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जमुई में नाबालिग छात्रों से बदसलूकी, 2018 के जहानाबाद कांड से जुड़ी घटना की कड़ियां

जहानाबाद बिहार के जमुई में 19 सितंबर की शाम दो नाबालिग छात्रों के साथ सड़क पर हुई हैवानियत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। दोनों 10वीं कक्षा के छात्र हैं और एक ही कोचिंग संस्थान में पढ़ते हैं। कोचिंग के बाद दोनों मड़वा पहाड़ी इलाके की तरफ गए थे। लौटते समय कुछ युवकों ने उन्हें सड़क पर रोक लिया। इसके बाद दोनों को घेरकर उनके साथ मारपीट और बदसलूकी की गई। वीडियो में जिस तरह लड़की को घेरकर उसके साथ अभद्र व्यवहार किए जाने की बात सामने आई है, उसने आठ साल पुराने जहानाबाद कांड की यादें भी ताजा कर दी हैं। अप्रैल 2018 में जहानाबाद में एक नाबालिग लड़की को सड़क पर युवकों के एक समूह ने घेर लिया था। उस घटना को भी कैमरे में रिकॉर्ड किया गया था और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। 2018 के जहानाबाद कांड में क्या हुआ था? जमुई की घटना ने अप्रैल 2018 में बिहार के जहानाबाद में हुए एक मामले की याद इसलिए ताजा कर दी क्योंकि वहां भी एक नाबालिग लड़की को सड़क पर युवकों के समूह ने घेर लिया था और पूरी घटना का वीडियो बनाया गया था। 30 अप्रैल 2018 को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, जहानाबाद जिले में 14 साल की एक लड़की के साथ दिनदहाड़े सड़क पर कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई और उसे जबरन निर्वस्त्र करने की कोशिश की गई। पुलिस ने इसे संभावित दुष्कर्म के प्रयास के तौर पर भी देखा था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। उस मामले में सात युवकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार लोगों में तीन 18 साल के युवक थे और एक नाबालिग था। पुलिस के मुताबिक वीडियो में दो युवक लड़की के साथ दिखाई दे रहे थे, जबकि दो अन्य वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे। पुलिस ने उस मामले में एक SIT भी बनाई थी। जहानाबाद के SP और पटना के ASP स्तर के अधिकारियों को जांच में शामिल किया गया था और पटना, गया तथा जहानाबाद में छापेमारी की गई थी। घटना में इस्तेमाल बाइक को भी पुलिस ने जब्त किया था। जहानाबाद में भी वीडियो से खुला था पूरा मामला जहानाबाद केस में भी पुलिस की शुरुआती कार्रवाई वायरल वीडियो के सामने आने के बाद तेज हुई थी। पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों और बाइक के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की। उस समय पटना जोन के IG नैयर हसनैन खान ने बताया था कि पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है और अन्य युवकों की तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक घटना में शामिल युवकों ने अपराध को रिकॉर्ड भी किया था। जिस मोबाइल फोन से वीडियो बनाया गया था, उसे भी पुलिस ने बरामद किया था। पुलिस ने तब भी वीडियो के गलत इस्तेमाल और पीड़िता की पहचान सार्वजनिक होने से रोकने की कोशिश की थी। 19 सितंबर की शाम जमुई में क्या हुआ? ताजा मामला जमुई का है। शहर के रहने वाले 10वीं कक्षा के एक लड़के और लड़की ने 19 सितंबर की शाम कोचिंग की कक्षा खत्म की। इसके बाद दोनों मड़वा पहाड़ी इलाके की तरफ स्कूटर से गए थे। लौटते समय कुछ युवकों ने उन्हें सड़क पर रोक लिया। पुलिस के अनुसार दोनों एक ही कोचिंग संस्थान में पढ़ते हैं और दोस्त हैं। घटना जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग से करीब तीन किलोमीटर दूर पहाड़ी इलाके में शाम करीब 6:30 बजे हुई बताई गई है। सामने आए वीडियो में कई लोग दोनों को घेरते दिखाई देते हैं। पुलिस के मुताबिक लड़की से उसका नाम-पता पूछा गया और उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। वीडियो के कुछ हिस्सों में लड़की को खींचे जाने की बात भी सामने आई है। लड़के को भी समूह ने घेरा और उसके साथ बदसलूकी की। सबसे परेशान करने वाली बात यह है कि घटनाक्रम के दौरान वीडियो भी बनाया गया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों को कथित तौर पर यह धमकी भी दी गई कि वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया जाएगा। बाद में इसी घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गए। पुलिस को दो दिन तक नहीं मिली शिकायत इस मामले में पुलिस की कार्रवाई का सबसे अहम पहलू यह है कि घटना 19 सितंबर को हुई, लेकिन शुरुआत में पुलिस के पास पीड़ितों की ओर से कोई शिकायत नहीं पहुंची। जमुई के एसपी विश्वजीत दयाल के मुताबिक, रविवार तक लड़के या लड़की ने पुलिस से शिकायत नहीं की थी। इसके बाद जब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे वाहन के नंबर के आधार पर पीड़ितों तक पहुंच बनाई। इसके बाद उनके बयान दर्ज किए गए और FIR की प्रक्रिया शुरू हुई। यानी इस मामले में पुलिस को घटना की जानकारी किसी मौके पर मौजूद व्यक्ति की शिकायत से नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो से मिली। इसके बाद पुलिस ने POCSO एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया। मामले की जांच SDPO दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में गठित SIT कर रही है। वीडियो से हुई आरोपियों की पहचान, तीन गिरफ्तार पुलिस के मुताबिक पीड़ितों ने FIR में आरोपियों के नाम नहीं बताए थे। इसके बावजूद वायरल वीडियो की मदद से करीब सात लोगों की पहचान की गई। इनमें से तीन को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। पुलिस ने वीडियो में लड़की के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करते दिखाई दे रहे व्यक्ति की भी पहचान कर ली है और उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से वीडियो हटाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। रिपोर्टों के मुताबिक गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में दो नाबालिग हैं। यही वजह है कि मामले में POCSO की धाराएं विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाती हैं।

