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निवारणपुर स्थित RSS ऑफिस को बनाया निशाना, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

रांची  निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के ऑफिस को निशाना बनाकर पेट्रोल बम फेंकने की खबर सामने आई है. यह घटना देर रात हुई, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए. बताया जा रहा है कि देर रात एक कार में सवार दो अज्ञात हमलावर RSS कार्यालय के पास पहुंचे. आरोप है कि उन्होंने ऑफिस की ओर पेट्रोल बम फेंका और वहां से फरार हो गए. घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी. सूचना मिलते ही सदर डीएसपी समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा. पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है. घटनास्थल से सबूत जुटाए जा रहे हैं. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके.पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में पेट्रोल बम फेंके जाने की बात सामने आई है. हालांकि घटना के पीछे की वजह क्या थी, इसका पता अभी नहीं चल पाया है. पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. घटना के बाद RSS कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है. सुरक्षा के मद्देनजर कार्यालय के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी. फिलहाल पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और हमलावरों की तलाश में छापेमारी भी शुरू कर दी गई है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही घटना का खुलासा कर लिया जाएगा. वहीं प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और शांति बनाए रखने की अपील की है.

रिडेवलपमेंट को मिली रफ्तार, शंकर नगर BTI ग्राउंड समेत 5 बड़ी परियोजनाओं के टेंडर जारी

शासन द्वारा रिडेवलपमेंट योजना अंतर्गत शंकर नगर बी.टी.आई. ग्राउंड के सामने तथा अन्य कुल पाँच परियोजनाओं का टेंडर जारी हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा जारी की गई निविदाएं रायपुर,  छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल राज्य के विभिन्न शहरों में पाँच प्रमुख रिडेवलपमेंट परियोजनाओं की शुरुआत करने जा रहा है। यह पहल छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शहरी विकास, शासकीय परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग तथा आधुनिक नागरिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। इन परियोजनाओं का विकास राज्य की रिडेवलपमेंट नीति के तहत किया जाएगा। इसके लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को नोडल विभाग तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को क्रियान्वयन एजेंसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रिडेवलपमेंट परियोजनाओं के लिए मंडल द्वारा प्रिलिमिनरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट (पीपीआर) एवं विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किए गए हैं। साथ ही निजी डेवलपर्स के चयन हेतु पारदर्शी निविदा प्रक्रिया तथा परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की व्यवस्था की गई है। मंत्रिपरिषद द्वारा प्रस्तावित परियोजनाओं को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इसके पश्चात 27 मई 2026 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पाँचों परियोजनाओं के अंतिम स्वरूप पर विस्तृत चर्चा कर उन्हें अनुमोदित किया गया। प्रस्तावित परियोजनाओं का कुल क्षेत्रफल लगभग 19.14 एकड़ है तथा वर्ष 2025-26 की संशोधित गाइडलाइन दरों के अनुसार इनका अनुमानित मूल्य लगभग 250.30 करोड़ रुपये है। ये परियोजनाएं बी.टी.आई. रोड शंकर नगर (रायपुर), क्लब पारा (महासमुंद), कैलाश नगर (राजनांदगांव), कटघोरा (कोरबा) तथा चांदनी चौक फेज-2 (जगदलपुर) में विकसित की जाएंगी। इन पाँचों रिडेवलपमेंट योजनाओं का टेंडर हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा जारी कर दिया गया है। राजधानी रायपुर में प्रस्तावित परियोजना विशेष महत्व रखती है। यह परियोजना शहर के प्रमुख एवं विकसित क्षेत्र शंकर नगर स्थित बी.टी.आई. ग्राउंड के सामने, सिंधु भवन के समीप स्थित है। यह क्षेत्र शैक्षणिक, प्रशासनिक, व्यावसायिक तथा आवासीय गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। परियोजना के विकसित होने से क्षेत्र में आधुनिक अधोसंरचना का विस्तार होगा तथा शासकीय परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा। रिडेवलपमेंट मॉडल के तहत जर्जर एवं अनुपयोगी शासकीय परिसंपत्तियों के स्थान पर आधुनिक एवं सुव्यवस्थित अधोसंरचना विकसित की जाएगी। इन परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय भार की आवश्यकता नहीं होगी। शासकीय भूमि के मूल्य का उपयोग ही परियोजनाओं के वित्तीय संसाधन के रूप में किया जाएगा। इससे शासकीय भूमि का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित होने के साथ-साथ राज्य को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा। यह पहल निजी डेवलपर्स के लिए भी आकर्षक अवसर प्रदान करती है। उन्हें शहरों के प्रमुख क्षेत्रों में स्थित प्राइम लोकेशन वाली भूमि पर परियोजनाएं विकसित करने का अवसर मिलेगा। स्पष्ट नीति, पारदर्शी निविदा प्रक्रिया तथा सरकारी एजेंसी के साथ साझेदारी से परियोजनाओं में विश्वास और स्थिरता सुनिश्चित होगी। आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। रिडेवलपमेंट नीति के माध्यम से अनुपयोगी एवं जर्जर शासकीय परिसंपत्तियों को आधुनिक तथा उपयोगी अधोसंरचना में परिवर्तित किया जाएगा। इससे शहरों की कार्यक्षमता एवं सौंदर्य में वृद्धि होगी तथा सार्वजनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक-निजी सहभागिता के माध्यम से आधुनिक और नागरिक-केंद्रित शहरी विकास को नई गति मिलेगी। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव ने कहा कि मंडल राज्य में रिडेवलपमेंट की नई कार्यसंस्कृति स्थापित कर रहा है। ये परियोजनाएं केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शहरी क्षेत्रों के समग्र कायाकल्प का प्रयास हैं। उन्होंने कहा कि बी.टी.आई. ग्राउंड, शंकर नगर के सामने प्रस्तावित परियोजना राजधानी रायपुर के लिए एक आदर्श शहरी विकास मॉडल सिद्ध होगी। मंडल गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के साथ इन परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहा है। आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण ने टी.एल. बैठक में इन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए आगामी रिडेवलपमेंट की आठ नई परियोजनाओं का प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

