहक : मंत्री सारंग

विकसित भारत युवा संसद 2026: समापन कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग शुक्रवार को मध्यप्रदेश विधानसभा परिसर स्थित मानसरोवर भवन में आयोजित विकसित भारत युवा संसद-2026 प्रतियोगिता के राज्य स्तरीय समापन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए युवा प्रतिभागियों से संवाद किया एवं उनके विचारों की सराहना कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रदेश के 54 जिलों से चयनित 270 युवा प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से शीर्ष 3 प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि यह मंच केवल संवाद का माध्यम नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए विचारों की ऊर्जा का केंद्र है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में युवा भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रमुख ध्वजवाहक हैं। विकसित भारत-2047 का संकल्प तभी साकार होगा, जब युवा संस्कारित, अनुशासित और जिम्मेदार होंगे। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को नवाचार, स्टार्टअप, तकनीक, शोध एवं नेतृत्व के क्षेत्र में व्यापक अवसर प्रदान कर रही है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही प्रदेश एवं देश की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति सुनिश्चित की जा सकती है। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा युवाओं को सशक्त बनाने के लिये विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें खेलो एमपी यूथ गेम्स, प्रत्येक विधानसभा में खेल परिसर की स्थापना, पार्थ योजना, फिट इंडिया क्लब, मध्यप्रदेश युवा प्रेरक अभियान, युवा उत्सव, खेलो बढ़ो अभियान तथा सहकारिता के माध्यम से खेल एवं युवा गतिविधियों को प्रोत्साहन शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक युवा को चेंजमेकर के रूप में विकसित करना है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि विकसित भारत युवा संसद का मुख्य उद्देश्य युवाओं को संसदीय प्रक्रिया एवं लोकतांत्रिक मूल्यों से परिचित कराना, उनके नेतृत्व, संवाद एवं निर्णय लेने की क्षमता का विकास करना तथा समसामयिक राष्ट्रीय मुद्दों पर उनके विचारों को मंच प्रदान करना है। इससे विकसित भारत 2047 के विज़न में युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित होगी।  

प्रभारी मंत्री उइके ने सरई में मल्टीस्पेशियलिटी मेगा स्वास्थ्य शिविर का किया अवलोकन

भोपाल सरई के संदीपनी विद्यालय मैंदान में आयोजित मल्टीस्पेशियलिटी मेगा स्वास्थ्य शिविर का प्रभारी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उईके ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने डॉक्टरों से मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। प्रभारी मंत्री स्वास्थ्य शिविर में विभिन्न बिमारियों जैसे नाक-कान-गला, सामान्य मेडिसन, हृदय रोग, श्वास एवं क्षय रोग (राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम), चर्म रोग, नेत्र रोग, मानसिक स्वास्थ्य, स्त्री रोग, सर्जरी एवं कैंसर, हड्डी रोग तथा दंत चिकित्सा कुष्ठ रोग स्क्रीनिंग, कैसर स्क्रीनिंग, क्षय रोग स्की्रनिंग, जैसी सेवाएं के लिये लगाये कैम्प का अवलोकन किया। उन्होंने शिविर में मरीजों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा उपचार की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया। मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि इस तरह के शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिविर में विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मरीजों की जांच की और उन्हें निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं। साथ ही गंभीर रोगों से ग्रसित मरीजों को आगे के उपचार के लिए चिन्हित किया गया। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन नियमित रूप से किया जाए, जिससे अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके। मल्टीस्पेशियलिटी मेगा स्वास्थ्य शिविर के दौरान प्रभारी मंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगाई गई पोषण प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने संतुलित आहार का स्वाद चखा और उसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी ली। नवरात्रि के पावन अवसर पर मंत्री श्रीमती उइके ने कन्याओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण देखने को मिला। इसके साथ ही उन्होंने शिविर में उपस्थित गर्भवती महिलाओं से संवाद किया, उनकी सेहत और देखभाल से जुड़ी जानकारी ली तथा उन्हें और उनके आने वाले बच्चों के स्वस्थ एवं सुखद जीवन की कामना की। मेगा स्वास्थ्य शिविर में उपस्थित विशेषज्ञ चिकित्सकों को उत्कृष्ट चिकित्सकीय सेवा एवं जनहित में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिये प्रभारी मंत्री ने मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया। शिविर का विधायक श्री राजेन्द्र मेश्राम, कलेक्टर श्री गौरव बैनल, पुलिस अधीक्षक श्री मनीष खत्री के ने भी अवलोकन कर उपस्थित चिकित्सकों से शिविर में उपलब्ध व्यवस्थाओ के संबंध में जानकारी भी ली।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने इंडियन हैबिटैट सेंटर का किया अवलोकन

