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साइबर ठगों की बड़ी साजिश नाकाम, बैतूल पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के झांसे से 64 वर्षीय बुजुर्ग को बचाया

पुलिस की त्वरित कार्रवाई से 73 लाख की ठगी टली भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम और जन–जागरूकता के लिए निरंतर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी अभियान के तहत बैतूल पुलिस ने “डिजिटल अरेस्ट” जैसे खतरनाक साइबर जाल से एक रिटायर्ड बुजुर्ग को मुक्त कराते हुए उनकी 73 लाख रुपये की जीवनभर की जमा-पूंजी को बचाया। पुलिस की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई से न केवल एक बड़ी ठगी रोकी गई, बल्कि साइबर अपराधियों की साजिश भी विफल हुई। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री वीरेंद्र जैन के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी, एसडीओपी सारणी सुश्री प्रियंका करचाम तथा थाना प्रभारी सारणी श्री जयपाल इनवाती के मार्गदर्शन में पाथाखेड़ा पुलिस टीम द्वारा की गई। पीड़ित चैतराम नरवरे, निवासी अशोका गार्डन, भोपाल (रिटायर्ड WCL कर्मचारी) को वीडियो कॉल के माध्यम से स्वयं को ईडी–सीबीआई अधिकारी बताने वाले ठगों ने झूठे मनी–लॉन्ड्रिंग आरोपों में फंसाकर भारी धनराशि देने का दवाब बनाया। ठगों ने उन्हें पाथाखेड़ा, सारणी बुलाकर होटल के कमरे में “डिजिटल अरेस्ट” रखा, परिवार से बात करने से रोका एवं बैंक में उनकी एफडी तुड़वाने का दबाव बनाया। पीड़ित अपनी एफडी तुड़वाकर ठगों को देने के लिए बैंक से RTGS फॉर्म तक लेकर आ गए थे। पीड़ित के परिजनों द्वारा लगातार संपर्क न हो पाने पर अनहोनी की आशंका के चलते परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पाथाखेड़ा पुलिस टीम ने तुरंत मोबाइल लोकेशन ट्रैक की, जो राजेश गेस्ट हाउस, बगडोना में मिली। पुलिस जब होटल पहुँची, तो पीड़ित चैतराम नरवरे मानसिक रूप से सदमे की स्थिति में थे और तीन दिनों से चल रहे घटनाक्रम पर विश्वास नहीं कर पा रहा थे। उन्होंने प्रारंभ में पुलिसकर्मियों का भी सहयोग नहीं किया और “डिजिटल अरेस्ट” को सच मान बैठे थे। पुलिस टीम ने धैर्यपूर्वक समझाइश देकर उनका भ्रम दूर किया तथा उन्हें सुरक्षित गेस्ट हाउस से बाहर निकालकर परिजनों से मिलवाया। समय पर की गई इस कार्रवाई से 73 लाख रुपये की ठगी टल गई। मध्यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई शब्द या प्रक्रिया भारतीय कानून में कहीं भी अस्तित्व में नहीं है। कोई भी जांच एजेंसी—चाहे वह पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य विभाग हो—वीडियो कॉल, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के माध्यम से किसी व्यक्ति को न तो गिरफ्तार कर सकती है और न ही धनराशि की मांग कर सकती है। यदि कोई व्यक्ति स्वयं को पुलिस अधिकारी बताकर ऑनलाइन माध्यम से आपको डराने या धमकाने का प्रयास करता है, तो समझ लें कि यह साइबर ठगी है। कृपया ऐसी किसी भी कॉल पर विश्वास न करें, अपनी निजी/बैंकिंग जानकारी साझा न करें और तुरंत 1930 (साइबर हेल्पलाइन) अथवा नजदीकी थाने को सूचना दें।  

संदिग्ध घुसपैठियों की सूची तैयार करने के निर्देश, घुसपैठियों को रखने के लिए बनेगा डिटेंशन सेंटर