207 वर्ग किमी में रेयर अर्थ एक्सप्लोरेशन को मंजूरी, राजस्थान में विकास और रोजगार पर फोकस

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के समग्र विकास, सुशासन और नागरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इन निर्णयों से खनन क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, न्यायिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिक सहभागिता सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत निर्णयों की क्रियान्वयन प्रक्रिया समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाए ताकि आमजन को इनका लाभ शीघ्र प्राप्त हो सके। 207.63 वर्ग किमी में रेयर अर्थ एलिमेंट्स खनिज के एक्सप्लोरेशन की स्वीकृति मुख्यमंत्री ने राज्य में रेयर अर्थ एलिमेंट्स के एक्सप्लोरेशन और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए माइनिंग लीज प्रदान करने के प्रस्तावों को स्वीकृति दी है। उन्होंने  बालोतरा के पचपदरा व शेरगढ़ के ग्राम नवातला एवं देवीगढ़ में 207.63 वर्ग किमी में रेयर अर्थ एलिमेंट्स खनिज के ब्लॉक की नीलामी में मैसर्स सेन्ट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट को एक्सप्लोरेशन लाइसेंस की स्वीकृति दी है। एनआईए मामलों के लिए विशेष न्यायालय की स्थापना को दी मंजूरी मुख्यमंत्री ने राज्य में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) मामलों की सुनवाई हेतु विशेष न्यायालय की स्थापना करने की स्वीकृति दी है। इससे राज्य में न्यायिक प्रक्रिया अधिक सुदृढ़ और प्रभावी होगी तथा मामलों के त्वरित निस्तारण में सहायता मिलेगी। 8 नवीन जिलों में होगा ‘नागरिक सुरक्षा कोर’ का गठन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वर्ष 2025-26 की बजट घोषणा  की क्रियान्विति के क्रम में 8 नवीन जिलों- बालोतरा, डीडवाना-कुचामन, फलौदी, सलूम्बर, खैरथल-तिजारा, डीग, कोटपूतली-बहरोड़ एवं ब्यावर में ‘नागरिक सुरक्षा कोर’ का गठन किए जाने की स्वीकृति प्रदान की। यह इन जिलों में आपदा प्रबंधन, नागरिक सुरक्षा तथा आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

खेती को मिलेगा वैज्ञानिक आधार, हरियाणा में 52 नई प्रयोगशालाएं और किसानों पर 1468 करोड़ का निवेश

