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ईमेल से मचा हड़कंप: पीपुल्स विवि में बम की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

भोपाल  राजधानी के करोंद क्षेत्र स्थित पीपुल्स विश्वविद्यालय को गुरुवार सुबह ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। धमकी भरा संदेश विश्वविद्यालय के डीन को भेजा गया, जिसमें सुबह 11 बजे तक डॉक्टरों और छात्रों को परिसर खाली करने की चेतावनी दी गई थी। ई-मेल में साइनाइड युक्त बम लगाए जाने का दावा भी किया गया था। सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय प्रबंधन ने तत्काल पुलिस को अवगत कराया और एहतियातन पूरे परिसर को खाली करा लिया। क्लास रूम, ओपीडी और प्रशासनिक भवनों से छात्रों व स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाला गया। मौके पर पहुंची भोपाल पुलिस ने बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की मदद से पूरे परिसर की सघन तलाशी ली। निर्धारित समय तक न तो कोई विस्फोट हुआ और न ही कोई संदिग्ध वस्तु बरामद हुई। साइबर सेल कर रही जांच पुलिस अधिकारियों के अनुसार ई-मेल की तकनीकी जांच जारी है। मेल किस आईडी से भेजा गया और उसका सर्वर लोकेशन क्या है, इसकी पड़ताल साइबर सेल द्वारा की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर मामला शरारत या फर्जी धमकी का प्रतीत हो रहा है, फिर भी सुरक्षा के लिहाज से कोई लापरवाही नहीं बरती गई। धमकी की खबर फैलते ही परिसर और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। छात्रों और अभिभावकों में चिंता देखी गई। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि दोषी की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

सियासी तूफान: CM दिल्ली रवाना, BJP विधायक दल की बैठक के बाद होने वाला बड़ा फैसला

भोपाल  राजधानी भोपाल में आज सियासी गतिविधियां तेज रहने वाली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 फरवरी को विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेंगे और दिनभर कई अहम कार्यक्रमों में शामिल होंगे। दिन के अंत में वे भोपाल से दिल्ली के लिए रवाना होंगे, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल और तेज हो गई है। सीएम का आज का पूरा शेड्यूल सुबह 11:00 बजे मुख्यमंत्री विधानसभा पहुंचकर सदन की कार्यवाही में भाग लेंगे। दोपहर 12:30 बजे वे भाजपा के प्रदेश कार्यालय में स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। दोपहर 2:00 बजे एक निजी कॉलेज के कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति तय है। दोपहर 3:30 बजे वे पुनः विधानसभा पहुंचकर कार्यवाही में हिस्सा लेंगे। शाम 6:30 बजे मुख्यमंत्री निवास पर भाजपा विधायक दल की अहम बैठक आयोजित होगी। रात 9:20 बजे सीएम भोपाल से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। सदन में गूंजेंगे तीखे मुद्दे विधानसभा में आज पानी की किल्लत और वित्तीय अनियमितताओं पर जोरदार बहस के आसार हैं। भाजपा विधायक नर्मदा जल योजना की अव्यवस्था का मुद्दा उठाएंगे, वहीं कांग्रेस विधायक फूड मार्को कॉलेज में फीस बढ़ोतरी का मामला सदन में रख सकते हैं। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा नई आबकारी नीति पर बयान दे सकते हैं। राज्यपाल के अभिभाषण पर भी चर्चा जारी रहेगी। जानकारी के मुताबिक, आज सदन में करीब 80 याचिकाएं पेश की जा सकती हैं। कई वरिष्ठ मंत्री विभागीय जवाब और दस्तावेज भी प्रस्तुत करेंगे। शाम की बैठक पर टिकी नजरें शाम 6:30 बजे होने वाली भाजपा विधायक दल की बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। इस बैठक में आगामी दिनों के लिए सदन की रणनीति तय की जाएगी और विपक्ष के सवालों का जवाब देने की रूपरेखा बनाई जाएगी। बैठक के बाद मुख्यमंत्री दिल्ली रवाना होंगे। ऐसे में सियासी गलियारों में चर्चा है कि दिल्ली दौरे के दौरान वे संगठनात्मक और प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा ले सकते हैं। भोपाल से दिल्ली तक आज का दिन राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। अब नजरें सदन की कार्यवाही और शाम की रणनीतिक बैठक पर टिकी हैं।

