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एंटी करप्शन की कार्रवाई: किसान से घूस मांग रहा पटवारी गिरफ्तार

हांसी  हांसी में विजिलेंस विभाग ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पटवारी अजीत को 5 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई भाटला गांव के एक किसान की शिकायत पर की गई, जिसने नक्शा और बदर बनवाने के लिए पटवारी से संपर्क किया था। किसान ने बताया कि पटवारी ने कुल 9,500 रूपये की रिश्वत मांगी थी, जिसमें से वह पहले ही 4,500 रूपये दे चुका था। बाकि 5 हजार रूपये की राशि लेते समय विजिलेंस टीम ने मौके पर छापा मारा।  सूत्रों के अनुसार, पटवारी अजीत ने गोविंद नामक व्यक्ति को अपना सहयोगी बना रखा था, जिसने किसान से यह 5 हजार रूपये की रिश्वत ली थी। विजिलेंस टीम ने पूर्व योजना के तहत गोविंद के माध्यम से रिश्वत की रकम दिलवाई। जैसे ही गोविंद ने पैसे लिए, रासायनिक जांच में उसके हाथ रंगीन हो गए, जिसके बाद टीम ने पटवारी अजीत और उसके सहयोगी गोविंद दोनों को हिरासत में ले लिया।   इस कार्रवाई के दौरान हांसी के SDM राजेश खोथ को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था और वे पूरी प्रक्रिया के समय मौके पर मौजूद रहे। विजिलेंस टीम ने घटनास्थल से आवश्यक सबूत जुटाए हैं। विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच जारी है।

ग्राम विकास से संबंधित सभी विभाग समग्र ग्राम विकास की अवधारणा के अनुसार योजनाओं का क्रियान्वयन करें सुनिश्चित

