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पटना समेत 14 जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी, 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

पटना बिहार के लोगों को भीषण गर्मी से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार को राजधानी पटना सहित सूबे के 14 जिलों में तेज आंधी और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान कुछ जिलों में ऑरेंज तो कुछ में येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। हालांकि, राहत की इस बौछार के बावजूद राज्य के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई खास गिरावट दर्ज नहीं होने के आसार हैं। पिछले कुछ दिनों से राज्य का एक बड़ा हिस्सा भीषण गर्मी की चपेट में है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त है। पटना में अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। कुछ जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट मौसम विभाग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों के लिए चेतावनी जारी की है। मुंगेर, लखीसराय, बेगूसराय और समस्तीपुर जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और तेज आंधी को लेकर ऑरेंज व येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा भागलपुर, गया जी, जहानाबाद, जमुई, खगड़िया, नालंदा, नवादा, पटना और शेखपुरा जिलों में भी वज्रपात और तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट रहेगा। चलेंगी 60 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं अलर्ट वाले सभी 14 जिलों में मौसम का मिजाज बेहद आक्रामक हो सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इन क्षेत्रों में बारिश के दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। राज्य में दो तरफा मौसम (कहीं उमस भरी धूप तो कहीं अचानक आंधी-पानी) होने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मानसून के प्रवेश की वर्तमान स्थिति 12 जून को आगमन: दक्षिण-पश्चिम मानसून सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, शिवहर, मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी, बेगूसराय, लखीसराय, बांका, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर सहित पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और जमुई के कुछ भागों में प्रवेश कर चुका था। छह दिनों से ठहराव: शुरुआती तेजी के बाद पिछले छह दिनों से मानसून की उत्तरी सीमा जमुई और मुजफ्फरपुर के समीप ही रुकी हुई है, जिससे आगे के जिलों में बारिश का इंतजार बढ़ गया है।

शादीपुर चौक से आश्रम चौक तक, जानिए दिल्ली की टॉप-10 ट्रैफिक जाम वाली लोकेशन

नई दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने दिल्ली में जाम के टॉप-10 लोकेशन की पहचान की है और लिस्ट दिल्ली सरकार को भेजी है। पुलिस ने कहा है कि इन 10 जगहों पर पिछले डेढ़ दशक से अधिक समय से ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या है और इसका समाधान जरूरी है। सभी लोकेशन दिल्ली के महत्वपूर्ण जंक्शन में से एक स्थानों पर जाम की समस्या है, उसकी वजह भी पुलिस ने बताई है। नो एंट्री लागू करने का सुझाव दिल्ली सरकार के अफसरों के अनुसार दिल्ली में 10 ऐसी लोकेशन हैं, जो काफी प्रमुख हैं। हर जगह जाम के अलग-अलग कारण ट्रैफिक पुलिस ने बताए हैं। ट्रैफिक पुलिस ने सरकार को लिखे पत्र में कहा है कि कोंडली ब्रिज पर गाजीपुर रोड से सामान्य से अधिक ट्रैफिक भार का आना जाम की वजह है। पुलिस का सुझाव है कि पीक आवर के दौरान गाजीपुर रोड पर नो-एंट्री लागू किया जाना चाहिए। लंबे समय से रोड जाम की समस्या महरौली-बदरपुर रोड (एमबी रोड) पर पुलिस ने मेट्रो कंस्ट्रक्शन वर्क की वजह से जाम बताया है। पुलिस ने कहा है कि एमबी रोड एमजी रोड (महरौली-गुड़गांव रोड) रोड को सैलाब के पास कनेक्ट करती है। इससे पहले तक मेट्रो का काम चल रहा है। कंस्ट्रक्शन वर्क के चलते रोड के आधे से अधिक हिस्से की बैरिकेडिंग की गई है, जिससे गाड़ियों को चलने के लिए जगह काफी कम हो गई है, जिससे लंबे समय से इस रोड पर जाम की समस्या है। जाम की टॉप-10 लोकेशन     शादीपुर चौक     कोंडली ब्रिज     आनंद विहार बस अड्डा     आजादपुर मंडी     बवाना चौक     एमबी रोड     आश्रम चौक     मथुरा रोड     जैतपुर मोड़     भैरा एनक्लेव  

286 करोड़ की 157 परियोजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास, पटना को अंतरराष्ट्रीय स्तर का शहर बनाने की तैयारी

