samacharsecretary.com

काम की जानकारी न देने वाले इंजीनियर्स अब SIR के काम में मदद करेंगे, कमिश्नर ने शुरू की नई पहल

भोपाल  2015 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा की अफसर ने नई संस्कृति की शुरुआत कर दी है। इस अधिकारी का नाम संस्कृति जैन है और वह नगर निगम भोपाल की आयुक्त हैं। हाल ही में उन्होंने निगम के लापरवाह अधिकारियों पर सख्ती बरतनी शुरू की है। ताजा मामले में उन्होंने भोपाल नगर निगम के कुल 75 असिस्टेंट और सब इंजीनियर को विशेष 'सजा' सुनाते हुए उन्हें बूथ लेवल ऑफिसर बीएलओ का सहायक बना दिया है। काम की जानकारी नहीं दे पाए थे इंजीनियर बता दें कि पिछले दिनों नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने इनसे कार्यों के बारे में पूछा था, तब यह काम के बारे में जानकारी नहीं दे सके थे। इस बात से नाराज होकर कमिश्नर ने इन्हें बीएलओ का सहायक बनाते हुए एसआईआर डिजिटाइजेशन का काम सौंप दिया है। आईएएस की इस कार्रवाई की चहुं ओर चर्चा हो रही है। आपको बता दें कि इंजीनियरों को यह अनूठी सजा 4 दिसंबर तक के लिए दी गई है। इस समय कमिश्नर संस्कृति जैन दक्षिण कोरिया प्रवास पर हैं। पहले सिवनी में थी कलेक्टर इस मामले में उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया कि सहायक यंत्री और उप यंत्रियों की विधानसभा वार तैनाती की गई है। वे एसआईआर के काम में जुटे हैं। आपको बता दें कि पिछले दिनों से कलेक्टर के रूप में सिवनी जिले से भोपाल नगर निगम कमिश्नर बनकर आईं हैं। ज्वाइन करने के बाद निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने असिस्टेंट इंजीनियर और सब इंजीनियर से उनके सिविल के काम के बारे में पूछा था। जिसके बारे में 15 दिन में भी जवाब नहीं मिला। इस बात से कमिश्नर नाराज हो गई और इनकी ड्यूटी विधानसभा के हिसाब से बीएलओ के सहायक के रूप में लगा दी। फिसड्डी बूथों पर लगाई ड्यूटी बता दें कि सभी इंजीनियर को ऐसे बूथ पर तैनात किया गया है, जो परफार्मेंस परफॉरमेंस में फिसड्‌डी के मामले में टॉप-20 है। जो इंजीनियर अपने सिविल के काम सही ढंग से नहीं कर सके हैं, उन्हें बूथ पर एसआईआर का जिम्मा सौंपा गया है।

भोपाल गैस त्रासदी की 41वीं बरसी पर हुई सर्वधर्म प्रार्थना सभा, मंत्री डॉ. शाह ने दिवंगतों को दी श्रद्धांजलि

भोपाल भोपाल गैस त्रासदी की 41वीं बरसी पर भोपाल में बुधवार को गैस राहत मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह की उपस्थिति में आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में दिवंगत गैस पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई। विभिन्न धर्मगुरूओं ने धर्मग्रन्थों का पाठ किया और गैस त्रासदी को मानवता के लिए अपूरणीय क्षति बताया। मंत्री डॉ. शाह ने गैस त्रासदी में दिवंगत निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि ऐसी त्रासदी भविष्य में कभी नहीं हो। श्रद्धांजलि सभा में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मती कृष्णा गौर, विधायक  भगवान दास सबनानी, महापौर भोपाल मती मालती राय, अपर मुख्य सचिव  अनुपम राजन, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  संदीप यादव, कलेक्टर भोपाल  कौशलेंद्र सिंह, गणमान्य नागरिक और गैस पीड़ितों के लिए काम करने वाले संगठनो के प्रतिनिधि उपस्थित थे। धर्मगुरुओं में  रमेश त्रिपाठी, भोपाल शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी,  गुरवेज सिंह, फादर अल्फ्रेड डी'सूजा,  अजय जैन, शाक्य पुत्र सागर भंते ने अपने धर्म ग्रंथों का पाठ किया और दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी।  

