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अपनी ही सरकार को घेरना पड़ा भारी! प्रतिमा बागरी को CM यादव ने दिलाई मंत्री पद की याद

भोपाल भाई के गांजा रखने के मामले में पकड़े जाने से चर्चा में आईं मध्य प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने अपनी ही सरकार के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए। अपने क्षेत्र में खराब सड़क निर्माण की पोल सार्वजनिक रूप से खोल कर भले ही वह जनहित का हवाला दे रही हों लेकिन जो दिख रहा है, मामला वैसा नहीं है। ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई प्रतिमा बागरी की इस सक्रियता की वजह घटिया सड़क निर्माण नहीं बल्कि जिले में पदस्थ पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों से नाराजगी है। यह एक तरह से दबाव बनाने की राजनीति रही। दरअसल, प्रतिमा बागरी कुछ इंजीनियरों को सतना जिले से हटवाना चाहती हैं, उनकी मांग नहीं सुनी गई इसलिए उन्होंने इस घटिया सड़क का मुद्दा सार्वजनिक कर दिया जबकि इस मामले में सड़क निर्माण गुणवत्ताहीन पाए जाने पर ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई पहले ही आरंभ की जा चुकी है।   सरकार को कठघरे में खड़ा करना मुख्यमंत्री ने उन्हें बुलाकर चेतावनी भी दी, तब प्रतिमा ने यह तक कहा कि मेरे कहने के बाद भी वहां के कार्यपालन अधिकारी को हटाया नहीं जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सरकार में हो, यह भूलना नहीं चाहिए। यह पहला मामला नहीं है। विधायक और मंत्री जनहित के नाम पर उनकी न सुने जाने पर इस तरह सरकार को कठघरे में खड़ा करते रहते हैं। पहले भी भिंड से विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह सार्वजनिक रूप से कलेक्टर से भिड़ चुके हैं। पार्टी की ओर से कड़ी कार्रवाई की मांग ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जहां नेता भले पार्टी को सर्वोपरि बताएं लेकिन खुद की अहमियत साबित करने के लिए वे व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर देते हैं। पार्टी कड़ी कार्रवाई नहीं करती इसलिए दोहराव भी होता रहता है। बता दें, कुछ दिन पहले प्रतिमा बागरी ने मझगवां के पोड़ी-मनकहरी मार्ग का निरीक्षण किया था। उन्होंने पैर से ही गिट्टी-डामर हटाकर निर्माण कार्य को गुणवत्ताहीन बता दिया। 'आप मंत्री हैं और ऐसा आचरण ठीक नहीं…' – सीएम मोहन यादव इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिससे विपक्ष को सरकार पर हमला करने का अवसर मिल गया। सोमवार को कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रतिमा बागरी को अपने कक्ष में बुला लिया। इसके पहले वे इस सड़क से संबंधित पूरी जानकारी ले चुके थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि आपने जिस सड़क की बात उठाई, उस पर तो विभाग पहले ही कार्रवाई कर चुका है। आप मंत्री हैं और ऐसा आचरण ठीक नहीं है। पहले भी कई विधायकों के साथ जुड़ा विवाद इसी साल अप्रैल माह में इंदौर-3 के भाजपा विधायक गोलू शुक्ला के पुत्र रुद्राक्ष शुक्ला ने साथियों के साथ देवास की माता टेकरी पर हंगामा किया था। आधी रात को मंदिर के पट खुलवाने का पुजारी पर दबाव बनाया। कुछ माह पहले हाटपीपल्या से भाजपा विधायक मनोज चौधरी के भतीजे डॉ. निखिल चौधरी ने भोपाल रोड स्थित टोल नाके पर तोड़फोड़ की थी। देवास से भाजपा विधायक गायत्री राजे पवार के पुत्र विक्रम सिंह पवार वाहनों के काफिले के साथ श्री महाकाल महालोक में घुस गए थे।

राष्ट्र प्रेरणा स्थल म्यूजियम के क्यूरेशन का काम पूरा, प्रधानमंत्री करेंगे 25 दिसंबर को उद्घाटन

