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आरडीएसएस अंतर्गत मालवा निमाड़ का 87वां ग्रिड बुरहानपुर शहर में ऊर्जीकृत : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल  शासन की महत्वपूर्ण रिवेम्प्ड डिस्ट्रिब्य़ूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) में मालवा निमाड़ निमाड़ में नए 33/11 केवी ग्रिड श्रृंखलाबद्ध रूप से बनाए जा रहे हैं। आरडीएसएस अंतर्गत मालवा निमाड़ का 87वां सब स्टेशन बुरहानपुर शहर के मंडी क्षेत्र में ऊर्जीकृत किया गया। ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि इस नये ग्रिड से बुरहानपुर मध्य शहर के हजारों उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में ज्यादा गुणवत्ता से बिजली मिलेगी। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक  अनूप कुमार सिंह ने बताया कि निमाड़ का 26वां और पश्चिम क्षेत्र कंपनी का यह 87वां ग्रिड बुरहानपुर के मध्य शहरी क्षेत्र में 2.18 करोड़ रूपए से निर्मित हुआ है। इसकी क्षमता 5 एमवीए है। इससे मध्य शहरी क्षेत्र को ज्यादा गुणवत्ता से बिजली मिलेगी। निमाड़ में सबसे ज्यादा ग्रिड बुरहानपुर, खंडवा में 8, 8, खरगोन में 6, बड़वानी में 4 तैयार किए गए हैं। वहीं इंदौर शहर व ग्रामीण वृत्त में कुल 13, उज्जैन जिले में 12 ग्रिड तैयार किए गए हैं। शेष ग्रिड अन्य जिलों में तैयार किए गए हैं। कंपनी क्षेत्र में अब तक आरडीएसएस के 87 ग्रिड ऊर्जीकृत होकर विद्युत प्रदाय कर रहे हैं। आरडीएसएस के इन ऊर्जीकृत ग्रिडों से पश्चिम मप्र की वितरण क्षमता में 435 एमवीए की और वृद्धि हो चुकी है। कंपनी क्षेत्र में कुछ जिलों में ग्रिडों के कार्य अभी भी प्रगतिरत हैं।  

जिमखाना चुनावों की तारीख तय होगी 14 मार्च को? AGM बैठक पर टिकी नजरें

जालंधर जालंधर जिमखाना क्लब की वार्षिक सामान्य सभा (AGM) इस बार 14 मार्च को आयोजित होने जा रही है, और इसे क्लब की प्रमुख घटनाओं में से एक माना जा रहा है। AGM में लंबे समय से प्रतीक्षित क्लब चुनावों की तारीख की घोषणा की जाएगी। अनुमान है कि मतदान अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक हो सकते हैं, क्योंकि नियम के अनुसार चुनाव AGM के 45 दिनों के भीतर करवाए जाने जरूरी हैं। क्लब के परिसर में हाल ही में आयोजित प्रबंधन बैठक में वरिष्ठ पदाधिकारी और डिविजनल कमिश्नर मौजूद थे, जहां AGM की तारीख तय की गई। क्लब में वर्तमान में लगभग 4,320 सदस्य हैं, जिनकी संख्या अधिकतम 4,400 तक सीमित है। शहर के प्रतिष्ठित परिवार और उच्च अधिकारियों के जुड़ाव के कारण जिमखाना क्लब के चुनाव हमेशा से ही विशेष ध्यान का केंद्र रहे हैं। इस बार भी सभी की नजरें 14 मार्च पर टिकी हुई हैं।

