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दहेज का विरोध: भिंड में दूल्हे के पिता ने 51 लाख लौटाए, सिर्फ 1 रुपया और नारियल लिया

  भिंड मध्य प्रदेश के भिंड से जो कहानी सामने आई है, उसने पूरे समाज को पॉजिटिव मैसेज दिया है. यहां एक शादी समारोह में दूल्हे के पिता ने दहेज के रूप में दिए गए 51 लाख रुपये लौटा दिए और सिर्फ 1 रुपये व एक नारियल स्वीकार कर बेटे का विवाह कराया. दहेज जैसी कुरीति के खिलाफ इस फैसले की सराहना हो रही है. भिंड के खिड़किया मोहल्ले में रहने वाले अनोज पाठक के बेटे आकर्ष पाठक का विवाह 5 फरवरी को शहर के जगदीश मैरिज गार्डन में तय हुआ था. दुल्हन पक्ष जबलपुर से लगुन फलदान लेकर पहुंचा. पारंपरिक रीति के तहत दहेज के रूप में 51 लाख रुपये फलदान में रखे गए. समारोह में मेहमान मौजूद थे. इसी बीच ऐसा निर्णय हुआ, जिसने लोगों को भावुक भी किया और सकारात्मक मैसेज भी दिया. फलदान की रस्म के दौरान जब यह राशि दूल्हे को भेंट की गई, तभी अनोज पाठक ने सभी के सामने दहेज लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि हम शादी करने आए हैं, कोई सौदा करने नहीं. यह कहते हुए उन्होंने पूरी राशि लौटा दी और केवल 1 रुपया व नारियल स्वीकार कर रस्म आगे बढ़ाई. दूल्हे के पिता अनोज पाठक का कहना है कि हमें अपने घर में बहू के रूप में बेटी चाहिए. रिश्ते पैसों से नहीं, अपनापन और संस्कार से बनते हैं. दहेज लेना हमारे सिद्धांतों के खिलाफ है. उनके इस फैसले ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को सोचने पर मजबूर कर दिया. लोगों ने फैसले की सराहना की. लोगों ने कहा कि आज भी देश के कई हिस्सों में दहेज के कारण बेटियों के परिवार आर्थिक बोझ तले दब जाते हैं. कई बार कर्ज, अपमान और सामाजिक दबाव उनकी जिंदगी को कठिन बना देता है. ऐसे में यह एक सकारात्मक संदेश है. 51 लाख रुपये लौटाना आर्थिक निर्णय कम और सामाजिक संदेश ज्यादा था. यह संदेश कि बेटी कोई बोझ नहीं, और विवाह कोई लेन-देन का सौदा नहीं. दूल्हे के पिता अनोज पाठक ने कहा कि मेरे दो बेटे हैं. मेरा विचार था कि मैं अपने बेटों की शादी में बहू के रूप में बेटी लाऊंगा. जो अच्छी बच्चियां हैं, संस्कार वाली बच्चियां हैं, उनके घर वाले संकोचवश हमसे संपर्क नहीं कर पाते थे. इसलिए मैंने ऐसा सोचा कि मैं अपने बेटे की शादी में पैसे नहीं लूंगा. जब मैंने पैसे वापस किए तो वह बहुत व्यथित हो गए. उन्हें लगा कि मैंने नाराजगी में ऐसा किया है, लेकिन जब और रिश्तेदारों ने मुझसे बात की तो उन्होंने समझाया तो उनकी समझ में आ गया. फिर वह बहुत खुश हुए.