एलडीए ने 98000 वर्ग फुट के क्षेत्र में बनाया है म्यूजियम ब्लॉक, पैन इंटेल कॉम ने किया है क्यूरेशन म्यूजियम में राष्ट्र नायकों को समर्पित 5 गैलरियों और 5 कोर्टयार्ड का किया गया है निर्माण भावी पीढ़ियों में राष्ट्रवाद की भावना का करेगा संचार, ओरियेंटेशन रूम में दिखेंगे राष्ट्र नायकों के जीवन के प्रेरक प्रसंग  आ लखनऊ,  राष्ट्रवाद की त्रिवेणी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीन दयाल उपाध्याय और श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी को समर्पित हैं, राष्ट्र प्रेरणा स्थल। राष्ट्र प्रेरणा का उद्घाटन 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। राष्ट्र प्रेरणा स्थल के भव्य उद्घाटन समारोह की लगभग सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इसी क्रम में प्रेरणा स्थल में राष्ट्र नायकों के जीवन वृत्त को दर्शाने वाले म्यूजियम के क्यूरेशन का कार्य भी पूरा हो चुका है। 5 गैलरियों और 5 कोर्टयार्ड से युक्त म्यूजियम के क्यूरेशन का कार्य पैन इंटेल कॉम कंपनी ने किया है। भावी पीढ़ियों में राष्ट्रवाद की भावना के संचार के लिए बने म्यूजियम को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। राष्ट्र नायकों को समर्पित है प्रेरणा स्थल का म्यूजियम ब्लॉक राष्ट्र प्रेरणा स्थल में राष्ट्रवाद की त्रिवेणी कहे जाने वाले राष्ट्र नायकों को समर्पित म्यूजियम का भी निर्माण किया गया है। प्रेरणा स्थल के 98000 वर्ग फुट के क्षेत्र में एलडीए ने म्यूजियम ब्लॉक का निर्माण कराया है। इसके क्यूरेशन का कार्य पैन इंटेल कॉम कंपनी ने किया है। म्यूजियम में 2 फ्लोर में 5 गैलरियां और 5 कोर्टयार्ड, वीवीआईपी ग्रीन रूम और 12 इंटरप्रिटेशन वॉल का निर्माण किया गया है। म्यूजियम की पहली गैलरी ओरियेंटेशन रूम के रूप में बनाई गई है, जिसमें वीडियो और एवी के माध्यम से राष्ट्र नायकों के जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंगों को दिखाया जाएगा। दूसरी गैलरी में भारतीय जन संघ के निर्माण और उसकी विकास यात्रा को दर्शाया गया है। म्यूजियम की क्रमशः तीसरी, चौथी और पाँचवीं गैलरी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीन दयाल उपाध्याय और श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी को समर्पित हैं। इन गैलरियों में उनकी फोटो, अखबार की कटिंग, सिलिकॉन की मूर्तियों के जरिए उनके जीवन के प्रेरक प्रसंगों को दिखाया गया है। म्यूजियम में लगी हैं भारत माता, दीपक और सुदर्शन चक्र की प्रतिकृतियां म्यूजियम में 5 गैलरियों के साथ 5 कोर्टयार्ड का भी निर्माण किया गया है। फर्स्ट फ्लोर पर बने तीन कोर्टयार्ड क्रमशः भारत माता, जन संघ के प्रतीक चिन्ह दीपक और सुदर्शन चक्र की प्रतिकृतियां बनाई गई हैं। एक कोर्टयार्ड में भारत माता की 10 फिट ऊँची मूर्ति लगी है, साथ ही दीवार पर वन्दे मातरम उत्कीर्ण किया गया है। सेकंड फ्लोर पर बने कोर्टयार्ड में राष्ट्र नायकों के प्रयोग किए गए समान जैसे- तख्त, मेज-कुर्सी, छड़ी को लोगों के दर्शन के लिए रखा गया है। इसके अलावा म्यूजियम में 12 इंटरप्रिटेशन वॉल बनाई गई हैं, जिन पर म्यूरल और रिलीफ आर्ट के माध्यम से भारत के स्वतंत्रता संग्राम की घटनाओं और महान विभूतियों को दर्शाया गया है। एक वॉल पर, राष्ट्रवाद से प्रेरित पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की कविता की पंक्तियाँ लिखी गई हैं। इसके साथ ही म्यूजियम ब्लॉक में वीवीआईपी ग्रीन रूम का भी निर्माण किया गया है। राष्ट्र नायकों को समर्पित म्यूजियम आने वाले समय में भी भावी पीढ़ियों में राष्ट्रवाद की भावना का संचार करेगा।

केंद्रीय राज्यमंत्री के तीखे तेवर, दिशा बैठक में अपनी पार्टी के जिला अध्यक्ष को सार्वजनिक रूप से हड़काया