चंडीगढ़. हरियाणा में कृषि भूमि में नाइट्रोजन की जांच करने के लिए 52 प्रयोगशालाएं खोली जाएंगी। कुल 12 लाख किसानों की कृषि भूमि से नमूने लिये जाएंगे जिससे वे यूरिया का निर्धारित मात्रा में उपयोग कर जमीन की उर्वरा शक्ति बढा सकें। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में एक दर्जन विभागों के 1468 करोड़ रुपये के 32 कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें राजस्व, कृषि, कौशल विकास, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण, पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, बिजली निगम, लोक निर्माण विभाग, जनस्वास्थ्य, सिंचाई तथा हरियाणा राज्य औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम शामिल हैं। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, स्कूल शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा, सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और प्रधान सचिव अरुण गुप्ता मौजूद थे। किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। संबंधित जिलों में मंत्री एवं विधायकों के साथ मुख्यमंत्री भी अभियान से जुड़कर किसानों को जागरूक करेंगे। विशेषकर मोरनी क्षेत्र में 4000 एकड़ भूमि में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। कोर्ट केस के मामलों का सही निपटान सुनिश्चित करने के लिए राजस्व कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम को स्वीकृति दी गई है। बैठक में कौशल्या डैम पंचकूला का पक्का कार्य करने, यमुना वाटर सेवाएं सर्कल रोहतक में भालोठ सब ब्रांच की आरडी 124000 से 156014 तक का पुनर्निर्माण, बरवाला ब्रांच से हिसार एयरपोर्ट पर कच्चे पानी हेतु पंपिंग स्टेशन बनाने तथा राणा डिस्ट्रीब्यूटरी का निर्माण करने की स्वीकृति प्रदान की गई। पंचकूला बस स्टैंड रोटरी से ट्राफिक लाइट 4-11 चौक तक बरसाती पानी की निकासी हेतु ड्रेन का निर्माण होगा। पिंजौर कालका अर्बन कांप्लेक्स सेक्टर 29 में 10 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। सिरसा, अंबाला और रेवाड़ी में शुरू होंगी कई नई परियोजनाएं सिरसा शहर में अतिरिक्त बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण और पाइपलाइन बिछाने तथा 4.50 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने तथा केलनिया रोड पर 10 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का काम किया जाएगा। सिरसा में पेयजल के लिए तीसरे जल घर में शुद्ध जल टैंक निर्माण के साथ बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण करवाया जाएगा। अंबाला शहर के देवीनगर में 60 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और अंबाला सदर टाउन के विभिन्न जलभराव वाले क्षेत्रों में वाटर ड्रेनेज बनाई जाएगी। रेवाड़ी शहर में नेताजी रोड पर 24 एमएलडी के प्राइमरी ट्रीटमेंट प्लांट को टीटीपी में अपग्रेड कर बिशनपुर में 17 गांवों में पर्याप्त मात्रा में पेयजल सुलभ करवाने के लिए नहर आधारित जल घर में रा वाटर पंपिंग स्टेशन का निर्माण कराया जाएगा। होडल टाउन में आगरा कैनाल वाटर टैंक से पाइप लाइन की क्षमता बढ़ाने और सीवर लाइन डलवाने के कार्य को स्वीकृति दी गई है।

