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यौन उत्पीड़न केस में गिरफ्तारी पर संत अविमुक्तेश्वरानंद बोले—सच्चाई जल्द आएगी सामने

वाराणसी पॉक्सो मामले में फंसे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्यों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। अदालत ने खुद इस मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया, लेकिन अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का मानना है कि उन्हें गिरफ्तारी से डर नहीं लगता, लेकिन पुलिस गिरफ्तारी के लिए पुख्ता सबूत तो लाए। उन्होंने यह तक कह डाला कि रामचरितमानस में पहले ही कहा गया है कि कुछ धर्म के ठेकेदार शंकराचार्य और धर्म से जुड़े साधुओं को परेशान करने आएंगे। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने पॉस्को एक्ट में गिरफ्तारी के सवाल पर कहा, "जो भी आएंगे उनका स्वागत किया जाएगा और जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा। जितनी जल्दी पुलिस को मामले को विस्तारित करने की है, उतनी ही हमें है। हम भी इस कलंक का निपटान जल्द से जल्द करना चाहते हैं। अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर कहा, "रामचरितमानस में लंका कांड के दौरान विभीषण ने रावण को सलाह देते हुए कहा था कि जो कोई भी धर्मधारी, कपटी और पाखंडी ज्यादा समय तक ठीक नहीं पाएगा और उसका जल्द ही पर्दाफाश होगा। जैसे रावण ने साधु का वेश लेकर मां सीता का अपहरण किया था, राहु देवता बनकर अमृत पीने के लिए घुस आया था, लेकिन ज्यादा समय तक टिक नहीं पाया। वैसे ही कथाकथित धर्म के ठेकेदारों का भी पर्दाफाश भी जरूर होगा। हम निश्चिंत हैं। मामले की जांच उत्तर प्रदेश पुलिस कर रही है, लेकिन हमारे लोगों को भरोसा नहीं है कि जांच निष्पक्ष तरीके से होगी। अगर जांच दूसरे राज्य की पुलिस करे, जहां भाजपा की सरकार न हो, तभी मामले की सच्चाई सामने आएगी, लेकिन हमें तो इससे भी कोई समस्या नहीं है। उन्होंने मामले में गिरफ्तारी पर कहा कि गिरफ्तारी कुछ परिस्थितियों में होती है। अब हम कहीं भागे नहीं जा रहे हैं और अब मेडिकल टेस्ट का कोई औचित्य नहीं बनता, क्योंकि बहुत महीने बीत चुके हैं और सबसे बड़ी बात मुकदमा झूठा है, इसलिए गिरफ्तारी का सवाल ही नहीं उठता है। फिर भी अगर हमारी गिरफ्तारी होती है तो समझ लेना कि कालनेमि हमें बदनाम करने के लिए यह सब कर रहा है, लेकिन हमें ईश्वर पर पूरा विश्वास है। कालनेमि का भी पर्दाफाश होगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि जनता का सपोर्ट उनके साथ है और उन्हें अंतरमन से पता है कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है, तो चिंता की बात नहीं है।

स्कूलों की लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, पंजाब शिक्षा विभाग का सख्त आदेश

लुधियाना पंजाब के स्कूल शिक्षा महानिदेशक-सह-राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा अभियान प्राधिकरण (पंजाब) ने स्कूलों में चल रहे विभिन्न निर्माण और विकास परियोजनाओं की धीमी प्रगति को लेकर जिलों के शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। विभाग ने बताया कि साल 2024-25 और 2025-26 के तहत स्वीकृत सभी प्रोजेक्ट्स, जैसे ACR, LARS, लाइब्रेरी, आर्ट एंड क्राफ्ट रूम, लड़के/लड़कियों के टॉयलेट और मेजर/माइनर रिपेयर, का निर्माण तेजी से पूरा किया जाना चाहिए। 10 फरवरी 2025 को माननीय सेक्रेटरी स्कूल एजुकेशन ने सभी डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर्स (DEOs) के साथ समीक्षा बैठक की थी, जिसमें कई जिलों में धीमी प्रगति और फंड के इस्तेमाल में कमी को गंभीरता से लिया गया। निर्देशों के अनुसार, साल 2024-25 के तहत स्वीकृत सभी कार्य अगले एक हफ्ते में पूरा करने होंगे। इसके साथ ही फिजिकल और फाइनेंशियल प्रगति का प्रमाण-पत्र और पोर्टल पर डिपॉजिट कर फंड का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना अनिवार्य है। विभाग ने चेतावनी दी कि अगर 2025-26 के बचे हुए कार्य समय पर पूरे नहीं हुए, तो फंड रिलीज़ नहीं किया जाएगा। इसलिए जिलों के स्कूलों में चल रहे निर्माण कार्यों पर नियमित निगरानी रखने और समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश भी दिया गया है।

