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अनिल विज की बड़ी पहल सफल: अंबाला में 100 बेड के अत्याधुनिक ESI अस्पताल को मंजूरी

चंडीगढ़  अंबाला छावनी और साहा औद्योगिक क्षेत्र के हजारों श्रमिक परिवारों को लंबे समय से जिस अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधा का इंतजार था, वह अब साकार होने जा रही है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने सेक्टर-33 में 100 बिस्तरों वाले हाई-टेक कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल के लिए भूमि आवंटन पत्र जारी कर दिया है। श्रम मंत्री अनिल विज की लगातार पहल और फॉलो-अप के कारण यह महत्वपूर्ण परियोजना अब जमीन पर उतरने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा चुकी है। श्रम मंत्री अनिल विज ने बताया कि एचएसवीपी द्वारा ईएसआईसी के क्षेत्रीय निदेशक को भूमि आवंटन संबंधी पत्र सौंप दिया गया है। इसके बाद ईएसआईसी द्वारा भुगतान औपचारिकताएं पूरी होने पर निर्माण कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अंबाला छावनी और साहा इंडस्ट्रियल बेल्ट में बड़ी संख्या में बीमित श्रमिक रहते और काम करते हैं, लेकिन उन्हें अब तक आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर उपलब्ध नहीं हो पाती थीं। यह अस्पताल इस क्षेत्र की स्वास्थ्य प्रणाली में ‘गेम चेंजर’ सिद्ध होगा। इंडस्ट्रियल बेल्ट में पहली बार सुपर-स्पेशियलिटी सुविधा विज ने कहा कि अंबाला छावनी सेक्टर-33 से जुड़ा साहा औद्योगिक क्षेत्र प्रदेश के प्रमुख श्रमिक हब में से एक है। हजारों बीमित कर्मचारी यहाँ कार्यरत हैं, जिनके लिए यह अस्पताल न सिर्फ स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करेगा, बल्कि इलाज के लिए दूर शहरों में जाने की मजबूरी भी खत्म करेगा। उन्होंने इस परियोजना को अंबाला छावनी और आसपास के जिलों -कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और पिंजौर-बद्दी बेल्ट के लिए भी बड़ी उपलब्धि बताया। अस्पताल में मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं प्रस्तावित 100 बिस्तरों वाले इस अति-आधुनिक अस्पताल में लगभग सभी प्रमुख विभाग शामिल होंगे, जिनमें मेडिसिन, सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग, अस्थि रोग, ईएनटी, नेत्र रोग, त्वचा रोग और मनोरोग जैसी सेवाएं उपलब्ध होंगी।   अस्पताल में 24×7 आपातकालीन और ट्रॉमा केयर, आधुनिक आईसीयू, उन्नत डायग्नॉस्टिक लैब, रेडियोलॉजी, ओपीडी, इन-पेशेंट और डे-केयर सुविधाएं भी होंगी, जिससे बीमित समुदाय को समय पर सही उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा। अंबाला के स्वास्थ्य मानचित्र में बड़ा बदलाव स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह संस्थान अंबाला के स्वास्थ्य परिदृश्य में महत्वपूर्ण सुधार लाएगा। औद्योगिक क्षेत्रों में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर सुपर-स्पेशियलिटी ईएसआईसी अस्पताल मिलने से श्रमिकों और उनके आश्रितों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। अहम बिंदु साहा–अंबाला औद्योगिक क्षेत्र के बीमित श्रमिकों को सीधा लाभ आईसीयू, ट्रॉमा सेंटर व एडवांस डायग्नॉस्टिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी ओपीडी, इन-पेशेंट व डे-केयर सेवाएं भी अस्पताल में शुरू होंगी पहली बार छावनी क्षेत्र को मिलेगा इतने बड़े स्तर का ईएसआईसी अस्पताल

सीएम डॉ. मोहन यादव ने दो साल में किए गए कार्यों का विवरण दिया, नक्सलवाद खत्म कर सिस्टम को मजबूत किया

