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ऊर्जा क्षेत्र के आंकड़ों और उपलब्धियों का दस्तावेज ‘प्रमुख विद्युत समंक 2026’ जारी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया विमोचन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गत दिवस मध्यप्रदेश के विद्युत सेक्टर की जानकारियों व नवीनतम आंकड़ों से परिपूर्ण प्रमुख विद्युत समंक 2026 (सैलियंट पावर स्टैटिस्टिक्स) का ऑल इंडिया डिस्काम एसोसिएशन कॉन्फ्रेंस में विमोचन किया। कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर वर्चुअली शामिल हुए। विद्युत उत्पादन, उपलब्धता, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन के नवीनतम आंकड़ों से समाहित बारह पृष्ठीय प्रमुख विद्युत समंक 2026 का प्रकाशन एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के स्टेट प्लानिंग सेल ने किया है। प्रमुख विद्युत समंक 2026 पुस्त‍िका में राज्य विद्युत क्षेत्र में वर्ष 2025-26 में अर्जित की गई प्रमुख उपलब्ध‍ियों के आंकड़ों को शामिल किया गया है। इस पुस्त‍िका में वित्तीय वर्ष 2024-25 व वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के तुलनात्मक विश्लेषण को समाहित किया गया है। प्रमुख विद्युत समंक 2026 में दी गई जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश में घरेलू बिजली उपभोक्ता की संख्या 1 करोड़ 32 लाख 70 हजार है, वहीं प्रति व्यक्त‍ि विद्युत खपत 1393 किलोवाट प्रति घंटा हो गई। मध्य प्रदेश की उपलब्ध उत्पादन क्षमता वर्ष 2025-26 में बढ़ कर 26023 मेगावाट हो गई। प्रमुख समंक 2026 में मध्यप्रदेश के विद्युत उत्पादन, उपलब्धता, ट्रांसमिशन व डिस्ट्रीब्यूशन क्षेत्र में अर्जित की गई उपलब्ध‍ि‍यों के आंकड़ों को टेबल, चार्ट, ग्राफ व नक्शे के द्वारा रोचक व आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। समंक में प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता में हुई वृद्ध‍ि, प्रदाय की गई बिजली, शीर्ष मांग, उपभोक्ताओं की संख्या, विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं द्वारा उपभोग की गई बिजली, ट्रांसमिशन व डिस्ट्रीब्यूशन सिस्ट्म के विकास, प्रति व्यक्त‍ि बिजली खपत इत्यादि आंकड़ों को प्रदर्श‍ित किया गया है। समंक में प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों पूर्व क्षेत्र, मध्य क्षेत्र व पश्च‍िम क्षेत्र द्वारा किए गए कार्यों व अर्जित उपलब्ध‍ियों को कंपनीवार दर्शाया गया है। समंक 2026 की विशेषता इसमें प्रदर्श‍ित किया गया पावर मेप ऑफ मध्यप्रदेश है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री मनीष सिंह, सचिव ऊर्जा व एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक श्री विशेष गढ़पाले, ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन के डायरेक्टर जनरल श्री आलोक कुमार और वरिष्ठ विद्युत अभियंता एवं विशेषज्ञ उपस्थि‍त थे।  

राज्यपाल मानसरोवर ग्लोबल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में हुए शामिल

भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि दीक्षित विद्यार्थियों के लिए भावी जीवन का वास्तविक उपदेश उनकी दीक्षांत शपथ में ही निहित है। इसलिए दीक्षित विद्यार्थी दीक्षांत शपथ का केवल एक दिन नहीं बल्कि आजीवन पालन करें। हमेशा विनम्र रहें। कभी अभिमान नहीं करें। माता-पिता, गुरूजनों और विश्‍वविद्यालय से प्राप्‍त शिक्षा और संस्‍कारों से जीवन में प्रगति प्राप्‍त करें। उन्‍होंने कहा कि दीक्षित होने वाले चिकित्‍सक हर क्षण पीड़ित मानवता की सेवा का संकल्‍प धारण करें। मरीजों के साथ अत्‍यंत आत्‍मीय व्‍यवहार करें। उनकी समस्‍याओं को धैर्य के साथ सुने और उपचार करें। राज्‍यपाल  पटेल बुधवार को मानसरोवर ग्‍लोबल विश्‍वविद्यालय सीहोर के “दीक्षांत समारोह और ग्रेजुएशन डे” कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्‍होंने प्रख्‍यात भजन गायक पद्म अनूप जलोटा और मध्‍यप्रदेश के अंतर्राष्‍ट्रीय क्रिकेटर  रजत पा‍टीदार को मानद उपाधि प्रदान की। विश्वविद्यालय के दीक्षित विद्यार्थियों को उपाधि और पदक प्रदान किए। सभी को भावी जीवन के लिए शुभकामनाएं दी। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित समारोह में उच्‍च शिक्षा मंत्री  इंदर सिंह परमार भी मौजूद थे। ''सेवा संकल्‍प की गतिविधियों का करें सतत आयोजन'' राज्‍यपाल  पटेल ने कहा कि विश्‍वविद्यालय, विद्यार्थियों में सेवा संस्कार विकसित करने के विशेष प्रयास करें। उन्हें वंचित वर्गों के कल्याण की प्रेरणा दें। विशेष अवसरों पर रक्तदान शिविर, सामाजिक सहभागिता आदि पर आधारित गतिविधियों का आयोजन करें। संस्थान के माध्यम से दूरस्थ, ग्रामीण इलाकों के प्रतिभावान बच्चों की बेहतरी के लिए जरूरी कदम उठाए जाए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अपने ज्ञान और प्रतिभा से समाज एवं राष्ट्र निर्माण के लिए काम करें। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में योगदान दें। उच्च शिक्षा मंत्री  इंदर सिंह परमार ने कहा कि शिक्षा, व्यक्ति का सर्वांगीण विकास करती है। जागरूक और आदर्श नागरिक बनाती है। सभी उपाधि प्राप्त विद्यार्थी, समाज और देश के कल्याण के लिए सतत चिंतनशील और प्रयत्‍नशील रहें। मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. खेमसिंह डेहरिया ने कहा कि दीक्षित विद्यार्थी, प्राप्त ज्ञान से अपने गांव, प्रदेश, संस्थान और देश का नाम रोशन करें। पद्म अनूप जलोटा ने विद्यार्थियों को जीवन की प्रत्येक सफलताओं में हमेशा विनम्र बने रहने की सलाह दी। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर  रजत पाटीदार ने दीक्षित विद्यार्थियों को प्रत्येक काम पूर्ण मनोयोग से करने और अपने क्षेत्र में निरंतर प्रगति करने की प्रेरणा दी। राज्यपाल  पटेल ने समारोह का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा और भगवान धनवंतरी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया। राज्यपाल  पटेल का विश्वविद्यालय की कुलाधिपति मती मंजुला तिवारी ने पुष्पगुच्छ और पौधा भेंट कर स्वागत किया। स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। स्वागत उद्बोधन प्रो. चान्सलर  गौरव तिवारी ने दिया। वाइस चान्सलर  ए.एस. यादव ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।  ए.एस. राजपूत ने विद्यार्थियों को दीक्षांत शपथ दिलाई। कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालय के कुलगुरू, पूर्व कुलगुरू, छात्र-छात्राएं और उनके परिजन उपस्थित रहे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय में स्वास्थ्य अधोसंरचनाओं के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं के निर्माण कार्यों की प्रगति एवं पूर्ण हो चुके कार्यों के लोकार्पण की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यों की सतत एवं सघन मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य संस्थाओं के भवन निर्माण का कार्य पूर्ण होने के बाद उनके संचालन में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। निर्माण कार्य पूर्ण होने के साथ ही आवश्यक उपकरण एवं फर्नीचर की उपलब्धता तथा आवश्यक मानव संसाधन की पदस्थापना की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाए, ताकि स्वास्थ्य संस्थाओं का संचालन तत्काल प्रारंभ किया जा सके। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने निर्देश दिए कि निर्माण एजेंसियों, अस्पताल प्रशासन एवं संबंधित विभागीय एजेंसियों के मध्य प्रभावी समन्वय स्थापित कर निर्माण, उपकरण, फर्नीचर और मानव संसाधन से संबंधित सभी कार्यों की एकीकृत रूप से मॉनिटरिंग की जाए। प्रत्येक स्तर पर निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व निर्धारित लक्ष्य की तुलना में वर्तमान में कम संस्थाएं लोकार्पण के लिए तैयार हो पाई हैं। प्रगति में कमी के कारणों की विस्तृत समीक्षा कर निर्माण कार्यों में आवश्यक गति लाई जाए तथा विलंब के लिए उत्तरदायी अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी निर्धारित की जाए। बैठक में आयुक्त, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  धनराजू एस., प्रबंध संचालक, भवन विकास निगम  सिबी चक्रवर्ती, प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ कॉर्पोरेशन लिमिटेड  अवि प्रसाद, विभागीय वरिष्ठ अधिकारी एवं निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