10 हजार से अधिक विद्यार्थियों को रोजगार का प्रशिक्षण दिलाने का लक्ष्य

भोपाल  उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों को अप्रेंटिसशिप के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ उद्योग आधारित व्यावहारिक शिक्षा प्राप्त हो और रोजगारपरक कौशल में वृद्धि हो, इस उद्देश्य से बुधवार को अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (AEDP) को बढ़ावा देने के लिए अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  अनुपम राजन एवं आयुक्त उच्च शिक्षा  प्रबल सिपाहा की उपस्थिति में 85 महाविद्यालयों, 5 शासकीय एवं 3 निजी विश्वविद्यालयों ने क्रिस्प, नई दिल्ली (CRISP) के सहयोग से बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (BOAT-पश्चिमी क्षेत्र, मुम्‍बई) के साथ एमओयू किया। महाविद्यालय, विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों और बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (BOAT- पश्चिमी क्षेत्र) के पदाधिकारियों ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। राज्य स्तरीय समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर समारोह का आयोजन सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय में भोपाल में हुआ। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  अनुपम राजन ने कहा कि वर्ष 2024–25 में एईडीपी (Apprenticeship Embedded Degree Program) प्रारंभ किया गया था। विभाग का प्रयास है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसरण में, शिक्षा को रोजगारमूलक बनाया जाए तथा विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ, उद्योग जगत की आवश्यकता अनुरूप रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराई जाए।  राजन ने कहा कि वर्तमान में आईआईटी दिल्ली के सहयोग से AI, FinTech with AI एवं एईडीपी पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। आज की आवश्यकता के अनुरूप विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। उच्च शिक्षा विभाग, स्वयं पोर्टल सहित विभिन्न डिजिटल माध्यमों के जरिए निरंतर आगे बढ़ रहा है और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर रहा है।  राजन ने कहा कि एईडीपी पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों को अप्रेंटिसशिप की सुविधा मिलेगी। साथ ही अप्रेंटिसशिप अवधि के दौरान प्रतिमाह स्टाइपेंड भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एईडीपी कोर्स के क्रियान्वयन में निजी शैक्षणिक संस्थान भी आगे आ रहे हैं। विद्यार्थियों को रोजगार उपलब्ध करवाने की दिशा में विभाग लगातार कर रहा प्रयास आयुक्त,उच्च शिक्षा  प्रबल सिपाहा ने कहा कि विद्यार्थियों को रोजगार उपलब्ध करवाने की दिशा में, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कौशल आधारित एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों में रोजगार निमित्त कौशल बढ़ेगा और उन्हें करियर के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। सेवानिवृत्त आईएएस एवं संस्थापक सदस्य, सेंटर फॉर रिसर्च इन स्कीम्स एंड पॉलिसीज (Centre for Research in Schemes and Policies)  राधेश्याम जुलानिया ने क्रिस्प (CRISP) द्वारा किए जा रहे कार्यों के संबंध में महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों को विस्तार से जानकारी दी। एमओयू का उद्देश्य एमओयू कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को अप्रेंटिसशिप से जोड़ना है। इसके अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2025-26 में AEDP लागू करने वाले संस्थानों को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को उद्योग आधारित व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा, जिससे उनका रोजगार निमित्त कौशल निखरेगा। साथ ही अकादमिक शिक्षा को कौशल एवं उद्योग आवश्यकताओं से जोड़कर युवाओं को भविष्य के रोजगार अवसरों के लिए सक्षम और तैयार किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों को BOAT के अधिकारियों द्वारा नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम (NATS) पोर्टल की कार्यप्रणाली से भी अवगत कराया गया। समझौता हस्ताक्षर कार्यक्रम में डॉ. पी.एन. जुमले (निदेशक-प्रशिक्षण, Board of Apprenticeship Training (BOAT) – Western Region) सहित विश्वविद्यालयों के कुलगुरु, कुलसचिव तथा महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं नोडल अधिकारी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक वर्ष 2024–25 में एईडीपी (Apprenticeship Embedded Degree Program) प्रारंभ किया गया था। इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रारंभिक चरण में 6 सेक्टर स्किल काउंसिल से जुड़े 7 पाठ्यक्रमों का संचालन प्रदेश के 36 महाविद्यालयों एवं 5 विश्वविद्यालयों में किया गया। शैक्षणिक वर्ष 2025–26 में कार्यक्रम का विस्तार करते हुए 7 सेक्टर स्किल काउंसिल से संबद्ध 10 पाठ्यक्रमों का प्रदेश के 85 महाविद्यालयों एवं 5 विश्वविद्यालयों में संचालन किया जा रहा है। आगामी शैक्षणिक वर्ष 2026–27 में इसका और अधिक विस्तार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को कौशल आधारित एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।  

