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‘धान घोटाले ने खोली सरकार की पोल’, पारदर्शिता पर बड़ा सवाल : कुमारी सैलजा

सिरसा  अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा में फर्जी गेट पास काटकर मंडियों में धान आए बिना ही बेच डाला। बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश से धान लाकर यहां के किसानों के नाम से बेचा गया। इस धान घोटाले ने प्रदेश की भाजपा सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़े प्रश्नचिह्न लगा दिए है जबकि सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन और प्रशासन का दावा करती आ रही है। सरकार को चाहिए कि वह इस पूरे प्रकरण में सच सामने लाए, दोषियों पर कठोर कार्रवाई करे और किसानों को उनका उचित हक तथा राहत तुरंत प्रदान करे। कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ खड़ी है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर आवाज उठाती रहेगी।  मीडिया को जारी बयान में कहा है कि हरियाणा में अनाज खरीदी प्रणाली और सरकारी वित्तीय प्रबंधन को लेकर उठ रहे गंभीर आरोपों ने पूरे प्रदेश के किसान समुदाय को गहरी चिंता में डाल दिया है। धान और अन्य फसलों की सरकारी खरीद में व्यापक अनियमितताओं, कागज़ी खरीद के असामान्य रूप से बढ़े आंकड़ों तथा बिचौलियों और अधिकारियों की संभावित मिलीभगत की खबरों ने सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़े प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। सरकारी खरीद व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को सुरक्षा और सम्मान देना है, न कि उनके हक़ की अनदेखी करके उन्हें आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव में धकेलना। बाढ़ से हुए फसल नुकसान के बावजूद कागज़ी खरीद में भारी वृद्धि के आरोप प्रदेश के वित्तीय संसाधनों के दुरुपयोग की ओर भी इशारा करते हैं, जो चिंताजनक है। ऐसे परिस्थितियों में यह आवश्यक हो जाता है कि सरकार किसी भी प्रकार की लीपापोती से दूर रहते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करें, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अनियमितताओं के लिए वास्तविक रूप से जिम्मेदार कौन लोग हैं।  जांच केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन सभी निर्णयकर्ताओं और उच्च स्तर के जिम्मेदार व्यक्तियों को भी शामिल करना चाहिए जिनकी भूमिका ने इस स्थिति को जन्म दिया। किसानों से किए गए एमएसपी वादों की सत्यता और सरकारी खरीद के वास्तविक आंकड़ों को पारदर्शी रूप से सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें यह भरोसा हो सके कि सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए ईमानदारी से कार्य कर रही है। सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि किसानों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि प्रदेश की सामाजिक और आर्थिक स्थिरता के लिए अनिवार्य है। हरियाणा के किसान आज न्याय की अपेक्षा कर रहे हैं। सांसद ने कहा कि किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या शोषण को छिपाने का प्रयास स्वीकार्य नहीं होगा। सरकार को चाहिए कि वह इस पूरे प्रकरण में सच सामने लाए, दोषियों पर कठोर कार्रवाई करे और किसानों को उनका उचित हक तथा राहत तुरंत प्रदान करे।  कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ खड़ी है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर आवाज उठाती रहेगी। सांसद ने कहा कि धान घोटाले ने साबित कर दिया है कि सरकार भ्रष्टाचार पर कोई अंकुश नहीं लगा पाई है बल्कि अधिकारियों के संरक्षण में फल फूल रहा है। हरियाणा में फर्जी गेट पास काटकर मंडियों में धान आए बिना ही धान बेच डाला। बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से धान लाकर यहां के किसानों के नाम से बेचा गया। धान घोटाला यमुनानगर में सर्वाधिक लगभग 80 करोड़ रुपये और करनाल में 20 करोड़ तक पहुंच चुका है। सरकार को चाहिए कि वह इस पूरे प्रकरण में सच सामने लाए, दोषियों पर कठोर कार्रवाई करे और किसानों को उनका उचित हक तथा राहत तुरंत प्रदान करे। कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ खड़ी है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर आवाज उठाती रहेगी।

