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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में किया सड़क निर्माण कार्य का किया भूमि-पूजन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को इंदौर में आयोजित लोकार्पण व भूमि-पूजन कार्यक्रम में कहा है कि राज्य सरकार ने प्रदेश के सर्वांगीण विकास का संकल्प लिया है और उसी दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।  उन्होंने कहा कि  नगर निगम इंदौर ने विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा स्वच्छता अभियान में इंदौर ने देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अवधि में देश ने विकास के अनेक नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि के प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश दोनों विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। आज देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को नई मजबूती मिली है। प्रदेश के सभी 55 जिलों में विकास के विभिन्न मानकों पर निरंतर कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना, रोजगार और जनकल्याण के क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को विकास का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजनांतर्गत जोन 8 में सड़क का भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन्दौर के जोन क्रमांक 8 के वार्ड क्रमांक 37 में तुलसी नगर पुलिया से निपानिया तक प्रस्तावित सड़क विकास कार्य और प्राइमरी तथा आंतरिक सीवर लाइन निर्माण कार्य का आज रिमोट से भूमि-पूजन कर शुभारंभ किया। इसमें सड़क निर्माण कार्य की लागत 13.26 करोड़ और प्राइमरी तथा आंतरिक सीवर लाइन निर्माण कार्य की लागत 2.64 करोड़ रुपए है। यह सड़क लगभग 1.30 किलोमीटर लंबी एवं इन्दौर विकास योजना-2021 के अनुसार 30 मीटर चौड़ाई में निर्मित होगी। परियोजना अंतर्गत सीमेंट कंक्रीट सड़क निर्माण, सीवर चैम्बरों का सुदृढ़ीकरण, फुटपाथ निर्माण तथा विद्युत लाइन शिफ्टिंग सहित विभिन्न अधोसंरचनात्मक कार्य किए जाएंगे। सड़क के निर्माण से तुलसी नगर, निपानिया, अंकुर आंगन, राजाराम ऐवेन्यु तथा महालक्ष्मी नगर सहित आसपास के क्षेत्रों के रहवासियों को आवागमन में सुविधा होगी। साथ ही क्षेत्र में यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी और नागरिकों को बेहतर एवं नई कनेक्टिविटी उपलब्ध हो सकेगी। भूमि-पूजन समारोह की शुरुआत वंदे मातरम् के गायन से हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं समस्त जन द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा-अर्चना की गई। महापौर इंदौर  पुष्यमित्र भार्गव ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्प-गुच्छ और तुलसी का पौधा भेंट कर स्वागत किया। विकास कार्यों की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भूमि-पूजन समारोह में कनाड़िया रोड से खजराना रोड तक लगभग 1400 मीटर लिंक रोड  बनाने की घोषणा की। उन्होंने पूर्वी रिंग रोड से रोबोट चौराहे तक 6 लेन फ्लाई-ओवर बनाने की घोषणा की। इसकी अनुमानित लागत लगभग 50 करोड़ रुपए होगी। उन्होंने कहा कि अवैध कालोनियों को वैध करने के लिए भी ठोस कार्य करने के प्रयास करेंगे। हितलाभ का किया गया वितरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना अंतर्गत 2 हितग्राहियों को हितलाभ वितरण किया गया जिसमें  राहुल मरमट और  जगदीश उपाध्याय को 50-50 हजार के प्रतीकात्मक चेक मंच से प्रदान किये गये। इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजवर्गीय, जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट,  क्षेत्रीय सांसद  शंकर लालवानी,  क्षेत्रीय विधायक  महेन्द्र हार्डिया,  मधु वर्मा,  रमेश मेंदोला,  सुमित मिश्रा तथा संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस आयुक्त  संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर  शिवम वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अमला उपस्थित रहे।