Sukhpal Singh Khaira के ठिकाने पर बुलडोजर एक्शन, समर्थकों का हंगामा, पुलिस तैनात

चंडीगढ़ कपूरथला की भुलत्थ विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा के रामगढ़ गांव के पुश्तैनी घर से जुड़े कथित अवैध निर्माण को प्रशासन ने बुलडोजर से गिरा दिया दिया। इससे रामगढ़ गांव में तनावपूर्ण माहौल बन गया। कार्रवाई के दौरान विधायक सुखपाल खैरा भी मौक पर मौजूद रहे। खैरा की अपील के बाद बड़ी संख्या में समर्थक उनके घर के बाहर जमा हो गए। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। खैरा ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए कहा कि यह कदम बिना नोटिस और सुनवाई के उठाया जा रहा है। खैरा ने आरोप लगाया कि सीएम भगवंत मान के गैर-कानूनी आदेश पर पुलिस और ब्यूरोक्रेसी द्वारा रामगढ़ में मेरे घर के कुछ हिस्से को बिना किसी नोटिस या सुनवाई के जबरदस्ती गिराने की कार्रवाई की जा रही है। बुलडोजर के आगे धरने पर बैठ गए विधायक विधायक खैहरा अपने समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बुलडोजर के आगे धरने पर बैठ गए। इस दौरान पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। पुलिस ने विधायक को हटाने की कोशिश की, लेकिन समर्थकों के विरोध के चलते हालात तनावपूर्ण बने रहे। खैहरा के घर से जुड़े कथित अवैध निर्माण पर प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया। गेट का पिलर गिरा दिया गया। प्रशासन बोला, घर नहीं, अवैध कंस्ट्रक्शन गिराया प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि घर नहीं, बल्कि घर से जुड़े कथित अवैध कंस्ट्रक्शन को गिराने की कार्रवाई की गई है। दूसरी ओर, खैहरा ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम बिना किसी नोटिस या सुनवाई के उठाया जा रहा है। वहीं, इस मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। पंजाब कांग्रेस ने इस कार्रवाई को बदला बताते हुए मुख्य मंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी सरकार पर हमला बोला है। पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि विधायक सुखपाल सिंह खैहरा के घर की दीवार का पिलर गिराए जाने की निंदा की है। उन्होंने इस कार्रवाई को भगवंत मान सरकार और पुलिस की खुली गुंडागर्दी बताया है। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने खैहरा के घर हुई तोड़-फोड़ की कार्रवाई की सख्त शब्दों में निंदा की है। उन्होंने सत्ताधारी पार्टी को घेरते हुए कहा कि सियासी ताकत हमेशा के लिए नहीं होती पर किए गए कामों की जवाबदेही स्थाई होती है। बाजवा ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को निशाने पर लेते हुए कहा कि अन्यायपूर्ण आदेशों की पालना करने वाले हर अधिकारी और हर कार्रवाई को आने वाले समय में याद रखा जाएगा। मजीठिया बोले, आप सरकार की खुलेआम गुंडागर्दी शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा के घर पर पीला पंजा चलाने को लेकर पंजाब सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कड़ी निंदा की है। मजीठिया ने सुखपाल सिंह खैहरा से फोन पर बातचीत कर पंजाब सरकार और पुलिस द्वारा की जा रही कथित धक्केशाही की जानकारी ली। मजीठिया ने सरकार पर आरोप लगाया कि पंचायत विभाग ने बिना कोई नोटिस दिए जेसीबी मशीन से तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी। उन्होंने इस कार्रवाई को खुलेआम गुंडागर्दी करार दिया। मजीठिया ने कहा कि वह इस कठिन समय में सुखपाल सिंह खैहरा के साथ खड़े हैं।

