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डिप्टी सीएम शर्मा का कांग्रेस पर तंज: 100 से 125 दिन रोजगार देने की योजना, फिर कांग्रेस को आपत्ति किस बात की?

रायपुर  मनरेगा का नाम बदलने को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन पर उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि गांव वालों को 100 से 125 दिन रोजगार मिलेंगे तो कांग्रेस को बुरा क्यों लग रहा है। गांव में अच्छा परिवर्तन आया है, वह लोग तैयार हैं। तो कांग्रेस को क्या दिक्कत है। भाजपा गांधी जी की मान्यताओं के ज्यादा करीब है। ऐसी राजनीति करने से कुछ नहीं होता, जनता के बीच जाना पड़ता है। कल फिर कांग्रेस हार जाएगी तो EVM का रोना रोएगी। पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों से मुलाकात पर बयान पुलिस भर्ती के अभ्यर्थियों से मुलाकात को लेकर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि प्रक्रियागत जो परिवर्तन हैं, वह करने चाहिए। मुख्यमंत्री से आग्रह कर इसकी वेटिंग लिस्ट बढ़ा दी जाएगी। जो भी उनकी समस्या थी, रविवार को उसे सुना गया। केरल में युवक की मौत पर प्रतिक्रिया शक्ति जिले के युवक की केरल में मौत को लेकर नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत के पत्र पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जो मांग की जा रही है, वह ठीक है, लेकिन यह प्रक्रिया पहले से ही जारी है। इस घटना से नेता प्रतिपक्ष को सीख लेनी चाहिए और समझना चाहिए कि घुसपैठियों के प्रति लोगों में कितना आक्रोश है। राज्य में पहली बार ड्रोन के जरिए होगी पेट्रोलिंग छत्तीसगढ़ में पहली बार ड्रोन से पेट्रोलिंग होगी। गृहमंत्री विजय शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि पुलिस को पेट्रोलिंग सख्त करने की जरूरत है। अब हम ड्रोन पेट्रोलिंग की ओर आगे बढ़ रहे हैं। नशे से जुड़े वायरल वीडियो पर कार्रवाई की कही बात इसके साथ ही रायपुर में नशे से जुड़े वायरल वीडियो पर गृहमंत्री शर्मा ने कहा कि नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पिछले दो महीनों में तेज हुई है। पुलिस एंड-टू-एंड इन्वेस्टिगेशन कर रही है। नशे के वायरल वीडियो को चिन्हांकित कर रहे हैं। कार्रवाई कर दोषियों तक जल्द पहुंचेंगे।

देश में पहली बार! राजस्थान की ‘मां योजना’ से अब दूसरे राज्यों में भी फ्री कैशलेस इलाज

जयपुर राजस्थान के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA योजना) के तहत आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी की शुरुआत की है। इसके साथ ही राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है, जहां के पात्र लाभार्थी अब दूसरे राज्यों में भी कैशलेस इलाज करा सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए राज्य से बाहर जाने वाले मरीजों को आर्थिक राहत देना है। पहले ऐसे मामलों में मरीजों को इलाज का पूरा खर्च स्वयं उठाना पड़ता था, लेकिन अब यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी। आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी से अस्पतालों में पहचान, इलाज और भुगतान की प्रक्रिया आसान होगी। नई व्यवस्था के तहत राजस्थान के निवासी तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर देश के लगभग सभी राज्यों में सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज करा सकेंगे। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। हालांकि, आरजीएचएस और सीजीएचएस योजना से जुड़े लोग इस योजना के दायरे में शामिल नहीं होंगे, यानी सरकारी कर्मचारियों को इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। देशभर में 31 हजार से अधिक अस्पतालों में इलाज संभव आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी लागू होने के बाद देशभर के 31 हजार से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में राजस्थान के लाभार्थियों को इलाज की सुविधा मिलेगी। योजना के अंतर्गत 1900 से अधिक उपचार पैकेज शामिल किए गए हैं, जिनमें हृदय रोग, कैंसर, न्यूरोलॉजी, किडनी समेत अन्य गंभीर बीमारियों का इलाज कैशलेस उपलब्ध होगा। योजना की मुख्य विशेषताएं -अन्य राज्यों में कैशलेस इलाज की सुविधा -25 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार -प्रति परिवार 850 रुपये का वार्षिक प्रीमियम इन वर्गों को प्रीमियम सरकार जमा करवाएगी मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत सामान्य परिवारों को 850 रुपये का अंशदान जमा करना होता है, लेकिन कुछ श्रेणियों को इससे छूट दी गई है। इनमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आने वाले परिवार, सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना 2011 के चयनित परिवार, संविदा कर्मी, लघु एवं सीमांत किसान, कोविड अनुदान प्राप्त परिवार, ईडब्ल्यूएस वर्ग तथा 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं।