पलवल केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने आज पलवल लघु सचिवालय में दिशा की मीटिंग ली और नगर परिषद में हुए घोटालों को लेकर अधिकारियों ने जमकर लताड़ लगाई और घोटालों की विजिलेंस जांच के लिए लिखा। इस दौरान स्थानीय भाजपा जिला अध्यक्ष के बीच में हस्तपक्षेप करने पर उनको भी जमकर हड़काया और कहा कि मीटिंग लेने में आया हूं तुम नहीं चुप बैठो। इस दौरान अन्य अधिकारी भी बगल झांकते नजर आए। केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर के ये तेवर यहां मौजूद लोगों के कैमरों में कैद हो गए। कृष्णपाल गुर्जर ने घोटालों की लिस्ट के साथ एक एक कर सभी घोटालों को लेकर सवाल जबाव किए इस दौरान अधिकारियों पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं बना तो केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर और ज्यादा हाइपर हो गए। इस दौरान उन्होंने अवैध रूप से निकाली गई राशि का ब्यौरा जिला नगर आयुक्त से सवाल किया तो कोई जवाब नहीं बन पाया, साथ ही उन्होंने कार्यरत कर्मचारी और भर्ती किए गए कुल कर्मचारियों के बीच के अंतर को लेकर भी जमकर लताड़ लगाई।   बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार में भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है और काफी लंबे समय से शिकायतें मिल रही थी जिसको लेकर अब विजिलेंस जांच के आदेश दिए है जो भी जांच में सामने आएगा उनपर कार्यवाही की जाएगी। आपको बतादें की नगर परिषद में लंबे समय से घोटालों के आरोप लग रहे थे हाल ही में कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री करन दलाल ने भी घोटालों के मुद्दे को प्रेस वार्ता के माध्यम से उठाया था जिनपर केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर के तीखे तेवरों ने मोहर लगा दी।  

एजुकेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव: अब स्कूलों को मिलेगी रैंकिंग, सरकारी और प्राइवेट स्कूल होंगे एक ही पैमाने पर

भिवानी हरियाणा में पहली बार स्कूलों को रैंकिंग देने की तैयारी है। इसके लिए प्रथम चरण में 14,000 सरकारी स्कूलों और दूसरे में प्राइवेट स्कूलों का मूल्यांकन होगा। रैंकिंग साबित करेगी कौन सा स्कूल कितना अच्छा है। इसका आधार निर्धारित 181 बिंदु होंगे। इस रैंकिंग को सार्वजनिक किया जाए‌गा। इसका   फायदा यह होगा कि अभिभावकों और बच्चों को पता चल सकेगा कि कौन सा स्कूल कितना अच्छा है। उसके आधार पर प्रवेश को लेकर अभिभावक निर्णय ले सकेंगे। स्कूलों में बेहतर करने की भावना भी जागृत होगी। स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए जरूरी सुविधाएं सुलभ कराई जाएंगी। यह योजना अगले शैक्षणिक सत्र एक अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी। प्रथम चरण में प्रदेश के लगभग 14,000 सरकारी स्कूलों का मूल्यांकन किया जाएगा। इनमें 22 लाख से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। दूसरा चरण में प्राइवेट स्कूलों का भी श्रेणीबद्ध मूल्यांकन किया जाएगा। एक्रीडेशन आफ हरियाणा) पोर्टल के माध्यम से पारदर्शिता से काम पर ध्यान दिया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया पोर्टल के माध्यम से आनलाइन सचालित होगी। स्कूल शिक्षा विभाग का उद्देश्य एक ऐसा पारदर्शी और निष्पक्ष सिस्टम बनाना है जिससे स्कूलों की कमियों का पता चल सके।  

एक्शन मोड में दिल्ली सरकार: नियम तोड़ने वाली 800 फैक्ट्रियों पर ताला, बिना PUCC ईंधन नहीं