अमृतसर ग्रेनेड अटैक केस में बड़ा एक्शन, मास्टरमाइंड हरमन जख्मी; साथी फरार

अमृतसर. पंजाब में अमृतसर देहात पुलिस और बदमाशों के बीच बुधवार तड़के मत्तेवाल इलाके में मुठभेड़ हो गई। दोनों ओर से ताबड़तोड़ गोलीबारी हुई। पुलिस और बदमाशों के बीच ताबड़तोड़ गोलीबारी में गुरदासपुर में ग्रेनेड हमला करने का मुख्य आरोपी और कुख्यात बदमाश हरमन सिंह पुलिस की गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। जबकि उसका साथी पुलिस को गच्चा देकर फरार हो गया। एसएसपी कंवलप्रीत सिंह चाहल ने बताया कि मामले की जांच करवाई जा रही ह।घायल बदमाश का पहले इलाज करवाया जा रहा है। इसके बाद उससे पूछताछ की जाएगी। एसएसपी कंवलप्रीत सिंह ने घायल बदमाश की पहचान हरमन सिंह के रूप में बताई है। पता चला है कि आरोपित के खिलाफ गुरदासपुर और अमृतसर में कई केस दर्ज हैं। जांच में पता चला है कि हरमन सिंह ने कुछ समय पहले गुरदासपुर में ग्रेनेड हमला भी किया था।

अपेक्स चेयरमैन महेंद्र यादव ने बैंकों की समीक्षा कर दिए ज़रूरी दिशा-निर्देश

शिवपुरी अपेक्स बैंक प्रशासक महेंद्र सिंह यादव ने शिवपुरी प्रवास के दौरान जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, शिवपुरी की समीक्षा बैठक ली। बैठक में बैंक की कार्यप्रणाली, प्रगति, सहकारी संस्थाओं से जुड़े विषयों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। श्री यादव ने बैंक की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने किसानों एवं सहकारी संस्थाओं को सुगम एवं बेहतर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने, बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार तथा सहकारिता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़े हैं, इसलिए उनकी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, तत्परता और बेहतर सेवा व्यवस्था सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। गुना जिला सहकारी बैंक का भी किया निरीक्षण उज्जैन प्रवास के लिए जाते समय अपेक्स बैंक प्रशासक महेंद्र सिंह यादव ने गुना जिला सहकारी केंद्रीय बैंक का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बैंक के विभिन्न कार्यों एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों से बैंकिंग और सहकारिता से संबंधित विषयों पर चर्चा की। उन्होंने बैंक की कार्यप्रगति की जानकारी लेते हुए बेहतर बैंकिंग सेवाओं एवं सहकारी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।