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने राज्य में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों पर निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 17 नगर निकायों को आदेश दिया है कि वे अपने यहां काम करने वाले सभी संदिग्ध विदेशी नागरिकों की तत्काल सूची बनाएं। सरकार का स्पष्ट इरादा है कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे यूपी में बसने की कोशिश करने वाले किसी भी घुसपैठिए को बख्शा न जाए। डिटेंशन सेंटर की तैयारी तेज, हर मंडल में होगी व्यवस्था राज्य भर के कमिश्नरों और पुलिस महानिरीक्षकों को पहले चरण में डिटेंशन सेंटर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इन सेंटरों में अवैध रूप से रह रहे व्यक्तियों को तब तक रखा जाएगा जब तक उन्हें उनके मूल देश वापस भेजने की प्रक्रिया पूरी न हो जाए। जिलों में खाली सरकारी भवन, सामुदायिक केंद्र, पुलिस लाइन और थाने को चिन्हित किया जा रहा है। इन स्थानों को हाई सिक्योरिटी जोन की तरह विकसित किया जाएगा ताकि घुसपैठियों को निगरानी में रखा जा सके। दस्तावेजों की जांच से पता चलेगा कौन है असली और कौन घुसपैठिया सरकार ने पाया है कि कई रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिक भारतीय पहचान पत्र बनवाकर खुद को स्थानीय नागरिक दिखाने की कोशिश कर रहे थे। इसी कारण सभी संदिग्ध दस्तावेजों का बड़े स्तर पर सत्यापन शुरू किया गया है। उत्तर प्रदेश में भी अन्य राज्यों की तरह डिटेंशन सेंटर को प्रशासन और पुलिस की संयुक्त निगरानी में संचालित किया जाएगा।

दिल्ली में गड्ढों पर वार: 72 घंटे की डेडलाइन, उल्लंघन पर भारी जुर्माना—पलूशन कंट्रोल मोड में सरकार

नई दिल्ली  दिल्ली में विकराल होती पलूशन की समस्या को गंभीरता से लेते हुए आज केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के नेतृत्व में बैठक हुई थी। इसमें दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिरसा भी थे। सिरसा ने मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ लिए फैसलों के बारे में बताया। सिरसा के बताए अनुसार, सभी सड़कों को गड्ढामुक्त कर उन्हें धूल मुक्त भी किया जाएगा। इसके साथ एंटी स्मॉग गन और पानी का छिड़काव चलते रहेंगे। मीचिंग में हरियाली को लेकर भी कदम उठाए गए हैं जिसमें वृक्षारोपण बढ़ाने पर जोर होगा। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि सुबह केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के नेतृत्व में एक बैठक हुई। इस बैठक में उत्तर भारत के सभी राज्यों ने भाग लिया। इस बैठक के बाद यह आदेश दिया गया कि नोएडा, फरीदाबाद, गुड़गांव, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में मैकेनाइज्ड रोड स्वीपर्स (मशीनीकृत सड़क सफाईकर्मी), एंटी-स्मॉग गन और पानी के स्प्रिंकलर चलाए जाने चाहिए। यह भी तय किया गया कि सड़कों पर मौजूद गड्ढों को 72 घंटों के भीतर पहचान कर ठीक किया जाएगा। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि बैठक में यह तय किया गया कि सभी स्थानीय निकाय जनता को शामिल करते हुए वृक्षारोपण पर ध्यान केंद्रित करेंगे। यह आदेश दिया गया कि दिल्ली-NCR क्षेत्र में पार्कों और सड़कों के किनारे के क्षेत्रों को सघन रूप से पेड़ों से कवर किया जाएगा। दिल्ली सरकार तूफानी जल निकासी के साथ सड़क योजना के लिए केंद्र सरकार के 'गौरव पथ' मॉडल को अपनाएगी। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में, हम ई-ऑटो को शामिल करके मेट्रो रेल तक अंतिम-मील कनेक्टिविटी (Last-Mile Connectivity) बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। सिरसा ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदूषण विरोधी उपायों और नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर किसी भी एजेंसी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह सरकारी हो या निजी। निर्माण और विध्वंस स्थलों पर धूल कम करने के लिए उचित बाड़बंदी की जानी चाहिए, और वहां पानी का छिड़काव किया जाना चाहिए। MCD (नगर निगम) को आदेश दिया गया है कि उसकी सभी 8000 किमी सड़कें गड्ढों से मुक्त और धूल-मुक्त होनी चाहिए।  

फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में शिवानी का अभिनव प्रयोग देश-दुनिया में लिख रहा सफलता की नई कहानी