साय सरकार की सौगात: घरेलू उपभोक्ताओं को दोगुना बिजली रियायत का लाभ

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में राज्य के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में रियायत देने के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए – मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (M-URJA) – राज्य के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत देने के लिए मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान राज्य में 01 दिसम्बर 2025 से लागू है, जिसके तहत घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को 100 यूनिट से बढ़ाकर अब 200 यूनिट प्रति माह तक बिजली बिल में 50 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा। यह लाभ 400 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ताओं को भी मिलेगा। राज्य में 200 से 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को अगले एक वर्ष तक 200 यूनिट तक, बिजली बिल में 50 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा, इससे 6 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, ताकि इस अवधि में वे अपने घरों में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित करा सके। इस तरह मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान से प्रदेश के 42 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, वहीं प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना का लाभ प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को मिलेगा। गौरतलब है कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य शासन की ओर से सब्सिडी दी जा रही है, जिसके तहत 1 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट पर 15,000 रुपये तथा 2 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के प्लांट पर 30,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है। यह व्यवस्था राज्य में सौर ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित करेगी और आने वाले समय में उपभोक्ताओं को हाफ बिजली से फ्री बिजली की ओर ले जाएगी। छत्तीसगढ़ भण्डार क्रय नियम, 2002 में स्थानीय लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों से क्रय को प्रोत्साहन देने तथा जेम पोर्टल में क्रय की स्पष्टता के लिए संशोधन किए जाने का निर्णय लिया गया। इन संशोधन से क्रय प्रक्रिया का सरलीकरण होगा, पारदर्शिता में वृद्धि होगी, प्रतिस्पर्धा को बढा़वा मिलेगा तथा समय और संसाधनों की बचत होगी। मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा की शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 2017 (क्र. 21 सन् 2018) में संशोधन हेतु छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। जिससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के रिफॉर्म्स और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

दिल्ली की ‘छोटी सरकार’ में बड़ा उलटफेर: बीजेपी की बढ़त से AAP की मुश्किलें बढ़ीं

नई दिल्ली  राजधानी दिल्ली में सर्दी के मौसम में सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। एमसीडी उपचुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं। इन नतीजों ने दिल्ली की 'छोटी सरकार' यानी एमसीडी का गणित पूरी तरह बदल दिया है। 12 वार्डों पर हुए इस 'मिनी संग्राम' में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए यह साबित कर दिया है कि दिल्ली के स्थानीय मुद्दों पर उनकी पकड़ फिर मजबूत हो रही है। ये जीत बीजेपी के लिए काफी अहम मानी जा रही है। उपचुनाव के नतीजे आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए अच्छे साबित नहीं हुए। 12 सीटों में से बीजेपी ने 7 पर कब्जा जमाया है, जबकि आम आदमी पार्टी केवल 3 सीटों पर सिमट गई । यह नतीजे इसलिए भी चौंकाने वाले हैं क्योंकि 2022 के एमसीडी चुनाव में AAP की लहर थी, लेकिन 2025 के खत्म होते-होते वह लहर अब कमजोर पड़ती दिख रही है।​ सदन का नया 'गणित' इन नतीजों का सबसे बड़ा असर एमसीडी सदन के नंबर गेम पर पड़ा है। आपको याद होगा कि 2022 में बीजेपी 104 सीटों पर रुक गई थी। MCD में कुल 250 सीटें हैं। हालिया विधानसभा चुनावों के बाद कुछ काउंसलरों के विधायक बनने से 12 सीटें खाली हो गई थीं। भले ही एमसीडी में बीजेपी का मेयर है, लेकिन पार्टी अभी भी बहुमत से काफी दूर थी। उपचुनाव होने से पहले तक बीजेपी के कुल 115 और आम आदमी के 99 पार्षद थे। लेकिन अब उपचुनाव की 7 सीटें जीतने और पिछले कुछ समय में हुए सियासी बदलावों के बाद, बीजेपी के पास सदन में 122 पार्षद हो गए हैं ।​ वहीं, 134 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत से सत्ता में आई AAP का आंकड़ा अब घटकर 102 के करीब रह गया है। यानी सदन के भीतर अब बीजेपी 'सबसे बड़ी पार्टी' बनकर उभरी है। कांग्रेस का कैसा रहा प्रदर्शन? इन नतीजों में दो और कहानियां छिपी हैं। कांग्रेस ने संगम विहार जैसी सीट जीतकर अपनी वापसी के संकेत दिए हैं और अपना कुल आंकड़ा 9 पर पहुंचा दिया है।​ लेकिन सबसे बड़ा 'शॉक' दिया है वामपंथी दल ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (AIFB) ने। दिल्ली की राजनीति में जहां लेफ्ट का कोई नामलेवा नहीं बचा था, वहां एक सीट जीतकर उन्होंने सियासी पंडितों को हैरान कर दिया है ।​ मेयर चुनाव पर सस्पेंस भले ही मेयर का चुनाव अभी दूर हो, लेकिन इन आंकड़ों ने भविष्य की पटकथा लिख दी है। 250 सदस्यों वाले सदन में बहुमत का जादुई आंकड़ा 126 है। बीजेपी अब 122 पर खड़ी है, जो बहुमत से सिर्फ 4 कदम दूर है। ऐसे में आने वाले दिनों में एमसीडी की बैठकों में हंगामा और शक्ति प्रदर्शन देखने को मिल सकता है।  

यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा भस्म किया गया, पीथमपुर में राख सुरक्षित रूप से दफन

इंदौर  पांच हजार से ज्यादा लोगों को मौत की नींद सुलाने वाले भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्टरी का 337 टन कचरा तो पीथमपुर के भस्मक में जला दिया गया, लेकिन उसकी राख हमेशा के लिए पीथमपुर में दफन होगी। इसका भविष्य में आसपास के इलाके में क्या असर होगा, यह तो भविष्य में पता चलेगा, लेकिन पंद्रह साल पहले भी 30 टन से ज्यादा राख पीथमपुर में लैंडफिल की गई थी। उस कारण भस्मक के समीप से निकलने वाली नदी का पानी काला हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि उस पानी का उपयोग खेतों में नहीं करते। इससे फसल खराब हो जाती है। कचरा तो भस्म हो गया, लेकिन 900 टन राख उस त्रास्दी की याद दिलाती है। उसका निपटान भी नहीं हो पाया है। 900 टन राख बची कचरा जलाने के बाद पीथमपुर में रामकी कंपनी ने अपने प्लांट में 337 टन जहरीला कचरा छह माह में जलाया। उसके बाद बची राख को बीते पांच माह से कंपनी के परिसर में एक प्लेटफार्म पर रखा गया है। उस राख की भी विशेषज्ञों ने जांच की। राख को दफनाने के लिए एक तालाबनुमा गड्ढा खोदा गया है। बची हुई राख में मर्करी, निकल, जिंक, कोबाल्ट, मैग्जीन सहित अन्य तत्व है, जहां इस कचरे को दफन किया जाना है। उसके आधा किलोमीटर दायरे में आबादी क्षेत्र है। वहां के रहवासी बोरिंगों के पानी का उपयोग नहीं करते है, क्योकि बोरिंग भी दूषित हो चुके है। 900 टन राख के लिए काले रंग की एचडीपीई लाइनर बिछाई जा रही है,ताकि राख मिट्टी के संपर्क में न आए और राख का रिसाव जमीन में न हो। राख दफनाए जाने का मामला कोर्ट में भी है। 

CM सैनी का उपहार: महिलाओं के लिए दूसरी किस्त जारी, फिर जमा हुए ₹2100 – जानें क्या है नया ऐलान

