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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सशुल्क वरिष्ठजन निवास संध्या छाया का किया लोकार्पण

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश-प्रदेश में विकास का अर्थ केवल अधोसंरचना निर्माण नहीं है, विकसित राष्ट्र के लिए, समाज के सभी वर्गों को बेहतर और सुरक्षित जीवन जीने के अवसर उपलब्ध कराना भी विकास है और यह राज्य सरकार का सर्वोच्च दायित्व भी है। राज्य सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और वृद्धजनों की सेवा के लिए संकल्पित है। राजधानी में वरिष्ठजनों को परिवार जैसा वातावरण देने के लिए सेवा भारती के माध्यम से इस सर्व-सुविधायुक्त सशुल्क वरिष्ठजन निवास की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए हर कदम पर उनके साथ है। राज्य सरकार ने वृद्धजनों की सेवा और 'ओल्ड एज होम' की स्थापना के लिए समाज को साथ जोड़ा है। राज्य सरकार दिव्यांगजन को भी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रोत्साहित कर उनमें क्षमताएं विकसित करने का प्रयास कर रही है। दिव्यांगजनों के पास अद्भुत बौद्धिक क्षमता होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नव निर्मित सशुल्क वृद्धाश्रम "संध्या छाया" के लोकार्पण अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा पत्रकार कॉलोनी लिंक रोड नं. 3 पर निर्मित सर्व सुविधायुक्त वृद्धाश्रम में आयोजित कार्यक्रम का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीपीपी मोड पर बने "संध्या छाया" ओल्ड एज होम का शुभारंभ कर अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां रह रहे एक दम्पत्ति का अभिवादन कर स्वागत भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यस्तरीय दिव्यांगजन स्पर्श मेला-2026 में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कलाकारों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कलाकारों से संवाद कर उन्हें प्रोत्साहित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में 54.52 लाख से अधिक पेंशन हितग्राहियों को 327.15 करोड़ रूपये से अधिक राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यस्तरीय दिव्यांगजन स्पर्श मेला-2026 में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कारों का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने भारत को सभी क्षेत्रों में विश्व का सर्वश्रेष्ठ देश बनाने का बीड़ा उठाया है। हमारा देश गौरवशाली और समृद्ध विरासत का सभी प्रकार से संरक्षण करते हुए निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। प्रदेश सरकार भी विकसित भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मध्यप्रदेश भारत के सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाले 3 राज्यों में शामिल हुआ है। मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश में अग्रणी भूमिका में है। हमारी सरकार ग्रीन एनर्जी को आगे बढ़ाते हुए दुनिया में सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध करा रही है। प्रदेश में सोलर एनर्जी, विंड एनर्जी और पम्प स्टोरेज से ऊर्जा क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने की अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी की प्रेरणा से इस बार दावोस के वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भारत का सबसे बड़ा दल शामिल हुआ। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री  नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। यह ओल्ड एज होम ''संध्या छाया'' वृद्धजनों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। विभाग की प्रमुख सचिव मती सोनाली वायंगण्कर ने कहा कि सर्वसुविधायुक्त सशुल्क वरिष्ठजन निवास ''संध्या छाया'' लगभग 24 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है। वृद्धाश्रम में 34 कमरे हैं, जिसमें 56 वृद्धजनों के रहने की व्यवस्था है। इसमें उच्च गुणवत्ता का भोजन, पार्क जैसी सभी सुविधाएं मिलेंगी। यहां पर दिव्यांगजन स्पर्श मेला भी आयोजित किया गया, जिसमें 450 से अधिक बच्चों ने विभिन्न खेल गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिकों, समाज सेवियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।