अर्ध शहरी एवं बड़ी ग्राम पंचायतों को सशक्त करते हुए उनके विकास के लिए बनाई जाए कार्य योजना दो वर्ष की उपलब्धियों, नवाचारों पर हुआ प्रेजेंटेशन आगामी कार्य योजना संबंधी दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्राम स्तर पर रोजगार सृजन, स्वच्छता और ग्रामों को सड़कों के माध्यम से विकास की मुख्य धारा में जोड़ने में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह गतिविधियां आम आदमी के जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुसार वर्ष 2047 तक विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने में इस विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों और योजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन तथा अनुवीक्षण में सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी अद्यतन तकनीकों का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विधानसभा स्थित समिति कक्ष में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की उपलब्धियों और प्राथमिकताओं पर बैठक को संबोधित कर रहे थे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में महात्मा गांधी नरेगा, पंचायतराज, प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण, स्वच्छ भारत मिशन, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण, म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की 2 वर्ष की उपलब्धियों और नवाचारों का प्रेजेंटेशन किया गया तथा आगामी कार्ययोजना के संबंध में निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ ही कृषि, सहकारिता, मत्स्य पालन तथा ग्राम विकास से संबंधित अन्य विभागों को सम्मिलित करते हुए समग्र ग्राम विकास की अवधारणा के अनुसार योजनाओं का समन्वित रूप से क्रियान्वयन किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना को गति देने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अर्ध शहरी एवं बड़ी ग्राम पंचायतों को सशक्त करते हुए उनके विकास के लिए कार्य योजना बनाई जाए तथा नगरीय निकायों के मध्य विद्यमान पंचायतें परस्पर समन्वय से सड़कें तथा अन्य आवश्यक अधोसंरचनाएं विकसित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य शासन की दो वर्ष की उपलब्धियों के प्रेजेंटेशन में जानकारी दी गई कि :-     प्रदेश में 922 करोड़ 20 लाख रूपए की लागत से 2 हजार 472 ग्राम सेवा सदन (पंचायत भवन), 557 करोड़ रूपए लागत के 106 अटल सुशासन भवन (जनपद पंचायत भवन) और 50 करोड़ रूपए लागत के 5 अटल जिला सुशासन भवन (जिला पंचायत भवन) स्वीकृत किए गए।     855 करोड़ रूपए लागत के 3 हजार 560 सामुदायिक भवन निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई।     नर्मदा परिक्रमा पथ के 231 आश्रय स्थलों और 89 नदियों के उद्गम स्थलों पर पौध-रोपण कार्य के लिए 7 करोड़ 50 लाख रूपए के फेंसिंग कार्य स्वीकृत किए गए।     प्रत्येक विधानसभा में मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना के अंतर्गत 155 विधानसभा क्षेत्रों में ग्रामों का चयन किया जा चुका है।     जल गंगा संवर्धन अभियान 2024 के अंतर्गत 1368 करोड़ रूपए के 60 हजार 428 कार्य किए गए। वर्ष 2025 के अंतर्गत 3 हजार करोड़ रूपए के कार्य लिए गए हैं।     एक बगिया मां के नाम अंतर्गत 750 करोड़ रूपए लागत से 31 हजार 142 कार्य किए गए।     महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 1897 लाख और वर्ष 2025-26 में 1404 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया।     "कैच द रेन" अभियान के अंतर्गत प्रदेश के खरगौन जिले को नेशनल वाटर अवार्ड 2024 प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ।     प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत 1224 जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कर वर्षा आधारित कृषि क्षेत्र में 6170 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा का सृजन किया गया, 67 कृषक सुविधा सह कस्टम हायरिंग सेंटर का निर्माण प्रचालन एफपीओ के माध्यम से किया गया।     प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण में वर्ष 2024-25 में 44 लाख 22 हजार और वर्ष 2025-26 में अक्टूबर 2025 तक 37 लाख 23 हजार विद्यार्थी लाभान्वित हुए।     राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत लखपति दीदी की श्रेणी में 11 लाख 27 हजार 37 परिवार पिछले दो वर्ष में दर्ज हुए।     आजीविका मिशन के अंतर्गत 19,995 ग्रामीण युवाओं को रोजगार के लिए कौशल प्रशिक्षण तथा 16,975 युवाओं को रोजगार दिया गया। लगभग 65 हजार प्रशिक्षित युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया। इसके साथ ही 2 लाख 36 हजार 214 समूहों को 5 हजार 658 करोड़ रूपए से अधिक का बैंक लिंकेज प्रदान किया गया और 3,395 स्व-सहायता समूहों को ऑनलाइन प्लेटफार्म पर ऑनबोर्ड किया गया।     प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण के अंतर्गत 11 लाख 72 हजार के लक्ष्य के विरूद्ध 11 लाख 46 हजार आवास स्वीकृत कर मध्यप्रदेश, देश में प्रथम रहा।     स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत खुले में शौच मुक्ति के स्थायित्व के लिए 2 लाख 87 हजार 279 पारिवारिक व्यक्तिगत शौचालय और 1,417 सामुदायिक स्वच्छता परिसरों का निर्माण किया गया। 21,186 ग्रामों को ओडीएफ प्लस मॉडल घोषित किया गया है। गोबरधन योजना के अंतर्गत 73 बायो गैस संयंत्रों का निर्माण किया गया। प्रदेश के 16 हजार 56 ग्राम ठोस अपशिष्ट प्रबंधित घोषित किए गए हैं।     प्रमुख बिन्दु     ग्राम स्तर पर रोजगार सृजन, स्वच्छता और ग्रामों को सड़कों के माध्यम से विकास की मुख्य धारा में जोड़ने में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका।     प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुसार वर्ष 2047 तक विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने में इस विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों और योजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।     योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन तथा अनुवीक्षण में सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी अद्यतन तकनीकों का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए।।     बैठक में महात्मा गांधी नरेगा, पंचायतराज, प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण, स्वच्छ भारत मिशन, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण, म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की 2 वर्ष की उपलब्धियों और नवाचारों का प्रेजेंटेशन किया।     पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ ही कृषि, सहकारिता, मत्स्य पालन तथा ग्राम विकास से संबंधित अन्य विभागों को सम्मिलित करते हुए समग्र ग्राम … Read more

राज्यपाल रमेन डेका बोले – राज्यों की विविधताओं को राष्ट्रीय एकता एक सूत्र में पिरोती है