चंढीगढ़  हरियाणा के सीएम नायब सैनी आज लाडो लक्ष्मी योजना की दूसरी किस्त जारी कर दी है। नायब सैनी ने इस दौरान कहा कि इस योजना के तहत 7 लाख 1 हजार 965 लाभार्थी बहनों के खातों में 2100 रुपए की राशि डाली गई है। साथ ही उन्होंने बताया कि अब महिलाओं के खाते में हर महीने नहीं बल्कि हर 3 महीने के बाद योजना की राशि भेजी जाएगी। नवंबर में आई थी पहली किस्त योजना सितंबर 2025 में योजना लॉन्च हुई और 1 नवंबर को हरियाणा दिवस के मौके पर पहली किस्त जारी की गई। बता दें कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के 109वें जन्मदिवस के अवसर पर लाडो लक्ष्मी ऐप का शुभारंभ किया गया था। इस ऐप पर 30 नवंबर तक 9 लाख 552 महिलाओं ने आवेदन किया, जिनमें से 7 लाख 1 हजार 965 महिलाएं पात्र पाई गई। 5 लाख 58 हजार 346 महिलाओं ने अपना आधार KYC पूरा किया। 1 लाख 43 हजार 619 महिलाओं का अभी वेरिफिकेशन पेंडिंग है।

गोलीकांड के आरोपी के ठिकाने पर निगम की कार्रवाई, पुलिस सुरक्षा में बुलडोजर ने तोड़ा कब्जा

दुर्ग  भिलाई के गुरुघासीदास नगर में 14 नवंबर को इवेंट ऑर्गनाइजर विकास प्रजापति पर गोली चलवाने के मामले में आरोपी करण साव के अवैध कब्जे पर आज निगम ने बुलडोजर चला दिया। आरोपी पिछले 10 सालों से अवैध भूमि पर निर्माण कर टेंट हाउस का संचालन कर रहा था। आज सुबह-सुबह डीएसपी क्राइम और दो थाना प्रभारियों की मौजूदगी में भारी पुलिस बल के साथ निगम की तोडू दस्ते ने संतोषीपारा कैंप-2 पहुंचकर कार्रवाई की। इधर निगम आयुक्त राजीव पांडेय स्वयं मौके पर मौजूद रहे और अवैध कब्जा हटवाया। आयुक्त का कहना है कि समृद्धि बाजार के इस एरिया में प्रधानमंत्री आवास के लिए जमीन चिन्हांकित की गई है और यहां जमीन पर हुए अवैध कब्जाधारियों को कई बार नोटिस भी दिया गया। यह पूरी कार्रवाई अंतिम नोटिस के बाद की गई है। वहीं टेंट हाउस संचालक को पहले ही कार्रवाई का अंदाज़ा था, इसलिए सारा सामान पहले ही हटा लिया था। इधर आरोपी करण साव के भाई सूरज साव का कहना है कि निगम ने जानबूझकर केवल उनके मकान को ही टारगेट किया है। उनके मोहल्ले में और भी कई अवैध मकान हैं, जिन पर निगम का बुलडोजर नहीं चला। उसने कहा कि उनके परिवार के लोगों ने अपराध किया है तो वे सभी जेल में हैं और उन पर कार्रवाई भी की गई, लेकिन इस तरह परिवार की रोज़ीरोटी को खत्म करना सही नहीं है। आपको बता दें कि करण साव ने अपने भाई शिवम साव की हत्या में शामिल और जेल की सजा काटकर छूटे विकास प्रजापति पर झारखंड से 3 शूटर बुलाकर जान से मारने की कोशिश की थी, लेकिन निशाना चूक गया। जिसके बाद जामुल थाने में मामला दर्ज कर 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।