 भोपाल  मध्य प्रदेश में सीएम डॉ. मोहन यादव की सरकार को दो साल पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर भोपाल में आयोजित पत्रकारवार्ता में सीएम, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने सरकार की उपलब्धियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री दो वर्ष की उपलब्धियों की पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि हमने दो साल की समीक्षा की और आगामी तीन वर्ष के कार्यों का लक्ष्य तय किया है। हमने तय किया कि मंत्री विभागवार प्रेजेंटेशन दे। लॉ एंड ऑर्डर को लेकर सबसे बड़ी प्रॉब्लम थी। 35 साल पुरानी माओवाद की चुनौती से निपटने का केंद्रीय गृह मंत्री ने लक्ष्य तय किया। इसके बाद मंडला, बालाघाट, डिंडोरी लाल आतंक से मुक्त होते गए। यहां तक कि एक मंत्री को घर से निकालकर थाने के पास कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई थी। उस समय समानांतर थाने, समानांतर कोर्ट और समानांतर सत्ता चलने लगी थी। मुख्यमंत्री ने बताया कि जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस संबंध में डेडलाइन तय की, तब सभी को लगा कि यह संभव होगा भी या नहीं। लेकिन कई पुलिस अधिकारी स्वयं आगे आए और बालाघाट में ड्यूटी की मांग की, जिससे नक्सलवाद खत्म करने में बड़ी मदद मिली। हमारे जवानों और नागरिकों को सलाम मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मंडला, बालाघाट और डिंडोरी में नक्सली समस्या खत्म करना प्रदेश के लिए एक बड़ा उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि “हमारे जवानों और आम नागरिकों ने इसकी बड़ी कीमत चुकाई है, मैं उन सभी को सलाम करता हूं।” साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अब जरूरत है कि सिस्टम को इतना मजबूत बनाया जाए कि यह समस्या दोबारा सिर न उठा सके। नदी जोड़ो अभियान पर बोलते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन परियोजनाओं से प्रदेश में सिंचाई का रकबा तेजी से बढ़ रहा है। परस्पर सौहार्द के तहत राजस्थान और मध्यप्रदेश दोनों राज्यों में पार्वती, कालीसिंध और चंबल नदी का पानी पहुंचने से बड़ी राहत मिलेगी। सीएम ने कहा पार्वती कालीसिंध चंबल, केन बेतवा और ताप्ती नदी जोड़ो परियोजनाएं नए युग की शुरुआत है। 800 करोड़ की क्षिप्रा योजना से अब क्षिप्रा जल से ही स्नान होगा। गंभीर और खान नदी को जोड़कर परियोजना बनाई है। ऊपर खेती होगी और नदी का टनल बनकर सिंचाई का कार्य कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है यह दो वर्ष विकास और सेवा के रहे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा यह दो वर्ष विकास ओर सेवा के रहे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार विकसित भारत 2047 को ध्यान में रखकर कार्य कर रही है। लाड़ली बहनों को डेढ़ हजार रुपए की राशि दे रहे हैं। महिला उद्यमियों के लिए 275 करोड़ का प्रविधान किया। युवा रोजगार के लिए भी सरकार ने निर्णय लिए। पीएमसी एंबुलेंस जैसे नए प्रयोग किए। हर वर्ग के हर समाज के लिए काम करने का प्रयास किया गया। शिप्रा में स्नान हो सके, इसलिए बनाई 800 करोड़ की योजना सीएम यादव ने कहा कि उज्जैन की शिप्रा नदी में दो तरह की चुनौतियां थीं। पिछले सिंहस्थ में साधु-संतों