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बिहार की विकास दर बढ़कर हुई 13 फीसदी के पार

पटना. बिहार की विकास दर 13.09 फीसदी हो गई है। वर्तमान मूल्य पर वर्ष 2024-25 का जीएसडीपी में वार्षिक वृद्धि दर 13.09 फीसदी है, जबकि स्थिर मूल्य पर वार्षिक वृद्धि दर 8.64 फीसदी है। वहीं बिहार में सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) बढ़कर 76490 रुपए हो गया है। यह वर्तमान मूल्य पर वर्ष 2024-25 का प्रति व्यक्ति सकल राज्य घरेलू उत्पाद है। जबकि, स्थिर मूल्य पर यह 40973 रुपए है। यह जानकारी योजना एवं विकास मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने दी। बताया कि राज्य की 357 विकास योजनाओं को हरी झंडी मिली है। इन पर 16 हजार 887 करोड़ रुपए खर्च होंगे। मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसंबर तक इन योजनाओं को स्वीकृत प्रदान की गयी है। वे बुधवार को सूचना भवन में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने विभाग की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी साझा की। मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता योजना के तहत 8.76 लाख युवाओं को सहायता दी गयी है। इन्हें 1267 करोड़ का भुगतान किया गया है। इसी तरह मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना अंतर्गत 72206 योजनाओं को पूरा किया गया है। जबकि, 17621 योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। पूर्ण की गयी योजनाओं पर 3634 करोड़ रुपए खर्च किये गये हैं। इसके अलावा सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना में 18 वीं लोकसभा सांसदों की अनुशंसा वाली 1108 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। इन पर 117.65 करोड़ खर्च हुए हैं। जबकि, राज्यसभा सांसदों की अनुशंसा पर 261.95 करोड़ की 2914 योजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। श्री यादव ने कहा कि षष्ठम राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा पर दो हजार पंचायत सरकार भवनों के निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गयी है। इसके पूर्व राज्य योजना अंतर्गत 1162 पंचायत सरकार भवनों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। इसके अलावा पंचायत सुदृढ़ीकरण योजना के तहत 293 भवनों का निर्माण पूर्ण किया गया है। इस अवसर पर विभाग के प्रधान सचिव मयंक बरबड़े, निदेशक रंजीत कुमार मौजूद थे।

लखपति दीदी राशोबाई बनीं मेहनत और समूह सहयोग से आत्मनिर्भरता की मिसाल

रायपुर. जहां चाह वहां राह इस उक्ति को चरितार्थ कर दिखाया है कोंडागांव जिले के विकासखंड फरसगांव अंतर्गत ग्राम पंचायत बानगांव की रहने वाली राशोबाई मरकाम ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत स्व सहायता समूह से जुड़कर न केवल अपने जीवन को नई दिशा दी, बल्कि आत्मनिर्भरता की मिसाल भी कायम की है। राशोबाई आज विभिन्न आजीविका गतिविधियां शुरूकर 01 लाख रूपए से अधिक की आमदनी प्राप्त कर रही हैं। जय माता दी स्व सहायता समूह की सदस्य राशोबाई स्व सहायता समूह से जुड़ने से पहले कृषि मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती थीं और घर के कार्यों तक ही सीमित थी। आय के सीमित साधन होने के कारण परिवार की वार्षिक आय केवल 48 हजार रुपये थी, जिससे दैनिक जरूरतों को पूरा करना काफी मुश्किल होता था और परिवार का पालन पोषण बेहतर ढंग से नहीं हो पाता था। स्व सहायता समूह से जुड़ने के पश्चात उन्हें समूह के माध्यम से आरएफ अनुदान राशि 15 हजार रुपये और सीआईएफ ऋण राशि 60 हजार रुपये प्राप्त हुई। इस सहयोग से उन्होंने कृषि कार्य के साथ-साथ किराना दुकान संचालन एवं मछली पालन जैसी विभिन्न आजीविका गतिविधियां शुरू कीं। जिला प्रशासन की एनआरएलएम टीम के मार्गदर्शन से उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उक्त आजीविका गतिविधियों के सफल संचालन से आज श्रीमती राशोबाई मरकाम की वार्षिक आय बढ़कर लगभग 1 लाख 67 हजार रुपये हो गई है। वर्तमान में वे पूर्व की तुलना में दोगुना आय अर्जित कर रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है तथा जीवन स्तर में सुखद बदलाव आया है। आज श्रीमती राशोबाई मरकाम ने अपनी मेहनत, लगन और समूह के सहयोग से न केवल आत्मनिर्भर हुई हैं, बल्कि अपने परिवार के लिए एक मजबूत आर्थिक सहारा भी बनी है। उन्होंने शासन की योजनाओं से मिली सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि एनआरएलएम ‘बिहान’ योजना के अंतर्गत स्व सहायता समूहों एवं टीम के सतत प्रयासों से ग्रामीण महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बनकर आत्मसम्मान के साथ जीवन यापन कर रही है.

हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने केरल विधानसभा का अवलोकन किया

चंडीगढ़ हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने केरल भ्रमण के दौरान बुधवार को वहां की विधान सभा का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने केरल विधान सभा अध्यक्ष ए.एन. शमसीर से संसदीय विषयों पर गहन चर्चा भी की। चर्चा में सामने आया कि केरल विधान सभा में विभिन्न संसदीय सुधारों पर काम किया जा रहा है। इस दौरान हरियाणा विधान सभा की संसदीय प्रक्रिया और नियमों को लेकर भी जानकारी साझा की गई। विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि केरल विधान सभा में संसदीय प्रक्रिया के मानक स्थापित किए हैं। यहां 37 कमेटियां हैं, जिनमें से 4 वित्तीय समितियां तथा 14 विषय संबंधी समितियां शामिल हैं। विषय समितियों का महत्व इस तथ्य से आंका जा सकता है कि किसी भी विधेयक का प्रारूप सदन में प्रस्तुत करने के बाद इन समितियों को भेजा जाता है। समिति इस प्रारूप का गहन अध्ययन कर उस पर सिफारिशें देती हैं। उसके बाद इन विधेयक प्रारूपों पर सदन में चर्चा होती है। केरल की समितियों की विशेष बात यह भी देखने में आई कि यहां समितियों का गठन 30 माह के लिए होता है। केरल की विषय संबंधी कमेटियों में खास अंतर यह भी देखा गया कि इनके चेयरपर्सन संबंधित विभाग के मंत्री होते हैं। विधान सभा अध्यक्ष को बताया गया कि केरल विधान सभा में केरल लेजिस्लेटिव एसेंबली मीडिया एंड पार्लियामेंटरी स्टडीज का विंग है, जो समय-समय पर सम्मेलन एवं सेमिनार का आयोजन करवाता है। विधान सभा का अपना टी.वी. चैनल भी है जो सदन की कार्यवाही का प्रसारण करता है। अन्य दिनों में इस चैनल पर विधान सभा से संबंधित विषयों पर वीडियो क्लिप प्रसारित किए जाते हैं। केरल विधान सभा में पार्लियामेंट इंटर्नशिप विंग है, जो कानून के विद्यार्थियों को 7 से 14 दिन की इंटर्नशिप करवाता है। भारत व दूसरे देशों के कानून की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों का साल भर का कार्यक्रम रहता है। ये विद्यार्थी विधान सभा से सम्बन्धित दूसरे विषयों पर भी जानकारी हासिल करते हैं। विधान सभा में राष्ट्रीय तथा राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किये जाते हैं। इनमें पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित सदस्यों तथा सम्बन्धित अधिकारियों के कार्यक्रम शामिल रहते हैं। देश की विधान सभाओं में एससी एसटी वर्ग के विधायकों का सम्मेलन भी आयोजित किया जाता है। देश की विभिन्न विधान सभाओं से महिला सदस्यों तथा युवा सम्मेलन आयोजित हुए। इनमें एक हजार विद्यार्थियों ने भागीदारी की। विस अध्यक्ष को बताया गया कि विधान सभा के 1200 कर्मचारियों को समय-समय पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अलावा यह भी जानकारी मिली कि विधान सभा सत्र के दौरान एक बैठक में 30 तारांकित प्रश्न शामिल किए जाते हैं।