‘पुराने झूठ का सहारा ले रहे सुखबीर बादल’, कुलदीप सिंह धालीवाल का तीखा वार

अमृतसर आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने रविवार को शिरोमणि अकाली दल की लीडरशिप पर निशाना साधते हुए कहा कि सुखबीर सिंह बादल अपने पिता प्रकाश सिंह बादल की तरह "दोहरी राजनीति" कर रहे हैं और पुराने रटे-रटाए भाषणों और नए दावों से पंजाब के लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। अमृतसर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कुलदीप धालीवाल ने कहा कि गैंगस्टरवाद को खत्म करने के बड़े-बड़े दावे करने से पहले सुखबीर सिंह बादल को अपने पुराने रिकॉर्ड का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आप एक हलके में एक जाने-माने गैंगस्टर के परिवार के सदस्य को अपना उम्मीदवार बनाते हैं और फिर दूसरे चरण से गैंगस्टरों का सफाया करने की बातें करते हैं। यह सरासर पाखंड पंजाब के लोगों से छिपा नहीं रहेगा। तरनतारन के चुनावों का हवाला देते हुए 'आप' पंजाब के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि अकाली दल ने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों से जुड़े लोगों का खुलकर समर्थन किया और वोट मांगे। उन्होंने कहा कि आज वे दावा करते हैं कि वे गैंगस्टरों के घर ढहा देंगे, लेकिन कल वे उनके पारिवारिक समारोहों में शामिल हो रहे थे और उनके रिश्तेदारों को उम्मीदवार के रूप में खड़ा कर रहे थे। पंजाब सब कुछ याद रखता है। प्रकाश सिंह बादल के कार्यकाल से समानताएं दर्शाते हुए कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल उसी रास्ते पर चल रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि बादल परिवार ऐतिहासिक रूप से पंजाब की युवा पीढ़ी का शोषण करके बड़ा हुआ है, पहले राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे तत्वों को संरक्षण दिया और बाद में कानून व्यवस्था की स्थिति पर मगरमच्छ के आंसू बहाए। 2007 से 2017 तक अकाली-भाजपा शासन के दौरान संगठित गैंगस्टरवाद और नशे की मार की जड़ें गहरी हुईं। कुलदीप सिंह धालीवाल ने मौजूदा सरकार को अपराध पर लेक्चर देने के लिए सुखबीर सिंह बादल की नैतिक अधिकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वही लोग जिन्होंने पंजाब को लहूलुहान होने दिया, अब इसके मुक्तिदाता बनने का नाटक कर रहे हैं। जब नशा माफिया और आपराधिक नेटवर्क फले-फूले, तब सत्ता में कौन था? पंजाब के लोग जवाब जानते हैं। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के कामकाज के बारे में चिंता जताते हुए कुलदीप सिंह धालीवाल ने पूछा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के लापता स्वरूपों, जमीनी सौदों और वित्तीय कुप्रबंधन के बारे में सम्मानित सिख धार्मिक शख्सियतों द्वारा उठाए गए सवालों पर अकाली लीडरशिप चुप क्यों रही। उन्होंने कहा कि मंचों से चीखने की बजाय 328 लापता स्वरूपों, जमीनों की बिक्री और पवित्र संस्थाओं से जुड़े आरोपों के बारे में सवालों के जवाब दो। पंजाब स्पष्टता और जवाबदेही का हकदार है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे विवादों को सामान्य बनाने की कोशिशें सिख समुदाय की भावनाओं का अपमान हैं। उन्होंने कहा कि रोजाना के घोटालों को आम बात कैसे माना जा सकता है? यह सिर्फ राजनीति नहीं है, यह श्रद्धा और जवाबदेही का विषय है। समुदाय पारदर्शिता का हकदार है। कुलदीप सिंह धालीवाल ने यह भी संकेत दिया कि माझे से मालवा तक के कई परंपरागत अकाली परिवारों ने पार्टी से दूरी बना ली है। उन्होंने कहा कि आज जो बचा है वह शिरोमणि अकाली दल नहीं है जो कभी जन आंदोलन का प्रतिनिधित्व करता था, बल्कि एक 'जीजा-साला' द्वारा चलाया जा रहा एक सीमित टोला है। पार्टी सिर्फ अस्तित्व बचाने के लिए संदिग्ध रिकॉर्ड वाले व्यक्तियों को शामिल करने तक सीमित होकर रह गई है। आप विधायक ने आगे कहा कि सुखबीर सिंह बादल ने किसानों के मुद्दों और भारत-अमेरिका व्यापारिक समझौते सहित प्रमुख राष्ट्रीय मुद्दों पर चुनावी चुप्पी साधी हुई है और केंद्र में सालों तक गठबंधन और सत्ता में भागीदारी के बावजूद भाजपा लीडरशिप को सवाल करने का साहस नहीं दिखाया। अपने संबोधन के अंत में कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि पंजाब के लोग राजनीतिक रूप से समझदार हैं और उन्हें नाटकीय भाषणों से गुमराह नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि आप डर पैदा नहीं कर सकते, आपराधिक तत्वों को संरक्षण नहीं दे सकते और फिर उन्हें खत्म करने का वादा नहीं कर सकते। पंजाब आपका चरित्र जानता है। नए ऐलान करने से पहले अपने पुराने कामों का जवाब दो।