पटना  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को नगर विकास एवं आवास विभाग की 286 करोड़ रुपये से अधिक की 157 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने पटना के भविष्य को लेकर बड़ा विजन पेश करते हुए कहा कि राजधानी के विस्तार के लिए 66 हजार एकड़ क्षेत्र में पाटल‍िपुत्र नाम से नया शहर बसाया जाएगा, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित होगा। मुख्यमंत्री ने 238.75 करोड़ रुपये की 114 योजनाओं का उद्घाटन तथा 47.48 करोड़ रुपये की 43 योजनाओं का शिलान्यास किया। पटना नगर निगम क्षेत्र में 3.03 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और 17.17 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया। मीठापुर में बना कॉमन सर्विस सेंटर इस अवसर पर पटना स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत रिवर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट, ग्रीन एरिया डेवलपमेंट, गार्डन और पाथवे का उद्घाटन किया गया। वहीं मीठापुर में 10.68 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित जी प्लस थ्री कॉमन सर्विस सेंटर का भी लोकार्पण किया गया। इस भवन में बैंक, पार्लर, ओपन एयर कैफे समेत विभिन्न नागरिक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शहरों को व्यवस्थित और आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि कचरा प्रबंधन की स्थिति में काफी सुधार हुआ है और अगले छह महीने में कचरा निस्तारण की व्यवस्था और बेहतर हो जाएगी। मार्च तक शहर में कचरे के सभी बड़े ढेर समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। सीवरेज से जुड़े घरों का कनेक्‍शन उन्होंने नागरिकों से सीवरेज नेटवर्क से अपने घरों को जोड़ने की अपील करते हुए कहा कि ऐसा नहीं होने पर गंदा पानी सीधे गंगा में जाता रहेगा। नगर निगम को निर्देश दिया गया कि लोगों को सीवरेज से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री ने बरसात को देखते हुए अगले पांच दिनों में बड़े नालों के निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोकने और मानसून के बाद दोबारा शुरू करने का निर्देश दिया। साथ ही सीवरेज कार्य के कारण टूटी सड़कों को 24 से 48 घंटे के भीतर बहाल करने को कहा। उन्होंने शहर में संगठित बाजार व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने नगर निगम और बुडको को वार्ड स्तर पर सब्जी, मांस-मछली और डेयरी उत्पादों के लिए आधुनिक बाजार एवं सेंटर विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। पटना के दीर्घकालिक विकास का खाका पेश करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि राजधानी के विस्तार के लिए 46 हजार एकड़ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। पटना बनेगा सुंदर और स्‍मार्ट भूमि अधिग्रहण के मुआवजा दरों में 10 वर्षों बाद संशोधन किया गया है, ताकि किसानों को उचित मूल्य मिल सके।उन्होंने कहा कि केवल पटना क्षेत्र में ही लगभग छह लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावनाएं हैं। सरकार यहां इंडस्ट्री, एजुकेशन और मेडिकल हब विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। लक्ष्य ऐसा आधुनिक शहर बनाना है जो स्मार्ट होने के साथ-साथ पाटलिपुत्र की ऐतिहासिक विरासत को भी पुनर्स्थापित करे। मुख्यमंत्री ने कोचिंग संस्थानों के लिए भी समर्पित केंद्र विकसित करने का सुझाव दिया। कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा, महापौर सीता साहू, उपमहापौर रेशमी कुमारी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विभागीय प्रधान सचिव विनय कुमार और बुडको के प्रबंध निदेशक अनिमेष कुमार पराशर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।  

खाटूश्याम भक्तों को झटका, मंदिर के कपाट बंद; दर्शन शुरू होने की तारीख आई सामने

जयपुर  विश्व प्रसिद्ध बाबा श्याम के भक्तों के लिए जरूरी सूचना है। अगर आप बाबा श्याम के दरबार में उनके दर्शन के लिए जाने वाले हैं तो पहले यह खबर जान लें। क्योंकि बाबा श्याम का मंदिर उनके भक्तों के लिए बंद रहने वाला है, इसके बारे में श्री श्याम मंदिर कमेटी ने सूचना जारी की है। जानकारी के अनुसार बाबा श्याम के विशेष श्रृंगार और पूजा के चलते मंदिर को 18 जून 2026 की रात 10 बजे से अगले 19 घंटों के लिए बंद रखा जाएगा। इस दौरान भक्तों को बाबा के अस्थाई रूप से दर्शन नहीं मिल पाएंगे। मंदिर की परंपरा के तहत अमावस्या के बाद बाबा श्याम का विशेष तिलक और श्रृंगार किया जाता है। यह अनुष्ठान पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न किया जाता है। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा के बीच बाबा के मस्तक पर चंदन का विशेष तिलक लगाया जाता है। इस प्रक्रिया के पूरा होने में करीब 8-10 घंटे लग जाते हैं। कब और कितने बजे खुलेगा मंदिर: कोषाध्यक्ष रवि सिंह चौहान ने मंदिर खुलने के समय की भी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि मंदिर के कपाट 19 जून 2026 को शाम 5 बजे खोल दिए जाएंगे। इसके बाद फिर से श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन कर पाएंगे। मंदिर प्रशासन ने भक्तों से अपील की है कि किसी भी परेशानी या असुविधा से बचने के लिए मंदिर खुलने और बंद होने के समय का ध्यान रखें और मंदिर बंद रहने तक दर्शन के लिए नहीं पहुंचे। जानिए कौन हैं बाबा श्याम: खाटू श्याम जी का मंदिर राजस्थान के सीकर जिले के खाटू गांव में स्थित है। यह मंदिर महाभारत के एक महत्वपूर्ण पात्र बर्बरीक को समर्पित है। बाबा श्याम को ‘हारे का सहारा’ भी कहा जाता है। इन्हें भगवान श्रीकृष्ण का अवतार माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाभारत युद्ध के समय भीम के पौत्र बर्बरीक कौरवों की सेना की ओर से लड़ने के लिए मैदान में उतरे थे, तभी भगवान श्रीकृष्ण ने ब्राह्मण रूप धारण करके उनसे शीश का दान मांगा था। बर्बरीक ने बिना सोच-विचार किए अपना शीश दान कर दिया था। तब भगवान श्रीकृष्ण ने प्रसन्न होकर उन्हें वरदान दिया था कि उन्हें कलियुग में उनके नाम ‘श्याम’ से जाना जाएगा। मान्यता है कि खाटू स्थित बाबा श्याम के मंदिर में हाजिरी लगाने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

