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प्रदूषण पर व्यंग्य बना कानूनी मुसीबत, सांता क्लॉज वीडियो को लेकर AAP नेताओं पर केस दर्ज

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस ने AAP नेता सौरभ भारद्वाज, संजय झा और आदिल अहमद खान के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह FIR सांता क्लॉज़ से जुड़ा एक वीडियो बनाकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में दर्ज की गई है। इस मामले में प्राप्त शिकायत के अनुसार 17 और 18 दिसंबर 2025 को इन नेताओं ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स से एक वीडियो पोस्ट किया था। यह वीडियो कनॉट प्लेस में किए गए एक राजनीतिक स्किट (प्रदर्शन) से जुड़ा है। वीडियो में सांता क्लॉज, जो कि ईसाई समुदाय के लिए एक पवित्र और सम्मानित धार्मिक-सांस्कृतिक प्रतीक हैं, को मजाकिया और अपमानजनक तरीके से दिखाया गया है। वीडियो में सांता क्लॉज को सड़क पर बेहोश होकर गिरते हुए दिखाया गया और उन्हें राजनीतिक संदेश देने के लिए एक प्रॉप (साधन) की तरह इस्तेमाल किया गया। इतना ही नहीं, वीडियो में नकली CPR करते हुए सांता क्लॉज का मजाक भी उड़ाया गया, जिससे सेंट निकोलस और क्रिसमस पर्व की पवित्रता को ठेस पहुंची। शिकायत में कहा गया है कि यह सब जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से किया गया, ताकि ईसाई समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत किया जा सके। एडवेंट के अंतिम दिनों में धार्मिक प्रतीक का इस तरह राजनीतिक इस्तेमाल करना ईसाई धर्म का अपमान माना गया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, सार्वजनिक रूप से किसी धार्मिक प्रतीक का मजाक उड़ाना BNS की धारा 302 का उल्लंघन है। दिल्ली पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। यह मामला अधिवक्ता खुशबू जॉर्ज की शिकायत पर दर्ज किया गया है। आम आदमी पार्टी ने उन्हें भाजपा कार्यकर्ता बताया है। साथ ही भाजपा नेताओं के साथ उनके कुछ फोटोज भी शेयर किए हैं। ‘तब भाजपा के किसी ईसाई कार्यकर्ता की धार्मिक भावना आहत नहीं हुई’ उधर इस बारे में प्रतिक्रिया देते हुए सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'सांता क्लॉज की स्किट पर FIR हो गई है। सोशल मीडिया और आप लोगों की ताक़त से आज भाजपा बहुत परेशान हैं। ये सोशल मीडिया की ताक़त है कि भाजपा सरकार को प्रदूषण पर जवाब देना पड़ रहा है, AQI पर चर्चा हो रही है। सांता क्लॉज की स्किट से हमने प्रदूषण के मुद्दे को जन जन तक पहुँचाया, जिससे दिल्ली और केंद्र की सरकार को काफ़ी परेशानी है। ये सोशल मीडिया की ताक़त है कि अरावली पर्वतमाला पर सरकार बैकफुट पर आई है। कुलदीप सिंह सेंगर वाला मामला और उत्तराखंड की अंकिता भंडारी वाला मामला भी उल्टा पड़ रहा है।' इसके आगे उन्होंने लिखा, 'अब डराने, धमकाने के लिए ED, CBI, दिल्ली पुलिस की FIR का दौर चल रहा है। संघियों का प्रॉपगेंडा अब एक्सपोज़ हो रहा है तो डर रहे हैं। अभी इनको और Expose करना है और भी डराना है। भाजपा के ही कार्यकर्ता अब ईसाई का मुखौटा लगाकर कह रहे है , उनकी धार्मिक भावना आहत हो गई, और पुलिस FIR दर्ज कर रही है। जब दिल्ली के लाजपत नगर में सांता क्लॉज की टोपियाँ खींची गई, धमकाया गया, गाली देकर भगाया गया, तब किसी भाजपा के ईसाई कार्यकर्ता की धार्मिक भावना आहत नहीं हुई। जिसकी धार्मिक भावना आहत हुई है उनकी भाजपा के नेताओं के साथ तस्वीर ही तस्वीर है, इनको मुफ्त की पब्लिसिटी नहीं देना।'  

