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ग्राम अमदरी में बांधवगढ़ विधायक ने विकास निर्माण कार्य का भूमि पूजन किये

ग्राम अमदरी में बांधवगढ़ विधायक ने विकास निर्माण कार्य का भूमि पूजन किये उमरिया उमरिया जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत अमदरी में बांधवगढ़ विधायक शिवनारायण सिंह ने विकास कार्यों का भूमि पूजन किये। एवं भूमि पूजन करते हुए कार्यक्रम को संबोधित भी किया। विकास निर्माण कार्यक्रम में लाड़ली बहनों के ऊपर पुष्प वर्षा भी बांधवगढ़ विधायक शिव नारायण सिंह ने किये। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बांधवगढ़ विधायक श्री शिव नारायण सिंह ने कहे कि अब महात्मा गांधी रोजगार गारंटी जो चल रही थी।अब उसकी जगह में जी राम जी योजना के तहत  सभी लोगों को 100 दिन से बढ़ाकर के 125 दिन का काम आपके पंचायत में दिया जाएगा। केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की चलाई जाने वाली योजनाओं के बारे में सभी ग्रामीण जनों को जानकारी भी दिए। वहीं भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष कमलेश गुप्ता ने सभा को संबोधित करते हुए कहे की भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी का सपना था। कि गांव-गांव सड़क हो जो आज छोटे से छोटे गांव में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सभी गांव को शहर से जोड़ा जा रहा है। सभी महिलाओं को उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर भी प्रदान किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार सभी वर्ग के लिए कार्य कर रही है।कार्यक्रम में बांधवगढ़ विधायक शिवनारायण सिंह ग्राम पंचायत अमदरी के सरपंच वीना नथ्थू सिंह ग्राम पंचायत हर्रवाह के सरपंच सोनू गुप्ता भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष कमलेश गुप्ता भाजपा मंडल बिलासपुर के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सोनी मंडल महामंत्री सोहन कोल मंडल उपाध्यक्ष राकेश तिवारी,रामपाल सिंह,जनपद सदस्य लक्ष्मी राम प्रताप मिश्रा,सत्यनारायण गुप्ता, राजेश सिंह चौहान,राम सिंह,किश्शु महार,नीरज पटेल,बाबूलाल, शीतल महार, कनछेदी सिंह, लालजी सिंह एवं ग्रामीण जन उपस्थित रहे.  

निशातपुरा में युवक से मारपीट कर बाइक, अंगूठियां, मोबाइल और पर्स लूटा

निशातपुरा में युवक से मारपीट कर बाइक, अंगूठियां, मोबाइल और पर्स लूटा   रात पौने दो बजे तीन बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम  पुलिस मिले महत्वपूर्ण सुराग, जल्द होगा मामले का खुलासा  भोपाल राजधानी के निशातपुरा इलाके में बाइक सवार एक युवक के साथ तीन बदमाशों ने जमकर मारपीट की और उसकी बाइक, मोबाइल फोन, पर्स और सोने-चांदी की तीन अंगूठियां लूट ली। घटना रात करीब पौने दो बजे उस वक्त हुई, जब युवक अपने साथी हलवाई को छोड़कर घर लौट रहा था।पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूटपाट और मारपीट का मामला दर्ज कर लिया है। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है, जिससे कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।पुलिस का दावा है कि जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। थाना प्रभारी मनोज पटवा ने बताया कि हर्ष वर्मा (32) गुर्जरपुरा इतवारा में रहता है और शादी पाटिर्यों में लगने वाले कैटरिंग में खाना बनाने का काम करता है। बुधवार-गुरुवार की रात वह जेल रोड इलाके में एक कार्यक्रम में खाना बनाने के लिए पहुंचा था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वह अपने साथ काम करने वाले हलवाई को अस्सी फीट रोड शिवनगर स्थित उसके घर छोडऩे गया था। रात करीब पौने दो बजे वह हलवाई को छोडऩे के बाद बाइक से अपने घर के लिए लौट रहा था। करोंद स्थित शिव मंदिर के पास अचानक तीन बदमाशों ने उसे रोक लिया और जमकर मारपीट कर दी। उसके बाद बदमाशों ने हर्ष की बाइक, मोबाइल फोन, पर्स और हाथ की उंगलियों में पहने एक सोने और दो चांदी की अंगूठियां उतरवा ली। उसके बाद तीनों बदमाश वहां से भाग निकले। पुलिस ने बीती देर रात तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मारपीट और लूटपाट का मामला दर्ज कर लिया।   तीनों बदमाशों का सुराग मिला खुलासा जल्द  मामले की गंभीरता को देखते हुए बदमाशों की तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि बदमाशों के बारे में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिल गए हैं। कुछ संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शुक्रवार शाम तक तीनों बदमाशों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी। वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों का आपराधिक रिकार्ड बताया जा रहा है।