झारखंड में शीतलहर और घना कोहरा, कई जिलों में IMD का येलो अलर्ट जारी

रांची भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने झारखंड के कुछ हिस्सों में ठंड और घने कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया है। राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। इन जिलों में अलर्ट जारी आईएमडी के अनुसार, गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार और लोहरदगा जिलों के लिए ठंड को लेकर ‘येलो अलर्ट' जारी किया गया है। वहीं, गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, रांची, रामगढ़, बोकारो, धनबाद और खूंटी सहित कुल 15 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। छह जिलों में शीतलहर की संभावना आईएमडी ने एक बुलेटिन में बताया कि राज्य के छह जिलों में शीतलहर जैसी स्थिति भी दर्ज की गई है, जहां न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। इन जिलों में गुमला, हजारीबाग, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा और रांची शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण नमी वाली हवा ठंडी सतह से टकरा रही है, जिससे जलवाष्प की महीन बूंदें कुहासे में बदल रही हैं। धूलकण और प्रदूषण के कण इसमें शामिल होकर द्दश्यता और कम कर रहे हैं, जिसके कारण दिन में भी ठंड और कनकनी महसूस हो रही है।

पीएम मोदी–अमित शाह के साथ नीतीश कुमार की बैठक, दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मियां तेज

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह, एक महीने पहले  मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार का राष्ट्रीय राजधानी का पहला दौरा है। इस दौरान राज्य के विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। वहीं उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी साथ में मौजूद रहे। सम्राट चौधरी ने इस संबंधी सोशल मीडिया पर पोस्ट भी शेयर की। सम्राट चौधरी ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि बिहार में NDA को मिले भारी जनादेश के बाद आज दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  से बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात हुई। पीएम मोदी के निर्देशन और नेतृत्व में देश और बिहार लगातार आगे बढ़ रहा है। इस दौरान विकसित बिहार के लक्ष्यों पर बहुमूल्य मार्गदर्शन भी मिला। डबल इंजन सरकार डबल स्पीड से कर रही काम सम्राट चौधरी ने अमित शाह से हुई मुलाकात को लेकर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि आज नई दिल्ली में NDA की बड़ी जीत के बाद, देश के यशस्वी गृह और सहकारिता मंत्री माननीय अमित शाह और बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिला। डबल इंजन सरकार "विकसित बिहार" के लिए डबल स्पीड से काम कर रही है। बता दें सीएम नीतीश कुमार रविवार को दो दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे थे। बैठक में मकर संक्रांति के बाद संभावित राज्य मंत्रिमंडल विस्तार के मुद्दे पर चर्चा होने की उम्मीद है।