4000 डॉलर में चली थी गोली! AP Dhillon केस के आरोपी को कनाडा से निकालने का आदेश

लुधियाना  लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े कथित शूटर अभिजीत किंगरा को कनाडा से भारत भेजे जाने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। कनाडा के इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड (आईआरबी) ने किंगरा को देश से निर्वासित (डिपोर्ट) करने का आदेश जारी किया है। बोर्ड ने अपने फैसले में कहा है कि किंगरा बिश्नोई गैंग का सदस्य है, जो हत्या, रंगदारी, गोलीबारी, आगजनी और धमकी जैसी संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। जानकारी के अनुसार, अभिजीत किंगरा वर्ष 2018 में स्टडी परमिट पर कनाडा पहुंचा था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि कनाडा पहुंचने के बाद वह धीरे-धीरे बिश्नोई गैंग के संपर्क में आया और गैंग के लिए काम करने लगा। कनाडाई अधिकारियों के मुताबिक सितंबर 2024 में ब्रिटिश कोलंबिया के कोलवुड क्षेत्र में पंजाबी गायक एपी ढिल्लों के घर पर हुए हमले में किंगरा की भूमिका सामने आई थी। आईआरबी ने साफ कर दिया है कि अभिजीत किंगरा जैसे गैंगस्टर को कनाडा में रहने का कोई अधिकार नहीं है और उसे तुरंत डिपोर्ट किया जाए। अभिजीत किंगरा पिछले एक साल से कनाडा की जेल में बंद है। उस पर एपी ढिल्लों के अलावा अन्य लोगों से भी रंगदारी वसूलने के आरोप हैं। आईआरबी ने यह फैसला 15 जून को सुनाया है। किंगरा ने बोर्ड के सामने एक अहम खुलासा करते हुए कहा कि एपी ढिल्लों के घर फायरिंग करने के लिए उसके एक सहयोगी ने उसे 4000 डॉलर देने की पेशकश की थी। इसके बाद उसने इस घटना को अंजाम दिया। एपी ढिल्लों के घर फायरिंग से लेकर डिपोर्टेशन के ऑर्डर तक की पूरी कहानी..     स्टूडेंट वीजा पर गया, गैंगस्टर बन गया: अभिजीत किंगरा भारत से विदेश पढ़ने के लिए गया। वहां जाकर वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के संपर्क में आ गया। पहले उससे छोटे मोटे अपराध करवाए गए और उसके बदले उसे डाॅलर दिए गए। फिर वह नियमित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का मेंबर बन गया। अभिजीत के खिलाफ कनाडा में भारतीय मूल के लोगों से रंगदारी मांगने और फायरिंग करने के कई मामले हैं। इन्हीं मामलों में उसे छह साल की सजा हो चुकी है।     पंजाबी सिंगर एपी ढिल्लों के घर पर फायरिंग की: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटर अभिजीत किंगरा ने 2 सितंबर 2024 को ब्रिटिश कोलंबिया (B.C.) के वैंकूवर आइलैंड पर स्थित पंजाबी सिंगर एपी ढिल्लों के घर को निशाना बनाया गया था। रात के अंधेरे में दो हमलावर वहां पहुंचे। उनमें से एक अभिजीत किंगरा था। किंगरा ने सिंगर के घर पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। उसने एक के बाद एक कुल 14 गोलियां चलाईं। वहीं, उसके साथी ने घर के बाहर खड़ी गाड़ियों पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।     4000 डॉलर का लालच: डिपोर्टेशन की सुनवाई के दौरान अभिजीत किंगरा ने खुद कोर्ट के सामने यह बात मानी कि उसे इस हमले के लिए पैसे दिए गए थे। उसने बताया कि विन्निपेग में उसकी कंपनी में काम करने वाले एक साथी ने उसे ब्रिटिश कोलंबिया जाने और एपी ढिल्लों के घर पर फायरिंग करने के लिए सिर्फ 4,000 कनाडाई डॉलर (लगभग ढाई लाख रुपए) का ऑफर दिया था।     सोशल मीडिया पर वीडियो: किंगरा ने बताया कि उसने न केवल गोलियां चलाईं, बल्कि इस वारदात का एक वीडियो भी अपने फोन से रिकॉर्ड किया। हमले के कुछ ही घंटों बाद, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर इस वीडियो को अपलोड कर दिया, जिसमें किंगरा को साफ तौर पर फायरिंग करते हुए देखा जा सकता था। यह वीडियो बिश्नोई गैंग की तरफ से एक धमकी भरा संदेश था, जो बाद में पुलिस के लिए किंगरा के खिलाफ सबसे पक्का सबूत बन गया।     विन्निपेग में नौकरी और गैंग से संपर्क: अपनी पढ़ाई और रहने का खर्च निकालने के लिए किंगरा विन्निपेग शहर में एक मूविंग कंपनी में काम करने लगा। यहीं पर वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कुछ लोगों के संपर्क में आया।     शॉर्टकट से पैसे कमाने की चाह: किंगरा ने रिफ्यूजी बोर्ड के सामने गवाही देते हुए कहा कि वह एक सीधा-साधा लड़का है। उसने दावा किया कि उसे यह बिल्कुल नहीं पता था कि वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए काम कर रहा है। भारत में रह रहे अपने माता-पिता को पैसे भेजने की मजबूरी और 'आसान तरीके से अमीर बनने' के लालच ने उसे इस जुर्म की दुनिया में धकेल दिया।     कनाडा में कई घटनाओं को दिया अंजाम: एपी ढिल्लों के घर पर की गई गोलीबारी अकेली घटना नहीं थी। कनाडाई पुलिस और कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) की जांच में किंगरा के खिलाफ कई और गंभीर मामले सामने आए हैं। जांचकर्ताओं के मुताबिक, किंगरा और उसके साथियों ने सिर्फ एक सिंगर को निशाना नहीं बनाया था। उन्होंने ब्रिटिश कोलंबिया के कोलवुड ( इलाके में भी एक घर पर हमला किया था। वहां भी 14 राउंड गोलियां चलाई गईं और गाड़ियों को आग लगाई गई। इसके अलावा, ब्रिटिश कोलंबिया के ही सरे इलाके में भी इन दोनों पर इसी तरह के डराने-धमकाने वाले हमले करने का आरोप है। इसके साथ ही, दूसरी जगहों पर की गई फायरिंग और आगजनी के मामलों में उस पर केस चल रहा है।     फरार साथी और पुलिस की तलाश: इस पूरी साजिश में किंगरा का एक मुख्य जोड़ीदार विक्रम शर्मा भी शामिल था। विक्रम शर्मा ने ही गाड़ियों में आग लगाने का काम किया था। हालांकि, पुलिस के हत्थे चढ़ने से पहले ही विक्रम शर्मा कनाडा से भागकर भारत लौट आया। कनाडाई पुलिस (RCMP) ने उसके खिलाफ कई केस दर्ज किए हैं और वह इस समय कनाडा पुलिस का मोस्ट वांटेड अपराधी है।     किंगरा का ड्रामा और भारत में जान का खतरा: इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड के मेंबर अजीम लालजी के सामने जब किंगरा की सुनवाई हुई, तो उसने बचने के लिए कई पैंतरे आजमाए। बिना वकील के कोर्ट में पेश हुए किंगरा ने खुद को एक बेवकूफ और नासमझ लड़का बताया, जिसे चालाकी से फंसाया गया था। किंगरा ने कोर्ट के सामने भावुक होते हुए कहा कि मैं अपने माता-पिता का इकलौता बेटा हूं। मुझे भारत मत भेजिए। अगर मुझे वापस भारत डिपोर्ट किया गया, तो लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लोग जेल के … Read more