खड़गवाँ से बेलबहरा मार्ग को मिलेगा नया रूप, रायपुर में आवागमन होगा आसान

रायपुर : खड़गवाँ जनपद के ग्राम पंचायत बेलबहरा से ग्राम लालपुर मार्ग होगा सुगम, आवागमन को मिलेगा बड़ा लाभ सुखाड़ नाला पर पुल निर्माण को पाँच करोड़ बारह लाख रुपये की मिली प्रशासकीय मंजूरी रायपुर मनेंद्रगढ़ विधानसभा के खड़गवाँ जनपद के ग्राम पंचायत बेलबहरा से ग्राम लालपुर मार्ग पर सुखाड़ नाला पर पुल निर्माण के लिए पाँच करोड़ बारह लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति लोक निर्माण विभाग द्वारा मनेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत दी गई है। इस परियोजना से क्षेत्रवासियों को मनेंद्रगढ़ मुख्यालय की स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा साथ ही खडगंवा और बैंकुंठपुर की दूरी भी घटेगी। पुल निर्माण से क्षेत्र की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा। इसके पूरा होते ही पेंड्रा गौरेला मरवाही जिला नजदीक हो जाएगा, जिससे आवागमन सुगम बनेगा। वर्तमान में इस मार्ग पर नियमित परिवहन सुविधा नहीं होने के कारण लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, लेकिन पुल बनने के बाद बस सेवा शुरू होने की संभावना बढ़ेगी। स्थानीय विधायक और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री  अरुण साव को मनेंद्रगढ़ की समस्त जनता की तरफ से धन्यवाद ज्ञापित कर उनका आभार प्रकट किया है । स्थानीय नागरिकों ने भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि पुल निर्माण से विकास को नई गति मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों का शहरों से सीधा संपर्क स्थापित होगा।

‘स्मृति शेष स्वर्गीय विनोद कुमार शुक्ल : साहित्य की खिड़कियां’ विषय पर हुई परिचर्चा

