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MP दौरे पर उमाभारती का बड़ा आरोप: भारी भ्रष्टाचार… लोगों में आक्रोश चरम पर

भोपाल मध्य प्रदेश में एक बार फिर यात्रा पर निकलीं पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का कहना है कि 'भारी भ्रष्टाचार' और 'सुविधाओं की असमानत' ने लोगों के अंदर आग जला दी है। टीकमगढ़ जिले में मां के मायके से अपनी मायके तक की यात्रा कर रहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि उनकी यह यात्रा अराजनैतिक है। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री मोहन यादव से इन मुद्दों पर बात करेंगी। हाल ही में भाजपा की फायर ब्रांड नेता ने मुख्यमंत्री की कई चुनौतियां गिनाईं थीं, लेकिन भरोसा जताया था कि वह इनसे निपटने में सक्षम हैं।   पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता ने सोमवार को एक्स पर अपनी यात्रा के बारे में कुछ जानकारियां देते हुए कहा कि वह मां के मायके से उनकी सुसराल के बीच तीन दिन की यात्रा पर हैं। उन्होंने लिखा, 'मेरी मां की जन्म भूमि जिला टीकमगढ़ के गरोली ग्राम से 30 नवंबर को शुरू हुई यह तीन दिन की यात्रा है जो कल मेरे ग्राम डूंडा में समाप्त होगी जहां मेरी मां ब्याह के आई थीं। मेरे मां के नाम की यह यात्रा पूर्णतया अराजनैतिक, भावनात्मक एवं प्रेरणास्पद है। यह यात्रा वाहन से है जब कोई गांव आता है तब मैं वाहन से उतरकर थोड़ा पैदल चलती हूं।' झांसी से आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुकीं उमा भारती ने कहा, 'यह यात्रा तो मुझे फिर से जन्म दे रही है।' पूर्व सीएम ने लगे हाथ राज्य में भ्रष्टाचार और असमानत की बात कहकर कई अटकलों को हवा दे दी है। उमा भारती ने कहा, 'भारी भ्रष्टाचार एवं सुविधाओं की असमानता ने लोगों के अंदर आग जला दी है, मैं इस विषय पर भोपाल पहुंच कर मुख्यमंत्री मोहन यादव जी से भी बात करूंगी।' एक पखवाड़े पहले उमा भारती ने मौजूदा सरकार के दो साल के कार्यकाल को लेकर कहा था कि मोहन यादव जी के सामने कई चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा था कि सरकार के सामने कई चुनौतियां हैं जैसे, 'मध्य प्रदेश का आधुनिकीकरण, मध्य प्रदेश में हुए निवेशों का धरातल पर आना, उनसे रोजगारों का सृजन होना, किसानों के द्वारा गौ पालन और गौ वंश आधारित कृषि उत्पादन में मध्य प्रदेश का अव्वल राज्य बनना, शराब नीति का ठीक से निरीक्षण करते रहना, सरकारी शिक्षा, सरकारी स्वास्थ्य की व्यवस्था में सुधार, भ्रष्टाचार मुक्त शासन, प्रशासन एवं पुलिस व्यवस्था।' उन्होंने कहा था कि मोहन यादव जी इन चुनौतियों से निपटने में सक्षम भी हैं। इसीलिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने इनका भरोसा किया है। हम सबको विश्वास है कि वह इसमें खरे उतरेंगे।