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने नई दिल्ली में इंडियन हैबिटेट सेंटर का अवलोकन किया। उन्होंने परिसर के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं एवं गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर सेंटर के निदेशक तथा माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलगुरु श्री के.जी. सुरेश भी उपस्थित रहे। उन्होंने परिसर के संचालन और सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।  

कैंपस सुरक्षा पर सवाल: पंजाब यूनिवर्सिटी में बेलगाम अपराध, बाहरी तत्व सक्रिय

चंडीगढ़. पंजाब यूनिवर्सिटी में सुरक्षा घेरा ध्वस्त कर अपराधी बैखौफ वारदातों को अंजाम दे रहे है। इस पर लगाम लगाने में पुलिस विभाग समेत पीयू सिक्योरिटी पूरी तरह विफल दिखाई दे रही है। कैंपस में बीते वर्षों में हुई वारदातों से सबक लेते कुछ महीनों पहले 100 के करीब नए सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति की गई थी, लेकिन हालात जस की तस बने हुए है। तीनों गेटों पर जांच होने के बाद भी अपराधी हथियार लेकर कैंपस में घुस रहे है। एंट्री गेटों पर आधे से अधिक लोगों की जांच नहीं की जा रही है। छात्र नेता जश्न सिंह जवंदा पर फायरिंग मंगलवार शाम चार हथियारबंद युवकों ने सोपू छात्र संगठन से जुड़े नेता जश्न सिंह जवंदा पर फायरिंग कर दी थी। यह घटना यूनिवर्सिटी के बॉटनी विभाग की पार्किंग में हुई, जहां जश्न सिंह जवंदा मौजूद था। हमलावर चोरी की एक्टिवा पर सवार होकर आए थे और उन्होंने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। जवंदा मंगलवार शाम पीयू परिसर में किसी कार्य से आया हुआ था और बॉटनी विभाग के बाहर खड़ा था। इसी दौरान बैग लिए दो युवक उसके पास पहुंचे। एक युवक ने अचानक बैग से पिस्टल निकाली और जश्न सिंह पर फायर कर दिया। गोली चलते ही जश्न सिंह अपनी जान बचाने के लिए भागा। हमलावर ने उसका पीछा करते हुए एक और राउंड फायर किया। दोनों गोलियां उसे नहीं लगीं और वह सुरक्षित बच गया। घटना के समय हमलावरों के दो अन्य साथी पहले से स्टार्ट एक्टिवा पर इंतजार कर रहे थे। फायरिंग के तुरंत बाद चारों आरोपित उसी एक्टिवा पर सवार होकर मौके से फरार हो गए थे। सिंगर मासूम शर्मा की स्टार नाइट में बवाल इससे पहले बीते वर्ष 28 अप्रैल को हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा की स्टार नाइट में कुछ बाहरी लोगों ने कैंपस में घुसकर स्टूडेंट्स पर चाकू से हमला कर दिया था। पीजीआई में इलाज के दौरान आदित्य ठाकुर नाम के एक छात्र की मौत भी हो गई थी। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हुई चाकूबाजी से छात्र की हत्या के बाद पीयू का माहौल पूरी तरह गरमा गया था। इसके साथ बीते वर्ष ही हॉस्टल नंबर में सात में दो दोस्तों ने एक हिमाचल निवासी आउटसाइडर को चरस के धुएं से सीपीआर और कंबल से मुंह दबाकर मौत के घाट उतार दिया था। यूनिवर्सिटी में बाहरी लोगों का प्रवेश जारी इन सबके बावजूद बीती रात हॉस्टल नंबर 6 में दो आउटसाइडर छिपकर बैठे हुए थे, जिनको निकालने के लिए पुलिस को हॉस्टल में आना पड़ा। कैंपस में बाहरी लोगों की बढ़ती आवाजाही के कारण कई अप्रिय घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पीयू प्रशासन की ओर से सुरक्षा के दावे तो बड़े-बड़े किए जाते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि हास्टल में बिना किसी रोक-टोक के बाहरी लोग आते-जाते रहे हैं, जिससे छात्र-छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है।