पंजाबी सिंगर मनकीरत औलख ने बाढ़ प्रभावित लड़के-लड़कियों को गिफ्ट की कारें

चंडीगढ़. पंजाब में अगस्त 2025 में जब बाढ़ आई थी, तो उस समय लोगों के घरों, खेतों और वाहनों का काफी नुकसान हुआ था। उस समय पंजाबी सिंगर मनकीरत औलख और उनके दोस्तों ने लोगों को फ्री में ट्रैक्टर और घर बनाने के लिए करोड़ों रुपए बांटे थे। इस दौरान उन्होंने एक परिवार की बेटियों को घर बनाने में मदद करने के साथ ही उनकी शादी पर कार देने का वादा किया था, जिसे नए साल के शुरू में मनकीरत औलख ने पूरा किया है। उन्होंने कबड्डी खिलाड़ी राजनदीप शर्मा और जस शर्मा को स्विफ्ट कार दी है। जबकि कबड्डी खिलाड़ी जुझार सिंह को आई-20 कार सौंपी है। मनकीरत औलख अपनी टीम के साथ मोहाली के गुरुद्वारा सिंह शहीदां में पहुंचे और गाड़ियों की चाबी सौंपी। वीडियो के जरिए मांगी थी मदद अगस्त महीने में जब पंजाब में बाढ़ आई थी, उस समय मनकीरत औलख खुद बाढ़ प्रभावित जिलों में पहुंच गए थे। साथ ही लोगों को घर बनाने के लिए लाखों रुपए बांटे थे। इस दौरान मानसा की लड़कियां, जो कबड्डी खिलाड़ी थीं, उन्होंने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया के जरिए मदद की गुहार लगाई थी। क्योंकि उन्हें पता चला था मनकीरत औलख लोगों की मदद कर रहे हैं। उन्होंने अपने घर का वीडियो बनाया था, जो कि पूरी तरह से टूटा हुआ था। इसके बाद मनकीरत औलख उनके इलाके में पहुंचकर उन्हें करीब 5 लाख रुपए घर बनाने के लिए मदद की थी। साथ ही उनकी शादी पर गाड़ी देने का वादा किया था, जिसे अब उन्होंने पूरा किया है। पहले कबड्‌डी कप पर देनी थी कार मनकीरत औलख की तरफ से पहले ये कार लड़कियों को सोहाना में कबड्डी कप वाले दिन 15 दिसंबर को देनी थीं। लेकिन इस दौरान कबड्डी प्रमोटर राना बलाचौरिया का मर्डर हो गया था। इस वजह से यह प्रोग्राम टल गया था। इसके बाद अब यह प्रोग्राम किया गया। मनकीरत औलख और रूपा सोहाना की तरफ से उक्त लड़कियों और कबड्डी खिलाड़ी को कार देकर सम्मानित किया गया। भाई का कर्ज नहीं चुका पाऊंगी इस मौके कबड्डी खिलाड़ी लड़की ने बताया कि भाई ने वादा किया था कि कबड्डी कप पर कार देंगे। लेकिन उस दिन बड़ी घटना हो गई। भाई बलाचौरिया का मर्डर हो गया। उससे काफी दुख लगा है। आज एक खुशी भी है और गम भी है। पहले यही कार लोगों के बीच मिलनी थी। भाई ने घर बनाने में भी मदद की। अब गाड़ी से मदद की है। सारी जिंदगी यह कर्ज नहीं चुका पाऊंगी। 700 ट्रैक्टर देने के लिए प्रधानमंत्री बनना पड़ेगा इस मौके मनकीरत औलख ने कहा कि हम पंजाब के युवा के साथ खड़े हैं। अपनी नेक कमाई से जो दश-बंद निकालते हैं, वही करते हैं। वहीं मनकीरत ने साफ किया कि उन्होंने बाढ़ प्रभावित किसानों को सौ ट्रैक्टर देने का वादा किया था। 51 ट्रैक्टर अब तक दे दिए गए हैं, लेकिन जो 700 ट्रैक्टर देने के बारे में कह रहा है, उसके लिए मुझे प्रधानमंत्री बनना पड़ेगा। वह आपने बनाना नहीं है। जितनी जो सेवा करता है, उसे स्वीकार करना चाहिए।

बीजापुर में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा बोले- नई ऊर्जा और रणनीति से विकास में जुटें अधिकारी

रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा बीजापुर के अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान बुधवार को जिला कार्यालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ नियद नेल्ला नार योजनान्तर्गत संचालित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने विभागवार योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की जानकारी लेते हुए कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक सशस्त्र माओवाद का पूरी तरह उन्मूलन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके बाद बस्तर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास का नया अध्याय शुरू होगा। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि माओवाद के समूल उन्मूलन के बाद लोगों में विश्वास जगाना और विकास कार्यों में तीव्रता लाना आवश्यक होगा। अब समय बहुत कम है, इसलिए शासन की सभी महत्वाकांक्षी योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन नई ऊर्जा, नई रणनीति और जनकल्याण की भावना के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को अपनी नैतिक जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीजापुर के सुदूर अंचलों में सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की सभी हितग्राही मूलक योजनाओं से प्रत्येक व्यक्ति को जोड़ा जाएगा। जिले के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाएं सुगमता से पहुंचेंगी, जिसमें जिला, विकासखण्ड और मैदानी अमले के अधिकारी-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि माओवाद मुक्त ग्राम पंचायतों को विशेष परियोजना के तहत ‘इलवद पंचायत’ के रूप में एक करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी जाएगी। इसके साथ ही शासन की महत्वाकांक्षी ‘नियद नेल्ला नार' योजना के अंतर्गत जिले के 201 गांवों को शामिल किया गया है, जहां शासकीय योजनाओं की शत-प्रतिशत संतृप्तता और प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया जा रहा है। बैठक में एडीजी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा ने कहा कि बीजापुर में अब शांति और सुरक्षा की स्थिति सुदृढ़ हो रही है, जिससे शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पहले की तुलना में अधिक सुगमता आई है। उन्होंने कहा कि पहले और आज के बीजापुर में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है। पंचायत विभाग के सचिव भीम सिंह ने बताया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का निराकरण लगातार किया जा रहा है और बस्तर संभाग का विकास शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। कलेक्टर संबित मिश्रा ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए बीजापुर के समग्र विकास के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आश्वासन दिया। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, संचालक अश्विनी देवांगन, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, डीएफओ रंगानाथन रामाकृष्णन, जिला पंचायत सीईओ नम्रता चौबे सहित जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री रामविचार नेताम बोले- मनरेगा पर भ्रम फैलाने आ रहे सचिन पायलट

रायपुर. सरकार द्वारा मजदूरों के हित में चलाई जा रही मनरेगा योजना को बदलकर अब VB-G RAM G (विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन के लिए गारंटी) कर दिया गया है. कांग्रेस देशभर में इसका विरोध कर रही है. इसी कड़ी में आज कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट छत्तीसगढ़ दौरे पर आ रहे हैं. उनके आगमन को लेकर मंत्री रामविचार नेताम ने पायलट के दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि “कांग्रेस विपक्ष में है, इसलिए उन्हें बैठक करने का अधिकार है, लेकिन कांग्रेस इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है और इसमें सफल नहीं होगी. सचिन पायलट सैर-सपाटा कर के चले जाएंगे, ईंधन की कमी होगी तो भरकर चले जाएंगे.” बता दें, कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट आज दोपहर 12.20 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे. इसके बाद वे दोपहर 1 बजे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. दोपहर 2 बजे नव-नियुक्त जिला अध्यक्षों के साथ चर्चा होगी. इन बैठकों में मनरेगा बचाओ संग्राम आंदोलन की रूपरेखा पर मंथन किया जाएगा. पायलट शाम 5.55 बजे रायपुर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे. मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि जी राम जी योजना से श्रमिक वर्ग को लाभ मिलेगा, जिन कार्यों को पहले शामिल नहीं किया जा पाता था, उन्हें अब जोड़ा गया है. सरकार पूरी कार्ययोजना के साथ काम कर रही है. धान खरीदी पर मंत्री रामविचार के बयान धान खरीदी को लेकर मंत्री नेताम ने कहा कि इस बार धान खरीदी पूरी तरह से व्यवस्थित तरीके से चल रही है. जहां-जहां समस्याएं सामने आ रही हैं, वहां अधिकारी समाधान कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि किसी भी तरह की दिक्कतों को 15 जनवरी तक दूर करने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार किसानों का धान बिके, इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. वहीं, कांग्रेस द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम का ऑब्जर्वर बनाए जाने पर मंत्री रामविचार नेताम ने तंज कसते हुए कहा कि “जहां उनके पांव पड़ते हैं, वहां सफाया हो जाता है. असम में भी यही होगा.”