प्रार्थना सभा को लेकर तनाव, CG का गांव तीन दिन से पुलिस छावनी में तब्दील

भानुप्रतापपुर. कांकेर जिले के आमाबेड़ा थाना क्षेत्र के बड़े तेवड़ा गांव में धर्मांतरण को लेकर एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई है। एक ग्रामीण के घर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने के पर प्रार्थना सभा और धर्मांतरण की आशंका पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने घर को घेर लिया। हालात की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची आमाबेड़ा पुलिस ने स्थिति को तो नियंत्रित कर लिया, लेकिन तनाव को देखते हुए तीन दिन बाद भी गांव में पुलिस बल तैनात है। दरअसल, बड़े तेवड़ा गांव में एक ग्रामीण के घर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के बाद गांव में यह चर्चा फैल गई कि प्रार्थना सभा आयोजित करने के साथ धर्मांतरण का काम चल रहा है। चर्चा फैलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र होकर संबंधित घर के सामने पहुंच गए। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही आमाबेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान ग्रामीणों और घर मालिक के बीच विवाद की स्थिति भी बनी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला मुख्यालय से भी अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर भेजा गया। अंतागढ़ एसडीएम और एडिशनल एसपी भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। वहीं, घर मालिक का कहना था कि उसके घर में किसी तरह की प्रार्थना सभा या धर्मांतरण नहीं हो रहा था, बल्कि उसकी पुत्री का जन्मदिन मनाया जा रहा था। जन्मदिन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग घर पर पहुंचे थे। हालांकि, ग्रामीणों की ओर से घर में प्रार्थना सभा आयोजित होने और धर्मांतरण की आशंका जताई गई। बड़े तेवड़ा में पहले भी हो चुका है विवाद बता दें कि कुछ महीने पहले भी बड़े तेवड़ा गांव में धर्मांतरण के आरोप को लेकर बड़ा विवाद सामने आया था। उस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी और जिले में कई दिनों तक तनाव का माहौल बना रहा था। इसी दौरान गांव में घटना भी सामने आई थी। उस घटना के बाद से ही जिला प्रशासन और पुलिस आमाबेड़ा क्षेत्र में धर्मांतरण से जुड़े मामलों को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहे हैं। तीन दिन से गांव में पुलिस बल तैनात फिलहाल, प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद स्थिति शांत है। एहतियात के तौर पर तीन दिन बाद भी गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है और मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घर में वास्तव में किस तरह का आयोजन किया गया था।

मुख्यमंत्री ने भारत टैक्सी के 5 सारथियों को किया सम्मानित, लाभार्थियों को बांटे चेक

मुख्यमंत्री ने भारत टैक्सी के पांच सारथियों को किया सम्मानित, कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को प्रदान किया चेक भारत टैक्सी और तीन प्रमुख संस्थाओं के बीच एमओयू का आदान-प्रदान  लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत टैक्सी के पांच सारथियों सुमनदीप कौर, अमित कुमार अग्रवाल, अमरीश सोनकर, शशांक पांडेय और पंकज कुमार वर्मा को मंच पर शेयर प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को ऋण के चेक भी वितरित किए, जिसमें अनिल कुमार सिंह को छह लाख रुपये, अंकुश कुमार को पांच लाख रुपये, अवधेश कुमार को चार लाख 50 हजार रुपये, बाबूलाल राजपूत को तीन लाख रुपये और संजय को दो लाख रुपये का ऋण प्रदान किया गया। इस अवसर पर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सहकारिता विभाग जेपीएस राठौर ने मुख्यमंत्री को उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम के लाभांश के रूप में दो करोड़ 69 लाख रुपये का चेक भी सौंपा। मुख्यमंत्री के समक्ष भारत टैक्सी के साथ तीन एमओयू मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मंच पर भारत टैक्सी और तीन प्रमुख संस्थाओं के बीच एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। भारत टैक्सी के सीईओ हिमांशु ने अडानी एयरपोर्ट लखनऊ के चीफ कमर्शियल ऑफिसर शिव मोहन सिंह, उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) के मैनेजिंग डायरेक्टर सुशील कुमार तथा यातायात एवं सड़क सुरक्षा, लखनऊ के डीआईजी अरविंद कुमार मौर्य के साथ एमओयू का आदान-प्रदान किया। भारत टैक्सी से युवाओं को मिलेगा रोजगार का नया अवसर : ब्रजेश पाठक उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सहकारिता विभाग समाज के गरीब, किसान और मध्यम वर्ग से जुड़े लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पूर्ववर्ती सरकारों में यह विभाग अपनी मूल भावना से भटक गया था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सहकारिता विभाग को नई दिशा मिली है और आज सहकारी बैंक लाभ की स्थिति में हैं, जिसका लाभ किसानों और आम लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्तर पर सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के बाद देश में सहकारिता व्यवस्था को मजबूत करने का कार्य तेजी से हुआ है। भारत टैक्सी इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें अपनी गाड़ी, अपना ड्राइवर और अपनी कमाई की व्यवस्था होगी तथा पैसा स्थानीय स्तर पर परिवार और अर्थव्यवस्था में ही घूमेगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से भारत टैक्सी को सफल बनाने के लिए मिलकर प्रयास करने तथा स्वयं को इसका ब्रांड एंबेसडर बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब अपराध और कट्टा संस्कृति के स्थान पर कलम, शिक्षा और विकास की संस्कृति मजबूत हुई है।  उत्तर प्रदेश में सहकारिता के क्षेत्र में हो रहा उल्लेखनीय कार्य: मुरलीधर मोहोल केंद्रीय सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि आज लखनऊ के साथ गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज में भी भारत टैक्सी की सेवा शुरू हो रही है तथा प्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब 50 हजार से अधिक लोग ऑनलाइन इस कार्यक्रम से जुड़े हैं। भारत टैक्सी के संबंध में उन्होंने बताया कि पिछले छह महीनों में 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ड्राइवर भाई-बहनों के खातों में पहुंच चुकी है। वर्तमान में भारत टैक्सी देश के करीब 15 शहरों में संचालित हो रही है और लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर तथा प्रयागराज के जुड़ने के साथ उत्तर प्रदेश में अब तक करीब 40 हजार ड्राइवरों ने पंजीकरण कराया है।  उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर के नेतृत्व में उल्लेखनीय कार्य हो रहा है। प्रदेश में करीब 42 हजार सहकारी समितियां कार्यरत हैं। पैक्स के कंप्यूटरीकरण और ग्रामीण बैंकों के डिजिटलीकरण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का सहकारिता मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायी बन सकता है और भारत टैक्सी इस सहकारिता आंदोलन को मोबिलिटी के क्षेत्र में नई गति देने वाली महत्वपूर्ण पहल है।