महाकाल के दर्शन के बाद IPS राकेश गुप्ता ने पदभार संभाला, बोले- कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करेंगे

उज्जैन  वर्ष 1999 बैच के आईपीएस राकेश गुप्ता ने बाबा महाकाल के दर्शन कर आईजी का पदभार संभाल लिया है। राकेश गुप्ता पूर्व में भी उज्जैन के आईजी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। सिंहस्थ महाकुंभ से पहले एक बार फिर प्रदेश सरकार द्वारा उज्जैन रेंज आईजी आईपीएस राकेश गुप्ता को सौंपी है। वह उज्जैन पहुंचे, जहां ऑफिसर मैस पर अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों द्वारा उनकी अगवानी की गई और पुष्पगुच्छ भेंट किया। आईपीएस राकेश गुप्ता बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे और वहां से कार्यालय लौटकर पदभार ग्रहण किया। आईजी गुप्ता उज्जैन संभाग रेंज से भली भांति परिचित हैं। उज्जैन में एसपी, डीआईजी और आईजी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। एक बार फिर उन्हें आईजी की कमान सौंपी गई है। उन्हें वर्ष 2016 के सिंहस्थ महाकुंभ का अनुभव है, उसे वक्त डीआईजी के रूप में उज्जैन में पदस्थ थे। इस बार का सिंहस्थ महाकुंभ बड़े पैमाने पर होने जा रहा है, उनका अनुभव व्यवस्थाएं संभालने के लिए काफी अहम होगा। उज्जैन मे कार्य करने का लंबा अनुभव 1999 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अफसर राकेश गुप्ता को उज्जैन में पुलिसिंग का लंबा अनुभव है। इसके पहले वे उज्जैन में आईजी, डीआईजी और एसपी के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। वे 2011 से 2013 तक उज्जैन एसपी और सिंहस्थ 2016 में डीआईजी के रूप में पदस्थ रह चुके हैं। उज्जैन में उनकी वापस पदस्थी का कारण सिंहस्थ भी है। निश्चित रूप से उनके पिछले अनुभव का लाभ उज्जैन को मिलेगा।   इंदौर में चर्चित रहा उनका कार्यकाल वरिष्ठ आईपीएस राकेश गुप्ता का इंदौर में लंबा कार्यकाल रहा और उनके कार्यकाल में पुलिस ने कईं सफल पुलिसिंग के कार्य किए। वे इंदौर रेंज के आईजी, इंदौर के एसएसपी और बाद में इंदौर के तीसरे पुलिस कमिश्रर रह चुके हैं। उल्लेखनीय है कि तत्कालीन पुलिस कमिश्रर मकरंद देऊस्कर के प्रतिनियुक्ति पर जाने पर गुप्ता को इंदौर का पुलिस कमिश्रर नियुक्त किया गया था। इंदौर में डीआईजी रहते गुप्ता ने कुख्यात सियागंज खड़ी कराई गैंग, कोतवाली क्षेत्र में हुए बोहरा व्यापारी हत्याकांड सहित कई हाई प्रोफाइल मामलों के खुलासे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर जेल पहुंचाया था।