लोको पायलटों का संघर्ष: भूखे-प्यासे ट्रेन संचालन, 10 प्रमुख मांगों के लिए हड़ताल

भोपाल  रेलगाड़ी चलाने वाले ड्राइवर यानि लोको पायलट बिना कुछ खाए पिए ट्रेन चला रहे हैं। ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के आह्वान पर यह हड़ताल 2 दिसंबर सुबह 10 बजे से शुरू हुई है, जो कि 4 दिसंबर सुबह 10 बजे तक चलेगी। इसके तहत देशभर में 1 लाख 20 हजार लोको रनिंग स्टाफ बिना भोजन के ड्यूटी पर है। इस हड़ताल में लोको पायलट और सहायक लोको पायलट शामिल हैं, जिनकी 10 सूत्रीय मांग है। मध्य प्रदेश में यह आंदोलन भोपाल, इटारसी, कटनी, जबलपुर, सतना, सागर, बीना, गुना, कोटा और गंगापुरसिटी की क्रू लॉबी में शुरू हो गया है। 12-16 घंटे करनी पड़ी रही ड्यूटी लोको पायलट की मांग है कि उन्हें वर्षों से केवल आश्वासन मिल रहा है। दबाव के साथ लंबी ड्यूटी और लगातार मानसिक दबाव में ट्रेनें चलानी पड़ रही हैं। वहीं, लोको पायलटों का कहना है कि नियम 9 घंटे ड्यूटी का है, इसके बावजूद 12 से 16 घंटे तक लगातार संचालन करवाया जा रहा है। कई बार 72 से 104 घंटे तक मुख्यालय से बाहर रहना पड़ता है। इंजनों में शौचालय-यूरिनल की सुविधा नहीं है। लोको पायलट की यह हैं मांगें लगातार दो रात से ज्यादा नाइट ड्यूटी न कराई जाए। 36 घंटे के भीतर मुख्यालय वापसी सुनिश्चित की जाए। किलोमीटर भत्ते का 70% आयकर मुक्त किया जाए। ट्रैवलिंग अलाउंस (टीए) में 25% बढ़ोतरी के अनुपात में माइलेज भत्ते में वृद्धि की जाए। आवधिक विश्राम 46 घंटे (16+30) सुनिश्चित किया जाए। मेल-एक्सप्रेस में अधिकतम 6 घंटे और मालगाड़ी में 8 घंटे ड्यूटी का नियम लागू हो। एनपीएस बंद कर पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। महिला रनिंग स्टाफ की सुरक्षा और समस्याओं पर विशेष उपाय। हालांकि इन वजहों से ट्रेनों की परिचालन पर कोई असर नहीं हुआ है। अगर रेलवे की तरफ से उनकी समस्याएं नहीं सुनी गई तो आंदोलन और तेज होगा।

सौर ऊर्जा क्रांति के दौर से गुजर रहा है उत्तर प्रदेश

रोशन हुआ उत्तर प्रदेश : सौर ऊर्जा में योगी सरकार की ऐतिहासिक छलांग सौर ऊर्जा क्रांति के दौर से गुजर रहा है उत्तर प्रदेश  ऊर्जा बचत और आर्थिक लाभ का नया अध्याय, रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत… लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की सौर ऊर्जा नीति से उत्तर प्रदेश आज ऊर्जा क्रांति के दौर से गुजर रहा है। प्रदेश की कुल सौर ऊर्जा क्षमता अब 1003.64 मेगावाट तक पहुंच चुकी है, जिससे वार्षिक बिजली बिल में औसतन 40 से 60 प्रतिशत तक की बचत होने का अनुमान है। यह बचत बड़े उद्योगों से लेकर ग्रामीण उपभोक्ता तक पहुंच रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट सन्देश है कि विकसित यूपी 2047 विजन के अंतर्गत आने वाले 22 वर्षों में प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जाये। सौर ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी बचत लंबी अवधि में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी। वहीं इससे बिजली खपत का भार भी काफी हद तक कम हो जाएगा। रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत… प्रदेश में सौर ऊर्जा के बढ़ते दायरे के साथ लगभग 50 हजार युवाओं को तकनीशियन, इंस्टॉलर और सर्विस स्टाफ के तौर पर प्रत्यक्ष रूप से रोजगार हासिल हुआ। रोजगार के अवसर गांव और कस्बों तक पहुंचे हैं। इसका सकारात्मक परिणाम यह हुआ है कि पलायन में कमी आई है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। इसी के साथ, ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में लोड शेडिंग में कमी दर्ज की जा रही है। पहले जहां बिजली कटौती के कारण छोटे व्यवसायों जैसे मिल, वेल्डिंग और प्रोसेसिंग यूनिट प्रभावित होते थे, वहीं अब इनकी आय में 10 से 15 प्रतिशत तक का सुधार हुआ है। सौर ऊर्जा गांव के प्रगति की एक प्रमुख धुरी बनती दिख रही है।  ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर प्रदेश उत्तर प्रदेश अब ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसमें सौर ऊर्जा की भूमिका को और सशक्त करने के प्रयास जारी हैं। जैसे-जैसे सौर ऊर्जा का दायरा बढ़ेगा वैसे-वैसे परंपरागत बिजली आपूर्ति पर निर्भरता कम होगी और इसका लाभ उद्योग और छोटे व्यवसायों को मिलेगा। योगी आदित्यनाथ सरकार का विश्वास है कि आने वाले वर्षों में सौर ऊर्जा प्रदेश की आर्थिक रीढ़ साबित होगी और उत्तर प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाएगी। सूर्य की रोशनी पर आधारित यह परिवर्तन अब कल्पना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर दिखाई देने वाली वास्तविकता है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने ऊर्जा नीति को लोककल्याण और आर्थिक उन्नति के साथ जोड़ा है।  सौर ऊर्जा से संबंधित आंकड़े… – प्रदेश के 2.90 लाख घरों में सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित – कुल 2,600 करोड़ रुपये का अनुदान – सोलर सेक्टर में अब तक 50,000 नए रोजगार सृजित