पंचकूला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस ने परिसर को खाली कराया और सुरक्षा बढ़ाई

पंचकूला  पंचकूला में कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी भरा मेल आने की खबर सामने आ रही है,  जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कोर्ट परिसर को खाली करवाया दिया है। वहीं डॉग स्कवॉयड भी मौके तलाशी अभियान चला रही है।  सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आज पंचकूला कोर्ट के सेशन जज को थ्रेट मेल मिला, जिसमें कोर्ट को बम से उड़ने की धमकी दी गई थी। जिसकी जानकारी उन्होंने तुरंत पुलिस अधिकारियों को दी। पंचकूला डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि धमकी भरा मेल आने के बाद कोर्ट परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि अभी तक जांच में ऐसा कुछ पाया नहीं गया है। यह केवल धमकी का ही मामला है, लेकिन फिर भी उन्होंने एहतियातन पूरे कोर्ट परिसर की जांच की।

MP बोर्ड परीक्षा कल से: 16 लाख छात्र होंगे परीक्षा में शामिल, चोरी रोकने के लिए तैनात होगा तीसरी आंख और फ्लाइंग स्क्वॉड

भोपाल  मध्य प्रदेश में कल से माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं। इस बार प्रदेश भर में 16 लाख से ज्यादा छात्र अपने भविष्य की परीक्षा देंगे। प्रशासन ने परीक्षा को नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, जिसमें वीडियोग्राफी से लेकर सीसीटीवी कैमरों तक की मदद ली जा रही है। परीक्षा का कार्यक्रम और समय बोर्ड द्वारा जारी संशोधित टाइम टेबल के अनुसार परीक्षाएं सुबह 9:00 बजे से 12:00 बजे की शिफ्ट में आयोजित की जाएंगी। 12वीं बोर्ड: परीक्षाएं कल यानी 10 फरवरी से शुरू होंगी। 10वीं बोर्ड: परीक्षाएं 13 फरवरी 2026 से प्रारंभ होंगी। शिक्षा मंडल ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि छात्रों को संशोधित समय सारणी के प्रति जागरूक किया जाए ताकि किसी भी प्रकार का भ्रम न रहे। सुरक्षा के त्रि-स्तरीय इंतजाम परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए प्रशासन ने 'फुलप्रूफ' योजना तैयार की है: सीसीटीवी और वीडियोग्राफी: प्रदेश के 3856 परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी से निगरानी रखी जाएगी। थानों से प्रश्न-पत्र निकालने से लेकर वितरण तक की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है। फ्लाइंग स्क्वॉड (उड़नदस्ते): हर जिले में चार-चार फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात रहेंगे। इनमें प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शामिल होंगे, जो केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे। भोपाल में विशेष तैयारी: राजधानी में 104 केंद्रों पर 57 हजार से अधिक छात्र परीक्षा देंगे। छात्रों की संख्या का गणित इस वर्ष कुल 16 लाख से अधिक विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं: कक्षा 10वीं : लगभग 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी। कक्षा 12वीं : लगभग 7 लाख विद्यार्थी। विशेषज्ञों की सलाह: सेहत और तनाव का रखें ध्यान परीक्षाओं के दबाव को देखते हुए विशेषज्ञों ने छात्रों को पर्याप्त नींद लेने और संतुलित आहार लेने की सलाह दी है। अभिभावकों के लिए भी टिप्स जारी किए गए हैं कि वे घर का माहौल सकारात्मक रखें और बच्चों पर अत्यधिक अंकों का दबाव न बनाएं, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से सपोर्ट करें।

शासकीय दायित्वों की व्यस्तताओं के बीच भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया ‘जनता दर्शन’