रायपुर. रायपुर साहित्य उत्सव में  शुक्ल और उनके साहित्य का स्मरण नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित रायपुर साहित्य उत्सव के पहले दिन  देश के शीर्षस्थ साहित्यकार स्वर्गीय  विनोद कुमार शुक्ल और उनके साहित्य का स्मरण किया गया। ‘स्मृति शेष स्वर्गीय विनोद कुमार शुक्ल : साहित्य की खिड़कियां’ विषय पर आयोजित परिचर्चा में साहित्य, प्रशासन, पत्रकारिता और फिल्म से जुड़े वक्ताओं ने  उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर भावपूर्ण संवाद किया। वक्ताओं ने  शुक्ल और उनकी रचनाओं से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए उनके साहित्य को मानवीय संवेदना और मौलिक अभिव्यक्ति का अद्वितीय उदाहरण बताया। रायपुर साहित्य उत्सव में  शुक्ल और उनके साहित्य का स्मरण परिचर्चा के प्रथम वक्ता भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी एवं साहित्यकार डॉ. सुशील कुमार त्रिवेदी ने कहा कि वे वर्ष 1973 से लगातार विनोद कुमार शुक्ल से जुड़े रहे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने पिछले 200 वर्षों में हिंदी साहित्य को बार-बार दिशा दी है। ठाकुर जगमोहन सिंह, माधवराव सप्रे, पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, मुकुटधर पांडेय से लेकर विनोद कुमार शुक्ल तक की परंपरा ने हिंदी साहित्य को समृद्ध किया है। डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि  शुक्ल ने किसी विचारधारा या कवि का अनुगमन नहीं किया, उनका संपूर्ण लेखन मौलिक है। उनकी रचनाओं में साधारण मनुष्य अपनी पूरी गरिमा और संवेदना के साथ उपस्थित होता है। शोषितों का जीवन, खुद के गढ़े हुए मुहावरे, सरल भाषा और गहरी अनुभूति उनके साहित्य की पहचान है। उनके उपन्यासों में ‘घर’ सबसे खूबसूरत और मानवीय प्रतीक के रूप में उभरता है। नई दिल्ली की युवा कथाकार एवं पत्रकार सु आकांक्षा पारे ने कहा कि कई लोग विनोद कुमार शुक्ल की रचनाओं को दुरूह कहकर खारिज कर देते हैं, लेकिन बहुत से पाठकों को इन्हीं रचनाओं से गहरा और आत्मीय लगाव है। उन्होंने कहा कि  शुक्ल मनुष्यता के पुजारी थे, उनकी रचनाएं मनुष्य को मनुष्य से जोड़ती हैं। जनसंपर्क विभाग के उप संचालक एवं युवा साहित्यकार  सौरभ शर्मा ने कहा कि स्वर्गीय  विनोद कुमार शुक्ल का साहित्य यह सिखाता है कि सामान्य जीवन जीते हुए भी मनुष्य कैसे खुश रह सकता है। वे बड़े कवि और लेखक तो थे ही, उससे भी बड़े इंसान थे। उन्होंने  शुक्ल के साथ बिताए समय को याद करते हुए कहा कि उनके साथ बैठना सुकून से भर देता था, समय का पता ही नहीं चलता था। उन्होंने बताया कि ‘स्मृति’ का प्रयोग  शुक्ल के साहित्य में विपुलता से हुआ है। उनकी रचनाएं पाठकों में कौतुक और उत्सुकता जगाती हैं। राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एवं लेखक  अनुभव शर्मा ने कहा कि  विनोद कुमार शुक्ल को पढ़ने के बाद उन्होंने उनके साहित्य को जिया है। उनकी रचनाओं में आए प्रतीक और बिंब हमें अपने आसपास के जीवन में दिखाई देते हैं। उन्होंने बताया कि  शुक्ल ने उन्हें भी लिखने के लिए प्रेरित किया। ‘पेड़ों का हरहराना, चिड़ियों का चहचहाना’ जैसे छोटे-छोटे प्रतीक उनकी रचनाओं में हर जगह मिलते हैं। उनकी कथाएं हमारी मिट्टी से उपजे शब्दों में अपनी बात कहती हैं और प्याज की तरह परत-दर-परत खुलती जाती हैं। अभिनेत्री सु टी.जे. भानु ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि साहित्य उन्हें बचपन से संबल देता रहा है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने पहली बार  विनोद कुमार शुक्ल की कविता पढ़ी, तो लगा कि यही वे बातें हैं, जिन्हें वे स्वयं कहना चाहती थीं। उन्होंने कहा कि वे हर वर्ष 1 जनवरी को  शुक्ल के जन्मदिन पर रायपुर आती थीं और उनसे मिलती थीं। उनकी किताबों में जनमानस की सच्ची और आत्मीय बातें हैं। परिचर्चा की सूत्रधार डॉ. नीलम वर्मा ने समापन करते हुए कहा कि स्वर्गीय  विनोद कुमार शुक्ल के साहित्य की एक नहीं, अनेक खिड़कियां हैं। उनके लेखन में गहरी मानवीय करुणा और संवेदना समाई हुई है। वे किसी एक राज्य या देश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनकी रचनाएं पूरी दुनिया को जोड़ती हैं।

दिल्ली के राजपथ से छत्तीसगढ़ का मान बढ़ा, शहरी पथ-विक्रेताओं को पीएम का आमंत्रण: अरुण साव