ने गंभीर नदी के पानी से स्नान किया था। स्नान तो हुआ और सिंहस्थ संपन्न हुआ, लेकिन शिप्रा नदी का पानी उपलब्ध नहीं था। इस बार जल संसाधन विभाग ने व्यवस्था कर दी है कि सिंहस्थ में शिप्रा नदी के जल से स्नान हो सके। इसके लिए लगभग 800 करोड़ रुपए की योजना बनाई गई है। मध्यप्रदेश में एक राज्य के अंदर दो नदियों को जोड़ने का अभियान भी शुरू किया गया है। इसके तहत गंभीर और खान नदी को मिलाने के लिए टनल बनाकर नदी से नदी जोड़ने का काम किया गया है। ऊपर खेती होती है और नीचे नदी की धारा बहती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भोपाल में पहले जीआईएस सुविधा उपलब्ध नहीं थी, जिसे उनकी सरकार ने लागू किया। इसके अलावा, सागर में खाद का कारखाना चालू होने से यूरिया और अन्य खाद की आपूर्ति में आसानी होगी। उन्होंने बताया कि सरकार ने न केवल व्यवस्थाएं चलाईं, बल्कि दूरदर्शी सोच के साथ ऐसे प्रोजेक्ट भी पूरे किए जो सामान्यतः लंबा समय लेते। 'भोपाल गैस त्रासदी के कचरे का निष्पादन हमने किया' मुख्यमंत्री यादव ने इंदौर की हुकुम चंद मिल का जिक्र करते हुए कहा कि 300 से 400 करोड़ के बकाया में उलझी मिल का निराकरण होने के बाद अब 70 से 80 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट यहां लगने वाला है। उन्होंने कहा कि भोपाल गैस त्रासदी के कचरे का निष्पादन करने का काम उनकी सरकार ने किया है। 'प्राइवेट से ज्यादा वेतन देंगे, ताकि एक्सपर्ट सरकारी सेवा में आएं' मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ती डॉक्टरों की कमी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि, तेज गति से मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं तो हमको उसके हिसाब से मैनपॉवर भी चाहिए। हेल्थ सेक्टर में एक्सपर्ट नहीं मिलने की चुनौती तो है, लेकिन हमने तय किया है कि हम प्राइवेट सेक्टर से ज्यादा वेतन देकर एक्सपर्ट डॉक्टरों को सरकारी सेवाओं में आगे लाएंगे। दो बड़े मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र सीएम यादव ने कहा कि, मध्यप्रदेश में शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने मध्यप्रदेश महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम 2025 को मंजूरी दी है। इसके तहत इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर को मेट्रोपॉलिटन सिटी घोषित किया है। पहला इंदौर-उज्जैन-देवास-धार और दूसरा भोपाल-सीहोर-रायसेन-विदिशा-ब्यावरा विकसित होंगे। एकीकृत टाउनशिप नीति-2025 को भी स्वीकृति दी गई है। मई 2025 में इंदौर मेट्रो और दिसंबर 2025 में भोपाल मेट्रो का परिचालन शुरू होगा। डिप्टी सीएम बोले- विकास और विरासत दोनों पर ध्यान कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार का दो साल का कार्यकाल पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ मध्यप्रदेश को विकास के रास्ते पर ले जा रहे हैं। इन दो वर्षों में विकास और विरासत दोनों पर विशेष ध्यान दिया गया है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि विकास और सेवा के ये दो वर्ष अच्छे शासन, पारदर्शिता और त्वरित निर्णयों के लिए जाने जाते हैं। त्वरित कार्यवाही से भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने … Read more