शिवानी तथा नीलम के स्टार्टअप्स को योगी आदित्यनाथ की सरकार ने सराहा, राष्ट्रीय स्तर पर दिलाई पहचान लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देने की पॉलिसी प्रदेश में महिला उद्यमियों को सशक्त करने का माध्यम बन रही है। प्रदेश में ऐसे कई उदाहरण हैं जो महिला उद्यमिता और नवाचार के नए प्रतिमान गढ़ रहे हैं। यूं तो प्रदेश के हर जिले में सफलता की ऐसी कहानियां आमतौर पर दिख जाएंगी, मगर इसमें विशेष उल्लेख है बुंदेलखंड की महिलाओं का, जिनकी सफलता नई कहानियां लिखने का काम कर रही है। झांसी की कई महिलाओं के स्टार्टअप्स इस समय देश और प्रदेश में चर्चा के केंद्र में हैं, जिनमें से एक है शिवानी के बेर से बने प्रोडक्ट तो दूसरा है नीलम की कबाड़ से बनी कलाकृतियां। इन दोनों को ही सरकार की ओर से सम्मान और प्रोत्साहन प्रदान किया गया है। शिवानी ने बेर से बनाए अनूठे प्रोडक्ट झांसी जिले की रहने वाली शिवानी बुंदेला ने फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में कदम बढ़ाते हुए बेर के ऐसे-ऐसे प्रोडक्ट बनाए हैं, जो किसी का भी ध्यान अपनी ओर खींच लेते हैं। बेर से जूस, जैम, चॉकलेट और टॉफी बना चुकी शिवानी अभी हाल के दिनों में एक नया प्रोडक्ट सामने लेकर आयी हैं, जो है बेर से बना स्नैक्स। शिवानी के स्टार्टअप को आगे बढ़ाने में झांसी स्मार्ट सिटी, उद्यान विभाग और एमएसएमई ने काफी मदद प्रदान की। जी 20 के आयोजन में शिवानी के स्टार्टअप को गिफ्टिंग पार्टनर बनाया गया था और काफी सराहना मिली थी। शिवानी ने अपने ब्रांड को अब्रोसा नाम दिया है। शिवानी लगभग 250 किसानों से बेर खरीद रही हैं जबकि उनके स्टार्टअप के माध्यम से 20 से अधिक महिलाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीनों संस्करणों में शिवानी हिस्सेदारी निभा चुकी हैं। अभी कुछ समय पहले शिवानी को यूनाइटेड नेशन्स एनवायरनमेंट प्रोग्राम के तहत एग्रो फॉरेस्ट्री को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी मिली है। फिलहाल इनके क्लाइंट्स में आदित्य बिरला समूह, एनबीसीसी, इरकॉन, ह्युंडई, एमिटी विश्वविद्यालय, एसकेएन, अवाडा जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों का नाम शुमार है।  बेकार को आकार देकर नीलम ने बनाई पहचान बेकार सामानों से कलाकृतियां तैयार करने वाली झांसी की नीलम सारंगी के स्टार्टअप बेकार के आकार को उत्तर प्रदेश सरकार ने सम्मानित करने के साथ ही प्रोत्साहित भी किया है। झांसी नगर निगम के साथ मिलकर स्वच्छता अभियान के अंतर्गत निष्प्रयोज्य सामानों से पार्कों में सुंदर कलाकृतियां तैयार करने का काम किया। योगी सरकार ने नीलम सारंगी को अनूठे स्टार्टअप के लिए नवदेवी सम्मान प्रदान किया है। नीलम का स्टार्टअप इस समय बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के इंक्यूबेशन सेंटर में पंजीकृत है। नीलम ने अपने स्टार्टअप के साथ उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो, स्टार्टअप महाकुंभ और राइज हैकथान जैसे आयोजनों में हिस्सेदारी निभाई है। नीलम इस समय स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भरता का प्रशिक्षण प्रदान कर रही हैं। महिलाओं को मिल रही आत्मनिर्भरता की प्रेरणा शिवानी बुंदेला ने बताया कि उनके स्टार्टअप को बढ़ावा देने में सरकार और प्रशासन ने काफी मदद की है। उनके स्टार्टअप के माध्यम से बेर से बने उत्पादों को प्रोत्साहित किया जा रहा है और बर्बाद होने वाले बेर को बचाने की कोशिश की जा रही है। बहुत सारी महिलाओं को इससे रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। वहीं, नीलम सारंगी के अनुसार नगर निगम, स्मार्ट सिटी, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय और उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके स्टार्टअप 'बेकार को आकार' को प्रोत्साहित करने में मदद की। अब कोशिश है कि महिलाओं को यह हुनर सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित किया जाए।

शिमला हुआ फीका—पंजाब का ये शहर बना उत्तरी भारत का नया ‘फ्रीजर’