केंद्र का सख्त रुख: राजस्थान और हरियाणा को तुरंत सौंपना होगा टाइम-बाउंड रोडमैप

चंडीगढ़  यमुना जल समझौते पर केन्द्र सरकार ने अब राजस्थान और हरियाणा सरकार से काम की विस्तृत कार्ययोजना मांगी है। इसके पीछे मंशा है कि अलाइनमेंट के बाद के काम भी तय समय पर पूरे हों। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर.पाटिल के साथ हुई हाईलेवल बैठक के बाद मंत्रालय इस परियोजना को लेकर सक्रिय हो गया है। मंत्रालय चाहता है कि दोनों राज्य तय अलाइनमेंट के अनुरूप कब, क्या और कैसे काम आगे बढ़ाएंगे, इसका स्पष्ट रोडमैप तत्काल भेजें। इसी आधार पर परियोजना की टाइमलाइन तैयार की जाएगी, ताकि काम मौजूदा केंद्र सरकार के कार्यकाल में ही शिलान्यास और निर्माण तक पहुंच सके।  संभव है कि केन्द्र स्तर पर एक कमेटी सक्रिय हो, जो समीक्षा करे। परियोजना में 300 किलोमीटर लंबाई में पाइपलाइन बिछाने के लिए अलाइनमेंट सर्वे हुआ है। इसमें 290 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में और 10 किलोमीटर हिस्सा राजस्थान में है।  यह करना है… 1- अंतिम रूप दिए गए अलाइनमेंट के अनुसार निर्माण कार्य के चरण तय होंगे। 2- भूमि अधिग्रहण, डीपीआर अपडेट, फंडिंग पैटर्न और इंटरस्टेट कॉर्डिनेशन से जुड़े बिंदुओं पर स्थिति। 3- कार्य के हर चरण की समय सीमा (टाइम-बाउंड प्लान), जिससे मंत्रालय स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग हो सके।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर को दी विकास की अनेक सौगातें