अभावों से निकले हीरो: आशीष और प्रेमचंद बने एशिया कप के स्टार

जमशेदपुर  पसीने की स्याही से जब किस्मत लिखी जाती है, तो मुफलिसी की दीवारें भी रास्ता छोड़ देती हैं। झारखंड के खूंटी जिले की लाल मिट्टी से निकले दो युवा खिलाड़ी प्रेमचंद सोरेन और आशीष तानी पूर्ति ने इस कहावत को सच कर दिखाया है। अभावों की भट्टी में तपकर कुंदन बने नवल टाटा हॉकी अकादमी (एनटीएचए) के इन दोनों खिलाड़ियों ने जापान में आयोजित अंडर-18 पुरुष एशिया कप में भारत को स्वर्ण पदक दिलाकर इतिहास रच दिया है। कच्चे मकान और गरीबी की बेड़ियों को तोड़कर अंतरराष्ट्रीय पटल पर छा जाने वाले ये दोनों हॉकी सनसनी आज देश की धड़कन बन चुके हैं। सफलता के इस शिखर पर पहुंचकर दोनों खिलाड़ी भावुक हो उठते हैं। अपने संघर्षों को याद करते हुए दोनों के मुख से बरबस ही निकल पड़ता है, अगर टाटा ट्रस्ट और नेवल टाटा हॉकी अकादमी (एनटीएचए) का संबल न मिलता, तो हमारी स्टिक खेतों की पगडंडियों में ही टूटकर खो जाती। एनटीएचए की विश्वस्तरीय सुविधाओं और मार्गदर्शन ने ही हमारे सपनों को परवाज दी है। प्लास्टिक की छत से नीले आसमान की उड़ान खूंटी के मुरहू प्रखंड स्थित गनालोया गांव की एक जर्जर कच्ची झोपड़ी, जिसकी छत को महज एक नीली प्लास्टिक शीट से ढका गया है, वहीं से आशीष तानी पूर्ति के आसमानी सपनों ने आकार लिया। खेतों में पसीना बहाकर दिन के बमुश्किल 20-30 रुपये कमाने वाले मजदूर सुकुदानी पूर्ति और ललिता पूर्ति के इकलौते बेटे (तीन बहनों के भाई) आशीष बचपन में स्कूल की चारदीवारी से अक्सर भाग जाया करते थे। ननिहाल में पले-बढ़े आशीष को हॉकी की विरासत अपने मामा और नाना से मिली, जो पूर्व खिलाड़ी रह चुके थे। जब आशीष ने पहली बार पुरानी और घिसी हुई स्टिक थामी, तो उनके फटे जूतों और कीचड़ सने मैदान ने कभी उनके हौसलों की उड़ान को नहीं रोका। भारत के सबसे घातक डिफेंडर और फ्लिकर वर्ष 2022 में रीजनल डेवलपमेंट सेंटर और खूंटी के आवासीय सेंटर से होते हुए 2023 में एनटीएचए पहुंचने वाले आशीष को दिग्गज कोच हरिंदर सिंह का सानिध्य मिला। अकादमी की कृत्रिम टर्फ पर कड़ी मेहनत से आशीष आज भारत के सबसे घातक डिफेंडर और फ्लिकर बन चुके हैं। जापान में आयोजित अंडर-18 एशिया कप में उनका प्रदर्शन किसी सुनामी से कम नहीं था। सेमीफाइनल में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ अकेले चार गोल दागकर उन्होंने करोड़ों देशवासियों का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया। फाइनल में आया शानदार हैट्रिक आशीष के खेल का असली तूफान फाइनल में आया, जब उन्होंने मेजबान जापान के कड़े डिफेंस को भेदते हुए शानदार हैट्रिक लगाई और भारत को 4-1 से एकतरफा जीत दिलाकर चैंपियन बना दिया। इससे पहले चीनी ताइपेई के खिलाफ भी उन्होंने तीन गोल दागे थे। टूर्नामेंट में सर्वाधिक 13 गोल कर टॉप स्कोरर और प्लेयर ऑफ द मैच बने आशीष मानते हैं कि फाइनल जीतने से कहीं ज्यादा रूहानी खुशी उन्हें पाकिस्तान को हराने में मिली। हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) में रांची रॉयल्स के लिए खेलते हुए रजत पदक जीतने वाले आशीष की इस ऐतिहासिक सफलता पर हॉकी इंडिया ने उन्हें तीन लाख रुपये का नकद इनाम दिया है। अभावों की राख से उठकर चमकने वाला यह सितारा आज भारतीय खेलों का नया हीरो है। फुटबॉल के मैदान से हॉकी के शिखर तक खेतों में दिहाड़ी मजदूरी कर दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करने वाले कल्याण सोरेन और जसमनी सोरेन का बेटा प्रेमचंद आज भारतीय हाकी के आसमान का चमकता सितारा है लॉकडाउन के दौरान जब वह अपने गांव लौटे, तो वहां की जीवनरेखा माना जाने वाला एकमात्र पुल टूट चुका था। गांव की सरहदों में कैद होने की वह मजबूरी प्रेमचंद के लिए अप्रत्याशित वरदान बन गई। गांव के कीचड़ और उबड़-खाबड़ मैदानों में समय बिताने के दौरान उनका रुझान हॉकी की ओर हुआ और फिर जो सफर शुरू हुआ, वह आज इतिहास के पन्नों में दर्ज है। भारतीय टीम की अजेय दीवार और धुरी बने तार कंपनी स्थित नवल टाटा हॉकी अकादमी (एनटीएचए) के अनुशासित और आधुनिक माहौल में एक कैडेट के रूप में प्रेमचंद ने अपनी खेल प्रतिभा को उस अकल्पनीय स्तर तक तराशा, जहां उनकी हॉकी स्टिक की गूंज से विरोधियों के पसीने छूट जाते हैं। 16वीं हॉकी इंडिया सब-जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में अपने अद्भुत खेल से प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब जीतकर उन्होंने अपने मजबूत इरादे जता दिए थे। जापान में संपन्न अंडर-18 पुरुष एशिया कप में मिडफील्डर के रूप में वह भारतीय टीम की अजेय दीवार और धुरी बने रहे। टूर्नामेंट के एक अहम मुकाबले में उन्होंने शानदार गोल दागा। विदेश में जापानी खान-पान उन्हें बिल्कुल रास नहीं आया, लेकिन वतन के लिए कुछ कर गुजरने की भूख ने कभी उनकी ऊर्जा कम नहीं होने दी। लीग मैच में जापान से मिली हार ने उन्हें भीतर तक आहत किया था, मगर सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 5-3 से धूल चटाने के बाद उनकी सारी निराशा जश्न में बदल गई। आज पूरा देश इस युवा मिडफील्डर को भारतीय टीम का स्वर्णिम भविष्य मान रहा है।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण, अधिकारियों की बैठक लेकर दिए आवश्यक निर्देश

