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रेलवे ने शुरू की डिजिटल व्यवस्था, अब ट्रेनों में बैठे-बैठे मिलेगा स्वादिष्ट खाना

भोपाल  ट्रेन के सफर के दौरान यात्रियों को अब गर्म ताजा भोजन, मिनरल वाटर या जरूरी यात्रा जानकारी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भोपाल मंडल (Bhopal Rail Division) में एकीकृत मोबाइल ऐप सेवा को एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म सर्विस प्रोवाइडर सर्वर से कनेक्ट कर दिया है। इस आधुनिक डिजिटल पहल से रेल यात्रा पहले से कहीं अधिक आसान और सुविधाजनक हो गई है। सीट पर बैठे-बैठे मिलेगी सुविधा सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि यात्रियों की दैनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने यात्रा से जुड़ी अनेक सेवाओं को एक ही मोबाइल ऐप प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया है। इस ऐप के माध्यम से यात्री अपनी सीट पर बैठे-बैठे ट्रेन की लाइव लोकेशन, रिजर्वेशन चार्ट, टिकट विवरण, पीएनआर स्टेटस और ट्रेन के रनिंग स्टेटस की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। मिलेगा गर्म भोजन एकीकृत मोबाइल ऐप के जरिए यात्री आरक्षित टिकट, अनारक्षित टिकट और प्लेटफॉर्म टिकट की बुकिंग भी आसानी से कर सकते हैं। इसके साथ ही ट्रेन सर्च, कोच और सीट लोकेशन जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां भी तुरंत उपलब्ध हो जाती हैं, जिससे स्टेशन पर अनावश्यक पूछताछ और भीड़ से राहत मिलती है। यात्रा के दौरान भोजन की समस्या को दूर करने के लिए इस ऐप में ई-कैटरिंग सेवा को भी शामिल किया गया है। यात्री अब अपनी पसंद का गर्म और ताजा भोजन, साथ ही मिनरल वाटर, सीधे अपनी सीट पर ऑर्डर कर सकते हैं। यह सेवा समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति सुनिश्चित करती है, जिससे यात्रियों का सफर अधिक आरामदायक बनता है। 

300वीं जयंती के मौके पर कर्तव्य पथ पर गूंजेगा अहिल्या के सुशासन का संदेश, प्रदेश की झांकी पेश

 इंदौर  राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस समारोह 2026 में दिल्ली के कर्तव्य पथ पर चलने वाली मध्य प्रदेश की झांकी लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती को समर्पित है। राज्य शासन ने गणतंत्र दिवस परेड 2026 में प्रदेश की भव्य झांकी ‘पुण्यश्लोक लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर’ के गौरवशाली व्यक्तित्व, सुशासन, आत्मनिर्भरता, नारी सशक्तीकरण और सांस्कृतिक संरक्षण को सशक्त रूप से प्रदर्शित किया है।   झांकी के अग्र भाग में लोकमाता देवी अहिल्याबाई की चिर-परिचित प्रतिमा को दर्शाया गया है, जिसमें वे हाथ में शिवलिंग धारण किए पद्मासन में विराजमान हैं। यह दृश्य भारतीय मातृशक्ति की सौम्यता, गरिमा और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। झांकी के मध्य भाग में लोकमाता अहिल्याबाई अपने मंत्रि-गण एवं सैनिकों के साथ दिखाई गई हैं, जो उनके सुदृढ़ प्रशासन और न्यायप्रिय शासन व्यवस्था को दर्शाता है। इसके निचले हिस्से में उनके शासनकाल में होलकर साम्राज्य द्वारा किए गए मंदिरों के जीर्णोद्धार एवं निर्माण कार्यों का चित्रण है, जहां एक सैनिक पहरा देते हुए सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा का संदेश देता है। अंतिम भाग में देवी अहिल्याबाई की राजधानी महेश्वर के प्रसिद्ध घाट, मंदिर एवं किले को प्रदर्शित किया गया है। नीचे पवित्र नर्मदा नदी, घाट एवं नौकाओं का दृश्य अंकित है। झांकी के अंतिम छोर पर महेश्वर घाट स्थित मंदिरों के शिखर दिखाई देते हैं। वहीं भित्तिचित्रों में लोकमाता अहिल्याबाई के मार्गदर्शन में महिलाएं प्रसिद्ध महेश्वरी साड़ी की बुनाई करती हुई नजर आती हैं, जो उनके काल में नारी सशक्तीकरण, स्वदेशी उत्पादन और आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रमाण है। झांकी के साथ चलते लोक कलाकारों का पारंपरिक नृत्य इस प्रस्तुति को जीवंत, रंगीन और भावनात्मक रूप से प्रभावशाली बनाता है। 