रायपुर: 02 सालों में छत्तीसगढ़ ने बनाई नई पहचान, अब भारत का ग्रोथ इंजन बन गया राज्य”

रायपुर : राज्य सरकार के 02 वर्ष पर विशेष : छत्तीसगढ़ बना भारत का ग्रोथ इंजन    रायपुर विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य अनुरूप छत्तीसगढ़ में न केवल तेजी से अधोसंरचनाएं विकसित हो रही है, बल्कि सस्टेनबल डेवलपमेंट गोल के लक्ष्य को भी हासिल किया जा रहा है। विगत दो वर्षों में छत्तीसगढ़ भारत के विकास इंजन के रूप में भी तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। प्रदेश की नवीन औद्योगिक नीति में डिफेंस, आईटी, एआई, ग्रीन एनर्जी जैसे नए क्षेत्रों को विशेष पैकेज दिया जा रहा है। राज्य में अब तक 7.69 लाख रूपए के निवेश के प्रस्ताव मिल चुके हैं। राज्य में विकास, विश्वास और सुरक्षा का नया वातावरण बना है। राज्य की प्रगति में माओवाद आतंक हमेशा से ही बाधक रही है। अब यह बाधा दूर होने जा रही है। माओवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है।  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सुशासन, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक सुदृढ़ एवं परिणाम आधारित बनाने के लिए सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया है। शासन व्यवस्था में अनुशासन और समयबद्धता सुनिश्चित करने हेतु 01 दिसम्बर 2025 से मंत्रालय महानदी भवन में अधिकारियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू कर दी गई है, जिससे कार्य संस्कृति और जवाबदेही को नई पहचान मिल रही है। प्रदेश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण जुड़ा है नवा रायपुर अटल नगर में छत्तीसगढ़ के नए भव्य विधानसभा भवन का लोकार्पण प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा किया गया। यह विधानसभा भवन नई ऊर्जा, नई सोच और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प का प्रतीक है। पिछले 2 वर्षों में बस्तर और सरगुजा अंचल के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए वहां सड़क, रेल, स्वास्थ्य और संचार सहित कई नई परियोजनाएं भी शुरू की गई। नई औद्योगिक नीति में पर्यटन को उद्योग का दर्जा  दिया गया है। बस्तर में पर्यटन सुविधाओं को बढ़ाने का प्रयास किए जा रह हैं। इसके लिए नई होम स्टे पॉलिसी और इको टूरिज्म के लिए विशेष प्रावधान रखे है। बस्तर और सरगुजा अंचल में उद्योगों की स्थापना पर विशेष सुविधाएं, छूट और रियायतें दी जा रही है। इसके अलावा उद्योगों को विशेष पैकेज के अंतर्गत सस्ती जमीन उपलब्ध कराई जा रही है।  नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत माओवाद आतंक से प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित 69 सुरक्षा कैम्पों के माध्यम से मूलभूत सुविधाओं के साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। बस्तर की बदलती फिजा को सबके सामने लाने में बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे बड़े आयोजनों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बस्तर के युवा अब विकास से जुड़ना चाहते है, इसकी बानगी यहां चलाए जा रहे हैं। स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों में देखी जा सकती है। बस्तर की युवाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए और उन्हें रोजगार से जोड़ने के लिए पर्यटन ऑटोमोबाईल, पायलट, आईटी आदि क्षेत्रों में स्किल डेवलपमेंट के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।  राज्य में सस्टेनबल डेवलपमेंट गोल को हासिल करने के लिए सामाजिक, आर्थिक गतिशीलता के लिए शुरू की गई कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत 40 लाख घरों में पीने का स्वच्छ जल मुहैया कराया जा रहा है। इसी प्रकार 26 लाख से अधिक परिवारों के लिए पीएम आवास स्वीकृत किए गए हैं। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने और समाज में उनकी भूमिका बढ़ाने के लिए महतारी वंदन योजना में 70 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खाते में एक-एक हजार रूपए की राशि दी जा रही है। इस योजना के अंतर्गत लगभग 14 हजार करोड़ रूपए की राशि जारी की जा चुकी है। आयुष्मान भारत योजना के दायरे में राज्य की 98 प्रतिशत आबादी को लाया जा चुका है।  छत्तीसगढ़ में धान की पैदावार और समर्थन मूल्य में खरीदी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मुख्य धुरी है। किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए मोदी की गारंटी के अंतर्गत किसानों को देश में सर्वाधिक धान का मूल्य दिया जा रहा है। राज्य के 2300 से अधिक धान उपार्जन केंद्रों में सफलतापूर्वक धान की खरीदी की जा रही है। किसानों से धान प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से तथा 3100 रूपए प्रति क्विंटल की कीमत दी जा रही है। किसान हितैषी फैसलों के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ में किसानों के खाते में एक लाख करोड़ रूपए से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। किसान इस राशि का खेती किसानी में भरपूर निवेश कर रहे हैं और इससे बाजार भी गुलजार हुए हैं जिससे शहरी अर्थव्यवस्था पर सीधा असर दिख रहा है। ट्रैक्टर आदि की बिक्री ने रिकार्ड आंकड़ा छू लिया है।  छगन लोन्हारे उप संचालक (जनसंपर्क) 

