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भोपाल में बच्चों ने सांता क्लॉज बनकर बाँटी खुशियाँ

भोपाल  सैपलिंग्स एवं स्वामी विवेकानंद इंग्लिश स्कूल द्वारा भोजपुर रोड समाज के वंचित वर्ग के बच्चों के साथ साझा करने और देखभाल की भावना को साकार करते हुए एक सराहनीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय ने निर्माण – परिवर्तन की ओर समिति के बच्चों के साथ मिलकर खुशियाँ बाँटी। निर्माण – परिवर्तन की ओर समिति एक सामाजिक संगठन है, जो भोपाल में वंचित बच्चों के लिए स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत है। वर्तमान में संस्था शहर के तीन विभिन्न केंद्रों पर 250 से अधिक बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर रही है। कार्यक्रम के अंतर्गत सैपलिंग्स भोजपुर रोड द्वारा निर्माण संस्था के बच्चों को स्टेशनरी सामग्री, कपड़े, ऊनी वस्त्र, खिलौने एवं जूते वितरित किए गए। निर्माण संस्था के संस्थापक श्री नरेश मोटवानी और समाज सेविका मीता वाधवा जी के मार्गदर्शन में इंदुरिया चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री लक्ष्मी नारायण एवं प्रभा इंदुरिया ने बच्चों को उपहार प्रदान किए। कार्यक्रम के दौरान सैपलिंग्स भोजपुर रोड के बच्चे सांता क्लॉज बनकर आए और उन्होंने सभी बच्चों को उपहार बाँटे। सांता क्लॉज के आगमन से बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे और पूरे कार्यक्रम में उत्सव का माहौल बन गया। इसके साथ ही विद्यालय के बच्चों ने एनजीओ के बच्चों के साथ मिलकर एक आनंदमय पार्टी का आयोजन किया, जिसमें Sharing & Caring की भावना को बढ़ावा दिया गया। बच्चों ने मिलकर खेलकूद किया और आपसी प्रेम व समानता का संदेश दिया। यह पहल बच्चों में सामाजिक जिम्मेदारी, करुणा और मानवीय मूल्यों को विकसित करने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।

सीनियर्स की टॉर्चर की शिकायत पर इंदौर डेंटल कॉलेज में 3 छात्राओं को सस्पेंड किया गया

इंदौर  एमजीएम मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला अभी थमा ही नहीं था कि दूसरा मामला इंदौर के शासकीय डेंटल कॉलेज से सामने आया है. यहां पर एमडीएस फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स ने यूजीसी को रैगिंग के संबंध में शिकायत की, जिसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने बड़ा एक्शन लिया है. शासकीय डेंटल कॉलेज प्रबंधन द्वारा जांच कर तीन सीनियर छात्राओं को सस्पेंड कर दिया गया है. इस तरह रैगिंग कर रही थीं सीनियर छात्राएं शासकीय डेंटल कॉलेज एमडीएस प्रथम वर्ष की छात्राओं द्वारा यूजीसी को रैगिंग के संबंध में एक मेल भेजा गया था. इस मेल में उन्होंने जानकारी दी कि कॉलेज की ही डेंटल की सीनियर छात्राएं उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही हैं. वह उनसे डिपार्टमेंट खोलने का काम करवाती हैं और शाम को छुट्टी होने के बाद भी काफी देर तक कॉलेज में ही बिठाए रखती हैं. साथ ही जब खाना खाने की बारी आती है तो सीनियर के द्वारा बाद में खाने का दबाव बनाया जाता है. यूजीसी के दखल के बाद कॉलेज प्रबंधन का एक्शन जैसे ही यूजीसी को पूरे मामले की जानकारी लगी तो अधिकारियों ने कॉलेज प्रबंधन को इस पूरे मामले से अवगत करवाया. इसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने जूनियर छात्राओं की शिकायत पर रैगिंग की आरोपी तीन छात्राओं की जांच पड़ताल शुरू की. जांच पड़ताल के दौरान सीनियर छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधन को यह जवाब दिया कि उन्होंने सिर्फ अनुशासन बनाए रखने के लिए इस तरह की हरकत की थी. इस पर कॉलेज प्रबंधन ने छात्राओं को बताया कि अनुशासन बनाने के लिए इस तरह का दबाव बनाना भी रैगिंग की श्रेणी में आता है. डेंटल फर्स्ट ईयर में केवल 6 छात्र शासकीय डेंटल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉक्टर अलका गुप्ता ने बताया, '' रैगिंग से संबंधित शिकायत कॉलेज की जूनियर छात्राओं द्वारा यूजीसी को की गई थी. उसी के बाद जांच कर तीन छात्रों को सस्पेंड कर दिया गया है और पूरे मामले की जानकारी भी यूजीसी को दे दी गई है.'' इंदौर के शासकीय डेंटल कॉलेज के एमडीएस प्रथम वर्ष की बैच में 6 ही छात्र हैं, जिसमें एक छात्र और 5 छात्राएं हैं और इन्हीं लोगों ने तीन सीनियर छात्राओं की रैगिंग को लेकर शिकायत की थी.