जनता दर्शन  हर नागरिक की सेवा, सुरक्षा को प्रतिबद्ध है सरकारः मुख्यमंत्री शासकीय दायित्वों की व्यस्तताओं के बीच भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया ‘जनता दर्शन’  हापुड़ से आए सैनिक ने जमीन कब्जे की शिकायत की, मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को तत्काल मामले की जांच कर कार्रवाई का दिया निर्देश  सीएम ने बच्चों को दी सीख- मन लगाकर पढ़ाई करो, मोबाइल से दूर रहो  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासकीय दायित्वों की व्यस्तताओं के बीच भी सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। उन्होंने यहां आए प्रत्येक नागरिक से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। हापुड़ से आए दो सैनिकों ने मुख्यमंत्री से जमीन पर कब्जे की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को तत्काल मामले की जांच कर उचित निस्तारण का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 25 करोड़ प्रदेशवासियों की सेवा व सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम ने बच्चों को सीख दी कि खूब मन लगाकर पढ़ाई करो और मोबाइल से दूर रहो। सैनिकों ने की जमीन पर कब्जे की शिकायत  हापुड़ से आए दो सैनिक भी ‘जनता दर्शन’ में पहुंचे। एक सैनिक ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त की। बताया कि वह और उनके भाई सेना में रहकर देश की सेवा कर रहे हैं। उनके पिता नेत्रहीन हैं। उनकी जमीन ताऊ के लड़कों ने कब्जा कर ली है, जिनकी आपराधिक छवि है। ताऊ के लड़के हथियार के बल पर धमकी भी देते हैं। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका प्रार्थना पत्र लेते हुए हापुड़ प्रशासन को निर्देश दिया कि पूरे मामले की तत्काल जांच कराएं और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें।  आप एस्टिमेट दीजिए, सरकार इलाज कराएगी  मुख्यमंत्री के समक्ष कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि आप हॉस्पिटल से एस्टिमेट बनवाकर दें, सरकार इलाज में हरसंभव मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि आप मरीज के स्वास्थ्य की चिंता कीजिए, इलाज की चिंता सरकार की जिम्मेदारी है। इसके अतिरिक्त बिजली, नगर निगम, राजस्व आदि से जुड़े मामले भी आए, जिस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उचित निस्तारण का निर्देश दिया।  सीएम ने बच्चों को दुलारा और सीख भी दी  'जनता दर्शन' में अभिभावकों के साथ कुछ बच्चे भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से समस्याएं जानीं तो बच्चों का हालचाल पूछा। उनकी पढ़ाई के बारे में भी जाना। फिर कहा कि खूब मन लगाकर पढ़ाई करना और मोबाइल से दूर रहना। सीएम ने इन बच्चों पर स्नेह बरसाने के साथ उन्हें चॉकलेट भी दी।

नकली नोटों की गड्डी थमाकर महिला के जेवरात ले उड़े जालसाज

भोपाल राजधानी के जहांगीराबाद इलाके में नकली नोटों की गड्डी थमाकर एक महिला के जेवरात लेकर गायब होने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में दो जालसाजों के खिलाफ ठगी का केस दर्ज किया है। आरोपियों ने महिला का रास्ता रोककर उन्हें बातों में उलझाया और लूटपाट तथा चोरी का डर दिखाकर जेवरात उतरवाकर एक पोटली में बंधवा दिए।बाद में महिला ने देखा तो पोलटी के अंदर पत्थर बंधा मिला और नोटों की गड्डी में कागज की कतरन लगी हुई थी।पुलिस बताए गए हुलिए के आधार पर जालसाजों की तलाश कर रही है। जानकारी के अनुसार बरखेड़ी जहांगीराबाद में रहने वाली केशरबाई यादव (55) आंगनबाड़ी में काम करती हैं। बीते शुक्रवार को वह अपने पासबुक की एंट्री कराने के लिए न्यू मार्केट स्थित बैंक गई थी। वहां से लौटते समय वह लिली टॉकीज तिराहे पर बस से उतरी और घर जाने लगी। रशीदिया स्कूल रोड पर रास्ते में उन्हें दो युवक मिले। युवकों ने कहा कि अम्मा आप थक गई होगी थोड़ी देर बैठ जाओ हम आपको पानी पिलाते हैं। युवकों की बातों में आकर केशरबाई एक मकान के सामने चबूतरे पर बैठ गई। इस दौरान युवकों ने नोटों की गड्डी देते हुए कहा कि यह एक लाख रुपए हैं, आप इसे अपने थैले में संभाल कर रख लो, हम आपके लिए नाश्ता लेकर आते हैं। इसके साथ ही युवकों ने यह भी कहा कि इलाके में लूटपाट और चोरी का डर है, इसलिए आप अपने गहने भी उतारकर थैले में रख लीजिए। उसके बाद केशरबाई ने मंगलूसत्र, कान के टॉप्स और चांदी की चेन उतारकर युवकों को दे दी। उन्होंने जेवरात एक पोटली में बांधे और केशरबाई के थैले में रखकर नाश्ता लेने का कहकर चले गए। काफी देर बाद भी जब दोनों युवक वापस नहीं लौटे तो केशरबाई ने अपना थैला चेक किया। उन्होंने देखा तो पोटली के अंदर पत्थर बंधा हुआ था, जबकि नोटों की गड्डी में कागज लगे हुए थे। उसके बाद वह तुरंत ही घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी। परिजनों ने पहले दोनों युवकों की तलाश की, लेकिन जब उनका कुछ पता नहीं चला तो रविवार को थाने जाकर केशरबाई ने रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात जालसाजों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। बताए गए हुलिए और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की मदद से आरोपियों का पता लगाया जा रहा है।