रायपुर, राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में  राजभवन में 6 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर श्री डेका ने कहा कि राज्यों की विविधताओं को राष्ट्रीय एकता एक सूत्र में पिरोती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रारंभ हुआ ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान इसी एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का सशक्त प्रतीक है। विविधता भारत को विश्व में अद्वितीय बनाती है              राजभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित स्थापना दिवस समारोह में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कर्नाटक, तमिलनाडु, दिल्ली, उत्तराखण्ड, लक्षद्वीप, और पुडुचेरी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के स्थापना दिवस के अवसर पर कहा कि भाषाओं, वेशभूषा, खान-पान, कला और परंपराओं में भिन्नता होने के बावजूद हमारी आत्मा एक है। यही विविधता भारत को विश्व में अद्वितीय बनाती है।  केन्द्र सरकार के “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम के तहत विविधता में एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए सभी राज्य एक दूसरे का स्थापना दिवस मनाते है। इसी कड़ी में आज राजभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम में इन राज्यों का स्थापना दिवस हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। कला और स्थापत्य को ऊंचाई दी विजय नगर साम्राज्य ने             राज्यपाल ने कहा कि भारत केवल एक भौगोलिक ईकाई नहीं है बल्कि हजारों वर्षाे की सभ्यता संस्कृति, परंपरा और मूल्यों का जीवंत संगम है। श्री डेका ने विभिन्न राज्यों की विशेषताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक राज्य प्राचीन विरासत और आधुनिक तकनीक का संगम है। बीते युग में विजय नगर साम्राज्य ने कला और स्थापत्य को ऊंचाई दी, वैसे ही आज बैंगलुरू भारत का आईटी हब बन गया है। कर्नाटक अपने प्राकृतिक सौंदर्य और संस्कृति के साथ-साथ भाषा और साहित्य में समृद्ध है।   भारतीय ज्ञान को समृद्ध किया संगम साहित्य ने             राज्यपाल ने कहा कि तमिलनाडु भारत की द्रविड़ सभ्यता का केंद्र है। भारत की सबसे प्राचीन भाषाओं में एक तमिल भाषा की यह भूमि, महान मंदिर स्थापत्य, भरतनाट्यम नृत्य, संगीत और समृद्ध साहित्य परंपरा के लिए विश्व प्रसिद्ध है।  संगम साहित्य और तिरूक्कुरल जैसे ग्रंथों ने भारतीय ज्ञान को समृद्ध किया है। तमिलनाडु देश की प्रगति में अग्रणी भूमिका निभाता है। इस राज्य ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कर्नाटक के बाद तमिलनाडु देश का सबसे बड़ा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विकास क्षेत्र है। हमारे राष्ट्र के गौरव के प्रतीक हमारी इमारतें           राज्यपाल ने कहा कि दिल्ली हमारी राजधानी ही नहीं बल्कि देश का दिल भी है। यह वह भूमि है जहां इतिहास ने करवट ली है। यहां की गलियों में भारत का इतिहास सांस लेता है, चाहे वह प्राचीन इन्द्रप्रस्थ की कहानी हो या आधुनिक भारत का स्वतंत्रता संग्राम हो। लाल किला, कुतुब मीनार, संसद भवन, इंडिया गेट- ये केवल इमारतें नहीं बल्कि हमारे राष्ट्र के गौरव के प्रतीक हैं। यहां सांस्कृतिक विविधता हर गली और मोहल्ले में देखने मिलती है। प्राकृतिक सम्पदा से भरपूर राज्य में उत्तराखंड और छत्तीसगढ़           श्री डेका ने कहा कि उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना एक साथ हुई थी। दोनों राज्यों में कई समानताएं है जैसे इन राज्यों में आबादी का बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में रहता है और कृषि उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है। उत्तराखंड की हिमालय की चोटियां, नदियां और घने जंगल इसकी पहचान है वहीं छत्तीसगढ़ भी जंगल, नदियां, पहाड़ और प्राकृतिक सम्पदा से भरपूर राज्य है। सतत् विकास और पारिस्थितिक संतुलन के लिए दोनों राज्यों में समान चुनौतियां हैं। खूबसूरत समुद्र तटों और उस समय की सभ्यता की झलक पुडुचेरी में एवं जैव विविधता से समृद्ध लक्षद्वीप         राज्यपाल ने कहा कि पुडुचेरी अपने फ्रांसीसी स्थापत्य, आध्यात्मिक वातावरण और सांस्कृतिक समन्वय के लिए प्रसिद्ध है। प्राचीन काल में पुडुचेरी फ्रांस के साथ व्यापार का मुख्य केंद्र था। आज कई पर्यटक यहां के खूबसूरत समुद्र तटों और उस समय की सभ्यता की झलक पाने के लिए आते हैं। हिन्द महासागर में स्थित अनमोल द्वीप समूह लक्षद्वीप अपने नीले पानी, स्वच्छ समुद्र तट और समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है। आज जब पूरा विश्व पर्यावरण संकट की चुनौती से जुझ रहा है, तब लक्षद्वीप की जीवनशैली हमें प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन की प्रेरणा देती है।   विविधता ही भारत की असली शक्ति           राज्यपाल ने कहा कि इन सभी प्रदेशों की विविधता ही भारत की असली शक्ति है। एक भारत श्रेष्ठ कार्यक्रम इसी भावना को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम है। आज जब देश आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तब हमें इन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के योगदान को और अधिक मजबूती देनी होगी। उन्होंने लोगों का आव्हान किया कि एक कार्य ऐसा जरूर करें, जिसमें मानवीय सेवा निहित हो। पर्यावरण और स्वच्छता का संदेश भी उन्होंने दिया। विभिन्न राज्यों की संस्कृति एवं लोक परंपरा आधारित संास्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने          समारोह में विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने अपने राज्यों की विशेषताओं, परंपरा, संस्कृति पर प्रकाश डाला। राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना ने भी तमिलनाडु राज्य की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न राज्यों की  संस्कृति एवं लोक परंपरा आधारित संास्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी। कर्नाटक के यक्षगान (यक्षगणना), तमिलनाडु के लोक नृत्य, दिल्ली के पंजाब फोक नृत्य सहित उत्तराखंड के लोक नृत्य गौपति, लक्षद्वीप के छड़ी नृत्य एवं पुडुचेरी के गरडी नृत्यों ने अतिथियों का मन मोह लिया। राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया राज्यों के प्रतिनिधियों को          विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने भी राज्यपाल को अपने राज्य की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना सहित अन्य अधिकारी एवं इन सभी राज्यों के युवा, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मंदिर में फूहड़ कपड़ों पर रोक: ग्वालियर में स्कर्ट और मिनी टॉप पहनकर अब नहीं मिलेगा प्रवेश