कोहरे का असर रेल ट्रांसपोर्ट पर, MP-मुंबई स्पेशल ट्रेनें लेट, यात्री परेशान

भोपाल  कोहरे का असर आम जनजीवन के अलावा रेल यातायात पर नजर आ रहा है। दिल्ली, नागपुर, जबलपुर और मुंबई की तरफ से आने वाली ट्रेनें अपने समय से लेट चल रही है। सोमवार को 18238 छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस (Chhattisgarh Express) अपने निर्धारित समय से 1 घंटे की देरी से इटारसी रेलवे स्टेशन पहुंची। इसके अलावा 22533 यशवंतपुर सुपर फास्ट (Yesvantpur Superfast) 2 घंटे लेट चली। 12715 सचखंड एक्सप्रेस (Sachkhand Express) अपने तय समय से तीन घंटे की देरी से इटारसी स्टेशन पर पहुंची। कोहरे के कारण दिल्ली से आने वाली ट्रेनें लेट इधर, ठंड बढ़ने के साथ ही शहर में सुबह सूर्यउदय के समय घना कोहरा छाया रहा। जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। लोग ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आ रहे हैं। कोहरे की वजह से दिल्ली से आने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। नगरपालिका ने शहर के जयस्तंभचौक, रेलवे स्टेशन के सामने रेन बसेरा के पास सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाए हैं। जिससे लोग राहत महसूस कर रहे हैं। रीवा-मुंबई के बीच चलेंगी दो स्पेशल ट्रेन रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और बढ़ती मांग को देखते हुए रीवा और मुंबई (सीएसएमटी) के बीच दो-दो ट्रिप स्पेशल ट्रेनें (Rewa-CSMT Special Trains) चलाने का निर्णय लिया है। ये ट्रेनें इटारसी होकर गुजरेंगी, जिससे नर्मदापुरम और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। पीआरओ रेलवे ने बताया कि रीवा से सीएसएमटी के लिए स्पेशल ट्रेन गुरुवार 1 जनवरी और 8 जनवरी को रवाना होगी। वापसी में सीएसएमटी से रीवा के लिए यह ट्रेन शुक्रवार 2 जनवरी और 9 जनवरी को चलाई जाएगी। 02187 रीवा-सीएसएमटी स्पेशल ट्रेन रीवा से दोपहर 3.50 बजे प्रस्थान करेगी।