पंजाब बॉर्डर पर हाई अलर्ट, अमृतसर से AK-47 समेत भारी मात्रा में हथियार और कारतूस जब्त

अमृतसर  अमृतसर के अजनाला क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में हथियारों का जखीरा बरामद किया है। BSF की 117 बटालियन ने खुफिया जानकारी के आधार पर हरड़ खुर्द गांव के पास एक भारतीय नागरिक को हिरासत में लिया। BSF को गुरुवार रात एक विशेष खुफिया सूचना मिली थी। इसी आधार पर थाना अजनाला, अमृतसर ग्रामीण क्षेत्र के हरड़ खुर्द गांव में यह कार्रवाई हुई। बरामद सामग्री में एक AK-47 राइफल, 25 पिस्तौल, 47 पिस्तौल मैगजीन, एक बुलेटप्रूफ जैकेट और 368 कारतूस शामिल हैं। इस साल की सबसे बड़ी बरामदगी:- साल 2026 में जनवरी से जून (अब तक) के बीच अमृतसर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा पार (पाकिस्तान/ISI लिंक्ड) व स्थानीय गैंगस्टरों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। इस दौरान बड़ी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार, ग्रेनेड, कारतूस और नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं।     29 जनवरी 2026: अमृतसर रूरल पुलिस ने विलेज डिफेंस कमेटी (VDC) की मदद से ओथियां गांव के पास एक बड़े नार्को-टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में एक स्टार मार्क पिस्तौल, 46 जिंदा कारतूस, चार हैंड ग्रेनेड और करीब 43 किलो हेरोइन बरामद की गई। मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि हथियार ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से भेजे गए थे।     14 मार्च 2026 : अमृतसर रूरल पुलिस (घरिंडा थाना) ने मुहावा गांव में ISI-प्रायोजित और विदेशी गैंगस्टरों से जुड़े एक बड़े मॉड्यूल का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई में एक AK-47 असॉल्ट राइफल (दो मैगजीन और 36 राउंड के साथ) और तीन ऑस्ट्रिया-निर्मित ग्लॉक पिस्तौलें बरामद की गईं। इस मामले में सुरज और रोहित नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो पुलिस पर हमले की साजिश रच रहे थे।     16 अप्रैल 2026 : पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने अमृतसर में स्टेट स्पेशल ऑपरेशंस सेल (SSOC) के साथ मिलकर एक और ISI-समर्थित टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। इस दौरान 2 विदेशी अत्याधुनिक पिस्तौल (गोला-बारूद के साथ) और 4 हैंड ग्रेनेड बरामद हुए। इस मॉड्यूल का संबंध चंडीगढ़ में हुए एक ग्रेनेड अटैक से भी जुड़ा था।     14 मई 2026 : अमृतसर पुलिस ने जेल से छूटे अपराधी आकाशदीप के मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में 6 पिस्तौल और 14 कारतूस बरामद किए गए। जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क ड्रोन के जरिए हथियारों की सप्लाई मंगवा रहा था।     27 मई 2026 : एक अन्य कार्रवाई में अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले 5 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से कई अत्याधुनिक पिस्तौलें बरामद हुईं।     17-18 जून 2026 : अमृतसर पुलिस ने दो अलग-अलग ऑपरेशनों में बड़ी सफलता हासिल की। पहले ऑपरेशन में कमिश्नरेट पुलिस ने 8 लोगों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 11 अत्याधुनिक पिस्तौलें बरामद कीं, जिनमें चीन निर्मित .30 बोर और ऑस्ट्रिया की ग्लॉक पिस्तौलें शामिल थीं। दूसरा ऑपरेशन (रूरल व स्पेशल सेल) पुलिस ने बॉर्डर रेंज से जुड़े 4 गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 10 पाकिस्तान-निर्मित पिस्तौलें बरामद कीं। कुल बरामदगी का अनुमानित सारांश (जनवरी-जून 2026) AK-47 राइफल: 1 पिस्तौलें (Pistols): 35 से अधिक (ग्लॉक, स्टार मार्क, जिगाना और पाकिस्तान-निर्मित सहित) हैंड ग्रेनेड: 8 जिंदा कारतूस: 110 से अधिक गिरफ्तार व्यक्ति से पूछताछ जारी BSF अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्ति फिलहाल 117 बटालियन की हिरासत में है और उससे आगे की पूछताछ जारी है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इन हथियारों को किस उद्देश्य से इकट्ठा किया गया था। इस नेटवर्क के पीछे कौन लोग सक्रिय हैं। BSF ने सीमावर्ती क्षेत्र में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है। एंटी-ड्रोन सिस्टम बॉर्डर क्षेत्रों में लगाए पंजाब सरकार की ओर से एंटी-ड्रोन सिस्टम बॉर्डर क्षेत्रों में लगाए गए हैं। हालांकि अब जीपीएस सिस्टम के जरिए हथियार और नशीले पदार्थ भेजे जा रहे हैं। डीआईजी बॉर्डर रेंज हरमनबीर सिंह गिल के अनुसार, पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत पंजाब पुलिस और BSF के सहयोग से इन गतिविधियों को रोकने के लिए नई तकनीक पर काम किया जा रहा है। पहले की तुलना में स्थिति में काफी सुधार हुआ है।