MP को नक्सलमुक्त करने का दावा, CM मोहन यादव बोले- लाल सलाम को मिली आखिरी सलामी

 बालाघाट मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य को नक्सली खतरे से पूरी तरह मुक्त होने का दावा किया. यह घोषणा तब की गई जब बालाघाट जिले में दो इनामी नक्सलियों दीपक और रोहित ने सरेंडर कर दिया. उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में 2026 तक देश से नक्सलवाद को खत्म करने के पक्के इरादे की वजह से मुमकिन हुआ है. CM यादव भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बालाघाट में नक्सलियों के सरेंडर से जुड़े 'रिहैबिलिटेशन टू रिजुविनेशन' कैंपेन के तहत आयोजित एक प्रोग्राम को संबोधित कर रहे थे. मध्‍य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नक्‍सलवाद मुक्‍त एमपी का ऐलान करने के साथ कहा कि यह सफलता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में तैयार रणनीति का परिणाम है. सीएम ने बताया क‍ि हमारी नीति स्पष्ट थी या तो नक्सलियों को आत्मसमर्पण करवाया जाएगा या उन्हें खत्म किया जाएगा. आज वही नीति सफल हुई.  नक्सली दीपक और रोहित ने दिन में बालाघाट जिले के बिरसा थाना इलाके के कोरका में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) कैंप में सरेंडर कर दिया. नक्सली दीपक बालाघाट व रोहित छत्तीसगढ़ का निवासी  11 द‍िसंबर 2025 को मध्‍य प्रदेश के बालाघाट पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में आईजी संजयकुमार, सीआरपीएफ आईजी नीतू भट्टाचार्य, कलेक्टर मृणाल मीना और एसपी आदित्य मिश्रा मौजूद रहे. आईजी संजय कुमार ने बताया कि नक्सली दीपक बालाघाट जिले के पालागोंदी का रहने वाला है  जबकि रोहित छत्तीसगढ़ का निवासी है. सरेंडर के समय दीपक ने कार्बाइन गन और कारतूस भी समर्पित किए हैं. बालाघाट ज‍िला कलेक्टर मृणाल मीना ने बताया कि बालाघाट जिले में नक्सल गतिविधियों के कारण लगभग सौ गांवों के आदिवासी ग्रामीणों तक सरकारी योजनाओं और अन्य मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने में दिक्कत आ रही थी. चूंकि अब जिला नक्सल मुक्त हो चुका है ऐसे में उपरोक्त प्रभावित गांवों में विकास की धारा बहेगी.  पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दीपक और रोहित पर क्रम से 29 लाख रुपए और 14 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था, और दोनों ने मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताते हुए सरेंडर कर दिया. बालाघाट के एसपी आदित्य मिश्रा ने कहा कि जिले में अब कोई हार्डकोर नक्सली एक्टिव नहीं है. उन्होंने कहा कि दीपक बालाघाट जिले के पलागांवडी का रहने वाला है और दोनों लंबे समय से इलाके में नक्सल गतिविधियों में एक्टिव थे. उन्होंने कहा कि सिक्योरिटी एजेंसियां ​​लंबे समय से उनकी तलाश में थीं और यह एक बड़ी सफलता है. पुलिस अधिकारी ने कहा, "यह सरेंडर CRPF और लोकल पुलिस की जॉइंट कार्रवाई, लगातार दबाव और असरदार स्ट्रैटेजी की वजह से मुमकिन हुआ. इससे इलाके में नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका लगेगा." गुरुवार देर शाम मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि पुलिस अधिकारियों और जवानों की अदम्य हिम्मत और कुर्बानी की वजह से बालाघाट के लाल सलाम को आखिरी सलामी दी गई है. CM यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह के गाइडेंस में आजादी के बाद पहली बार नक्सलियों के खिलाफ कोऑर्डिनेटेड तरीके से एक शानदार और ऐतिहासिक कैंपेन शुरू किया गया. उन्होंने एक ऑफिशियल बयान में कहा, "सेंट्रल लीडरशिप ने नक्सलवाद के खत्म होने के लिए 26 जनवरी 2026 की डेडलाइन घोषित की है." मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलियों के पास सिर्फ दो ऑप्शन हैं, नई जिंदगी का मौका या जिंदगी खत्म. उन्होंने आगे कहा, "सेंट्रल आर्म्ड फोर्सेज और मध्य प्रदेश पुलिस के बहादुर जवानों की मिली-जुली कोशिशों की वजह से 11 दिसंबर को आखिरी दो नक्सलियों के सरेंडर के साथ राज्य नक्सल-फ्री हो गया." CM यादव ने कहा कि राज्य में नक्सलवाद के खत्म होने से मंडला, डिंडोरी और बालाघाट के विकास में आने वाली रुकावटें दूर हो गई हैं. उन्होंने कहा, "हम इस इलाके को विकास के रास्ते पर आगे ले जाने के लिए सबके साथ मिलकर काम करेंगे. हम माओवाद को पनपने नहीं देंगे." साथ ही उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में अपनी जान कुर्बान करने वाले सभी शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी. 10 हार्डकोर नक्सलियों ने एक साथ डाले थे हथियार बता दें क‍ि मध्य प्रदेश के बालाघाट में 7 दिसंबर की अपराह्न साढ़े तीन बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने 10 हार्डकोर नक्सलियों ने हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दिया था. मध्य प्रदेश में "पुनर्वास से पुनर्जीवन" के तहत नक्सलियों का यह कोई साधारण सरेंडर नहीं था, क्योंकि इनमें से कई नक्‍सली कैडर KB और MMC ज़ोन में वर्षों तक खूनी वारदातों का हिस्सा रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरेंडर करने वाले कैडर को राज्य की पॉलिसी के तहत नई जिंदगी दी जाएगी और सरकार उन्हें सुरक्षा देने के लिए पूरी तरह तैयार है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा: मोबिलिटी और नई तकनीक क्षेत्रीय विकास के लिए महत्वपूर्ण