ग्वालियर ग्वालियर के प्रसिद्ध खेड़ापति हनुमान जी मंदिर में अब मर्यादित कपड़े पहनने वाले श्रद्धालुओं को की प्रवेश दिया जाएगा। भद्दे कपड़े पहनने  वालों को मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा। अब मंदिर में स्कर्ट, मिनी टॉप पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। मंदिर प्रबंधन ने परिसर में पोस्टर लगाए है कि शालीन और पूरे कपड़े पहनने वालों को ही मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। खेड़ापति हनुमान मंदिर और बालाजी धाम सरकार में मर्यादित कपड़ों में मिलेगी एंट्री  आपको बता दे शहर के दो प्रमुख आस्था के केंद्रों खेड़ापति हनुमान मंदिर और बालाजी धाम सरकार पर श्रद्धालुओं के लिए शालीन और पुरे वस्त्र पहनकर आने के निर्देश प्रबंधन ने दिए हैं।  उनका कहना है कि आस्था के इन केंद्रों पर स्कर्ट मिनी टॉप या कटे-फटे कपड़े पहनकर अक्सर युवा आते हैं जो मंदिर की गरिमा के प्रतिकूल है। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं के लिए परिसर में पोस्टर भी लगाए हैं और उनसे नियमों के पालन की अपेक्षा की गई है। संभावना है कि अन्य मंदिर प्रबंधन भी इसका अनुसरण करेंगे।लोग मंदिर प्रबंधन के इस प्रयास की तारीफ भी कर रहे हैं। क्योंकि आस्था के केंद्रों पर मन को एकाग्र करने वाले कपड़े पहने चाहिए न की भड़कीले परिधानों का प्रदर्शन करना चाहिए…इससे वहां का आध्यात्मिक वातावरण भी प्रदूषित होता है।

मेरठ में जल्द बनेगा वर्ल्ड-क्लास योग केंद्र, डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने की घोषणा