जनकल्याणकारी योजनाओं के संतृप्तिकरण का प्रदेशव्यापी अभियान : ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी पहल : 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान से सुशासन का लाभ पहुंचेगा हर परिवार तक 'नियद नेल्लानार' मॉडल का राज्यव्यापी विस्तार: 23 जिलों में 31 जनकल्याणकारी योजनाओं का होगा संतृप्तिकरण तकनीक आधारित निगरानी, विभागीय अभिसरण और जन-केंद्रित सेवा प्रदाय से मजबूत होगा विकसित छत्तीसगढ़ का आधार जन-जन तक सुशासन, घर-घर तक विकास : 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान होगा प्रारंभ जनकल्याणकारी योजनाओं के संतृप्तिकरण का प्रदेशव्यापी अभियान : 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन को जन-जन तक पहुंचाने और प्रत्येक पात्र परिवार को शासन की योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। इसी उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। यह अभियान प्रदेश के 23 जिलों में 31 प्रमुख हितग्राहीमूलक योजनाओं के संतृप्तिकरण का व्यापक कार्यक्रम होगा, जिसके माध्यम से योजनाओं की पहुंच, प्रभावशीलता और पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आधार केवल अधोसंरचना का विकास नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार तक शासन की योजनाओं की प्रभावी और समयबद्ध पहुंच सुनिश्चित करना है। सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं संचालित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनके सकारात्मक परिणाम प्रत्येक परिवार के जीवन में दिखाई दें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता ऐसी शासन व्यवस्था स्थापित करना है, जिसमें नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए अनावश्यक भटकना न पड़े, बल्कि शासन स्वयं पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे और उन्हें योजनाओं से जोड़े। 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' इसी सोच का विस्तार है। 'नियद नेल्लानार' की सफलता से प्रेरित नई पहल वर्ष 2024 से बस्तर संभाग  में संचालित 'नियद नेल्लानार' योजना ने शासन और जनता के बीच विश्वास का नया सेतु निर्मित किया है।अभिसरण आधारित सेवा प्रदाय के माध्यम से इस योजना ने दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में शासन की उपस्थिति को मजबूत किया तथा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की। योजना की सफलता को देखते हुए इसे 'नियद नेल्लानार 2.0' के रूप में 10 जिलों तक विस्तारित किया गया। अब इसी सफल मॉडल को प्रदेश के शेष 23 जिलों में लागू करते हुए 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। यह अभियान रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा संभाग के 23 जिलों में संचालित होगा और ग्रामीण परिवारों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य करेगा। 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान अंतर्गत  रायपुर संभाग के रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी एवं महासमुंद जिले; बिलासपुर संभाग के बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, रायगढ़, सक्ती, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले; दुर्ग संभाग के दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम (कवर्धा) एवं राजनांदगांव जिले तथा सरगुजा संभाग के सरगुजा, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, जशपुर एवं मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले शामिल हैं। सुशासन से संतृप्ति की ओर 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान का मूल उद्देश्य विभिन्न विभागों की योजनाओं को एक साझा मंच पर लाकर पात्र हितग्राहियों तक उनका शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करना है।  'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान विभिन्न विभागों के बीच अभिसरण स्थापित करते हुए एक ऐसी व्यवस्था विकसित करेगा, जिसमें योजनाओं की जानकारी, पात्रता, प्रगति और संतृप्तिकरण की स्थिति एकीकृत रूप से उपलब्ध होगी। 31 जनकल्याणकारी योजनाओं का होगा संतृप्तिकरण अभियान के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा, आवास, रोजगार, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, कृषि, कौशल विकास तथा बुनियादी नागरिक सेवाओं से जुड़ी 31 प्रमुख योजनाओं को शामिल किया गया है। इनमें मनरेगा जॉब कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, जल जीवन मिशन, राशन कार्ड एवं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, आयुष्मान भारत योजना, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जननी सुरक्षा योजना, मिशन इंद्रधनुष, महतारी वंदन योजना, जन-धन योजना, कौशल विकास योजनाएं, श्रम कार्ड, वनाधिकार पट्टा, आधार कार्ड तथा विभिन्न प्रमाण-पत्र सेवाएं शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य  परिवारों को सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और जीवन स्तर में सुधार के अवसर उपलब्ध कराना है। CHiPS विकसित करेगा अत्याधुनिक डिजिटल डैशबोर्ड अभियान की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था होगी। छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (CHiPS) द्वारा एक एकीकृत 'सुघ्घर छत्तीसगढ़ डैशबोर्ड' विकसित किया जाएगा। यह डैशबोर्ड राज्य, संभाग, जिला, विकासखंड, ग्राम पंचायत और ग्राम स्तर तक योजनाओं की प्रगति को रियल-टाइम में प्रस्तुत करेगा। डैशबोर्ड पर प्रत्येक योजना की संतृप्तिकरण स्थिति, शेष हितग्राहियों की संख्या तथा प्रगति का प्रतिशत उपलब्ध रहेगा। इससे निर्णय प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनेगी। तीन चरणों में होगा अभियान का संचालन अभियान का क्रियान्वयन सुव्यवस्थित रूप से तीन चरणों में किया जाएगा।पहले चरण में ग्रामवार आधारभूत सर्वेक्षण एवं डेटा मानचित्रण किया जाएगा। PDS डेटाबेस और विभागीय आंकड़ों के आधार पर संभावित परिवारों की पहचान कर योजनावार बेसलाइन तैयार की जाएगी। दूसरे चरण में ग्राम, क्लस्टर एवं विकासखंड स्तर पर विशेष संतृप्तिकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा तथा आवश्यक दस्तावेजों एवं सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। तीसरे चरण में सतत निगरानी, समीक्षा और मूल्यांकन की प्रक्रिया के माध्यम से योजनाओं की प्रगति का आकलन किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। जिला प्रशासन निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका अभियान के सफल संचालन में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। जिला कलेक्टर जिला स्तरीय क्रियान्वयन के प्रमुख अधिकारी होंगे और आधारभूत सर्वेक्षण, शिविरों के आयोजन तथा संतृप्तिकरण की संपूर्ण प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। संभागायुक्त संभाग स्तर पर त्रैमासिक समीक्षा करेंगे, जबकि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति अभियान की प्रगति का नियमित मूल्यांकन करेगी। 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' एक अभिसरण आधारित कार्यक्रम है। इसके लिए पृथक बजट शीर्ष निर्मित करने की आवश्यकता नहीं होगी। संबंधित विभाग अपनी स्वीकृत योजनागत निधियों का उपयोग करेंगे। इसके अतिरिक्त CSR, जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) तथा अन्य संस्थागत स्रोतों के माध्यम से भी आवश्यक संसाधनों का अभिसरण किया जाएगा। विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में नया अध्याय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि 'सुघ्घर छत्तीसगढ़'  नागरिक-केंद्रित सुशासन की एक व्यापक पहल है। इसका उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक विकास, सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि के अवसरों की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि जब शासन की प्रत्येक योजना अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी, जब प्रत्येक पात्र परिवार योजनाओं के लाभ से जुड़कर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन अनुभव करेगा, तभी सच्चे अर्थों में 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' और 'विकसित छत्तीसगढ़' का … Read more