हरियाणा-एनसीआर में तापमान में लगातार बढ़ोतरी

हिसार. हरियाणा-एनसीआर-दिल्ली में मौसम धीरे-धीरे करवट बदलता नजर आ रहा है। कड़ाके की ठंड, कोहरा और शीतलहर का दौर अब लगभग समाप्ति की ओर है और फरवरी के साथ तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। हिसार स्थित हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार इस समय क्षेत्र में मौसम आमतौर पर शुष्क बना हुआ है। दिन व रात के तापमान सामान्य के आसपास पहुंच चुके हैं। आने वाले दिनों में ठंड का असर और कमजोर होगा, जबकि दूसरे पखवाड़े में हल्की गर्मी की आहट महसूस होने लगेगी। कमजोर पश्चिमी विक्षोभ केवल पर्वतीय क्षेत्रों तक सीमित रहेंगे, जिससे हरियाणा एनसीआर में वर्षा की संभावना नहीं है। मौसम के इस बदलाव से दिन के समय सुहावनापन बढ़ने की उम्मीद है। कोहरे से भी मिलने लगेगी राहत हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विशेषज्ञ डा. चंद्रमोहन डागर के अनुसार हरियाणा, एनसीआर, दिल्ली में कोहरे व शीतलहर का प्रभाव तेजी से कम हो रहा है। दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी से दृश्यता में सुधार दर्ज किया जा रहा है और घने कोहरे की परिस्थितियां फिलहाल नहीं बन रही हैं। शीत दिवस और पाला जमने जैसी गतिविधियां भी लगभग समाप्ति पर हैं। हालांकि आने वाले दिनों में मौसम शुष्क बने रहने से कहीं-कहीं हल्का कोहरा दिख सकता है।

AAP नेता लक्की ओबेरॉय की बदमाशों ने गोली मारकर की दिनदहाड़े हत्या

जालंधर. जालंधर के मॉडल टाउन में शुक्रवार को दिनदहाड़े आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबेरॉय की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। जानकारी के अनुसार लकी ओबेरॉय किसी निजी कार्य से मॉडल टाउन गुरुद्वारा साहिब के पास गए हुए थे। वह अपनी थार गाड़ी में बैठे थे, तभी अचानक कुछ हमलावर वहां पहुंचे और उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने बेहद नजदीक से करीब 13 गोलियां चलाईं, जो लक्की ओबेरॉय को लगीं। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें तुरंत श्री राम स्पेशलिटी अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही शहर के कई राजनीतिक नेता और समर्थक अस्पताल व मौके पर पहुंच गए। एडीसीपी जयंत पुरी सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और हमलावरों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। इलाके में दहशत का माहौल है। सुखबीर बादल ने पंजाब सरकार पर कसा तंज सुखबीर बादल ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। सुखबीर बादल ने ट्वीट कर कहा कि, ''राज्य में अपराध बेलगाम हो चुके हैं और हालात इतने खराब हैं कि सत्तारूढ़ पार्टी के अपने नेता भी सुरक्षित नहीं हैं।  आम आदमी पार्टी के नेता अपनी ही सरकार में सुरक्षित नहीं है। आज ही जालंधर के माडल टाऊन में गुरुद्वारा साहिब के बाहर आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबराए की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कानून-व्यवस्था की नाकामी का बड़ा सबूत है। यह घटना साफ दर्शाती है कि अपराधियों में कानून का कोई डर नहीं रह गया है। सुखबीर बादल ने आगे कहा कि 2026 में ही अब तक करीब 25 हत्याएं हो चुकी हैं, जबकि महीने के पहले सप्ताह में ही 9 हत्याओं के मामले सामने आए थे। ये वारदातें किसी एक जगह तक सीमित नहीं हैं- ये हर जगह हो रही हैं, चाहे वह कोर्ट कॉम्प्लेक्स हो, व्यस्त बाज़ार हो, शादी का वेन्यू हो या गुरुद्वारा साहिब के बाहर ही क्यों न हो। सरकार और पुलिस की ओर से बार-बार गैंगस्टरों के खिलाफ अभियान चलाने के दावों पर भी सवाल उठाए गए हैं। विपक्ष का कहना है कि जमीनी हकीकत में हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं और अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान मौजूदा हालात शासन नहीं बल्कि अराजकता को दर्शाते हैं। आप एक और दिन भी कुर्सी पर रहने के लायक नहीं हैं। 