चेहरे की ढीलापन और झुर्रियां कर रही हैं परेशान? फ्रीजर का ये देसी नुस्खा देगा तुरंत कसावट

बढ़ती उम्र के साथ त्वचा में कई बदलाव आने लगते हैं, जैसे झुर्रियां, फाइन लाइन्स, त्वचा का ढीलापन और चमक की कमी। ऐसे लक्षण त्वचा की उम्र बढ़ने या एजिंग का संकेत होते हैं। मार्केट में इन समस्याओं से निपटने के लिए कई महंगे क्रीम और ट्रीटमेंट मौजूद हैं। हालांकि, अगर आप एक सस्ता, सुरक्षित और नेचुरल उपाय चाहते हैं, तो बर्फ के टुकड़ों का उपयोग एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है। बर्फ न केवल त्वचा को ताजगी देता है, बल्कि इसमें छिपे सौंदर्य लाभ एजिंग की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद करते हैं। त्वचा को टाइट बनाता है बर्फ त्वचा की ऊपरी लेयर को ठंडक प्रदान करता है, जिससे स्किन की मांसपेशियां सिकुड़ती हैं और त्वचा टाइट महसूस होती है। इससे ढीलापन कम होता है और उम्र का प्रभाव धीरे-धीरे घटने लगता है। ब्लड सर्कुलेशन में सुधार जब बर्फ चेहरे पर लगाई जाती है, तो यह त्वचा के नीचे के ब्लड फ्लो को बढ़ावा देती है। इससे स्किन को ऑक्सीजन और पोषण बेहतर तरीके से मिलता है, जिससे चेहरा फ्रेश और यंगर दिखता है। झुर्रियों और फाइन लाइन्स को कम करता है नियमित रूप से बर्फ का उपयोग झुर्रियों की गहराई को कम करता है और नई लाइन्स बनने से रोकता है। इससे स्किन स्मूद दिखती है। ओपन पोर्स और पफीनेस में राहत उम्र के साथ स्किन के पोर्स बड़े हो जाते हैं। बर्फ़ इन्हें टाइट करता है और चेहरे की सूजन व थकावट को कम करता है। बर्फ के उपयोग का सही तरीका एक साफ मलमल के कपड़े में 1-2 बर्फ के टुकड़े लपेटें।हल्के हाथों से चेहरे और गर्दन पर सर्कुलर मोशन में 1-2 मिनट तक धीरे-धीरे रगड़ें। बर्फ को सीधे स्किन पर न लगाएं, इससे स्किन जल सकती है।दिन में एक बार, सप्ताह में 4-5 बार इसका उपयोग करें। ज्यादा असरदार बनाने के लिए बर्फ बनाने के लिए साधारण पानी की जगह गुलाब जल, एलोवेरा जूस, ग्रीन टी, खीरे का रस या चुकंदर का रस मिलाएं।इनसे बने बर्फ के टुकड़ों में एंटीऑक्सीडेंट्स और त्वचा को पोषण देने वाले तत्व होते हैं जो एजिंग के संकेतों को और भी प्रभावी ढंग से कम करते हैं। बर्फ के टुकड़ों का उपयोग एक सरल, किफायती और नेचुरल एंटी-एजिंग उपाय है। नियमित रूप से अपनाने से यह न केवल त्वचा को टाइट और फ्रेश बनाता है, बल्कि आपको उम्र से कई साल पीछे भी ले जा सकता है।