नियुक्ति पत्र पाकर बोले चयनित शिक्षक, पारदर्शी प्रक्रिया से मिला रोजगार

नियुक्ति पत्र पाकर बोले चयनित शिक्षक, पारदर्शी प्रक्रिया से मिला रोजगार, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार पहले की सरकारों में रद्द हो जाती थीं परीक्षाएं, योगी सरकार में मिला नियुक्त पत्र: ममता मौर्या योगी सरकार में महिलाओं को बिना भेदभाव मिल रहे रोजगार के अवसर: आंचल शुक्ला पूर्व की सरकारों में होने वाली अव्यवस्था को योगी सरकार ने किया खत्म: गोपाल प्रजापति लखनऊ  उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित अभ्यर्थियों के चेहरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति-पत्र पाकर खिल उठे। पारदर्शी और त्वरित चयन प्रक्रिया के लिए उन्होंने योगी सरकार की खुलकर सराहना की। अभ्यर्थियों ने कहा कि निष्पक्ष प्रक्रिया के जरिए युवाओं को यह अवसर मिला है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी प्रकट किया। आंचल शुक्ला ने बताया कि उनकी नियुक्ति अग्रसेन कन्या इंटर कॉलेज टाउनहॉल वाराणसी में कला विषय, प्रवक्ता (पीजीटी) के पद पर हुई है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति-पत्र मिलने पर उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि उनका बड़ा सपना पूरा हुआ है। योगी सरकार में महिलाओं को बिना भेदभाव रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है। योगी सरकार ने महिला सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया है। इसी सुरक्षा के माहौल से महिलाओं की प्रदेश में भागीदारी बढ़ी है। पिछली सरकारों में रद्द हो जाती थी परीक्षाएं ममता मौर्या ने बताया कि उनका चयन टीजीटी संस्कृत के पद पर हुआ है। वह 2005 में एमए करने के बाद से इसके लिए प्रयास कर रही थीं। पहले बार-बार परीक्षाएं रद्द हो जाती थीं या लंबे समय तक परिणाम नहीं आता था। आज योगी सरकार की पारदर्शी व्यवस्था का नतीजा है कि परीक्षा में सफल होने के साथ ही नियुक्ति-पत्र भी मिल गया। इतने लंबे इंतजार के बाद चयनित होने पर खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। इसके लिए वह योगी सरकार का आभार व्यक्त करना चाहती हैं। टीजीटी गणित के पद पर चयनित मऊ के शिवम बरनवाल ने नियुक्ति-पत्र मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि योगी सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। बिना रिश्वतखोरी, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से युवाओं को रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं। योगी सरकार ने खत्म की अव्यवस्था गोपाल प्रजापति ने बताया कि उनका चयन श्री वैष्णव हरिहर दास इंटर कॉलेज, आजमगढ़ में प्रवक्ता (पीजीटी) रसायन विज्ञान के पद पर हुआ है। योगी सरकार की त्वरित प्रक्रिया से उनका पूरा परिवार उत्साहित और खुश है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व की सरकारों में होने वाली अव्यवस्था को खत्म कर व्यवस्था को सुदृढ़ किया है। इससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर स्पष्ट और पारदर्शी तरीके से मिल रहे हैं। कुमारी ऊषा सिंह ने बताया कि उनका चयन पं. दीनदयाल इंटर कॉलेज, गोरखपुर में गृह विज्ञान सहायक अध्यापक (टीजीटी) के पद पर हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से चयन प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से पूरी हो सकी है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति-पत्र पाकर वह और उनका पूरा परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है। मुख्यमंत्री की अपेक्षानुसार वह अपने सेवाकाल में पूरी निष्ठा के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगी। हजारों अभ्यर्थियों को मिला सीधा लाभ अमेठी के शिव प्रसाद मिश्रा ने बताया कि उनका चयन टीजीटी संस्कृत के पद पर हुआ है। उन्होंने योगी सरकार और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की निष्पक्ष चयन प्रक्रिया की सराहना की। कहा कि चयन प्रक्रिया त्वरित गति से पूरी हुई, जिससे हजारों अभ्यर्थियों को सीधे लाभ मिला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों से जिस ईमानदारी की अपेक्षा की है, उसे वह पूरी निष्ठा से पूरा करेंगे।