छत्तीसगढ़ में अगले 2 दिन में गिरेगा तापमान

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदलने वाला है. मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अगले 48 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे रात की ठंड में इजाफा होने की संभावना है. न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है. इसके बाद आने वाले दिनों में किसी विशेष परिवर्तन के आसार नहीं हैं. बीते 24 घंटों में प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क रहा. अगले दो दिनों में तापमान में गिरावट के बाद अगले 7 दिनों तक प्रदेश के अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है. कहां रही सबसे ज्यादा गर्मी और कहां सबसे ज्यादा ठंड? मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, राजनांदगांव में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 31.5°C दर्ज किया गया और अंबिकापुर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 11.5°C दर्ज किया गया.                     प्रमुख शहरों के तापमान का हाल  स्टेशन    अधिकतम तापमान (°C)    न्यूनतम तापमान (°C)    सापेक्ष आर्द्रता (08:30 am) रायपुर    30.7°C    18.4°C    71% बिलासपुर    29.5°C    18.4°C    73% दुर्ग    30.8°C    13.6°C    87% जगदलपुर    31.3°C    13.3°C    70% पेण्ड्रारोड    26.6°C    14.8°C    92% रायपुर शहर के लिए पूर्वानुमान  राजधानी रायपुर में 5 फरवरी को सुबह के समय धुंध छाए रहने की संभावना है. शहर का अधिकतम तापमान 31°C और न्यूनतम तापमान 18°C के आसपास रहने का अनुमान है.

छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर नक्सलियों के साथ मुठभेड़, 3 नक्सली मारे गए, एक जवान शहीद

बीजापुर  बीजापुर (Bijapur) और महाराष्ट्र की सीमा से लगे अबूझमाड़ (Abujhmad) क्षेत्र में पुलिस (Police) और नक्सलियों (Naxalite) के बीच पिछले दो दिनों से भीषण मुठभेड़ जारी है. यह मुठभेड़ एक बड़े एंटी नक्सली ऑपरेशन के दौरान शुरू हुई, जिसे सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों के निर्णायक सफाए के रूप में देखा है. मुठभेड़ के दौरान अब तक तीन नक्सली ढेर किए जा चुके हैं, जिनमें दो पुरुष और एक महिला शामिल है. घटना स्थल से एक AK-47 राइफल और एक SLR बरामद की गई है. मारे गए नक्सलियों की पहचान अभी तक जारी नहीं की गई है और उनकी विस्तृत जानकारी एकत्र की जा रही है. अबुझमाड़ जंगल इलाके में चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई है, जिसमें तीन नक्सली मारे गए हैं।पुलिस के मुताबिक मारे गए नक्सलियों में दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। मुठभेड़ स्थल से एक AK-47 राइफल और एक SLR राइफल बरामद की गई है। फिलहाल मारे गए नक्सलियों की पहचान नहीं हो पाई है।इस अभियान के दौरान C-60 यूनिट के कांस्टेबल दीपक चिन्ना मडावी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें हेलीकॉप्टर से भामरागढ़ के उप-जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त की। वहीं एक अन्य जवान कांस्टेबल जोगा मडावी गोली लगने से घायल हुए हैं, जिनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है और पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। एक जवान शहीद, एक घायल इस ऑपरेशन में सुरक्षा बलों को भी नुकसान झेलना पड़ा है. C-60 कमांडो के कॉन्स्टेबल दीपक चिन्‍ना मडावी (38 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हुए थे. उन्हें हेलिकॉप्टर से भामरागढ़ उप-जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने शहादत प्राप्त की. पूरे क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान जारी है. सुरक्षा बलों को आशंका है कि जंगलों में अभी भी नक्सलियों का समूह सक्रिय हो सकता है, इसलिए आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. मुठभेड़ जिस इलाके में चल रही है, वह घने जंगलों और दुर्गम भौगोलिक स्थितियों के कारण नक्सलियों का पुराना ठिकाना माना जाता रहा है. महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले से सटे इस सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा बल लंबे समय से नक्सल विरोधी अभियानों को गति दे रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई नक्सलियों के खिलाफ चल रहे बड़े अभियान का हिस्सा है और आगे भी इसी प्रकार के ऑपरेशन जारी रहेंगे.

आर्मी जवान का तलाक केस हाईकोर्ट में पहुंचा, पत्नी के प्रेगनेंसी को लेकर उठे सवाल, 4 दिन में कैसे हुई गर्भवती?