मोबिलिटी और नई तकनीक क्षेत्रीय विकास के लिए आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने उज्जैन के ग्राम नलवा में मोबिलिटी स्टेशन का भोपाल से वर्चुअली किया शुभारंभ  उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के ग्राम नलवा स्थित  गायत्री पेट्रोलियम- मोबिलिटी स्टेशन का मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली शुभारंभ किया। उन्होंने प्रतिष्ठान के संचालक  गोविंद सिंह आंजना को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष-2028 के सिहंस्थ और उज्जैन-इंदौर-देवास के सम्मिलित रूप से मेट्रोपॉलिटन एरिया के रूप में विकास से भविष्य का पश्चिमी मध्य प्रदेश आकर ले रहा है। क्षेत्र में रोड नेटवर्क और औद्योगिक गतिविधियों का तेजी से विकास और विस्तार हो रहा है। क्षेत्र की गतिशीलता को सुनिश्चित करने में फ्यूल और मोबिलिटी तथा नई तकनीक का महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि  गायत्री मोबिलिटी स्टेशन, गुणवत्ता और सेवा भाव के साथ क्षेत्र की प्रगति में योगदान देगा। ग्राम नलवा में हुए कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित थे।  

शिलांग कोर्ट में सोनम रघुवंशी की सहेलियों की ऑनलाइन पेशी, राज कुशवाह के बारे में पूछे गए सवाल