बिरसिंगपुर से आई गुड न्यूज, बिजली उत्पादन में ऐतिहासिक प्रदर्शन

भोपाल  विशेषज्ञ एजेंसि‍यों की सलाह अनुसार मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की जिस यूनिट को वार्ष‍िक रखरखाव के दौरान रोटर में क्रेक टरबाइन के लो-प्रेशर रोटर ग्रूव्स में गंभीर दरार होने और नए रोटर लगाने के लिए लगभग 48 माह लगते, उसी यूनिट को पावर जनरेटिंग कंपनी के इंजीनियरों ने इन-हाउस मरम्मत करके 100 दिन तक लगातार संचालित कर दिया। यहां जिस यूनिट का जिक्र किया जा रहा है वह संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर की 500 मेगावाट क्षमता यूनिट नंबर 5 है। इस यूनिट ने गत दिवस लगातार 100 दिन संचालित होने का रिकार्ड बनाया। यदि यह यूनिट विशेषज्ञ एजेंसियों की सलाह के आधार नए रोटर लगने तक लगभग चार वर्ष के लिए बंद रहती तो विद्युत उत्पादन का नुकसान होता। इसके अतिरिक्त नए रोटर की खरीद पर अतिरिक्त व्यय भी कंपनी को वहन करना पड़ता। विशेषज्ञ एजेंसि‍यों ने कहा रोटर को बदलना ही एकमात्र विकल्प संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर की 500 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर 5 को गत वर्ष 10 जुलाई को केपिटल ओवरहालिंग के लिए बंद किया गया था। रखरखाव के दौरान जानकारी मिली कि टरबाइन के लो-प्रेशर (LP) रोटर ग्रूव्स में गंभीर दरारें हैं। विस्तृत तकनीकी परीक्षण एवं मूल्यांकन के उपरांत एजेंसियों के विशेषज्ञों ने रोटर को भविष्य की सेवा के लिए अनुपयुक्त बताते हुए नया रोटर लगाने की अनुशंसा की। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी ने खराब एलपी रोटर को इन-हाउस मरम्मत करने का साहसिक निर्णय लिया रोटर की मरम्मत करके यूनिट को पुन: विद्युत उत्पादन करने के लिए सक्षम बना दिया। देश में पहली बार यथा स्थान पर सुधारा गया रोटर देश में पहली बार किसी LP टरबाइन रोटर की यथा स्थान पर इस तरह की मरम्मत की गई। इस जटिल व मुश्क‍िल मरम्मत का सफल होना और उसके बाद 100 दिनों से यूनिट का एक सा संचालन इस कामयाबी को खास और शानदार बनाता है। उल्लेखनीय है कि यूनिट ने इसके बाद लगभग 1592 मिलियन यूनिट (MU) विद्युत उत्पादन करते हुए लगभग 97.97% प्लांट लोड फेक्टर (पीएलएफ), 98% प्लांट अवेलेबिलिटी फेक्टर (पीएएफ) और 5.48% ऑक्जलरी खपत का मापदंड अर्जित किया। राष्ट्रीय पटल पर कंपनी मनवा रही अपना लोहा मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक  मनजीत सिंह ने कहा कंपनी के अभियंता न सिर्फ विद्युत गृहों के सुचारु संचालन से राष्ट्रीय पटल पर कंपनी का नाम रोशन कर रहे हैं, बल्कि अपने तकनीकी कौशल और काबिलि‍यत से विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान सुदृढ़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तकनीकी नवाचार, जोखिम प्रबंधन और संसाधन अनुकूलन का टीम ने उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह उपलब्धि कंपनी के अभियंताओं व कार्मिकों की प्रतिबद्धता, दक्षता और टीम भावना का प्रमाण है। 