रायपुर  लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने आज जशपुर जिले में विभाग द्वारा निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण कर उनकी प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्यों का सतत पर्यवेक्षण करते हुए निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से काम पूर्ण करने के निर्देश दिए।  बंसल ने जशपुर में रौनीघाट से बगीचा मार्ग, बगीचा से चराईडांड मार्ग तथा मेडिकल कॉलेज के लिए प्रस्तावित पहुंच मार्ग का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज पहुंच मार्ग को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने पर जोर देते हुए फोरलेन सड़क निर्माण का प्रस्ताव शीघ्र प्रेषित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने जशपुर से पत्थलगांव राष्ट्रीय राजमार्ग का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और त्वरित गति से निर्माण कार्य संपादित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क एवं अन्य अधोसंरचनात्मक परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। विभागीय सचिव ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर जशपुर और पत्थलगांव में निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित सड़कों, पुलों तथा भवनों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखने, नियमित मॉनिटरिंग करने तथा कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का लाभ लोगों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए सभी अधिकारी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। कार्यों के निरीक्षण और बैठक के दौरान कलेक्टर  रोहित व्यास, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  व्ही.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता सर्व  बी.एस. बघेल, ज्ञानेश्वर कश्यप और जी.एस. मंडावी सहित जिले के कार्यपालन अभियंता तथा अनुविभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।

40 से अधिक राष्ट्रीय उद्योगों, रक्षा प्रतिष्ठानों, अनुसंधान एवं शिक्षण संस्थानों ने साझा किए सुझाव