रायपुर छत्तीसगढ़ के शहरी पथ-विक्रेताओं को पीएम मोदी का न्यौता मिलना बड़ी बात : उप मुख्यमंत्री  अरुण साव नई दिल्ली स्थित कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाले देश के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में इस वर्ष एक नई और ऐतिहासिक पहल के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के शहरी पथ-विक्रेता भी सहभागी बनेंगे। यह पहली बार है जब छत्तीसगढ़ राज्य के शहरी पथ-विक्रेताओं को इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। इस अवसर पर देश के माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी राष्ट्र के नाम अपने संदेश में देशभर के पथ-विक्रेता भाई-बहनों को संबोधित करेंगे। उप मुख्यमंत्री-सह-नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री  अरूण साव ने आज नगर पालिका परिषद मुंगेली के पथ-विक्रेता  बाबूलाल बुनकर और नगर पालिका परिषद लोरमी के शहरी पथ-विक्रेता  सोना कुमार कैवर्त्य से वीडियो कॉल पर बात की। इस दौरान दोनों से उनके कार्यों की चर्चा कर 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में सम्मिलित होने पर बधाई दी। दोनों पथ-विक्रेता प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत लाभान्वित हैं तथा अपने-अपने क्षेत्रों में ईमानदारी एवं परिश्रम से आजीविका अर्जित कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री  साव ने दोनों पथ-विक्रेताओं से वीडियो काल से चर्चा कर इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह अवसर छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण और प्रेरणादायी है। वर्षों से देश की शहरी अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे पथ-विक्रेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान एवं पहचान दिलाने की दिशा में यह एक सार्थक कदम है। गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व में उनकी भागीदारी सामाजिक समावेशन, आत्मनिर्भर भारत और समावेशी विकास की भावना को सशक्त रूप से दर्शाती है। छत्तीसगढ़ के पथ-विक्रेताओं को प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं लोटस टेंपल (कमल मंदिर) का भ्रमण भी कराया जाएगा। यह भ्रमण उनके लिए न केवल ज्ञानवर्धक होगा, बल्कि देश की लोकतांत्रिक परंपराओं, सांस्कृतिक विविधता एवं राष्ट्रीय मूल्यों को और अधिक गहराई से समझने का अवसर भी प्रदान करेगा। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से देशभर के लाखों शहरी पथ-विक्रेताओं को स्वरोजगार हेतु आर्थिक सहायता, डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा तथा सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। गणतंत्र दिवस समारोह जैसे राष्ट्रीय मंच पर पथ-विक्रेताओं की सहभागिता इस योजना की सफलता और इसके सामाजिक प्रभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।                  उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने राज्य के दो पथ-विक्रेताओं को गणतंत्र दिवस समारोह के राष्ट्रीय आयोजन में आमंत्रित किए जाने पर कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह क्षण विशेष रूप से गौरवपूर्ण है। राज्य के शहरी पथ-विक्रेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। इससे न केवल पथ-विक्रेताओं का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि राज्य के अन्य पथ-विक्रेताओं को भी स्वावलंबन, अनुशासन और मेहनत से आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। राज्य शासन एवं नगरीय निकायों द्वारा भी पथ-विक्रेताओं के हित में विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य उन्हें सम्मानजनक आजीविका, सुरक्षित कार्यस्थल तथा सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। गणतंत्र दिवस समारोह में भागीदारी इन प्रयासों की सार्थकता को राष्ट्रीय पटल पर प्रस्तुत करती है। 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ के शहरी पथ-विक्रेताओं की सहभागिता समानता, सम्मान और समावेशी विकास के मूल्यों को सुदृढ़ करती है। यह पहल संदेश देती है कि राष्ट्र निर्माण में हर वर्ग, हर नागरिक और हर मेहनतकश की भूमिका महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ के लिए यह न केवल गर्व का विषय है, बल्कि सामाजिक न्याय और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक प्रेरणास्पद उदाहरण भी है।

राजभवन में सौजन्य मुलाकात: पुलिस कमिश्नर शुक्ला ने राज्यपाल डेका से की भेंट

रायपुर. राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोक भवन में रायपुर के नवनियुक्त पुलिस कमिश्नर  संजीव शुक्ला ने सौजन्य मुलाकात की। पुलिस आयुक्त ने राज्यपाल को कानून व्यवस्था सहित विभिन्न विषयों की जानकारी दी। राज्यपाल  डेका ने उन्हें जनभावनाओं के अनुरूप बेहतर शान्ति और कानून-व्यवस्था बनाने रखने की शुभकामनाएं दी।