कनाडा इमिग्रेशन बोर्ड का बड़ा फैसला, सिंगर AP Dhillon के घर पर फायरिंग का आरोपी अभिजीत आएगा भारत

चंडीगढ़. लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े कथित शूटर अभिजीत किंगरा को कनाडा से भारत भेजे जाने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। कनाडा के इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड (आईआरबी) ने किंगरा को देश से निर्वासित (डिपोर्ट) करने का आदेश जारी किया है। बोर्ड ने अपने फैसले में कहा है कि किंगरा बिश्नोई गैंग का सदस्य है, जो हत्या, रंगदारी, गोलीबारी, आगजनी और धमकी जैसी संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। जानकारी के अनुसार, अभिजीत किंगरा वर्ष 2018 में स्टडी परमिट पर कनाडा पहुंचा था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि कनाडा पहुंचने के बाद वह धीरे-धीरे बिश्नोई गैंग के संपर्क में आया और गैंग के लिए काम करने लगा। कनाडाई अधिकारियों के मुताबिक सितंबर 2024 में ब्रिटिश कोलंबिया के कोलवुड क्षेत्र में पंजाबी गायक एपी ढिल्लों के घर पर हुए हमले में किंगरा की भूमिका सामने आई थी। किंगरा ने एपी ढिल्लों के घर के बाहर फायरिंग की थी आरोप है कि किंगरा ने एपी ढिल्लों के घर के बाहर करीब 14 राउंड फायरिंग की थी, जबकि उसके एक साथी ने बाहर खड़ी गाड़ियों को आग लगा दी थी। घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। किंगरा और उसका एक अन्य सहयोगी सरे (ब्रिटिश कोलंबिया) में हुई एक अन्य समान घटना में भी आरोपित हैं। सुनवाई के दौरान किंगरा ने दावा किया कि उसे इस वारदात में शामिल होने के लिए 4,000 कनाडाई डॉलर देने का लालच दिया गया था। उसने कहा कि वह अपने परिवार की आर्थिक मदद करना चाहता था और उसे यह जानकारी नहीं थी कि वह बिश्नोई गैंग के लिए काम कर रहा है। हालांकि कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (सीबीएसए) ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि संगठित गैंग अपने नेटवर्क को स्तरों में संचालित करते हैं, जहां निचले स्तर के सदस्य केवल अपने तत्काल संपर्कों को जानते हैं। आईआरबी सदस्य अजीम लालजी ने अपने फैसले में कहा कि ब्रिटिश कोलंबिया की अदालत पहले ही किंगरा को बिश्नोई गैंग का सदस्य मान चुकी है। बोर्ड ने यह भी माना कि गैंग कनाडा में भारतीय मूल के कारोबारियों, गायकों और अन्य लोगों को निशाना बनाकर धमकी, रंगदारी और हिंसा की घटनाओं में शामिल रहा है। गोलीबारी के मामले में छह साल की सजा काट रहा है किंगरा फिलहाल किंगरा गोलीबारी के मामले में छह साल की सजा काट रहा है और एक अन्य मामले में मुकदमे का सामना कर रहा है। उसकी अगली अदालत पेशी 18 जून को निर्धारित है। हालांकि वह डिपोर्टेशन आदेश के खिलाफ अपील की तैयारी कर रहा है। उसने दावा किया है कि भारत लौटने पर उसकी जान को खतरा हो सकता है, लेकिन बोर्ड ने कहा कि इस दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए गए। सीबीएसए के अनुसार, कनाडा में संगठित अपराध, रंगदारी और गैंग हिंसा से जुड़े 400 से अधिक मामलों की जांच चल रही है, जबकि 55 संदिग्धों को पहले ही देश से बाहर किया जा चुका है। एजेंसी का कहना है कि बिश्नोई गैंग की गतिविधियां ब्रिटिश कोलंबिया, अल्बर्टा, मैनिटोबा और ओंटारियो में सबसे अधिक सक्रिय रही हैं। वहीं इस मामले में आरोपित विक्रम शर्मा कनाडा छोड़कर भारत भाग चुका है और रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस ने उसे वांछित घोषित कर रखा है। आरोप है कि अभिजीत किंगरा ने सितंबर 2024 में ब्रिटिश कोलंबिया के कोलवुड स्थित एपी ढिल्लों के घर के बाहर 14 राउंड फायरिंग की थी। मामले का जिक्र आईआरबी के डिपोर्टेशन आदेश और सीबीएसए की सुनवाई में हुआ। पंजाबी कलाकारों और कारोबारियों को धमकियां कनाडाई एजेंसियों ने सुनवाई में कहा कि बिश्नोई गैंग ने कनाडा में भारतीय मूल के कारोबारियों, गायकों और अन्य लोगों को धमकी भरे कॉल, संदेश और इंटरनेट मीडिया के जरिए रंगदारी के लिए निशाना बनाया। हाल में दिल्ली में गायक गुरु रंधावा के जिम पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी कथित तौर पर बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया के जरिए ली थी। हालांकि यह मामला पंजाब में नहीं, लेकिन एक पंजाबी गायक से जुड़ा होने के कारण चर्चित रहा। आईआरबी के फैसले में उल्लेख है कि बिश्नोई गैंग की गतिविधियां विशेष रूप से पंजाबी मूल के लोगों से जुड़े रंगदारी और धमकी के मामलों में सामने आई हैं।