राजस्थान पुलिस का बड़ा अलर्ट: साइबर अटैक से बचने के ये कदम अपनाएं

जयपुर साइबर अपराधियों ने राजस्थान में अब अपने ठगी के तरीके और ज्यादा घातक और खतरनाक बना लिए हैं। हू-ब-हू असली बैंक या शॉपिंग वेबसाइटों की तरह दिखने वाली वेबसाइट बनाकर ये लोगों के खाते साफ कर रहे हैं। राजस्थान पुलिस ने इन खतरों से लोगों को सावधान करने के लिए अलर्ट जारी किया है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम विजय कुमार सिंह ने बताया कि ठग अब हूबहू असली जैसी दिखने वाली नकली (क्लोन) वेबसाइटों का उपयोग कर रहे हैं। इन नकली लिंक्स को सोशल मीडिया, एसएमएस या ईमेल के माध्यम से भेजकर लोगों को असुरक्षित वेबपेज पर ले जाया जाता है, जहाँ उनकी निजी जानकारी और बैंक विवरण चोरी कर लिए जाते हैं, जिससे बैंक खातों या यूपीआई लिंक से धनराशि निकाल ली जाती है। वेबसाइट सुरक्षा की जांच: चार ज़रूरी कदम एडीजी सिंह ने आमजन को संभावित साइबर अपराध से सचेत रहने के लिए निम्नलिखित चार प्रमुख सुरक्षा सुझाव दिए हैं: 1. स्पेलिंग की बारीकी से जांच अनिवार्य: किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले डोमेन नेम की स्पेलिंग को बहुत ध्यान से देखें। साइबर अपराधी अक्सर एक या दो अक्षरों का हेरफेर कर असली जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट बनाते हैं। 2. HTTPS और लॉक आइकन अवश्य देखें: सुरक्षित वेबसाइटों की पहचान उनके URL की शुरुआत में दिखने वाले HTTPS और एड्रेस बार में मौजूद ताले (लॉक) के आइकन से होती है। यदि ये सुरक्षा संकेत मौजूद नहीं हैं, तो उस पर अपना कोई भी वित्तीय या निजी विवरण दर्ज न करें। 3. गूगल सेफ ब्राउज़िंग (Google Safe Browsing) का करें उपयोग: किसी भी संदिग्ध लिंक की सुरक्षा जांचने के लिए https://transparencyreport.google.com/safe-browsing/search पर जा सकते हैं। इस पोर्टल पर लिंक पेस्ट करें और सुनिश्चित करें कि यह 'असुरक्षित', 'मालवेयर' या 'फिशिंग' तो नहीं दिखा रहा है। 4. गोपनीय जानकारी साझा करने से बचें: अपनी निजी जानकारी जैसे ओटीपी, आधार, पैन या बैंक विवरण किसी भी व्यक्ति या अज्ञात वेबसाइट से साझा न करें। रिपोर्टिंग और शिकायत के लिए हेल्पलाइन एडीजी सिंह ने बताया कि यदि फिर भी कोई घटना होती है तो संचार साथी के चक्षु पोर्टल https://sancharsaathi.gov.in/sfc/ पर तुरंत रिपोर्ट करें। यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है तो इसकी सूचना निकटतम पुलिस स्टेशन/साइबर पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in पर दे। इसके अतिरिक्त सहायता के लिए साइबर हेल्प लाईन नम्बर 1930 या साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930/9257510100 पर संपर्क किया जा सकता है।

शादी समारोह में हुई फायरिंग के मामले में गरमाई सियासत, सुखबीर बादल ने लगाए गंभीर आरोप

पंजाब  लुधियाना में बाथ कैसल मैरिज पैलेस में शादी के दौरान हुई फायरिंग के मामले में विपक्ष द्वारा सरकार को घेरा जा रहा है और सवाल खड़े किए जा रहे हैं। शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने इस मामले में मंत्रियों और एम.एल.ए. पर आरोप लगाते हुए एक्स पर एक पोस्ट डाली है।  एक्स पर डाली पोस्ट में सुखबीर बादल ने लिखा कि ''पंजाब बणया गैंगलैंड, बीती रात लुधियाना के एक शादी समारोह में हुई गोलीबारी में कई जानें चली गई और कई लोग घायल हो गए। मौके के चश्मदीदों के अनुसार सरकार के एक मंत्री के साथ आए लोगों ने गोलियां चलाई है जो कि गंभीर जांच का विषय है। आप सरकार के विधायक और मंत्री दोस्ती निभाते हुए गैंगस्टरों को शादियों में अपने साथ लेकर जाते हैं तो पंजाब में अमन-कानून की स्थिती का जायजा आप खुद ही लगा सकते हो। भगवंत मान ने रंगले पंजाब को गैंगलैंड बना कर रख दिया है, आए दिन हत्या और लूटपाट हो रही है पर सरकार को कोई फिक्र नहीं। इस घटना में जान गंवाने वालों के परिवारों से मेरी दिल से संवेदना है और  घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।''  इसके साथ ही उन्होंने एक चश्मदीद का वीडियो भी पोस्ट के साथ शेयर किया है।     