नई दिल्ली  दिल्ली कैबिनेट की अहम बैठक में शहर में बढ़ते प्रदूषण को कम करने और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब पर्यावरण के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। बसों के संचालन में बदलाव पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि दिल्ली में पहले 50% बसें DIMTS (Delhi Integrated Multi-Modal Transit System) द्वारा संचालित होती थीं, जबकि बाकी 50% DTC (Delhi Transport Corporation) के नियंत्रण में थीं। अब यह जिम्मेदारी पूरी तरह से DTC के पास आ गई है। इसका उद्देश्य 'रूट रेशनलाइजेशन' यानी बसों के रूटों का बेहतर प्रबंधन करना और संचालन में सुधार लाना है। होलंबी कलां में हाईटेक ई-वेस्ट प्लांट दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक कचरे के प्रभावी प्रबंधन के लिए होलंबी कलां में एक विशाल ई-वेस्ट प्लांट लगाने का निर्णय लिया है। यह प्लांट 11.5 एकड़ में फैलेगा और 0% पानी की बर्बादी के सिद्धांत पर काम करेगा। इस पहल से राजधानी में इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट का बेहतर और पर्यावरण-मित्र तरीके से प्रबंधन संभव होगा। जल निकायों का कायाकल्प दिल्ली में मौजूद 1,000 से अधिक जल निकायों में से 160 जल निकाय सीधे दिल्ली सरकार के अधीन हैं। पर्यावरण मंत्री ने बताया कि इन जल निकायों के रिजुवेनेशन के लिए सरकार ने ₹100 करोड़ का बजट मंजूर किया है। सरकार ने यह आश्वासन भी दिया कि जल निकायों को नया जीवन देने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।   PUCC अनिवार्य, फैक्ट्रियों पर सख्ती GRAP (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) हटने के बाद भी अब दिल्ली में बिना वैध PUCC (Pollution Under Control Certificate) सर्टिफिकेट के पेट्रोल नहीं मिलेगा। 12 PUCC सेंटरों में जांच के दौरान धांधली पाई गई, जिन्हें तत्काल सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही, प्रदूषण फैलाने वाली 800 से अधिक इंडस्ट्रीज को बंद करने का आदेश दिया गया है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने 411 इंडस्ट्रीज को क्लोजर नोटिस जारी किया है, जबकि नगर निगम (MCD) ने 400 को सील कर दिया है। यह कदम दिल्ली में वायु और जल प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस बैठक के फैसलों से दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन, जल निकायों की सुरक्षा, इलेक्ट्रॉनिक कचरे का प्रबंधन और औद्योगिक प्रदूषण पर सख्ती सुनिश्चित होगी। सरकार ने यह संदेश भी स्पष्ट कर दिया है कि पर्यावरण और नागरिकों की सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।  

डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के सांस्कृतिक अभ्युदय के लिए प्रतिबद्ध है सरकार: राज्य मंत्री लोधी