लखनऊ उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक में लिए अहम फैसलों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अयोध्या में स्थित रामायण संग्रहालय में भगवान के विभिन्न स्वरूपों को दिखाने की पूरी रूपरेखा निर्धारित की जा चुकी है, जिसमें यह तय किया गया है कि संग्रहालय में किस-किस में रूपों में भगवान राम को हमें दिखाना है। कैबिनेट बैठक में 20 से अधिक प्रस्ताव पारित हुए हैं। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मेरठ में बड़ा योग केंद्र भी बनेगा। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का योग केंद्र बनेगा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में बुनियादी विकास पर भी जोर दिया जाएगा। इसमें हम तय करेंगे कि बुनियादी विकास से संबंधित किसी भी काम में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हमारा मानना है कि राज्य का उच्चस्तम स्तर पर विकास तब तक संभव नहीं हो सकेगा, जब तक की बुनियादी विकास पर जोर नहीं दिया जाता। डिप्टी सीएम ने कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस को जनता के बीच में जाकर अपने कुकर्मों के बारे में बताना चाहिए। उन्हें यह बताना चाहिए कि किस तरह से इस पार्टी ने हमेशा से ही अपने शासनकाल में जनता के हितों पर पर कुठाराघात किया। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संबंध में सवाल किए जाने पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा कि आज की तारीख में कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से दिग्भ्रमित हो चुकी है, जिसे यह पता ही नहीं है कि उसे क्या करना है। आज की तारीख में कांग्रेस की विश्वसनीयता पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आज की तारीख में कांग्रेस को देश के सामने आकर यह बताना चाहिए कि किस तरह से इस पार्टी ने लोगों के ऊपर अत्याचार किए। देश की जनता आज भी सिख दंगों को नहीं भूली है। कांग्रेस के शासनकाल में किस तरह से सिख समुदाय के लोगों को कत्लेआम किया गया। कांग्रेस को देश की जनता के सामने जाकर सिख समुदाय पर हुए अत्याचार को लेकर माफी मांगनी चाहिए। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ने कहा कि आज की तारीख में केंद्र की मोदी सरकार देश की जनता के हितों के लिए काम कर रही है, जो लोग मुख्यधारा से बाहर हैं, उन्हें वापस लाने की कोशिश कर रही है, ताकि उनके जीवन में भी विकास का संचार हो सके। अभी हाल ही में बिहार में भी हमारी सरकार का गठन हुआ है। बिहार में भी हमारी सरकार विकास पर जोर दे रही है और यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी व्यक्ति विकास से वंचित न रहे। हमने बिहार में महिलाओं को सशक्त करने का काम किया। उन्हें आर्थिक मोर्चे पर मजबूत बनाने का प्रयास किया। हमने यह सुनिश्चित किया है कि बिहार में कोई भी महिला विकास से संबंधित काम को लेकर वंचित नहीं रहे। अब विकास के संबंध में पूरी रूपरेखा हम समग्र देश को लेकर तैयार कर रहे हैं, जिसे धरातल पर उतारने का प्रयास करेंगे। वहीं, उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में भी भाजपा की जीत होने जा रही है। यह जीत हम जनता के आशीर्वाद से प्राप्त करेंगे, क्योंकि हमारी सरकार ने अपने शासनकाल में हमेशा से ही जनता के हितों को प्राथमिकता दी है। ऐसी स्थिति में हमें पूरा विश्वास है कि आगामी विधानसभा चुनाव में इस बार भाजपा ही जीत का झंडा लहराने जा रही है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश चुनाव में सपा की सरकार नहीं बनेगी। अगर यूपी में सपा की सरकार आ गई है, तो फिर से गुंडाराज का सिलसिला शुरू हो जाएगा। यह लोग राज्य में विकास से संबंधित काम नहीं होने देंगे। यह लोग आज की तारीख में विकास के दुश्मन हैं, सिर्फ अपने ही लोगों का भला करते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने भी कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बैठक में दो दर्जन से ज्यादा प्रस्ताव पारित हुए हैं। इन सभी प्रस्तावों का मुख्य मकसद सिर्फ प्रदेश के विकास की गति को तेज करना है। हमारा एकमात्र ध्येय सिर्फ प्रदेश में विकास से संबंधित हो रहे कामों में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करना है। साथ ही, कैबिनेट बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बारे में भी जानकारी दी गई। इसमें यह बताया गया है कि अब तक इस सूची में कितने अवैध मतदाताओं के नाम काट दिए गए। वहीं, पश्चिम बंगाल में मस्जिद विवाद पर संजय निषाद ने कहा कि यह देश संविधान के आधार पर चलता है। ऐसी स्थिति में बेवजह किसी भी मुद्दे को तूल देना किसी भी मायने में उचित नहीं है। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री जयवीर सिंह ने घुसपैठियों के बारे में सख्त रुख अख्तियार करते हुए कहा कि इन लोगों का देश के अंदर कोई स्थान नहीं है। ऐसे लोगों को चिन्हित करके इनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

सूरजपुर में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की उपस्थिति में भव्य राज्यस्तरीय दिव्यांगजन दिवस समारोह

रायपुर, अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर 03 दिसंबर को सूरजपुर जिले में भव्य राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े शामिल होंगी। सुरजपुर नगर पालिका परिषद कार्यालय के समीप स्थित रंगमंच में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम दिव्यांगजनों के अधिकारों, सम्मान, समान अवसर और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। कार्यक्रम की अध्यक्षता खाद्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल करेंगे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा, सरगुजा सांसद चिन्तामणि महाराज, प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मराबी, प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणी पैकरा, जनपद अध्यक्ष सूरजपुर  स्वाति सिंह सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे। राज्यस्तरीय इस समारोह में दिव्यांगजनों के लिए विशेष सहायता कार्यक्रम, जानकारीपरक गतिविधियाँ, जागरूकता सत्र और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ शामिल की जाएंगी। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों की सामाजिक भागीदारी को सुदृढ़ करना और उनके लिए संवेदनशील तथा समावेशी वातावरण को बढ़ावा देना है।

राजधानी भोपाल के राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद जिलाध्यक्ष बने तिवारी

भोपाल राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण नियुक्ति की है। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र कुमार मिश्रा और संरक्षक, सुप्रीम कोर्ट के महाधिवक्ता एडवोकेट ए.पी. सिंह की स्वीकृति के साथ, मप्र प्रदेश अध्यक्ष अमित द्विवेदी उपाध्यक्ष रोहित जैन एवं महासचिव भारत भूषण की अनुशंसा पर भारत भूषण तिवारी को भोपाल जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। परिषद के पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया है कि भारत भूषण तिवारी अपने अनुभव और कार्यकुशलता के बल पर जिले के पत्रकारों के हितों की रक्षा, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा संगठन की एकता को और मजबूत करने के लिए उल्लेखनीय कार्य करेंगे। नई नियुक्ति से संगठन में नई ऊर्जा का संचार माना जा रहा है। पत्रकारों ने भी उम्मीद जताई है कि तिवारी पारदर्शी, निष्पक्ष और दृढ़ नेतृत्व के साथ पत्रकार सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देंगे और उनके अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाएंगे।