झारखंड के कुचाई के टुसू मेले में 35 फीट के चौड़ल का जलवा

रांची. झारखंड के सरायकेला-खरसावां के कुचाई ब्लॉक के सीमावर्ती सेकरेडीह और तमाड़ (रांची) के आराहंगा गांव के बीच स्थित मैदान में बसंती पंचमी पर ट्रेडिशनल टुसू मेला लगाया गया. टुसू मेला का उद्घाटन लोकल एमएलए दशरथ गागराई ने किया. टुसू मेला में कुचाई और तमाड़ के गांवों से महिलाएं पारंपरिक चौड़ल ले कर पहुंचीं. इन महिलाओं ने चौड़ल के सामने ट्रेडिशन फॉकडांस पर डांस करके रंग जमा दिया. टुसू मेले में पब्लिक फेथ, ट्रेडिशन और कल्चरल हेरिटेज का जीवंत रूप दिखा. हजारों लोग टुसू के रंग सरोबर दिखे. पियाकुली के 35 फीट ऊंचे चौड़ल को मिला फर्स्ट प्राइज टुसू मेला में तमाड़ के पियाकुली का 35 फीट ऊंचा चौड़ल अट्रैक्शन का सेंटर बना रहा. खरसावां एमएलए दशरथ गागराई ने इस चौड़ल टीम को फर्स्ट प्राइज के तौर पर 10,000 हजार रुपये दे कर ऑनर किया. चौड़ल को काफी अट्रैक्टेड बनाया गया था. दूर से ही चौड़ल की लाइट दिखाई दे रही थी. चौड़ल कमिटी पियाकुली की महिलाओं ने बताया कि हर साल उनकी टीम टुसू मेलों में चौड़ल ले कर पहुंचती है. इसके जरिए अपने कल्चर और ट्रेडिशन को प्रोटेक्ट किया जा रहा है. पिछले करीब एक महीने तक लगातार मेनतन कर इस चौड़ल को बनाया है. कुचाई के बुरुबांडी के चौड़ल को मिला सेकंड प्राइज चौड़ल कंपीटिशन में कुचाई के बुरुबांडी के चौड़ल को सेकंड प्राइज के तौर पर सात हजार, चांडिल के चौड़ल को थर्ड प्राइज के तौर पर पांच हजार और कुचाई के कुदाडीह के चौड़ल को फोर्थ प्राइज के तौर पर दो हजार रुपये का प्राइज दिया गया. छोपोल-छापोल डांस से समां बांधा इस प्रोग्राम में डीजे डांस ग्रुप के आर्टिस्ट ने छोपोल छापोल आदिवासी डांस से समां बांध दिया. ट्रेडिशनल आदिवासी म्यूजिकल इंस्ट्रुमेंट की धुन पर ट्रेडिशनल ड्रेस पहने आर्टिस्ट ने डासं कर प्रोग्राम को मजेदार बना दिया. रिच कल्चरल हेरिटेज का साइन है टुसू पर्व : दशरथ गागराई अवॉर्ड डिस्ट्रीब्यूशन प्रोग्राम में खरसावां एमएलए दशरथ गागराई ने कहा कि टुसू पर्व यहां के रिच कल्चरल हेरिटेज का साइन है. टुसू मेला से सोशल भाईचारे की भावना मजबूत हो रही है. इससे यहां के रिच कल्चर और ट्रेडिशन के साथ-साथ गांव के स्पोर्ट्स टैलेंट को प्लेटफॉर्म मिल रहा है. उन्होंने एरिया के कल्चरल हेरिटेज और ट्रेडिशन्स को स्ट्रॉन्ग बनाने पर जोर देते हुए यूथ को आगे आने की अपील की. गागराई ने कहा कि साल दर साल टुसू मेला की भव्यता बढ़ना एक सुखद अनुभूति है. मेले में कौन-कौन रहे मौजूद टुसू मेले में मुख्य रूप से तमाड़ के जिप मेंबर भवानी मुंडा, कुचाई के एमएएलए रिप्रेजेंटेटिव धर्मेंद्र मुंडा, राम सोय, राहुल सोय, चंद्र मोहन मुंडा, शंभू मुंडा, कारु मुंडा, ऑर्गेनाइजिंग कमिटी के चेयरमैन बहादुर मुंडा, सोहन मुंडा, प्रभुदेवा टाव, प्रधान मुंडा, सोहन सिंह मुंडा आदि मौजूद रहे. यहां पहुंचने पर एमएलए दशरथ गागराई का ट्रेडिशनल रीति-रिवाज के साथ वेलकम किया गया. दो जिले के दो गांव के लोग लगाते हैं मेला सरायकेला-खरसावां और रांची के सीमावर्ती गांव सेकरेडीह (कुचाई) और आराहंगा (तमाड़) के लोग आपसी तालमेल से मेला लगाते हैं. दोनों गांव के बीच मैदान में हर साल बसंती पंचमी पर ट्रेडिशनल टुसू मेला लगता है. इस मेले में दोनों जिलों से लोग पहुंचते है. मेला के जरिये न सिर्फ लोकल कल्चर और ट्रेडिशन को प्रोटेक्शन मिल रहा है, बल्कि आपस में लोगों का भाईचारा भी बना हुआ है.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ नीतिश भारद्वाज की सौजन्य मुलाकात, कई मुद्दों पर हुई चर्चा