रायबरेली में दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार कार की चपेट में आए 8 लोग, चार की मौत

  रायबरेली रायबरेली जिले में निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर एक तेज रफ्तार कार ने आठ लोगों को टक्कर मार दी. इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि यह हादसा जगतपुर पुलिस थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर जनौली गांव के पास तब हुआ, जब कोडर गांव के निवासी चुली गांव में आयोजित सामुदायिक भोज से लौट रहे थे. दो महिलाओं की मौके पर ही मौत पुलिस के मुताबिक ये लोग एक्सप्रेसवे से होकर गुजर रहे थे तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी. पुलिस ने बताया कि हिमांशी (23) और शालिनी (22) नाम की दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में रश्मी (14) और आसमा (22) ने बाद में दम तोड़ दिया. घायल जिला अस्पताल में भर्ती पुलिस के मुताबिक हादसे में रिया पटेल (14), प्रिया पटेल (12), साधना (नौ), मीना (22) और रेशमा (14) घायल हुई हैं. उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया है. पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद चालक कार छोड़कर मौके से फरार हो गया. उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है. ड्राइवर को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी घटना की जानकारी होने पर जिलाधिकारी हर्षिता माथुर तथा पुलिस अधीक्षक रवि कुमार जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह दुर्घटना निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार कार के कारण हुई. गाड़ी को को जब्त कर लिया गया है और ड्राइवर को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं.

सूरजकुंड मेले में हादसे पर दुष्यंत चौटाला का बयान, कहा- पर्यटन विभाग की लापरवाही से हुई छवि को क्षति

चंडीगढ़  पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने फरीदाबाद में चल रहे 39वे सूरजकुंड शिल्प मेले में हुए हादसे की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर ख्याति प्राप्त सूरजकुंड मेले में ऐसा हादसे होने से इस मेले और हरियाणा की प्रतिष्ठा को ना सिर्फ देश में, बल्कि विश्व स्तर पर नुकसान पहुंचा है। उन्होंने हादसे के कारणों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस हादसे से हरियाणा की छवि को हुए नुकसान के लिए हरियाणा का पर्यटन विभाग जिम्मेदार है। मेले में 50 देशों के 700 से ज्यादा शिल्पकार हिस्सा ले रहे हैं और देश-विदेश से पर्यटक आ रहे हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सूरजकुंड का अंतर्राष्ट्रीय मेला हाथ से सामान बनाने वाले देश-दुनिया के उम्दा कलाकारों को एक शानदार प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाता है। इस मेले में देश विदेश से लाखों पर्यटक आते हैं और शिल्पकारों व कलाकारों के बनाए सामान को देखते और खरीदते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के पर्यटन विभाग ने पिछले कुछ वर्षों से इस मेले को कमाई का जरिया बना लिया है और इसमें एडवेंचर के नाम पर असुरक्षित झूले लगाने की इजाजत दी जा रही है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि ऐसे झूलों की तरफ पर्यटक आकर्षित होते हैं और हथकरघा कारीगरों के काम की अनदेखी होती है। उन्होंने कहा कि सूरजकुंड मेले में ये झूले गैरजरूरी और कारीगरों की अनदेखी करवाने वाला कदम है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि इन झूलों को लगाने की इजाजत देने वाली नीति को बंद किया जाना चाहिए। वरिष्ठ जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला ने इस हादसे में मारे गए पुलिसकर्मी के परिवार को उचित आर्थिक सहायता के साथ परिवार को एक्सग्रेसिया के तहत एक नौकरी भी देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मृतक पुलिसकर्मी ने बहादुरी के साथ अपनी ड्यूटी निभाई है और राज्य सरकार को कैबिनेट से मंजूरी दिलवाकर उनके परिवार को एक नौकरी और पर्याप्त सहायता देनी चाहिए। साथ ही हादसे में घायल हुए लोगों को उचित इलाज के साथ आर्थिक सहायता भी देने की मांग उन्होंने की।