सरस राजसखी मेले में दिखा भारत–एक सूत्रधार, परंपरा और तकनीक ने रचा नया रंग

जयपुर भारत को एक सूत्र में पिरोने की भावना को साकार करती “भारत – एक सूत्रधार” की थीम पर आधारित सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला-2025 इन दिनों लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आए हस्तशिल्प, वस्त्र, व्यंजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भारतीय विविधता की एक जीवंत तस्वीर पेश कर रही हैं। मेले के दौरान एनआईएफ ग्लोबल जयपुर, कमला पोद्दार इंस्टीट्यूट एवं राजीविका के संयुक्त तत्वावधान में डिजिटल सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने हेतु एक जागरूकता नाट्य प्रस्तुति भी दी गई। इस प्रस्तुति के माध्यम से आत्मविश्वास, ग्रूमिंग तथा डिजिटल टूल्स के महत्व को सरल और प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। नाट्य दृश्यों के जरिए यह संदेश दिया गया कि कॉन्फिडेंट कम्युनिकेशन और प्रभावी प्रेज़ेंटेशन से ग्राहक जुड़ाव बेहतर होता है, वहीं ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम और कैशलेस लेन-देन आज के डिजिटल युग में व्यवसाय की आवश्यकता बन चुके हैं। इसके साथ ही वाट्सअप, वाट्सअप बिजनेस और इंस्टाग्राम  जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से घर बैठे व्यवसाय विस्तार, ऑर्डर मैनेजमेंट, डिलीवरी तथा उत्पाद प्रचार के तरीकों को भी प्रस्तुत किया गया। एनआईएफ ग्लोबल जयपुर और कमला पोद्दार इंस्टीट्यूट के स्टूडेंट्स द्वारा मंचित इस नाट्य प्रस्तुति को दर्शकों ने सराहा और इसे डिजिटल साक्षरता एवं आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सार्थक पहल बताया। मेले में टेक्सटाइल सेक्शन में खास तौर पर महिलाओं की भारी भीड़ देखने को मिली। पंजाब, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों से आए पारंपरिक वस्त्र अपनी विशिष्ट पहचान और आकर्षक बनावट के कारण खासे लोकप्रिय हो रहे हैं। रंग-बिरंगे परिधान, बारीक हस्तनिर्मित डिज़ाइन, पारंपरिक कढ़ाई और क्षेत्रीय कला की झलक ने खरीदारों को अपनी ओर आकर्षित किया है। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान कलाकारों द्वारा प्रस्तुत राजस्थानी लोक नृत्य और मधुर मांड गायन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं बिहार के पारंपरिक लोक नृत्य- जजिया और जाट-जतिन- की जीवंत और भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया। दर्शकगण तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन करते नजर आए और पूरा परिसर उत्सवधर्मी वातावरण में डूब गया।

सागर: बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में एक साथ बनेंगे 10 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर

सागर  बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) सागर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। सागर विधायक शैलेंद्र जैन के सतत प्रयासों से अस्पताल परिसर में एक साथ 10 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर का निर्माण किया जा रहा है, जिससे एक ही समय में 10 अलग-अलग विधाओं के ऑपरेशन संभव हो सकेंगे। 16 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण विधायक जैन ने बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से 60,000 वर्गफुट क्षेत्रफल में आधुनिक स्ट्रक्चर का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 10 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर की स्थापना के लिए लगभग 15 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि से अत्याधुनिक सुविधाओं का निर्माण प्रस्तावित है। सागर के स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि साबित होगी उन्होंने कहा कि यह परियोजना सागर के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी। विधायक जैन ने बताया कि वर्तमान में ऑपरेशन थिएटर की कमी के कारण कई मरीजों को अपने ऑपरेशन के लिए कई दिनों तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है। 10 नए मॉड्यूलर ओटी के निर्माण से न केवल मरीजों को समय पर उपचार मिलेगा, बल्कि चिकित्सकों को भी बेहतर और सुगम कार्य वातावरण उपलब्ध होगा। विभिन्न प्रकार के रोगियों के ऑपरेशन एक साथ इससे विभिन्न प्रकार के रोगियों के ऑपरेशन एक साथ और अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे। मंगलवार को विधायक जैन ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. पीएस ठाकुर के साथ निर्माणाधीन ऑपरेशन थिएटर भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए ठेकेदार को कार्य शीघ्र, गुणवत्तापूर्ण एवं समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के अधिकारी, चिकित्सक एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के हजारों मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का सीधा लाभ मिलेगा।