सेफ टूरिज्म की ओर बड़ा कदम, पर्यटन स्थलों पर महिला सुरक्षा को लेकर मंथन

भोपाल  मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित, संवेदनशील और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में “महिलाओं के लिये सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना” के अंतर्गत पर्यटन स्थलों पर महिला सुरक्षा: पुलिस की भूमिका एवं रणनीति विषय पर तीन दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन 26 से 28 फरवरी तक होटल पलाश रेसिडेंसी, भोपाल में किया जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य पर्यटन और पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर पर्यटन स्थलों पर महिला पर्यटकों की सुरक्षा, सहजता और विश्वास को मजबूत करना है। कार्यक्रम में गृह, पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग, पर्यटन बोर्ड, पर्यटन निगम और विभिन्न विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी रहेगी। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी. ने बताया कि प्रदेश में पर्यटन स्थलों को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने के लिए पर्यटन बोर्ड द्वारा लगातार प्रयास किये जाते रहे हैं। इसी क्रम में महिला पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पर्यटन स्थलों पर अधोसंरचना, पुलिस समन्वय, सामुदायिक सहभागिता और संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए इस तरह की कार्यशालाएं भविष्य में भी की जाएंगी। उन्होंने कहा इससे मध्यप्रदेश को सुरक्षित पर्यटन गंतव्य के रूप में पहचान को और मजबूती मिलेगी। कार्यशाला में 26 फरवरी को पर्यटन विभाग द्वारा समुदाय आधारित पर्यटन और महिला सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रस्तुति दी जाएगी, वहीं पुलिस विभाग महिला सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों और रणनीतियों पर चर्चा करेगा। समूह कार्यों के माध्यम से धार्मिक पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन, पुरातात्विक स्थलों, वन क्षेत्रों, विशेष आयोजनों, साहसिक पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर और साइबर धोखाधड़ी जैसे विषयों पर मंथन होगा। कार्यशाला में 27 फरवरी को समूह कार्यों से प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर एक्शन प्लान और पॉलिसी एडवोकेसी पर चर्चा की जाएगी। साथ ही खारी, भोजपुर, भीमबेठिका, वन विहार और भोपाल के आसपास के पर्यटन स्थलों का क्षेत्र भ्रमण कर जमीनी स्तर पर सुरक्षा और सुविधाओं का आकलन किया जाएगा। कार्यशाला में 28 फरवरी को कई राज्यों और देशों के केस स्टडी, विशेषज्ञ व्याख्यान, यूएन-विमेन की प्रस्तुति, जेंडर संवेदनशीलता, सामुदायिक पुलिसिंग और सोशल मीडिया की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तृत संवाद होगा। कार्यशाला का समापन स्मृति चिह्न वितरण के साथ किया जाएगा।  

बीहर रिवर फ्रंट शेष कार्य को शीघ्र पूर्ण करें: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में रीवा शहर में पुनर्घनत्वीकरण योजना की प्रगति एवं आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न विकास योजनाओं, अधोसंरचना उन्नयन तथा सौंदर्यीकरण कार्यों पर विस्तार से चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने विशेष रूप से बीहर नदी के रिवर फ्रंट विकास कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि नदी के पूर्वी तट का सौंदर्यीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि पश्चिमी तट का कार्य शेष है। उन्होंने पश्चिमी तट पर शेष रिवर फ्रंट कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि बीहर नदी के दोनों तटों का समग्र विकास होने से रीवा शहर को विशिष्ट पहचान मिलेगी तथा नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही पुनर्घनत्वीकरण योजना अंतर्गत अन्य प्रस्तावित कार्यों को भी समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में परियोजनाओं के क्रियान्वयन की गति बढ़ाने, आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृतियों को शीघ्र पूर्ण करने तथा समन्वय के साथ कार्य करने पर बल दिया गया। उन्होंने केंद्रीय जेल रीवा में पुनर्घनत्वीकरण योजना के कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्डल के आयुक्त  गौतम सिंह सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

कर्मचारी संगठनों ने CM साय से रखीं मांगें, समाधान का मिला भरोसा

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से आज यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य बजट में कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लिए कैशलैस चिकित्सा सुविधा शामिल किए जाने पर अभिनंदन करते हुए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री  साय से छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक  कमल वर्मा ने कहा कि यह निर्णय कर्मचारी वर्ग एवं उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक चिंता से मुक्ति मिलना एक ऐतिहासिक एवं कर्मचारी हितैषी कदम है। उन्होंने कहा कि फेडरेशन सरकार के इस संवेदनशील निर्णय का स्वागत करता है तथा आशा करता है कि भविष्य में भी कर्मचारी हितों को इसी प्रकार प्राथमिकता दी जाती रहेगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार अधिकारियों-कर्मचारियों के हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। कैशलैस चिकित्सा सुविधा का लाभ शासकीय कर्मचारियों और उनके परिवारों को मिलेगा। मेडिकल लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया के सरलीकरण से कर्मचारीगण अपने और अपने परिवार की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर निश्चिंत रहेंगे, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी कार्य गुणवत्ता पर भी पड़ेगा।  प्रतिनिधिमंडल में  कमल वर्मा (प्रांतीय संयोजक),  सुनील उपाध्याय,  जय कुमार साहू,  राजेश सिंघी,  संतोष कुमार वर्मा,  संजीत शर्मा,  देवाशीष दास,  लोकेश वर्मा,  अमित शर्मा, मती सोनाली तिडके,  आकाश त्रिपाठी,  जगेश्वर भट्ट,  दीपक सोनकर,  प्रवीण सिंह एवं मती निशा यादव उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने चित्रकूट के पं. दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान के कार्यक्रम को किया वर्चुअली संबोधित