हरियाणा प्रशासन ने हांसी को नया जिला बनाया, अब राज्य में कुल 23 जिले होंगे

हांसी  हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने हांसी को आधिकारिक तौर पर नया जिला घोषित कर दिया है. हांसी अब हरियाणा का 23वां जिला है, जिसके लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है. हांसी को हिसार से काटकर बनाया गया है.  बता दें, हिसार एक ऐसा जिला है, जिससे अब तक चार जिले बनाए जा चुके हैं. भिवानी, सिरसा फतेहाबाद और अब हांसी. इसके अलावा, भिवानी से काटकर चरखी दादरी को भी नया जिला बनाया गया है, तो काफी पहले हिसार का ही हिस्सा रहा है.  हांसी में दो उप मंडल, 3 तहसीलें और 3 ब्लॉक नए जिले में दो उपमंडल हैं, जिन्हें हिसार जिले से अलग किया गया है. इसके अलावा, हांसी जिले में तीन तहसीलें हैं- हांसी, नारनौंद और बास. वहीं, एक उप तहसील खेड़ी जालब को भी शामिल किया गया है. नए जिले हांसी में तीन ब्लॉक हांसी-1, हांसी-2 और नारनौंद भी होंगे.   हिसार की सीमाएं कम हो जाएंगी आज से हिसार की सीमाएं कम हो जाएंगी। वर्तमान में हिसार जिले में 6 तहसील और 3 उप-तहसील हैं। तहसील हिसार, हांसी, नारनौंद, बरवाला, बास और आदमपुर, बालसमंद, उकलाना और खेरी जालब उप-तहसील हैं। हांसी जिला बनने से 3 तहसील अलग हो जाएगी अब बास, नारनौंद, हांसी अलग जिले में गिनी जाएगी। हिसार में हिसार और बरवाला उपमंडल रह जाएगा। इसके अलावा हांसी में नारनौंद और हांसी दो उपमंडल गिने जाएंगे। हांसी में DC बैठेंगे, नई योजनाएं आएंगी हांसी के जिला बनने के बाद कई चीजें बदल जाएंगी। हांसी के लोगों को अब प्रशासनिक कामों और DC से मिलने के लिए हिसार नहीं आना होगा। हांसी में ही DC बैठेंगे। इसके साथ ही मुकदमों की पैरवी के लिए हिसार जिला कोर्ट भी नहीं आना पड़ेगा। हांसी में जिला एवं सत्र न्यायालय का गठन होगा। जिला न्यायाधीश भी बैठेंगे। इसके अलावा हांसी के जिला बनने से इलाके का विकास तेजी से हो सकेगा। सरकार जिले के विकास के लिए नई योजनाएं लाएगी, जिससे लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और जीवन स्तर में सुधार होगा। हरियाणा बनने के बाद यूं बंटता गया हिसार…     पहला बड़ा बंटवारा 1972: 1 नवंबर 1966 को पंजाब का पुनर्गठन हुआ और हरियाणा नया स्टेट बना। उस समय हिसार, एरिया वाइज हरियाणा का बड़ा जिला था और आज के कई जिले- जैसे भिवानी, सिरसा, फतेहाबाद व चरखी-दादरी, उसी का पार्ट थे। हिसार का पहला विभाजन 22 दिसंबर 1972 को हुआ, जब भिवानी को अलग जिला बनाया गया।     दूसरा विभाजन वर्ष 1975: हिसार का दूसरा बंटवारा 1 सितंबर 1975 को हुआ जब सिरसा को नया जिला बनाया गया। हालांकि, व्यावहारिक रूप से सिरसा जिला 1979 में अस्तित्व में आया।     तीसरा विभाजन 1997: हिसार का तीसरा बंटवारा 15 जुलाई 1997 को हुआ, जब फतेहाबाद को जिला बनाया गया। फतेहाबाद उस समय तक हिसार जिले की एक तहसील होती थी। 22 जनवरी 2016 को किसी समय हिसार का हिस्सा रहे भिवानी जिले को तोड़कर चरखी-दादरी को जिला बनाया गया। चरखी-दादरी ऐतिहासिक रूप से पुराने हिसार मंडल का हिस्सा रहा।     