इंदौर के बोरिंग पानी में फीकल कोलीफॉर्म की मात्रा 350 से ज्यादा, हैजा और टाइफाइड के खतरे का अलर्ट

इंदौर इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद अब एक और डराने वाली सच्चाई सामने आई है. शहर के भागीरथपुरा इलाके में अंडरग्राउंड यानी बोरिंग के पानी में गंभीर प्रदूषण की पुष्टि हुई है. रिपोर्ट ने यह साबित कर दिया है कि यहां का बोरवेल पानी पीने लायक नहीं है और लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बन चुका है. जांच रिपोर्ट में क्या निकला पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए भागीरथपुरा इलाके की कुल 60 बोरिंग से सैंपल लिए गए थे. जांच में सामने आया कि इनमें से 35 सैंपल पूरी तरह फेल हो गए. सबसे गंभीर बात यह है कि बोरिंग के पानी में फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाया गया है, जो सीधे तौर पर मल-मूत्र से जुड़ा बैक्टीरिया होता है. मानकों के अनुसार पीने के पानी में फीकल कोलीफॉर्म की मात्रा 0 प्रतिशत होनी चाहिए, लेकिन जांच में अलग-अलग बोरिंग के पानी में यह मात्रा 84 से लेकर 350 के पार तक पाई गई. कितनी खतरनाक है यह स्थिति फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया को बेहद खतरनाक माना जाता है. मेडिकल विशेषज्ञों के मुताबिक यह बैक्टीरिया हैजा, टाइफाइड और हेपेटाइटिस-A जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है. खासतौर पर बच्चे, बुजुर्ग और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए यह पानी जानलेवा साबित हो सकता है. नर्मदा के पानी तक फैल रहा प्रदूषण रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि भागीरथपुरा की बोरिंग का दूषित पानी नर्मदा के पानी को भी प्रभावित कर रहा था. यानी समस्या सिर्फ अंडरग्राउंड वॉटर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर शहर की मुख्य जल आपूर्ति पर भी पड़ सकता है. इलाके में सैकड़ों बोरिंग, खतरा और बड़ा भागीरथपुरा क्षेत्र में 500 से ज्यादा सरकारी और निजी बोरिंग मौजूद हैं. जनवरी के पहले सप्ताह में आई इस रिपोर्ट ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है. सवाल यह है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगी, तो इंदौर में पानी से जुड़ा यह संकट और कितना बड़ा रूप ले सकता है. वॉटर एक्सपर्ट का कहना है कि बोरिंग के पानी की नियमित जांच, सीवेज सिस्टम की मरम्मत और दूषित बोरिंग को तत्काल बंद करना बेहद जरूरी है. वरना इंदौर में पानी से होने वाली बीमारियों का खतरा और गहराता जाएगा.

झारखंड शराब घोटाले में ACB ने गोवा से नवीन केडिया को किया गिरफ्तार

रांची. झारखंड में चर्चित शराब घोटाला मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में ACB को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस बहुचर्चित घोटाले से जुड़े प्रमुख आरोपियों में शामिल छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी नवीन केडिया को ACB ने गोवा से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद एजेंसी अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर झारखंड की राजधानी रांची लाने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार, नवीन केडिया को रांची लाए जाने के बाद ACB कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके बाद एजेंसी उसे रिमांड पर लेकर शराब घोटाले से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ करेगी। ACB को उम्मीद है कि केडिया से पूछताछ के दौरान घोटाले से जुड़े नेटवर्क, लेन-देन और अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। गौरतलब है कि शराब घोटाला मामले में आरोपी बनाए जाने के बाद ACB ने नवीन केडिया को पूछताछ के लिए समन जारी किया था। एजेंसी ने उसे अपने समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया था, लेकिन केडिया ने समन की अनदेखी की और ACB के सामने पेश नहीं हुआ। इसके बाद ACB ने उसके खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की। मामले में घिरने के बाद नवीन केडिया ने ACB की विशेष अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। हालांकि, कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद से ही केडिया ACB की नजरों में फरार चल रहा था। एजेंसी उसकी तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। ACB को गुप्त सूचना मिली थी कि नवीन केडिया गोवा में छिपा हुआ है। सूचना के सत्यापन के बाद ACB की टीम ने गोवा में कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद इस बात की पुष्टि हुई कि वह लंबे समय से जांच एजेंसियों से बचने की कोशिश कर रहा था। झारखंड शराब घोटाला राज्य के सबसे बड़े भ्रष्टाचार मामलों में से एक माना जा रहा है। इस मामले में पहले ही कई बड़े अधिकारियों, कारोबारियों और बिचौलियों के नाम सामने आ चुके हैं। ACB की जांच में यह आरोप है कि शराब नीति और टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। ACB अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। नवीन केडिया की गिरफ्तारी को जांच के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि वह इस पूरे नेटवर्क की एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया जा रहा है। ACB ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उसकी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और इस मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