विवेक ओबेरॉय को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत, बिना इजाजत फोटो के इस्तेमाल पर होगी सख्त कार्रवाई

नई दिल्ली बॉलीवुड सेलेब्स इन दिनों पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए कोर्ट का रुख कर रहे हैं। सलमान खान, अमिताभ बच्चन, अजय देवगन, रजनीकांत, अनिल कपूर, ऐश्वर्या राय, अभिषेक बच्चन, ऋतिक रोशन और जैकी श्रॉफ समेत कई स्टार्स को कोर्ट से पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा मिल चुकी है। अब इस कड़ी में अभिनेता विवेक ओबरॉय का नाम भी शामिल हो चुका है। कोर्ट ने अपने नए आदेश में साफ कर दिया है कि अभिनेता की बिना परमिशन के उनसे जुड़ी किसी भी सामग्री का इस्तेमाल अपराध होगा। अभिनेता का कोर्ट में पक्ष रख रही अधिवक्ता सना रईस खान ने बताया कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने विवेक आनंद ओबेरॉय के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा करते हुए एक निर्णायक आदेश जारी किया है, जिससे उनके नाम, छवि और आवाज की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। न्यायालय ने उल्लंघनकारी सामग्री को तत्काल हटाने का आदेश दिया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि भविष्य में उल्लंघन करने वाले लोग कानून से बच नहीं पाएंगे। अधिवक्ता सना रईस खान के मुताबिक सिनेमा और उद्यम जगत के एक अग्रणी व्यक्ति और दो दशकों से समाज के लिए काम कर रहे ओबेरॉय को जान-बूझकर निशाना बनाया गया है। यह सिर्फ कानूनी उल्लंघन नहीं है, बल्कि उनके निजी जीवन और परिवार पर हमला है। इससे उनके परिवार और छोटे बच्चों पर गलत असर भी पड़ेगा। अभिनेता की कानूनी जीत एक सशक्त मिसाल कायम करती है कि किसी व्यक्ति का वंश सार्वजनिक संपत्ति नहीं है। क्लिकबेट या लाभ पाने के लिए उनके व्यक्तित्व के साथ किया गया खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसा करने वालों को कानूनी तौर पर कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। अभिनेता की तरफ से दायर शिकायत में जिक्र किया गया कि कई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियां और डिजिटल टेक्नोलॉजी मिलकर बिना इजाजत के उनके फोटो, वीडियो, आवाज और ब्रॉडिंग के लिए उनके नाम का इस्तेमाल कर रही हैं। अभिनेता की तरफ से यह भी पक्ष रखा गया कि कई बार ऑनलाइन साइट्स से सामग्री को हटाने के लिए कहा गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ, जिसके बाद कोर्ट का रुख किया गया। बता दें कि हिंदी सिनेमा से लेकर दक्षिण भारतीय सिनेमा के सेलेब्स को पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए कोर्ट का सहारा लेना पड़ रहा है क्योंकि अपने लाभ के लिए कई ऑनलाइन साइट्स सेलेब्स के नामों और फोटोज का इस्तेमाल धड़ल्ले से करती हैं। 