राजस्थान में ठंड का प्रकोप, घना कोहरा और जमाव बिंदु के करीब तापमान, शेखावाटी में अलर्ट

 जयपुर  राजस्थान में एक बार फिर सर्दी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। उत्तर-पश्चिमी जिलों में सक्रिय शीत लहर के प्रभाव से बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। शेखावाटी अंचल में ठंड सबसे ज्यादा असरदार रही, जहां सीकर जिले के फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो जमाव बिंदु के बेहद करीब है। बुधवार सुबह सीकर और आसपास के क्षेत्रों में ओस जमने की स्थिति बनी, जबकि कई जिलों में हल्के से मध्यम और कहीं-कहीं घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के कारण दृश्यता प्रभावित हुई और जनजीवन पर असर देखा गया। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर, चूरू, झुंझुनूं, गंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में घने कोहरे की स्थिति बनी रही, जिससे दिन के तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट आई। आगे क्या रहेगा मौसम का मिज़ाज? मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले कुछ दिनों में तापमान में और गिरावट हो सकती है। इसके साथ ही शीतलहर का दायरा बढ़ने और रात के तापमान में और कमी आने की संभावना है। कमजोर उत्तरी हवाओं और कोहरे के कारण कुछ शहरों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर भी दर्ज किया गया, लेकिन ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। कोहरे और शीतलहर को देखते हुए नागरिकों को सुबह-शाम सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।

भोपाल में रोड विस्तार के लिए 7 हजार से अधिक पेड़ों की कटाई, NHAI के दावे पर उठे सवाल

भोपाल देश में विकास बनाम पर्यावरण की बहस अभी थमी भी नहीं थी कि अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक और चिंता बढ़ाने वाली तस्वीर सामने आ रही है. झीलों और हरियाली के लिए पहचाने जाने वाले भोपाल में अब विकास के नाम पर हज़ारों पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलने वाली है. मामला शहर के बीचोबीच स्थित अयोध्या बायपास का है, जहां सड़क चौड़ीकरण की आड़ में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई शुरू हो चुकी है. जिस विकास की बात की जा रही है, उसकी कीमत भोपाल की हरियाली को चुकानी पड़ रही है. अयोध्या बायपास, जो भोपाल के सबसे व्यस्त और अहम मार्गों में से एक है, अब फोर लेन से सिक्स लेन बनने जा रहा है. इसके साथ ही दोनों ओर दो-दो लेन की सर्विस रोड भी तैयार की जाएगीए जिसके बाद यह सड़क 10 लेन की हो जाएगी. इस परियोजना के तहत हजारों पेड़ों की कटाई होनी है. जैसे ही यह जानकारी सामने आई, पर्यावरणविदों, प्रकृति प्रेमियों और सामाजिक संगठनों में नाराजगी फैल गई. सवाल उठने लगे कि क्या ट्रैफिक समाधान का यही एकमात्र रास्ता है, और क्या हर बार विकास की कीमत पेड़ों को चुकानी पड़ेगी? इस पूरे प्रोजेक्ट की ज़िम्मेदारी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी NHAI के पास है. एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर देवांश नुवल का तर्क है कि आने वाले वर्षों में ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ेगा और सड़क चौड़ीकरण से जाम की समस्या से राहत मिलेगी.  मामला NGT तक पहुंचा और NGT के निर्देश पर एक विशेष समिति का गठन किया गया, जिसने पूरे प्रोजेक्ट और पेड़ों की स्थिति की जांच की. जांच के बाद समिति ने 10 हजार की बजाय 7,871 पेड़ों की कटाई को सशर्त मंजूरी दी. इन शर्तों के मुताबिक, काटे जाने वाले हर एक पेड़ के बदले 10 नए पौधे लगाए जाएंगे. यानी लगभग 80 हज़ार पौधरोपण का दावा किया गया है. NHAI का कहना है कि पौधरोपण सिर्फ कागज़ों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसकी निगरानी भी की जाएगी और पौधों के जीवित रहने की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी लेकिन पर्यावरण विशेषज्ञ इन दावों पर सवाल उठा रहे हैं. उनका कहना है कि वर्षों पुराने, बड़े और छायादार पेड़ों की भरपाई केवल पौधे लगाकर नहीं की जा सकती. एक पेड़ बनने में दशकों लगते हैं और उसका पर्यावरणीय योगदान किसी नए पौधे से तुरंत पूरा नहीं हो सकता. भोपाल के रहने वाने नितिन सक्सेना ने इन पेड़ों की कटाई को लेकर एनजीटी में याचिका भी लगाई लेकिन पेड़ों की कटाई को रोक नहीं पाए विकास की रफ्तार तेज है, लेकिन उसकी कीमत भी कम नहीं. आज सड़कें चौड़ी होंगी, ट्रैफिक सुगम होगा, लेकिन क्या कल शहर सांस ले पाएगा? कागजों पर दस गुना पौधरोपण के वादे हैं, मगर जमीन पर गिरते पुराने पेड़ उस भरोसे को सवालों के घेरे में खड़ा कर रहे हैं. भोपाल, जो कभी हरियाली की पहचान था, अब एक अहम मोड़ पर खड़ा है जहां फैसला सिर्फ सड़क का नहीं, आने वाली पीढ़ियों की सांसों का भी है