कृषि के डिजिटल इकोसिस्टम के विकास से विदेशी बाजारों तक अन्नदाता के उत्पादों की पहुंच- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

आर्थिक क्रांति के ध्वजवाहक बन रहे किसान-  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  कृषि के डिजिटल इकोसिस्टम के विकास से विदेशी बाजारों तक अन्नदाता के उत्पादों की पहुंच-  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों से अन्नदाता की आय में वृद्धि, एकीकृत प्लेटफॉर्म से किसानों को मिल रही सटीक जानकारी उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा कोल्ड स्टोरेज, गांवों में भी हो रहा है प्रोसेसिंग पार्क का निर्माण लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अन्नदाताओं की सहूलियत और उनकी समृद्धि के लिए लगातार प्रयासरत रहते हैं और समय समय पर कार्यों और योजनाओं की समीक्षा करते रहते हैं। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश में किसान अब पहले की तुलना में लगातार समृद्धि के वाहक बन रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने के मिशन से किसानों को भी जोड़ने का काम किया है। मुख्यमंत्री के दिशा निर्देश से डिजिटल कृषि नीति पर जोरों से काम हो रहा है। अन्नदाता किसी भी अर्थव्यवस्था के लिए रीढ़ की हड्डी माने जाते हैं। वो न केवल नागरिकों का पेट पालते हैं बल्कि अर्थव्यवस्था में भी योगदान करते हैं। वर्तमान डिजिटल क्रांति के युग में किसान पीछे न छूट जाएं इसके लिए डिजिटल एग्रीकल्चर इकोसिस्टम के विकास के लिए विस्तृत योजना बनाई गई है।  अन्नदाता की आय में डिजिटल एग्रीकल्चर इकोसिस्टम से वृद्धि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार अन्नादाता को कृषि संबंधित डाटा एकीकृत प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध करा रही है। किसान अब बीज, उर्वरक, मौसम, सिंचाई, बीमा, बाजार, लॉजिस्टिक और फसल से संबंधित डाटा आसानी से प्राप्त कर रहे हैं। डिजिटल कृषि नीति को अतंराष्ट्रीय तकनीक से जोड़ा गया है। उत्तर प्रदेश में डिजिटलीकरण, ई-मार्केट लिंकिंग, वेयरहाउसिंग, प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट उन्मुख नीतियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई जान दे रही हैं। डिजिटल कृषि के विकास पर योगी सरकार द्वारा 4000 करोड़ की परियोजना को तेज गति से लागू करने के निर्देश दिए गए है।  कृषि मंडियों को तकनीक से जोड़ने पर किसानों को लाभ  उत्तर प्रदेश में पहले कृषक मंडियां पुराने ढर्रे पर चलती थीं जिसमें तकनीक का कोई विशेष योगदान नहीं था। इसकी वजह से अन्नदाता और खरीदारों के बीच पारदर्शी प्लेटफॉर्म की कमी थी। पुरानी व्यवस्था में बिचौलिये सारा फायदा उठा ले जाते थे और किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पाता था। योगी आदित्यनाथ सरकार की नीतियों का परिणाम है कि मंडियों का अब डिजिटलीकरण कर दिया गया है कि जिससे अन्नदाता को फसल और मौसम की सटीक जानकारी मिल रही है। इससे किसानों की आय में भी वृद्धि हो रही है।   ग्रामीण क्षेत्रों में कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस सुविधाओं का विकास उत्तर प्रदेश में 2017 से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की पहुंच कोल्ड स्टोरेज तक सीमित थी। 2017 में यूपी की बागडोर संभालने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस को बढ़ाने पर जोर दिया। देश के कुल स्टोरेज में से 40% कोल्ड स्टोरेज उत्तर प्रदेश में हैं। इस समय प्रदेश में लगभग 2500 कोल्ड स्टोर हैं। इसकी कुल भंडारण क्षमता 1.55 करोड़ मीट्रिक टन तक पहुंच चुकी है। वर्तमान सरकार कोल्ड स्टोरेज के आधुनिकीकरण पर जोर दे रही है और इसे किसानों की आय से भी जोड़ा गया है। प्रदेश में पीपीपी मॉडल से बड़ी संख्या में नए कोल्डस्टोरेज बन रहे हैं।  प्रोसेस्ड कृषि उत्पादों से वैल्यू एडिशन और नई मार्केटिंग संभावनाएं बढ़ी उत्तर प्रदेश में कृषि प्रसंस्करण कृषि सेक्टर की नई संभावना बनकर उभर रही है। योगी सरकार का अन्नदाता की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान है। किसानों का उत्पादन अब खेतों से सीधे विदेश तक पहुंच रहा है। छोटे-छोटे गांवों में भी एग्रो प्रोसेस यूनिट, फूड पार्क और ODOP आधारित कृषि उत्पादों पर विशेष ध्यान है। खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अनुसार प्रदेश में लगभग 75 हजार खाद्य प्रसंस्करण इकाईयां स्थापित हैं। वहीं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति के तहत 428 इकाइयां लगाई जा चुकी हैं। सरकार ने हर जिले में एक हजार से अधिक प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के लक्ष्य के साथ खाद्य प्रसंस्करण विभाग हर गांव में कम से कम इकाई की स्थापना की योजना बना रहा है। इससे अन्नदाता को अपने कृषि उत्पादों का उचित दाम मिलेगा साथ ही किसानों-ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिल सकेगा।  