जबलपुर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से एक ऐसा फैसला आया है, जिसने शादी, तलाक और पारिवारिक विवादों से जुड़े मामलों में नई बहस छेड़ दी है. मामला एक आर्मी जवान और उसकी पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहे तलाक विवाद का है, जिसमें पत्नी ने बच्चे के DNA टेस्ट के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. लेकिन कोर्ट ने साफ कर दिया कि यह मामला बच्चे की वैधता पर सवाल उठाने का नहीं, बल्कि पत्नी पर लगाए गए आरोपों की जांच से जुड़ा है. हाईकोर्ट ने क्या कहा, क्यों खारिज की पत्नी की याचिका? मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की एकलपीठ में जस्टिस विवेक जैन ने पत्नी की याचिका खारिज करते हुए फैमिली कोर्ट के DNA टेस्ट के आदेश को सही ठहराया. कोर्ट ने साफ कहा कि यह जांच किसी भी तरह से बच्ची को अवैध या नाजायज ठहराने के लिए नहीं है और न ही उसकी कानूनी पहचान पर इसका कोई असर पड़ेगा. कोर्ट का मकसद सिर्फ यह देखना है कि पत्नी पर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है. DNA सैंपल से इनकार किया तो क्या होगा?  खबर के मुताबिक, हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि अगर पत्नी DNA सैंपल देने से इनकार करती है, तो फैमिली कोर्ट को पूरा अधिकार होगा कि वह भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 114(h) या नए BSA 2023 के तहत उसके खिलाफ प्रतिकूल अनुमान लगाए. यानी सैंपल न देने का फायदा पत्नी को नहीं मिलेगा. पत्नी ने डीएनए नहीं दिया तो? कोर्ट ने कहा कि यदि पत्नी डीएनए नमूने देने से इनकार करती है, तो फैमिली कोर्ट भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 114(h) या बीएसए 2023 के संबंधित प्रावधानों के तहत पत्नी के खिलाफ अनुमान लगा सकती है। यानी कि अगर पत्नी नमूने देने से इनकार करती है, तो कोर्ट यह मान लेगा कि पति जो कह रहा है, वही सच है। क्योंकि इस टेस्ट का मकसद पत्नी के 'अफेयर' की जांच करना है, बच्ची को 'नाजायज' साबित करना या उसे नीचा दिखाना नहीं। चार दिन बाद ही पत्नी हुई गर्भवती यह मामला व्यभिचार के आरोप पर दायर तलाक याचिका से संबंधित है। पति बच्चे की पितृत्व जानने या भरण-पोषण की देनदारी से इनकार करने के उद्देश्य से डीएनए टेस्ट नहीं चाहता है। पति का कहना है कि वह भारतीय सेना में है और पत्नी ने उसे अक्टूबर 2015 में बुलाया था। पति ने कोर्ट से कहा कि वह छुट्टी पर घर आए और सिर्फ 4 दिन में पत्नी ने कह दिया कि वह प्रेग्नेंट है।। पति के अनुसार, डॉक्टर 4 दिन में प्रेग्नेंसी की स्थिति नहीं बता सकते, यह नामुमकिन होता है। इसके लिए इंतजार करना होता है। दूसरी तरफ बच्चा भी तय समय से पहले और उस समय पैदा हुआ, जब वह घर पर नहीं थे। इसलिए पति ने बच्चे का डीएनए कराने की मांग की है।  