तेजप्रताप यादव का बड़ा आरोप: इन 5 नेताओं ने की साजिश, गद्दारों की लिस्ट का किया खुलासा

पटना. बिहार की राजनीति में अपनी बेबाकी और अलग अंदाज के लिए चर्चित लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने एक बार फिर पार्टी के भीतर खलबली मचा दी है. इस बार उन्होंने किसी पहेली का सहारा लेने के बजाय सीधे तौर पर उन पांच नामों का खुलासा किया है, जिन्हें वे अपनी राजनीतिक राह का कांटा और ‘जयचंद’ मानते हैं. तेज प्रताप का आरोप है कि ये पांचों नेता उनके खिलाफ गहरी साजिश रच रहे हैं और उन्हें उनके भाई तेजस्वी यादव से दूर करने की कोशिश में जुटे हैं. तेज प्रताप यादव ने जिन पांच नामों को ‘जयचंद’ की श्रेणी में रखा है, वे आरजेडी के बेहद रसूखदार चेहरे हैं. आइए इन पांचों नेताओं के बारे में विस्तार से जानते हैं . कौन हैं तेज प्रताप यादव के वो ‘पांच जयचंद’? तेजप्रताप यादव ने साजिशकर्ताओं के नाम और क्रम भी बताया है. उनके अनुसार,जयचंद्रों के क्रम में पहले नंबर पर महुआ के पूर्व विधायक मुकेश रौशन है तो नंबर दो पर राज्यसभा सांसद संजय यादव. नंबर तीन पर तेजस्वी यादव के करीबी रमीज नेमत, जबकि नंबर चार पर आरजेडी के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव हैं. नंबर पांच पांच पर जो नाम है वह भी चौंकाने वाला है, क्योंकि सुनील सिंह राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई के तौर पर जाने जाते हैं. आइए इन पांचों के बारे में भी जानते हैं. मुकेश रौशन: महुआ के पूर्व विधायक और ‘नंबर एक’ दुश्मन तेज प्रताप यादव की सूची में पहले स्थान पर मुकेश रौशन का नाम है. मुकेश रौशन वैशाली जिले की महुआ विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं. दिलचस्प बात यह है कि महुआ वही सीट है जहां से 2015 में तेज प्रताप खुद चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे. बाद में तेज प्रताप ने यह सीट मुकेश रौशन के लिए छोड़ दी थी.2020 का चुनाव तेज प्रताप यादव ने समस्तीपुर से लड़ा था. इसके बाद 2025 विधानसभा चुनाव में जनशक्ति जनता दल से उन्होंने फिर महुआ से चुनावी लड़ी, लेकिन मुकेश रौशन और तेज प्रताप यादव, दोनों ही चुनाव हार गए. एक समय में तेज प्रताप के बेहद करीबी माने जाने वाले मुकेश अब उनके निशाने पर हैं. संजय यादव: तेजस्वी के रणनीतिकार और राज्यसभा सांसद सूची में दूसरा सबसे प्रभावशाली नाम संजय यादव का है. संजय यादव वर्तमान में आरजेडी के राज्यसभा सांसद हैं और उन्हें तेजस्वी यादव का ‘दायां हाथ’ माना जाता है. हरियाणा के रहने वाले संजय यादव लंबे समय से तेजस्वी