सिक्सलेन और फोरलेन ब्रिज का विस्तार, राजधानी में यात्रा की सुविधा बढ़ेगी

भोपाल  भोपाल में कोलार सिक्सलेन से केरवा डैम के बीच अब केरवा नदी बाधा नहीं बनेगी। पीडब्ल्यूडी कोलार रोड पर इनायतपुर के पास केरवा नदी पर चार लेन नया ब्रिज (New fourlane Bridge) बना रहा है। इसके लिए फरवरी में एजेंसी तय कर दी जाएगी। अगले डेढ़ माह में काम शुरू होगा। डेढ़ से दो साल में लोगों को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। पीडब्ल्यूडी ब्रिज ईई एआर मोरे ने कहा कि हम केरवा का नया ब्रिज तैयार कर रहे हैं। इसके लिए प्रक्रियाएं इसी माह पूरी कर देंगे। अगले डेढ़ साल में ये तैयार हो जाएगा।  सीहोर, सलकनपुर और नसरुल्लागंज तक बेहतर राह अभी गोलजोड़ व इससे कुछ आगे तक सिक्सलेन है। इसके बाद जर्जर पुल है, जिससे गुजरने में आशंका रहती है। बड़े वाहन मंडीदीप के रास्ते आगे बढ़ते हैं। अब उच्चस्तरीय पुल बनने से मंडीदीप की बजाय सीधे केा पुल, कोलार डेम से होते हुए आगे बढ़ जाएंगे। नसरूल्लागंज और रातापानी तक की एप्रोच आसान होगी। ये नया ब्रिज रातापानी के झिरी एंट्री तक निकाल देगा। कोलार रोड से जुड़े 25 गांवों को इससे सीधे लाभ होगा। चार लेन का ब्रिज खत्म करेगा दुर्घटना की स्थिति केरवा नदी पर कोलार डैम के बीच चार लेन का ब्रिज नदी पर दुर्घटना की स्थिति खत्म करेगा। अभी केरवा नदी (Kerwa Dam) को पार करने जिस रास्ते कमा उपयोग किया जाता है वह करीब 30 साल पुराना है। भारी वाहन के दबाव से टूटने की स्थिति है। अब नया मजबूत उच्चस्तरीय ब्रिज के बनने से भारी वाहन भी सरपट आगे बढ़ जाएंगे। गौरतलब है कि हाल में जर्जर पुलिया के पास कार वबाइक दुर्घटनाग्रस्त हुए थे। इसमें वाहन चालकों की जान भी चली गई थी। 15 किमी का सिक्सलेन, अब 50 किमी तक लाभ देगा अभी कोलार तिराहा से नहर तिराहा होते हुए गोलजोड व आगे तक 15 किमी में सीसी सिक्सलेन किया गया है। इसमें कलियासोत ब्रिज को पहले ही सिक्सलेन कर दिया गया है। इसमें अब केरवा नदी का ब्रिज बचा था, जिसके लिए अब प्रक्रिया की जा रही है। इस ब्रिज के बनने से पब्लिक ट्रांसपोर्ट के तहत बस का भी आगे के लिए रास्ता खुल जाएगा। बैरागढ़ चीचली से आगे का क्षेत्र विकसित हो जाएगा।

मध्यप्रदेश एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई: 5 अत्याधुनिक पिस्तौल जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार

मध्यप्रदेश एसटीएफ की अवैध शस्त्रों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई,  5 अत्याधुनिक पिस्तौल जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) द्वारा अवैध शस्त्रों के विरुद्ध कार्यवाही कर बड़ी सफलता प्राप्त की है। एसटीएफ इंदौर की दो विशेष टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई कर 5 अत्याधुनिक पिस्तौलें मय मैगजीन जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाही उप पुलिस अधीक्षक STF इंदौर श्री राजेश सिंह चौहान के निर्देशन में दो विशेष टीमों द्वारा की गई। इनमें प्रथम टीम में इंस्पेक्टर श्री रमेश चौहान, प्र.आर. भूपेन्द्र गुप्ता एवं आर. विवेक द्विवेदी तथा द्वितीय टीम में प्र.आर. आदर्श दीक्षित, आर. देवराज बघेल एवं आरक्षक देवेन्द्र सिंह शामिल थे। STF को प्राप्त विश्वसनीय सूचना के आधार पर अवैध शस्त्रों की धरपकड़ हेतु दोनों टीमों को कार्रवाई के लिए रवाना किया गया। सूचना के अनुसार बताए गए स्थान पर पहुंचकर टीमों द्वारा घेराबंदी कर दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोका गया। विधिवत तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 5 अत्याधुनिक पिस्तौलें एवं मैगजीन बरामद की गईं। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने ग्राम बोराड़िया, थाना भिकनगांव, जिला खरगोन के रहना बताया। दोनों आरो‍पी किसी भी प्रकार का वैध शस्त्र लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सके, जिस पर सभी हथियारों को जब्त करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की गई। प्रकरण में अवैध शस्त्रों की आपूर्ति, नेटवर्क तथा इनके संभावित उपयोग से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई प्रचलन में है।  

रेल ट्रैक धमाके के पीछे खालिस्तानी संगठन का दावा, पंजाब में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अमृतसर पंजाब के सरहिंद में रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट की जिम्मेदारी आतंकी संगठन 'खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स' ने ली है। फोर्स के सरगना रणजीत सिंह नीटा ने हस्ताक्षर वाला एक नोट वायरल हो रहा है। इसमें रणजीत सिंह नीटा ने कहा कि यह तो सिर्फ ट्रेलर था। हम यह विस्फोट पैसेंजर ट्रेन में भी कर सकते थे लेकिन हमारा इरादा किसी का जानी नुकसान करना नहीं है। यह भारत सरकार को एक चेतावनी है। हमारी खालिस्तान की मांग पहले भी थी और आगे भी जारी रहेगी। न ही हम आराम से बैठे हैं और न ही बैठने देंगे। खालिस्तान बनने तक यह संर्घष जारी रहेगा। हमारे एक्शन सरकार की नींद हराम करते रहेंगे। डीआईजी पहुंचे जांच करने, अभी आतंकी हमला मानने से इनकार गणतंत्र दिवस से पहले पंजाब के फतेहगढ़ साहिब के सरहिंद में रेलवे ट्रैक पर जोरदार धमाका हुआ है। आरडीएक्स जैसे विस्फोटक से रेलवे ट्रैक के परखच्चे उड़ गए। इसमें मालगाड़ी के ड्राइवर को चोटें आई हैं। इन घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों को चिंता में डाल दिया है। रोपड़ रेंज के डीआईजी नानक सिंह ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने बताया कि पुलिस और अन्य एजेंसियां जांच कर रही हैं। वैज्ञानिक तरीके से सबूत जुटाए जा रहे हैं। बड़ा संपत्ति नुकसान नहीं हुआ और चालक को सिर्फ हल्की चोटें हैं। ट्रैक और गाड़ी को गंभीर क्षति नहीं पहुंची। क्षतिग्रस्त ट्रैक की मरम्मत कर रेल यातायात को बहाल कर दिया गया है। डीआईजी ने फिलहाल इसे आतंकी हमला मानने से इनकार किया। हालांकि उन्होंने कहा कि यह एक आपराधिक गतिविधि लगती है। जांच पूरी होने पर ही साफ होगा। इलाके में नाकेबंदी की गई है और संदिग्धों की तलाश चल रही है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नीटा ने आईएसआई की मदद से किया था खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स का गठन आतंकी संगठन खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स की स्थापना रणजीत सिंह नीटा ने की थी। वह जम्मू का मूल निवासी है, लेकिन लंबे समय से पाकिस्तान में रह रहा है। उसने पाकिस्तान में आईएसआई की मदद से खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स का गठन किया। इस संगठन का उद्देश्य सिखों को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित कर उन्हें अपने संगठन में भर्ती करना था। नीटा ने 1980 के दशक में पाकिस्तान में अपने संपर्कों की नींव रख दी थी। उसने जम्मू के सिंबल कैंप, आरएस पुरा और अन्य सिख बहुल इलाकों में अपनी पकड़ बनाई, जहां सिख समुदाय की बड़ी संख्या थी। 1990 के दशक में वह पाकिस्तान चला गया और वहां जाकर खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स का गठन किया। उस दौर में इस संगठन ने दिल्ली और पंजाब के बीच चलने वाली बसों और ट्रेनों को निशाना बनाया था। इसके बाद, इसने अपनी रणनीति बदलते हुए धार्मिक नेताओं को भी टारगेट करना शुरू कर दिया। 2009 में इस संगठन ने राष्ट्रीय सिख संगत के प्रमुख रुलदा सिंह की हत्या कर दी, और विएना में संत रामानंद की हत्या में भी इसका हाथ था। साल 2017 के बाद खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स ने अपनी गतिविधियों को और बढ़ा दिया और पंजाब के कई पुलिस थानों में धमाके किए। खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स की मौजूदगी भारत में नहीं, बल्कि इसके सदस्य अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, नेपाल, स्विट्जरलैंड और इटली जैसे देशों में भी मौजूद हैं। खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स भारत में पहले से ही प्रतिबंधित है लेकिन इसके सदस्य विदेशों में सक्रिय होकर अपनी साजिशों को अंजाम देने में जुटे हुए हैं।