प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, दिल्ली से 300 KM दूर हों कोयला उद्योग? केंद्र से मांगा जवाब

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में एयर पलूशन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत में एक सवाल यह भी उठा कि कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट्स को दिल्ली की सीमा के 300 किलोमीटर दायरे से दूर रखा जाए। प्रस्ताव आया कि ऐसा कोई भी प्लांट दिल्ली की 300 किलोमीटर की परिधि में स्थापित न किया जाए। इस पर बेंच ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। इसके अलावा अदालत ने यूपी, हरियाणा, राजस्थान को आदेश दिया है कि वे कोयला आधारित उद्योगों को लेकर सार्वजनिक नोटिस जारी करें। इस दौरान यह भी सलाह दी गई कि कोयला आधारित उद्योगों को दिल्ली-एनसीआर से बाहर कर दिया जाए। इस पर बेंच ने केंद्रीय मंत्रालयों से जवाब मांगा है और पूछा कि कैसे इन उद्योगों को बाहर किया जा सकता है। ऐसा संभव भी है या नहीं। इस दौरान दिल्ली-एनसीआर में वाहनों के चलने से प्रदूषण बढ़ने का सवाल भी उठा। बेंच ने कहा कि इसका परीक्षण किए जाने की जरूरत है। अदालत ने अब इस मामले की सुनवाई के लिए 12 मार्च की तारीख तय की है। सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित सरकारों से यह भी पूछा कि कैसे एनसीआर में एयर पलूशन कम हो। खासतौर पर कंस्ट्रक्शन और निर्माण गिराए जाने से उड़ने वाली धूल को कम किया जा सकता है। इस संबंध में अदालत से भी सवाल पूछा गया।  

अब हर महीने ₹3000! लाड़ली बहना योजना को लेकर CM मोहन यादव की बड़ी घोषणा

भोपाल विधानसभा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव(CM Mohan Yadav Ladli Behna Yojana) ने सोमवार को स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लिए राशि बढ़ाकर तीन हजार रुपये करने का वादा भाजपा के संकल्प (घोषणा) पत्र में किया गया है। यह पांच साल यानी 2028 तक के लिए है। उन्होंने कहा कि किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है, हम तीन हजार रुपये देकर रहेंगे। नए पंजीयन को लेकर उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे सब होगा। कांग्रेस के सदस्य सरकार के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और विरोध स्वरूप बहिर्गमन कर गए। प्रश्नकाल में उठा मुद्दा प्रश्नकाल में कांग्रेस के महेश परमार ने नए पंजीयन न होने, तीन हजार रुपये का वादा करने के बाद भी न देने और 60 वर्ष के होते ही योजना से हितग्राही का नाम काटने का मुद्दा उठाया। साथ ही कहा कि सेना की अधिकारी सोफिया कुरैशी का अपमान करने वाले मंत्री विजय शाह यहां बैठे हैं। उन्होंने रतलाम में कहा कि सीएम के सम्मान कार्यक्रम में लाड़ली बहना नहीं आएंगी तो नाम काट देंगे। वहीं, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा पर भी धमकाने का आरोप लगाया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पंजीयन प्रारंभ करने की तिथि पूछी। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने बताया कि योजना के प्रारंभ से प्रश्न दिनांक तक 1,31,06,525 महिलाओं का पंजीयन किया गया। वर्तमान में 1,25,29,051 पंजीयन सक्रिय हैं। नए पंजीयन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। लाड़ली बहना योजना में मृत्यु होने या 60 वर्ष से अधिक आयु होने पर हितग्राही को योजना से बाहर किया जाता है। 60 वर्ष से अधिक आयु होने पर अन्य योजना में पात्रता अनुसार आवेदन किया जा सकता है। राशि और व्यय का ब्यौरा वर्ष 2025-26 में 1,500 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से लाड़ली बहनों को 18,528 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। एक हजार रुपये प्रतिमाह से प्रारंभ हुई योजना की राशि में निरंतर वृद्धि हो रही है। इसका उपयोग बहनें शिक्षा, पोषण सहित अन्य कार्यों में कर रही हैं। विपक्ष ने किया बहिर्गमन मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि जब योजना लागू हुई थी तब कहा जाता था कि यह चुनावी योजना है और बंद हो जाएगी, लेकिन आज हम 1,500 रुपये प्रतिमाह दे रहे हैं। तीन हजार रुपये देने की घोषणा हमारे संकल्प पत्र में है, जो पांच वर्ष के लिए है और हम देकर रहेंगे। पंजीयन पर उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे सब होगा। विपक्ष जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ और नारेबाजी करते हुए बहिर्गमन कर गया।