विश्वस्तरीय खिलाड़ी तैयार करने के साथ विश्वस्तरीय कोच भी करने होंगे तैयार : मंत्री सारंग

भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय कैनोइंग-कयाकिंग शैक्षणिक कोचिंग कार्यक्रम का आयोजन भोपाल राजधानी भोपाल में मध्यप्रदेश कैनोइंग-कयाकिंग संघ द्वारा शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय कैनोइंग-कयाकिंग शैक्षणिक कोचिंग कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों एवं देशभर से आए कोचों का सम्मान किया और उनसे संवाद भी किया। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त आधार बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में खेलों के विकास के लिये किए जा रहे सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप भारतीय खेल संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। आधुनिक खेल अवसंरचना, विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं तथा खिलाड़ियों और कोचों के लिए व्यापक सहयोग इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक प्रशिक्षण सत्र नहीं बल्कि भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने और भविष्य के चैंपियंस तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मंत्री श्री सारंग ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि यदि भारत को विश्वस्तरीय खिलाड़ी तैयार करने हैं, तो समान रूप से विश्वस्तरीय कोच तैयार करना अनिवार्य है। यह शैक्षणिक कोचिंग कार्यक्रम इस दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा। विश्वस्तरीय विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव प्रशिक्षण कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों की सहभागिता रही, जिनमें अलेक्सांद्र निकोनोरोव, कतेरीना सालांडोवा, चाबा सान्टो, महमूदी ज़कारिया, ज्याँ मिशेल प्रोनों एवं एन्खजार्गल जिगिडसुरेन शामिल रहे। इन विशेषज्ञों ने अपनी तकनीकी दक्षता, अनुभव और आधुनिक कोचिंग पद्धतियों के माध्यम से भारतीय कोचों को उन्नत प्रशिक्षण तकनीकों एवं नवीन दृष्टिकोण से अवगत कराया। कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी इस बात पर विशेष जोर दिया कि खेलों में सफलता केवल प्रतिभा पर निर्भर नहीं करती बल्कि वैज्ञानिक प्रशिक्षण, मानसिक सुदृढ़ता, तकनीकी समझ, संतुलित पोषण, प्रभावी रिकवरी तथा मजबूत सपोर्ट सिस्टम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे उसके कोच, सपोर्ट स्टाफ और संपूर्ण खेल तंत्र का सामूहिक योगदान होता है।  