इंदौर में न्यूनतम 8°C, भोपाल 9.8°C, MP में घना कोहरा और पचमढ़ी में पारा 4°C से नीचे

भोपाल  उत्तर भारत में हो रही बर्फबारी का असर मध्यप्रदेश में दिखने लगा है। प्रदेश में ठंड लगातार बढ़ रही है और बुधवार रात से सर्दी और तीखी होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान में अगले 24 घंटे में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट दर्ज की जा सकती है। फिलहाल पचमढ़ी और शहडोल का कल्याणपुर ऐसे इलाके हैं, जहां रात का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। इधर, प्रदेश के उत्तरी हिस्से घने कोहरे की चपेट में हैं। ग्वालियर, रीवा और सतना में दृश्यता 50 से 200 मीटर तक सिमट गई है, जिससे हालात जीरो विजन जैसे हो गए हैं। दमोह, खजुराहो, नौगांव, मुरैना, सीधी, दतिया, इंदौर, भोपाल, राजगढ़, उज्जैन, शाजापुर, सीहोर और देवास में भी सुबह 6 से 8 बजे के बीच घना कोहरा छाया रहा। बुधवार सुबह भी कई जिलों में यही स्थिति देखने को मिली। कम विजिबिलिटी के कारण कई जगह सड़कों पर वाहन चलाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। जानिए आपके शहर में मौसम की स्थिति क्या है और आने वाले तीन दिनों में ठंड-कुहासे का क्या असर रहेगा।  आज का मौसम कैसा रहा? बुधवार सुबह ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और शहडोल में घना कोहरा छाया रहा। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, देवास, राजगढ़, रायसेन और विदिशा में मध्यम स्तर का कोहरा देखा गया।मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक, अगले दो दिनों में कोहरे का असर थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन ठंड और तेज होगी। न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की और गिरावट संभव है। अगले पांच दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा और बारिश की कोई संभावना नहीं है। न्यूनतम तापमान के मामले में नौगांव (छतरपुर) प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा शहर रहा, जहां रात का तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा राजगढ़ में 7.4, मलाजखंड में 7.6, रीवा में 8.2 और उमरिया में 8.3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। कई शहरों में कोहरे का असर बुधवार सुबह कुछ शहरों में कोहरे से राहत जरूर मिली, लेकिन इंदौर, खजुराहो, रीवा, सतना, दतिया, गुना, ग्वालियर, रतलाम, उज्जैन, मंडला, नरसिंहपुर और नौगांव में घने कोहरे का असर साफ दिखाई दिया। कई जगह विजिबिलिटी 2 से 4 किलोमीटर तक सीमित रही। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं और साफ आसमान के कारण रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है। ऐसे में लोगों को ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।   