पंजाब  पंजाब और चंडीगढ़ में सर्दी अब पूरी तरह दस्तक दे चुकी है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी कर दिया है। मंगलवार को फरीदकोट का तापमान गिरकर 3 डिग्री पर पहुँच गया, जो शिमला से भी ठंडा रहा। वहीं शिमला में 4 डिग्री की गिरावट के बाद न्यूनतम तापमान 5 डिग्री दर्ज हुआ। राज्य के कई पहाड़ी और मैदानी इलाके भी तेज सर्दी की चपेट में हैं, जहां रात का तापमान 8 डिग्री से कम रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल के अनुसार, दिसंबर में ठंड लगातार बढ़ती जाएगी और तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी। उनका कहना है कि उत्तर से बहने वाली हवाएं पहाड़ों की शीतलहर को मैदानों तक ला रही हैं, जिससे चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में भी ठंड तेज हो गई है। आने वाले दिनों में दिन और रात दोनों तापमान सामान्य से कम रहेंगे। हालांकि, 20 दिसंबर के बाद पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी बढ़ेगी और इसका असर मैदानी क्षेत्रों पर भी पड़ेगा। ऐसे में अनुमान है कि दिसंबर के आखिरी हफ्ते से लेकर जनवरी तक चंडीगढ़ सहित पंजाब के कई हिस्सों में कड़कड़ाती ठंड पड़ने लगेगी।  

स्कूल शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर गतिविधियों का करें संचालन