लव मैरिज पर पंचायत का सख्त फैसला, प्रेम विवाह करने वालों के सामाजिक बहिष्कार की बात

हिसार. हिसार के आर्य नगर गांव में बीते रविवार को हुई एक सामाजिक पंचायत में गांव के लोगों के बीच होने वाले प्रेम विवाह के सामाजिक बहिष्कार का प्रस्ताव पारित किया गया। पंचायत में कहा गया कि गांव में ऐसे विवाह करने वाले लोगों और इसका समर्थन करने वाले परिवार के सदस्यों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। पिछले कुछ महीनों में गांव में ऐसे तीन विवाह होने के बाद यह प्रस्ताव पारित किए जाने की बात सामने आई है। गांव के बुजुर्गों की मौजूदगी में हुई सभा में करीब एक हजार ग्रामीण शामिल हुए। पंचायत की अध्यक्षता गांव के बुजुर्ग कुलवंत गोसला ने की। प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि ऐसे विवाह का समर्थन करने वाले परिवार के सदस्यों या अन्य लोगों के खिलाफ भी सामाजिक बहिष्कार की कार्रवाई की जाएगी।

PM सूर्य घर योजना: बिहार में 25 हजार लाभार्थियों को आज वित्तीय सहायता, नई सोलर योजना भी लॉन्च

 पटना अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगाकर बिजली की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाने वाले बिहार के 25 हजार परिवारों के लिए मंगलवार का दिन खास है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर लगाने वाले इन लाभार्थियों को मंगलवार को राज्य सरकार की ओर से वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लाभार्थियों को राज्य वित्तीय सहायता का हस्तांतरण करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ‘मुख्यमंत्री सोलर प्रोत्साहन योजना’ का शुभारंभ भी करेंगे। कार्यक्रम के दौरान सौर ऊर्जा के फायदे और इसके उपयोग के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से नौ सोलर रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ‘सेवा सेतु कैंप’ का निरीक्षण करेंगे और वित्तीय सहायता के हस्तांतरण के बाद पीएम सूर्य घर योजना के लाभार्थियों से सीधे संवाद भी करेंगे। केंद्र की सहायता के साथ बिहार सरकार भी दे रही अतिरिक्त सहायता पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से एक किलोवाट के सोलर संयंत्र पर 30 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 60 हजार रुपये तथा तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के संयंत्र पर अधिकतम 78 हजार रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। इसके अतिरिक्त बिहार सरकार की ओर से भी राज्य वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। बिहार सरकार 1.1 किलोवाट क्षमता पर 10 हजार रुपये तथा तीन किलोवाट तक की क्षमता पर अधिकतम 20 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देगी। इस प्रकार तीन किलोवाट का रूफटाप सोलर सिस्टम लगाने वाले पात्र उपभोक्ता को केंद्र और राज्य सरकार की सहायता मिलाकर अधिकतम 98 हजार रुपये तक का अनुदान प्राप्त हो सकेगा। योजना का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली बिल के बोझ को कम करना है।