इंदौर  ट्रांसपोर्टर राजा रघुवंशी हत्याकांड में गुरुवार को सोनम रघुवंशी की दो सहेलियों के कथन हुए। दोनों युवतियों की ई-सेवा कक्ष से शिलांग कोर्ट में पेशी हुई। दोनों ही युवतियां सोनम की कर्मचारी बताई जा रही है। पेशी के दौरान वकील भी मौजूद थे। जानकारी के मुताबिक शिलांग पुलिस ने विवेचना के दौरान दीपांशी और प्रियांशी के भी कथन लिए थे। देश के चर्चित केस में अब शिलांग कोर्ट में ट्रायल शुरू हो चुका है। राजा के बड़े भाई विपिन के कथन दर्ज होने के बाद कोर्ट ने दीपांशी और प्रियांशी को समंस जारी किया था। दोनों की जिला कोर्ट में ई-सेवा कक्ष के माध्यम से पेशी हुई। सोनम को भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जोड़ा गया था। सरकारी वकील ने दीपांशी और सोनम का ऑनलाइन सामना करवाया। इसके बाद सोनम के संबंध में सवाल हुए। वकील ने सोनम के ऑफिस आने-जाने और राज कुशवाह (आरोपित) के संबंध में भी पूछा। सरकारी वकील के अनुसार दोनों युवतियों को दो समंस मिल चुके थे। शिलांग न जाने के कारण ऑनलाइन पेशी करवाई गई है। उधर, राजा के भाई विपिन का आरोप है कि दोनों युवतियां गोविंद के ऑफिस की कर्मचारी है और उन्हें समझा-बुझाकर कोर्ट लाया गया।  

भोपाल में मर्चुरी के बाहर मिले दो नवजातों के अधजले शव, नाल नहीं कटी, पुलिस ने शुरू की जांच

 भोपाल  हमीदिया अस्पताल परिसर में मर्चुरी के सामने मिले जुड़वा नवजात शिशुओं के अधजले शवों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है, लेकिन मामला और भी उलझ गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार पीएम रिपोर्ट में डॉक्टरों के हवाले से शिशुओं की मौत का कोई स्पष्ट कारण नहीं दिया गया है। बीते बुधवार दोपहर को हमीदिया अस्पताल परिसर में मर्चूरी के सामने एक पन्नी में लिपटे हुए दो नवजात शिशुओं के अधजले शव मिले थे। दोनों शिशु जुड़वा थे और हैरान करने वाली बात यह थी कि उनकी नाल नहीं काटी गई थी। एक नवजात का शव बुरी तरह जला हुआ था, जबकि दूसरे पर भी जले होने के निशान थे। अस्पताल की मर्चुरी कर्मचारियों की सूचना पर कोहेफिजा पुलिस ने शवों को जब्त कर लिया था। कोहेफिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला ने बताया कि नवजात शिशुओं की पीएम रिपोर्ट मिल गई है, लेकिन मृत्यु का सही कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। अवैध प्रसव की आशंका, क्या शिशुओं को मरने के लिए छोड़ा पुलिस ने आशंका जताई है कि या तो किसी ने अवैध रूप से प्रसव कराने के बाद शिशुओं को मरने के लिए छोड़ दिया और फिर शव को जलाने की कोशिश की गई या फिर अस्पताल से जुड़े किसी कर्मचारी ने प्रसव के बाद उनका अवैध निपटान करने का प्रयास किया। पुलिस घटनास्थल के आसपास के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और हमीदिया अस्पताल में हाल में हुए बच्चों के जन्म से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है ताकि शिशुओं के माता-पिता तक पहुंचा जा सके। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एफ.आई.एच. हॉकी पुरुष जूनियर्स विश्व कप-2025 में कांस्य पदक जीतने पर टीम को बधाई दी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एफ .आई. एच. हॉकी पुरुष जूनियर्स विश्व कप-2025 में भारतीय पुरुष जूनियर हॉकी टीम को कांस्य पदक जीतकर नया इतिहास रचने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अभूतपूर्व उपलब्धि युवाओं को समर्पण, अनुशासन और निरंतर प्रयास के साथ अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा देने वाली है।  

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने विक्रम अवार्ड-2023 पर अंतरिम रोक लगाई, कोर्ट ने दूसरी दावेदार से मांगा जवाब