संपूर्ण भारत और वैश्विक पटल पर मध्य प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थल के रूप में रेखांकित करना हमारी प्राथमिकता मध्यप्रदेश पर्यटन की असीम संभावनाओं वाला प्रदेश   पिछले साल 14 करोड़ से अधिक पर्यटकों का हुआ आगमन पर्यटन के उत्कृष्ट कार्यों के लिये विभाग को पिछले 2 वर्षों में 18 से अधिक पुरस्कारों और सम्मानों से किया गया सम्मानित प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा देश 900 करोड़ रूपये से अधिक की लागत से 20 सांस्कृतिक और धार्मिक लोकों का निर्माण   वैश्विक पटल पर 10 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों और भोपाल, इंदौर एवं महेश्वर को क्रिएटिव सिटी के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन का योगदान बढ़ाकर 10 प्रतिशत करना हमारा लक्ष्य भोपाल पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का सांस्कृतिक पुर्नजागरण हो रहा है। डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में हमारी सरकार प्रदेश के सांस्कृतिक अभ्युदय के लिए प्रतिबद्ध है। पर्यटन की दृष्टि से मध्यप्रदेश संपूर्ण भारत में एवं वैश्विक पटल पर सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थल के रूप में रेखांकित हो ऐसी हमारी प्राथमिकता है। आने वाले समय में निश्चित ही आपको पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में अनेक अद्वितीय कार्य देखने को मिलेंगे। भारत के कुल 69 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों में से 18 विरासत स्थल मध्यप्रदेश में हैं। विगत 2 वर्षों में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये 400 से अधिक होमस्टे का निर्माण कर प्रारंभ किये गये हैं। जिनसे ग्रामीण परिवारों को 7 करोड़ से अधिक का व्यवसाय प्राप्त हुआ है। सरकार का लक्ष्य 1000 हजार होम स्टे निर्माण करने का है। पर्यटन के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिये रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव और मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट जैसे बड़े आयोजन किये गये हैं। इन आयोजनों के माध्यम से लगभग 10 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुये हैं। राज्य मंत्री श्री लोधी मंगलवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में विकास और सेवा के 2 वर्ष पर केन्द्रित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर अपर प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड डॉ. अभय अरविंद बेडेकर, संचालक संस्कृति विभाग श्री एन. पी. नामदेव तथा विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे। राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि ओमकारेश्वर को अद्वैत लोक के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिसके प्रथम चरण में आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊँची प्रतिमा स्थापित की जा चुकी है तथा द्वितीय चरण में अद्वैत लोक के निर्माण हेतु रूपये 2424 करोड़ से अधिक राशि की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। पर्यटन के क्षेत्र में सरकार द्वारा जो विकास कार्य एवं नवाचार किये गये हैं, उसी का परिणाम है कि पिछले साल मध्यप्रदेश की धरती पर 14 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन हुआ है तथा प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जो देश में सर्वाधिक है। पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिये विभाग को पिछले 2 वर्षों में 18 से अधिक पुरस्कारों और सम्मानों से सम्मानित किया गया है। प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये हमारी सरकार द्वारा 900 करोड़ रूपये से अधिक की लागत से 20 सांस्कृतिक और धार्मिक लोकों का निर्माण किया जा रहा है, जो लगभग पूर्णता की ओर है। विगत 2 वर्षों में सरकार द्वारा भगवान श्री राम को समर्पित श्री रामचन्द्र वनगमन पथ की संकल्पना को मूर्त रूप प्रदान किया गया है, और युग अवतार भगवान श्री कृष्ण पर केंद्रित श्री कृष्ण पाथेय योजना की संकल्पना को स्वीकृति प्रदान की गई है। सरकार द्वारा प्रदेश के सभी जिलों का साहित्यिक गैजेटियर तैयार किये जा रहे हैं। विगत 2 वर्षों में 15 जिलों के साहित्यिक गैजेटियर तैयार किये जा चुके हैं। इसके साथ ही हमारी सरकार द्वारा उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, सागर, पन्ना, जबलपुर, महेश्वर जैसे अनेक स्थानों पर विशिष्टता को सम्मिलित करते हुये पूरे प्रदेश में संग्रहालयों की एक नवीन श्रृंखला का निर्माण किया जा रहा है। संस्कृति के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने 8 विश्व कीर्तिमान स्थापित किये हैं। विगत 2 वर्षों में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत लगभग 25 हजार तीर्थ यात्रियों को लाभान्वित किया गया है। इसके साथ हीं विगत 2 वर्षों में 132 शासन संधारित मंदिरों का जीर्णोद्धार भी हमारी सरकार द्वारा किया गया है। आने वाले समय में हमारा लक्ष्य प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन का योगदान बढ़ाकर 10 प्रतिशत करना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिये आने वाले समय में 500 नये होटलों के माध्यम से 20 हजार कक्षों और 500 मार्ग सुविधा केन्द्रों का निर्माण किया जाएगा। समावेशी विकास एवं सेफ टूरिज्म के लिए 50 हजार महिलाओं और बालिकाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। वैश्विक पटल पर 10 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों और भोपाल, इंदौर एवं महेश्वर को 'क्रिएटिव सिटी' के रूप में विकसित करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। दो वर्षों की उपलब्धियाँ मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना     मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 20 ट्रेनों का सफल संचालन कर 16 हजार तीर्थयात्रियों को लाभान्वित किया गया।     वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 08 ट्रेनों का सफल संचालन कर 6 हजार 400 तीर्थयात्रियों को लाभान्वित किया गया।     25 वायुयानों से 800 यात्रियों को लाभान्वित किया गया।     मंदिरों का जीर्णोद्धार     विगत दो वर्षों में शासन संधारित 132 मंदिरो के जीर्णोद्धार के कार्य स्वीकृत किये गये।     शासन संधारित मंदिरों के पुजारियों के लिये लगभग 32 करोड़ का अनुदान आबंटित किया गया है।     शासन संधारित देवालयों में पुजारियों के लिये उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किये गये।       पुजारियों के मानदेय में वृद्धि की गई।     शासन संधारित देवस्थानों का दस्तावेजीकरण     प्रदेश के सभी जिलों में स्थित शासन संधारित देवस्थानों का दस्तावेजीकरण किया गया। जिसका डिजिटलाइजेशन का कार्य प्रकियाधीन है। नवाचार     धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग एवं स्कूल ऑफ प्लानिंग एण्ड आर्किटेक्चर के बीच विरासत संरक्षण, रेट्रोफिंटिंग और स्मारकों के पुनर्वास, मंदिर परिसरों और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के दायरे में आने वाली सुविधाओं सहित परामर्श सेवाओं के सभी पहलुओं को शामिल कर समझौता एम.ओ.यू. … Read more

डिजिटल युग की चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस को तकनीकी रूप से सशक्त बना रही योगी सरकार