Visa-PR के लिए फर्जी शादी पड़ी भारी, कनाडा में जेल का प्रावधान

अमृतसर. इमिग्रेशन आवेदनों की गहन जांच और वीजा नियमों में सख्ती के बीच कनाडाई सरकार ने शादियों के जरिए होने वाली धोखाधड़ी के खिलाफ एक नई चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने अपने नागरिकों, स्थायी निवासियों और विदेशी नागरिकों को आगाह किया है कि केवल इमिग्रेशन या पक्की रिहाइश (PR) पाने के मकसद से बनाए गए झूठे, कॉन्ट्रैक्ट और स्वार्थी रिश्तों के गंभीर कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इमिग्रेशन, शरणार्थी और नागरिकता विभाग द्वारा इंटरनेट मीडिया पर जारी इस सलाह में फर्जी शादियों के जरिए वीजा हासिल करने की कोशिशों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि किसी जीवनसाथी को स्पॉन्सर करने से पहले अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर लें। खासकर तब, जब वह व्यक्ति हाल ही में मिला हो, तुरंत शादी का दबाव बना रहा हो, या उसका पारिवारिक इतिहास संदिग्ध हो। फर्जी शादियों के आधार पर स्पॉन्सरशिप करने वालों पर आपराधिक केस भी दर्ज हो सकते हैं। Think carefully before marrying someone and sponsoring them to come to Canada, especially if: 🚩 you’ve just met 🚩 the person wants to get married quickly 🚩 the person has been married or in a common-law relationship many times before 🚩 the person hasn’t shared much… — IRCC (@CitImmCanada) September 21, 2026  फर्जी शादियों की पहचान के लिए विशेष ट्रेनिंग अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वीजा अफसरों को ऐसे फर्जी रिश्तों और कागजी शादियों को पहचानने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। दस्तावेजों की बारीक जांच और साक्षात्कार के जरिए असली और नकली रिश्तों का आसानी से पता लगाया जा रहा है। कॉन्ट्रैक्ट मैरिज के मामलों पर नकेल यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब भाषा परीक्षा (IELTS) के आधार पर होने वाली अनुबंध शादियों (कॉन्ट्रैक्ट मैरिज) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अक्सर देखा गया है कि योग्यता न होने पर लड़का किसी योग्य लड़की की पढ़ाई और विदेश जाने का पूरा खर्च उठाता है ताकि बाद में स्पॉउज वीजा पर विदेश जा सके। लेकिन विदेश पहुंचते ही रिश्ते टूटने और धोखाधड़ी के मामले बढ़ जाते हैं। कनाडाई सरकार ने स्पष्ट किया है कि इमिग्रेशन प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। साथ ही, घरेलू हिंसा का शिकार हो रहे जीवनसाथियों को राहत देते हुए साफ किया गया है कि वे बिना अपना इमिग्रेशन स्टेटस खोए कानूनी मदद ले सकते हैं।

इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों की निगरानी का नया तरीका, वैज्ञानिक तकनीक का होगा इस्तेमाल

बीजापुर. इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों की निगरानी और अवैध फंदों की रोकथाम को लेकर प्रशिक्षण आयोजित किया गया. एंटी-स्नेयर और टाइगर मॉनिटरिंग विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला में वन अमले को प्रशिक्षण दिया गया. रेंज अधिकारी से लेकर बीट और पेट्रोलिंग गार्ड तक के कर्मचारियों ने इसमें हिस्सा लिया. प्रशिक्षण में टाइगर इकोलॉजी के साथ पगमार्क, स्कैट और स्क्रैच की पहचान सिखाई गई. इसके अलावा किल साइट, ट्रेल वॉक और कैमरा ट्रैप के जरिए निगरानी की प्रक्रिया बताई गई. मैदानी स्तर पर डेटा जुटाने और उसके दस्तावेजीकरण पर भी विशेष जोर दिया गया. एंटी-स्नेयर वॉक के दौरान संभावित फंदों वाले क्षेत्रों की पहचान और सर्च तकनीक समझाई गई. वनकर्मियों को अभियान के दौरान सुरक्षा उपायों और व्यवस्थित निगरानी की जानकारी दी गई. प्रशिक्षण का उद्देश्य वन क्षेत्र में अवैध गतिविधियों की समय रहते पहचान करना भी है. अधिकारियों के मुताबिक वैज्ञानिक तरीके से जुटाया गया फील्ड डेटा भविष्य की संरक्षण योजनाओं में उपयोगी होगा. इंद्रावती टाइगर रिजर्व में नियमित निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम बताया गया.

मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले, 230 विधानसभा क्षेत्रों में बनेंगे खेल परिसर

भोपाल  मोहन कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई, जिसमें कई प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई। कैबिनेट की बैठक की जानकारी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कश्यप ने मीडिया को दी। जनविश्वास अभियान के तहत हर शुक्रवार के दिन सारे प्रशासनिक अधिकारी किसी बैठक में नहीं रहते हैं, सभी क्षेत्र के अंदर या फील्ड में रहते हैं। जनता की समस्याएं उन्हीं के द्वार पर जाकर सुनते हैं। 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन का आयोजन है, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के कारण झाकियों और आयोजन के कारण उसे 26 सितंबर को जारी रहेगा। 25 को भोपाल से होगा सुगम बस सेवा का शुभारंभ चैतन्य कश्यप ने बताया कि कैबिनेट के अंदर महत्वपूर्ण विषयों को लाया गया। इसमें परिवहन विभाग में रोडवेज बंद होने के बाद मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ 25 सितंबर को किया जा रहा है। इस दिन 350 बसों को हरी झंडी दिखाई जाएगी। इसमें नितिन गडगरी के शामिल होंगे। रूट और आम यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए वर्तमान बसों का उपयोग करते हुए इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया जाएगा। 2030-31 तक 14981 बसों को चलाएंगे। इसका उद्देश्य यह है कि दूरदराज के गांव में इस सेवा से जुड़ सके। सीसीटीवी कैमरे रहे। जीपीएस सिस्टम रहेगा, जिससे यात्रियों को पता चलता रहे कि बस कितना लेट हो रही है या कितनी दूर है। तो व्यवस्थित मॉडल हम बना रहे हैं। सरकार अपनी कोई बस नहीं लगा रही है, सारे के सारे बस ऑपरेटरों की भागीदारी के साथ ही सुविधाओं की मॉनिटरिंग भी हो। एक वैज्ञानिक तरीके से पूरे मॉडल को विकसित कर रहे हैं। सीएम मोहन यादव स्वयं इसके अध्यक्ष भी हैं और पूरे देश में इस तरह का यह पहला मॉडल है। 230 विधानसभा सीटों पर बनेंगे स्टेडियम मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि हर विधानसभा क्षेत्र में एक स्टेडियम बनेगा। यह सिर्फ मैदान वाला स्टेडियम नहीं होगा। इसे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की तरह विकसित किया जाएगा। इसमें इनडोर और आउटडोर दोनों तरह के खेल होंगे। जहां 10 एकड़ से ज्यादा जमीन मिलेगी, वहां पूरी सुविधा बनेगी। हर कॉम्प्लेक्स की लागत करीब सात करोड़ रुपए होगी। एक कॉम्प्लेक्स में 10 से 12 खेल शामिल किए जाएंगे। इनमें पांच से छह खेल इनडोर होंगे। चार से पांच खेल आउटडोर होंगे। इनका नाम मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स रखा गया है। अगले पांच साल में इस पर 960 करोड़ रुपए खर्च होंगे। अभी 230 में से 140 सीटों पर ऐसी सुविधा नहीं है। इन सभी 140 जगहों पर नए कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे। बाकी 90 जगहों की अधूरी सुविधाओं को भी पूरा किया जाएगा। हर जगह ट्रेनिंग के लिए कोच भी रखे जाएंगे। स्टेडियम में बनेगा हेलीपैड इस योजना में एक नई और खास बात भी जोड़ी गई है। हर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एक हेलीपैड भी बनेगा। यह हेलीपैड मैदान के बीच में बनाया जाएगा। इसका मकसद एयर एंबुलेंस सेवा को मजबूत करना है। अभी कई गांवों में तुरंत हेलीपैड बनाना मुश्किल होता है। इसमें काफी समय लग जाता है। अब यह हेलीपैड 24 घंटे और सातों दिन तैयार रहेगा। जरूरत पड़ने पर गंभीर मरीजों को तुरंत एयरलिफ्ट किया जा सकेगा। मंत्री ने कहा कि यह ग्रामीण इलाकों के लिए बड़ी राहत होगी। 