सतत जीवन शैली की ओर अग्रसर महाविद्यालय: ‘वेस्ट टू वेल्थ’ कार्यशाला में नवाचारों की गूंज

भोपाल आज दिनांक 23 फरवरी 2026 को महाविद्यालय में इको क्लब के तत्वावधान में पर्यावरण शिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का विषय “सतत जीवन शैली : वेस्ट टू वेल्थ” रहा। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपशिष्ट प्रबंधन, संसाधनों के पुनः उपयोग एवं सतत विकास की दिशा में प्रेरित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. उमेश कुमार धुर्वे ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने छात्राओं को शोध, नवाचार एवं सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही इको क्लब द्वारा आयोजित इस सार्थक पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने की बात कही। इसके पश्चात इको क्लब प्रभारी डॉ. सतीश बालापुरे ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरणीय उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है। उन्होंने अपशिष्ट प्रबंधन, वृक्षारोपण एवं जैव विविधता संरक्षण से जुड़े आगामी कार्यक्रमों की जानकारी भी साझा की। मुख्य वक्ता एवं पर्यावरणविद डॉ. आनंद पटेल हेक्सा हिवा इंटरनेशनल (HHI), भोपाल ने अपने उद्बोधन में “वेस्ट टू वेल्थ” की अवधारणा को व्यवहारिक रूप से समझाते हुए अनेक नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संतरे एवं नींबू के छिलकों से बायो-एंज़ाइम तैयार कर घरेलू स्वच्छता एवं जैविक उपयोग में लाया जा सकता है। साथ ही प्लास्टिक कचरे के पुनः उपयोग हेतु इको ब्रिक निर्माण की प्रक्रिया समझाई, जिसमें खाली प्लास्टिक बोतलों में अपशिष्ट प्लास्टिक भरकर उपयोगी निर्माण सामग्री तैयार की जाती है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण हेतु मल्टी लेयर सीड बॉल की तकनीक समझाई, जिसके माध्यम से बीजों को मिट्टी, खाद एवं सुरक्षात्मक परतों के साथ तैयार कर बड़े स्तर पर हरितावरण बढ़ाया जा सकता है। डॉ. पटेल ने सर्कुलर इकॉनॉमी के विचार को स्पष्ट करते हुए बताया कि संसाधनों का पुनर्चक्रण एवं पुनः उपयोग ही सतत विकास का आधार है। उन्होंने “मिशन लाइफ” की 7 थीम के आधार पर दैनिक जीवन में अपनाए जा सकने वाले 70 व्यवहारिक उपायों की जानकारी भी दी। अंत में उन्होंने महाविद्यालय को एक इको-फ्रेंडली सोलर लैंप भेंट स्वरूप प्रदान किया, जो ऊर्जा संरक्षण एवं हरित जीवन शैली का प्रेरणादायी प्रतीक रहा। द्वितीय वक्ता एवं विषय विशेषज्ञ उषा दुबे नर्मदापुरम ने अपने संबोधन में दैनिक जीवन में छोटे-छोटे सकारात्मक परिवर्तनों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्राओं को सिंगल यूज़ प्लास्टिक से बचने, रसोई अपशिष्ट से कंपोस्ट तैयार करने तथा कपड़े एवं कागज़ के पुनः उपयोग के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक विद्यार्थी अपने घर और समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाए, तो “वेस्ट टू वेल्थ” एक जन आंदोलन का रूप ले सकता है। अंत में इको क्लब सह-प्रभारी डॉ. रजनीकांत वर्मा ने अपने वक्तव्य में कहा कि “वेस्ट टू वेल्थ” केवल एक विचार नहीं, बल्कि व्यवहार में अपनाई जाने वाली जीवन शैली है। उन्होंने छात्राओं से घर एवं परिसर में कचरे का पृथक्करण, जैविक खाद निर्माण एवं पुनर्चक्रण की आदत विकसित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस परिवर्तन संभव है। मंच संचालन डॉ. मनीष दीक्षित ने किया तथा डॉ. रजनीकांत वर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्राध्यापकगण रजनीश जाटव, मनोज कुमार प्रजापति, धीरेंद्र दुबे, डॉ. दुर्गा मीना, प्रवीण साहू, मयंक गौर, रजनी हरियाले, नीलम दुबे,  नीलू लोवंशी, राहुल मालवीय एवं इको क्लब इकाई की छात्राएँ तथा महाविद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।  