एक दिन में 5000 ट्रांसफर, प्रदेश में मचा प्रशासनिक भूचाल; सरकार का बड़ा एक्शन

भोपाल  मध्य प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद तबादला नीति के तहत अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक सर्जरी देखने को मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा तबादलों की समय-सीमा 16 जून की रात 12 बजे तक बढ़ाए जाने के बाद शासन-प्रशासन में मानो तबादलों की सुनामी आ गई। कुछ ही घंटों के भीतर प्रदेशभर में करीब 5 हजार कर्मचारियों और अधिकारियों को नई पदस्थापना दे दी गई, जिससे सरकारी तंत्र में व्यापक बदलाव की तस्वीर सामने आई है। दरअसल, तबादलों की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित थी, लेकिन कई विभागों में मंत्रियों की स्वीकृति मिलने के बावजूद तकनीकी कारणों और ई-ऑफिस पर बढ़ते दबाव के चलते आदेश जारी नहीं हो पाए थे। यह मामला मंगलवार को कैबिनेट बैठक में उठा, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने एक दिन की अतिरिक्त मोहलत देने का फैसला किया। सामान्य प्रशासन विभाग ने भी तत्काल आदेश जारी कर दिए। मुख्यमंत्री की सहमति मिलते ही विभिन्न विभागों में अधिकारियों की गतिविधियां तेज हो गईं। दोपहर से लेकर आधी रात तक तबादला आदेशों की झड़ी लग गई। सबसे ज्यादा फेरबदल स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्य, वन और राजस्व विभाग में देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में कर्मचारियों और अधिकारियों को एक जिले से दूसरे जिले भेजा गया। इससे पहले सोमवार देर रात राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की बड़ी सूची जारी की गई थी। इसमें 56 अतिरिक्त जिला दंडाधिकारियों (ADM) सहित कुल 155 अधिकारियों के तबादले किए गए। इनमें वे अधिकारी भी शामिल रहे जिन्हें पदोन्नति तो मिल चुकी थी, लेकिन लंबे समय से वरिष्ठ पदों पर पदस्थापना का इंतजार था। इसके अलावा डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं। तबादलों की यह प्रक्रिया 1 जून से शुरू हुई थी, लेकिन अधिकांश विभागों में तैयारी और तकनीकी व्यवस्था समय पर पूरी नहीं हो सकी। कई कर्मचारियों और अधिकारियों को आवेदन प्रक्रिया और अनुमोदन के लिए अंतिम दिनों तक इंतजार करना पड़ा। इसके बावजूद अंतिम 24 घंटों में जिस तेजी से आदेश जारी हुए, उसने पूरे प्रशासनिक ढांचे को हिला दिया। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इसे मोहन सरकार के कार्यकाल की सबसे बड़ी प्रशासनिक कवायद माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर है कि इतने बड़े पैमाने पर हुए फेरबदल का असर जिलों के प्रशासनिक कामकाज और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर किस रूप में दिखाई देता है।

30 से ज्यादा नाम सामने आए, फिर भी कार्रवाई सीमित; धान घोटाले में कई आरोपी अब भी फरार

