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SIR: गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन: पुनरीक्षण अभियान में बड़ी प्रगति

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जनवरी 2026 को लागू होने वाली मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का कार्य 4 नवंबर 2025 से पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ जारी है। प्रदेशभर में बीएलओ घर-घर जाकर पंजीकृत मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का संग्रहण कर रहे हैं और उनका डिजिटाइजेशन तेजी से प्रगति पर है। 29 नवंबर तक प्रदेश में लगभग 1 करोड़ 82 लाख से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जो कुल 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 पंजीकृत मतदाताओं का लगभग 86 प्रतिशत है। SIR प्रक्रिया का शेड्यूल मुद्रण एवं प्रशिक्षण कार्य – 28 अक्टूबर 2025 से 3 नवंबर 2025 तक घर घर गणना चरण अवधि (घर-घर जाकर सत्यापन) कार्य – 4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन – 9 दिसंबर 2025 दावे और आपत्तियों की अवधि – 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक नोटिस चरण (सुनवाई और सत्यापन) – 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन – 7 फरवरी 2026

सामूहिक विवाह समारोह में सीएम के बेटे ने लिए सात फेरे, बाबा रामदेव और बागेश्वर धाम सरकार की मौजूदगी

नई दिल्ली उज्जैन के पावन शिप्रा तट पर रविवार को परोपकार और परंपरा का अद्वितीय संगम देखा गया, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने पुत्र डॉ. अभिमन्यु और डॉ. इशिता के साथ 21 कन्याओं का सामूहिक विवाह सम्पन्न कर समाज के सामने मानवीय मूल्यों की मिसाल प्रस्तुत की। विवाह परिसर दिनभर मंगलध्वनियों, उत्साह और आशीर्वादों से सराबोर रहा। सुबह आठ बजे इम्पीरियल चौराहा से बरात रवाना हुई। ढोल–ताशों और लोकनृत्य की रौनक के बीच शोभायात्रा में मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट सहित कई मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधि और गणमान्य अतिथि शामिल रहे। विवाह स्थल पहुंचते ही आकर्षक मंच पर सभी नवयुगलों की वरमाला रस्म सम्पन्न कराई गई, जिसके बाद पूरा परिसर तालियों और शुभकामनाओं से गूंज उठा।   योग गुरु बाबा रामदेव रहे उपस्थित आशीर्वाद समारोह में मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल तथा योग गुरु बाबा रामदेव की विशेष उपस्थिति रही। राज्यपाल और बाबा रामदेव ने इस आयोजन को सामाजिक उत्तरदायित्व, संस्कार और संवेदनशीलता का प्रेरक उदाहरण बताया। इसके बाद 22 विशेष रूप से निर्मित मंडपों में एक साथ पाणिग्रहण और सप्तपदी की रस्में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न हुईं। यादव परिवार ने प्रत्येक नवविवाहित दंपती को संपूर्ण गृहस्थी सामग्री और मोटरसाइकिल भेंट कर नया जीवन शुरू करने के लिए सहयोग का भाव व्यक्त किया। बिना उपहार के केवल आशीर्वाद स्वीकार करने का निवेदन आयोजन की सबसे विशेष भावनात्मक पहचान बना। मोहन यादव बोले- हमारा सनातन संस्कृति से जुड़ाव सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था और सटीक प्रबंधन के बीच समारोह सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। शिप्रा तट पर हुआ यह अनोखा आयोजन सामाजिक सद्भाव, संवेदना और साझा उल्लास की अमिट याद छोड़ गया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- 16 संस्कारों से हमारा सनातन संस्कृति से जुड़ाव है। ये प्रधानमंत्री के मूल भाव सबका साथ, सबका विकास की अवधारणा पर हम काम कर रहे। यहां कोई बड़ा नहीं, कोई छोटा नहीं। सब दूल्हा- दुल्हन महाराज समान है। सब आज लखपति हो गए। 'देश का धन देश में ही खर्च होना चाहिए' बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा- संपूर्ण भारत में आज नवाचार हुआ। सामाजिक समरसता का संदेश आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ी ही सहजता से दिया है। ये अभूतपूर्व कार्य है। ऐसे कार्य से समरसता आएगी, बेटी के पिता पर ना कर्ज होगा ना विवाह पर ज्यादा खर्च। बाबा रामदेव ने कहा- वेडिंग डेस्टिनेशन का कांसेप्ट सराहनीय है। देश का धन देश में ही खर्च होना चाहिए। मध्य प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र गिरी महाराज, हरीगिरी महाराज, नरोत्तम मिश्र भी समारोह में शामिल हुए।  

नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता: बालाघाट में सुरक्षाबलों ने पकड़ा हथियारों का बड़ा जखीरा

बालाघाट MP के बालाघाट के किरनापुर थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग जंगल इलाकों से सुरक्षा बलों ने माओवादियों द्वारा छिपाया गया बड़ा डंप बरामद (Security Forces Recover Maoist Dump) किया है। माओवादियों ने जमीन के भीतर दैनिक उपयोग की वस्तुएं, मेडिकल उपकरण, दवाइयां, बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लांचर) के सेल समेत कई सामग्री छिपाकर रखी थी। ये डंप बोरबन सिरका मोजालडेरा और आलीटोला के जंगलों से प्राप्त हुए हैं। इस कार्रवाई की पुष्टि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (IPS) आदर्शकांत शुक्ला ने की है। सूत्रों के अनुसार, हाकफोर्स के जवानों को जंगल में माओवादियों की सक्रियता की जानकारी मिली थी। इसी आधार पर सर्चिंग के दौरान उठी हुई जमीन को BDDS टीम की मदद से जांचा गया। जांच में नीले रंग का एक ड्रम जमीन में दबा हुआ मिला। उसमें दैनिक जरूरत की सामग्री, माओवादी साहित्य, विभिन्न दवाएं (टैबलेट), इंजेक्शन, ओआरएस, कॉटन, सीरिंज, मल्टीविटामिन, ब्लड प्रेशर मॉनिटर और बीजीएल के सेल बरामद हुए। इस बरामदगी के बाद मलाजखंड दलम के एक दर्जन से ज्यादा नामजद माओवादियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

अमन नायक की उपलब्धि पर पाटन गौरवान्वित — जितेन्द्र वर्मा ने कहा मेहनत और संकल्प की मिसाल

पाटन  पाटन विधानसभा क्षेत्र के देवादा निवासी युवा अमन नायक जी (पुत्र श्री रूपनारायण ‘रूपू’ जी) को CGPSC में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 35वीं रैंक प्राप्त कर अधीनस्थ लेखा सेवा अधिकारी पद हासिल करने पर भाजपा प्रदेश मंत्री श्री जितेन्द्र वर्मा जी उनके निवास स्थान देवादा पहुंचे और उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। श्री जितेन्द्र वर्मा जी ने कहा कि “अमन नायक की यह उपलब्धि उनके अथक परिश्रम, अनुशासन और संकल्प का परिणाम है। वे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं और उनका यह सफलता-पथ पाटन क्षेत्र की नई पीढ़ी में आत्मविश्वास और नई ऊर्जा भरता है।” उन्होंने आगे कहा कि ईश्वर अमन नायक को निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर रखें और वे अपने क्षेत्र एवं परिवार का नाम इसी प्रकार रोशन करते रहें। इस अवसर पर प्रमुख रूप से खूबचंद वर्मा (आर.आई.), पोषण वर्मा, राजेंद्र वर्मा, केशव बंछोर, खिलेश (वासु) वर्मा, दिलीप वर्मा, मुकेश कुमार, करण वर्मा तथा गांव के अन्य सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे।

सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा, स्वास्थ्य मंत्री ने किया साजा केंद्र का निरीक्षण

रायपुर , प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने शनिवार  को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, साजा का निरीक्षण कर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में उपचार ले रहे मरीजों एवं उनके परिजनों से चर्चा की और उनसे मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनता को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि अस्पतालों में आधुनिक तकनीकों के उपयोग और सेवाओं के विस्तार का सकारात्मक परिणाम आज स्वास्थ्य संस्थानों में दिखाई दे रहा है। मरीजों को समय पर उपचार और बेहतर स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है। निरीक्षण के दौरान मंत्री जायसवाल ने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की और जहां आवश्यक हो, वहां स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों एवं अस्पताल प्रबंधन को दिए।

धीरेंद्र शास्त्री की शादी तय? बाबा रामदेव के एक बयान से मचा हलचल, सब हंस पड़े!