बिहार में गुड़ उत्पादन यूनिट लगाने के लिए 1 करोड़ तक सब्सिडी

पटना. सरकार से अनुदान लेकर गुड़ उत्पादन इकाई लगाने के लिए गन्ना उद्योग विभाग में ऑनलाइन आवेदन 25 जनवरी तक जमा कर सकते हैं। रविवार अंतिम दिन है। विदित हो कि राज्य में गन्ना की खेती करने के साथ ही चीनी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की कई योजनाएं चल रही हैं। जिसमें गन्ना की खेती करने के लिए किसानों को अनुदान दिए जा रहे हैं। इसी प्रकार सरकार ने गुड़ उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम संचालित है। इसमें गुड़ उत्पादन इकाइयों को स्थापित करने लिए गन्ना किसानों एवं निवेशकों को छह लाख से लेकर एक करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। इसके लिए गन्ना उद्योग विभाग ने सातवें चरण में 25 दिसंबर-2025 तक ही ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि निर्धारित किया था। इसके उपरांत तिथि को 25 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है। दारोगा के 78 पदों के लिए 27 फरवरी तक आवेदन बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (बीपीएसएससी) मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में अवर निरीक्षक मद्य निषेध के 78 पदों पर नियुक्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन मंगलवार से स्वीकार करेगा। आवेदन के लिए लिंक 27 फरवरी तक आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। अभ्यर्थी एक से अधिक आवेदन करते हैं, तो परीक्षा में शामिल होने से वंचित भी हो सकते हैं। एक अगस्त, 2025 तक किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक या समकक्ष परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। उम्र की गणना एक अगस्त, 2025 से की जाएगी। विस्तृत जानकारी आयोग की वेबसाइट https://bpssc.bihar.gov.in/ पर अपलोड है। जेईई-मेन में अब तक 7.70 लाख परीक्षार्थी हुए हैं शामिल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-मेन के जनवरी सेशन की परीक्षा 21 जनवरी से जारी है। बीई-बीटेक के लिए रोजाना दो पालियों में परीक्षा हो रही है। तीसरे दिन एनटीए की ओर से जारी की गई जानकारी के अनुसार 23 जनवरी फर्स्ट शिफ्ट तक पांच पालियों में आठ लाख एक हजार 326 विद्यार्थियों की परीक्षा शिड्यूल जारी की गई थी। इसमें सात लाख 70 हजार 441 विद्यार्थी शामिल हुए। ऐसे में उपस्थिति 96.15 प्रतिशत रही। बड़ी बात है कि परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों में आधार कार्ड वैरिफाइड विद्यार्थियों की संख्या सात लाख 40 हजार 412 थी, जो 96.10 प्रतिशत है। इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी 2,563 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी। अभी बीई-बीटेक के लिए परीक्षा के पांच और शिफ्ट आयोजित की जानी है और एक शिफ्ट बीआर्क के लिए होनी है।