चंडीगढ़ अधिकार पर गरमायी राजनीति: अभय चौटाला बोले—सरकार रक्षा करने में पूरी तरह नाकाम

जींद  इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि हरियाणा को चंडीगढ़ पर अपना पूरा अधिकार किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि अलग विधानसभा की मांग को केंद्र द्वारा खारिज किया जाना प्रदेश सरकार की कमजोरी दिखाता है। मंगलवार को जींद स्थित इनेलो कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अभय सिंह चौटाला ने कहा कि जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं, तब शाह आयोग ने चंडीगढ़ को हरियाणा को सौंपने की सिफारिश की थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाकर केंद्र से चंडीगढ़ पर हरियाणा के पूर्ण अधिकार देने की औपचारिक मांग रखनी चाहिए और शाह आयोग की रिपोर्ट की प्रति भी केंद्र को भेजनी चाहिए। 'भाजपा शासन में कानून व्यवस्था कमजोर' अभय सिंह चौटाला ने कहा कि भाजपा शासनकाल में प्रदेश में कानून व्यवस्था बेहद कमजोर हुई है। लोगों से फिरौती मांगे जाने की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें भी धमकी दी गई है और इसके बाद उन्होंने केंद्रीय सुरक्षा बलों की सुरक्षा मांग की है। चौटाला ने कहा कि उनकी सुरक्षा तो प्रदेश के युवा कर लेंगे, पर जनता की सुरक्षा कौन करेगा। उन्होंने कहा कि जिस मोबाइल नंबर से धमकी दी गई, वह आज भी सक्रिय है, जिससे स्पष्ट है कि सरकार ने इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इनेलो नेता ने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के उस बयान का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि हर व्यक्ति को सुरक्षा नहीं दी जा सकती। चौटाला ने इनेलो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि सीबीआई जांच के बावजूद आज तक नामजद आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए हैं। पूर्व डीजीपी शत्रुजीत कपूर की संभावित दोबारा नियुक्ति पर उन्होंने कहा कि अगर वह निर्दोष थे, तो उन्हें हटाया क्यों गया था। इससे साफ होता है कि सरकार आईपीएस अधिकारी वाई पूर्ण कुमार की आत्महत्या मामले में सिर्फ लीपापोती करना चाहती थी। साजिश करने वालों से मंगवाएंगे माफी अपनी आलोचना करने वालों पर तंज करते हुए अभय सिंह चौटाला ने कहा कि उनकी छवि खराब करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर आईपीएस आरएस यादव को चौटाला पुलिस चौकी में जूते मारे गए थे, तो उन्होंने उसी समय शिकायत क्यों नहीं की।महम कांड पर आज जो लोग अनर्गल  बयानबाजी कर रहे हैं, वह जब सत्ता में थे, तब उन्होंने जांच क्यों नहीं करवाई। चौटाला ने कहा कि इनेलो की लोकप्रियता से बौखलाए लोग उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, और ऐसे सभी लोगों से वह अदालत में माफी मंगवाएंगे। कांग्रेस को बताया कमजोर विपक्ष इनेलो नेता ने कहा कि कांग्रेस जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि रोहतक की एमडीयू जो ए ग्रेड यूनिवर्सिटी थी, वह अब ग्यारहवें पायदान पर पहुंच गई है। यहां से पीएचडी सहित दूसरी डिग्रियां लेने वाले युवाओं की नौकरी अब संदेह में पड़ रही है। उन्होंने कहा कि जींद की चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी में स्कूल कैडर के एक अध्यापक को महत्वपूर्ण पद दिया गया है, जो आरएसएस के अपने कैडर को आगे बढ़ाने का प्रयास है। इससे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इस दौरान जिला प्रधान बिजेंद्र रेढू और प्रदीप गिल भी मौजूद रहे।

योगी आदित्यनाथ सरकार जौनपुर के खिलाड़ियों को नए साल में सिंथेटिक रनिंग ट्रैक की देगी सौगात