छुट्टियों के ऐलान के साथ पंजाब सरकार का कड़ा आदेश, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

अमृतसर  पंजाब सरकार द्वारा घोषित की गई सर्दियों की 24 दिसम्बर से 1 जनवरी तक छुट्टियों में छात्रों और अध्यापकों को स्कूल बुलाने वाले स्कूलों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी सैकेंडरी राजेश शर्मा द्वारा सरकारी आदेशों को जमीनी स्तर तक पालना करवाने के लिए विशेष चैकिंग टीम का गठन किया है। अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि लिखित शिकायत प्राप्त होने पर, तथ्यों के आधार पर संबंधित स्कूल के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।जिला शिक्षा अधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा 24 दिसम्बर से 1 जनवरी तक सर्दियों की छुट्टियां की गई है। सरकार के ये आदेश सरकारी, निजी और एडिड स्कूलों पर लागू होते हैं। आज सरकार द्वारा घोषित अवकाश का पहला दिन था, लेकिन रणजीत एवेन्यू स्थित एक स्कूल द्वारा स्कूल लगाया गया, जिसमें छात्र और अध्यापक उपस्थित थे। विभाग के संज्ञान में आने पर उक्त स्कूल को छुट्टियों के दौरान बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने बच्चों और अध्यापको के स्वास्थ्य और जान-माल की सुरक्षा के लिए सर्दियों के दौरान छुट्टियों की घोषणा की है। यदि उक्त समय के दौरान किसी छात्र या अध्यापक को कोई नुकसान पहुंचता है तो संबंधित स्कूल का प्रमुख इसके लिए प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार होगा। सरकारी आदेशों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए जिला शिक्षा उप अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया है, जो जिले भर में स्कूलों को खोलने के संबंध में प्राप्त शिकायतों पर लगातार तत्काल कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित स्कूल के खिलाफ शिकायत सही पाई जाती है तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और संबंधित स्कूल की एफिलेशन रद्द करने के लिए विभाग को पत्र लिखा जाएगा।

निर्यात एवं एक जिला-एक उत्पाद पर हुई कार्यशाला

भोपाल  ग्वालियर में आयोजित हुई "मध्यप्रदेश अभ्युदय ग्रोथ समिट" में निर्यात को प्रोत्साहित करने, राज्य के उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने तथा “एक जिला-एक उत्पाद” योजना पर कार्यशाला हुई। कार्यशाला में सरकार, निर्यात प्रोत्साहन परिषदों, वित्तीय संस्थानों, उद्योग जगत तथा एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यशाला में पद्मश्री डॉ. मिलिंद कांबले संस्थापक चेयरमैन डीआईसीसीआई ने सामाजिक रूप से समावेशी उद्यमिता, स्टार्ट-अप्स एवं एमएसएमई के सशक्तिकरण तथा निर्यात से रोजगार सृजन की संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने ओडीओपी पहल को स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने का प्रभावी माध्यम बताया। एमपीआईडीसी के प्रबंध संचालक श्री चन्द्रमौली शुक्ला ने मध्यप्रदेश को एक उभरते हुए औद्योगिक और निर्यात हब के रूप में स्थापित करने के लिये राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों, बुनियादी ढांचे के विकास तथा निवेश अनुकूल नीतियों पर प्रकाश डाला। महानिदेशक एसईपीसी डॉ. अभय सिन्हा ने “वैश्विक बाजार में मध्यप्रदेश की स्थिति” विषय पर अपने विचार व्यक्त किये। उन्होंने राज्य के प्रमुख निर्यात क्षेत्रों, अंतर्राष्ट्रीय मांग, गुणवत्ता मानकों तथा बाजार विस्तार की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की। कार्यशाला में अतिरिक्त महानिदेशक एफआईईओ श्री सुविद शाह ने मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) की उपयोगिता, टैरिफ जोखिमों को कम करने तथा निर्यातकों को मिलने वाले लाभों की व्यावहारिक जानकारी साझा की। इंजीनियरिंग क्षेत्र में निर्यात की संभावनाओं पर अतिरिक्त कार्यकारी निदेशक ईईपीसी इंडिया श्री रजत श्रीवास्तव ने राज्य की औद्योगिक क्षमताओं, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भागीदारी और तकनीकी उन्नयन की आवश्यकता पर जोर दिया। एक्सिस बैंक के श्री आनंद सिंह, उप महाप्रबंधक एवं क्षेत्रीय प्रमुख ने निर्यात वित्त पोषण, क्रेडिट सहायता, जोखिम प्रबंधन तथा बैंक की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। क्षेत्र-विशेष सत्रों में श्री तिलक खिंदर, प्रबंध निदेशक, रतन ब्रदर्स समूह ने मध्य प्रदेश से खेल सामग्री एवं एक्सेसरीज़ के निर्यात की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया। समिट में श्री आशीष जायसवाल, स्पाइसेज़ बोर्ड ने मसालों के उत्पादन, गुणवत्ता प्रमाणन, ब्रांडिंग और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में निर्यात के अवसरों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। कार्यशाला में ओडीओपी उत्पादों के माध्यम से स्थानीय कारीगरों, किसानों, एमएसएमई इकाइयों और उद्यमियों को निर्यात से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया। समिट में निर्यात से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों और समाधानों पर चर्चा हुई।  