धमकी भरे ई-मेल से दहली राजधानी, दो स्कूलों में बम की सूचना पर बढ़ाई गई सुरक्षा

नई दिल्ली दिल्ली के दो स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी मिलने के बाद स्कूल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दिल्ली के आर्मी पब्लिक स्कूल को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली है। वहीं लोधी रोड स्थित एयर फोर्स बाल भारती स्कूल को भी ई-मेल के जरिए ही धमकी मिली है। आर्मी पब्लिक स्कूल को मिली धमकी को लेकर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया है कि ‘हम ईमेल के सोर्स की जांच कर रहे हैं। इसे भेजने वाले की पहचान करने के लिए साइबर सेल की मदद ली गई है। अब तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। एहतियात के तौर पर, स्कूल परिसर को खाली कर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। दिल्ली पुलिस की टीमें, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड और दमकल विभाग मौके पर मौजूद हैं।’ स्कूल प्रशासन ने सोमवार सुबह ही पुलिस को इसकी सूचना दे दी थी। स्कूल प्रशासन की ओर से पुलिस को बताया गया कि ई-मेल में ऐसा दावा किया गया है कि स्कूल में बम इंस्टॉल कर दिए गए हैं। मालूम हो कि हाल में दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों को बम से उड़ाने की लगातार धमकियां मिल रही हैं। यही नहीं देशभर में अदालतों को भी इसी तरह से बम से उड़ाने की धमकियां मिल रही हैं। ये सभी अफवाहें झूठी साबित हुईं, फिर भी इनसे स्टूडेंट्स और पैरेंट्स में दहशत जरूर फैली है। बीते हफ्ते भी मिली थी धमकी बीते हफ्ते गुरुवार को भी दिल्ली के तीन स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस की टीमें, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड और दमकल विभाग मौके पर पहुंची। जिसके बाद एजेंसियों ने तुरंत स्कूलों को खाली कराकर तलाशी अभियान चलाया। जांच के बाद सामने आया कि ई-मेल के जरिए सिर्फ अफवाह फैलाई गई। ई-मेल के ही जरिए द्वारका स्थित सीआरपीएफ पब्लिक स्कूल, सेंट थॉमस स्कूल और पश्चिम एन्क्लेव स्थित डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। 9 फरवरी को मिली थी 10 स्कूलों को धमकी वहीं 9 फरवरी (सोमवार) को कम से कम 10 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी वाले ई-मेल मिले थे। इसके बाद बड़े पैमाने पर सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया था। एहतियात के तौर पर इन सभी स्कूल को खाली करा लिया गया था।