भोपाल  रक्षा उत्पादन विभाग, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के उप महानिदेशक (स्वदेशीकरण)  सुशील कुमार सतपुते ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब उद्योग, एमएसएमई, स्टार्टअप, अनुसंधान संस्थान और शिक्षण संस्थाएं एक साझा मंच पर आकर नवाचार आधारित रक्षा विनिर्माण को आगे बढ़ाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्यों में मजबूत औद्योगिक एवं नवाचार आधारित इको सिस्टम विकसित करना समय की आवश्यकता है और केंद्र व राज्यों के समन्वित प्रयासों से ही देश रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बन सकेगा। रक्षा उत्पादन विभाग, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 20-21 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन "आत्मनिर्भरता इन डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग : प्रमोटिंग स्टेट-लेवल इकोसिस्टम्स" की तैयारियों के तहत मध्यप्रदेश शासन द्वारा एमपीआईडीसी मुख्यालय, भोपाल में तीसरे चरण के अंतर्गत राज्य स्तरीय फ्लैगशिप परामर्श कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता, स्वदेशीकरण, एमएसएमई, स्टार्टअप, नवाचार तथा उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत बनाने पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। कार्यशाला में देशभर के 40 से अधिक प्रमुख उद्योगों, रक्षा प्रतिष्ठानों, अनुसंधान संस्थानों, शिक्षण संस्थाओं और नीति विशेषज्ञों ने प्रत्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से भागीदारी कर अपने सुझाव साझा किए। मध्यप्रदेश इस राष्ट्रीय पहल में 'इंडिजेनाइजेशन, एमएसएमई, स्टार्टअप एवं इनोवेशन इकोसिस्टम' विषय पर सह-नेतृत्व (को-लीड) राज्य की भूमिका निभा रहा है। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन प्रमुख सचिव  राघवेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में तेजी से अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। राज्य की उद्योग अनुकूल नीतियां, विकसित औद्योगिक आधारभूत संरचना, उपलब्ध संसाधन तथा कुशल मानव संसाधन इसे देश के प्रमुख रक्षा उत्पादन केंद्र के रूप में स्थापित करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला राज्य की भावी रणनीति तय करने के साथ उद्योग, अनुसंधान संस्थानों और शासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रस्तावित राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन की रूपरेखा, राज्यों की भूमिका तथा मध्यप्रदेश की सह-नेतृत्व जिम्मेदारी पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। इस दौरान बताया गया कि रक्षा उत्पादन विभाग ने राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन के लिए सात प्रमुख रणनीतिक विषय निर्धारित किए हैं, जिन पर राज्यों से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। एमपीआईडीसी द्वारा डिफेंस एवं एयरोस्पेस रणनीति वर्ष 2026-30 प्रस्तुत की गई। इसमें राज्य की वर्तमान औद्योगिक स्थिति, छह रणनीतिक स्तंभों तथा 24 प्रमुख पहलों के माध्यम से रक्षा एवं एयरोस्पेस क्षेत्र में निवेश, नवाचार और विनिर्माण को बढ़ावा देने की कार्ययोजना साझा की गई। प्रस्तुतीकरण में जबलपुर की सैन्य वाहन निर्माण क्षमता, इटारसी के आयुध उत्पादन, ग्वालियर के बायो-केमिकल अनुसंधान तथा कटनी की धातुकर्म विशेषज्ञता को मध्यप्रदेश की प्रमुख औद्योगिक शक्ति के रूप में रेखांकित किया गया। कार्यशाला का सबसे महत्वपूर्ण चरण हितधारकों के साथ सातों रणनीतिक विषयों पर विस्तृत चर्चा रहा। उद्योग, एमएसएमई, स्टार्टअप, रक्षा प्रतिष्ठानों, शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थानों ने अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। विशेष रूप से स्वदेशीकरण, एमएसएमई, स्टार्टअप और नवाचार आधारित इकोसिस्टम को मजबूत बनाने पर उपयोगी सुझाव सामने आए। कार्यशाला में बीईएमएल, आईआरईएल, आयुध निर्माणी इटारसी, सेंट्रल प्रूफ एस्टैब्लिशमेंट इटारसी, एमपीएमएसएमई, ग्लोबल स्किल पार्क, आईआईएसईआर भोपाल तथा एमपीएसईडीसी सहित अनेक संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। वहीं डीआरडीओ, आईआईटी दिल्ली, बीएचयू, धारवाड़, इंदौर, जम्मू, कानपुर, भिलाई, गांधीनगर एवं मद्रास, आईआईएससी बेंगलुरु, नासकॉम, सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM), ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया, भारत डायनामिक्स लिमिटेड, गोवा शिपयार्ड लिमिटेड, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड, एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड, इंडियन ऑर्डनेंस लिमिटेड, गोल्डन पर्ल डिफेंस सिस्टम्स प्रा. लि. तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की। इन संस्थानों की भागीदारी से कार्यशाला को राष्ट्रीय दृष्टिकोण और तकनीकी विशेषज्ञता मिली। एमपीआईडीसी के प्रबंध संचालक ने कार्यशाला के निष्कर्ष प्रस्तुत करते हुए बताया कि प्राप्त सुझावों के आधार पर 30 जून 2026 तक राज्य की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रक्षा उत्पादन विभाग को भेजी जाएगी। यह रिपोर्ट राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में मध्यप्रदेश की रणनीति और सुझावों का आधार बनेगी।  