पानी बचाने में सबकी भागीदारी जरूरी: मंत्री श्रीमती उईके का आह्वान

निगरी के मौहरी टोला स्थित तालाब के गहरीकरण एवं गाद निकासी कार्य का किया शुभारंभ भोपाल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके ने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत निगरी के मौहरी टोला स्थिति तालाब के गहरीकरण एवं गाद निकासी कार्य का विधिवत भूमि-पूजन कर कार्य का शुभारंभ किया। प्रभारी मंत्री ने कहा कि आज हम सब मौहरी टोला, ग्राम पंचायत निगरी, विकासखंड देवसर में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य तालाब गहरीकरण एवं जल संरचना संवर्धन के लिए एकत्रित हुए हैं। यह केवल एक विकास कार्य नहीं, बल्कि हमारे भविष्य को सुरक्षित करने का एक सामूहिक प्रयास है। उन्होंने कहा कि निगरी क्षेत्र में कुल 5 जल संरचनाएं हैं, जिनमें से यह प्रमुख तालाब लगभग 2.50 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इस तालाब का गहरीकरण हमारे लिए अत्यंत आवश्यक है, जिससे हम वर्षा जल का अधिक से अधिक संचयन कर सकें और आने वाले समय में जल संकट से बच सकें। प्रभारी मंत्री ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि जल ही जीवन है। यदि आज हम जल का संरक्षण नहीं करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। तालाब के गहरीकरण से न केवल भू-जल स्तर बढ़ेगा, बल्कि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, पशुओं के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और पूरे क्षेत्र का पर्यावरण संतुलन भी बेहतर होगा। उन्होने कहा कि मैं आप सभी से आग्रह करती हूँ कि इस कार्य को केवल शासन की योजना न समझें, बल्कि इसे अपनी जिम्मेदारी मानकर इसमें सक्रिय भागीदारी निभाएं। जब जनभागीदारी जुड़ती है, तो हर अभियान सफल होता है। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री गौरव बैनल, पुलिस अधीक्षक श्री मनीष खंत्री, सीईओ जिला पंचायत श्री जगदीश गोमे, जनपद अध्यक्ष देवसर श्री प्रणव पाठक सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।  

ऊर्जा मंत्री तोमर ने नई दिल्ली में किया प्रदर्शनी का अवलोकन

उच्च वोल्टेज परिरक्षण सूट बना प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण भोपाल नई दिल्ली में आयोजित भारत इलेक्ट्रिसिटी सम्मेलन-2026 के दौरान ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने ऊर्जा विभाग द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉल का अवलोकन किया और उसकी सराहना की। प्रदर्शनी में प्रदर्शित उच्च वोल्टेज परिरक्षण सूट विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर को मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी, जबलपुर के कार्यपालक निदेशक (योजना एवं रूपांकन) श्री संदीप गायकवाड ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित अत्याधुनिक उच्च वोल्टेज परिरक्षण सूट की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने ऊर्जा मंत्री श्री तोमर को बताया कि इस सूट को पहनकर लाइन स्टाफ 400 केवी ट्रांसमिशन लाइनों में बिना विद्युत आपूर्ति बाधित किए ही खराबियों को दुरुस्त कर सकता है। यह तकनीक विद्युत आपूर्ति की निरंतरता बनाए रखने में अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए लाइन स्टाफ को हॉटलाइन प्रशिक्षण के साथ-साथ ‘बेयर हैंड’ तकनीक का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वे उच्च वोल्टेज लाइनों पर सुरक्षित रूप से कार्य कर सकें। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर को जानकारी दी गई कि जबलपुर स्थित संधारण कार्यालय में पदस्थ लाइनमेन श्री राजेंद्र कुमार कुशवाहा ने इस परिरक्षण सूट को पहनकर 400 केवी की चालू लाइनों में खराब डिस्क बदलने जैसे अत्यंत जटिल 60 से अधिक ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए हैं। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने इस तकनीक की उपयोगिता की सराहना करते हुए श्री कुशवाहा के उत्कृष्ट कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उन्हें सम्मानित भी किया।  

पुलिस कर्मियों की मानसिक मजबूती पर फोकस, भोपाल ऑफिसर्स मेस में योग एवं ध्यान सत्र आयोजित