अब चौथी बार हिसार का बंटवारा: सीएम नायब सैनी ने 16 दिसंबर 2025 को हांसी को अलग जिला बनाने का ऐलान किया। जिसका 22 दिसंबर को नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। हांसी की दूरी हिसार से 25 किलोमीटर संभवतः हांसी पहला ऐसा जिला है जिसकी दूसरे जिले से दूरी महज 25 किमी है। दूरी के मामले में चरखी दादरी दूसरे स्थान पर है, जिसकी भिवानी से दूरी करीब 27 किमी है। इसी तरह, हांसी तीसरा ऐसा जिला है जहां केवल दो विधानसभा सीटें होंगी, जिनमें हांसी और नारनौंद शामिल हैं। चरखी दादरी में भी दादरी और बाढ़डा विधानसभाएं हैं। वहीं पंचकूला में पंचकूला और कालका विधानसभाएं आती हैं। अब तक हिसार विधानसभा सीटों के मामले में पहले नंबर पर था, जहां 7 विधानसभा सीटें थीं। विभाजन के बाद हिसार में 5 सीटें रह गई हैं,, जिनमें आदमपुर, उकलाना, बरवाला, हिसार और नलवा शामिल हैं। हांसी और नारनौंद के 110 गांव शामिल हांसी और नारनौंद विधानसभा क्षेत्रों में आने वाले 110 गांव, जो अब हांसी में शामिल हो गए हैं, उनके नाम कुछ इस प्रकार हैं-  हांसी शहर, अनीपुरा, बडाला, बांडा हेडी, बाडा जग्गा, बड़छपर, बास आजमशाहपुर, बास अकबरपुर, बास बादशाहपुर, बास ख़ुर्द बिजान, भकलाना, भैणी अमीरपुर, भाटला, भाटोल जाटान, भाटोल रागडान, बीड हांसी, बुडाना, चानोत, डाटा, दयाल सिंह कॉलोनी, दैपल, धामियां, ढाणा खुर्द, ढाणा कलां, ढंढेरी, ढाणी ब्राह्मणान माजरा राजपुरा, ढाणी गुजरान, ढाणी केंदु, ढाणी कुम्हारान, ढाणी कुन्दनपुर, ढाणी पाल, ढाणी पीरान, खेड़ा रागडान, खेड़ी गगन, खेड़ी जालब, खेड़ी लोचब, खेड़ी रोज और खेड़ी श्योराण, किन्नर, कोथ कलां, कोथ खुर्द, कुलाना, कुम्भा, कुतुबपुर, लालपुरा, लोहारी राघो, मदन हेडी, माढा, मैहंदा, महजद, माजरा, मामनपुरा, मसूदपुर, मिलकपुर, मिर्चपुर, मोहला, मोठ करनैल साहब, मोठ रांगडान, मुजादपुर, नाडा, नारनौंद, नारनौंद औंगशाहपुर, पाली, पेटवाड़, प्रेमनगर, ढाणी पीरावाली, ढाणी पुरिया, ढाणी राजू, ढाणी सकरी, ढाणी ठाकरिया, धर्म खेड़ी, गढ़ी, गढ़ी अजिमा, गामड़ा, घिराय, गुराना, हैबतपुर, हाजमपुर, जमावड़ी, जामनी खेड़ी, जीतपुरा, कांगसर, कंवारी, कापड़ो, खाण्डा खेड़ी, खानपुर, खरबला, खरकड़ा, पुट्ठी मंगलखां, पुट्ठी समैण, राजपुरा, राजथल, राखी खास, राखी शाहपुर, रामायण, रामपुरा, रोशन खेड़ा माजरा खरबला, सैनीपुरा, शेखपुरा, सिंधर, सिंघवा खास, सिंघवा राघो, सीसर, सिसाय बोला, सिसाय कालीरावण, सोरखी, सुलचानी, सुल्तानपुर, थुराना, उगालन, उमरा 5 लाख के करीब होगी हांसी की जनसंख्या प्रस्तावित जिला हांसी का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 1 लाख 34 हजार 976 हेक्टेयर है. इसकी अनुमानित जनसंख्या लगभग 5 लाख 40 हजार 994 होगी. गौरतलब है कि नागरिक-केंद्रित सेवाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, अंतर-विभागीय समन्वय में सुधार तथा हांसी क्षेत्र के लोगों को सरकारी सेवाओं की प्रभावी और समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हिसार के उपायुक्त द्वारा यह प्रस्ताव हिसार मंडल आयुक्त के माध्यम से राज्य सरकार को भेजा गया था.