जबलपुर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने साहसिक खेलों के लिए दिए जाने वाले विक्रम अवार्ड-2023 का आयोजन करने पर अंतरिम रोक लगा दी। कोर्ट ने दूसरी दावेदार भावना डेहरिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही मामले की अगली सुनवाई पांच जनवरी, 2026 को निर्धारित की। कहा कि तब तक विक्रम अवार्ड-2023 आयोजन न किया जाए। सीहोर निवासी पर्वतारोही मेघा परमार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा व अधिवक्ता अतुल जैन ने पक्ष रखा। दलील दी कि याचिकाकर्ता इस अवार्ड की सही दावेदार है, इसलिए अंतिम निराकरण तक उक्त अवार्ड किसी अन्य को नहीं दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मप्र शासन ने साहसिक खेलों के लिए विक्रम अवार्ड 2023 की घोषणा की है। इसके लिए छिंदवाड़ा की पर्वतारोही भावना डेहरिया का चयन किया गया है। याचिकाकर्ता को भावना के चयन पर कोई आपत्ति नहीं है। उसका कहना है कि 22 मई 2019 को दुनिया की सबसे ऊंची छोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने वालों में वह अग्रणी थीं। भावना डेहरिया से पहले तिरंगा फहराया था। दोनों के बीच पांच घंटे का अंतराल था। मेघा सुबह पांच बजे चोटी पर पहुंच गई थीं, जबकि भावना पौने 10 बजे पहुंची थीं। इस लिहाज से भावना की भांति मेघा का भी विक्रम अवार्ड पर हक है। नियम शिथिल करें विगत सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता तन्खा ने दलील दी थी कि 2022 में विक्रम अवार्ड के चयन की प्रक्रिया में नियमों को शिथिल करते हुए प्रदेश के दो पुरुष खिलाड़ियों पर्वतारोही भगवान सिंह और रत्नेश पांडेय के नामों पर मुहर लगाई थी। दोनों के बीच लक्ष्य हासिल करने में एक घंटे का अंतराल था। एक वर्ष में सिर्फ एक खिलाड़ी को अवार्ड देने का नियम बदलने का दृष्टांत सामने है। याचिकाकर्ता मेघा के लिए विक्रम अवार्ड पाने का नामांकन प्रक्रिया के अनुसार यह अंतिम अवसर है। कोर्ट को बताया गया कि प्रदेश में संचालित बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान में याचिकाकर्ता मेघा परमार को ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त किया गया था और भावना को यह अवसर मेघा के बाद हासिल हुआ।

उज्जैन के महाकाल मंदिर में अब भक्तों को मिलेगा 24 घंटे लड्डू प्रसाद, नया काउंटर शुरू

उज्जैन विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में अब भक्तों को चौबीस घंटे भगवान महाकाल का लड्डू प्रसाद मिल सकेगा। मंदिर समिति पं.सूर्यनारायण व्यास यात्री गृह (हरसिद्धि धर्मशाला) के सामने नया प्रसाद काउंटर स्थापित करने जा रही है। बता दें वर्तमान में भक्तों को परिसर स्थित प्रसाद काउंटरों से सुबह 6 से रात 11 बजे तक ही लड्डू प्रसाद मिल पाता है। महाकाल मंदिर प्रबंध समिति द्वारा श्री महाकाल महालोक, मंदिर परिसर तथा मंगलनाथ मंदिर स्थित काउंटर से लड्डू प्रसाद का विक्रय किया जाता है। यह सभी काउंटर मंदिरों की व्यवस्था अनुसार पट खुलन के बाद खोले जाते हैं तथा पट बंद होने पर बंद कर दिए जाते हैं। ऐसे में इन काउंटरों से 24 घंटे प्रसाद विक्रय नहीं किया जा सकता है। इसलिए मंदिर समिति ने भक्तों को 24 घंटे प्रसाद विक्रय करने के लिए हरसिद्धि धर्मशाला के बाहर नया काउंटर शुरू करने का निर्णय लिया है। इस काउंटर से दोनों प्रकार के श्री अन्न रागी तथा बेसन के लड्डू प्रसाद का विक्रय किया जाएगा। 400 रुपये किलो लड्डू, विभिन्न पैक में उलब्ध बेसन व रागी के लड्डू की कीमत एक समान 400 रुपये किलो है। समिति 100 ग्राम, 200 ग्राम व 500 ग्राम के पैक में प्रसाद का विक्रय कर रही है। इसकी कीमत क्रमश: 50 रुपये, 100 रुपये तथा 200 रुपये है।