पंजाब सरकार की खास तैयारी, NEET री-एग्जाम के लिए फ्री ट्रांसपोर्ट; प्रश्नपत्रों की सुरक्षा में CAPF तैनात

चंडीगढ़  पंजाब और केंद्र सरकार ने नीट री-एग्जाम के लिए प्रशासनिक स्तर पर फुलप्रूफ तैयारियां कर दी हैं। सरकार ने परीक्षा संचालन के लिए सख्त एसओपी जारी की है और सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उधर, छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने पंजाब में बठिंडा से चंडीगढ़ तक नीट स्पेशल ट्रेन चलाने के साथ कुछ अन्य ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाने का फैसला किया है। रेलवे ने इसके लिए बाकायदा शेड्यूल भी जारी कर दिया है। अधिकारियों को विशेष निर्देश जारी पंजाब में करीब 25 हजार छात्रों ने इस परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन किया है। पंजाब सरकार ने छात्रों और उनके एक अभिभावक के लिए पंजाब रोडवेज और पनबस की सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी है। छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए अधिकारियों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। पंजाब पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों को सौंपी जिम्मेदारी नीट की परीक्षा सामग्री को कस्टोडियन बैंक से परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने और उसकी निगरानी की जिम्मेदारी पंजाब पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों को सौंपी गई है। केंद्र और राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य सरकार ने सभी जिला अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि 19 जून को तैयारियों की समीक्षा के लिए सभी विभागों के साथ बैठक करें। परीक्षा में केंद्र सरकार की सभी गाइडलाइन का पालन किया जाए, ताकि छात्र बिना किसी तनाव के परीक्षा दे सकें। इन 5 बड़े पॉइंट्स में समझें प्रशासनिक तैयारी:     परीक्षा केंद्र: प्रदेशभर में नीट री एग्जाम के लिए 16 जिलों में परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक पिछली बार भी इतने ही परीक्षा केंद्र थे। पंजाब के कुछ जिलों में परीक्षा केंद्र नहीं बनाए गए हैं तो स्टूडेंट्स को उनकी च्वाइस के हिसाब से परीक्षा केंद्र एलॉट किए गए हैं।     नो-पावर कट: डिप्टी कमिश्नर लुधियाना हिमांशु जैन का कहना है कि परीक्षा के दौरान बिजली की सप्लाई बाधित न हो इसके लिए पीएसपीसीएल को पहले ही सख्त हिदायतें जारी कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान पीएसपीसीएल नो पावर कट सुनिश्चित करेगा।     मेडिकल टीमें तैनात: परीक्षा केंद्रों के बाहर फर्स्ट-एड किट और जरूरी दवाओं के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीमें मुस्तैद रहेंगी। लुधियाना जिले में 15 परीक्षा केंद्रों के लिए मेडिकल टीम गठित कर दी गई हैं।     फायर ब्रिगेड अलर्ट: डीसी ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड को अलर्ट पर रहने का आदेश दिया गया है ताकि किसी भी अनहोनी घटना में तुरंत बचाव कार्य किए जा सकें।     पुलिस कमिश्नर को जिम्मा: कस्टोडियन बैंक से प्रश्नपत्र व आंसरसीट परीक्षा केंद्रों तक ले जाने के लिए पुलिस को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रश्नपत्र व आंसरसीट ले जाने वाले व्हीकल को एस्कॉट करके ले जाया जाएगा। डीसी ने बताया कि लुधयाना जिले में शहरी क्षेत्र में पुलिस कमिश्नर और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा की जिम्मेदारी एसएसपी की रहेगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विशेष निगरानी परीक्षा से एक दिन पहले और परीक्षा के दिन यानी 20 और 21 