पत्नी के वकील की दलील पत्नी के वकील अनुज पाठक ने तर्क दिया कि बच्चे का डीएनए टेस्ट उसकी निजता, स्वायत्तता और पहचान के अधिकार का उल्लंघन करेगा और उसकी वैधता पर अनुचित रूप से संदेह पैदा करेगा। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 112 एक वैध विवाह के दौरान पैदा हुए बच्चे की वैधता का एक मजबूत अनुमान स्थापित करती है, और डीएनए टेस्ट नियमित रूप से नहीं दिए जाने चाहिए। वकील ने कहा कि अदालतों को बच्चे के सर्वोत्तम हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि किसी भी बच्चे को इस तरह से पारिवारिक विवादों में नहीं घसीटा जाना चाहिए जिससे उसके भविष्य पर कलंक लगे। पति के वकील ने भी दिए तर्क पति के वकील शीतल तिवारी ने प्रतिवाद किया कि यह चुनौती कार्यवाही को रोकने और महत्वपूर्ण तथ्यों को दबाने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि पति भारतीय सेना में तैनात है और कुछ महीनों में एक बार घर आ पाता है, जबकि पत्नी मध्य प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल है। पति के वकील ने दावा किया कि मेडिकल सलाह के अनुसार, गर्भधारण के चार दिनों के भीतर गर्भावस्था का पता नहीं लगाया जा सकता है। इस पर कोर्ट का भी मानना है कि जब पति पुख्ता सबूत दे रहा है कि वह उस वक्त पत्नी के साथ नहीं था, तो सच का पता लगाने के लिए DNA टेस्ट कराना गलत नहीं है। ‘4 दिन में प्रेग्नेंसी’ का दावा क्यों बना सबसे बड़ा सवाल मामले की सबसे चौंकाने वाली बात वही है, जिसने पूरे केस की दिशा बदल दी. पति ने कोर्ट को बताया कि वह भारतीय सेना में पदस्थ है और अक्टूबर 2015 में पत्नी के बुलाने पर घर आया था. लौटने के सिर्फ चार दिन बाद पत्नी ने उसे बताया कि वह गर्भवती है. कोर्ट ने माना कि मेडिकल साइंस के हिसाब से चार दिन में प्रेग्नेंसी का पता चलना बेहद संदिग्ध है. इसके अलावा बच्ची का जन्म भी अक्टूबर 2015 के करीब आठ महीने बाद हुआ, जिससे पति-पत्नी के साथ न होने की दलील और मजबूत हो जाती है. तीन तलाक याचिकाएं और 10 साल का विवाद यह कोई नया विवाद नहीं है. पहली तलाक याचिका 2019 में दायर हुई थी, जिसे आपसी सहमति से तलाक के आश्वासन पर वापस ले लिया गया. दूसरी याचिका भी 2019 में दाखिल हुई, लेकिन पत्नी दूसरी मोशन में पेश नहीं हुई और मामला 2 मार्च 2021 को बंद हो गया. इसके बाद 2021 में तीसरी तलाक याचिका दायर की गई, जो अब तक लंबित है और इसी में DNA टेस्ट की मांग की गई. कोर्ट का साफ संदेश हाईकोर्ट ने साफ कहा कि जब तलाक का आधार व्यभिचार हो, पति ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बच्चे की वैधता या भरण-पोषण का मुद्दा न हो, तो DNA टेस्ट का आदेश देना कानूनन गलत नहीं है. यह फैसला भविष्य में ऐसे मामलों के लिए एक अहम नजीर माना जा रहा है.