विश्वविख्यात आध्यात्मिक गुरु श्री कमलेश पटेल (दाजी) ने कराया योग एवं ध्यान भोपाल पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में पुलिस कर्मियों में मानसिक संतुलन, आंतरिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भोपाल स्थित पुलिस ऑफिसर्स मेस में विशेष योग एवं ध्यान (मेडिटेशन) सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र का संचालन विश्वविख्यात आध्यात्मिक गुरु एवं हार्टफुलनेस संस्थान के मार्गदर्शक श्री कमलेश पटेल (दाजी) द्वारा किया गया। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने कहा कि यह दिवस मानसिक शांति, सकारात्मकता एवं संतुलित जीवन की दिशा में प्रेरित करने वाला है। उन्होंने कहा कि फरवरी 2025 में हार्टफुलनेस संस्थान के साथ हुए एमओयू के बाद प्रदेश की पुलिस इकाइयों में ध्यान एवं योग गतिविधियों को व्यापक रूप से क्रियान्वित किया गया है। पुलिस की 24 घंटे की तनावपूर्ण ड्यूटी को देखते हुए यह पहल कर्मियों को मानसिक राहत देने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। उन्होंने बताया कि वर्ल्ड मेडिटेशन डे के अवसर पर प्रदेश के लगभग 2800 स्थानों पर 50 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की सक्रिय सहभागिता एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। डीजीपी ने कहा कि इस पहल के सकारात्मक परिणाम स्पष्ट रूप से सामने आए हैं। पुलिस कर्मियों के ऊर्जा स्तर में वृद्धि, व्यवहार में सुधार, पारिवारिक संबंधों में मजबूती तथा तनाव में कमी देखी गई है। कई पुलिसकर्मियों द्वारा नकारात्मक आदतों, विशेष रूप से नशा छोड़ने की दिशा में, सराहनीय प्रयास किए गए हैं। अंत में उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों से नियमित ध्यान एवं योग अपनाने का आह्वान किया तथा इस पहल के प्रभाव का निष्पक्ष मूल्यांकन कराने का सुझाव भी दिया। उन्होंने दाजी एवं संस्थान की टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे पुलिस बल के लिए अत्यंत उपयोगी पहल बताया। इस अवसर पर हार्टफुलनेस संस्थान के मार्गदर्शक श्री कमलेश पटेल (दाजी) ने कहा कि हार्टफुलनेस ध्यान पद्धति अन्य ध्यान प्रणालियों से भिन्न है, जिसमें प्राण ऊर्जा के माध्यम से साधक की चेतना को उच्च स्तर तक विकसित करने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि दैनिक जीवन में व्यक्ति के मन पर अनुभवों, विचारों और भावनाओं के अनेक संस्कार जमा हो जाते हैं, जिससे मानसिक असंतुलन और तनाव उत्पन्न हो सकता है। हार्टफुलनेस में “क्लीनिंग” की प्रक्रिया के माध्यम से इन नकारात्मक प्रभावों को धीरे-धीरे दूर कर मन को हल्का और संतुलित बनाया जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि मनुष्य भी समाज और परिस्थितियों के कारण कई प्रकार की मानसिक पीड़ा का शिकार हो जाता है। ध्यान और आत्मचिंतन के माध्यम से व्यक्ति इन सीमाओं से मुक्त होकर अधिक स्वतंत्र और संतुलित सोच विकसित कर सकता है। श्री पटेल ने कहा कि सामाजिक, सांस्कृतिक एवं बाहरी प्रभाव व्यक्ति के विचारों को प्रभावित करते हैं, इसलिए पूर्वाग्रहों से मुक्त होकर जीवन को निष्पक्ष दृष्टि से देखना आवश्यक है। ध्यान का नियमित अभ्यास व्यक्ति के भावनात्मक संतुलन को बेहतर बनाता है तथा अनावश्यक मानसिक दबाव को कम करता है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि मानव जीवन का मूल उद्देश्य चेतना का विकास है और ध्यान इस दिशा में एक प्रभावी साधन है। नियमित ध्यान से एकाग्रता, आत्मनियंत्रण एवं निर्णय क्षमता में वृद्धि होती है, जो पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए अत्यंत उपयोगी है। कार्यक्रम के दौरान Brighter Minds कार्यक्रम का भी विशेष उल्लेख किया गया, जो बच्चों के मस्तिष्क विकास, एकाग्रता एवं आत्मविश्वास को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को ऐसी विशेष तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाता है, जिनसे उनकी स्मरण शक्ति, ध्यान क्षमता तथा सीखने की गति में सकारात्मक सुधार होता है। इस पहल में अब तक लगभग 3000 बच्चों ने भाग लिया है। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों, ध्यान अभ्यास एवं विशेष मानसिक अभ्यासों के माध्यम से अपने मस्तिष्क की क्षमता का बेहतर उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाता है। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती रुचिवर्धन मिश्रा सहित पुलिस विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।