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में रविवार को ब्रिलियेंट कन्वेशन सेंटर में इंदौर के विकास को नई गति देने के लिये महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकास की अनेक सौगाते दीं। अधोसंरचनात्मक विकास को नई गति देने के लिये कई अहम निर्णय भी बैठक में हुये। इस मैराथन बैठक में इंदौर और उसके विस्तृत मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई बड़े निर्णय लिए गए। बैठक में जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों और विशेषज्ञों ने सहभागी होकर शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर, यातायात, उद्योग, शिक्षा, मेट्रोपॉलिटीनरिजन, पूर्व एवं पश्चिमी बायपास, इकॉनामिक कारिडोर, स्थानीय परिवहन, आईटी, पर्यटन और मास्टर प्लान से जुड़े विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह बैठक इंदौर के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी परियोजनाएँ धरातल पर उतरेंगी और इंदौर आने वाले वर्षों में देश के अग्रणी महानगरों में शामिल होगा। भूमिगत होगा मेट्रो का प्रमुख हिस्सा-राज्य सरकार देगी 800–900 करोड़ रुपए बैठक में मेट्रो परियोजना के रूट निर्धारण पर विस्तृत चर्चा की गई। बताया गया कि मूल प्रस्ताव संशोधित होने के बाद भी समस्याएँ बनी रहीं, इसलिए सुझाव आया कि मेट्रो के मुख्य हिस्से को पूरी तरह भूमिगत किया जाए। मुख्य हिस्से को भूमिगत करने के लिये निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि राज्य सरकार इसके लिए लगभग 900 करोड़ रुपये का भार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय इंदौर के भविष्य को देखते हुए लिया गया है ताकि मेट्रो का अधिकतम लाभ जनता को मिले और यातायात प्रबंधन बेहतर हो। एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण शीघ्र प्रारंभ होगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एलिवेटेड कॉरिडोर की यह परियोजना इंदौर शहर के यातायात के लिये अतिमहत्वपूर्ण है। इसका निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाये। एलिवेटेड कॉरिडोर के जंक्शन, रोटरी, लंबाई आदि पर शीघ्र तकनीकी व जनप्रतिनिधियों की बैठक कर अंतिम डिज़ाइन तय करें। बैठक में बीआरटीएस हटने के बाद शहर में नए वैज्ञानिक ट्रैफिक सर्वे के आधार पर एकीकृत ट्रैफिक प्लान तैयार करने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि यह परियोजना आने वाले 25–50 वर्षों तक इंदौर की ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान देगी। इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का होगा विस्तार—14,000 वर्ग किमी में जुड़ेगा पूरा मालवा बैठक में इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र को भविष्य की दृष्टि से विस्तारित करने का निर्णय लिया गया। भविष्य को ध्यान में रखते हुए  इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में उज्जैन, देवास, धार, रतलाम, नागदा, बदनावर और शाजापुर–मक्सी क्षेत्रों के साथ जोड़कर लगभग 14,000 वर्ग किलोमीटर का मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि इस क्षेत्र में पाँच से अधिक बड़े रेलवे जंक्शन,एक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट,उज्जैन और रतलाम के भविष्य के एयरपोर्ट,दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-वे,दिल्ली–मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर,इंदौर–मनमाड़ रेल लाइन इन्हें आधार बनाकर इंदौर को देश का बड़ा व्यापार–उद्योग–पर्यटन हब बनाने की योजना है। स्टार्टअप पार्क और अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर—इंदौर को देंगे नई आर्थिक पहचान बैठक में एमआर-10 के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टार्टअप पार्क और कन्वेंशन सेंटर की स्थापना का