जून को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। डिप्टी कमिश्नरों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। सीएपीएफ के 2 सशस्त्र जवान तैनात रहेंगे डिप्टी कमिश्नर (DC) हिमांशु जैन ने बताया कि परीक्षा सामग्री की सुरक्षा के लिए इस बार विशेष रणनीति तैयार की गई है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (CAPF) के दो सशस्त्र जवान तैनात रहेंगे। ये जवान सबसे पहले कस्टोडियन बैंक पहुंचकर वहां से परीक्षा सामग्री वाले वाहनों को सुरक्षा घेरा (एस्कॉर्ट) के साथ सीधे परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाएंगे। पंजाब के लिए स्पेशल 'परीक्षा स्पेशल ट्रेन' नॉर्दर्न रेलवे ने पंजाब के छात्रों के लिए एक विशेष अनारक्षित परीक्षा स्पेशल ट्रेन चलाने का ऐलान किया है। ट्रेन नंबर 04556/04555 (बठिंडा–चंडीगढ़–बठिंडा स्पेशल) 21 जून (परीक्षा के दिन) सुबह 05:30 बजे बठिंडा कैंट से रवाना होगी और सुबह 11:00 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगी। वापसी में यही ट्रेन चंडीगढ़ से शाम 07:10 बजे चलेगी। यह स्पेशल ट्रेन भुच्चू, रामपुरा फूल, तपा, बरनाला, धूरी, नाभा, पटियाला, राजपुरा, सरहिंद, फतेहगढ़ साहिब, न्यू मोरिंडा, खरड़ और मोहाली जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी। इसमें कुल 14 डिब्बे होंगे, जिनमें 12 जनरल कोच शामिल हैं, ताकि बिना रिजर्वेशन के भी छात्र और अभिभावक आसानी से यात्रा कर सकें। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा और दिल्ली रूट पर चलने वाली कई इंटरसिटी और एक्सप्रेस ट्रेनों में भीड़ को देखते हुए अस्थायी रूप से अतिरिक्त जनरल और स्लीपर कोच जोड़े जा रहे हैं, ताकि लंबी दूरी तय करने वाले छात्रों को सीट या बर्थ उपलब्ध हो सके। सरकारी बसों में मुफ्त सफर पंजाब सरकार ने नीट परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए मुफ्त बस सेवा देने का फैसला किया है। परीक्षा के दिन परीक्षार्थी पंजाब रोडवेज और पनबस (PUNBUS) की सरकारी बसों में बिना किराया दिए यात्रा कर सकेंगे। बस में सफर के दौरान छात्रों को कंडक्टर को अपना NEET-UG एडमिट कार्ड और एक सरकारी पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड) दिखाना होगा। सरकार ने छात्रों के साथ एक अभिभावक को भी मुफ्त यात्रा की सुविधा दी है। NEET-UG परीक्षा NTA व केंद्र सरकार की तरफ से जारी SOP… 1. सुरक्षा और गोपनीयता: CAPF और स्थानीय पुलिस का पहरा: कस्टोडियन बैंक (जहां पेपर रखे जाते हैं) से लेकर परीक्षा केंद्रों तक गोपनीय परीक्षा सामग्री को लाने-ले जाने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के सशस्त्र जवान और स्थानीय पुलिस तैनात रहेगी। परीक्षा सामग्री को विशेष वाहनों में पूरी सुरक्षा के साथ सीधे परीक्षा केंद्रों तक एस्कॉर्ट किया जाएगा। सीसीटीवी और जैमर्स: परीक्षा के दौरान पेपर लीक या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के इस्तेमाल को रोकने के लिए सभी केंद्रों पर लाइव सीसीटीवी सर्विलांस और हाई-पावर जैमर्स लगाए जाएंगे। 2. परीक्षा केंद्र पर एंट्री और चेकिंग बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन: डमी कैंडिडेट की पहचान के लिए एंट्री गेट पर और परीक्षा हॉल के अंदर उम्मीदवारों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशनअनिवार्य है। कड़ी तलाशी : उम्मीदवारों की मेटल डिटेक्टर के जरिए सघन तलाशी ली जाती है। स्टूडेंट्स अपने साथ एडमिट … Read more

विकास प्राधिकरण करेगा पंचायतों के मंजूर नक्शों का शमन, भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क में बड़ी राहत