लाड़ली लक्ष्मी बेटियों के ड्राप आऊट पर रखें सख़्त निगरानी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पूर्णत: ऑनलाइन पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू करने में देश का पहला राज्य बना मध्यप्रदेश टेक होम राशन की फेस रिकग्निशन सिस्टम प्रक्रिया में मध्यप्रदेश प्रथम लाभ पहुँचाने में राष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना स्पॉन्सरशिप योजना में 20,243 बच्चों को लाभ, देश में दूसरा स्थान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि महिला एवं बाल विकास विभाग की गतिविधियां बच्चों और महिलाओं के पोषण व स्वस्थ सर्वांगीण विकास और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित हैं। अधिक से अधिक लोगों तक विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों का सुगमता पूर्वक लाभ पहुंचाने के लिए सुशासन की भावना के अनुसार पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए गतिविधियों का संचालन किया जाए। कार्यक्रम क्रियान्वयन के अनुवीक्षण में आईटी का अधिक से अधिक उपयोग करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को बच्चों और महिलाओं के पोषण व स्वास्थ्य के लिए स्कूल शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग तथा महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण के लिए कौशल उन्नयन व रोजगार की दृष्टि से तकनीकी शिक्षा तथा उद्योग विभाग से बेहतर समन्वय कर गतिविधियां संचालित करने के निर्देश महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में दिए। मंत्रालय में हुई बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों और नवाचारों का प्रेजेंटेशन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी वर्षों की कार्य योजना के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना प्रदेश की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। विभाग यह सुनिश्चित करे कि किसी भी चरण पर लाड़ली लक्ष्मी बेटियों का ड्रॉप आउट न हो। ड्रॉपआउट होने वाली बालिकाओं पर सख़्त निगरानी रखी जाए और तुरंत कारणों का निराकरण कर उन्हें योजना में पुनः जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य पारदर्शिता, समयबद्धता और लाभार्थी-केंद्रित व्यवस्था को और मजबूत बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला स्तर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से समन्वय कर आंगनवाड़ियों की बाउण्ड्रीवॉल बनवाने के संबंध में निर्देश दिए। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने जिलों द्वारा किए जा रहे नवाचारों की प्रभावशीलता का अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान से वैज्ञानिक आधार पर अध्ययन कराने और उनकी उपयुक्तता के आधार पर अन्य जिलों में क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने जानकारी देते हुए कहा कि पीएम जनमन योजना अंतर्गत भवनों की डिज़ाइन एवं ऑनलाइन मॉनिटरिंग मॉड्यूल को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। इसी योजना में प्रदेश को सर्वाधिक 704 आंगनवाड़ी भवनों की स्वीकृति मिली है, जिनमें निर्माण प्रगति देश में सर्वोच्च है। कुपोषण निवारण में झाबुआ जिले के “मोटी आई” नवाचार को देश के सर्वोच्च सम्मान—प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया।  विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पूर्णत: ऑनलाइन पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू करने में मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य बना।     टेक होम राशन की एफआरएस प्रक्रिया में मध्यप्रदेश प्रथम। राष्ट्रीय स्तर पर हुई सराहना।     स्पॉन्सरशिप योजना में 20,243 बच्चों को लाभ। प्रदेश, देश में दूसरे स्थान पर रहा।     भवन निर्माण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए अत्याधुनिक मॉड्यूल विकसित किया गया।     उपस्थिति के लिए 20 मीटर जियो-फेंसिंग व्यवस्था डिजिटल पारदर्शिता की मिसाल बनी।     प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को 512 करोड़ रूपए से अधिक की सहायता उपलब्ध कराई गई।     लाड़ली बहना योजना में जनवरी 2024 से नवंबर 2025 तक 36 हजार 778 करोड़ रूपए का अंतरण कि किया गया।     1 लाख 72 हजार महिलाओं को महिला हेल्पलाइन से सहायता प्रदान की गई। वन स्टॉप सेन्टर्स द्वारा 52,095 महिलाओं को सुरक्षा उपलब्ध कराई गई।     बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत 6,520 ड्राइविंग लाइसेंस और 8,637 बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं का प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया।     आंगनवाड़ी केंद्रों का बड़े पैमाने पर उन्नयन करते हुए 12 हजार 670 केंद्र ‘सक्षम आंगनवाड़ी’घोषित किए गए। जिलों में हुए नवाचार डिण्डौरी में संचालित रेवा प्रोजेक्ट के अंतर्गत्‍ बच्चों की स्वास्थ्य जाँच के साथ-साथ उन्हें पोषण किट और स्वच्छता किट उपलब्ध कराई जा रही है।     अशोकनगर में हृदय अभियान के अंतर्गत बच्चों को जनसहयोग से पोषण सामग्री वितरित की जा रही है और पोषण स्तर का निरंतर फॉलोअप किया जा रहा है।     देवास में किलकारी अभियान के अंतर्गत विभाग की गतिविधियों में निजी संस्थाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है।     नीमच में 'हमारी आंगनवाड़ी अभियान' में कुपोषित बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने, उनकी देखभाल और नियकित हेल्थ चेक अप में पोषण मित्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।     दतिया में मेरा बच्चा अभियान के अंतर्गत सक्षम व्यक्तियों को कुपोषित बच्चों को गोद लेने और उनका फॉलोअप करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। आगामी 3 वर्ष की कार्य योजना के अंतर्गत निम्न बिन्दुओं पर हुआ विचार-विमर्श      मध्यप्रदेश में सेंट्रल किचन से शहरी आंगनवाड़ियों में गर्म भोजन की व्यवस्था 2026 से लागू की जाएगी।     विजन 2047 अनुरूप शाला पूर्व शिक्षा की गुणवत्ता वृद्धि के लिए वर्क बुक और विकास कार्ड की व्यवस्था की जाएगी।     मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत 34 लाख से अधिक बालिकाओं को छात्रवृत्ति/प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाएगा।     आंगनवाड़ी भवन निर्माण के मेगा प्लान के अंतर्गत अगले तीन वर्षों में 9,000 नए भवन बनाए जाएंगे।     हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमन योजना के अंतर्गत जेंडर, सुरक्षा व कानूनी सहायता के संबंध में बड़े पैमाने जागरूकता गतिविधियों का संचालन किया जाएगा।     बेटो बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत शाला त्यागी बालिकाओं को स्कूल शिक्षा पूर्ण कराने, बालिकाओं के कौशल प्रशिक्षण, आत्मरक्षा व ड्राइविंग लायसेंस उपलब्ध कराने के लिए गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। प्रमुख बिन्दु     कार्यक्रम क्रियान्वयन के अनुवीक्षण में आईटी का अधिक से अधिक उपयोग … Read more

राजस्थानी गौरव का उत्सव: प्रवासी राजस्थानी दिवस 2025 में 33 मेहमान बनेंगे राजकीय अतिथि