बिहार को हाईस्पीड रेल की सौगात, पटना-दिल्ली बुलेट ट्रेन से सफर होगा बेहद आसान

 पटना /नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली को बिहार की राजधानी पटना से बुलेट ट्रेन के जरिये जोड़ने पर सरकार काफी गंभीरता से काम कर रही है.  रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि पटना एक बार बुलेट नेटवर्क से जुड़ जाएगा तो इससे बिहार को काफी सुविधा मिलेगी. उन्होंने कहा कि पटना से दिल्ली की यात्रा मात्र 4 घंटे 41 मिनट की रह जाएगी. उन्होंने कहा कि आगे पटना से सिलीगुड़ी तक बुलेट ट्रेन का विस्तार किया जाएगा. आने वाले समय में इसके लिए भी तैयारी शुरू हो गई है. पहली बुलेट ट्रेन अहमदाबाद से मुंबई के बीच में अगले साल शुरू होने वाली है।  रेल मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में बिहार में बुलेट ट्रेन आएगी. ये ट्रेन दिल्ली से लखनऊ, लखनऊ से वाराणसी, वाराणसी से पटना और पटना से सिलिगुड़ी तक जाएगी. इसके बाद दिल्ली से पटना की यात्रा मात्र 4 घंटे और 41 मिनट की रह जाएगी।  इससे पहले रेल मंत्री ने कहा था कि भारत ने अब स्वयं बुलेट ट्रेन बनाने की क्षमता रखता है. उन्होंने अगले साल मुंबई-पुणे बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर काम शुरू करने की घोषणा की है।  पटना-दिल्ली बुलेट ट्रेन (हाई-स्पीड रेल) प्रोजेक्ट भारत के पूर्वी हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का हिस्सा है. यह अभी पूर्ण रूप से प्लानिंग और सर्वे स्टेज में है, यहां अभी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।  यह बुलेट ट्रेन दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड कॉरिडोर का हिस्सा है. पटना इस रूट पर प्रमुख स्टेशन होगा. दिल्ली से पटना की दूरी अभी लगभग 1000 से 1100 किलोमीटर के बीच में है. इस यात्रा में अभी 12 से 17 घंटे लगते हैं. लेकिन बुलेट ट्रेन के बाद ये यात्रा 5 घंटे से भी कम समय में पूरी की जा सकेगी।  बिहार दौरे पर आए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार ने बिहार में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए चालू वित्त वर्ष में 10,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा का रिकॉर्ड बजट आवंटित किया है।  राज्य के एक दिन के दौरे पर आए वैष्णव ने छपरा से दिल्ली के लिए एक नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा शुरू करने की घोषणा की।  रेल मंत्री ने कहा, "राज्य से लोकोमोटिव (इंजन) एक्सपोर्ट किए जा रहे हैं. आज बिहार के मरहौरा प्लांट से 51वां लोकोमोटिव इंजन एक अफ़्रीकी देश को एक्सपोर्ट किया जाएगा." वैष्णव ने बताया कि बिहार में लगभग 1.15 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली रेल परियोजनाएं पहले से ही चल रही हैं।  पटना रेलवे स्टेशन पर बन रहे हैं 5 नए प्लेटफॉर्म रेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने चालू वित्त वर्ष में बिहार में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा का रिकॉर्ड रेलवे बजट आवंटित किया है।  उन्होंने बताया कि यात्रियों की क्षमता बढ़ाने के लिए पटना रेलवे स्टेशन पर पांच अतिरिक्त प्लेटफॉर्म बनाए जा रहे हैं. रेल मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य की राजधानी के पास स्थित फतुहा स्टेशन का भी विकास किया जा रहा है। 