पचमढ़ी में इस सीजन की सबसे ठंडी रात प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में इस सीजन पहली बार न्यूनतम तापमान 4 डिग्री से नीचे पहुंच गया। मंगलवार रात यहां तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है, जिससे न्यू ईयर सेलिब्रेशन पर भी असर पड़ सकता है। एमपी में सबसे ठंडा पचमढ़ी शहर रात का तापमान पचमढ़ी (नर्मदापुरम) 3.8 राजगढ़ 7.4 नौगांव (छतरपुर) 7.0 मलाजखंड (बालाघाट) 7.6 रीवा 8.2 उमरिया 8.3 रायसेन 9.0 छिंदवाड़ा 9.0 मंडला 9.0 खजुराहो (छतरपुर) 9.2 टीकमगढ़ 9.8 बैतूल 10.0 खंडवा 10.0 खरगोन 10.2 सतना 10.2 नरसिंहपुर 10.4 रतलाम 10.5 दमोह 10.6 धार 10.9 दतिया 11.1 गुना 11.4 सिवनी 11.4 सीधी 11.4 श्योपुर 12.0 सागर 12.4 नर्मदापुरम 13.5 कई शहरों में घना कोहरा बुधवार सुबह कुछ जगहों पर कोहरे से हल्की राहत मिली, लेकिन इंदौर, खजुराहो, रीवा, सतना, दतिया, गुना, ग्वालियर, रतलाम, उज्जैन, मंडला, नरसिंहपुर और नौगांव में घना कोहरा छाया रहा। कई इलाकों में विजिबिलिटी 2 से 4 किलोमीटर तक सीमित रही। आज कैसा है मौसम? घना कोहरा: ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल मध्यम कोहरा: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, देवास, राजगढ़, रायसेन, विदिशा अगले कुछ दिनों का मौसम अपडेट मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, अगले 2 दिन कोहरे का असर कुछ कम रहेगा, लेकिन ठंड और तेज होगी। न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। अगले 5 दिनों तक मौसम साफ रहेगा और बारिश की कोई संभावना नहीं है। नवंबर-दिसंबर में टूटा ठंड का रिकॉर्ड इस बार नवंबर और दिसंबर में ठंड ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भोपाल में नवंबर महीने में 15 दिन तक शीतलहर चली, जो 1931 के बाद सबसे ज्यादा है। 17 नवंबर की रात भोपाल में तापमान 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो अब तक का रिकॉर्ड है। इंदौर में भी 25 साल का रिकॉर्ड टूटा इंदौर में भी इस बार ठंड ने रिकॉर्ड बनाया। यहां तापमान 6.4 डिग्री तक गिर गया, जो पिछले 25 सालों में सबसे कम है। दिसंबर में भोपाल और इंदौर दोनों जगह पारा 5 डिग्री से नीचे जा चुका है। दिसंबर-जनवरी क्यों होते हैं सबसे ठंडे? मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह दिसंबर और जनवरी में सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। इन महीनों में उत्तर भारत से ठंडी हवाएं आती हैं और वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय रहते हैं, जिससे ठंड और बढ़ जाती है। इन जिलों में सबसे ज्यादा सर्दी ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग: बर्फीली हवाओं और घने कोहरे का असर सागर और रीवा संभाग: तेज ठंड और शीतलहर भोपाल संभाग: सीहोर, रायसेन, राजगढ़, विदिशा में ठंड का जोर सागर संभाग: निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना रीवा संभाग: मऊगंज, सीधी, सिंगरौली जबलपुर संभाग: मंडला, डिंडौरी इंदौर संभाग: इंदौर, धार, झाबुआ एक दर्जन से अधिक ट्रेनें 5 से 8 घंटे तक लेट घने कोहरे के कारण दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली एक दर्जन से अधिक ट्रेनें 5 से 8 घंटे तक देरी से चल रही हैं। मालवा एक्सप्रेस रोजाना 4 से 5 घंटे लेट हो रही है, जबकि शताब्दी और सचखंड एक्सप्रेस भी प्रभावित हैं। तापमान की बात करें तो प्रदेश के बड़े शहरों में भोपाल का न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री, इंदौर का 6.4 डिग्री, ग्वालियर का 8.5 डिग्री, उज्जैन का 9.8 डिग्री और जबलपुर का 8.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां रात का पारा 4.2 डिग्री पर पहुंच गया। शहडोल के कल्याणपुर में 4.6 डिग्री, मंदसौर में 5.7 डिग्री, … Read more