भोपाल में अयोध्या बायपास चौड़ीकरण परियोजना: NHAI ने जताई जन-सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की प्रतिबद्धता

भोपाल भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को सुरक्षित, सुगम एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में निरंतर कार्यरत है। NHAI का उद्देश्य केवल सड़क निर्माण तक सीमित न होकर आम नागरिकों को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं निर्बाध आवागमन उपलब्ध कराना है, जिससे जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो तथा आर्थिक एवं सामाजिक विकास को गति मिले। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल शहरी विस्तार, नए आवासीय क्षेत्रों के विकास तथा यातायात गतिविधियों में निरंतर वृद्धि के साथ एक प्रमुख शहरी केंद्र के रूप में विकसित हो रही है। इस परिप्रेक्ष्य में शहर की प्रमुख सड़कों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सुदृढ़, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। इसी दिशा में अयोध्या बायपास चौड़ीकरण परियोजना एक महत्वपूर्ण एवं आवश्यक पहल है। वर्तमान में अयोध्या बायपास की यातायात वहन क्षमता लगभग 40,000 वाहनों प्रतिदिन है, जबकि इस मार्ग पर वर्तमान में ही लगभग 45,000 वाहन प्रतिदिन आवागमन कर रहे हैं। आसपास विकसित हो रही आवासीय कॉलोनियों से यातायात सीधे मुख्य मार्ग पर आने के कारण इस खंड पर यातायात दबाव बढ़ता जा रहा है तथा दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इस मार्ग पर वर्तमान में तीन ब्लैक स्पॉट्स चिन्हित किए गए हैं। यह परियोजना आम नागरिकों के लिए क्यों आवश्यक है ? * अयोध्या बायपास पर चिन्हित तीन प्रमुख ब्लैक स्पॉट्स का सुधार एवं निराकरण किया जा रहा है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी एवं जन-सुरक्षा सुनिश्चित होगी। * सड़क के दोनों ओर सर्विस रोड का निर्माण किया जा रहा है, जिससे कॉलोनियों से आने-जाने वाले स्थानीय वाहनों को पृथक मार्ग उपलब्ध होगा और मुख्य कैरिज-वे पर यातायात दबाव कम होगा। * पूरे बायपास को छह लेन में विकसित किया जा रहा है। इसका डिज़ाइन इस प्रकार तैयार किया गया है कि यह वर्ष 2050 तक के अनुमानित यातायात दबाव को सुचारु रूप से संभाल सके। * बेहतर एवं चौड़ी सड़क उपलब्ध होने से यात्रा समय में कमी, ईंधन की बचत तथा प्रदूषण में कमी आएगी। * उन्नत लेआउट एवं सुरक्षित डिज़ाइन से वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम होगी तथा दुर्घटनाओं की संभावना में कमी आएगी।  पर्यावरण संरक्षण के प्रति NHAI की संवेदनशीलता एवं ठोस पहल  NHAI का यह प्रयास केवल अधोसंरचना विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि विकास एवं पर्यावरण संतुलन को समान प्राथमिकता देने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्राधिकरण प्रारंभ से ही ग्रीन हाईवे की अवधारणा में विश्वास रखता है। परियोजना के अंतर्गत जिन वृक्षों की कटाई प्रस्तावित है, उनमें से लगभग 5,000 वृक्ष टिम्बर श्रेणी के हैं। वृक्ष कटाई के विकल्पों एवं प्रतिपूरक उपायों के संबंध में केंद्रीय अधिकार समिति (CEC) को NHAI द्वारा विभिन्न विकल्प प्रस्तुत किए गए हैं।  प्रतिपूरक,विकल्प एवं अतिरिक्त पौधारोपण के प्रमुख बिंदु :  * वृक्ष कटाई के प्रतिपूरक उपाय के रूप में कुल 81,000 पौधों का रोपण किया जाएगा। * ये पौधे भोपाल शहर एवं इसके आसपास विभिन्न चिन्हित स्थानों पर लगाए जाएंगे। * अयोध्या बायपास चौड़ीकरण परियोजना के साथ-साथ 10,000 पौधे अयोध्या बायपास के दोनों ओर लगाए जाएंगे। इसके अंतर्गत एवेन्यू प्लांटेशन का पुनः सघनीकरण (Re-densification) किया जाएगा, जिसमें छायादार, फलदार एवं शेड-बेयरिंग प्रजातियों के वृक्ष दोनों ओर रोपे जाएंगे। * इन सभी पौधों की 15 वर्षों तक देखरेख, संरक्षण एवं अनुरक्षण की पूर्ण जिम्मेदारी NHAI द्वारा वहन की जाएगी, जिस पर लगभग ₹20 करोड़ का अनुमानित व्यय प्रस्तावित है। इस संबंध में केंद्रीय अधिकार समिति को पूर्व में अवगत कराया जा चुका है। * इसके अतिरिक्त, नगर निगम के सहयोग से 10,000 अतिरिक्त पौधों का रोपण किया जाएगा। नगर निगम द्वारा NHAI को विभिन्न पार्क, रिक्त भूमि एवं सड़क किनारे की उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराई गई है, जहां स्थानीय, छायादार एवं उपयोगी प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे।  झिरनिया एवं जागरियापुर क्षेत्र में वृहद पौधारोपण :  * पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल के तहत, भोपाल जिला प्रशासन द्वारा झिरनिया एवं जागरियापुर क्षेत्र में भूमि उपलब्ध कराई गई है। * यह भूमि राजस्व वन (Revenue Forest) की है, जो वर्तमान में रिक्त अवस्था में है। * यहां 61,000 से अधिक पौधों का रोपण किया जाएगा तथा इस क्षेत्र को विकसित वन क्षेत्र (Developed Forest Area) के रूप में विकसित किया जाएगा। * इस संबंध में भी केंद्रीय अधिकार समिति को जानकारी प्रदान की जा चुकी है। समिति के निर्देशानुसार जून 2026 तक सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली जाएंगी, ताकि अगले मानसून  के दौरान पौधारोपण कार्य समयबद्ध रूप से किया जा सके। NHAI यह भी स्पष्ट करता है कि वृक्षों की कटाई को न्यूनतम रखने के उद्देश्य से परियोजना के डिज़ाइन में आवश्यक संशोधन किए गए हैं, जिससे पहले की तुलना में कम वृक्षों की कटाई की जा रही है। यह सीमित कटाई यातायात एवं सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक है।  पूर्व में किए गए पौधारोपण कार्य  यह उल्लेखनीय है कि NHAI निरंतर पौधारोपण करता रहा है और इसे अपनी सामाजिक एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारी मानता है। पिछले मानसून सत्र में भोपाल के समीप झिरनिया ग्राम के पास सोनकच्छ टोल प्लाज़ा क्षेत्र में लगभग 50,000 पौधे मियावाकी तकनीक से लगाए गए, जो वर्तमान में 10–12 फीट तक विकसित हो चुके हैं। यह पौधारोपण कम्पेन्सेटरी अफॉरेस्टेशन का भाग नहीं, बल्कि ग्रीन हाईवे पहल के अंतर्गत NHAI की नियमित जिम्मेदारी के तहत किया गया था। यह तथ्य इस बात का प्रमाण है कि NHAI पर्यावरण संरक्षण को केवल नीतिगत स्तर पर नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर भी प्रभावी रूप से लागू करता है। NHAI यह स्पष्ट करता है कि किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना की योजना बनाते समय हरित आवरण का विकास प्राधिकरण की प्राथमिकता होती है। परियोजना के क्रियान्वयन से पूर्व एवं उसके साथ-साथ अफॉरेस्टेशन, पौधारोपण एवं हरियाली विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। NHAI का मानना है कि सड़क विकास के साथ-साथ ग्रीन हाईवे का निर्माण भी उतना ही आवश्यक है, ताकि पर्यावरण संतुलन बना रहे। NHAI आम नागरिकों को आश्वस्त करता है कि अयोध्या बायपास चौड़ीकरण परियोजना को पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जिम्मेदारी के साथ क्रियान्वित किया जा रहा है, जिससे जन-सुरक्षा सुनिश्चित हो, यात्रा सुगम बने, समय की बचत हो और पर्यावरण संरक्षित रहे।