अवैध दवा भंडारण पर कोर्ट ने दिखाई सख्ती, एक को 3 साल, दूसरे को 6 महीने की जेल

 जांजगीर-चांपा जिले में बिना वैध अनुज्ञप्ति के दवाओं के भंडारण और संचालन से संबंधित दो मामलों में स्पेशल कोर्ट ने कठोर सजा सुनाई है. पहले मामले में आरोपी मनीष पूरन विश्वास को अधिनियम की धारा 18(ए) सहपठित धारा 28 के उल्लंघन में दोषी पाते हुए 6 महीने सश्रम कारावास और 20,000 रुपए अर्थदंड से दंडित किया गया. दूसरे मामले में आरोपी प्रणव दत्त पांडेय को धारा 18(ए), 18(सी) सहपठित धारा 28 और धारा 27(B)(i) के उल्लंघन में दोषी पाते हुए कुल 3 वर्ष और 6 महीने सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई. वहीं 1,00,000 रुपए अर्थदंड से दंडित किया गया. विभाग ने स्पष्ट किया कि बिना वैध औषधि अनुज्ञप्ति के दवाओं का भंडारण और  बिक्री करना दंडनीय अपराध है। अवैध गतिविधियों के विरुद्ध कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी. आमजन से अपील की गई है कि दवाइयां केवल लाइसेंस प्राप्त दुकानों से ही खरीदें. कोटपा अधिनियम का कड़ाई से पालन, चालानी कार्रवाई राज्य में COTPA Act, 2003 के प्रावधानों के सख्त अनुपालन के लिए महासमुंद, मनेन्द्रगढ़–भरतपुर–चिरमिरी और रायपुर जिले के औषधि निरीक्षकों ने पिछले सप्ताह धारा 4 और 6 के तहत विशेष कार्रवाई की है. स्कूल–कॉलेजों के आसपास तंबाकू बेचने वाले दुकानदारों और सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल 18,700 रुपए अर्थदंड वसूल किया गया. विभाग ने कहा कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए ऐसी कार्रवाईयां आगे भी जारी रहेंगी.