विकास का डबल इनाम: जबलपुर में 34 नई सड़कें, 1,000 करोड़ की निवेश राशि जारी

जबलपुर   देश शासन के बजट में जबलपुर को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कई सौगाते मिली हैं। सड़कों का निर्माण होगा। शहर और ग्रामीण क्षेत्र में 34 सड़कों का निर्माण यातायात को सुगम सुगम बनाने का काम करेगा। जिले में पर्यटन की बेहतर संभावनाएं लंबे समय से हैं। कोई बड़ा पैकेज तो नहीं दिया लेकिन भेड़ाघाट में दूसरे रोपवे का प्रावधान कहीं न कहीं पर्यटकों को आकर्षित करेगा। उद्यानिकी क्षेत्र में जबलपुर तेजी से आगे बढ़ रहा है। सब्जियों के साथ ही औषधियों की खेती में किसान रुचि ले रहे हैं। ऐसे में उद्यानिकी विद्यालय की स्थापना इस क्षेत्र के लिए मददगार बनेगा। उच्च शिक्षा के लिए विश्वविद्यालयों को बड़ी ग्रांट मिलेगी। सरकार दूध के उत्पादन पर फोकस कर रही है। इसके लिए जिले में सहकारी समितियो की संख्या बढ़ाने के लिए भी मदद मिलेगी। कक्षा आठवीं तक के बच्चों को अब ट्रेट्रा पैक में दूध मिलेगा। इसका लाभ जिले के सवा लाख विद्यार्थियों को होगा। जिले में किसानों को सोलर पंप का लाभ मिलेगा। इसी प्रकार जैविक खेती का रकबा बढ़ाने का फायदा भी जबलपुर को मिलेगा।  मिलेगा फायदा 399 करोड़ रुपए से होगा जिले की नहरों का उन्नयन: बरगी बांध की दायीं और बायीं तट नजर जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो रही हैं। हाल में सगड़ा-झपनी में नहर फूटने से बड़े क्षेत्र में सिंचाई प्रभावित हो गई। राज्य सरकार ने दोनों नहरों की मरम्मत व उन्नयन के लिए बजट में 399 करोड़ की राशि का प्रावधान किया है। बहोरीबंद माइनर उद्वहन सिंचाई योजना के तहत 100 करोड़ रुपये राशि का प्रावधान किया है। किसानों को बिल से राहत: बजट में कृषि तथा सम्बद्ध क्षेत्र के लिए बड़ा बजट दिया गया है। जिले में ढाई लाख किसान हैं। ज्यादा के पास बिजली से चलने वाले पंप हैं। एक लाख किसानों को सोलर पम्प देने की योजना बनाई गई है। इससे उन्हें बिजली बिल से राहत मिलेगी। वर्तमान में दो लाख हेक्टेयर में खेती होती है। किसानों को बिजली बिल के कारण काफी परेशानी बिल के कारण काफी परेशानी होती है। ई-बसों की जल्द मिलेगी सौगात: नगर को शीघ्र ई बसों की सौगात मिलेगी। बजट में इसकी जानकारी दी गई। पहले लॉट में 40 बस की सौगात मिल सकती है। इससे यातायात व्यवस्था सुधरेगी। वर्तमान में नगर में सिटी बस की संख्या घटकर 50 के लगभग रह गई है। हर रूट में यात्रियों को ई बस के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। चौंसठयोगिनी मंदिर तक बनेगा रोपवे भेड़ाघाट के चौसठयोगिनी मंदिर में पर्यटकों की पहुंच आसान बनाने के लिए रोपवे का निर्माण होगा। राज्य सरकार ने बजट में रोपवे निर्माण की योजना का संकेत दिया है। चौसठयोगिनी मंदिर तक पहुंचने के लिए 108 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है। बड़ी संख्या में पर्यटक, विशेषकर बुजुर्ग और शारीरिक रूप से असमर्थ लोग, सीढ़ियां नहीं चढ़ पाने के कारण मंदिर तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे में रोपवे बनने से पर्यटन को नया विस्तार मिलेगा और श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी। यह भेड़ाघाट क्षेत्र में बनने वाला दूसरा रोपवे होगा। अभी धुआंधार से न्यू भेड़ाघाट छोर तक रोपवे पहले से संचालित है, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक सफर करते हैं। भेड़ाघाट की ऊंचाई पर स्थित चौसठयोगिनी मंदिर परिसर में बाबा वैद्यनाथ महादेव विराजमान है। यह मंदिर करीब 870 वर्ष पुराना बताया जाता है और इसे कलचुरी काल की अद्वितीय कृति माना जाता है। इतिहासकार राजकुमार गुप्ता के अनुसार, मंदिर में सात चक्र भेदन और नाड़ी शोधन से जुड़ी योगनियां गर्भगृह बनने से लगभग 200 वर्ष पहले ही स्थापित हो चुकी थीं। लेबर चौक-अहिंसा चौक के बीच 17 करोड़ से हाईटेक रोड जिले में सड़क नेटवर्क को विस्तार देने के लिए सरकार ने हाइब्रिड एन्युटी मॉडल की घोषणा की है। यह योजना निजी भागीदारी के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण निर्माण और निर्धारित अवधि तक रखरखाव सुनिश्चित करेगी ताकि टिकाऊ और आधुनिक सड़क नेटवर्क तैयार हो सके। इसमें जिले के लिए 382 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। इस राशि से जिले में 34 नई सड़को का निर्माण और उन्नयन किया जाएगा। इनमें शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक की सड़कें शामिल है। इससे यातायात व्यवस्था मजबूत होगी और ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इनमें मेहता पेट्रोल पम्प से अहिंसा चौक के बीच तीन किलोमीटर लम्बी सड़क का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिस पर करीब 17 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