नितिन नवीन बने भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, सीएम मोहन यादव ने किया स्वागत और बधाई

भोपाल  मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव नई दिल्ली में भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की है। साथ ही सीएम ने उन्हें यशस्वी कार्यकाल के लिए बधाई भी दी है। नितिन नवीन के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद सीएम मोहन यादव की यह पहली मुलाकात है। इस मुलाकात को लेकर सीएम ने एक्स पर तस्वीर साझा करते हुए जानकारी दी है। मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी में यह एक नए दौर की शुरुआत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सभी वरिष्ठ नेताओं ने नई पीढ़ी को अवसर दिया है। भारत युवाओं का देश है और विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का अध्यक्ष यदि युवा बनता है, तो इससे बड़ा सौभाग्य और क्या हो सकता है? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति कर रहा है और उसी दिशा में मध्यप्रदेश भी सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करते हुए आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने अपने दो वर्ष पूरे कर लिए हैं और इस दौरान सरकार का निरंतर प्रयास रहा है कि गरीबों, महिलाओं, युवाओं और किसानों के जीवन स्तर में सुधार लाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार समावेशी विकास के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। वहीं, केंद्रीय विधि एवं न्याय और संसदीय कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल से भी सीएम डॉ. मोहन यादव ने मुलाकात की है।  

नया हवाई कनेक्शन: इंदौर-रीवा फ्लाइट आज से शुरू, पहले दिन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय हुए सवार