के राजनीतिक सलाहकार और रणनीतिकार की भूमिका निभा रहे हैं. तेज प्रताप यादव अक्सर यह आरोप लगाते रहे हैं कि संजय यादव जैसे बाहरी लोग परिवार के बीच में आकर भाई-भाई को लड़ाने का काम करते हैं. उनके लिए संजय यादव उस ‘सिस्टम’ का हिस्सा हैं जो तेज प्रताप को मुख्य राजनीति से दूर रखता है. रमीज नेमत: तेजस्वी यादव के साये की तरह रहने वाले करीबी तेज प्रताप ने तीसरे नंबर पर रमीज नेमत का नाम लिया है. रमीज का परिचय राजनीतिक गलियारों में तेजस्वी यादव के बेहद निजी और भरोसेमंद सहयोगी के तौर पर होता है. वे अक्सर तेजस्वी के साथ उनके दौरों और बैठकों में साये की तरह नजर आते हैं. तेज प्रताप का मानना है कि रमीज जैसे लोग सूचनाओं को फिल्टर करते हैं और उनके खिलाफ तेजस्वी के कान भरते हैं. संगठन में रमीज की बढ़ती सक्रियता तेज प्रताप को हमेशा से खटकती रही है. बता दें कि तेज प्रताप यादव की बड़ी बहन रोहिणी आचार्य ने भी रमीज की लालू परिवार में घुसपैठ पर सवाल उठाया था. शक्ति सिंह यादव: पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और प्रखर चेहरा चौथे स्थान पर तेज प्रताप ने शक्ति सिंह यादव को रखा है. शक्ति सिंह यादव आरजेडी के मुख्य प्रवक्ता हैं और टीवी चैनलों पर पार्टी का सबसे मजबूत पक्ष रखते हैं. वे हिलालपुर (हिलसा) से पूर्व विधायक भी रहे हैं. तेज प्रताप का आरोप है कि शक्ति सिंह यादव जैसे नेता सार्वजनिक रूप से तो पार्टी की बात करते हैं, लेकिन भीतर ही भीतर तेज प्रताप की छवि बिगाड़ने का काम करते हैं. प्रवक्ता के तौर पर उनके बयानों और सक्रियता को तेज प्रताप ने अपनी अनदेखी से जोड़कर देखा है. सुनील सिंह: विधान पार्षद और बिस्कोमान के अध्यक्ष पांचवें ‘जयचंद’ के रूप में तेज प्रताप ने सुनील सिंह का नाम लिया है. सुनील सिंह बिहार विधान परिषद के सदस्य (MLC) हैं और बिस्कोमान के अध्यक्ष के तौर पर सहकारिता जगत का बड़ा नाम हैं. सुनील सिंह को लालू प्रसाद यादव का बेहद करीबी और भरोसेमंद माना जाता रहा है, बिहार की राजनीति में उनकी पहचान तेज प्रताप यादव की मां और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई के तौर पर है. अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट के जरिए चर्चा में रहने वाले सुनील सिंह के साथ तेज प्रताप के रिश्ते काफी समय से तल्ख रहे हैं. तेज प्रताप को लगता है कि सुनील सिंह अपनी पहुंच का इस्तेमाल उनके राजनीतिक कद को छोटा करने में कर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई: मंत्री विजय शाह पर कर्नल कुरैशी के मामले में चार बार माफी की मांग