मिट्टी और मानव स्वास्थ्य का आधार है प्राकृतिक खेती: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल. उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा जिले की ग्राम पंचायत हरिहरपुर में किसानों को दिये जा रहे प्राकृतिक खेती के नि:शुल्क प्रशिक्षण में हिस्सा लिया। यहाँ पर प्राकृतिक खेती का मॉडल विकसित कर किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने प्रशिक्षण में उपस्थित किसानों से संवाद किया तथा प्राकृतिक खेती के गुणों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि रीवा प्राकृतिक खेती का हब बनेगा। बसामन मामा गौवंश वन्य विहार के साथ ही हिनौती गौधाम में भी प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि संबंधित क्षेत्र के किसान प्रशिक्षण प्राप्त कर प्राकृतिक खेती कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक किसान को अपनी भूमि के कुछ भाग में प्राकृतिक खेती अवश्य करनी चाहिए जो भूमि के स्वास्थ्य के साथ ही स्वयं व परिवार के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि हमें अपनी प्राचीन ज्ञान परंपरा को आदत में डालना होगा। रीवा जिले में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्धत है, इसलिए उन्हें सही दिशा में खेती करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को प्राकृतिक खेती उत्पादन के संबंध में गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले किसानों में से ही मास्टर ट्रेनर तैयार होंगे जो जिले के अन्य किसानों को प्राकृतिक खेती के संबंध में प्रशिक्षण देंगे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अपने खेत में 4 एकड़ क्षेत्र में गेंहू व एक एकड़ में सब्जी की प्राकृतिक खेती आरंभ की है। उन्होंने खेत में जगपावनी का छिड़काव किया तथा प्रशिक्षण स्थल में गौकृपा अमृत निर्माण की शुरूआत की। प्राकृतिक खेती का ज्ञान जिंदगी व पीढ़ी को बदलने वाला प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे किसान  शिववरण सिंह एवं  विनोद ने बताया कि यह प्रशिक्षण जिंदगी व पीढ़ी को बदलने का प्रशिक्षण है। हम लोग इससे प्राकृतिक खेती को अपनाकर अपनी आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित रख सकेंगे। उन्होंने कहा कि हम प्रशिक्षण प्राप्त कर जिले के किसानों को भी प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण में अजगरहा, हरिहरपुर, अगडाल आदि आसपास के गांवों के किसान उपस्थित रहे। हरिरहरपुर में 25 जनवरी तक प्राकृतिक खेती का तीन दिवसीय नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है।   रविशंकर की संस्था लिविंग ऑफ आर्ट के प्रतिनिधियों द्वारा प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में प्राकृतिक खेती के लिए भूमि तैयार करने, बीजों के उपचार, केमिकल रहित खाद तथा कीटनाशक बनाने एवं मल्टीलेयर फसल की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण में प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत, पंचगव्य जगपावनी, अग्निहोत्र निर्माण, गौकृपा अमृत, अमृत जल/भस्म जल, भस्म खाद, धूम्र चिकित्सा, नीमास्त्र, ब्रहृमास्त्र, आग्नेयास्त्र, ताम्रदही तथा आवर खाद निर्माण की भी जानकारी दी जा रही है। इन सबका निर्माण नाममात्र के खर्च पर गोबर, गोमूत्र, गुड़, बेसन जैसे घर में उपलब्ध पदार्थों से किया जाता है।