2800 मेगावाट बिजली को मंजूरी कैबिनेट ने बिजली से जुड़ा एक बड़ा फैसला भी लिया है। पावर मैनेजमेंट कंपनी की एक रिपोर्ट सामने आई थी। इसके मुताबिक अभी मध्य प्रदेश में बिजली सरप्लस है। लेकिन आने वाले सालों में नए उद्योग तेजी से बढ़ेंगे। सेमीकंडक्टर और टेलीकॉम उद्योगों का विस्तार हो रहा है। शहरों का दायरा भी लगातार बढ़ रहा है। इस वजह से 2037 तक करीब 1900 मेगावाट बिजली की कमी हो सकती है। यह अनुमान एक राष्ट्रीय स्तर की एजेंसी ने लगाया है। थर्मल पावर प्लांट बनने में पांच से सात साल लगते हैं। इसी वजह से सरकार ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। कैबिनेट ने 1900 मेगावाट नई बिजली खरीदने की मंजूरी दी। इसके साथ ही 900 मेगावाट का पुराना करार भी जोड़ा गया। इस तरह कुल 2800 मेगावाट थर्मल बिजली खरीदी जाएगी। इससे 2037 तक की जरूरत पूरी हो सकेगी। 961 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी इसके अलावा कैबिनेट ने कई पुरानी योजनाओं को भी जारी रखा। इन पर करीब 961 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इनमें राजगढ़ जिले की सुठालिया सिंचाई परियोजना भी शामिल है। इस पर अब तक 1000 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। अब इसमें 262 करोड़ रुपए का नया प्रावधान जोड़ा गया है। इस परियोजना का 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। पूरा होने पर इससे 400 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होगी। इसी तरह नीमच-जावद की सिंचाई परियोजना पर भी टेंडर फिर से लगाए गए हैं। इस पर करीब 4197 करोड़ रुपए खर्च होंगे। विधि विभाग की कई योजनाओं को भी आगे बढ़ाया गया है। ग्राम न्यायालय योजना को 2031 तक बढ़ाया गया है। परिवार न्यायालय और उच्च न्यायालय से जुड़ी योजनाओं को भी निरंतरता मिली है। 25 सितंबर से शुरू होगी बस सेवा बैठक में परिवहन विभाग का भी बड़ा प्रस्ताव रखा गया। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना 25 सितंबर से शुरू होगी। इसकी शुरुआत भोपाल से की जाएगी। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के आने की संभावना है। उस दिन 350 बसों को हरी झंडी दिखाई जाएगी। मार्च तक करीब 1000 बसें इस योजना से जुड़ेंगी। ये सभी बसें निजी ऑपरेटरों की होंगी। सरकार खुद कोई बस नहीं खरीदेगी। सरकार सिर्फ रूट तय करेगी और निगरानी करेगी। किराया भी परिवहन विभाग के तय रेट पर ही रहेगा। हर बस में सीसीटीवी कैमरे और जीपीएस सिस्टम लगेंगे। इससे बस की लोकेशन ऑनलाइन पता चलती रहेगी। साल 2030-31 तक कुल 14,981 बसें इस योजना में जुड़ेंगी। मंत्री ने बताया कि यह देश का पहला ऐसा मॉडल है। पहले सिर्फ मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सरकार की कोई भागीदारी नहीं थी। अब मध्य प्रदेश में यह व्यवस्था शुरू हो रही है। हर विधानसभा क्षेत्र में बनेंगे स्टेडियम, हेलीपेड चैतन्य कश्यप ने बताया कि एक और फैसला खेल जगत के लिए हुआ है। मध्यप्रदेश की हर विधानसभा में एक-एक स्टेडियम बनाया जाएगा। यह स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स की अवधारणा बनाई गई है, जिसमें इनडोर और आउटडोर स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स होंगे। मल्टीपर्पस काम्पलेक्स होंगे। जमीन … Read more

दिव्यांगजनों के जीवन में बदलाव, सहायक उपकरणों ने बढ़ाया आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता

सेवा की कहानी: सहायक उपकरणों से दिव्यांगजनों को मिला संबल, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा कदम लोक अदालत के अवसर पर दिव्यांग हितग्राहियों को वितरित किए गए सहायक उपकरण रायपुर सेवा संकल्प के तहत जरूरतमंदों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में समाज कल्याण विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में लोक अदालत के अवसर पर समाज कल्याण विभाग, जिला रायपुर द्वारा संविलित कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के अंतर्गत दिव्यांग हितग्राहियों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इन उपकरणों के माध्यम से दिव्यांगजनों के दैनिक जीवन को सुगम बनाने के साथ उनकी गतिशीलता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में कुल 10 सहायक उपकरण वितरित किए गए, जिनमें 06 श्रवण यंत्र, 02 ट्राइसाइकिल और 02 छड़ियां शामिल हैं। सहायक उपकरण मिलने से हितग्राहियों को अपनी दैनिक गतिविधियों में सुविधा के साथ आवागमन और सामाजिक सहभागिता में भी सहूलियत मिलेगी।  जिला न्यायाधीश बलराम प्रसाद वर्मा ने हितग्राहियों को सहायक उपकरण प्रदान किए। उन्होंने दिव्यांगजनों तक शासन की कल्याणकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र दिव्यांग हितग्राही को उसकी आवश्यकता के अनुरूप सहायता और योजनाओं का लाभ समय पर मिले। सहायक उपकरणों का वितरण इसी सेवा भावना की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो दिव्यांगजनों को सुविधा के साथ सम्मानपूर्वक और आत्मनिर्भर जीवन की ओर आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही है।

जमशेदपुर की वैश्विक औद्योगिक पहचान बरकरार, ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में मिली 844वीं रैंक

जमशेदपुर  स्टील सिटी के नाम से मशहूर जमशेदपुर ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर अपनी औद्योगिक पहचान दर्ज करायी है. वैश्विक आर्थिक थिंक टैंक ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स की ग्लोबल सिटीज इंडेक्स 2026 रिपोर्ट में जमशेदपुर को दुनिया के 1,000 प्रमुख शहरों की सूची में 844वां स्थान मिला है. रिपोर्ट में जमशेदपुर को एक स्थापित इंडस्ट्रियल हब के रूप में जगह दी गयी है. जमशेदपुर की पहचान मुख्य रूप से स्टील, ऑटोमोबाइल और कोर मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के रूप में दर्ज की गयी है. शहर की औद्योगिक ताकत के बावजूद इसकी वैश्विक रैंकिंग में बड़ा उछाल नहीं आया. रिपोर्ट में इसके पीछे शहर की अर्थव्यवस्था का पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग पर अधिक निर्भर होना बताया गया है. आधुनिक आईटी, सर्विस सेक्टर और कॉरपोरेट बेस का विस्तार सीमित रहने का असर भी रैंकिंग पर पड़ा है. स्टील और ऑटो सेक्टर जमशेदपुर की सबसे बड़ी ताकत जमशेदपुर लंबे समय से देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में शामिल रहा है. ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में भी इसकी पहचान स्टील, ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े मजबूत औद्योगिक क्लस्टर के तौर पर हुई है. हालांकि, वैश्विक शहरों के बीच प्रतिस्पर्धा अब केवल उद्योगों तक सीमित नहीं है. आईटी, आधुनिक सर्विस सेक्टर, कॉरपोरेट गतिविधियां, मानव पूंजी और दूसरी नयी अर्थव्यवस्थाएं भी शहरों की स्थिति को प्रभावित कर रही हैं. रिपोर्ट में जमशेदपुर की रैंकिंग के संदर्भ में इन्हीं क्षेत्रों के सीमित विस्तार को एक वजह के तौर पर बताया गया है. रांची ने 74 पायदान की छलांग लगायी इसी रिपोर्ट में झारखंड की राजधानी रांची ने जमशेदपुर की तुलना में रैंकिंग में तेज सुधार दर्ज किया है. रांची 74 पायदान ऊपर चढ़कर 792वें स्थान पर पहुंची है. रिपोर्ट के अनुसार रांची में रिंग रोड और फोर-लेन हाइवे कनेक्टिविटी, बैंकिंग, आईटी इनेबल्ड सर्विसेज, फिनटेक और सरकारी सेवाओं के विस्तार का असर दिखाई दिया है. आईआईएम, बीआईटी मेसरा, रिम्स और केंद्रीय संस्थानों की मौजूदगी के कारण रांची में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र का आधार भी मजबूत हुआ है. इसके अलावा रिटेल, ऑटोमोबाइल और रियल एस्टेट में निवेश तथा बड़े महानगरों की तुलना में जमीन, ऑफिस स्पेस और जीवनयापन की कम लागत को भी शहर की प्रगति से जोड़ा गया है. रैंकिंग में सुधार के मामले में प्रयागराज 70 स्थान, लखनऊ 58 स्थान और विशाखापत्तनम 54 स्थान ऊपर आये हैं. रांची ने इन शहरों से अधिक 74 पायदान की बढ़त दर्ज की है. देश के दूसरे शहरों की क्या स्थिति बिहार का पटना 783वें स्थान पर है, जबकि गयाजी को 897वीं रैंक मिली है. पटना को मजबूत जनसंख्या और कंजम्पशन ड्रिवन सेंटर के रूप में दर्ज किया गया है. वहीं, गयाजी को पर्यटन और सांस्कृतिक महत्व के कारण वैश्विक सूची में जगह मिली है. पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता 496वें स्थान पर है. वहीं, आसनसोल 852वें स्थान पर है. आसनसोल कोयला, इस्पात और भारी इंजीनियरिंग के केंद्र के रूप में सूची में शामिल है. टॉप-100 विकास केंद्रों में 55 भारतीय शहर रिपोर्ट में भारत के शहरों की वैश्विक मौजूदगी भी मजबूत दिखी है. दुनिया के शीर्ष 100 विकास केंद्रों में 55 भारतीय शहर शामिल हैं. अमरावती को वैश्विक विकास रैंकिंग में सातवां, सूरत को 11वां और तिरुचिरापल्ली को 13वां स्थान मिला है. बेंगलुरु को 'सिटीज टू वॉच' सूची में रखा गया है. 2026 से 2030 के बीच यहां 9.2% सालाना जीडीपी वृद्धि का अनुमान दिया गया है. समग्र इंडेक्स में बेंगलुरु 20 पायदान ऊपर चढ़कर 311वें स्थान पर पहुंचा है. मुंबई कॉरपोरेट मुख्यालय के मामले में वैश्विक स्तर पर 23वें स्थान पर है, जबकि दिल्ली मानव पूंजी के मामले में दुनिया में 13वें स्थान पर है.