हाईकोर्ट ने रद्द किया आवमानना का केस, भोपाल कमिश्नर संस्कृति जैन को मिली राहत

जबलपुर   मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने बुधवार को नगर निगम भोपाल की आयुक्त संस्कृति जैन के विरुद्ध अवमानना की कार्रवाई निरस्त कर दी। एकलपीठ ने उन्हें अवमानना में दोषी करार देते हुए सजा पर सुनवाई निर्धारित की थी। जिसके खिलाफ महिला आईएएस अधिकारी ने अपील दायर की थी। युगलपीठ ने अपील की सुनवाई के बाद एकलपीठ के आदेश को निरस्त करते हुए महिला आईएएस अधिकारी के पक्ष में राहतकारी आदेश जारी किए। बिल्डिंग अनुमति कर दी थी निरस्त गौरतलब है कि नगर निगम भोपाल के द्वारा मर्लिन बिल्डकॉन प्रा लि. कि श्यामला हिल्स स्थित नादिर कॉलोनी में स्थित उसकी 3520 वर्ग फीट में बिल्डिंग की अनुमति 28 अगस्त 2025 को निरस्त कर दी गयी थी। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। याचिका के लंबित रहने के दौरान नगर निगम ने विगत 18 जनवरी को बिल्डिंग का एक हिस्सा तोड़ दिया था। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने नगर निगम की कार्यवाही सर्वोच्च न्यायालय द्वारा डेमोलिशन ऑफ स्ट्रक्चर एक्ट के तहत पारित दिशा-निर्देश के विपरीत पाते हुए मनमानी कार्यवाही किए जाने पर नगर निगम आयुक्त भोपाल संस्कृति जैन को तलब किया था। कमिश्नर हुईं थी उपस्थित याचिका की सुनवाई के दौरान 5 फरवरी को नगर निगम आयुक्त भोपाल संस्कृति जैन एकलपीठ के समक्ष उपस्थित हुईं। सुनवाई पहले के चरण में नगर निगम आयुक्त भोपाल संस्कृति जैन एकलपीठ के समक्ष उपस्थित होकर बिना शर्त माफी मांगते हुए हलफनामा प्रस्तुत करने की बात कही थी। दूसरे चरण में हुई सुनवाई के दौरान हलफनामा पेश नहीं किया गया। एकलपीठ ने मौखिक माफी स्वीकार करते हुए याचिकाकर्ता की तोड़ी गयी बिल्डिंग को बहाल करने के संबंध में जानकारी मांगी। नियम अनुसार हुई कार्रवाई एकलपीठ को बताया गया कि नियम अनुसार बिल्डिंग को तोड़ा गया है, उसे बहाल नहीं किया जा सकता है। एकलपीठ ने सर्वोच्चय न्यायालय द्वारा डेमोलिशन ऑफ स्ट्रक्चर एक्ट के तहत जारी की गयी गाइडलाइन का पालन नहीं करने पर अवमानना का दोषी करार देते हुए 6 फरवरी को सजा के लिए सुनवाई निर्धारित की गयी थी। नगर निगम ने दायर की अपील भोपाल नगर निगम की तरफ से एकलपीठ के आदेश को चुनौती देते हुए अपील दायर की गयी थी। अपील के सुनवाई हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ ने 6 फरवरी को महिला आईएएस अधिकारी संस्कृति ने अपीलकर्ता बनने की इजाजत प्रदान एकलपीठ के आदेश पर रोक लगा दी थी। उनकी तरफ से तर्क दिया गया कि गया कि कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट्स एक्ट, 1971 के सेक्शन 10 के तहत हाई कोर्ट को सिर्फ अपने आदेश या अपने अधीनस्थ न्यायालय के आदेश का जानबूझकर उल्लंघन के लिए अवमानना कार्यवाही कर सकता है। हाईकोर्ट के पास अपने से बड़ी सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर कार्रवाई शुरू करने का अधिकार नहीं है। अवमानना की कार्रवाई शुरू करने का अधिकार तभी है, जब न्यायालय के आदेशों का जानबूझकर उल्लंघन हुआ हो। मर्लिन बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड की पूरी याचिका में ऐसा कोई आरोप नहीं है कि नगर निगम ने उच्च न्यायालय या उसके अधीनस्थ किसी न्यायालय द्वारा पारित किसी आदेश या निर्देश का उल्लंघन किया है। पूर्व में अपील की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने एकलपीठ के आदेश पर रोक लगा दी थी। बुधवार को अपील की सुनवाई करते हुए उक्त आदेश के साथ युगलपीठ ने याचिका का निराकरण कर दिया। युगलपीठ ने अपील की सुनवाई के बाद अपील का निराकरण करते हुए उक्त आदेश जारी किए।  