यमुनानगर 70 करोड़ रुपये के धान घोटाले के खुलासे के बाद 237 दिन बीत चुके हैं, पर जांच अभी भी धीमी गति से चल रही है। पांच थाना प्रभारियों की एसआइटी गठित होने के बावजूद कार्रवाई तीन आरोपितों की गिरफ्तारी तक सीमित है। जांच के दौरान 30 से ज्यादा अधिकारी, कर्मचारी व अन्य लोगों के नाम सामने आ चुके हैं, पर अभी भी कई आरोपित पकड़ से बाहर हैं। घोटाले के मुख्य आरोपित छछरौली निवासी राइस मिलर संदीप सिंगला को फिलहाल जमानत नहीं मिली है। मामले की सुनवाई 27 जुलाई को होगी। गिरफ्तारी नहीं होने से जांच टीम पर भी सवाल उठने लगे हैं। संदीप सिंगला को दो दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था। उसे तीन चरणों में 18 दिन तक एसआइटी ने रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। पूछताछ में सामने आया था कि उसके नियंत्रण में सात राइस मिलें हैं, जिनमें पांच पुरानी व दो नई हैं। पुलिस ने संदीप सिंगला व रीतिका सिंगला के खिलाफ तीन थानों में केस दर्ज किए थे। पावर आफ अटार्नी संदीप के नाम होने के कारण रितिका को राहत मिल गई थी। पूछताछ में 30 से ज्यादा अधिकारी व कर्मचारियों के नाम सामने आए थे। जांच प्रभावित न हो। इसलिए पुलिस ने नाम सार्वजनिक नहीं किए। नाम होने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है। महानिदेशक की जांच में घोटाले का खुलासा जांच में सामने आई गड़बड़ियों के बाद मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण, मंडी गेट पास, मिल आवंटन, स्टाक सत्यापन व सरकारी रिकार्ड की जांच की थी। आरोप है कि नियमों के विपरीत कम धान की खरीद दिखाकर स्टाक में हेराफेरी की गई और सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया। 13 नवंबर को खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक एवं उपभोक्ता मामले विभाग के महानिदेशक अंशज सिंह की जांच में घोटाले का खुलासा हुआ था। जांच में धान के स्टाक और रिकार्ड में भारी अनियमितताएं सामने आने के बाद विशेष जांच दल का गठन किया गया था। इसमें पांच थाना प्रभारी शामिल किए गए थे, पर इसके बाद भी जांच की रफ्तार तेज नहीं हो सकी। मामले में अब तक तीन गिरफ्तारियां जांच में फर्जी गेट पास व दस्तावेजों के माध्यम से स्टाक में हेराफेरी कर सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाने की बात सामने आई थी। जांच के दौरान 30 से अधिक अधिकारी और कर्मचारियों के नाम सामने आए थे, लेकिन पुलिस ने इनके नाम सार्वजनिक नहीं किए। अब तक मामले में तीन ही गिरफ्तारियां हुई हैं। संदीप सिंगला के अलावा एसआइटी द्वारा हैफेड के सीनियर मैनेजर शैलेंद्र कुमार व परचेज मैनेजर अनिल कुमार को गिरफ्तार किया था। बर्खास्तगी के आगे नहीं बढ़ा जांच दायरा प्रशासनिक स्तर पर इंस्पेक्टर मनोज यादव, सविता, विनोद कुमार व एएफएसओ देवेंद्र कुमार को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। बावजूद इसके जांच अभी उन्हीं बिंदुओं तक सीमित है। कई ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब अब तक सामने नहीं आए हैं। प्रतापनगर में एक ही परिसर में चार लाइसेंस जारी होने के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि नियमानुसार एक स्थान पर एक लाइसेंस दिया जा सकता है, जबकि वहां एक से अधिक लाइसेंस संचालित पाए गए। अदालत ने हैफेड व खाद्य आपूर्ति विभाग को तीन माह में एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए थे, पर समय सीमा बीत चुकी है। कोर्ट ने कहा था कि जिम्मेदारी तय किए बिना केवल औपचारिक रिपोर्ट पर्याप्त नहीं होगी। रणजीतपुर में एक ही स्थान पर दो राइस मिल चल रही थी। हैफेड व खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से मिल में धान भेजा गया था। घोटाले के बाद बचे धान पर दोनों विभागों ने अपना दावा किया था। बाद में कोर्ट के आदेश पर दोनों विभागों को 50-50 प्रतिशत धान उठाने की अनुमति दी थी। हैफेड ने अपना हिस्सा उठा लिया, पर डीएफएससी की ओर से धान उठाने में देरी की। जिस कारण काफी धान खराब भी हुआ। वहीं जगाधरी डीएसपी राजीव मिगलानी का कहना है कि इस मामले में जांच जारी है, इसमें अभी कुछ नया सामने नहीं आया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई निश्चित तौर पर होगी।

30 दिन में शिकायत का निस्तारण नहीं तो अधिकारी होंगे निलंबित, सिवान में CM का बड़ा ऐलान

सिवान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को पचरुखी प्रखंड के पपौर पंचायत भवन में आयोजित सहयोग सह जनकल्याण शिविर में जिले के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं उन्होंने कहा कि सिवान में शीघ्र ही चीनी मिल स्थापित की जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी को उपयुक्त भूमि चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिवान शहर को व्यवस्थित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही जिले में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के संकल्प को साकार करने के लिए तेजी से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सहयोग शिविर आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन चुका है। अब तक प्राप्त 3.03 लाख से अधिक आवेदनों में से करीब 2.61 लाख मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। 30 दिन तक कार्रवाई नहीं हुई तो शुरू होगी निलंबन की प्रक्रिया मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में जवाबदेही तय की गई है। किसी आवेदन पर 10 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी किया जाएगा। यदि 30 दिनों तक भी कार्रवाई नहीं होती है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध स्वतः निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। 15 अगस्त से स्थानीय स्तर पर होगा मरीजों का इलाज स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुमंडल और जिला अस्पतालों को सुदृढ़ किया जा रहा है। ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है कि आगामी 15 अगस्त से सामान्य मरीजों को इलाज के लिए बाहर रेफर नहीं करना पड़े। स्थानीय स्वास्थ्य संस्थानों में ही उनका उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। केवल गंभीर और जटिल मामलों में ही मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाएगा। गरीब परिवारों को मिलेंगे सोलर पैनल मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले दो वर्षों में राज्य के 25 लाख गरीब परिवारों के घरों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इसके अलावा प्रत्येक प्रखंड में डिग्री कॉलेज और मॉडल स्कूल स्थापित करने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है। 2030 तक एक करोड़ युवाओं को रोजगार का लक्ष्य मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए विभिन्न योजनाओं और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, आयुष्मान कार्ड तथा अनुग्रह अनुदान योजना के लाभुकों को सांकेतिक चेक और प्रमाणपत्र भी वितरित किए।