भोपाल  मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान के मामले में आज, 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। कोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार पहले ही अपनी रिपोर्ट दाखिल कर चुकी है। अब अदालत के समक्ष सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही आगे बढ़ाई जाए या नहीं। सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। सुप्रीम कोर्ट के रुख और संभावित निर्देशों को देखते हुए कानूनी, राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर लगातार समन्वय किया जा रहा है। दिल्ली में मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय बैठक सुनवाई से ठीक पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात दिल्ली प्रवास पर थे। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में मंत्री विजय शाह को लेकर बने राजनीतिक और कानूनी हालात पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात दिल्ली प्रवास के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मिले थे। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान उन्होंने मंत्री शाह को लेकर बने हालात पर चर्चा की। सीनियर वकीलों से भी इस मामले में सलाह ली गई है, ताकि कोर्ट में सरकार अपना पक्ष मजबूती से रख सके। सरकार कुछ मामलों में जांच के आधार पर समय-सीमा बढ़ाने की मांग कोर्ट से कर सकती है। इस मुद्दे पर भी पार्टी और सरकार स्तर पर मंथन हुआ है। दो दिन पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन से मिले थे। इसके बाद ही मंत्री विजय शाह को फिर से माफी मांगने के लिए कहा गया था। इसके बाद 7 फरवरी को मंत्री शाह ने लिखित माफी पढ़कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी, जिसका वीडियो भी जारी किया गया। पूरे मामले में यह उनकी चौथी माफी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और सुनवाई को देखते हुए सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और कोर्ट के रुख पर लगातार नजर बनाए हुए है। बता दें, मंत्री विजय शाह ने 11 मई 2025 को महू के रायकुंडा में ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। बताया जा रहा है कि राज्य सरकार ने वरिष्ठ वकीलों से भी सलाह ली है, ताकि सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखा जा सके। सरकार यह भी विचार कर रही है कि कुछ बिंदुओं पर जांच के आधार पर समय-सीमा बढ़ाने की मांग अदालत से की जाए। इस पहलू पर पार्टी और सरकार, दोनों स्तरों पर मंथन हुआ है। प्रदेश अध्यक्ष की मुलाकात और माफी का दबाव इस पूरे घटनाक्रम से पहले, दो दिन पूर्व बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से मिले थे। इसके बाद ही मंत्री विजय शाह से एक बार फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा गया। इसी क्रम में 7 फरवरी को मंत्री विजय शाह ने लिखित माफी पढ़कर सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना की, जिसका वीडियो भी जारी किया गया। यह इस पूरे विवाद में उनकी चौथी माफी थी। क्या है पूरा विवाद? मामले की जड़ 11 मई 2025 की है, जब मंत्री विजय शाह ने महू के रायकुंडा क्षेत्र में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। यह बयान सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया हुई। इस बयान को सेना, महिलाओं और एक समुदाय के प्रति आपत्तिजनक बताते हुए विरोध दर्ज कराया गया, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। पहली और दूसरी माफी: विवाद बढ़ने पर मंत्री विजय शाह ने 13 मई 2025 को पहली बार माफी मांगी। उन्होंने कहा, “सोफिया बहन ने देश का मान-सम्मान बढ़ाया है। मैं उन्हें सैल्यूट करता हूं। दुखी मन से और इतनी विपरीत परिस्थितियों में अगर मेरे मुंह से कुछ गलत निकल गया है, तो मैं दस बार माफी मांगने को तैयार हूं।” अगले दिन, 14 मई 2025 को लगभग इसी शब्दों में उन्होंने दोबारा माफी दोहराई। हालांकि, इन दोनों माफियों को लेकर यह सवाल उठता रहा कि क्या वे पर्याप्त और बिना शर्त थीं। तीसरी माफी: 23 मई 2025 का विस्तृत बयान 23 मई 2025 को मंत्री विजय शाह ने एक लंबा बयान जारी करते हुए तीसरी बार माफी मांगी। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुए जघन्य हत्याकांड से उनका मन विचलित था और उसी मानसिक स्थिति में उनसे भाषाई भूल हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी धर्म, जाति या समुदाय को ठेस पहुंचाना नहीं था और वे भारतीय सेना, कर्नल सोफिया कुरैशी तथा देशवासियों से पूरी तरह क्षमा प्रार्थी हैं। चौथी माफी: 7 फरवरी 2026, कोर्ट की सुनवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से ठीक पहले, 7 फरवरी को मंत्री विजय शाह ने चौथी बार सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनके शब्द देशभक्ति के उत्साह, उत्तेजना और आवेश में निकल गए थे, जो उनकी वास्तविक भावना के अनुरूप नहीं थे। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा और संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है, इस घटना से उन्होंने आत्ममंथन किया है और भविष्य में ऐसी गलती दोहराई नहीं जाएगी। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी नजर अब पूरे मामले की दिशा सुप्रीम कोर्ट की आज की सुनवाई से तय होगी। अदालत यह निर्णय कर सकती है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही आगे बढ़ेगी या राज्य सरकार की दलीलों और माफियों को देखते हुए कोई अन्य रास्ता अपनाया जाएगा।