जयपुर मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा 10 दिसम्बर को आयोजित ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ समारोह में उद्योग, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, प्रशासन और अन्य विभिन्न क्षेत्रों की 33 जानी-मानी हस्तियां राजकीय अतिथि के तौर पर शामिल होंगी। राजकीय अतिथियों के इस विशिष्ट सूची में वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, श्री सीमेंट के चेयरमैन हरि मोहन बांगुर, वेलस्पन लिविंग की सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर दीपाली गोयनका, जेके सीमेंट के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर माधव सिंघानिया, हिंदुस्तान जिंक की चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल, आनंद ग्रुप की चेयरपर्सन अंजलि सिंह, टीटागढ़ रेल सिस्टम्स के वाइस चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ उमेश चौधरी, DB कॉर्प लिमिटेड के प्रोमोटर और डायरेक्टर गिरीश अग्रवाल, और मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ मोतीलाल ओसवाल जैसे कई बड़े नाम है। ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में शानदार योगदान और उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त करने वाले इन 33 विशिष्ट लोगों को राजस्थान सरकार ने राजकीय अतिथि के रूप में इस समारोह में शामिल होने का आमंत्रण दिया है। इसके तहत, उद्योग जगत की कुछ अन्य प्रमुख हस्तियां जिन्हें राजकीय अतिथि के तौर पर इस समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है, उनमें प्रमुख हैं केईआई (KEI) लिमिटेड के चेयरमैन अनिल गुप्ता, चौधरी ग्रुप के चेयरमैन बिनोद चौधरी, नेशनल इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रेसिडेंट और सीईओ रोहित साबू, बोरोसिल रिन्यूएबल्स के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन श्री प्रदीप कुमार खेरुका, सोमानी सेरामिक्स के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीकांत सोमानी, और, बांग्लानाटक डॉट कॉम के फाउंडर डायरेक्टर अमिताव भट्टाचार्य भी शामिल हैं। इसके अलावा, अकादमिक जगत की विशिष्ट हस्तियों में प्रख्यात शिक्षाविद् और बिट्स, पिलानी के वाइस चांसलर प्रो. वी. रामगोपाल राव, आईआईएम उदयपुर के डायरेक्टर प्रो. अशोक बनर्जी, आईआईटी जोधपुर के डायरेक्टर प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल, दिल्ली पब्लिक स्कूल, संयुक्त अरब अमीरात के मैनेजिंग डायरेक्टर दिनेश कोठारी, और नीति आयोग की विशिष्ट फेलो देबजानी घोष भी इस आयोजन में राजस्थान के राजकीय अतिथि के तौर पर ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस 2025’ में शामिल होने के लिए आमंत्रित हैं। जल की उपलब्धता राजस्थान के लिए अहम विषय है और इसी दृष्टि से इस क्षेत्र के कई विशेषज्ञ भी इस आयोजन में राजकीय अतिथि के तौर पर शामिल रहेंगे। इनमें हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा, इकोलैब इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष खंडेलवाल, , वेओलिया वॉटर टेक्नोलॉजीज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (साउथ एशिया) और इंजीनियरिंग एंड प्रोक्योरमेंट के एशिया-पैसिफिक रीजन लीडर गोपाल मधुभूषण, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) की डायरेक्टर डॉ. देबोलिना कुंडू, आयन एक्सचेंज (इंडिया) लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ इंद्रनील दत्त जैसी जानी-मानी हस्तियां जल संसाधन पर आयोजित विशेष सत्र में अपने विचार व्यक्त करेंगी। इसके अलावा, इस समारोह में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र की जानी-मानी हस्तियां भी शामिल होंगी। इनमें डॉक्टर्स ऑफ राजस्थान इंटरनेशनल (DoRI) फाउंडेशन के प्रेसिडेंट और यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट्रल फ्लोरिडा स्कूल ऑफ मेडिसिन असिस्टेंट प्रोफेसर (न्यूरोलॉजी) डॉ. जयवीर सिंह राठौर, स्टार हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के क्लिनिकल डायरेक्टर और विभागाध्यक्ष (सर्जिकल ऑन्कोलॉजी) डॉ. विपिन गोयल, टाटा वन एमजी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर संजय झावर, और सीके बिड़ला हेल्थकेयर के सीईओ विपुल जैन जैसे विशेषज्ञ स्वास्थ्य क्षेत्र पर होने वाले सत्र में अपने विचार व्यक्त करेंगे। इनके अलावा, ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ में बैंकिंग और टूरिज्म क्षेत्र के विशेषज्ञों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की भी राजकीय अतिथि के रूप में मौजूदगी रहेगी। इनमें एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के फाउंडर, एमडी और सीईओ संजय अग्रवाल, वोल्वो ग्रुप इंडिया के प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर कमल बाली, ईजमाइट्रिप के सह-संस्थापक और सीईओ रिकांत पिट्टी, और विदेश मंत्रालय में ज्वाइंट सेक्रेटरी महावीर सिंघवी शामिल हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा पिछले साल की गयी घोषणा के मद्देनजर 'प्रवासी राजस्थानी दिवस' का यह पहला आयोजन 10 दिसंबर को होने जा रहा है। इस समारोह के मंच पर इन विशिष्ट राजकीय अतिथियों की उपस्थिति एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसके तहत यह मंच राजस्थान और राज्य के प्रवासियों के बीच निरंतर संवाद कायम करने और राजस्थान के विकास और समृद्धि में प्रवासियों के सक्रिय सहयोग स्थापित करने का माध्यम बनेगा। साथ ही, कई सारे प्रवासी राजस्थानियों को उनकी उपलब्धियों हेतु सम्मानित भी किया जाएगा।

वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन को 50.60 करोड़ का शुद्ध लाभ, 32 प्रतिशत लाभांश का प्रस्ताव

मप्र वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉरपोरेशन की 21वीं साधारण सभा सम्पन्न, कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित भोपाल मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉरपोरेशन की 21वीं साधारण सभा कॉरपोरेशन के अध्यक्ष एवं प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शमी, कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक श्री अनुराग वर्मा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। सभा में वर्ष 2023-24 की वित्तीय स्थिति, विभागीय उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। साधारण सभा में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में कॉरपोरेशन ने 50 करोड़ 60 लाख रुपए का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। अधिकारियों ने लाभ की अन्य संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया। अंशधारकों को 32 प्रतिशत लाभांश का प्रस्ताव खाद्य मंत्री श्री राजपूत की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई साधारण सभा में वर्ष 2023–24 के लिए अंशधारकों को 32 प्रतिशत की दर से कुल 2 करोड़ 57 लाख रुपए का लाभांश दिए जाने का प्रस्ताव रखा गया। प्रस्ताव को व्यापक समर्थन मिला और इसे अनुमोदन हेतु आगे बढ़ाया गया। वर्ष 2023–24 में कॉरपोरेशन की 300 शाखाएँ कार्यरत रहीं। इस अवधि में औसत 225.11 लाख मीट्रिक टन की भंडारण क्षमता का संचालन किया गया, जो प्रदेश में कृषि उपज के सुरक्षित एवं वैज्ञानिक भंडारण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 01 अप्रैल 2023 की स्थिति में कॉरपोरेशन पर किसी भी बैंक या वित्तीय संस्था का कोई बकाया ऋण नहीं था। वर्ष भर में भी किसी प्रकार का कर्ज नहीं लिया गया। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने इसे वित्तीय अनुशासन और सुशासन का परिणाम बताया। सुदृढ़ होगी प्रदेश की भंडारण क्षमता प्रदेश सरकार की वेयरहाउस इंफ्रास्ट्रक्चर फंड–नाबार्ड योजना के तहत वर्ष 2023–24 में कॉरपोरेशन को 59 करोड़ 65 लाख रुपए की राशि प्राप्त हुई। इस राशि का उपयोग प्रदेश में भंडारण ढांचे को सुदृढ़ बनाने में किया जा रहा है। सभा में बताया गया कि वर्ष 2023–24 में बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास हेतु निर्धारित बुंदेलखंड योजना के अंतर्गत कॉरपोरेशन को शासन से कोई राशि प्राप्त नहीं हुई। डिजिटलाइजेशन की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। प्रदेश शासन से एंड टू एंड कम्प्यूटराइजेशन स्कीम के तहत 1 करोड़ 48 लाख रुपए का अनुदान प्राप्त हुआ, जिसके माध्यम से विभिन्न शाखाओं में आधुनिक कंप्यूटर और आईटी सुविधाओं की स्थापना की गई। खाद्य मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि पूर्ण कम्प्यूटराइजेशन से पारदर्शिता, गति और भंडारण प्रबंधन की दक्षता में वृद्धि होगी।  