इंदौर/रीवा    रीवा से अब इंदौर का सफर तय करने के लिए 15 घंटे नहीं, बल्कि 2 घंटे ही लगेंगे. क्योंकि, इंदौर से रीवा के बीच सीधी फ्लाइट सेवा शुरू हो चुकी है. सोमवार को पहली फ्लाइट उड़ी. ऐसे में विंध्य क्षेत्र के लोगों के लिए यह बड़ी सौगात मानी जा रही है. इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट इंदौर से रीवा के बीच उड़ेगी, जहां पहले ही दिन फ्लाइट पूरी तरह फुल थी. माना जा रहा कि यह फ्लाइट सफल रहेगी, क्योंकि रीवा से इंदौर के बीच बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं. इंदौर से रीवा के बीच सीधी फ्लाइट का किराया 4700 रुपये रखा गया है. यह विमान 70 सीटर है, जिसके लिए बुकिंग लगातार चल रही है. क्योंकि रीवा से सतना, सीधी, सिंगरौली के साथ-साथ मैहर जाना भी आसान होगा. यहां के लोग भी रीवा से आसानी से आ जा सकते हैं. रीवा से इंदौर के बीच लंबे समय से सीधी उड़ान की मांग चल रही थी, जिसे अब पूरा कर दिया गया है. अब तक प्रदेश में इंदौर से जबलपुर के बीच ही सीधी फ्लाइट चलती थी, लेकिन अब रीवा ऐसा दूसरा जिला बन गया है, जिसके लिए इंदौर से सीधी प्लाइट सेवा शुरू हो गई है. विंध्य के विकास की नई उड़ान रीवा एयरपोर्ट पर आयोजित कार्यक्रम में कैलाश विजयवर्गीय ने इस उपलब्धि को विंध्य क्षेत्र के व्यापार, शिक्षा और विकास की एक बड़ी छलांग बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक विमान का आगमन नहीं है, बल्कि यह रीवा के लिए "लक्ष्मी" लेकर आया है। इंदौर, जो मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी है, अब सीधे रीवा से जुड़ गया है, जिससे पूरे विंध्य क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा। जानें फ्लाइट का शेड्यूल रीवा से इंदौर के बीच चलने वाली सीधी फ्लाइट का शेड्यूल कुछ ऐसा रहेगा. सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर इंदौर से रीवा के लिए 6E 7363 फ्लाइट उड़ान भरेगी. यह फ्लाइट दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर रीवा पहुंच जाएगी. वहीं, वापसी में रीवा से दोपहर 1 बजकर 35 मिनट पर फ्लाइट 6E 7364 इंदौर के लिए उड़ान भरेगी और 3 बजकर 25 मिनट पर इंदौर पहुंच जाएगी. कैलाश विजयवर्गीय ने क्षेत्रीय नेता राजेंद्र शुक्ल और उनकी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें "जिद्दी नेता" बताया, जिन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से इस परियोजना को धरातल पर उतारा। उन्होंने कहा कि विंध्य अब "टेक ऑफ" कर रहा है और हवाई सेवा शुरू होने से क्षेत्र की प्रगति की गति कई गुना बढ़ जाएगी। धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा इस हवाई सेवा का सबसे बड़ा लाभ धार्मिक पर्यटन को मिलेगा। कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि अब श्रद्धालु मैहर में शारदा माता के दर्शन और चित्रकूट में भगवान राम की तपोस्थली की परिक्रमा आसानी से कर सकेंगे। साथ ही, विंध्य के लोग भी अब उज्जैन के महाकाल, ओंकारेश्वर, मांडव और महेश्वर जैसे मालवा के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक सुगमता से पहुँच पाएंगे। यह सेवा माता शारदा और भगवान भोलेनाथ के भक्तों को जोड़ने का एक सेतु बनेगी। हवाई चप्पल वाले भी अब हवाई जहाज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज में घूमे" के विजन को चरितार्थ करते हुए, इस पहली उड़ान में 40 ऐसे बुजुर्गों और नागरिकों को लाया गया जिन्होंने कभी विमान की यात्रा नहीं की थी। बुजुर्ग यात्रियों ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि वे अपने जीवन में हवाई जहाज में बैठ पाएंगे । भविष्य की संभावनाएं और वैश्विक कनेक्टिविटी राजेंद्र शुक्ल ने इस अवसर पर बताया कि रीवा एयरपोर्ट का निर्माण एक लंबे संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने कहा कि 12 साल पहले जब उन्होंने इसके लिए पत्र लिखा था, तब इसे असंभव माना जाता था । लेकिन अब यह सपना हकीकत है।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रीवा की कनेक्टिविटी अब केवल इंदौर तक सीमित नहीं है। इंडिगो की वेबसाइट पर अब रीवा से सीधे सिंगापुर, दुबई और मैनचेस्टर जैसे अंतरराष्ट्रीय शहरों की बुकिंग की संभावनाएं भी दिखने लगी हैं। आने वाले समय में यहां से बॉम्बे, हैदराबाद, अहमदाबाद और चेन्नई जैसे शहरों के लिए भी 4-5 घंटे के भीतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी। इस हवाई सेवा की शुरुआत से न केवल व्यापार और पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। विंध्य अब हिंदुस्तान के सबसे विकसित इलाकों में शामिल होने की ओर मजबूती से कदम बढ़ा चुका है। 70 सीटर विमान, 4700 रुपए किराया यह फ्लाइट 70 सीटर विमान से संचालित की जा रही है। इसका किराया करीब 4700 रुपए रखा गया है। इस हवाई सेवा से केवल रीवा ही नहीं, बल्कि सतना, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, मऊगंज और मैहर जैसे विंध्य क्षेत्र के अन्य जिलों को भी सीधा लाभ मिलेगा। अब तक इंदौर से प्रदेश में केवल जबलपुर के लिए सीधी उड़ान थी, अब रीवा दूसरी सीधी प्रादेशिक हवाई सेवा बन गई है। लोगों में दिखा काफी उत्साह फ्लाइट के शुरू होने से इंदौर और रीवा के लोगों में भी खुशी देखी जा रही है. क्योंकि दोनों शहर व्यापारिक तौर पर भी जुड़े हैं, जबकि दोनों शहरों में बड़ी संख्या में लगातार यात्रा करने वाले लोग रहते हैं. ऐसे में विंध्य अंचल के लिए यह बड़ी सौगात मानी जा रही है. माना जा रहा है कि यात्रियों की संख्या बढ़ने पर फ्लाइट की संख्या बढ़ाई जा सकती है. फिलहाल, दोनों शहरों के बीच सीधी फ्लाइट सेवा शुरू होना बड़ी सौगात मानी जा रही है. लोगों में फ्लाइट को लेकर काफी उत्साह है. यात्रियों के उत्साहवर्धन के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी रीवा-इंदौर की बीच उड़े पहले विमान में यात्रा की. ये रहेगा फ्लाइट का शेड्यूल     इंदौर से रीवा (6E 7363): सुबह 11:30 बजे रवाना, दोपहर 1:15 बजे आगमन।     रीवा से इंदौर (6E 7364): दोपहर 1:35 बजे रवाना, शाम 3:25 बजे आगमन। डिप्टी सीएम बोले- विकास को मिलेगी नई दिशा डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि यह पल सपने को साकार करने जैसा है। रीवा इंदौर फ्लाइट शुरू होने से न केवल इंदौर बल्कि बेंगलुरु,मुंबई अहमदाबाद,कलकत्ता और चेन्नई जैसे शहरों से भी कनेक्टिविटी काफी बढ़ जाएगी। इंडिगो का नेटवर्क विदेशों में भी है,जिससे धीरे-धीरे कनेक्टिविटी बढ़ती चली जाएगी। पहले … Read more