42 हजार से अधिक हितग्राहियों को 2 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक की आवास स्वीकृतियां, 38 हजार परिवारों का होगा गृह-प्रवेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री  मनोहर लाल शनिवार, 20 जून को इंदौर जिले के सांवेर में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 42 हजार से अधिक पात्र हितग्राहियों को 2 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक की आवास स्वीकृतियां तथा 38 हजार से अधिक परिवारों को उनके नवीन पक्के आवासों में गृह-प्रवेश कराया जाएगा। साथ ही 2 हजार 935 करोड़ रुपये लागत की 48.10 किलोमीटर लंबी महत्वाकांक्षी इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोर-लेन परियोजना का भूमि-पूजन भी करेंगे। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प तथा सभी पात्र परिवारों को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्रत्येक पात्र परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। साथ ही आधुनिक सड़क एवं परिवहन अधोसंरचना के निर्माण के माध्यम से प्रदेश के समग्र विकास को नई गति दे रही है। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा विकसित की जा रही यह परियोजना मालवा अंचल की कनेक्टिविटी, आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन विकास को नई दिशा प्रदान करेगी। लगभग 48.10 किलोमीटर लंबा यह हाई-स्पीड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर इंदौर और उज्जैन के बीच यात्रा को अधिक तेज, सुरक्षित और सुगम बनाएगा। परियोजना को हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (40:60) पर विकसित किया जा रहा है। इसके पूर्ण होने पर इंदौर, उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश, व्यापार, लॉजिस्टिक्स, कृषि विपणन और धार्मिक पर्यटन को उल्लेखनीय बढ़ावा मिलेगा। महाकाल की नगरी उज्जैन आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं को भी ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के बनने से बेहतर और सुगम आवागमन सुविधा प्राप्त होगी। स्थानीय निवासियों एवं किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परियोजना में 18 अंडर-पास तथा 19 जंक्शन इम्प्रूवमेंट कार्यों का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त वेस्टर्न रिंग रोड तथा उज्जैन-बदनावर मार्ग के साथ ग्रेड सेपरेटेड जंक्शन विकसित किए जाएंगे। प्रत्येक टोल प्लाजा पर एम्बुलेंस, क्रेन और पेट्रोलिंग वाहनों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध हो सके।    

रेल बजट जैसा तोहफा! छपरा-दिल्ली एक्सप्रेस लॉन्च, पटना स्टेशन होगा और आधुनिक

 पटना केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार, 19 जून को बिहार की राजधानी पटना में रेलवे विकास को नई गति देने वाली कई बड़ी घोषणाएं की हैं. रेल मंत्री ने कहा कि बिहार में रेलवे के 1.15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रोजेक्ट चल रहे हैं. अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार को रेलवे बजट में 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि दी गई है. उन्होंने कहा, बिहार में पूरी तरह से रेलवे विकास हो रहा है।  रेल मंत्री ने पटना के हार्डिंग पार्क इलाके में 5 नए प्लेटफॉर्म बनाने का ऐलान किया है. पटना स्टेशन का विस्तार होगा तो रेल क्षमता बढ़ेगी. इससे यात्रियों को काफी राहत मिलेगी और ट्रेनों का आना-जाना सुगम होगा. हार्डिंग पार्क में इस प्रोजेक्ट का काम तेजी से चल रहा है।  रेल मंत्री ने कहा कि छपरा से दिल्ली (आनंद विहार टर्मिनल) के लिए नई एक्सप्रेस ट्रेन शुरू की जा रही है. इससे यात्रियों को सीधा और आरामदायक सफर मिलेगा. रेल मंत्री ने बिहार में बने रेल इंजनों की सराहना की।  मढ़ौरा रेल इंजन कारखाने से आज 51वां लोकोमोटिव इंजन निर्यात के लिए रवाना हो रहा है. यह इंजन अफ्रीकी देश गिनी को भेजा जाएगा. वैष्णव ने कहा कि बिहार में बने इंजन अब विदेशों में भी जा रहे हैं, जो राज्य के लिए गर्व की बात है।  रेल मंत्री ने बताया कि बिहार में चल रही सभी रेलवे परियोजनाओं की समीक्षा की जाएगी. केंद्र सरकार बिहार में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. आने वाले समय में और नई सुविधाएं जोड़ी जाएंगी।  दिल्ली और एनसीआर के यात्रियों को मिलेगी राहत रेल मंत्रालय के अनुसार छपरा और पूर्वी उत्तर प्रदेश से दिल्ली एवं एनसीआर क्षेत्र में रोजगार, शिक्षा, चिकित्सा और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही होती है। बढ़ती मांग को देखते हुए 12527/12528 छपरा-आनंद विहार टर्मिनस-छपरा साप्ताहिक एक्सप्रेस तथा 14055/14056 मऊ-आनंद विहार टर्मिनस-मऊ एक्सप्रेस को मंजूरी दी गई है। नई सेवाओं से यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा और बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। छपरा-दिल्ली साप्ताहिक एक्सप्रेस का समय 12527 छपरा-आनंद विहार टर्मिनस एक्सप्रेस प्रत्येक रविवार रात 8:50 बजे छपरा से रवाना होकर अगले दिन दोपहर 2:00 बजे आनंद विहार टर्मिनस पहुंचेगी। वापसी में 12528 आनंद विहार टर्मिनस-छपरा एक्सप्रेस प्रत्येक सोमवार शाम 4:25 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 9:40 बजे छपरा पहुंचेगी। इन स्टेशनों पर होगा ठहराव यह ट्रेन बलिया, मऊ, आजमगढ़, शाहगंज, जौनपुर, सुल्तानपुर, लखनऊ, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद स्टेशनों पर रुकेगी। रेलवे के अनुसार उद्घाटन के अवसर पर इन ट्रेनों का संचालन विशेष उद्घाटन गाड़ियों के रूप में किया जाएगा। इससे यात्रियों को नई सेवाओं का लाभ जल्द मिल सकेगा।  