लाभार्थियों को राहत: मंईयां सम्मान योजना की नवंबर किस्त जारी, अब दिसंबर पर फोकस

रांची मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत नवंबर माह की राशि सभी महिला लाभुकों के खाते में हस्तांतरित कर दी गई है। महिला एवं बाल विकास के सामाजिक सुरक्षा निदेशालय ने क्रिसमस के पूर्व राशि हस्तांतरित करने के निर्देश सभी जिलों को दिए गए थे। इसके बाद जिलों ने नवंबर माह की राशि हस्तांतरित की। दो-तीन जिलों में यह टास्क लंबित था, लेकिन अंतिम समय में सभी जिलों में भी राशि हस्तांतरित कर दी गई। राशि उन लाभुकों के बैंक खाते में ही हस्तांतरित की गई है, जिनकी आधार सीडिंग हो चुकी है। अब जिलों में दिसंबर माह की राशि हस्तांतरित करने की तैयारी चल रही है। इस योजना के तहत अगले वर्ष फरवरी माह तक की राशि जिलों में उपलब्ध है। इस योजना के लिए चालू वित्तीय वर्ष के दूसरे अनुपूरक बजट में राशि का प्रविधान किया गया था। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान पारित दूसरे अनुपूरक बजट में कुल 7,721.25 करोड़ रुपये के प्रविधान किए गए थे, जिनमें सबसे अधिक 2,082 करोड़ रुपये की राशि का प्रविधान महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए किया गया था। इस योजना का संचालन इस विभाग द्वारा ही किया जा रहा है। इससे पहले, चालू वित्तीय वर्ष के बजट में मुख्यमंत्री मंइयां सम्मान योजना के लिए 13,363.35 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया था।  

अजमेर दरगाह पहुंचे राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, ख्वाजा साहब के दर पर चादर चढ़ाई

जयपुर  राज्यपाल हरिभाऊ बागडे की ओर से गुरुवार को अजमेर में गरीब नवाज ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर चादर पेश की गई। लोक भवन में पदस्थापित राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी नियंत्रक हाउस होल्ड शरद तिवारी ने दरगाह  पहुंचकर राज्यपाल की ओर से जियारत कर चादर चढ़ाई।  सालाना उर्स के अवसर पर राज्यपाल बागडे का संदेश भी पढ़कर सुनाया गया। अपने संदेश में हरिभाऊ बागडे ने महान सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के अमन और शांति के पैगाम को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ख्वाजा साहब का उर्स "एक भारत श्रेष्ठ भारत" की सर्वधर्म सद्भाव की हमारी संस्कृति से जुड़ा है। उन्होंने  पीर पैगम्बरों के उदात्त जीवन, उनके मनुर्भव के चिंतन से जुड़ी भारतीय संस्कृति को महान बताते हुए ख्वाजा साहब की शिक्षाओं से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। राज्यपाल ने अपने संदेश में ख़्वाजा साहब को गरीब नवाज बताते हुए कहा कि वंचित और गरीब वर्ग का कल्याण ही हम सबकी प्राथमिकता होना चाहिए। उन्होंने ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के वार्षिक उर्स की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए प्रदेशवासियों के खुशहाल जीवन के लिए भी प्रार्थना की है। इससे पहले लोकभवन में राज्यपाल बागडे ने अजमेर के लिए चादर पेश करने के लिए सौंपी। 