लखनऊ  विकास क्षेत्रों में जिला पंचायतों द्वारा एक अप्रैल तक स्वीकृत किए गए मानचित्रों को अगले वर्ष 31 मार्च तक वैध कराया जा सकेगा। संबंधित विकास प्राधिकरणों द्वारा पंचायतों के मंजूर नक्शों का शमन किया जाएगा। शमन के लिए तय अवधि तक भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क में 75 प्रतिशत की छूट मिलेगी। कैबिनेट द्वारा पिछले दिनों किए गए निर्णय के संबंध में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने गुरुवार को शासनादेश जारी कर दिया। प्रमुख सचिव आवास पी गुरूप्रसाद की ओर से विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्षों, आवास आयुक्त व प्रमुख सचिव पंचायतीराज को भेजे गए शासनादेश के तहत विकास क्षेत्र में निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृत करने के अधिकार को स्पष्ट करते हुए एक अप्रैल 2026 (कट आफ डेट) तक जिला पंचायतों से स्वीकृत मानचित्र को एक वर्ष यानी अगले वर्ष 31 मार्च विकास प्राधिकरण के माध्यम से वैध कराया जा सकेगा। आदेश में स्पष्ट की गई ये बात आदेश में स्पष्ट किया गया है कि भवन निर्माण एवं विकास उपविधि, जिला पंचायत उपविधि के अनुसार स्वीकृत नक्शा शमनीय होगा बशर्ते महायोजना भू-उपयोग के अनुसार निर्माण हो। भू-उपयोग परिवर्तन के मामले में परिवर्तन शुल्क देना होगा लेकिन उसमें 75 प्रतिशत की छूट मिलेगी। ग्रीन पार्क व खुले क्षेत्रों के लिए आरक्षित भूमि पर निजी उपयोग के लिए निर्मित आवासीय भवनों को छोड़कर अन्य प्रकरणों में भू-स्वामी द्वारा समतुल्य भूमि उस भू उपयोग के लिए आरक्षित करने पर विचार किया जाएगा। जलाशय महायोजना मार्ग तथा शासकीय भूमि पर विनियमितिकरण नहीं किया जाएगा। 200 वर्ग मीटर तक भूखंडों पर बने आवासीय भवनों को भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। जिला पचायतों को एक अप्रैल तक स्वीकृत मानचित्रों की प्रमाणिक सूची 15 दिनों में संबंधित प्राधिकरण तथा शासन को उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि जिला पंचायतें ‘बैक डेटिंग’ न कर सकें। विकास प्राधिकरणों द्वारा भवन उपविधि के मानकों के तहत स्वीकृत मानचित्र परीक्षण में सही पाए जाने पर पंजीकृत किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि विकास क्षेत्र में पंचायतों द्वारा मंजूर किए गए मानचित्रों की वैध पर सवाल उठाते हुए प्राधिकरणों द्वारा भवन स्वामियों को नोटिस देने के साथ ही ध्वस्तीकरण के आदेश किए जा रहे हैं। महायोजना से बाहर के क्षेत्रों के नक्शों के लिए बनी मानक संचालन प्रक्रिया चूंकि प्रदेश के 17 नगर निगम सहित 762 नगरीय निकाय में से अभी लगभग 200 के ही मास्टर प्लान बने हैं इसलिए विकास /विस्तारित विकास या विनियमित ऐसे क्षेत्र जो महायोजना के दायरे से बाहर हैं उनमें सुनियोजित विकास के लिए सरकार ने किसी तरह के निर्माण के मानचित्र स्वीकृति के लिए मानक संचालन प्रक्रिया(एसओपी) भी तय की है। 29 विकास प्राधिकरणों के अधिसूचित विकास क्षेत्र तथा 72 विनियमित क्षेत्र आदि में अगर कोई निर्माण जलाशय, राजस्व भूमि, बंजर भूमि, वन, श्मशान आदि की जमीन पर है तो उसका नक्शा पास होने पर भी उसे वैध नहीं माना जाएगा। जिन क्षेत्रों के मास्टर प्लान नहीं हैं उनके अनिवार्य रूप से छह माह में तैयार करने को कहा गया है। यथासंभव मानचित्रों को महायोजना में समायोजित किया जाएगा। उपविधि के तहत कृषि भूमि पर किए गए आवासीय निर्माण, लगाए गए उद्योग आदि की स्वीकृति नगर पंचायत व पालिका परिषद तभी दे सकेंगे जब उद्योग खतरनाक प्रकृति का न हो।

बोक चॉय की खेती ने बदली किसान की किस्मत, गोण्डा के प्रवीण बने किसानों के लिए मिसाल