डबल इंजन सरकार के प्रयासों से प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी का हो रहा अभूतपूर्व विस्तार : मुख्यमंत्री

चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना से छत्तीसगढ़ के विकास और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगी नई शक्ति : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ₹755 करोड़ की परियोजना को मंजूरी देने पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति जताया आभार डबल इंजन सरकार के प्रयासों से प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी का हो रहा अभूतपूर्व विस्तार : मुख्यमंत्री मोदी सरकार के विशेष फोकस से छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना विकास को मिली नई ऊंचाई : रेल कनेक्टिविटी के विस्तार से साकार हो रहा विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प – मुख्यमंत्री साय रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय रेल द्वारा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत ₹755 करोड़ की लागत से चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दिए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया है।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह परियोजना छत्तीसगढ़ के विकास, औद्योगिक प्रगति और देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश में रेल अधोसंरचना का निरंतर विस्तार हो रहा है, जिससे विकास को नई गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि परियोजना के पूरा होने पर यात्री सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। अतिरिक्त रेल लाइन उपलब्ध होने से ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुचारु होगी, परिचालन संबंधी बाधाएं कम होंगी तथा भविष्य में अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे आम नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक रेल सेवाएं प्राप्त होंगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कोरबा देश की ऊर्जा राजधानी के रूप में महत्वपूर्ण पहचान रखता है और यहां से देश के विभिन्न हिस्सों तक कोयले की आपूर्ति होती है। चांपा-कोरबा रेल खंड साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) तथा महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) की खदानों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इस परियोजना के पूर्ण होने से कोयला परिवहन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आवश्यक लॉजिस्टिक आधार और अधिक मजबूत होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में  तीसरी रेल लाइन का निर्माण भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया दूरदर्शी निर्णय है। इससे अतिरिक्त माल परिवहन को सुगम बनाया जा सकेगा और रेल परिचालन अधिक दक्ष एवं प्रभावी होगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह परियोजना केवल कोयला परिवहन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी व्यापक लाभ मिलेगा। बेहतर रेल संपर्क से उद्योगों को मजबूती मिलेगी, निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी, व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार होगा तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे कोरबा, जांजगीर-चांपा सहित आसपास के क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक प्रगति को नई ऊर्जा प्रदान करेगी तथा विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि मजबूत रेल नेटवर्क, सुदृढ़ लॉजिस्टिक व्यवस्था और बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से छत्तीसगढ़ देश के विकास में और अधिक प्रभावी योगदान देने के लिए निरंतर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विगत वर्षों में छत्तीसगढ़ को रेल अधोसंरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्राथमिकता मिली है। प्रदेश के रेल बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा नई रेल लाइनों, दोहरीकरण, तीसरी-चौथी लाइन और आधुनिक रेलवे स्टेशनों के विकास के माध्यम से कनेक्टिविटी को लगातार सशक्त किया जा रहा है। हाल ही में धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित किया जाना भी इसी विकास दृष्टि का प्रमाण है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में स्वीकृति मिलना जशपुर सहित पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष स्नेह और विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। लंबे समय से रेल संपर्क की प्रतीक्षा कर रहे जशपुरांचल को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। यह परियोजना केवल एक रेल लाइन नहीं, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास की नई आधारशिला है। इससे पर्यटन, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा वनांचल क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से और अधिक मजबूती से जुड़ सकेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में रेल एवं शहरी परिवहन अधोसंरचना का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना के विकास पर 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। वर्ष 1853 से 2014 तक 161 वर्षों में छत्तीसगढ़ में लगभग 1100 रूट किलोमीटर रेल लाइन बिछाई गई थी, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में  प्रदेश का रेल नेटवर्क बढ़कर  2200 रूट किलोमीटर से अधिक होने जा रहा है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रदेश की रेल परियोजनाओं के लिए जहां लगभग 300 करोड़ रुपये का बजट मिलता था, वहीं वर्ष 2026-27 में यह बढ़कर 7,470 करोड़ रुपये हो गया है। साथ ही प्रदेश के 32 रेलवे स्टेशनों को 1,680 करोड़ रुपये की लागत से अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से विकसित किया जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ के विकास को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम है।