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख केवल एक राजनेता नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन के महान साधक थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन ग्राम विकास-शिक्षा-स्वावलंबन के लिए समर्पित कर दिया और समाज सेवा के उद्देश्य को तप के साथ सिद्ध किया। स्व. नानाजी देशमुख का मानना था कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। जब गांव मजबूत होंगे तभी राष्ट्र मजबूत बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की 16वीं पुण्यतिथि के संदर्भ में चित्रकूट स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम को विधानसभा भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। स्व. नानाजी देशमुख की 16वीं पुण्यतिथि 27 फरवरी को है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट को भगवान  राम की तपोस्थली के साथ-साथ नानाजी देशमुख की कर्मस्थली होने का भी गौरव प्राप्त है। स्व. नानाजी देशमुख ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के सपने को मूर्त रूप देने के संकल्प को, चित्रकूट से ही साकार करने का प्रण किया। इस उद्देश्य से ही ग्रामीण विश्वविद्यालय की स्थापना 1991 में चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के रूप में की गई। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार स्व. नानाजी देशमुख की शिक्षाओं के अनुरूप समाज और देश के संवर्धन तथा सशक्तिकरण की दिशा में कार्य कर रही है। दीनदयाल शोध संस्थान, ग्रामीण विकास के साथ ही स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, कृषि, स्वावलंबन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में अनुकरणीय कार्य कर रहा है। राज्य सरकार विरासत के साथ विकास को ध्यान में रखते हुए गांवों को मजबूत कर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे रही है। चित्रकूट में स्थानीय सांसद  गणेश सिंह, विश्वविद्यालय के कुलगुरू  आलोक दुबे, दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव  अभय महाजन तथा विषय विशेषज्ञ और शोधार्थी उपस्थित थे।    

दिल दहला देने वाला कांड: बाप की लाश काटकर छिपाने वाले बेटे की जुबान पर अब ‘माफी’

लखनऊ यूपी की राजधानी लखनऊ में पैथालॉजी और शराब की दुकानें चलाने वाले कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या से प्रदेश को दहला देने वाले उनके इकलौते बेटे अक्षत को बुधवार को जेल भेजा जा रहा है। इसके पहले जब आशियाना पुलिस अक्षत को कोर्ट में पेश करने के लिए ले जा रही थी उस वक्त मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए अक्षत ने जो कुछ कहा उससे लगा कि जैसे उसे अब अपने किए पर पछतावा हो रहा है। अक्षत ने कहा- ‘सॉरी…गलती से हो गया।’ उधर, मानवेंद्र का अंतिम संस्कार भी उनके इकलौते बेटे के नहीं बल्कि भतीजे के हाथों हुआ। घर की मान्यता के अनुसार मानवेंद्र के पिता भी उनके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए। लखनऊ के आशियाना के बंगला बाजार में मानवेंद्र सिंह को 20 फरवरी को उनके बेटे अक्षत ने सोते समय सिर में गोली मारी थी। गोली से उनका भेजा उड़ गया था और कमरे में मांस से लोथड़े फैल तक गए थे। इसके बाद शव बाथरूम में घसीट कर ले गया। वहां आरी और चाकू से हाथ-पैर काटकर एक बोरी में रखे। अगले दिन कार से बोरी ले जाकर सदरौना में नहर किनारे झाड़ियों में छिपाया था। मंगलवार को यह खुलासा दोपहर पुलिस की पूछताछ में हुआ। पुलिस टीम अक्षत को घटनास्थल उसके घर ले गई थी। आधे घंटे पूछताछ की कि उसने कैसे और कहां पिता को मारा था? बोरी में मिले मानवेंद्र के हाथ और पैर आशियाना पुलिस टीम हत्यारोपित अक्षत को मंगलवार सुबह सदरौना लेकर पहुंची थी। सदरौना ने वह नहर किनारे झाड़ियों में पुलिस को ले गया। वहां एक बोरी रखी मिली। बोरी में मानवेंद्र के कटे हुए हाथ-पैर रखे थे। पुलिस ने उसे बरामद कर लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सिर से सटाकर मारी गोली, बाथरूम में ले गया शव पूछताछ के दौरान अक्षत ने बताया कि 19 फरवरी को देर रात पिता से उसका नीट की पढ़ाई को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद वह बेडरूम में सो गए थे। अक्षत पुलिस टीम को बेडरूम में ले गया। 20 फरवरी को तड़के करीब 4:30 बजे उसने राइफल उठाई। पापा के सिर से सटाकर उन्हें गोली मार दी। बिस्तर और कंबल में मांस से लोथड़े चिपक गए थे। गोली की आवाज सुनकर बहन कृति जाग गई। उसने विरोध किया तो उसे धमकाया। वह चुप हो गई थी। पिता का शव खींचकर बाथरूम में ले गया। वहां आरी और चाकू से हाथ-पैर काटे। मांस के लोथड़े बोरी में भरे फिर कार की डिग्गी में रख आया था। खून से सना तकिया और कंबल जलाए अक्षत ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि गोली मारने से कंबल, चादर और तकिया पर खून लग गया था। मांस के लोथड़े चिपक गए थे। वह सब भी वह बोरी में भरकर सदरौना में नहर किनारे ले गया था। वहां सब कुछ जला दिया था। पुलिस ने अधजले कपड़े और राख आदि भी बरामद कर ली है। एसीपी कैंट अभय प्रताप मल्ल ने बताया कि आरोपी अक्षत को उसके घर ले जाकर मौका मुआयना किया गया। घटना के बारे में जानकारी ली गई। अक्षत ने बताया कि उसने पिता की हत्या के लिए एक दिन पहले ब्लिंकिट से दो चाकू मंगवाई थी। आरी और ड्रम वह खुद बाजार से खरीदकर लाया था।