लखनऊ, डिजिटल लेनदेन और ऑनलाइन गतिविधियों के बढ़ते दायरे के साथ साइबर ठगी और हाईटेक अपराध के चलते आम नागरिकों की सुरक्षा और डिजिटल विश्वास को मजबूत करने के उद्देश्य से योगी सरकार साइबर अपराध के विरुद्ध सशक्त रणनीति के तहत लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में साइबर क्राइम प्रशिक्षण पोर्टल के माध्यम से अब तक 84,705 पुलिस कर्मियों को प्रमाणित प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है, जिससे पुलिस बल को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बनाया गया है। चरणबद्ध तरीके से साइबर अपराध नियंत्रण का ढांचा किया मजबूत विधानसभा में पूछे गए एक प्रश्न के लिखित जवाब में सरकार ने साइबर ठगी और हाईटेक अपराधों पर नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी। जवाब में बताया गया कि वर्ष 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश में केवल दो साइबर क्राइम थाने (लखनऊ और गौतमबुद्धनगर) ही कार्यरत थे। साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौती को देखते हुए योगी सरकार ने चरणबद्ध तरीके से साइबर अपराध नियंत्रण का ढांचा मजबूत किया। इसके तहत 06 फरवरी 2020 को 16 परिक्षेत्रीय साइबर क्राइम थानों तथा 14 दिसंबर 2023 को 57 जनपदीय साइबर क्राइम थानों की स्थापना की गई। साथ ही प्रदेश के सभी जनपदीय थानों में साइबर सेल का गठन कर प्रशिक्षित पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। वर्तमान में प्रदेश के सभी जनपदों में कुल 75 साइबर क्राइम थाने संचालित हो रहे हैं, जबकि प्रत्येक जनपदीय थाने में साइबर सेल भी सक्रिय है। सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम सरकार ने यह भी अवगत कराया कि साइबर अपराध से बचाव के लिए अब तक 65,966 सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। वहीं, साइबर अपराध की त्वरित शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 की क्षमता 20 सीटों से बढ़ाकर 50 सीट कर दी गई है, जो 24×7 क्रियाशील है। सरकार के अनुसार, प्रशिक्षित पुलिस बल, मजबूत साइबर ढांचा और व्यापक जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से प्रदेश में साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में लगातार प्रगति हो रही है।

प्रदेश के 65 हजार से अधि​क मतदान केंद्रों पर हुआ प्रारुप मतदाता सूची का प्रकाशन

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को प्रारूप प्रकाशन के संबंध में दी जानकारी भोपाल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा ने मंगलवार को निर्वाचन सदन, भोपाल में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन की जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री झा ने राजनीतिक दलों को प्रारूप सूची की सीडी भी प्रदान की. बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राम प्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजय कुमार श्रीवास्तव, श्रीमती सुरभि तिवारी, श्री राजेश यादव सहित भाजपा के श्री भगवान दास सबनानी, कांग्रेस के श्री जे.पी. धनोपिया एवं श्री ललित सेन और आप पार्टी के श्री सी.पी. सिंह चौहान उपस्थित रहे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री झा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) का कार्य 4 नवंबर से शुरू हुआ था.इस अवधि में बीएलओ द्वारा घर घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया गया. गणना पत्रक भरे गए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने बताया कि राज्य में इस कार्य में मतदाताओं की अभूतपूर्व भागीदारी देखने को मिली। उन्होंने बताया कि 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक दावा आपत्ति की प्रक्रिया चलेगी. इस अवधि में वास्तविक मतदाता अपना नाम जुड़वा सकते हैं या आपत्तियाँ दर्ज करा सकते हैं। युवा मतदाता जुडवा सकते हैं नाम मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री झा ने बताया कि जो युवा मतदाता 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, वे ऑफलाइन या ऑनलाइन अपना नाम जुडवा सकते हैं। भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट Voters.eci.gov.in पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म-6 भरना होगा. इसके साथ ही ऑफलाइन के लिए बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं।  