निर्णय लिया गया। बताया गया कि भारत सरकार भी इस प्रोजेक्ट को बढ़ावा देने को तैयार है। यह इंदौर को मध्य भारत का सबसे बड़ा इनोवेशन सेंटर बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कन्वेंशन सेंटर को नई दिल्ली के भारत भवन के तर्ज पर विकसित किया जाये। बताया गया कि कन्वेंशन सेंटर की लागत 550 से 600 करोड़ के लगभग है। इसे तीन वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसका संचालन पीपीपी के माध्यम से किया जाना प्रस्तावित है। इसकी इंडोर क्षमता 5 हजार और आउट डोर क्षमता 10 हजार रहेगी। हुकुमचंद मिल परियोजना बनेगी देश के लिये मॉडल बैठक में बताया गया कि हुकुमचंद मिल परियोजना का क्रियान्वयन जल्द प्रारंभ होगा। इस मिल की भूमि का पंजीयन मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के नाम पर हो गया है। भूमि हस्तांतरित कर दी गयी है। सम्पूर्ण 17.5 हेक्टेयर भूमि के विकास के लिये डीपीआर तैयार हो गयी है। निविदा की कार्यवाही प्रचलित है। आगामी तीन वर्षों में कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस भूमि का ऐसा विकास किया जाये,जो देश के लिये मॉडल हो। इसमें देश की शीर्षस्थ नियोजकों की मदद ली जाये। बड़े निवेशकों को भी निवेश के लिये प्रोत्साहित किया जाये। पीडब्ल्यूडी की 12 हेक्टेयर भूमि का  होगा रिडेंसिफिकेशन बैठक में पलासिया स्थित पीडब्ल्यूडी की 12 हेक्टेयर भूमि के पुर्नघनत्वीकरण (Redevelopment) के लिए निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने  इसके प्लान में विशेष रूप से ग्रीनरी, हवा की गुणवत्ता और खुले स्थानों को संरक्षित करने पर जोर दिया। स्मार्ट इंदौर—आईटी, सीसीटीवी, फ्यूचर-रेडी सिस्टम बैठक में इंदौर शहर को फ्यूचर रेडी बनाने के लिए निर्णय लिये गये। इसके तहत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्मार्ट सीसीटीवी नेटवर्क स्थापना,उन्नत आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने,ई-बस प्रोजेक्ट संचालित करने,स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम लागू करने आदि पर तेज़ी से कार्य करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि  जनसहभागिता आधारित सीसीटीवी नेटवर्क स्थापित किया जायेगा। इसके तहत 13690 स्थान चिन्हित किये गये हैं, जहाँ लगभग 60 हजार कैमरों की स्थापना की जायेगी। इसकी एकीकृत कन्ट्रोल रूम के माध्यम से मॉनिटरिंग होगी। बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी सीसीटीवी निगरानी नेटवर्क स्थापित किये जायेंगे। बैठक में बताया गया कि पीएम ई-बस सेवा का संचालन होगा। इसके तहत 270 ई-बसें चलायी जायेंगी। यह बसें आगामी मार्च माह से शहर में चलना शुरू हो जायेंगी। इससे सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। स्लम-फ्री इंदौर और आवास योजना शहर की झुग्गी बस्तियों के पूर्ण पुनर्वास के लिए उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़कर स्थायी आवास देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में बताया गया कि इसके तहत आगामी तीन वर्षों में डेढ़ लाख घर बनाये जायेंगे। इसके लिये वर्तमान में 10 स्थानों के लिये डीपीआर तैयार की जा रही है। एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड और नए खेल मैदान होंगे विकसित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर खेलों की राजधानी है। इंदौर में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएँ मुहैया करायी जायेंगी। इसके लिये कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी। उन्होंने कहा कि इंदौर में एस्ट्रोटर्फ मैदान, नए खेल मैदान और आधुनिक स्पोर्ट्स सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। यह शहर को खेल महाकुंभ और राष्ट्रीय टूर्नामेंटों का केंद्र बनाएगा विश्वविद्यालय बनेंगे … Read more