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व दिव्यांग दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में भारत की ऋषि परंपरा का किया उल्लेख

शारीरिक बनावट नहीं करती है क्षमता का निर्धारण: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व दिव्यांग दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में भारत की ऋषि परंपरा का किया उल्लेख भारतीय मनीषा का मानना है कि वास्तविक शक्ति मन, संकल्प और आत्मबल में है, हर व्यक्ति है ईश्वरीय कृति: मुख्यमंत्री लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में दिव्यांग प्रतिभाओं तथा दिव्यांगों के कल्याण हेतु कार्यरत कर्मचारियों व संस्थाओं को किया सम्मानित लखनऊ  उत्तर प्रदेश में विश्व दिव्यांग दिवस 2025 के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर बल दिया कि शारीरिक बनावट क्षमता के निर्धारण और लक्ष्यों की प्राप्ति में बाधा नहीं बनती है। बुधवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में दिव्यांगजन सशक्तिकरण, छात्रवृत्ति वितरण, सहायक उपकरण प्रदान करने तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं के सम्मान के लिए आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की ऋषि परंपरा ने हमेशा हमें इस बात के लिए प्रेरित किया है कि व्यक्ति की शारीरिक बनावट उसकी क्षमता का निर्धारण नहीं करती है। भारतीय मनीषा का मानना है कि वास्तविक शक्ति मन, संकल्प और आत्मबल में है। भारत ही नहीं, पूरी दुनिया ने उस संकल्प शक्ति को, आत्मबल को वास्तविक और व्यावहारिक जीवन में दिव्यांगजन के सामर्थ्य से उद्घाटित होते हुए देखा है। अष्टावक्र गीता का दिया उदाहरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व दिव्यांग दिवस पर सभी की मंगलकामना करते हुए कहा कि आज देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की भी पावन जयंती है। उनकी स्मृतियों को नमन करते हुए मैं विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उन्होंने कहा कि हमारे यहां एक ग्रंथ है अष्टावक्र गीता जिसे ऋषि अष्टावक्र ने रचा था। उनके बारे में अनेक धारणाएं हैं, और कहते हैं कि विदेह जनक को भी आत्मज्ञान की प्रेरणा उन्होंने दी। मध्यकाल में संत सूरदास इसके उदाहरण हैं। दुनिया में भी अनेक ऐसे उदाहरण हैं जहां दिव्यांगजनों को थोड़ा भी संबल मिला तो उन्होंने अपने सामर्थ्य और अपनी शक्ति से समाज के लिए वह सब कुछ कर दिखाया जिस पर सामान्य जन को सहज विश्वास भी नहीं होता है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन के कल्याण के लिए केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा जो कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, वे एक प्लेटफॉर्म के रूप में आपके लिए अत्यंत उपयोगी हो सकते हैं। उपेक्षा से कुंठित होता है मन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगर किसी के परिवार में जाने-अनजाने या किसी गलती के कारण कोई बच्चा दिव्यांगता का शिकार होता है तो स्वाभाविक रूप से परिवार और समाज उसे उपेक्षित कर देता है। परिणाम यह होता है कि बचपन में ध्यान न दिए जाने तथा संबल न मिलने के कारण उपेक्षा जीवन भर उसके मन को कुंठित करती है। वह स्वयं को लाचार स्थिति में देखता है, जबकि यदि हम थोड़ा सा संबल दें तो बहुत अच्छे परिणाम सामने आ सकते हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव और चित्रकूट के मंडलायुक्त का दिया उदाहरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार में हमारे खेल और युवा कल्याण विभाग के सचिव स्वयं पैरालंपिक मेडलिस्ट हैं तथा उस टीम का हिस्सा रहे हैं जिसने पैरा ओलंपिक में सर्वाधिक मेडल जीते। चित्रकूट के मंडलायुक्त दृष्टिबाधित हैं, लेकिन मंडलायुक्त के रूप में वहां अपनी पूरी क्षमता से कार्य कर रहे हैं। यह स्पष्ट संकेत है कि हमारी संकल्प शक्ति और आत्मबल ही हमारे सामर्थ्य का वास्तविक पैमाना है। इसी कारण भारत की मनीषा और ऋषि परंपरा ने कभी भी शारीरिक बनावट को व्यक्ति की क्षमता का आधार नहीं माना। हर व्यक्ति है ईश्वरीय कृति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर व्यक्ति ईश्वरीय कृति है और मनुष्य ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचनाओं में से एक है। यदि हम हर मनुष्य के भीतर ईश्वर का वास मानकर उसके प्रति सद्भाव और सहानुभूति रखें तथा थोड़ा सा संबल दें तो उपेक्षा के भाव से उसे बाहर निकालकर समाज और राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है। दिव्यांगजन की सामर्थ्य और उनकी प्रतिभा से समाज को लाभान्वित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने दिव्यांगजनों के प्रति समाज की दृष्टि बदली है। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि शारीरिक रूप से कोई अंग कमजोर हो, लेकिन मानसिक रूप से वह अत्यंत परिपक्व हो। यदि संबल दिया जाए तो वह अपनी क्षमता, शक्ति और आत्मबल के आधार पर समाज और राष्ट्र के लिए अत्यंत उपयोगी बन सकता है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश सरकार ने पेंशन की राशि को 300 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया है। लाभार्थियों की संख्या भी 8 लाख से बढ़ाकर 11 लाख से अधिक कर दी गई है और तकनीक के उपयोग से पारदर्शी व सरल प्रक्रिया के जरिए उन्हें लाभान्वित किया जा रहा है। दिव्यांगजन के लिए अच्छे संस्थान स्थापित किए गए हैं और सहायक उपकरण वितरण की प्रक्रिया को भी व्यापक रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकारी सेवाओं में 4 प्रतिशत तथा शिक्षण संस्थानों में 5 प्रतिशत आरक्षण लागू मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजन कल्याण को 2014 के बाद नई गति मिली है। पहले व्हीलचेयर, ट्राईसाइकिल, ब्लाइंड स्टिक और हियरिंग एड प्राप्त करना अत्यंत कठिन था, परंतु एलिम्को, कानपुर और डी.डी.आर.सी. को सक्रिय कर स्थिति में सुधार किया गया। प्रदेश के सभी डी.डी.आर.सी. को पुनर्जीवित किया जा रहा है तथा प्रत्येक कमिश्नरी मुख्यालय पर नए केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए शब्द दिव्यांग ने सम्मान की नई भाषा और नई सोच को देश में स्थापित किया है। सरकारी भवनों, परिवहन और सार्वजनिक स्थलों को बैरियर फ्री बनाया जा रहा है तथा विद्यालयों को सुलभ बनाने का अभियान जारी है। ब्रेल लिपि, साइन लैंग्वेज, रैम्प, छात्रवृत्ति, निःशुल्क प्रशिक्षण, कौशल विकास और रोजगार के साथ ही सरकारी सेवाओं में 4 प्रतिशत तथा शिक्षण संस्थानों में 5 प्रतिशत आरक्षण लागू है। आधुनिक सहायक सामग्रियों के लिए उपलब्ध कराया गया धन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश में यूडीआईडी कार्ड के 16,23,000 से अधिक कार्ड निर्गत किए गए हैं और 19,74,000 से अधिक पंजीकृत हैं। कुष्ठावस्था पेंशन को 2,500 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये किया गया है तथा कृत्रिम अंगों हेतु अनुदान 10,000 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये किया … Read more