श्रम विभाग के 1500 करोड़ के वर्क स्लिक घोटाले की जांच तेज

चंडीगढ़. हरियाणा में हाल ही में चर्चा में आए श्रम विभाग के 1500 करोड़ रुपये के वर्क स्लिक घोटाले की जांच अब तेज होगी। जांच के लिए गठित कमेटी की पहली बैठक शुक्रवार को चंडीगढ़ में होने जा रही है। हालांकि यह बैठक तय समयावधि के बाद हो रही है, क्योंकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कमेटी का गठन करते समय एक माह के भीतर रिपोर्ट देने के लिए कहा था। श्रम मंत्री अनिल विज ने दिसंबर में इस घोटाले को उजागर किया था। शुरू में हिसार, कैथल, जींद, सिरसा, फरीदाबाद और भिवानी जिलों में जांच की गई, जहां बहुत सारी गड़बडिय़ां मिलीं। विभागीय जांच लगभग चार महीने पहले शुरू हुई थी और अब तक 13 जिलों में 100 प्रतिशत जांच पूरी हो चुकी है। 13 जिलों में कुल 5 लाख 99 हजार 758 वर्क स्लिप जारी की गई थीं, जिनमें से सिर्फ 53 हजार 249 ही सही पाई गईं। बाकी 5 लाख 46 हजार 509 वर्क स्लिप गलत निकलीं। गलत वर्क स्लिप और फर्जी मजदूरों के नाम दर्ज इसी तरह, कुल 2 लाख 21 हजार 517 मजदूरों के नाम दर्ज थे, लेकिन जांच के बाद सिर्फ 14 हजार 240 ही सही पाए गए, जबकि 1 लाख 93 हजार 756 मजदूरों के नाम फर्जी निकले। इसका मतलब है कि बहुत बड़ी संख्या में गलत वर्क स्लिप और फर्जी मजदूरों के नाम दर्ज किए गए थे। आरोपों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने आइएएस पंकज अग्रवाल की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया था, जिसमें आइएएस राजीव रतन और आइपीएस पंकज नैन सदस्य हैं। एक माह बाद भी कमेटी अपनी रिपोर्ट नहीं दे सकी है। जांच कमेटी गठित इसका बड़ा कारण कमेटी में शामिल अधिकारियों के पास एक से अधिक विभागों की जिम्मेदारी होना है। विभागों की लगातार हो रही मीटिंगों के कारण अधिकारी इस जांच को लेकर समय नहीं दे पाए। सरकार ने कमेटी का गठन तो कर दिया है लेकिन जांच का स्वरूप तय नहीं किया। आइएएस पंकज अग्रवाल के अनुसार बजट सत्र की तैयारियों के कारण सभी अधिकारी व्यस्त हैं। इसके बावजूद छह फरवरी शुक्रवार को कमेटी की पहली औपचारिक मीटिंग बुलाई गई है। इस मीटिंग की सूचना कमेटी में शामिल सभी सदस्यों को दे दी गई है।

बठिंडा में पुलिस ने आधी रात दबिश देकर कई किसान नेताओं को लिया हिरासत में

बठिंडा. पंजाब के बठिंडा में चाऊके आदर्श स्कूल संघर्ष से जुड़े किसान नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर आज बठिंडा में प्रस्तावित पक्के मोर्चे से पहले प्रशासन और किसान संगठनों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। पक्का मोर्चा विफल करने के उद्देश्य से पुलिस ने तड़के बड़े स्तर पर किसान नेताओं के घरों पर छापेमारी की, जिसमें कई नेताओं को हिरासत में लिया गया है। जानकारी के अनुसार पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन (एकता) उगराहां से जुड़े दो किसान नेताओं—कुलविंदर सिंह ग्याना और फौजी महिमा—को हिरासत में लिया है। इसके अलावा अजैब सिंह जखेपल और कर्मजीत सिंह मंगवाल को भी पुलिस ने काबू किया है। वहीं जिला प्रधान शिंगारा सिंह मान, वरिष्ठ नेता जगदेव सिंह जोगेवाला, जगसीर सिंह झुंबा, गुलाब सिंह जिउंद, अमरीक सिंह सिवियां और लखबीर सिंह मान सहित करीब एक दर्जन नेताओं के घरों पर दबिश दी गई, लेकिन अधिकांश नेता पहले ही भूमिगत हो चुके थे। यूनियन के अनुसार आधी रात के बाद घराचों, महलां, गंडुआं और उगराहां सहित कई गांवों में पुलिस कार्रवाई की गई। प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां के घर भी छापेमारी हुई, हालांकि वे वहां नहीं मिले। यूनियन ने सोशल मीडिया पर पुलिस कार्रवाई की सीसीटीवी फुटेज साझा करते हुए आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। नेताओं ने भुच्चो खुर्द में इकट्‌ठे होने का लिया निर्णय बताया जा रहा है कि कल जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में किसानों ने डीसी कार्यालय का घेराव करने के बजाय भुच्चो खुर्द में एकत्र होने का निर्णय लिया था, लेकिन तड़के हुई कार्रवाई के बाद यूनियन ने रणनीति में बदलाव किया है। इधर धरना स्थल भुच्चो खुर्द को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। किसान नेता की रिहाई की मांग यूनियन नेताओं ने बताया कि पूरा संघर्ष बलदेव सिंह चाऊके और सगनदीप सिंह जिउंद की रिहाई को लेकर है, जो पिछले नौ महीनों से बठिंडा जेल में बंद हैं। यूनियन का आरोप है कि दोनों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं। नेताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक रिहाई नहीं होती, तब तक पक्का मोर्चा जारी रहेगा।