जनजातीय, गरीब परिवार को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता

भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि शिक्षा से ही जीवन में आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त होता है। शिक्षा जीवन में प्रगति का आधार है। प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने जनजातीय और वंचितों को शासन की योजनाओं का प्राथमिकता से लाभ दिलाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से समाज के अंतिम व्यक्ति का सशक्तिकरण संभव होगा। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल मऊगंज जिले के हनुमना जनपद अंतर्गत दूरस्थ जनजातीय धरती आबा ग्राम सलैया खास में आयोजित कार्यक्रम में बुधवार को शामिल हुए। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि बिरसा मुंडा के त्याग से प्रेरणा लेकर जनजातीय समाज के उत्थान के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने बताया कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के तहत 18 विभागों की योजनाओं का लाभ जनजातीय परिवारों को मिलेगा। उन्होंने जनजातीय युवाओं का शिक्षित होकर समाज को जागरूक करने और मुख्यधारा में शामिल करने के प्रयासों में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण में स्वसहायता समूहों के योगदान की सराहना की। सिकल सेल उन्मूलन के लिए संवेदनशील प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा 15 हजार करोंड़ रूपये के प्रवाधान की जानकारी दी। प्रधानमंत्री के प्रति आभार प्रदर्शन किया। उन्होंने निक्षय मित्र योजना, उज्ज्वला योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल  पटेल के सिकल सेल उन्मूलन प्रयासों की सराहना सांसद  जनार्दन मिश्र ने की। उन्होंने सलैया मार्ग निर्माण के लिये सांसद निधि से राशि उपलब्ध कराने की जानकारी दी। विधायक  प्रदीप पटेल ने कहा कि हनुमना क्षेत्र के 144 ग्रामों को धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना से जोड़कर जनजातीय विकास और मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में राज्यपाल  पटेल का जनजातीय पारंपरिक नृत्य शैला एवं कर्मा से स्वागत हुआ। भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ शुभारंभ हुआ। राज्यपाल ने हितलाभ वितरण एवं प्रदर्शनी का किया अवलोकन राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया। इस अवसर पर राज्यपाल द्वारा जनजातीय नायकों मोतीलाल बैगा, सुदर्शन सिंह गोड़ तथा जगन्नाथ कोल का शॉल और फल से सम्मान किया। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी ली। राज्यपाल ने हितग्राहियों को योजनाओं का अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने ग्रामीण चौपाल में किया जनसंवाद राज्यपाल  पटेल ने मऊगंज जिले के ग्राम सलैया खास में प्रथम प्रवास के दौरान ग्रामीण चौपाल में जनसंवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों और अधिकारियों से आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की जानकारी ली। जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अंतिम व्यक्ति तक विकास को पहुंचाने पर जोर दिया।