लगभग 865.92 लाख रुपये की लागत से बने सिंथेटिक रनिंग ट्रैक को वर्ल्ड एथलेटिक्स ने दिया प्रमाण पत्र पूर्वांचल की मिट्टी अब अंतर्राष्ट्रीय खेलों में मेडल लाने के लिए हो रही तैयार जौनपुर की धरती से अब जल्दी ही राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के धावक होंगे तैयार इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स स्टेडियम में 400 मीटर × 8 लेन की सिंथेटिक रनिंग ट्रैक का निर्माण हुआ पूर्ण लखनऊ, पूर्वांचल की मिट्टी अब और मेडल लाने के लिए तैयार हो रही है। जौनपुर की धरती से अब जल्दी ही राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के धावक तैयार होंगे। यहाँ के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स स्टेडियम में पहली बार सिंथेटिक रनिंग ट्रैक पर खिलाड़ी प्रैक्टिस कर सकेंगे। पूर्वांचल के धावक किसी भी मौसम में इस सिंथेटिक रनिंग ट्रैक पर दौड़ सकेंगे। 400 मीटर × 8 लेन  की सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण लगभग 865.92 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हो गया है।सिंथैटिक रनिंग ट्रैक को वर्ल्ड एथलेटिक्स प्रमाणन मिल चुका है ,जल्द ही इसे सम्बंधित विभाग को हस्तांतरित किया जायेगा। जौनपुर में धावकों को दौड़ने के लिए इंटरनेशनल लेवल के एथलेटिक्स  सिंथेटिक रनिंग ट्रैक की जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही थी। योगी सरकार ने धावकों की इस जरुरत को समझते हुए ,जौनपुर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का सिंथेटिक रनिंग ट्रैक का निर्माण करवा दिया है। उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर मानवेन्द्र सिंह ने बताया कि स्पोर्ट्स स्टेडियम में 400 मीटर × 8 लेन सिंथेटिक रनिंग ट्रैक का निर्माण पूरा हो चुका है। वर्ल्ड एथलेटिक्स  द्वारा सिंथेटिक रनिंग ट्रैक को प्रमाण पत्र  मिल चुका है ,जल्दी इसे सम्बंधित विभाग को हैंडओवर किया जायेगा। इंटरनेशनल लेवल का रनिंग ट्रैक खिलाड़ियों को दौड़ने के लिए  नए वर्ष में  मिल सकता है।  ओलंपिक और एशियाड समेत अन्य राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत के बढ़ते मेडलों की संख्या इस बात को साबित करती हुई दिख रही कि डबल इंजन की सरकार खेल व खिलाड़ियों की सुविधाओं को लेकर काफी गंभीर है। सरकार पिछले आठ सालो से देश मे खेलों के मूल भूत ढांचे को सुधारने में जुटी है। आने वाले समय में भारत के खिलाड़ियों का दबदबा दुनिया के खिलाड़ियों के बीच और देखने को मिलेगा। जिला क्रीड़ा अधिकारी चन्दन सिंह ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय सिंथेटिक रनिंग ट्रैक बन जाने से अब खिलाड़ियों को अपने शहर से दूर नहीं जाना पड़ेगा। जो खिलाडी दूर जाकर अन्य जिलों में प्रैक्टिस कर रहे है व अपने घर वापस आकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगिताओं की तैयारी करना चाह रहे है। एथलेटिक्स कोच कृष्णा यादव ने बताया कि अब जौनपुर में स्पोर्ट्स कैंप लग सकता है ,यहाँ राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं हो सकेंगी है। जिससे नए खिलाड़ियों को एथलीट की बारीकियो को देखने और सिखने का मौका मिलेगा। धावक पूजा यादव ने बताया कि पहले बारिश के मौसम में प्रैक्टिस नहीं हो कर पाते थे ,सिंथेटिक रनिंग ट्रैक के लिए योगी जी को धन्यवाद कहना चाहते है,अब सभी मौसम में प्रैक्टिस कर सकेंगे जिससे अभ्यास की निरंतरता बनी रहगी और परफॉरमेंस बेहतर होगा। एथलीट नितेश चौहान ने बताया कि सरकार ने घर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का रनिंग ट्रैक दिया है, हम जैसे खिलाड़ियों के लिए बहुत बड़े सौभाग्य की बात है। स्टेट और नेशनल प्रतियोगिताएं सिंथेटिक रनिंग ट्रैक पर होती थी। हम लोग पहले घास व मिट्टी के ट्रैक पर प्रैक्टिस करते थे,जिससे सिंथेटिकट्रैक पर होने वाली प्रतियोगितओं में पिछड़ जाते थे।

बाल विवाह के मामले बढ़े: एमपी में 2025 में 538 केस दर्ज, मंत्री ने विधानसभा में स्वीकारा