कोहरा बढ़ने के कारण जालंधर व अमृतसर सहित जम्मू रूट की 16 ट्रेनें 3 महीने के लिए रद्द, देखें List

जम्मू-कश्मीर  जैसे- जैसे ठंड बढ़ती जाती ही वैसे-वैसे ट्रेनें के समय में भी बदलाव हो जाता है , कभी तो रेलवे द्वारा कुछ ट्रेनों को रद्द भी करना पड़ता है। इस बार भी ठंड में कोहरा बढ़ने के कारण कुछ ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार सहारनपुर मार्ग से चलने वाली 16 लंबी दूरी की ट्रेनें अगले 3 महीनों तक रद्द रहेंगी। यह व्यवस्था 30 नवंबर 2025 से शुरू होकर फरवरी 2026 या कुछ के लिए मार्च 2026 तक चलेगी। कौन-कौन सी ट्रेनें रहेंगी रद्द (संक्षेप में): दिल्ली–जालंधर इंटरसिटी (14681, 14682) — दिसंबर 2025 से फरवरी/मार्च 2026 तक काठगोदाम–जम्मूतवी गरीब रथ (12207, 12208) — दिसंबर से फरवरी के तय दिनों में कोलकाता–अमृतसर दुर्गियाना (12357, 12358) — दिसंबर से फरवरी के खास दिनों में कोलकाता–अमृतसर अकालतख्त (12317, 12318) — दिसंबर से फरवरी के खास दिनों में योगनगरी ऋषिकेश–जम्मूतवी (14605, 14606) — दिसंबर से फरवरी के चुनिंदा दिनों में बरौनी–अंबाला हरिहर एक्सप्रेस (14523, 14524) — दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के चुने हुए दिनों में लालकुआं–अमृतसर (14615, 14616) — दिसंबर से फरवरी तक पूर्णिया कोर्ट–अमृतसर जनसेवा (14617) — 3 दिसंबर 2025 से 2 मार्च 2026 तक कोहरे के कारण कई लंबी दूरी की ये ट्रेनें कुछ महीनों तक रद्द रहेंगी, इसलिए यात्रियों को सलाह दी जाती है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस अवश्य जांच लें।

कचरे से कमाई तक: बबीता दीदी का नया इनोवेशन, गांव की बड़ी समस्या का अनोखा समाधान

फरीदाबाद  आजकल कचरे से बढ़ता प्रदूषण बहुत बड़ी समस्या बन गया है, वहीं फरीदाबाद शहर के कुछ लोग न सिर्फ कचरे का निपटान कर रहे हैं, बल्कि इसे कमाई का जरिया भी बना रहे हैं। कचरे से बनी यह खाद फरीदाबाद के साथ-साथ दिल्ली और गुरुग्राम जैसे शहरों के लोग भी खरीद रहे हैं। यह खाद एक नेचुरल प्रोसेस से बनती है और इसका इस्तेमाल किचन गार्डन और पार्कों में किया जाता है।  फरीदाबाद की समर पाम सोसायटी की रहने वाली बबीता सिंह पेशे से कंटेंट राइटर हैं और फ्रीलांसर के तौर पर काम करती हैं। उनकी कई किताबें पब्लिश हो चुकी हैं। बबीता सिंह को कचरे से खाद बनाने का आइडिया YouTube वीडियो देखकर आया। उन्होंने YouTube से खाद बनाने का पूरा प्रोसेस सीखा। उन्होंने 2021 में एक ड्रम से शुरुआत की। शुरुआत में वह अपनी और अपने पड़ोसियों की रसोई से कचरा इकट्ठा कर रही थीं। धीरे-धीरे, दूसरे लोग भी उनकी इस मुहिम से जुड़ने लगे। उनके पास ऐसे दर्जनों ड्रम हैं, जिनमें खाद तैयार की जा रही है। पूरी सोसायटी का कचरा यहीं पर डाला जाता है और उससे खाद तैयार की जाती है। सोसायटी में 776 से ज़्यादा परिवार रहते हैं। रोज़ाना 400 kg कचरा निकलता है। 