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सुप्रसिद्ध फिल्म एवं टीवी अभिनेता नीतिश भारद्वाज ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री नीतीश भारद्वाज का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट से निर्मित महुआ वृक्ष की कलाकृति तथा बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक भेंट की।मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की विशिष्ट जनजातीय कला, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए इनके संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों की जानकारी भी साझा की। इस अवसर पर विधायक श्री अनुज शर्मा,मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

गौ सेवा से प्राकृतिक खेती तक: बसामन मामा वन्य विहार में राजेन्द्र दास जी की विशेष गौ कथा

भोपाल. बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में 12 से 14 फरवरी तक मलूक पीठाधीश्वर राजेन्द्र दास जी महाराज गौ कथा एवं गौ आधारित प्राकृतिक खेती पर अपनी अमृतमयी वाणी से कथा करेंगे। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने आयोजन की तैयारियों के संबंध में न्यू सर्किट हाउस रीवा में आयोजित बैठक में सभी व्यवस्थाएं दुरूस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजेन्द्र दास जी की कथा से गौ संरक्षण एवं प्राकृतिक खेती को बल मिलेगा। गौ अभ्यारण्य परिसर में आयोजित होने वाली कथा अप्रतिम व भव्य होगी।     उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बैठक में निर्देश दिए कि महाराज जी एवं उनके साथ आने वाले संतों के रूकने की समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराएं। बैठक व्यवस्था से लेकर पार्किंग तथा प्रसाद वितरण आदि की व्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों को दायित्व सौंपे जाएं। प्रचार-प्रसार समिति आयोजन का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। आयोजन स्थल में बनने वाला प्रसाद में प्राकृतिक खेती से उत्पादित अन्न व सब्जी का ही उपयोग किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि आयोजन के संबंध में जिन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है उसका वह सजगता से निर्वहन करें। उल्लेखनीय है कि बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में 12 से 14 फरवरी तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक महाराज की कथा होगी। समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी, बसामन मामा गौवंश वन्य विहार के सचिव डॉ राजेश मिश्रा सहित संबंधितजन एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