भोपाल  मध्य प्रदेश में हर साल महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल विवाह रोकने के लिए करोड़ों रुपए का बजट खर्च करता है। इसके बावजूद राज्य में बाल विवाह के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। 2020 से 2025 तक छह साल में हर साल औसतन 400 से ज्यादा बाल विवाह के मामले दर्ज हुए। कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने पूछा कि मार्च 2020 से अब तक कितने बाल विवाह के मामले सामने आए, जिनमें लड़कियों की उम्र 18 साल से कम पाई गई। उन्होंने वर्षवार और जिलेवार आंकड़े मांगे। इसके अलावा यह जानकारी भी मांगी कि बाल विवाह के बाद कितनी बालिकाओं ने बच्चों को जन्म दिया? उनमें से कितने बच्चों की मौत हो गई? मंत्री निर्मला भूरिया द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 2020 से हर साल बाल विवाह के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। मुद्दे पर नरसिंहगढ़ सीट से बीजेपी विधायक मोहन शर्मा ने कहा- पहले बाल विवाह होते थे, अब प्रशासन और जनप्रतिनिधि इन्हें रोकने का प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश में दो साल में 36 हजार से ज्यादा बाल विवाह रोके गए MP  में सरकारी एजेंसियों की मदद से करीब 3 हजार बाल विवाह रोके गए और मानव तस्करी के शिकार साढ़े 4 हजार बच्चों को बचाया गया. बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए काम करने वाले एक संगठन पिछले दो साल का यह आंकड़ा जारी किया है.  देशभर में 3 लाख 74 हजार बाल विवाह रोककर, एक लाख बच्चों को मानव तस्करी से बचाकर, यौन शोषण के शिकार 34 हजार बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य उपचार प्रदान करके और 63 हजार मामलों में कानूनी कार्रवाई शुरू करके भारत ने साबित कर दिया है कि वह एक ऐसा राष्ट्र बन सकता है जहां बच्चों के खिलाफ अपराध करने के बाद कोई भी कानून से बच नहीं पाएगा.  जेआरसी ने देश के 250 से ज़्यादा गैर-सरकारी संगठनों के साथ मिलकर, कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से, अप्रैल 2023 से अगस्त 2025 के बीच मध्य प्रदेश के 41 ज़िलों में 36 हजार 838 बाल विवाह रोके, मानव तस्करी के शिकार 4 हजार 777 बच्चों को मुक्त कराया और यौन शोषण के शिकार 1200 से ज़्यादा बच्चों की मदद की.  बाल विवाह की दर राष्ट्रीय औसत के मुकाबले मामूली कम उन्होने कहा कि मध्य प्रदेश में बाल विवाह की दर 23.1 है जो राष्ट्रीय औसत 23.3 के मुकाबले मामूली कम है लेकिन कुछ जिलों में स्थिति गंभीर है। जैसे राजगढ़ में बाल विवाह की दर 46.0, श्योपुर में 39.5, छतरपुर में 39.2, झाबुआ में 36.5 और आगर मालवा जिले में 35.6 प्रतिशत है। कानून पर सख्ती से अमल के अभाव में बाल विवाह से बच्चियों का पढ़ाई छोड़ना और उनका शोषण व गरीबी के अंतहीन दुष्चक्र में फंसना जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि अब सरकार को साफ संदेश देना होगा कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (पीसीएमए) हर धर्म, परंपरा और पर्सनल लॉ से ऊपर है। रेप पर मौत की सजा का प्रावधान  मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य था जिसने बच्चियों से रेप पर मौत की सजा का प्रावधान किया था। अब यही सख्ती बाल विवाह पर भी दिखनी चाहिए। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम बच्चों की सुरक्षा का धर्मनिरपेक्ष कानून है, इसे किसी भी पर्सनल लॉ से कमतर मानना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। प्रदेश की 7.3 करोड़ आबादी में 40% बच्चे हैं। यहां बाल विवाह की दर 23.1% है, जो राष्ट्रीय औसत 23.3% से थोड़ी कम है। वहीं कई जिलों में हालात चिंताजनक हैं। ऋभु ने कहा कि इन जिलों में बच्चियां समय से पहले पढ़ाई छोड़ रही हैं और गरीबी व शोषण के अंतहीन चक्र में फंस रही हैं। 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त करना लक्ष्य  मध्यप्रदेश में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के साथ 17 सहयोगी संगठन बाल विवाह, ट्रैफिकिंग, बाल श्रम और यौन शोषण के खिलाफ दोहरी रणनीति-जागरुकता और कानूनी हस्तक्षेप पर काम कर रहे हैं। यह नेटवर्क चाइल्ड मैरिज फ्री इंडिया अभियान के साथ जुड़ा है, जिसका लक्ष्य 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त करना है। बैंड और घोड़ी वाले पर भी सजा व जुर्माने का प्रावधान  बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (पीसीएमए) 2006 बाल विवाह पर पूरी तरह पाबंदी लगाता है। यह कानून 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के को बच्चे के तौर परिभाषित करता है। इस कानून के तहत बाल विवाह को प्रोत्साहित करने या उसमें किसी भी तरह का सहयोग करने जैसे बारात में शामिल मेहमानों, हलवाई, सजावट करने वाले, बैंड वाले या घोड़ी वाले पर भी सजा व जुर्माने का प्रावधान है।