CM के विदेश में होने से दुमका में रिपब्लिक डे पर उपायुक्त करेंगे ध्वजारोहण

दुमका. झारखंड गठन के बाद से यह परंपरा रही है कि गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री उपराजधानी दुमका में राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं, लेकिन इस साल यह परंपरा टूटने जा रही है. इसकी वजह है मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विदेश दौरे पर होना. इस वजह से वे 26 जनवरी को दुमका नहीं पहुंच पाएंगे. इधर, संताल परगना प्रमंडल में आयुक्त का पद भी पिछले करीब तीन महीने से खाली है. ऐसे में इस वर्ष दुमका के पुलिस लाइन मैदान में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में उपायुक्त अभिजीत सिन्हा राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे. फुल ड्रेस रिहर्सल के साथ तैयारियां पूरी गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए शुक्रवार को पुलिस लाइन मैदान में भव्य परेड का फुल ड्रेस रिहर्सल कराया गया. रिहर्सल के दौरान डिप्टी डेवलपमेंट कमिश्नर अनिकेत सचान और एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने परेड का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया. परेड के 15 दस्ते होंगे परेड में शामिल इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में संताल परगना प्रमंडल के सभी छह जिलों से आए कुल 15 दस्ते हिस्सा लेंगे, जो परेड में शामिल भी होंगे. इनमें झारखंड सशस्त्र पुलिस (JAP), आईआरबी, जिला पुलिस बल, स्काउट-गाइड और एनसीसी की टुकड़ियां शामिल हैं. इसके अलावा विभिन्न विभागों की ओर से विकास योजनाओं और सरकारी उपलब्धियों को दिखाने वाली कुल 14 आकर्षक झांकियां भी निकाली जाएंगी, जो समारोह का खास आकर्षण का केंद्र होगा. सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह टाइट डिप्टी डेवलपमेंट कमिश्नर अनिकेत सचान ने बताया कि मुख्यमंत्री विदेश दौरे पर हैं और राज्य में निवेश से जुड़े कार्यक्रमों में व्यस्त हैं, इसलिए इस बार उपायुक्त द्वारा झंडोत्तोलन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि समारोह से जुड़ी सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. वहीं, एसपी पीताम्बर सिंह खेरवार ने बताया कि सुरक्षा को लेकर पूरी सतर्कता बरती जा रही है. पुलिस लाइन मैदान में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. कार्यक्रम स्थल पर तीन प्रवेश द्वार बनाए गए हैं, जिनमें वीआईपी के लिए अलग गेट निर्धारित गया है. इसके साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए अलग-अलग रूट भी फाइनल कर लिए गये हैं.

सिर्फ समारोह नहीं, बदलाव की शुरुआत है बालिका दिवस: मंत्री भूरिया

भोपाल. राष्ट्रीय बालिका दिवस पर झाबुआ में आयोजित कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री  निर्मला भूरिया ने कहा कि “बेटियों को आत्मनिर्भर बनाकर समाज और राष्ट्र के विकास की मुख्यधारा में लाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यह दिवस केवल उत्सव का नहीं, बल्कि सोच बदलने और संकल्प लेने का अवसर है।” मंत्री  भूरिया ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने की प्रक्रिया सतत होती है और चुनौतियाँ व्यक्ति को अधिक मजबूत बनाती हैं। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज का वातावरण बालिकाओं के व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाता है, इसलिए बेटियों के लिए सुरक्षित, सकारात्मक और सहयोगी माहौल का निर्माण अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि रूढ़िवादी मानसिकता को बदलना समय की आवश्यकता है। “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसी योजनाओं से सरकार बेटियों को शिक्षा, सम्मान और समान अवसर उपलब्ध करा रही है। मंत्री  भूरिया ने जनजातीय समाज में बेटियों को प्राप्त सम्मान का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी सकारात्मक सोच को पूरे समाज में अपनाने की आवश्यकता है। मंत्री  भूरिया ने बताया कि लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना सहित अनेक कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से बालिकाओं और महिलाओं को निरंतर सशक्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज बेटियाँ शिक्षा, खेल, तकनीक और रोजगार के हर क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर रही हैं। मंत्री  भूरिया ने बालिकाओं से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने, तकनीक का सकारात्मक उपयोग करने, साइबर सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग से यह संकल्प लेने की अपील की कि हर बेटी को सम्मान, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर सुनिश्चित किए जाएँ।

धार्मिक स्थल के विकास को मिली रफ्तार, डिप्टी सीएम शुक्ल ने लिया सौंदर्यीकरण कार्य का जायजा

भोपाल. उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा के कोठी कम्पाउण्ड रीवा मनकामेश्वर मंदिर में सौंदर्यीकरण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि गुणवत्ता के साथ कार्य को समय सीमा में पूर्ण कराएं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्माण कार्य के संबंध में निर्माण एजेंसी को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने भगवान आशुतोष के दर्शन किए।