घर-घर पहुँच रहा पानी, बदली ठरकपुर की कहानी

घर-घर पहुँच रहा पानी, बदली ठरकपुर की कहानी हर घर नल, हर घर जल का साकार हुआ सपना बिलासपुर जल जीवन मिशन से मुंगेली जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर ग्राम ठरकपुर में हर घर नल, हर घर जल का सपना साकार हुआ है। मिशन के अंतर्गत ठरकपुर में पाइपलाइन बिछाकर प्रत्येक घर को नल कनेक्शन प्रदान किया गया है। इसके बाद से गांव में न केवल पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है, बल्कि पानी की गुणवत्ता और नियमितता भी बेहतर हुई है। अब गांव के हर घर में स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। इसने ठरकपुर की कहानी बदल गई है। कभी पेयजल संकट से जूझने वाले ठरकपुर की तस्वीर आज पूरी तरह बदल चुकी है। एक समय था जब पानी के लिए हैंडपंपों पर लंबी कतारें, मटकों और बाल्टियों के साथ ग्रामीणों की भीड़ तथा गर्मी के दिनों में गांव में जल संकट होता था। पहले पूरा गांव पेयजल के लिए 8 हैंडपंपों के भरोसे था। गर्मियों में जलस्तर गिरने से ये हैंडपंप अक्सर जवाब दे जाते थे, जिससे ग्रामीणों विशेषकर महिलाओं को दूर-दराज के जल स्रोतों से पानी लाने मजबूर होना पड़ता था। ठरकपुर की श्रीमती गंगा यादव बताती हैं कि पहले छोटे बच्चों को घर पर छोड़कर दूर हैंडपंप से पानी लाना पड़ता था। गर्मी में बहुत परेशानी होती थी। अब घर में नल लग गया है, भरपूर पानी मिल रहा है और जीवन आसान हो गया है। नल जल योजना से महिलाओं की मेहनत और समय की बचत हो रही है, जिसे अब वे परिवार, बच्चों की देखभाल और अन्य रचनात्मक कार्यों में लगा पा रही हैं, इससे वहां की महिलाओं के चेहरे में मुस्कान आई है। ठरकपुर में जल जीवन मिशन केवल पानी की व्यवस्था नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, सुविधा और सम्मान का माध्यम बनकर आया है। स्वच्छ जल से बीमारियों में कमी आई है और ग्रामीणों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है।