एक भी सवाल का जवाब नहीं दे पाई बीजेपी, विधानसभा में भूपेंद्र सिंह हुड्डा का आरोप

चंडीगढ़ पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि विधानसभा के हालिया सत्र के दौरान भाजपा सरकार का रवैया पूरी तरह से जन-विरोधी और जनहित के मुद्दों से भागने वाला रहा। पूरे सत्र में सरकार ने विपक्ष के सवालों, प्रस्तावों और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं दिया। कांग्रेस ने चंडीगढ़ के स्टेटस, अरावली में खनन, किसानों की समस्याएं, बेरोजगार युवाओं, भर्ती घोटालों, एमएसपी, धान घोटाला, मनरेगा, भ्रष्टाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य, खिलाड़ियों की मौतें, एसवाईएल जल विवाद और भाजपा नेताओं की हेट स्पीच जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए विभिन्न प्रस्ताव दिए थे। लेकिन विधानसभा के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि कांग्रेस का एक भी स्थगन प्रस्ताव, कार्य स्थगन प्रस्ताव या अल्पकालिक चर्चा का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि वोट चोरी जैसे गंभीर खुलासे के बाद बीजेपी के भीतर छटपटाहट साफ नजर आ रही है। इसीलिए विधानसभा में जानबूझकर इस मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए बीजेपी चुनाव सुधार पर चर्चा का प्रस्ताव लेकर आई। जबकि यह विधानसभा के अधिकार क्षेत्र में ही नहीं आता। इसीलिए कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट किया। कांग्रेस वोट चोरी पर चर्चा के लिए अगले सत्र में विशेष प्रस्ताव लेकर आएगी। हुड्डा अपने आवास पर पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान हमने खेलों और खिलाड़ियों पर विशेष ध्यान दिया। हमारी स्पोर्ट्स पॉलिसी की वजह से हरियाणा का नाम पूरे देश में चमका था, लेकिन मौजूदा सरकार ने उसे बर्बाद कर दिया। कांग्रेस ने 300 से अधिक स्टेडियम बनाए थे, लेकिन अब उनकी दुर्दशा हो रही है। प्रदेश के दो होनहार युवा खिलाड़ी हार्दिक और अमन की असमय मौत हुई, जो कि सरकारी लापरवाही का नतीजा थी। हम इस पर चर्चा के लिए प्रस्ताव लाए, लेकिन सरकार जवाब देना तक उचित नहीं समझा। अरावली के लिए कांग्रेस ने अल्पकालिक चर्चा का प्रस्ताव दिया, लेकिन इससे भी सरकार भाग गई। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में साफ है कि अरावली का विनाश हरियाणा पर सबसे ज्यादा प्रभाव डालेगा। इससे प्रदूषण फैलेगा और हरियाणा के 'फेफड़ों' की तरह काम करने वाली यह पहाड़ियां नष्ट हो जाएंगी। इसपर हरियाणा सरकार का स्टैंड क्या है? सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने इसे क्यों नहीं बचाया और अब रिव्यू पिटीशन क्यों नहीं दाखिल कर रही? सरकार ने इसका भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसी तरह, कांग्रेस के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव जलभराव, बढ़ते प्रदूषण, धान घोटाला और मनरेगा पर थे। मनरेगा की स्थिति इतनी खराब है कि 8 लाख लोग पंजीकृत हैं, लेकिन कुल 100 दिनों का रोजगार सिर्फ 2,100 लोगों को ही मिला। पिछले 5 सालों का रिकॉर्ड देखें तो मनरेगा नियम के तहत मजदूरों को जो मुआवजा देना होता है, लेकिन एक भी व्यक्ति को मुआवजा नहीं दिया गया। नशे से होने वाली मौतें हरियाणा में पंजाब से भी ज्यादा हैं। भ्रष्टाचार चरम पर है। शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दों पर हमारे सभी साथियों ने पूरी तैयारी की थी, लेकिन चर्चा ही नहीं हुई। भाजपा मंत्रियों और विधायकों की हेट स्पीच पर भी कोई जवाब नहीं आया। कांग्रेस ने सरकार को चंडीगढ़ का स्टेटस स्पष्ट करने को कहा। क्योंकि रोज अखबारों में पढ़ने को मिलता है कि चंडीगढ़ का स्टेटस बदल रहा है। कांग्रेस ने मांग करी कि स्पष्ट करो – चंडीगढ़ हरियाणा की राजधानी है या नहीं? पिछले स्पीकर ने कहा था कि हमने फैसला कर लिया है, अलग जमीन लेकर विधानसभा बनाई जाएगी। लेकिन अब खबर आई है कि गृह मंत्रालय ने इससे इंकार कर दिया है। अगर चंडीगढ़ हरियाणा की राजधानी है, तो हमारी जमीन लेने से कौन रोक सकता है? हुड्डा ने कहा किएसवाईएल के मामले में भी हरियाणा सरकार का स्टैंड स्पष्ट होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट का आदेश 2002 में आया था, जो फाइनल हो चुका है। पंजाब ने एग्रीमेंट टर्मिनेट किया, तो 2004 में हमने (जब मैं सांसद था) राष्ट्रपति रेफरेंस करवाया। 2016 में फैसला आया। उसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सर्वदलीय बैठक बुलाई, जिसमें मैं भी था। बैठक में फैसला हुआ कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने पीएम से मिलवाने जिम्मेवारी ली थी, लेकिन आज तक प्रधानमंत्री से मुलाकात नहीं हुई। सरकार ने सदन में वंदे मातरम पर चर्चा की। हमने पूछा कि इसका मकसद क्या है? वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत है, जिसे संविधान सभा ने 1950 में अपनाया। क्या आप इसे बदल सकते हैं? इसी तरह, इलेक्टोरल रिफॉर्म्स का मुद्दा उठाया, जो हरियाणा विधानसभा के डोमेन में ही नहीं है। संसद, विधानसभा, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव इलेक्शन कमीशन की संवैधानिक बॉडी के अधीन हैं, यहां इसपर चर्चा हो ही नहीं सकती। यह सब बीजेपी अपनी विफलताएं छिपाने के लिए कर रही है। क्योंकि वो हरियाणा के हितों की रक्षा नहीं कर पा रही और अब कह रही हैं कि एसआईआर पर चर्चा को तैयार हैं। हमने कभी एसआईआर का विरोध नहीं किया, लेकिन हम रिफॉर्म चाहते हैं। जैसे कि चुनाव बैलेट पेपर पर हों या वीवीपैट की पर्ची वोटर को दी जाए, ताकि पता चले वोट कहां गई। ईवीएम से वीवीपैट तक रिफॉर्म होने चाहिए। हुड्डा ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर टिप्पणी की। उन्होंने बताया कि नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक फिस्कल हेल्थ इंडेक्स में हरियाणा 18 राज्यों में 14वें नंबर पर है। स्टेट वाइज डेब्ट इंडेक्स में 18 में से 15वें स्थान पर। ब्याज भुगतान राजस्व प्राप्तियों का 23% है। कैपिटल एक्सपेंडिचर 2018-19 में 16.4% से घटकर 2022-23 में 9.7% रह गया। 