कोहरा बना किसानों का दोस्त! हरियाणा में इन फसलों के लिए बेहद लाभकारी रहेगा मौसम

नूंह  नूंह जिले में मौसम ने अचानक तीखे तेवर दिखा दिए हैं। तड़के सुबह से ही घने कोहरे ने पूरे नूंह जिले को अपने आगोश में ले लिया, वहीं हाड़ कंपा देने वाली ठंड ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया। रविवार को गलियों, चौक-चौराहों और बाजारों में लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते नजर आए। कोहरे की मोटी चादर के कारण सड़कों पर दृश्यता बेहद कम रही, जिससे वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। हाईवे से लेकर ग्रामीणों में सड़कों तक वाहन रेंगते दिखाई दिए। चालकों ने हेडलाइट जलाकर सावधानीपूर्वक वाहन चलाए, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। सुबह-सुबह काम पर निकलने वाले मजदूरों, बुजुर्गों और बच्चों पर ठंड का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। ठंड के इस मौसम में चाय की दुकानों पर खासा जमावड़ा नजर आया, जहां लोग गरमागरम चाय की चुस्कियां लेते हुए ठंड से राहत लेते दिखे। हालांकि यह मौसम किसानों के लिए खुशखबरी लेकर आया है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक घना कोहरा और ठंड रबी फसलों के लिए बेहद फायदेमंद मानी जा रही है। इससे गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलों में नमी बनी रहेगी, जिससे पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है। वहीं मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी ठंड और कोहरे के बने रहने की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, सुबह और देर रात अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

LPG सिलेंडर पर पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, बुकिंग करवाने वाले खपतकारों के लिए राहत

लुधियाना  सर्दियों के दस्तक देते ही जहां आम उपभोक्ताओं को बुकिंग करवाने के बाद भी एक गैस सिलैंडर की सप्लाई लेने के लिए 10 दिनों तक का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं गैस माफिया के अड्डों पर एक साथ कई गैस सिलैंडरों की डिलीवरी हो रही है, जो कि गैस कंपनियों और एजैंसी मालिकों की दोगली मानसिकता को दर्शाता है। चंडीगढ़ रोड स्थित जीवन नगर, छोटी मुंडिया, नीची मंगली, गुरु तेग बहादुर नगर, 33 फुटा रोड, त्रिशला नगर, फोकल प्वाइंट, परमजीत कॉलोनी, फॉर्टिस हॉस्पिटल की बैक साइड जच्चा-बच्चा केंद्र आदि इलाकों में सक्रिय गैस माफिया द्वारा धड़ल्ले से साइकिल रिपेयर, मनियारी की दुकान, करियाना स्टोर, बर्तन स्टोर, खाने-पीने का सामान बेचने वाली रेहड़ियों, यहां तक कि बुटीक आदि पर घरेलू गैस सिलैंडर के बड़े जखीरे उतारे जा रहे हैं। वर्णनीय है कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा गैस माफिया के सरगना संतोष गुप्ता के फोकल प्वाइंट स्थित एक फैक्ट्री में बनाए गए ठिकाने पर की गई एक छापेमारी दौरान वहां पर 125 के करीब घरेलू गैस सिलैंडर, सोनू गुर्जर के ठिकाने से गैस सिलैंडर सहित गैस की पलटी मारने वाली मशीन, इलैक्ट्रॉनिक टोल कांटा आदि बरामद किए गए हैं। लुधियाना एल.पी.जी. डीलर एसोसिएशन द्वारा डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन और पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा के साथ की गई एक विशेष बैठक के दौरान गैस माफिया के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई करने संबंधी मांग की गई है जिसके जवाब में डिप्टी पुलिस कमिश्नर रुपिंदर सिंह द्वारा गैस माफिया को सख्त चेतावनी दी गई है लेकिन ए.सी. पी. और एस.एच.ओ. स्तर के पुलिस अधिकारी पुलिस कमिश्नर के आदेशों को मानने के लिए तैयार नहीं है और सारी बात वह खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के पाले में फैंक कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की फिराक में लगे हुए हैं।   उधर इस गंभीर मामले को लेकर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की कंट्रोलर मैडम शिफाली चोपड़ा ने दावा किया है कि उनके द्वारा गैस माफिया के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई की जा रही है और जिला परिषद / ब्लाक समिति चुनाव के बाद माफिया के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया जाएगा जिसमें घरेलू गैस की कालाबाजारी और पलटी का काला कारोबार चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इंदौर मेट्रोपोलिटन से भविष्य की योजना होगी साकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में शून्य से शिखर सम्मान-2025 में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर का अपना एक रोल है। इंदौर में मेट्रोपोलिटन का नक्शा बनाया गया है, जो भविष्य की योजना को साकार करेगा। आज जो मेट्रोपॉलिटन का नक्शा बना है, वह 14 हजार किलोमीटर का है। इंदौर से लेकर रतलाम और रतलाम से लेकर शाजापुर तक सराउंडिंग क्षेत्र में यह मेट्रोपोलिटन का नक्शा इंदौर-भोपाल के साथ क्लीन सिटी के रूप में जुड़ाव करेगा। उन्होंने कहा कि भविष्य की दृष्टि से महानगर की श्रेणी में इंदौर का जो क्षेत्र बनेगा उसी आधार पर भविष्य की इमारतें खड़ी होंगी और निर्माण का अगला पड़ाव तय होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर में आयोजित शून्य से शिखर सम्मान -2025 में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेट्रो ट्रेन को भूमिगत भी चलाया जाएगा। इस कार्य में जो राशि लगेगी सरकार देगी। शहर की खूबसूरती को ख़त्म नहीं होने देंगे। एलिवेटेड रोड भी बनेगा, एलिवेटेड रोड से जनता को जहाँ सुविधा होगी वहाँ उन्हें रास्ते भी देंगे। उन्होंने कहा कि पाँच साल के अंदर विकास परक बजट डबल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी नए अवसर तलाशने और बेहतर तकनीक से जुड़ने की आवश्यकता है। ड्रोन टेक्नोलॉजी से लेकर सेमी कंडक्टर तक, आईटी से लेकर हेल्थ तक, इंफ्रास्ट्रक्चर से वेलनेस और टूरिज्म तक, हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की तैयारियां जारी है। मध्यप्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने में शासन पीछे नहीं रहेगा। कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्पमित्र भार्गव,  संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस आयुक्त श्री संतोष सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा श्री राजेश चेलावत, श्री किशोर चेलावत उपस्थित रहे। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल करने वाले विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।  

मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से आगर के सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 551 नवदंपतियों को दी बधाई

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधायक श्री मधु गहलोत के पुत्र श्री मोहित सिंह गहलोत और उनकी पुत्रवधू सहित आगर मंडी प्रांगण में सात फेरों के बंधन में बंधने वाले सभी 551 जोड़ों को ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर इंदौर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उज्जवल भविष्य शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूल मंत्र अनुरूप सामूहिक विवाह कार्यक्रम सभी अभिभावकों के विवाह आयोजन के स्वप्न को साकार करने में सहायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह जानकर खुशी व्यक्त की कि विधायक श्री मधु गहलोत अब तक 10 हजार बेटियों के विवाह में सहयोग कर चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधायक श्री गहलोत के पुत्र श्री मोहित सिंह गहलोत से अपेक्षा जताई कि वे अपने पिता के समाजसेवा कार्य को आगे बढ़ायेंगे। उन्होंने इस शुभ आयोजन के लिए दादा नर्सिंग फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की और बाबा बैद्यनाथ की धरती में आयोजित इस मंगल कार्य के लिए शुभकामनाएं दीं। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट सहित अन्य जन प्रतिनिधि उपस्थित थे।

डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना से मध्यप्रदेश में डेयरी क्रांति को मिलेगी नई गति: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पशुपालकों एवं दुग्ध उत्पादकों को हर संभव तरीके से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाया जाएगा। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने सहित वर्तमान डेयरी उद्योग को सुनियोजित, सुव्यवस्थित, व्यावसायिक और लाभकारी बनाने की दिशा में 'डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना' आरंभ की है। यह योजना खासतौर पर उन जरूरतमंद युवाओं, किसानों और पशुपालकों के लिए आशा की किरण बनकर उभरी है, जो आधुनिक डेयरी इकाई स्थापित कर अपनी आय का स्थायी साधन विकसित करना चाहते हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नये-नये अवसर सृजित करना और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है। डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना में लाभार्थियों को 25 दूधारू पशुओं की एक इकाई स्थापित करने का अवसर दिया जाता है। इच्छुक और सक्षम हितग्राही अधिकतम 8 इकाइयां अर्थात 200 पशुओं तक की डेयरी परियोजना भी स्थापित कर सकते हैं। यह योजना छोटे से लेकर मध्यम स्तर के डेयरी उद्यमियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। योजना की एक प्रमुख शर्त यह है कि प्रति इकाई के लिए इच्छुक हितग्राही के पास कम से कम 3.50 एकड़ कृषि भूमि उपलब्ध हो। भूमि की यह व्यवस्था पशुओं के आवास, चारे की व्यवस्था और डेयरी के समुचित तरीके से संचालन के लिए जरूरी है। इसके साथ ही सरकार पशुपालकों/दूध उत्पादकों की प्रोफेशनल ट्रेनिंग को भी महत्व दे रही है, जिससे पशुपालक वैज्ञानिक और आधुनिक पद्धति से अपना डेयरी बिजनेस चला सकें। पशुपालकों को आर्थिक सहायता देना इस योजना का सबसे आकर्षक पहलू है। परियोजना की कुल लागत पर सरकार द्वारा अनुदान (सब्सिडी) भी दिया जा रहा है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लाभार्थियों को कुल परियोजना लागत का 33 प्रतिशत तथा अन्य सभी वर्गों को 25 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है। शेष राशि बैंक ऋण के जरिए उपलब्ध कराई जा रही है। इस प्रावधान से बड़े निवेश की बाधा काफी हद तक कम हो जाती है और डेयरी बिजनेस शुरू करना भी आसान हो जाता है। योजना में लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया गया है। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है और चयन सामान्यत: “पहले आओ-पहले पाओ” के आधार पर ही किया जा रहा है। साथ ही उन पशुपालकों को भी प्राथमिकता दी जा रही है, जो पहले से ही किन्हीं दुग्ध संघों या सहकारी संस्थाओं को निरंतर दुग्ध आपूर्ति कर रहे हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, भूमि के दस्तावेज, बैंक खाता विवरण, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) और प्रशिक्षण प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जरूरी हैं। इच्छुक आवेदक पशुपालन एवं डेयरी विभाग के आधिकारिक पोर्टल या अपने जिले के पशु चिकित्सा सेवाएं कार्यालय से विस्तृत जानकारी और मार्गदर्शन भी ले सकते हैं। योजना के बारे में कुछ तथ्य     1. मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना में नवीन घटक के रूप में राज्य सरकार ने 25 अप्रैल 2025 को डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना को मंजूरी दी।     2. योजना के अंतर्गत 25 दुधारु पशु की प्रति इकाई राशि 36 लाख से 42 लाख रुपये तक की इकाई लागत है।     3. योजना में अधिकतम 8 इकाइयों की स्थापना एक हितग्राही द्वारा की जा सकती है। एक इकाई में एक ही नस्ल के गौ-वंश एवं भैसवंशीय पशु रहेंगे।     4. हितग्राही के पास प्रत्येक इकाई के लिये न्यूनतम 3.50 एकड़ कृषि भूमि होना जरूरी है।     5. भूमि के लिये परिवार के सामूहिक खाते भी सम्मिलित हैं। इनके लिये अन्य सदस्यों की सहमति भी जरूरी होगी।     6. इकाइयों की संख्या में गुणात्मक वृद्धि होने पर आनुपातिक रूप से न्यूनतम कृषि भूमि की अर्हता में भी आनुपातिक वृद्धि जरूरी होगी।     7. पात्र हितग्राही को ऋण राशि का भुगतान चार चरणों में किया जायेगा।  