मस्तूरी के 8 गांवों में राशन दुकान आवंटन, 13 मार्च तक मांगे गए आवेदन

बिलासपुर जिले के विकासखंड मस्तूरी के अंतर्गत सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 8 ग्रामों में उचित मूल्य (राशन) दुकानों के संचालन हेतु 13 मार्च 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। एसडीएम कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार इनमें बूढ़ीखार, गतोरा, केवतरा, गोडाडीह, मस्तूरी, मटिया, शिवटिकारी एवं सुकुलकारी ग्रामों में राशन दुकान खोले जाने हैं। इन ग्रामों राशन दुकान के लिए पात्र स्व सहायता समूह, ग्राम पंचायत अथवा सहकारी संस्थाएं निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 13 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक आवेदकों को अपने आवेदन मस्तूरी स्थित एसडीएम कार्यालय की खाद्य शाखा में उक्त तिथि तक जमा करना होगा। आवेदन निर्धारित फॉर्मेट में तैयार कर ए-4 आकार के लिफाफे में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। निर्धारित शर्तों एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। खाद्य निरीक्षक ने पात्र संस्थाओं से समय-सीमा के भीतर आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की है। विस्तृत जानकारी एसडीएम कार्यालय मस्तूरी के खाद्य शाखा से प्राप्त की जा सकती है। पटेल/

महिला मरीज पर होटल में घिनौना हमला, रिटायर्ड डॉक्टर ने अपने कमरे में रोक कर वारदात की तैयारी, फिर किया रेप

भोपाल   ग्वालियर के 65 वर्षीय रिटायर्ड डॉक्टर पर 30 वर्षीय महिला ने संगीन आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि डॉक्टर ने इलाज के नाम पर भोपाल ले आए। इसके बाद एमपी नगर के जोन-2 स्थित होटल में रेप किया है। महिला स्किन की बीमारी से पीड़ित है। बीमारी बढ़ने पर डॉक्टर ने कहा था कि इलाज के लिए भोपाल चलना पड़ेगा, वही पर इसके स्पेलिस्ट हैं। दवाइयों मिला दी नींद की गोली महिला का आरोप है कि इलाज के नाम पर लाकर रिटायर्ड डॉक्टर एमपी नगर स्थित एक होटल में ले गया। यहां उसकी दवाइयों में नींद की गोली मिला दी। इस दौरान वह चाहकर भी विरोध नहीं कर सकी। रिटायर्ड डॉक्टर ने इसी का फायदा उठाया और रेप किया। महिला की शिकायत पर एमपी नगर पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ रेप का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हाउस वाइफ है महिला दरअसल, पीड़ित 30 वर्षीय महिला हाउस वाइफ है। आरोपी डॉक्टर का नाम अमरीश सेंगर है। महिला चर्मरोग से पीड़ित थी। वह डॉक्टर के पास इलाज कराने गई थी। अमरीश पहले सरकारी अस्पताल में कार्यरत रहे हैं। रिटायर्ड होने के बाद वह क्लिनिक चलाते हैं। महिला की बीमारी में कोई सुधार नहीं हो रहा था और स्किन की बीमारी और फैलने लगी। चर्म रोग का इलाज चल रहा था भोपाल में एक होटल में रुके और खाने में नशीली दवा खिलाकर दुष्कर्म किया। डॉक्टर अमरीश सेंगर से पिछले 7 महीने से महिला का चर्म रोग का इलाज चल रहा था। पीड़िता ने एमपी नगर थाने में शिकायत की है। घटना के बाद आरोपी डॉक्टर फरार है। पुलिस डॉक्टर की तलाश और मामले की जांच में जुटी है। स्पेशलिस्ट दिखाने की बात कहकर आया भोपाल इसके बाद रिटायर्ड डॉक्टर ने महिला से कहा कि उसे भोपाल में स्पेशलिस्ट डॉक्टर से सलाह लेने होगी। उसने दावा किया कि वहां कुछ टेस्ट होंगे जो ग्वालियर में नहीं हो सकते हैं। होटल में कोई दूसरा कमरा नहीं आरोपी डॉक्टर 14 फरवरी को महिला को लेकर भोपाल आया। इस दौरान एमपी नगर स्थित होटल में लाया। महिला ने डॉक्टर से कहा कि मुझे अलग कमरा चाहिए। इस पर डॉक्टर ने कहा कि इस होटल में कोई दूसरा कमरा खाली नहीं है। 14 फरवरी की रात ही आरोपी ने होटल में उसके साथ रेप किया है। पुलिस महिला की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। वहीं, डॉक्टर की तलाश की जा रही है। घटना के बाद महिला ने अपने पति को सारी बात बताई थी। इसके बाद थाने में शिकायत दर्ज हुई है।

नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी कामयाबी, ‘ब्लैक फॉरेस्ट-2’ ऑपरेशन में 5 नक्सलियों का खात्मा

बीजापुर कर्रेगुट्टा क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन “ब्लैक फॉरेस्ट-2” के दौरान आज एक बड़ी मुठभेड़ में पांच नक्सली मारे गए है। यह कार्रवाई जिले में जारी नक्सल विरोधी अभियान, सर्च ऑपरेशन और एरिया डोमिनेशन के तहत की गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है। घटनास्थल से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को इस सफलता की सूचना दे दी गई है। सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च और सैनिटाइजेशन अभियान जारी रखा है। मुठभेड़ के दौरान और बरामदगी से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी प्रतीक्षित है। यह कार्रवाई क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे लगातार अभियान में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है और स्थानीय सुरक्षा बलों की तत्परता और तैयारियों को दर्शाती है।

सीवरेज समस्या को लेकर मंत्री के PA से बदतमीजी पर इंजीनियर सस्पेंड

सिरसा. जन स्वास्थ्य विभाग (सीवरेज) के कार्यकारी अभियंता बलविंदर नैन को सरकार ने निलंबित कर दिया है। उनके सस्पेंशन आदेश में इसकी वजह नहीं बताई गई। इससे पहले राज्य मंत्री कृष्ण बेदी के पीए और अधिकारी के बीच सीवरेज समस्या को लेकर हुई फोन पर बहस चर्चा का विषय बनी हुई है। बलविंदर नैन फतेहाबाद में तैनात थे और सिरसा का अतिरिक्त प्रभार भी उनके पास था। मंगलवार रात को राज्य मंत्री कृष्ण बेदी सिरसा में नप उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार के नाम पर चर्चा के लिए पहुंचे थे। भाजपा पार्षद राजन शर्मा ने मंत्री के समक्ष सीवरेज लाइन डाले जाने की लंबित समस्या उठाई। पार्षद के अनुसार, सीवरेज लाइन का टेंडर पहले ही हो चुका है। कार्यवाही के निर्देश दिए पर नहीं उठाया ठोस कदम उपायुक्त ने कार्यकारी अभियंता को कार्यवाही के निर्देश दिए थे, परंतु कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। शिकायत मिलने के बाद मंत्री ने अपने पीए को तत्काल अधिकारी से बात करने को कहा। रात 10 बजकर 20 मिनट पर पार्षद के मोबाइल से काल की गई तो बलविंदर नैन का फोन व्यस्त चल रहा था। फिर मंत्री के पीए ने काल की। पीए ने सीवरेज समस्या की बात कही तो अधिकारी ने जवाब दिया कि रात दस बजे के बाद सीवरेज का कौन सा काम होता है। राजन ने बताया कि सुबह दोबारा काल की तो उन्होंने फिर से यही बात दोहराई कि रात को सीवरेज समस्या का समाधान थोड़ा होता है।