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत मिला ऋण, 3000 के लक्ष्य की ओर बढ़ा उद्योग विभाग

कानपुर,  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का 'जॉब क्रिएटर' बनाने का मिशन अब कानपुर में हकीकत बनकर दिखने लगा है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना ने जिले के युवाओं की सोच को एक नई उड़ान दी है, जिससे कानपुर नगर अब उद्यम का नया केंद्र बनकर उभर रहा है। जिले में अब तक 1879 युवाओं को उनके नए स्टार्टअप और बिजनेस को विस्तार देने के लिए ऋण वितरित किया जा चुका है। 3000 का लक्ष्य जल्द होगा प्राप्त कानपुर के लिए शासन द्वारा 3000 लाभार्थियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उपायुक्त उद्योग, अंजनीश प्रताप सिंह के अनुसार, इस लक्ष्य को पाने के लिए विभाग और बैंक मिलकर काम कर रहे हैं। वर्तमान में 1879 लाभार्थियों को सीधे आर्थिक स्वावलंबन से जोड़ा गया है, जिससे न केवल जिले की बेरोजगारी कम हो रही है बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। स्वरोजगार से संवर रही तकदीर योजना का लाभ लेकर शहर के युवा अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहे हैं। इन्ही में से एक हैं अनुभव शुक्ला, जिन्होंने मशरूम उत्पादन जैसे आधुनिक कृषि क्षेत्र को अपना करियर चुना। विभाग ने उनकी मार्जिन मनी भी जारी कर दी है। वहीं, नारी शक्ति का उदाहरण पेश करते हुए प्रभनूर कौर ने बेकरी मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में कदम रखा है। आयुषी चतुर्वेदी ने भी ब्यूटी पार्लर खोलकर स्वरोजगार की राह चुनी है। शहर के खान-पान के शौक को व्यापार बनाने में अनुपम शुक्ला और मोहम्मद अशफाक भी पीछे नहीं हैं। अनुपम ने फास्ट फूड सेवा की शुरुआत की है, तो वहीं मोहम्मद अशफाक ने अपना खुद का फूड रेस्टोरेंट शुरू कर दिया है। उपायुक्त उद्योग ने विश्वास जताया कि यह योजना जल्द ही कानपुर के एमएसएमई (MSME) क्षेत्र को एक नई और मजबूत पहचान दिलाएगी।