 गोंडा  एक वक्त था जब खेती को केवल पेट भरने का जरिया समझा जाता था। लेकिन आज वही खेती लाखों रुपये की कमाई देने वाला व्यवसाय बन चुकी है। देश के किसान अब परंपरा की जंजीरें तोड़ रहे हैं। वे आधुनिक सोच के साथ खेतों में उतर रहे हैं। उन्नत बीज, नई तकनीक और बाजार की सटीक समझ ने खेती का पूरा नजरिया बदल दिया है। जो जमीन कभी बस गुजारे लायक फसल देती थी, आज वही जमीन समृद्धि की नई इबारत लिख रही है। सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में यह बदलाव और भी तेज है। यहाँ किसान कम समय में अधिक मुनाफा कमा रहे हैं। वे न सिर्फ अपनी जिंदगी बदल रहे हैं, बल्कि अपने गाँव और समाज को भी नई दिशा दे रहे हैं। एक किसान, एक मिसाल उत्तर प्रदेश के गोण्डा जिले के मनकापुर ब्लॉक में बेनीपुर गाँव है। यहाँ के किसान प्रवीण कुमार सिंह इस बदलाव के जीते-जागते प्रमाण हैं। उन्होंने पारंपरिक खेती की सीमाओं को पार किया। आधुनिक कृषि पद्धतियाँ अपनाईं। आज वे सालाना 25 से 30 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं। उनकी सफलता केवल व्यक्तिगत नहीं है। उनके खेतों पर एक दर्जन से अधिक लोग नियमित रोजगार पा रहे हैं। इससे आसपास के ग्रामीण परिवारों की आजीविका भी सुदृढ़ हो रही है। देशी और विदेशी सब्जियों का संतुलित संगम प्रवीण पारंपरिक सब्जियों के साथ-साथ विदेशी किस्मों की भी खेती कर रहे हैं। इनमें बोक चॉय यानी चाइनीज पत्ता गोभी विशेष रूप से उल्लेखनीय है। यह सब्जी तेजी से तैयार होती है। बाजार में इसके अच्छे दाम मिलते हैं। शहरी उपभोक्ताओं में इसकी माँग लगातार बढ़ रही है। सलाद, सूप और स्टर-फ्राई जैसे व्यंजनों में इसका खूब उपयोग होता है। इसी कारण यह एक नकदी फसल के रूप में स्थापित हो चुकी है। पोषण से भरपूर, स्वाद से भरपूर बोक चॉय स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अत्यंत लाभकारी है। इसमें विटामिन ए, सी और के पाए जाते हैं। साथ ही कैल्शियम और फोलेट भी प्रचुर मात्रा में होते हैं। इसमें कैलोरी कम होती है। पोषण मूल्य उच्च होता है। इसीलिए यह स्वास्थ्य के प्रति सजग उपभोक्ताओं की पसंदीदा सब्जी बनती जा रही है। प्रवीण कुमार की यह उपज लखनऊ और बाराबंकी पहुँच रही है। आसपास के प्रमुख बाजारों में भी इसे अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। ज्ञान बाँटते किसान, जागती उम्मीदें प्रवीण सिंह की दृष्टि केवल अपने खेत तक सीमित नहीं है। उनके फार्म पर नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यहाँ क्षेत्र के अन्य किसान आते हैं। वे आधुनिक खेती की तकनीकें सीखते हैं। अपनी आमदनी बढ़ाने की राह पकड़ते हैं। यह सामूहिक प्रयास ग्रामीण कृषि में सकारात्मक बदलाव की नींव रख रहा है। सरकारी सहयोग- नई फसलों को मिल रही नई उड़ान जिला उद्यान विभाग भी इस बदलाव में सक्रिय भागीदार है। ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी और चाइनीज सब्जियों के बीज व पौधे किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कम लागत में नर्सरी तैयार करने की सुविधा भी दी जा रही है। इससे छोटे और मझोले किसान भी नई फसलें आसानी से अपना सकते हैं। वे अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। प्रवीण कुमार सिंह की कहानी यह साबित करती है कि सही सोच,आधुनिक तकनीक और मेहनत के दम पर भारतीय किसान न सिर्फ अपनी किस्मत बदल सकता है, बल्कि अपने समाज के लिए भी बदलाव की मशाल थाम सकता है।

रेलवे ट्रैक ब्लास्ट की साजिश रचने वाले KZF आतंकियों पर शिकंजा, मलेशिया से लौटते ही दबोचे गए

पटियाला  पंजाब पुलिस ने इंटेलिजेंस-लेड ऑपरेशन के तहत केंद्रीय एजेंसियों और रॉयल मलेशिया पुलिस (RMP) के सहयोग से प्रतिबंधित खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) से जुड़े दो आतंकियों को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है।  दोनों आरोपियों को पंजाब पुलिस ने मलेशिया से डिपोर्ट करवाया था। जैसे ही उन्हें भारत भेजा गया, उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट से पुलिस कस्टडी में लेकर आगे की जांच के लिए पंजाब लाया गया। गिरफ्तार किए गए दोनों आतंकियों की पहचान अंबाला निवासी गुरविंदर सिंह और पटियाला निवासी मनजीत सिंह के रूप में हुई है। ये दोनों मलेशिया में बैठकर केजेडएफ समर्थित आतंकी मॉड्यूल के मुख्य नेटवर्क के रूप में काम कर रहे थे। यह मॉड्यूल पंजाब में महत्वपूर्ण रेलवे बुनियादी ढांचे, विशेष रूप से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (मालगाड़ी लाइनों) को निशाना बनाने में शामिल था। इससे पहले, पंजाब पुलिस ने 23 जनवरी 2026 को सरहिंद (फतेहगढ़ साहिब) के पास रेलवे फ्रेट कॉरिडोर लाइन पर हुए IED ब्लास्ट और 27 अप्रैल 2026 को जिला पटियाला के शंभू के पास इसी कॉरिडोर पर विस्फोट की कोशिश करने वाले आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। पहले ही पकड़े जा चुके हैं 4 आतंकी फतेहगढ़ साहिब व पटियाला के शंभू में हुए ब्लास्ट की जांच के दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। उनके पास से भारी मात्रा में सैन्य हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए थे। इसमें एक आरपीजी (RPG) लॉन्चर, एक आईईडी (IED), आरडीएक्स (RDX), हैंड ग्रेनेड और कारतूस के साथ हाई-एंड पिस्तौल शामिल थीं। विदेशी खातों से हो रही थी टेरर फंडिंग इस अंतरराष्ट्रीय साजिश की जांच के दौरान मलेशिया से काम कर रहे KZF के हैंडलर्स और फाइनेंशियल फेसिलिटेटर्स की संलिप्तता का खुलासा हुआ था। डिपोर्ट किए गए ये आरोपी विदेशी खातों के जरिए पंजाब में केजेडएफ गुर्गों को टेरर फंडिंग में मुख्य भूमिका निभा रहे थे, ताकि राज्य में आतंकी हमलों को अंजाम देकर कानून व्यवस्था को भंग किया जा सके। पुलिस रिमांड पर आरोपी दोनों आरोपियों को पटियाला की सक्षम अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें आगे की पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत (रिमांड) में भेज दिया गया है। इस पूरी साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने और इस व्यापक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए जांच जारी है। पंजाब पुलिस आतंकी तंत्र को खत्म करने, टेरर फंडिंग नेटवर्क को तोड़ने और पंजाब की शांति, सुरक्षा व आपसी भाईचारे को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।