खान सर-रोशन सर विवाद के बीच सरकार का बड़ा कदम, कोचिंग होंगे शिफ्ट

पटना बिहार की राजधानी पटना में बड़े कोचिंग संचालक फैसल खान(खान सर) और रोशन आनंद(रोशन सर) के बीच विवाद के बीच सीएम सम्राट चौधरी ने बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोचिंग संस्थानों को पटना शहर से अलग जगह दिया जाएगा ताकि, इनका एक जगह पर केंद्र स्थापित हो सके। सीएम ने यह भी कहा कि टाउनशिप के निर्माण से हमारे शहर स्मार्ट होंगे। सभी चीजें व्यवस्थित ढंग से स्थापित होंगी। मुख्यमंत्री शुक्रवार को नगर विकास एवं आवास विभाग की विभिन्न योजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम के बाद अपनी बात रख रहे थे। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि पटना के सभी वार्ड में सब्जी हाट का निर्माण करें, जहां पर दूध, सब्जी और मछली आदि की एक जगह पर बिक्री हो। बिहार में सरकारी नौकरी में क्रेडिट की लड़ाई में खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक खान सर और ज्ञान बिन्दु के संचालक रोशन आनंद कुछ ऐसे उलझे कि सड़क पर हंगामा, प्रदर्शन से थाना, कोर्ट, कचहरी और जेल तक पहुंच गया। 4 जून को खान ग्लोबल स्टडीज में तोड़ फोड़ हुई जिसके आरोप में रोशन आनंद को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसी दौरान एक वायरल वीडियो ने खान सर को फायरिंग का आरोपी बना दिया। उनके दो सुरक्षा गार्ड जेल चले गए और फैसल खान पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक गई। कोर्ट ने भले ही उन्हें गिरफ्तारी से राहत दे दिया हो लेकिन, बेल मिलने के बाद जेल से निकले रोशन आनंद ने फैसल खान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी बीच कोचिंग संस्थानों को लेकर सम्राट सरकार का बड़ा फैसला सामने आया है। नगर विकास विभाग के कार्यक्रम में सम्राट चौधरी ने कहा कि जितनी भी कोचिंग संस्थाएं हैं उनका भी एक ऑर्गनाइज्ड सेंटर होना चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में गौरवशाली इतिहास रहा है। जितने भी कोचिंग संस्थाएं पटना शहर में संचालित हैं उन्हें सिटी एरिया से बाहर एक जगह पर होना चाहिए। हमारा आग्रह है कि वे पटना के बाहर चलें। वहां पूरी व्यवस्था बहाल की जाएगी तो ज्यादा से ज्यादा लोग वहां आ पाएंगे। सीएम ने कहा कि सभी लोग सिवरेज कनेक्शन से अपने अपने घरों को जोड़ें ताकि एसटीपी के माध्यम से गंदगी को साफ किया जा सके और गंगा नदी में गंदगी जाने से रोका जा सके। शहरी क्षेत्र में जहां भी सड़क या नाला को तोड़ दिया गया है उन्हें बरसात से पहले ठीक कर लें। बरसात की समाप्ति तक नई योजनाओं की शुरुआत नहीं करें। इससे आम जनों की परेशानी कम होगी। शहर को सुंदर और विकसित बनाने के लिए कुछ फेर बदल करना पड़ेगा। सीएम ने कहा कि पटना से बड़ा एक नया शहर बसाना है। 66 हजार एकड़ में नए पाटलिपुत्रा टाउनशीप में शिक्षा, स्वास्थ्य, सफाई, रोजगार, पानी, बीजली सभी सुविधाएं बहाल की जाएंगी।

रुदौली में जनसभा के दौरान बोले रामभक्तों पर सवाल उठाने वालों का दोहरा चरित्र उजागर