परीक्षा केंद्रों पर बड़ा अपडेट: 4 दिसंबर तक दर्ज होंगी आपत्तियाँ, 30 दिसंबर को फाइनल सूची होगी जारी

लखनऊ यूपी बोर्ड ने 10वीं और 12वीं परीक्षा के लिए प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों की सूची जारी कर दी है। जारी सूची के मुताबिक 7448 परीक्षा केन्द्रों पर बोर्ड परीक्षा होगी। जिसकी जानकारी upmsp.edu.in पर अपलोड कर दी गई है। शिक्षा विभाग ने परीक्षा केंद्रों को लेकर 4 दिसंबर तक आपत्ति मांगी है। 30 दिसंबर को विभाग द्वारा फाइनल परीक्षा केंद्रों की सूची जारी कर दी जाएगी। 30 दिसंबर को आएगी फाइनल सूची यूपी बोर्ड ने जिन 7448 परीक्षा केंद्रों की सूची जारी की गई है। उनमें 3054 वित्त पोषित (फाइनेंस नॉन-गवर्नमेंट) स्कूल 910 सरकारी स्कूल और 3484 सहायता प्राप्त (एडेड) स्कूल शामिल हैं। आपको बताते चले कि पिछले साल बोर्ड परीक्षा के लिए 7657 केंद्र प्रस्तावित किए (UP Board 10th 12th Exam) गए थे। जिनमें 3512 स्कूल एडेड, 3205 वित्त पोषित और 940 सरकारी स्कूलों शामिल किया गया था। इसका मतलब यह है कि विभाग ने इस बार 209 परीक्षा केंद्रों की संख्या कम कर दी है। बता दें कि हाई स्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाएं एक साथ 18 फरवरी 2026 से शुरू होंगी, जो कि 12 मार्च 2026 तक चलेंगी। ये परीक्षाएं दो पालियों में होगी। पहली पाली में (8:30 से 11:45 बजे तक) – हाईस्कूल की हिंदी और प्रारंभिक हिंदी परीक्षा होगी। दूसरी पाली (2:00 से 5:15 बजे तक) – इंटरमीडिएट की हिंदी और सामान्य हिंदी परीक्षा होगी। इंटरमीडिएट की संस्कृत परीक्षा 12 मार्च 2026 को दूसरी पाली में आयोजित होगी।