उज्जैन  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के बेटे की आज शादी है, लेकिन शादी से ज्यादा विवाह की जगह चर्चा का विषय बनी हुई है। तामाझाम से दूर मोहन यादव अपने बेटे की शादी सामूहिक कन्या विवाह समारोह में करा रहे हैं। लोग उनकी इस पहल की खूब तारीफ कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में पधारे पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भी शादी की चर्चा शुरू हो गई। और तो और बाबा बागेश्वर शादी कहां करेंगे,इसका फैसला बाबा रामदेव ने कर दिया है। बाबा रामदेव और बाबा बागेश्वर के बीच ये जुगलबंदी के दौरान ठहाके भी खूब लगे। सीएम मोहन यदव ने अपने बेटे की शादी सामूहिक विवाह समारोह में हो रही है। इसमें एमपी के राज्यपाल,विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, तमाम साधु संतों के साथ योग गुरु बाबा रामदेव और पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी पधारे। इस बीच धीरेंद्र शास्त्री ने कार्यक्रम में आए सभी वर-वधुओं को आशीर्वाद देने के साथ कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के इस कदम से एक संदेश जाएगा कि जब मेरे अति प्रिय और यशस्वी मुख्यमंत्री अपने बालक की शादी यहां कर रहे, इससे बड़ी-बड़ी जगहों में डेस्टिनेशन वेडिंग कर लाखें-करोड़ों खर्च करने वालों का खर्चा बचेगा और एक नया चलन होगा और लोग कहेंगे कि मैं भी अपने बालक का विवाह सामूहिक कन्या विवाह समारोह में कराउंगा। इसके बाद बाबा बागेश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि इसका मतलब यह नहीं कि आप लोग कहें कि आप भी कर लो। इसके बाद परिसर में जोर के ठहाके लगने लगे। तभी बाबा रामदेव उठे और कहा कि चिंता मत करो महाराज आपका भी विवाह यहीं सामूहिक कन्या विवाह समारोह में ही कराएंगे। इतना सुनते ही बाबा बागेश्वर भी जोर से हंस पड़े और कहा कि पूज्य स्वामी जी आशीर्वाद ही देते हैं। बाबा बागेश्वर ने एक और जरूरी चीज कही कि यह बहुत शुभ है कि एक ही जगह सीएम का बेटा भी फेरे ले रहा और एक ड्राइवर का बेटा भी फेरे ले रहा।  

पंजाब में सड़क क्रांति! मान सरकार 44,920 किमी सड़कें बनाएगी, 16,000 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट

चंडीगढ़  पंजाब में इस समय गांवगांव में डामर की खुशबू उठती है, JCB की आवाज़ खेतों के पार तक सुनाई देती है, ट्रैक्टरों पर गिट्टी और रोलरों की लय जैसे पंजाब का नया राग बनी हुई है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सड़कों को राजनीति का शो-पीस नहीं, जनता के हक़ का विकास बनाया है. 19,373 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों पर काम पहले से चल रहा था, और अब इस रफ्तार को बढ़ाकर पंजाब को एक ही सांस में 44,920 किलोमीटर सड़क नेटवर्क पर खड़ा करने का लक्ष्य रखा गया है. यह घोषणा नहीं, पूरा रोडमैप है, जो जमीन पर बिछता हुआ दिखाई देता है. पंजाब सरकार ने सिर्फ ठेके नहीं दिए, खेल के नियम बदल दिए. टेंडर के बदले कमीशन की पुरानी राजनीति को एक झटके में हटाकर कहा- सड़क अच्छी बनाओ, पैसा समय पर मिलेगा, लेकिन हेराफेरी की तो पंजाबी में कहावत है, एक भीठ, एक ठोक. और यह चेतावनी डंडा नहीं बनी, व्यवस्था बन गई. फ्लाइंग स्क्वायड बनाया गया, जिसका काम सड़क की गहराई, मोटाई, बिटुमेन की शुद्धता, सब कुछ वहीं पर जांचना है. वीडियो किसी गांव से उठती है, और सरकार के कदम सीधे उस जगह पहुँचते हैं. पहले सिस्टम शिकायत बाद में सुनता था, अब सिस्टम शिकायत आने से पहले सतर्क रहता है. जांच पड़ताल के बाद काम हो रहा कई जगह मटेरियल घटिया निकला, टेंडर रद्द हुए, अधिकारियों को निलंबित किया गया. एक खाला बिना मसाले के दीवार जैसा खड़ा किया जा रहा था, खबर सरकार तक पहुँची तो उसी वक्त काम रुकवा दिया गया. ठेकेदार का कॉन्ट्रैक्ट कैंसल, निर्माण का नया आदेश. यह पहली बार हुआ है कि ठेकेदार दो बार सोचता है, सड़क बनानी है या सजा लेनी है. और जब ज़िम्मेदारी ठेकेदार पर हो, जब जनता निरीक्षक हो, जब मुख्यमंत्री वादा नहीं चेतावनी दे, तब सड़क की उम्र खुद मजबूत हो जाती है. यहां निर्माण के साथ पांच साल की मरम्मत की जिम्मेदारी भी ठेकेदार पर ही है, ताकि सड़क साल दो साल में थक न जाए. गांवों में सरपंच अब सिर्फ पंचायत नहीं, सड़क का गारंटर है. सड़क अच्छी लगी तो वह हस्ताक्षर करेगा, तभी सरकार भुगतान करेगी. जनता वीडियो भेज दे, मटेरियल घटिया निकला तो मान सरकार उसी फुटेज पर कार्रवाई कर देती है. यह विकास का ऐसा मॉडल है जिसमें जनता वही नहीं, वह सुपरीक्षक है, और सरकार उसके साथ है. कोई कागज़ी प्रोजेक्ट नहीं, आंखों के सामने पिघलता डामर, धूप में काली चमकती सड़क और सफ़ेद चूने की लाइनें- यही असली रिपोर्ट कार्ड है. पंजाब को नई दिशा देने का अभियान तरनतारन साहिब में 17 अक्टूबर को 19,000 किलोमीटर सड़कों का उद्घाटन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं था, यह पंजाब के अगले दशक की दिशा थी. मंडी बोर्ड, PWD, नगर निगम, नगर परिषदें — सब अलगअलग रास्तों पर नहीं, एक बड़े लक्ष्य की ओर चल रही हैं. पंजाब का विकास अब किताबों में नहीं, गूगल मैप पर दिख रहा है. ट्रेडर को माल पहुंचाने में घंटों की बचत होती है, किसान की फसल समय पर मंडी पहुंचती है, गांव का लड़का शहर में नौकरी पर उसी दिन लौट सकता है, एम्बुलेंस अटकती नहीं, गड्ढे नहीं, रफ्तार है. सड़कें पंजाब के आत्मविश्वास की नई परिभाषा बन रही हैं. राजनीति में भाषण बहुत हुए, योजनाएं बहुत आईं, लेकिन जो इस वक्त हो रहा है, वह एक रिकॉर्ड लिख रहा है. यह काम विपक्ष भी देख रहा है, कार्यकर्ता भी, गांव का बुजुर्ग भी और शहर का व्यापारी भी. मगर सबसे ज्यादा यह बात जनता समझ रही है कि यह सिर्फ विकास नहीं, विकास की भाषा का बदलाव है. यहां घोषणा नहीं, ज़मीन पर चलती मशीनें बोल रही हैं. पंजाब के नक्शे पर डामर की ये काली लंबी लकीरें कल की नहीं, आज की गवाही हैं. और कहानी इतनी सी है, सड़कें अब सिर्फ बन नहीं रहीं, टिक भी रही हैं. 