पटना में नितिन नबीन ने किए दर्शन-पूजन, काली मंदिर और अखंडवासिनी मंदिर के बाद गुरुद्वारे में टेकेंगे मत्था

पटना भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार बिहार दौरे पर नितिन नबीन ने बुधवार को राजधानी पटना के दो मंदिरों में पूजा-अर्चना की। भाजपा के नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और अन्य नेताओं के साथ नितिन नबीन ने सबसे पहले शहर के बांस घाट के पास स्थित सिद्धेश्वरी काली मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने ऐतिहासिक गोलघर के पास स्थित मां अखंडवासिनी मंदिर में भी पूजा की। भाजपा की बिहार इकाई के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘नितिन नबीन का पदभार ग्रहण करने के बाद बिहार के पहले दौरे पर मंगलवार को भव्य स्वागत किया गया। बुधवार सुबह उन्होंने काली मंदिर में दर्शन किए, जो हम सभी के लिए आस्था का केंद्र है और गोलघर के पास स्थित मंदिर में भी पूजा की। वह अपने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और लोगों से भी संवाद करेंगे।” तख्त हरिमंदिर जी पटना साहिब गुरुद्वारे में भी टेकेंगे मत्था इकबाल ने यह भी बताया कि दिल्ली रवाना होने से पहले नितिन नबीन बुधवार को तख्त हरिमंदिर जी पटना साहिब गुरुद्वारे में भी दर्शन करेंगे। नितिन नबीन को 14 दिसंबर को भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था और उन्होंने अगले दिन पदभार ग्रहण किया। बिहार दौरे के पहले दिन मंगलवार को उन्होंने पटना में हवाई अड्डे के पास स्थित अरण्य भवन से वीरचंद पटेल पथ पर भाजपा कार्यालय के निकट मिलर हाई स्कूल मैदान तक रोड शो का नेतृत्व किया। इसके बाद मिलर हाई स्कूल मैदान में आयोजित अभिनंदन समारोह में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष ने बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके आधिकारिक आवास पर शिष्टाचार मुलाकात भी की। नितिन नबीन बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से पांच बार के विधायक हैं। वह पूर्व में भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और पार्टी के छत्तीसगढ़ प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