प्रदूषण में सुधार: दिल्ली की हवा घुटन से बाहर, 24 दिनों बाद AQI में बड़ी गिरावट

नई दिल्ली  दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं के कारण रविवार को वायु गुणवत्ता (AQI) में सुधार हुआ। लगातार 24 दिनों से 'बेहद खराब' श्रेणी में रहने वाली हवा थोड़ी साफ हुई। उत्तर-पश्चिमी तेज हवाओं के कारण दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में आसमान साफ ​​होने के साथ-साथ हल्की राहत मिली। दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सोमवार को 'खराब' श्रेणी में रहा। सोमवार सुबह यह 300 पर रहा, जो रविवार के 270 से अधिक के स्तर से थोड़ा अधिक है। रविवार 30 नवंबर को दिल्ली में 24 दिनों से जारी 'बहुत खराब' श्रेणी की हवा का सिलसिला खत्म हो गया। उत्तर-पश्चिमी तेज हवाओं के कारण शहर और आसपास के क्षेत्रों जैसे उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद और हरियाणा के गुरुग्राम और फरीदाबाद में आसमान साफ ​​होने के साथ-साथ हल्की राहत मिली। सोमवार सुबह लगभग 8:05 बजे दिल्ली का समग्र AQI 300 रीडिंग के साथ 'खराब' श्रेणी में था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समीर ऐप पर सूचीबद्ध 38 निगरानी केंद्रों में से 23 ने 'बहुत खराब' स्तर का वायु गुणवत्ता सूचकांक दर्ज किया। रविवार को शहर में AQI 279 (खराब) दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले 305 (बहुत खराब) से बेहतर था। नेहरू नगर में सबसे खराब AQI सोमवार सुबह 8:05 बजे समीर ऐप पर उपलब्ध रीडिंग के अनुसार, नेहरू नगर स्टेशन के मॉनिटरिंग स्टेशन का AQI सबसे खराब 354 रहा, जबकि द्वारका स्टेशन का AQI सबसे अच्छा 202 रहा। नेहरू नगर के अलावा, रोहिणी (343), बवाना (339), आरके पुरम (338), मुंडका (330), पंजाबी बाग (329), आनंद विहार (327), वजीरपुर (325), शादीपुर (324) और जहांगीरपुरी (321) के मॉनिटरिंग स्टेशन सबसे खराब AQI वाले 10 स्टेशनों में शामिल हैं। तेज हवाओं ने राहत पहुंचाई इंडियामेटस्काई पोर्टल चलाने वाले ऐश्वर्या तिवारी ने रविवार के साफ आसमान का कारण तेज हवाओं को बताया। पहाड़ों से मैदानी इलाकों की ओर तेज़ उत्तर-पश्चिमी हवाएं चल रही थीं, जिससे न सिर्फ दिल्ली, बल्कि पंजाब और हरियाणा में भी हवा में सुधार हुआ। सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार दोपहर से हवाएं तेज हो गईं। दिन भर 10-15 किमी/घंटा की गति से चलती रहीं और रात में भी इसमें कोई ठहराव नहीं देखा गया। विशेषज्ञों का कहना है कि इस निरंतर हवा के प्रवाह ने पिछले तीन हफ्तों से हवा में जमा हुए प्रदूषकों को तितर-बितर करने में मदद की। दिल्ली का तापमान 6 डिग्री से नीचे आईएमडी की वेबसाइट के अनुसार, सोमवार को दिल्ली के सफदरजंग स्टेशन से प्राप्त रीडिंग में न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से 4.6 डिग्री कम है। यह इस मौसम का सबसे कम न्यूनतम तापमान और कम से कम 2022 के बाद से नवंबर का सबसे कम तापमान है। इससे पहले, दिल्ली में बुधवार 26 नवंबर को तीन साल में सबसे कम तापमान दर्ज किया गया था। न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था, जो सामान्य से तीन डिग्री कम था।  

वन्यजीवन में नई उम्मीद: रणथंभौर में बाघिन T-2307 ने दिए तीन शावक

सवाई माधोपुर प्रदेश के सबसे बड़े रणथंभौर टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बार फिर खुशी की खबर सामने आई है। रणथंभौर में शावकों की किलकारी गूंजी है। बाघिन टी-2307 ने तीन शावकों को जन्म दिया है। इस बात की पुष्टि प्रदेश के वन मंत्री संजय शर्मा ने अपने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा कर की है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रणथंभौर की कुंडेरा रेंज में गश्त के दौरान कुछ दिन पूर्व वनकर्मियों ने बाघिन टी-2307 को अपने तीन शावकों के साथ देखा था। हालांकि उस समय फोटो या वीडियो नहीं लिया जा सका था, इसलिए आधिकारिक पुष्टि संभव नहीं हो पाई थी। अब विभागीय फोटो ट्रैप कैमरे में बाघिन टी-2307 अपने तीनों शावकों के साथ कैद हुई है, जिसके बाद इसकी औपचारिक पुष्टि कर दी गई। वन विभाग के अनुसार बाघिन टी-2307 की उम्र लगभग 4 वर्ष है। यह बाघिन टी-111 एवं बाघ टी-121 की बेटी है। यह उसका पहला लिटर है। फिलहाल बाघिन की टेरिटरी कुंडेरा रेंज के बावड़ी तिराहा, बैरदा एवं लाहपुर सेल एरिया में है। शावकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभाग ने क्षेत्र में मॉनिटरिंग एवं ट्रैकिंग बढ़ा दी है।