आहार-विचार और व्यवहार में संतुलन है स्वस्थ जीवन का आधार

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय योग और आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति पुन: विश्व में प्रतिष्ठित हुई है। भारतीय संस्कृति और जीवनशैली में आयुर्वेद सदियों से समाहित है। हमारी रसोई की वस्तुएं और भोजन में मसाले भी आयुर्वेद पर आधारित हैं। भारतीय संस्कृति और वेदों के ज्ञान में सर्वे भवन्तु सुखिन: और वसुधैब कुटुम्बकम की भावना छिपी है। हम दुनिया के सुखी और स्वस्थ जीवन की कामना करते हैं और पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में देखते हैं। आयुर्वेद एकमात्र पैथी है, जो इस सिद्धांत में विश्वास करती है कि स्वास्थ्य केवल रोग का उपचार नहीं, रोग से बचाव भी है। आयुर्वेद, आहार-विचार और व्यवहार में संतुलन रखना सिखाता है। इसमें बीमारी से पहले ही व्यक्ति को स्वस्थ रखना महत्वपूर्ण है। कोरोना काल में मानव जीवन की रक्षा में योग, प्राणायाम और आयुर्वेद ने अपनी सामर्थ्य सिद्ध की है। भारत का गौरवशाली अतीत पश्चिमी देशों में पुन: प्रतिष्ठित हो रहा है। इस साल स्कॉटलैंड के एडिनबरा में दुनिया के सबसे पुराने सर्जिकल संस्थान रॉयल कॉलेज ऑफ सर्जन्स में शल्य क्रिया के जनक महर्षि सुश्रुत की प्रतिमा स्थापित की गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 तक आयुष का बाजार लगभग 3 बिलियन डॉलर था, जो अब बढ़कर 43 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। राज्य सरकार आयुर्वेद को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुष इंटर्न चिकित्सकों के स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर कहा कि इस विषय पर आयुष मंत्री  इंदर सिंह परमार से चर्चा उपरांत समुचित निर्देश दिए जा चुके हैं। शीघ्र ही इंटर्न चिकित्सकों को शुभ समाचार प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। आयुर्वेद प्रदर्शनी का हुआ शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाविद्यालय के रजत जयंती ऑडिटोरियम में भगवान धन्वंतरि जी की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इससे पहले परिसर में रक्त चंदन का पौधा रोपा तथा पारम्परिक चिकित्सा पद्धति से जनसामान्य को जोड़ने के लिए लगाई गई आयुर्वेद प्रदर्शनी का शुभारंभ कर विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन भी किया। स्टेट कंपोजिट हर्बल गार्डन का हुआ लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुर्वेद दिवस पर प्रदेशवासियों को कई सौगातें प्रदान की। इसके अंतर्गत 184 करोड़ रुपए की लागत से बने 25 आयुष भवनों, अस्पतालों और महाविद्यालयों की सौगात प्रदेशवासियों को सौंपी। उन्होंने 4 करोड़ 70 लाख रुपए की लागत से बने 12 आयुष भवनो का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 179 करोड रुपए की लागत से 13 आयुष भवन चिकित्सालयों और आयुर्वेद महाविद्यालयों की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुर्वेद महाविद्यालय परिसर में 6 एकड़ क्षेत्र में बने स्टेट कंपोजिट हर्बल गार्डन का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय बहुल डिंडौरी जिले में आयुर्वेद को प्रोत्साहन देने के लिए स्थापित 102 करोड़ रुपए लागत के महाविद्यालय का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुष वेलनेस पर्यटन केंद्र के नामों का अनावरण किया, अब ये केंद्र आयुष आरोग्यम