केंद्रीय गृह मंत्री शाह एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेश से रोजगार-अटल संकल्प विषय पर लगी प्रदर्शनी का किया अवलोकन

भोपाल  मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक धरा ग्वालियर में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर “अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट” स्थल पर “निवेश से रोजगार-अटल संकल्प” विषय पर प्रदर्शनी लगाई गई। समिट के मुख्य अतिथि केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। समिट में केन्द्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमरऔर वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश अध्यक्षश्री हेमन्त खंडेलवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण भी उनके साथ थे। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की राष्ट्रप्रेम को समर्पित जीवन यात्रा प्रदर्शित यह प्रदर्शनी स्व. वाजपेयी अटल जी की राष्ट्र प्रेम को समर्पित जीवन यात्रा और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान को अत्यंत जीवंत रूप में प्रस्तुत कर रही थी। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की कविताओं, ओजस्वी भाषणों और उनकी राजनीतिक यात्रा के माध्यम से उनकी दूरदर्शिता, एकात्म मानववाद की विचारधारा तथा भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के उनके संकल्प को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया।इसमें पोखरण परमाणु परीक्षण और गोल्डन क्वाड्रिलेटरल जैसी ऐतिहासिक उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया गया। साथ ही देश की मजबूती व विकास में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की भूमिका को रेखांकित कर रहे थे। औद्योगिक प्रगति को भी दर्शाया प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति और आर्थिक विकास को भी प्रदर्शित किया गया। इसमें राज्य की प्रमुख औद्योगिक परियोजनाओं जैसे सिंगाजी थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट, मालनपुर भिंड की इलेक्जर पीवीसी प्लाइवुड इकाई, पीथमपुर ऑटो हब और भोपाल फूड पार्क भी प्रदर्शित किये गये है। इसके साथ ही ड्रोन टेक्नोलॉजी और एग्रीटेक जैसे क्षेत्रों में कार्यरत सफल स्टार्ट-अप्स की कहानियों के माध्यम से नवाचार, उद्यमशीलता और युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों को भी प्रदर्शित किया गया। वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट भी किये गए प्रदर्शित प्रदर्शनी में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना ओडीओपी में मंदसौर की अफीम, मैहर का हस्तशिल्प, छिंदवाड़ा का टिंकीरा चावल जैसे उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। साथ ही जीआई टैग प्राप्त उत्पादों में विदिशा का लहसुनिया लाल चना, बालाघाट का काकड़ हाट चावल, मुरैना की सरसों से बने स्थानीय उत्पाद एवं मुरैना की जीआई टैग गजक तथा दतिया का प्रसिद्ध जीआई टैग बेलमेटल वर्क शामिल किया गया। समिट की प्रदर्शनी निवेशमें रोजगार से जोड़ने के अटल संकल्प को सशक्त रूप में प्रस्तुत किया गया।औद्योगिक विकास, नवाचार और स्थानीय उत्पादों के संवर्धन से सतत और समावेशी विकास की दिशा में निरंतर अग्रसरहोते मध्यप्रदेश को प्रदर्शित किया गया है।  

गांव-गांव को बारहमासी सड़कों से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य अटलजी ने किया : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