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर उठे विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। रुदौली विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग आज रामभक्तों के अपमान की बात कर रहे हैं, वही पहले राम का नारा लगाने वालों और कारसेवकों पर गोली चलवाते थे। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के दोहरे चरित्र को जनता भलीभांति जानती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के दोहरे चरित्र को देखो, कहती है कि राम भक्तों का अपमान हुआ है। कारसेवकों और रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले लोग उपदेश देने चले हैं। हमने ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच बैठाई। एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी। मैं सभी से कहूंगा कि कोई भी अनर्गल टिप्पणी न करें, जो रामभक्तों को आहत करे सपा-कांग्रेस पर बरसे सीएम योगी योगी कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए 500 वर्षों तक संघर्ष किया गया है। कांग्रेस ने मंदिर निर्माण रोकने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था और सुप्रीम कोर्ट में भगवान राम के अस्तित्व तक पर सवाल उठाए गए थे। आज वही लोग अयोध्या और रामभक्तों की चिंता जताने का दिखावा कर रहे हैं। राम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। उन्होंने कहा कि एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी। अगर किसी के पास चंदा या चढ़ावा चोरी से संबंधित कोई सबूत है तो वह जांच एजेंसी को सौंपे। जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और अगर कोई दोषी पाया जाता है तो वह किसी भी कीमत पर नहीं बचेगा। अयोध्या को बदनाम करने वालों के बहकावे में न आए- योगी उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि जांच रिपोर्ट आने तक अनर्गल बयानबाजी से बचें और किसी के चरित्र हनन का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि अयोध्या और रामभक्तों की आस्था को ठेस पहुंचाने वाली बातें नहीं होनी चाहिए। जनता को भी ऐसे लोगों से सावधान रहना चाहिए जो अयोध्या को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर बन न पाए, इसके लिए कांग्रेस ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। सुप्रीम कोर्ट में बेशर्मी के साथ कहा था कि राम तो हुए ही नहीं। वही कांग्रेस आज अयोध्या पर बहुत मचल रही है। कह रही है कि रामभक्तों का अपमान हुआ। झलकारी बाई की 22 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण इससे पहले मुख्यमंत्री ने मां कामाख्या धाम में पूजा-अर्चना की। उन्होंने राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय का लोकार्पण किया और वीरांगना झलकारी बाई की 22 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। साथ ही 378 करोड़ रुपये से अधिक की 126 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

274 राजस्व गांवों और 6 वार्डों में विकास कार्यों पर अस्थायी रोक, सुनियोजित टाउनशिप पर जोर

 पटना  पटना के निकट प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप पाटलिपुत्र क्षेत्र में जमीन मालिकों को भी विशेष परिस्थितियों में राहत मिलेगी। जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और लीज की अनुमति दी गई है। शहरी क्षेत्र की जमीन के लिए मालिकों को बाजार मूल्य या एमवीआर का दो गुना भुगतान मिलेगा। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों की भूमि के लिए यह राशि बाजार मूल्य या MVR के चार गुना के बराबर होगी। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों की भूमि के लिए तय मुआवजा राशि पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। पुनपुन नपं के छह वार्डाें की जमीन के लिए एमवीआर से दो गुना भुगतान इस व्यवस्था का लाभ पटना जिले के नौ प्रखंडों के 274 राजस्व गांवों को मिलेगा। इनमें दनियावां, धनरुआ, फतुहा, मसौढ़ी, नौबतपुर, पटना ग्रामीण, फुलवारी, पुनपुन और संपतचक प्रखंड शामिल हैं। वहीं पुनपुन नगर पंचायत के छह वार्डों की जमीन के लिए एमवीआर से दो गुना भुगतान का प्रावधान किया गया है। पटना मास्टर प्लान-2031 के तहत जोनल प्लान तैयार करने के उद्देश्य से इन 274 राजस्व गांवों और पुनपुन नगर पंचायत के छह वार्डों में जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण, विकास और भवन निर्माण संबंधी कार्यों पर तत्काल प्रभाव से 30 मार्च 2027 तक रोक लगाई गई है ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप में नौ प्रखंड के 274 गांव व 6 वार्ड यह फैसला ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के सुनियोजित विकास और भविष्य की आधारभूत संरचना को ध्यान में रखकर लिया गया है। जोनल प्लान तैयार होने के बाद आगे की विकास योजनाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। परियोजना में सबसे अधिक 85 राजस्व गांव पुनपुन प्रखंड से शामिल किए गए हैं। इसके अलावा फतुहा के 70, नौबतपुर के 49, धनरुआ के 24, मसौढ़ी के 14, संपतचक के 10, दनियावां और फुलवारी के आठ-आठ तथा पटना ग्रामीण के छह राजस्व गांव इस योजना का हिस्सा होंगे।