‘BJP की डबल इंजन सरकार का असर’, यूपी दिवस पर अमित शाह ने दिया शक्तिशाली संदेश

लखनऊ  'जो उत्तर प्रदेश कभी देश को सिर्फ मजदूर (Labour Source) देता था, आज वही राज्य प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत का सबसे बड़ा 'ग्रोथ इंजन' बन चुका है।' यह हुंकार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर भरी। शाह ने न केवल विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया, बल्कि इशारों-इशारों में यह भी साफ कर दिया कि साल 2047 के 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने के लिए योगी आदित्यनाथ का नेतृत्व कितना अनिवार्य है। इलेक्ट्रॉनिक निर्यात में UP की 11 प्रतिशत हिस्सेदारी अमित शाह ने समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि 2017 से पहले इन दलों ने उत्तर प्रदेश को 'बीमारू' राज्य बनाकर छोड़ दिया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि, 'कांग्रेस और सपा के दौर में यूपी की पहचान सिर्फ पलायन और अपराध से होती थी। आज स्थिति यह है कि प्रदेश का युवा नौकरी के लिए बाहर नहीं जा रहा, बल्कि हर जिले में रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। आज भारत के कुल इलेक्ट्रॉनिक निर्यात में 11 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले उत्तर प्रदेश की है।'  2047 का संकल्प और योगी का नेतृत्व कार्यक्रम के दौरान अमित शाह का सबसे बड़ा बयान यूपी के भविष्य को लेकर आया। उन्होंने कहा, "15 अगस्त 2047 को जब देश अपनी आजादी का शताब्दी वर्ष मनाएगा, तब उत्तर प्रदेश एक पूर्ण विकसित राज्य के रूप में 'विकसित भारत' की आत्मा होगा।" राजनीतिक गलियारों में शाह के इस बयान को इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि 2047 के इस लंबे विजन को पूरा करने के लिए भाजपा की कमान योगी आदित्यनाथ के हाथों में ही सुरक्षित है। राम मंदिर से महाकुंभ तक: सनातन का उत्थान गृह मंत्री ने कानून-व्यवस्था और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर जोर देते हुए कहा कि आज यूपी में कनेक्टिविटी सुधरी है और निवेश का माहौल बना है। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और प्रयागराज में आगामी महाकुंभ को 'सनातन धर्म' की शक्ति का प्रतीक बताया। शाह ने कहा कि यूपी न केवल आईटी और डेटा सेंटर का हब बन रहा है, बल्कि देश की सुरक्षा में भी इसकी भूमिका अब और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। UP: शुभंशु शुक्ला को 'उत्तर प्रदेश गौरव' सम्मान समारोह के दौरान एक खास पल तब आया जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गृह मंत्री अमित शाह ने ग्रुप कैप्टन शुभंशु शुक्ला को 'उत्तर प्रदेश गौरव' पुरस्कार से सम्मानित किया। अंतरिक्ष अन्वेषण और नवाचार (Innovation and Space Exploration) के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया, जो बदलते और आधुनिक होते उत्तर प्रदेश की एक नई तस्वीर पेश करता है। सीएम योगी ने किया गर्मजोशी से स्वागत लखनऊ पहुंचते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आत्मीय स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण संवाद देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी ने अमित शाह को पुष्पगुच्छ भेंट कर प्रदेश सरकार की ओर से स्वागत किया। यह दृश्य भाजपा नेतृत्व की एकजुटता और संगठनात्मक मजबूती को दर्शाता नजर आया। डिप्टी सीएम और मंत्रियों ने किया अभिनंदन मुख्यमंत्री के साथ ही उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने भी अमित शाह का स्वागत किया। इसके अलावा यूपी सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री भी एयरपोर्ट पर मौजूद रहे और केंद्रीय गृह मंत्री का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने स्थापना दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर अमित शाह की उपस्थिति को उत्तर प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण बताया। भाजपा संगठन के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी केंद्रीय गृह मंत्री का स्वागत किया। इसके साथ ही पार्टी के संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने अमित शाह का अभिनंदन किया। भाजपा संगठन के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी से यह साफ संकेत मिला कि यूपी स्थापना दिवस समारोह को पार्टी और सरकार दोनों ही स्तर पर विशेष महत्व दिया जा रहा है। प्रशासनिक अमला भी रहा उपस्थित राज्य के मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल और पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने भी एयरपोर्ट पर अमित शाह का स्वागत किया। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी से सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर पूरी सतर्कता दिखाई दी।अमित शाह के दौरे को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यूपी स्थापना दिवस समारोह में होंगे शामिल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उत्तर प्रदेश के 77 वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य रूप से शामिल होंगे। इस अवसर पर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, विकास यात्रा और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रदर्शनी और विकास से जुड़े प्रस्तुतीकरण की योजना है। अमित शाह के कार्यक्रम में शामिल होने से आयोजन को राष्ट्रीय स्तर की पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं की मजबूत मौजूदगी यूपी स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह आयोजन केवल सांस्कृतिक नहीं, बल्कि विकास और सुशासन के संदेश को आगे बढ़ाने का भी मंच बनेगा। उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा पर रहेगा फोकस स्थापना दिवस समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश की 77 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियां और भविष्य की योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा कानून-व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में किए गए कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। अमित शाह की उपस्थिति में यह संदेश देने की कोशिश होगी कि उत्तर प्रदेश अब देश के विकास का अहम स्तंभ बन चुका है। राजनीतिक दृष्टि से भी अहम दौरा राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अमित शाह का यह दौरा केवल औपचारिक नहीं है, बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीतियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। स्थापना दिवस समारोह के बहाने केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को साझा करने का अवसर मिलेगा। राजधानी में उत्सव जैसा माहौल अमित शाह के आगमन और यूपी स्थापना दिवस को लेकर राजधानी लखनऊ में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। सरकारी भवनों को सजाया गया है और कार्यक्रम स्थल पर विशेष तैयारियां की गई हैं। स्थापना दिवस समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आम नागरिकों … Read more