संजय श्रीवास्तव की अध्यक्षता में नागरिक आपूर्ति निगम के वार्षिक आम सभा की बैठक संपन्न

संजय श्रीवास्तव की अध्यक्षता में नागरिक आपूर्ति निगम के वार्षिक आम सभा की बैठक संपन्न रायपुर  नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव की अध्यक्षता में छत्तीसगढ स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पाेरेशन लिमिटेड के वार्षिक आम सभा की बैठक मुख्यालय, नवा रायपुर में संपन्न हुई। इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2022-23 के अंतिम लेखों को संचालक मंडल की पूर्व आयोजित बैठक में अनुमोदन किए जाने के उपरांत वार्षिक आम सभा की बैठक में अंतिम लेखो पर महालेखाकार नई दिल्ली की टिप्पणीयों पर निगम प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत प्रत्युत्तर का अनुमोदन उपरांत अंगीकार किया गया। बैठक में निगम के वित्तीय वर्ष 2023-24 के अंतिम लेखों पर महालेखकार, नई दिल्ली से अनुमोदन प्राप्त हो चुका है, इसे शीघ्र ही आगामी बैठक में संचालक मंडल से अनुमोदन करा कर  सामान्य सभा में प्रस्तुत किए जाने के संबंध में निगम अध्यक्ष को अवगत कराया गया। वार्षिक सामान्य सभा की बैठक में निगम प्रबंध संचालक, भोसकर विलास संदिपान, श्री गजपाल सिंह सिकरवार, संयुक्त सचिव, (खाद्य) श्री सीताराम तिवारी, उप सचिव (वित्त),  श्री मनोज कुमार मिश्रा, उप सचिव, (कृषि) एवं निगम के अंशधारीगण- श्री अमितोष जान, अवर सचिव, खाद्य श्री संतोष ब्रम्हानंद खापर्डे, एजीएम (वित्त), महेन्द साहू, एजीएम (आईटी), श्री मनोज वर्मा, डिप्टी एजीएम (वित्त) एवं श्री राजेश कुमार सिसोदिया, कार्यापालन संचालक (वित्त), श्री दिनेश कुमार नाग, महाप्रबंधक (प्रशासन) विशेष रूप से उपस्थित थे।