पत्रकारिता समाज में चेतना का संचार करती हैं: विधानसभा अध्यक्ष तोमर

मप्र प्रेस क्लब का 33वां स्थापना वर्ष समारोह संपन्न अच्छी शिक्षा, उत्तम स्वास्थ्य और त्वरित न्याय से ही ‘विकास’ संभव : न्यायमूर्ति अग्रवाल भोपाल समाज को दिशा देने वाली पत्रकारिता और साहित्य की संयुक्त भूमिका को रेखांकित करता हुआ मध्य प्रदेश प्रेस क्लब का 33वां स्थापना वर्ष समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित ‘मप्र रत्न अलंकरण समारोह–2025’ न केवल प्रदेश की प्रतिभाओं के सम्मान का साक्षी बना, बल्कि सामाजिक सरोकारों, न्याय, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मूल प्रश्नों पर गंभीर विमर्श का मंच भी बना। समारोह को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि पत्रकारिता और साहित्य दोनों ही समाज की चेतना को दिशा देते हैं। ऐसे में इस क्षेत्र से जुड़े लोगों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि आज के समय में लगभग हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में ‘अवमूल्यन’ दिखाई देता है, ऐसे समय में मप्र प्रेस क्लब जैसी संस्थाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। श्री तोमर ने प्रदेश का मान बढ़ाने वाली विभूतियों को सम्मानित करने की परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में यह आयोजन किसी शिक्षण संस्था के सहयोग से उसके परिसर में किया जाए, ताकि विद्यार्थी सीधे इन विभूतियों से संवाद कर प्रेरणा ग्रहण कर सकें। उन्होंने कहा कि इन विशिष्ट व्यक्तित्वों को सम्मानित कर उन्हें स्वयं भी गौरव की अनुभूति हो रही है। साथ ही, पत्रकारों के हित में क्लब द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी मुक्तकंठ से प्रशंसा की। गरीबों के लिए सरल और सुलभ न्याय अनिवार्य : न्यायमूर्ति अग्रवाल श्रीराम जन्मभूमि विवाद पर ऐतिहासिक निर्णय देने वाले न्यायमूर्ति श्री सुधीर अग्रवाल ने अपने विचार रखते हुए कहा कि यदि हम वास्तव में देश और समाज के विकास की बात करते हैं, तो गरीब और सामान्य नागरिक को अच्छी शिक्षा, उत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं और त्वरित न्याय सुनिश्चित करना होगा। यही एक स्वस्थ और विकसित समाज की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि देश की सवा सौ करोड़ से अधिक जनता के लिए एक ही सुप्रीम कोर्ट से समय पर न्याय मिलना व्यावहारिक नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि देश की चारों दिशाओं और प्रमुख राज्यों में सुप्रीम कोर्ट की और बेंच स्थापित हों। न्यायमूर्ति अग्रवाल ने शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज संपन्न वर्ग अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाना और सरकारी अस्पतालों में इलाज कराना नहीं चाहता, क्योंकि वहां व्यवस्थाओं और सुविधाओं का अभाव है। यदि शासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और अन्य जिम्मेदार लोग स्वयं या अपने परिजनों को इन संस्थानों में भेजें, तो वास्तविक स्थिति से परिचित होंगे और व्यवस्था में सुधार की दिशा में ठोस पहल संभव होगी। उन्होंने कहा कि यह अनिवार्य किया जाना चाहिए कि जिम्मेदार लोग अपने बच्चों की शिक्षा और इलाज सरकारी संस्थानों में ही कराएं। सबको मिले समान न्याय न्यायमूर्ति अग्रवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज देश में आम आदमी न्याय के लिए भटक रहा है। देश की अदालतों में लगभग साढ़े पांच करोड़ मुकदमे लंबित हैं। संपन्न वर्ग के मामलों में अदालतें रातों-रात खुल जाती हैं और त्वरित सुनवाई हो जाती है, जबकि आम आदमी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने तक के लिए संघर्ष करता है। यह स्थिति समान न्याय की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि देश में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जहां हर नागरिक को समान, सरल और शीघ्र न्याय मिल सके। भाषायी मर्यादा और सांस्कृतिक गरिमा की रक्षा में मीडिया की भूमिका कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित पंचदशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर ध्यानश्री स्वामी शैलेशानंद गिरि महाराज ने कहा कि आज समाज में भाषायी असहिष्णुता बढ़ रही है। इसकी मर्यादा की रक्षा में मीडिया महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है और उसे यह दायित्व निभाना भी चाहिए। उन्होंने कहा कि आचरण और आवरण में भेद नहीं होना चाहिए। महाराजश्री ने इस बात पर भी चिंता जताई कि आज तीर्थ स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में देखा जाने लगा है, जबकि तीर्थाटन और पर्यटन के बीच के अंतर को समझना आवश्यक है। तीर्थों की गरिमा और पवित्रता बनाए रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। अपने बहुआयामी जीवन अनुभव—फिल्म अभिनेता, क्रिकेट कमेंटेटर, पत्रकारिता, राजनीति और संत जीवन—साझा करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की माटी ने उनके जीवन को बार-बार नया स्वरूप दिया है। उन्होंने मप्र प्रेस क्लब के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली विभूतियों का सम्मान करना वास्तव में गौरव का विषय है। सामाजिक दायित्व निभा रहा है मप्र प्रेस क्लब कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वागत वक्तव्य देते हुए मप्र प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. नवीन आनंद जोशी ने क्लब की गतिविधियों और उद्देश्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मप्र प्रेस क्लब प्रतिवर्ष उन विभूतियों का सम्मान करता है, जिन्होंने अपने अथक परिश्रम, प्रतिभा और समर्पण से प्रदेश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। इसके पीछे क्लब की मंशा समाज के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन करने की है। दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। क्लब की ओर से डॉ. शिशिर उपाध्याय, राजेन्द्र शर्मा, रोमा मल्होत्रा, महेन्द्र बैस, राजेश सिंह भदौरिया, विनोद नागर तथा महेन्द्र शर्मा ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए। आभार प्रदर्शन महासचिव डॉ. शिशिर उपाध्याय ने किया, जबकि कार्यक्रम का सुसंगठित संचालन आशीष दवे ने किया। इन विभूतियों का हुआ सम्मान समारोह में देश-विदेश में मध्य प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली विभूतियों को ‘मप्र रत्न’ और ‘मप्र श्री’ सम्मान से अलंकृत किया गया। दोनों ही श्रेणियों में नौ-नौ विशिष्ट व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। ‘मप्र रत्न’ से सम्मानित विभूतियां— अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कमेंटेटर पद्मश्री सुशील दोषी, विश्वविख्यात शास्त्रीय गायिका कलापिनी कोमकली, अमर उजाला समूह के डिजिटल हेड एवं वरिष्ठ पत्रकार जयदीप कर्णिक, ‘वन शॉट मूवी’ दिल्ली–2020 के निर्माता-निर्देशक देवेन्द्र मालवीय, अंतरराष्ट्रीय फैशन जगत में पहचान बनाने वाले मुमताज़ खान, टीवी9 भारतवर्ष के वरिष्ठ पत्रकार दिनेश गौतम, प्रसिद्ध नृत्यांगना एवं कोरियोग्राफर अमृता जोशी, आईएनएस 24×7 की न्यूज़ एडिटर सोनल भारद्वाज, तथा लोकप्रिय वेब सीरीज कोटा फैक्ट्री और हाफ सीए के निर्देशक प्रीतिश मेहता। ‘मप्र श्री’ सम्मान से … Read more