रांची के सपूत अजय लकड़ा जम्मू-कश्मीर में शहीद

रांची. जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान जवान अजय लकड़ा की मौत हो गई। अजय लकड़ा धुर्वा स्थित लाबेद गांव के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि वह खाई में गिरने से शहीद हुए। उनके परिवार के लिए यह घटना एक बड़ा सदमा है। अजय लकड़ा के पिता स्वर्गीय लोहरा उरांव की कई वर्ष पहले मौत हो गई थी। उस समय अजय बहुत छोटे थे। पिता की मृत्यु के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनकी मां पोकलो देवी ने उठाई। उन्होंने अपने बच्चों का पालन-पोषण अत्यंत कठिन परिस्थितियों में किया। अजय लकड़ा का एक छोटा भाई अरूण लकड़ा है और उनके चार बहनें हैं। मां ने बच्चों को हड़िया बेचकर और मजदूरी कराकर पढ़ाया और पालन-पोषण किया। अजय लकड़ा का बचपन से ही सेना में जाने का सपना था। उन्होंने हमेशा शारीरिक रूप से खुद को तैयार रखा और दौड़ने जैसी मेहनत वाली गतिविधियों में भाग लिया। इसी जुनून के चलते अजय सात साल पहले सेना में भर्ती हुए। उनका भाई भी सीआइएसएफ में तैनात है और उनकी सबसे छोटी बहन अंजू लकड़ा झारखंड पुलिस में पदस्थापित हैं। अजय की तीन बहनों की शादी हो चुकी है। सेना के अधिकारियों ने मां को फोन पर बेटे की मौत की दी सूचना सेना ने शहीद जवान अजय लकड़ा की मां को फोन पर उनकी मौत की जानकारी दी। अजय की मृत्यु की खबर से पूरे गांव में मातम छा गया है। अजय का शव शनिवार को रांची पहुंचने की संभावना है। उनके परिवार के लोग रोते-बिलखते हुए भावुक नजर आए। माता-पिता और भाई-बहनों के साथ-साथ पूरे गांव में लोग अजय की शहादत को याद कर उनका सम्मान कर रहे हैं। उनके दोस्तों और सहकर्मियों ने भी कहा कि अजय हमेशा साहसी और जिम्मेदार जवान थे। मां पोकलो देवी ने अपने संघर्ष और मेहनत के बलबूते पर अपने छह बच्चों में तीन को सरकारी नौकरी लगावाया। उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया जहां वह अपना नाम कर सके। दिसंबर में छुट्टी पर रांची आया था शहीद जवान अजय दिसंबर माह में अजय अपने घर 15 दिन की छुट्टी पर आए थे। छुट्टी पूरी करने के बाद वह जम्मू-कश्मीर लौट गए थे। उनका विवाह नहीं हुआ था, जबकि उनके छोटे भाई अरूण की शादी वर्ष 2025 में हो चुकी थी। अजय ने हमेशा अपनी मां से कहा था कि पूरी जिम्मेदारी निभाने के बाद ही विवाह करेंगे। अजय लकड़ा की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में शोक का माहौल है।