बिहार में मालिकों को राहत दें पुराने वाहनों की आएगी नई स्क्रैप नीति

पटना. बिहार में पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप (कबाड़) करने की नई नीति बनेगी। नई नीति में लोगों को और रियायत देने के लिए परिवहन विभाग पड़ोसी राज्यों की स्क्रैप पॉलिसी का अध्ययन कर रहा है। जल्द ही नई नीति को मूर्त रूप दिया जाएगा। मौजूदा नीति में पुराने गाड़ी मालिक अपने वाहनों को स्क्रैप नहीं करा रहे हैं। पड़ोसी राज्य झारखंड और उत्तर प्रदेश में बिहार के वाहन मालिक अपनी गाड़ियों को स्क्रैप कराकर वहीं नई गाड़ी खरीद रहे हैं। इससे बिहार को नुकसान उठाना पड़ रहा है। बिहार की स्क्रैप पॉलिसी 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को हटाने और प्रदूषण कम करने के लिए है। मौजूदा नीति 31 मार्च 2026 तक प्रभावी है। इस नीति के तहत स्क्रैप कराने पर नए वाहन खरीदते समय निजी वाहनों पर 25 फीसदी और व्यावसायिक वाहनों पर 15 फीसदी तक टैक्स में छूट दी जाती है। साथ ही पुराने बकाया टैक्स और जुर्माने पर 90-100 फीसदी तक माफी मिलती है। नीति का मकसद 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना है, ताकि प्रदूषण कम हो सके और सड़कों से अनुपयोगी वाहन हट सके। मगर बिहार में अब तक दो हजार वाहनों का भी स्क्रैप नहीं हो सका है, जबकि बिहार में 15 साल से अधिक पुराने वाहनों की संख्या 25 लाख से अधिक है। परिवहन विभाग ने 20 स्क्रैप सेंटर खोलने की मंजूरी दे दी है। स्क्रैप कराने के लिए वाहन मालिकों को सड़क एवं परिवहन राजमार्ग मंत्रालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केंद्र में ही पुराने वाहनों को स्क्रैप किया जाता है। फिर वाहन मालिक को एक स्क्रैप सर्टिफिकेट या निक्षेप प्रमाणपत्र दिया जाता है। इस सर्टिफिकेट के आधार पर वाहन मालिक नए वाहन के पंजीकरण के समय कर में छूट का दावा करते हैं। यूपी की स्क्रैप पॉलिसी में यह है प्रावधान उत्तर प्रदेश में 15 साल से ज्यादा पुराने सरकारी और 20 साल से ज्यादा पुराने निजी वाहनों को स्क्रैप करने पर 75 फीसदी तक टैक्स में छूट मिल रही है। नए वाहन की खरीद पर रोड टैक्स में छूट प्राइवेट वाहनों के लिए 25 फीसदी और कामर्शियल के लिए 15 फीसदी तक छूट मिलती है। नई नीति में यह हो सकता है नई स्क्रैप पॉलिसी में परिवहन विभाग वाहन मालिकों को और छूट देने पर विचार कर रहा है। खासकर इलेक्ट्रिक, सीएनजी और बैट्री वाहन खरीदने पर वाहन मालिकों को शत-प्रतिशत टैक्स और पंजीकरण में छूट दी जा सकती है। गाड़ियों का स्क्रैप कराने पर वाहन मालिकों को पुराने बकाया टैक्स और जुर्माने को भी माफ किया जा सकता है। 15 साल से अधिक पुरानी सरकारी गाड़ियों को अनिवार्य रूप से स्क्रैप किया जाएगा। जबकि निजी वाहन मालिकों को अधिकतम पांच साल के लिए ही रजिस्ट्रेशन बढ़ाने की सुविधा दी जा सकती है। झारखंड की स्क्रैप पॉलिसी में यह है प्रावधान झारखंड में 15 साल से पुराने सरकारी और कामर्शियल तथा 20 साल से पुराने निजी वाहन स्क्रैप के पात्र होते हैं। नए वाहन खरीदते समय रोड टैक्स पर 25 फीसदी तक की छूट (निजी) और 15 फीसदी तक (व्यावसायिक) छूट दी जाती है। वाहन निर्माताओं से पांच फीसदी तक की छूट है। पंजीकरण शुल्क माफ है।

हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष की प्रॉपर्टी डीलर के साथ फोटो पर यूथ कांग्रेस ने उठाए सवाल

चंडीगढ़. करनाल जिले के एक निजी विज्ञापन ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। प्रॉपर्टी डीलर के इस विज्ञापन में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण और घरौंडा नगरपालिका के चेयरमैन हैप्पी लक गुप्ता की फोटो छापे जाने के बाद विवाद गहराता जा रहा है। यूथ कांग्रेस ने विज्ञापन को सवालों के घेरे में बताया प्रॉपर्टी डीलर पिंटू राणा के निजी विज्ञापन में भाजपा नेताओं की तस्वीरें छपने को लेकर यूथ कांग्रेस जिला ग्रामीण अध्यक्ष रजत लाठर ने कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने कहा कि आज अखबारों में विज्ञापनों में विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण और नगरपालिका चेयरमैन हैप्पी लक गुप्ता की फोटो नजर आ रही है। वह दिन भी दूर नहीं होगा जब प्रॉपर्टी डीलरों के दफ्तरों के बाहर लगे बैनरों पर भी भाजपा नेताओं की तस्वीरें दिखाई देगी। लाठर ने सवाल उठाया कि क्या इस तरह के विज्ञापनों के जरिए जनता के बीच यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि नेताओं का संरक्षण प्रॉपर्टी डीलरों को हासिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि घरौंडा क्षेत्र में चारों तरफ अवैध कॉलोनियां कट रही हैं और यह किसी से छिपा नहीं है। ऐसे माहौल में प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा भाजपा नेताओं की फोटो का इस्तेमाल करना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। शुभकामनाओं के अवसर पर प्रकाशित जिस विज्ञापन को लेकर विवाद खड़ा हुआ है, वह 31 दिसंबर को नववर्ष की शुभकामनाओं के अवसर पर प्रकाशित किया गया था। इस विज्ञापन में संबंधित प्रॉपर्टी डीलर पिंटू राणा ने अपना नाम और फोटो प्रमुखता से छापी थी। इसके साथ ही हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण और घरौंडा नगरपालिका चेयरमैन हैप्पी लक गुप्ता की फोटो भी लगाई गई थी। इन तस्वीरों के नीचे रिंग रोड और मेडिकल यूनिवर्सिटी की फोटो लगाकर यह संदेश दिया गया था कि घरौंडा विधानसभा क्षेत्र में विकास के कदम बढ़ रहे हैं। प्रोपर्टी डीलर के विज्ञापन में हरविंद्र कल्याण और हैप्पी लक गुप्ता के फोटो को लेकर यूथ कांग्रेस ने सवाल उठाए। बीजेपी कार्यकर्ताओं की तीखी प्रतिक्रिया नगरपालिका चेयरमैन हैप्पी लक गुप्ता ने एक फेसबुक पेज की पोस्ट को शेयर किया है। जिसमें लिखा है विस अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण की फोटो लगाकर लगाकर प्रॉपर्टी डीलर ने उनके नाम का इस्तेमाल करने का प्रयास किया है। घरौंडा बीजेपी यूथ अध्यक्ष अंकित जैन ने लिखा-हरविंदर कल्याण जी जैसे ईमानदार नेता की छवि को धूमिल करना कांग्रेसियों की उस मक्खी जैसी सोच को दर्शाता है, जो सारे खूबसूरत जहां को छोड़कर गंदगी के ढेर पर बैठी है, कुछ तो शर्म करो कांग्रेसियों मैं हरविंदर कल्याण को निजी तौर पर जानता हूं, प्रॉपर्टी डीलर से उनका दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है, विपक्ष की ऐसी घटिया राजनीति पर थूकता हूं।