  जन्म–शताब्दी वर्ष में सभी नगरीय निकायों में अटल परिसरों का निर्माण : अटलजी की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने का संकल्प रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर राज्य के 115 नगरीय निकायों में नवनिर्मित अटल परिसरों का लोकार्पण किया। उन्होंने राजधानी रायपुर में अटल एक्सप्रेस-वे के फुंडहर चौक पर स्थापित अटलजी की प्रतिमा का अनावरण तथा अटल परिसर का लोकार्पण करते हुए राज्यभर में आयोजित कार्यक्रमों से वर्चुअल रूप से जुड़कर अन्य 114 नगरीय निकायों में निर्मित अटल परिसरों का भी लोकार्पण किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरू खुशवंत साहेब कार्यक्रम में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने फुंडहर खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में रायपुर नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत 186 करोड़ 98 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत 23 कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 185 करोड़ 49 लाख रुपये के 17 कार्यों का भूमिपूजन तथा एक करोड़ 49 लाख रुपये के 6 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इस अवसर पर उन्होंने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा प्रकाशित अटल परिसरों पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के पाँच हितग्राहियों को भवन निर्माण अनुज्ञा-पत्र एवं पीएम स्वनिधि योजना के तहत पाँच महिला हितग्राहियों को 50-50 हजार रुपये के चेक वितरण किए गए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में अटलजी की 101वीं जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उपस्थित नागरिकों को सुशासन दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि तीन करोड़ छत्तीसगढ़वासी आज अटलजी को कृतज्ञतापूर्वक नमन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अटलजी तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे, वे अजातशत्रु, प्रखर वक्ता, संवेदनशील कवि एवं श्रेष्ठ साहित्यकार थे। विरोधी दल भी उनके भाषणों को सुनने के लिए उत्सुक रहते थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से अटलजी ने गांव-गांव तक पक्की सड़कों का जाल बिछाया और बारहमासी सड़कों से ग्रामीण भारत को जोड़ा, जिससे छह लाख से अधिक गांवों में विकास के द्वार खुले। किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसानों को सुलभ कृषि ऋण उपलब्ध कराया गया, जिसका लाभ आज करोड़ों किसान उठा रहे हैं। अटल जी ने आदिम जाति विकास मंत्रालय का गठन कर उन्होंने आदिवासी कल्याण की योजनाओं को नई दिशा दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज प्रदेश के 115 नगरीय निकायों में अटल परिसरों का लोकार्पण किया गया है। इससे पूर्व 60 स्थानों पर परिसरों का लोकार्पण हो चुका है। अटलजी के जन्म-शताब्दी वर्ष में सभी नगरीय निकायों में अटल परिसर निर्मित किए जा रहे हैं, ताकि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता अटलजी की स्मृतियाँ चिरस्थायी बनी रहें। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के पश्चात छत्तीसगढ़ के विकास को नई गति मिली है। अटलजी की दूरदृष्टि और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृढ़ संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ विकसित राज्य बनने की दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत रायपुर में 1023 आवासों की स्वीकृति दी गई है। विधायक किरण सिंह देव ने कहा कि अटलजी ने अपना वादा निभाते हुए छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का स्वरूप प्रदान किया। आज डबल-इंजन की सरकार सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘गुड गवर्नेंस’ की अवधारणा को देश ने अटलजी के नेतृत्व में अनुभव किया। विधायक मोतीलाल साहू ने कहा कि प्राकृतिक संपदा से परिपूर्ण होते हुए भी आर्थिक रूप से पिछड़े इस क्षेत्र की आवश्यकता को अटलजी ने पहचाना और नया राज्य देकर विकास का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि बीते दो वर्षों में रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में लगभग 500 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में रायपुर शहर का सर्वांगीण विकास हो रहा है और विकास के कार्य अंतिम पंक्ति तक पहुँच रहे हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस ने अपने स्वागत उद्बोधन में अटल परिसरों के निर्माण तथा आज लोकार्पित एवं भूमिपूजित कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायकगण राजेश मूणत, सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, इंद्रकुमार साहू, अनुज शर्मा, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष नंदकुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, निगम आयुक्त विश्वदीप, राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय सहित नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग एवं रायपुर नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती पर उन्हें नमन किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वतंत्रता सेनानी, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के संस्थापक, भारत रत्न, महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महामना मालवीय जी ने शिक्षा एवं समाज सुधार से प्रगति के नए युग का सपना देखा और अप्रतिम कृतित्व से साकार करने की नींव रखी। राष्ट्र सदैव महामना के प्रति कृतज्ञ रहेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के चहुँमुखी विकास की रखी सशक्त नींव : केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह

संतुलित विकास के क्षेत्रीय निवेश सम्मेलनों की श्रंखला की शुरूआत को बताया दूरदर्शी भोपाल केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा मप्र के संतुलित विकास के क्षेत्रीय निवेश सम्मेलनों की श्रंखला आयोजित करने की शुरूआत को दूरदर्शी बताया है। उन्होने कहा कि यह ऐसी शुरूआत श्री नरेन्द्र मोदी जी ने गुजरात के लिये की थी। ‘वाइब्रेंट गुजरात’ के नाम से इंडस्ट्रियल समिट आयोजित करने की एक वैज्ञानिक और व्यवस्थित शुरुआत उन्होंने की। इसमें राज्य की राजधानी में बड़े स्तर पर इंडस्ट्रियल समिट आयोजित होते थे और राज्य में व्यापक निवेश आता था। डॉ. यादव ने क्षेत्रीय इन्वेस्टमेंट समिट के माध्यम से मध्यप्रदेश के चहुँमुखी विकास की एक मजबूत नींव रखी है। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती परग्वालियर में ‘अभुदय : मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट’ में अपने संबोधन मेंकेन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने क्लस्टर इन्वेंस्टमेंट पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं डॉ. मोहन यादव को बधाई देना चाहता हूँ कि उन्होंने राज्य के संतुलित विकास के लिए ‘क्षेत्रीय निवेश कॉन्क्लेव’ की एक नई और दूरदर्शी शुरुआत की है। मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कॉन्क्लेव आयोजित करने और निवेश के भूमिपूजन का जो सिलसिला उन्होंने शुरू किया है, वह आने वाले समय में राज्य के संतुलित विकास के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। आज जो 2 लाख करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है, वह देखने में भले ही छोटा लगे, लेकिन किसी एक क्षेत्र के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। किसी क्षेत्र की जनता के लिए यह निवेश अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि राज्य का संतुलित विकास नहीं होता, तो राज्य आगे नहीं बढ़ सकता, क्योंकि हर क्षेत्र में अपार संभावनाएँ छिपी होती हैं।जैसे मालवा, ग्वालियर और चंबल क्षेत्र में कपास लंबे समय से किसानों की प्रमुख फसल रही है, लेकिन उन्हें उसका उचित मूल्य नहीं मिल पाता था। अब पीएम मित्र पार्क के आने से पारंपरिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ा है और कपास फिर से किसानों के लिए एक लाभकारी फसल बन गई है। मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी विशेषता उसका भौगोलिक लोकेशन है। यहाँ से पूरे देश के आधे हिस्से तक बहुत कम ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट में आपूर्ति संभव है। लेकिन इस भौगोलिक लाभ का शत-प्रतिशत उपयोग तभी संभव है, जब राज्य में सिमेट्रिक इंडस्ट्री विकसित की जाए। दक्षिण से जुड़े जिलों में उद्योग स्थापित हों, दिल्ली से जुड़े जिलों, जैसे ग्वालियर में उद्योग लगेंऔर पश्चिमी क्षेत्रों जैसे धार और झाबुआ में भी औद्योगिक विकास हो। तभी मध्यप्रदेश को अपने भौगोलिक लाभ का वास्तविक फायदा मिलेगा। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि इसी सोच के साथ यह आयोजन डॉ. मोहन यादव ने किया है। मैं उन्हें हृदय से बधाई देता हूँ कि उनकी क्षेत्रीय इन्वेस्टमेंट समिट ने मध्यप्रदेश के चहुँमुखी विकास की एक मजबूत नींव रखी है।  

HTET 2026 नोटिफिकेशन जारी: अब शुरू हुए आवेदन, इस दिन तक भर सकेंगे फॉर्म

हरियाणा  एचटेट के लिए बीते दिन बुधवार से आवेदन शुरू हो गए हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 4 जनवरी है। इस बार आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन करने के लिए सिर्फ दस दिन ही दिए गए हैं।आवेदन के लिए बोर्ड की अधिकारिक वेबसाइट पर लिंक जारी कर दिया गया है। आवेदन में सुधार के लिए अभ्यर्थियों को चार और पांच जनवरी का समय दिया गया है। HTET 2026 के लिए कैसे करें आवेदन? सबसे पहले उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट –  bseh.org.in व htet.eapplynow.com पर जाना होगा। इसके बाद होम पेज पर दिख रहे HTET 2026 के लिंक पर क्लिक करना होगा। अब अपनी जरूरी जानकारी भरकर लॉगिन करें और आवेदन फॉर्म को ध्यानपूर्वक पूरा करें। फॉर्म भरने के बाद आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें और ऑनलाइन माध्यम से आवेदन शुल्क का भुगतान करें। अंत में कंफर्मेशन पेज डाउनलोड कर सुरक्षित रख लें।