पिछले पांच बरसों में प्रयागराज में तेजी से बढ़ा पर्यटकों का फुटफॉल

महाकुंभ 2025 की वजह से माघ मेला 2026 में विदेशी पर्यटकों में 20–25% की और घरेलू पर्यटकों में 15–18% की वृद्धि का प्रशासन का अनुमान प्रयागराज पर्यटन के वैश्विक पटल पर उत्तर प्रदेश को प्रमुख स्थान पर स्थापित करने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार सतत प्रयास कर रही है।  योगी सरकार के प्रयास से ही यूपी में पर्यटन स्थलों को नई पहचान मिली है। यूनेस्को ने प्रयागराज महाकुंभ को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में स्थान दिया है । पर्यटकों की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी को भी इसी के परिणाम के तौर पर देखा जा  रहा है। इसका असर संगम के तट पर 3 जनवरी से लगने जा रहे आस्था के  जन समागम माघ मेला 2026 में भी परिलक्षित होगा।  ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनने की तरफ प्रयागराज महाकुंभ 2025 में मिली अभूतपूर्व सफलता और रिकॉर्ड संख्या में पहुँचे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के अनुभवों को आधार बनाकर प्रशासन प्रशासन प्रयागराज को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के विस्तृत रोडमैप पर कार्य कर रहा है । कमिश्नर प्रयागराज सौम्या अग्रवाल का कहना है कि प्रयागराज महाकुंभ 2025 के दिव्य, भव्य और स्वच्छ आयोजन के बाद वैश्विक पटल पर कुंभ नगरी प्रयागराज को विशेष पहचान मिली है। साल 2022 में प्रयागराज में पर्यटकों का जो फुटफॉल 2.66 करोड़ था वह इस साल जनवरी से सितंबर तक बढ़कर 68.21 करोड़ पहुंच गया । इसे सरकार लगातार प्रोत्साहित कर रही है। इस बार का माघ मेला अब केवल एक परंपरागत धार्मिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि भारत की आध्यात्मिक,सांस्कृतिक पहचान और सुगठित प्रशासनिक क्षमता का समृद्ध प्रदर्शन का साक्षी बनेगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने स्वयं इस बात का संज्ञान लेते हुए इस बार के माघ मेले में 12 से 15 करोड़ के बीच पर्यटकों या श्रद्धालुओं का अनुमान लगाया है। यह अब तक आयोजित सभी माघ मेलो के तीन गुना से अधिक है। आयोजन को ग्लोबल रीच देने के लिए मेला प्राधिकरण कई कदम उठा रहा है।  विदेशी और घरेलू पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी का अनुमान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर की गई ब्रांडिंग, डिजिटल प्रचार और महाकुंभ की वैश्विक पहुँच को देखते हुए प्रयागराज महाकुंभ में पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या ने कीर्तिमान बना दिया । पर्यटन विभाग द्वारा महाकुंभ में आने वाले पर्यटकों की संख्या जनवरी 2025 से सितंबर 2025 तक 68 करोड़ 21 लाख 50 हजार 860 रही। महाकुंभ की उसी रणनीति पर चलते हुए माघ मेले की ब्रांडिंग भी उसी का हिस्सा है जिसमें 44 दिन चलने वाले माघ मेले 12 से 15 करोड़ लोग  में आने का अनुमान है।  महाकुंभ के बाद अब माघ मेले की ब्रांडिंग प्राथमिकता पर महाकुंभ की ब्रांडिंग के बाद सरकार माघ मेले की ग्लोबल ब्रांडिंग भी कर रही है। महाकुंभ 2026 के आयोजन की ब्रांडिंग के असर के चलते इस बार माघ मेले में आने वाले पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी को देखते हुए इस बार का माघ मेले का बजट भी 95 करोड़ कर दिया गया है जो पिछले 2024 के माघ मेले में 79.8 करोड़ था। इसके लिए मेले की बसावट और सजावट पर प्रशासन का फोकस है। कमिश्नर प्रयागराज सौम्या अग्रवाल का कहना है कि विभिन्न माध्यमों से मेला की ब्रांडिंग की योजना है जो इसकी बसावट और सजावट में नजर आएगी।  माघ मेला 2026 के पूरे क्षेत्र की बसावट इस बार विशेष 7 की थीम पर होगी। प्रशासन ने तय किया है कि टेंट सिटी, घाटों की सजावट, LED लाइटिंग व्यवस्था, सांस्कृतिक मंच, थीमेटिक पार्क, स्वागत द्वार, आर्ट इंस्टॉलेशन और सार्वजनिक सुविधाओं तक में आध्यात्मिकता की अनुगूँज स्पष्ट दिखाई देगी।