कैबिनेट से हरी झंडी: हेमंत सरकार ने पेसा नियमावली समेत 39 प्रस्ताव किए मंजूर

रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की अहम बैठक में कुल 39 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक का सबसे महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला पेसा नियमावली (पंचायत उपबंध-अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) झारखंड नियमावली 2025 को स्वीकृति देना रहा, जो लंबे समय से लंबित थी। PESA नियमावली 2025 को मंजूरी सरकार का मानना है कि पेसा नियमावली लागू होने से अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को अधिक अधिकार और स्वायत्तता मिलेगी। जल, जंगल और जमीन से जुड़े मामलों में स्थानीय समुदाय की भूमिका मजबूत होगी और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में निर्णय प्रक्रिया अधिक लोकतांत्रिक बनेगी। इसके साथ ही विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में स्थानीय सहभागिता सुनिश्चित हो सकेगी। इन्फ्रास्ट्रक्चर और कई सड़क परियोजनाओं को हरी झंडी कैबिनेट ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची में शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी। इसके अलावा आधारभूत संरचना को सुद्दढ़ करने के लिए कई सड़क परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई। दुमका जिले में चमराबहियार से बरदानीनाथ मंदिर पथ और बमनडीहा लिंक सड़क के मजबूतीकरण व चौड़ीकरण के लिए लगभग 31.87 करोड़ रुपये, जबकि जमशेदपुर में बहरागोड़ा से दारीशोल चौक सड़क के पुनर्निर्माण और चौड़ीकरण के लिए लगभग 41.24 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। शिक्षा और सामाजिक कल्याण  के क्षेत्र में भी कई अहम फैसले सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में भी कई अहम फैसले लिए गए। सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण 2.0 योजना के तहत 9 माह तक टेक होम राशन की निर्बाध आपूर्ति के लिए अनुबंध अवधि बढ़ाई गई। वहीं मिशन वात्सल्य के तहत बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों के संचालन के लिए मार्गदर्शिका को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने हाईकोर्ट के विभिन्न आदेशों के अनुपालन में कई कर्मियों की सेवा नियमित करने और वित्तीय लाभ देने की स्वीकृति दी। इनमें स्व. उदय शंकर सिन्हा, जय प्रकाश सिंह, पूनम सिन्हा, जग नारायण सिंह सहित कई कर्मी शामिल हैं। इसके साथ ही झारखंड अग्निशमन सेवा के अराजपत्रित पदों के छठे वेतनमान में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। शिक्षा और प्रशासन से जुड़े फैसलों में 21 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्रावास निर्माण के लिए लगभग 51.16 करोड़ रुपये की स्वीकृति, प्री-बजट कार्यशाला के लिए डॉ. सीमा अखौरी की टीम को नॉलेज पाटर्नर बनाना और राज्यस्तरीय आकांक्षा कार्यक्रम के तहत शिक्षकों व समन्वयकों के मानदेय में वृद्धि शामिल है।   कार्मिक और सेवा नियमों के क्षेत्र में भी कई अहम निर्णय लिए गए। सरकारी सेवाओं में सीधी नियुक्ति के लिए आयु सीमा तय करने, जेएसएससी की विभिन्न परीक्षाओं की नियमावलियों में संशोधन और वनरक्षियों को प्रधान वनरक्षी पद पर पदोन्नति के लिए एक बार की छूट को मंजूरी दी गई। इसके अलावा परिवहन विभाग में 21 मोटरयान निरीक्षक पदों के सृजन, जर्जर सरकारी भवनों के पुनर्विकास के लिए एनबीसीसी के साथ एमओयू, कांके स्थित राजकीय बेकन फैक्ट्री को पुनर्जीवित करने, उद्यान निदेशालय के लिए भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान से एमओयू और विभिन्न स्थानों पर क्षतिपूरक वनरोपण के लिए करोड़ों रुपये के हस्तांतरण को स्वीकृति दी गई। कैबिनेट ने झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के सत्रावसान, झारखंड राज्य कारा लिपिक-सह-कंप्यूटर संचालक नियमावली 2025, झारखंड संस्कृति संवर्ग सेवा नियमावली 2025 तथा गोमके जयपाल सिंह मुंडा विदेशी छात्रवृत्ति योजना के तहत ब्रिटिश हाई कमीशन के साथ एमओयू की अवधि बढ़ाने को भी मंजूरी दी।