छात्रा के साथ अभद्रता पर बवाल, यूपी में नस्लीय टिप्पणी से बढ़ा आक्रोश

गोरखपुर साउथ दिल्ली के मालवीय नगर में किराए के फ्लैट में एसी लगवाने के दौरान अरुणाचल प्रदेश की एक प्रतियोगी छात्रा और उसकी दो सहेलियों द्वारा लगाए गए नस्लीय टिप्पणी के आरोपों का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है कि अब यूपी के गोरखपुर शहर में उत्तर-पूर्व भारत की एक मेडिकल छात्रा बदसलूकी की घटना सामने आ गई है। छात्रा ने आरोप लगाया है कि शहर के ओरियन मॉल से बाहर निकलने के दौरान उसके साथ ‘बैड टच’ और दुर्व्यवहार की यह घटना हुई। घटना 22 फरवरी की रात करीब आठ बजे की बताई जा रही है। छात्रा ने नस्लीय टिप्प्णी किए जाने का भी आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस ने अभी तक घटना के बारे में कोई भी जानकारी होने से इनकार किया है। एम्स गोरखपुर से पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही इस छात्रा ने आरोप लगाया है कि घटना उस वक्त हुई जब वह मॉल से बाहर निकल रही थी। छात्रा के अनुसार तीन युवकों ने उसका पीछा करते हुए नस्लीय टिप्पणी की और गाली-गलौज की। डॉक्टर उत्तर-पूर्व भारत की रहने वाली हैं। मॉल से लेकर एम्स गोरखपुर के गेट नंबर दो तक, लगभग डेढ़ किलोमीटर तक तीनों उनके पीछे-पीछे चलते रहे। आरोप है कि गेट नंबर दो के पास सेना शिविर के पास एक युवक ने शर्ट उतारकर अशोभनीय हरकत की और डॉक्टर के साथ ‘बैड टच’ किया। इस मामले को लेकर नॉर्थ ईस्ट फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया रेजिडेंट डॉक्टर्स (नाफोर्ड) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री कार्यालय को टैग किया है। पोस्ट में इसे गंभीर नस्लीय उत्पीड़न और यौन उत्पीड़न का मामला बताया गया है। नाफोर्ड क्या है नाफोर्ड का फुल फार्म नॉर्थ ईस्ट फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया रेजिडेंट डॉक्टर्स है। यह संगठन मुख्यत:रेजिडेंट डॉक्टरों की समस्याओं और उनके अधिकारों के लिए लड़ता है। यह संगठन रेजिडेंट डॉक्टरों के अधिकारों की सुरक्षा और बेहतर कार्य स्थितियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में काम करता है। इस मामले में नाफोर्ड ने कहा है कि रेजिडेंट डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि वे सुरक्षित वातावरण में अपनी सेवाएं दे सकें। संगठन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। जानकारी से इनकार कर रही पुलिस गोरखपुर में पुलिस तक अभी यह मामला नहीं पहुंचा है। कैंट और एम्स थाना पुलिस ने ऐसे किसी मामले की औपचारिक जानकारी होने से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली में क्या हुआ है? रिपोर्ट्स के अनुसार दिल्ली के मालवीय नगर थाना क्षेत्र में अरुणाचल प्रदेश की तीन युवतियां एक फ्लैट के चौथे फ्लोर पर किराए पर रहती हैं। 20 फरवरी की दोपहर वे अपने फ्लैट में एसी लगवा रही थीं। इस दौरान ड्रिलिंग मशीन का इस्तेमाल किया गया। ड्रिलिंग के दौरान गलती से थोड़ा मलबा और धूल नीचे के फ्लोर पर गिर गई। इससे नाराज नीचे के फ्लैट में रहने वाला दंपती ऊपर पहुंचा और आपत्ति जताई। आरोप है कि इस दौरान पति-पत्नी ने युवतियों के साथ दुर्व्यवहार किया और उनके उत्तर-पूर्वी मूल को लेकर नस्लीय और अपमानजनक टिप्पणियां कीं।