पेट्रोल पंप की रोशनी में पढ़ने वाले बच्चे की कहानी ने जीता CM हेमंत सोरेन का दिल, रांची DC को मिले खास निर्देश

रांची सोशल मीडिया एक्स पर एक यूजर ने सीएम हेमंत को टैग करते हुए एक बच्चे की समस्या से अवगत करवाया। इसके बाद सीएम हेमंत ने मामले को संज्ञान में लिया। सीएम हेमंत ने रांची डीसी को टैग करते हुए लिखा, संज्ञान लें एवं एलेक्स की पढ़ाई हेतु हर संभव मदद पहुंचाते हुए सूचित करें। दरअसल, सनी शारद नामक युवक ने अपने ट्वीट में सीएम हेमंत को टैग करते हुए लिखा कि चौधरी फ्यूल पेट्रोल पंप की रोशनी के नीचे हर रात 8 वर्षीय एलेक्स मुंडा पढ़ाई करता है। उसकी मां नूतन टोप्पो दिन भर पेट्रोल पंप पर मेहनत-मजदूरी करने के बाद रात को अपने बेटे को पढ़ाती हैं। सात साल पहले पति के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी नूतन टोप्पो के कंधों पर आ गई थी। पत्रकार सनी शारद ने ट्वीट में मां-बेटे के संघर्ष और जज़्बे की सराहना करते हुए उम्मीद जताई थी कि एलेक्स एक दिन अपने परिवार का नाम रोशन करेगा। वहीं, इस ट्वीट पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची उपायुक्त को टैग करते हुए निर्देश दिया कि मामले का संज्ञान लिया जाए और एलेक्स की पढ़ाई के लिए हर संभव मदद सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि मामले में संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधीक्षक को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं। साथ ही जिला प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एलेक्स को बेहतर शिक्षा उपलब्ध हो और उसे हर संभव सहयोग दिया जाए। वहीं, रांची डीसी ने जवाब देते हुए कहा कि महोदय, संदर्भित मामले में संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधीक्षक को आवश्यक निर्देश दिए गए है। साथ ही एलेक्स को बेहतर शिक्षा मिलें इसके लेकर जिला प्रशासन हर संभव मदद देगी।  

पंजाब सरकार का बड़ा कदम: शहरी क्षेत्रों में नया कानून और 8 नए पार्क का विकास

जालंधर/चंडीगढ़ प्रदेश भर में वन क्षेत्र के अंतर्गत रकबे में वृद्धि के साथ-साथ आने वाली पीढय़िों के लिए स्वच्छ और हरित पर्यावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक के नेतृत्व में वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग ने वर्ष 2025 के दौरान कई महत्वपूर्ण पहलें शुरू की हैं। इन महत्वपूर्ण पहलों में 8 वन एवं प्रकृति जागरूकता पार्कों का विकास शामिल है। इनमें से ग्रीनिंग पंजाब मिशन के तहत चार पार्क पठानकोट में, 2 पटियाला में तथा 1-1 अमृतसर और होशियारपुर में विकसित किए जा रहे हैं। कैबिनेट मंत्री श्री लाल चंद कटारूचक के नेतृत्व में वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रहा है। उल्लेखनीय है कि पठानकोट में गांव घरोटा में 0.50 हेक्टेयर, गांव कटारूचक में 0.75 हेक्टेयर, हैबत पिंडी में 0.60 हेक्टेयर क्षेत्र में पंचायत भूमि पर तथा आई.टी.आई. बमियाल में पर्यावरण पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इसी प्रकार पटियाला में बैरन माइनर सहित दो स्थानों पर पर्यावरण पार्क विकसित किए जा रहे हैं। अमृतसर में गांव जगदेव कलां में पर्यावरण पार्क बनाया जा रहा है, जबकि होशियारपुर के बसी पुरानी में एक वन चेतना प्रगति पर है। हैबत पिंडी में पार्क के संबंध में इंटरलॉकिंग टाइलों वाले नेचर ट्रेल का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि झूलों और ओपन एयर शेल्टर (गज़ेबो) की स्थापना इस समय चल रही है। राज्य सरकार का यह सदैव प्रयास रहा है कि अधिक से अधिक हरियाली सुनिश्चित की जाए और साथ ही आने वाली पीढय़िों के लिए पर्यावरण संरक्षण के उपाय किए जाएं। इसी क्रम में वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग, पंजाब ने ‘पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज़ एक्ट, 2025’ का मसौदा तैयार किया है, जिसका उद्देश्य हरित आवरण बनाए रखना, पर्यावरणीय संतुलन सुनिश्चित करना तथा पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के साथ-साथ मिट्टी संरक्षण करना है। यह अधिनियम पंजाब के सभी शहरी क्षेत्रों में लागू होगा।