धाम के रूप में जाने जाएंगे। साथ ही उन्होंने प. खुशीलाल महाविद्यालय में स्थापित हर्बल गार्डन ऑफ स्टेट इंपोर्टेंस के जन प्रवेश का शुभारंभ भी किया। खगोलीय गणना पर निर्धारित हुआ है आयुर्वेद दिवस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत ने दुनिया को अष्ट सिद्धियों के माध्यम से अपना महत्व बताया है। इन सिद्धियों में शून्य, दशमलव, योग, आयुर्वेद, खगोल विद्या, ज्योतिष विद्या, वास्तुकला और आध्यात्म भी शामिल है। खगोल शास्त्र की गणना अनुसार 23 सितंबर को दिन और रात का समय बराबर है। इसीलिए इस दिन को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाने की पहल की गई है। इसी प्रकार 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। दुनिया के 200 से अधिक देशों में योग दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। 21 जून को सूर्य उत्तरायण से दक्षिणायण में प्रवेश करता है। भारतीय संस्कृति सूर्य आधारित रही है। शरीर मंदिर जैसा पवित्र है, इसे आयुर्वेद से रखें निरोगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आयुर्वेद के विशेषज्ञ मानते हैं कि जब किसी इलाके में कोई बीमारी फैलती है तो उसकी औषधि आसपास 25 से 30 किलोमीटर के दायरे में मौजूद होती है। हम बीमार होने पर ही इलाज क्यों ढूंढें। इसीलिए वेलनेस की संकल्पना रखी गई है। हमें अपनी दिनचर्या और खानपान के बल पर स्वयं को स्वस्थ रखने का प्रयास करना चाहिए। योग और आयुर्वेद आधारित जीवनशैली अपनाकर हम बिना किसी कठिनाई के निरोग रह सकते हैं। ईश्वर ने हमें शरीर रूपी मंदिर दिया है, जिसे हमें स्वस्थ रखने का प्रयास करना चाहिए। कोविड के दौर में आयुर्वेद की महिमा सबने देखी है। आयुर्वेद ऐसी चिकित्सा पद्धति है, जो जीवनभर हमें निरोग रखती है। पर्यटन से भी आयुष चिकित्सा पद्धति को प्रदेश में प्रोत्साहित किया जा रहा है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में पहला आयुर्वेदिक महाविद्यालय भवन 1916 में ग्वालियर में बना। उसके बाद 1972 में तीन भवन जबलपुर, इंदौर और उज्जैन में बने। इसके बाद बुरहानपुर और फिर भोपाल में पंडित खुशीलाल महाविद्यालय की स्थापना की गई। हमारी सरकार ने प्रदेश में 9 नए आयुर्वेदिक महाविद्यालय स्थापित करने की शुरुआत की है। आयुष चिकित्सा पद्धति को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2002-03 के मुकाबले आयुष विभाग के बजट में 16 गुना वृद्धि की है। प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 12 आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोले जा रहे हैं। राज्य सरकार पर्यटन के माध्यम से आयुष चिकित्सा पद्धति को प्रोत्साहित कर रही है। प्रदेश में 1,773 आयुर्वेदिक औषधालय, 800 आयुष्मान आरोग्य मंदिर और 58 आुयष विंग संचालित उच्च शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इंदर सिंह परमार ने कहा कि भारतीय चिकित्सा पद्धति के भविष्य में आयुर्वेद का अपना अलग स्थान होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में लगातार मेडिकल और आयुर्वेदिक महाविद्यालयों की संख्या बढ़ रही है। प्रदेश में 2023 तक 7 आयुर्वेदिक और 2 होम्योपैथी व यूनानी पद्धति के महाविद्यालय थे। प्रदेश में 9 आयुष महाविद्यालयों का संचालन किया जा रहा है और अभी 8 नए आयुर्वेदिक महाविद्यालय निर्माणाधीन हैं। प्रदेश में 1,773 आयुर्वेदिक औषधालय, 800 आयुष्मान आरोग्य मंदिर और … Read more

राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने किया कन्या छात्रावास का औचक निरीक्षण

रायपुर : राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने किया कन्या छात्रावास का औचक निरीक्षण छात्राओं से संवाद कर जानी समस्याएं, शीघ्र निराकरण के दिए निर्देश     रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने राज्य महिला आयोग की टीम के साथ शंकर नगर, रायपुर स्थित राज्य स्तरीय पोस्ट मैट्रिक पिछड़ा वर्ग कन्या छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्रावास में रह रही छात्राओं से संवाद कर उनकी समस्याएं, आवश्यकताएं और सुझाव सुने तथा छात्रावास की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।     डॉ. ममता साहू ने छात्राओं से उनकी पढ़ाई, आवासीय सुविधाओं सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। छात्राओं द्वारा बताई गई समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के शीघ्र निराकरण तथा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता है, ताकि वे निर्बाध रूप से अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए आगे बढ़ सकें।     निरीक्षण के दौरान राज्य महिला आयोग की ओर से श्रीमती मंजू थदानी एवं श्रीमती रश्मी तिवारी, सखी वन स्टॉप सेंटर रायपुर की संरक्षण अधिकारी श्रीमती प्रीति पांडेय सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल से मिला ट्रेवल एंड टूरिज्म एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल

छत्तीसगढ़ ट्रेवल एंड टूरिज्म एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल से की सौजन्य भेंट, विश्व पर्यटन दिवस समारोह के लिए किया आमंत्रित रायपुर  छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटन गतिविधियों के विस्तार और प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को देश-दुनिया के मानचित्र पर और अधिक प्रभावी ढंग से स्थापित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ ट्रेवल एंड टूरिज्म एसोसिएशन (CTTA) के प्रतिनिधिमंडल ने आज पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने अग्रवाल को 27 सितंबर को आयोजित होने वाले विश्व पर्यटन दिवस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया और कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्यों की जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने राजेश अग्रवाल के साथ छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटकों के लिए सुविधाओं के विस्तार, पर्यटन स्थलों के प्रभावी प्रचार-प्रसार तथा पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों की सहभागिता बढ़ाने से संबंधित विभिन्न सुझाव भी साझा किए गए। राजेश अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से पर्यटन क्षेत्र के विकास को लेकर विचार-विमर्श करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक और जनजातीय पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश के पर्यटन स्थलों को बेहतर सुविधाओं, प्रभावी प्रचार-प्रसार और निजी क्षेत्र की सक्रिय सहभागिता के माध्यम से देश-विदेश के पर्यटकों के बीच और अधिक लोकप्रिय बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पर्यटन केवल भ्रमण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। पर्यटन से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं, महिलाओं, कारीगरों, कलाकारों, होम-स्टे संचालकों और छोटे व्यवसायियों को आर्थिक अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि सरकार और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े संगठनों के बीच निरंतर संवाद एवं समन्वय से छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास को नई गति दी जा सकती है। उन्होंने पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों के सुझावों और अनुभवों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से प्रदेश की पर्यटन क्षमता को और अधिक प्रभावी रूप से सामने लाया जा सकता है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ट्रेवल एंड टूरिज्म एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में राजेश अग्रवाल की सहभागिता का आग्रह किया। अग्रवाल ने आमंत्रण सहर्ष स्वीकार करते हुए कार्यक्रम में उपस्थित रहने का आश्वासन दिया। विश्व पर्यटन दिवस के आयोजन को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि यह अवसर छत्तीसगढ़ की पर्यटन संभावनाओं, विविध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित करने के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न पक्षों के बीच संवाद और सहयोग को मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच होगा। प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल द्वारा प्रदेश में पर्यटन के विकास के लिए दिए जा रहे मार्गदर्शन एवं सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पर्यटन विभाग, पर्यटन व्यवसाय से जुड़े संगठनों और स्थानीय हितधारकों के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। राजेश अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल को विश्व पर्यटन दिवस कार्यक्रम के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की पर्यटन क्षमता को नई पहचान दिलाने के लिए सभी संबंधित पक्षों को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि सामूहिक सहभागिता, बेहतर सुविधाएं और प्रभावी प्रचार-प्रसार के माध्यम से प्रदेश के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।