चंडीगढ़ के 11 पुलिसकर्मियों ने किया नामचीन डॉक्टर का किडनैप

चंडीगढ़. शहर के नामी डेंटिस्ट डॉ. मोहित धवन की किडनैपिंग के मामले में चंडीगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों समेत नौ पुलिसकर्मी बुरी तरह फंस गए हैं। इस मामले में पिछले साल सीबीआई ने सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की थी। करीब एक साल तक चली जांच के बाद सीबीआई ने जिला अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। दो अन्य पुलिसकर्मियों के नाम भी जोड़ दिए। चार्जशीट में सीबीआई ने पुलिसकर्मियों की साजिश का पर्दाफाश किया है। सात जनवरी 2022 को डॉ.धवन का कथित तौर पर पर अपहरण किया गया था। सीबीआई जांच में सामने आया है कि डॉ. धवन का अपहरण करने के लिए पुलिसकर्मियों ने एक वॉट्सएप ग्रुप में साजिश रची थी। यह ग्रुप वारदात से कुछ घंटे पहले ही बना था जिसमें 11 पुलिसकर्मी जुड़े थे। इनमें इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों भी शामिल थे। ग्रुप में डॉ.धवन की कपड़ों से पहचान करने के बारे में बात चल रही थी। जैसे ही एक पुलिसकर्मी की उन पर नजर पड़ी, उसने तुरंत वॉट्स एप ग्रुप में उनकी तस्वीर शेयर कर दीं। इसके बाद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और जिला अदालत के गेट से डॉ. धवन को अगवा कर लिया। उन्हें एक प्राइवेट गाड़ी में बिठाकर शहर में घुमाते रहे। उन्हें कई घंटों तक गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया। सीबीआई जांच में सामने आया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें अदालत में पेश होने से रोकने के लिए उनका अपहरण किया था। सीबीआई के मुताबिक डॉ.धवन को किसी आपराधिक मामले में कोर्ट में पेश होना था, लेकिन अपहरण के कारण वह पेश नहीं हो सके। उनके खिलाफ पुलिस की एक फर्जी रेड के सबूत भी थे। इसलिए भी पुलिस उन्हें अदालत में पेश होने से रोकना चाहती थी। वॉट्सएप ग्रुप में ऐसी रची गई साजिश – सात जनवरी 2022 को उन्हें अगवा किया गया। उससे कुछ घंटे पहले एसआइ सुरेश कुमार ने वॉट्स एप ग्रुप बनाया। नाम दिया गया ''धवन" हेड कॉन्स्टेबल रिंकू राम के मोबाइल की जांच में मिले इस ग्रुप के सबूत सुबह 9.44 बजे से 10.26 बजे तक डॉ.धवन की पुरानी तस्वीरें शेयर की गईं एसआइ सुरेश ने ग्रुप में लिखा "जो भी डॉ.धवन की पहचान करे, वह उनके कपड़ों की डिटेल ग्रुप में शेयर करे।" 10.29 बजे कॉन्स्टेबल विकास हुड्‌डा ने डॉ.धवन की कोर्ट में पहुंचने की तस्वीर शेयर कर दी। 11.01 बजे एएसआइ अजमेर ने मैसेज किया गया कि सभी आफिशियल लोकल बस स्टैंड साइड के गेट पर मिलें। इसके बाद सभी पुलिसकर्मी एक-एक ग्रुप से निकल गए ताकि सबूत छिपाए जा सकें। सुप्रीम कोर्ट की दखल के बाद मामला CBI को ट्रांसफर डॉ.मोहित धवन ने एक आपराधिक मामले में अग्रिम जमानत के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उस याचिका पर हाईकोर्ट ने डॉ.धवन को जिला अदालत में पेश होने के आदेश दिए थे। सात जनवरी 2022 को डॉ.मोहित धवन अदालत में पेश होने पहुंचे, लेकिन एंट्री गेट पर ही क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें अगवा कर लिया। क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें अवैध तरीके से हिरासत में लिया। अगले दिन पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश कर उनका सात दिन का रिमांड भी ले लिया। डॉ.मोहित धवन बिना किसी अपराध के करीब दो महीने जेल में रहे। जमानत पर बाहर आने के बाद उन्होंने इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकाेर्ट ने जांच के लिए पंजाब पुलिस को विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट के इस फैसले को चंडीगढ़ प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने फिर अगस्त 2024 को हाईकोर्ट के फैसले को बदल दिया और मामले की जांच पंजाब पुलिस की बजाय सीबीआई को सौंप दी थी। इन पुलिसकर्मियों पर चलेगा केस इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों एसआइ सुरेश कुमार एएसआइ अजमेर सिंह उर्फ अमितोज सिंह हेड कॉन्स्टेबल अनिल कुमार कॉन्स्टेबल विकास हुड्‌डा कॉन्स्टेबल सुभाष एएसआइ बलवंत हेड कॉन्स्टेबल रिंकू राम कॉन्स्टेबल प्रदीप