चीता परियोजना के अभूतपूर्व परिणाम, चीतों की संख्या बढ़कर हुई 32

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर गुरुवार 4 दिसम्बर को श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में 3 चीतों, जिनमें मादा चीता 'वीरा' और उसके 10 माह के 2 शावकों को बड़े बाड़े से खुले जंगल में छोड़ेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव कूनो राष्ट्रीय उद्यान के वर्ष 2026 का कैलेण्डर तथा 'फील्ड मैन्युअल फॉर क्लीनिकल मैनेजमेंट ऑफ फ्री-रेंजिंग चीताज़ इन कूनो नेशनल पार्क' का विमोचन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कूनो राष्ट्रीय उद्यान में नव-निर्मित सोवेनियर शॉप का लोकार्पण भी करेंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर 3 वर्ष पूर्व मध्यप्रदेश को चीता परियोजना की सौगात मिली थी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 17 सितम्बर, 2022 को अपने जन्म-दिवस पर कूनो पालपुर में चीते छोड़कर प्रोजेक्ट की शुरूआत की थी। नामीबिया से 8 चीतों को कूनो राष्ट्रीय उद्यान लाया गया था। वर्तमान में कूनो पालपुर और गाँधी सागर अभयारण्य में चीतों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में प्रोजेक्ट चीता को "इनोवेटिव इनिशिएटिव्स अवॉर्ड'' से सम्मानित किया गया है। चीतों ने भारतीय वातावरण को आश्चर्यजनक रूप से पूरी तरह अपना लिया है। पिछले 3 वर्षों में 5 मादा चीता द्वारा 6 बार शावकों को जन्म देना इस परियोजना की सफलता और लचीलापन का परिचायक है। परिणाम स्वरूप चीते न केवल जीवित रहे, बल्कि चीतों ने सफलतापूर्वक अपना परिवार भी बढ़ाया है। अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस का मुख्य उद्देश्य चीतों की घटती आबादी, उनके आवास के नुकसान और शिकार जैसी समस्याओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने और उनके संरक्षण के लिये वैश्विक प्रयासों को बढ़ावा देना है। एपीसीसीएफ एवं निदेशक लॉयन प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश ने बताया कि चीता परिवार की सुरक्षा और प्राकृतिक परिवेश में सफल अनुकूलन सुनिश्चित करने के लिये उन्नत रेडियो-ट्रेकिंग प्रणाली और समर्पित फील्ड टीमों के माध्यम से सतत निगरानी की जायेगी। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम कूनो राष्ट्रीय उद्यान के परोंड वन क्षेत्र में आयोजित होगा, जो निर्धारित पर्यटन जोन है। इस क्षेत्र में चीता परिवार की मौजूदगी से ईको पर्यटन के नये अवसरों के साथ ही प्रोजेक्ट चीता के प्रति जन-सहभागिता और रुचि में और अधिक वृद्धि होने की अपेक्षा है।  

छत्तीसगढ़ में ई-गजट पोर्टल लॉन्च: अब अधिसूचनाएँ होंगी पूरी तरह डिजिटल

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और त्वरित बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने मंत्रालय में ई-गजट ऑनलाईन पोर्टल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले उपस्थित  थीं। ई-गजट ऑनलाईन पोर्टल पोर्टल के माध्यम से अब शासन के सभी विभाग तथा जिला कलेक्टरों द्वारा जारी आदेश, अधिसूचनाएँ, अध्यादेश एवं अन्य प्रकाशन सामग्री सीधे ऑनलाईन पाण्डुलिपि रूप में संचालक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री विभाग को भेजी जाएगी, जहाँ से शासकीय मुद्रणालय इसे ई-गजट के रूप में ऑनलाइन प्रकाशित करेगा। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा विकसित इस नई प्रणाली के तहत राजपत्र प्रकाशन की संपूर्ण प्रक्रिया अब डिजिटल माध्यम से संचालित होगी। पूर्व में विभागों एवं जिला कार्यालयों से मुद्रणालय तक पाण्डुलिपि भेजने की प्रक्रिया समयसाध्य और भौतिक संसाधनों पर आधारित थी, जिसे अब पूर्णतः ऑनलाइन कर दिया गया है। नए ई-गजट पोर्टल के माध्यम से विभाग अपने आदेश एवं अधिसूचनाएँ सीधे अपलोड करेंगे तथा प्रकाशित राजपत्र भी सभी के लिए ऑनलाइन सुलभ रहेगा। ई-गजट प्रणाली लागू होने से अधिसूचना प्रकाशन संबंधी कार्यों में उल्लेखनीय तेजी आएगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से न केवल प्रक्रियाएँ सरल होंगी, बल्कि कार्य पूर्णतः पेपर-लेस होने से शासन की ई-गवर्नेंस नीतियों को भी मजबूत आधार मिलेगा। राजपत्रों का ऑनलाइन प्रकाशन पारदर्शिता, सुलभता और रिकॉर्ड प्रबंधन को भी अधिक प्रभावी बनाएगा। छत्तीसगढ़ शासन की यह पहल राज्य में डिजिटल शासन, त्वरित निर्णय प्रक्रिया और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ई-गजट पोर्टल के शुभारंभ से अब राजपत्र प्रकाशन अधिक सुगम, समयबद्ध और आधुनिक स्वरूप में उपलब्ध हो सकेगा।