पारिवारिक रिश्तों में दरार: जेठ और बहू का अफेयर बना मौत का कारण? डेम में शव मिलने से हड़कंप

बालाघाट रामपायली थाना के अंतर्गत ग्राम सालेबर्डी में सनसनी फैली गई, जब जेठ-बहू के शव नाले पर बने डेम में पाए गए। इसकी जानकारी जैसे ही लोगों को मिलते गई वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। रामपायली पुलिस ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर शव बरामद कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। बताया गया कि शनिवार की शाम से ही ये दोनों घर से लापता थे और रविवार को सुबह येरवाटोला के डेम से उनका शव पुलिस ने बरामद किया है। बताया जा रहा हैं कि उन दोनों के बीच प्रेम प्रसंग था। यह हत्या है या फिर आत्महत्या यह पुलिस जांच उपरांत ही कहा जा सकता है। महिला का नाम सीमा पति अजय राहंगडाले 40 वर्ष और प्रकाश पिता रोशनलाल राहंगडाले 45 वर्ष ग्राम सालेबर्डी निवासी है।   देर रात दोनों को येरवाटोला में देखा गया था जानकारी के अनुसार, प्रकाश राहंगडाले नल जल मिशन के कार्य में ठेकेदार के पास सुपरवाइजर का काम करता रहता था। शनिवार को प्रकाश और सीमा दोनों घर से लापता थे। बताया जा रहा है कि देर रात को येरवाटोला में देखा गया था। ग्रामीणों ने रविवार सुबह येरवाटोला के नाले पर बने डेम किनारे में बाइक, चप्पल दिखाई दिए। डेम में देखा गया तो महिला और पुरुष के शव दिखाई दिए। जिसके बाद ग्रामीणों का हुजूम लग गया। पुलिस को जानकारी दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने डेम में डूबे शव को बरामद किया। जहां पहचान प्रकाश राहंगडाले और सीमा राहंगडाले के रूप में हुई। जहां शव मिला वहां अधिक पानी नहीं था। ग्रामीणों ने कहा कि दोनों शनिवार से लापता थे। दोनों एक ही परिवार के हैं और आपस में जेठ और बहू का रिश्ता हैं। येरवाटोला रोड़ में डेम में दोनों का शव पाया गया हैं। बताया गया कि कीटनाशक की एक बोतल भी मिली है।  

चलती ट्रेन दो फाड़! समय रहते रुकी गाड़ी, पटना–आरा रूट पर टला बड़ा हादसा

आरा बिहार के आरा जिले में उस वक्त हड़कंप मच गया जब तेज रफ्तार से दौड़ रही बेंगलुरु स्पेशल ट्रेन (03241) पटना-आरा-डीडीयू रेलखंड पर दो हिस्सों में टूट गई। घटना कारीसाथ रेलवे स्टेशन के ठीक पास हुई। इंजन सहित आगे के कई डिब्बे काफी दूर तक चले गए, जबकि बाकी कोच ट्रैक पर ही रुक गए। चलती ट्रेन का कपलिंग टूटा, मच गई चीख-पुकार दानापुर से बेंगलुरु जा रही 03241 एसएमवीबी स्पेशल ट्रेन जैसे ही आरा स्टेशन से खुलकर पूरी स्पीड पकड़ चुकी थी, तभी कारीसाथ के पास अचानक दो कोचों के बीच का कपलिंग ब्रेक हो गया। आगे का हिस्सा इंजन के साथ तेजी से आगे बढ़ता चला गया, जबकि पीछे का पूरा हिस्सा अचानक रुक गया। डिब्बों में बैठे सै यात्रियों में भगदड़ मच गई। कई लोग चीखने-चिल्लाने लगे। अप लाइन ठप, कई ट्रेनें घंटों खड़ी रहीं इस हादसे से पटना-पंडित दीनदयाल उपाध्याय (मुगलसराय) अप लाइन पूरी तरह बंद हो गई। दर्जनों ट्रेनें जहां-तहां खड़ी हो गईं। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी टीम तुरंत मौके पर पहुँची। इंजन को पीछे लाकर बचे हुए डिब्बों से दोबारा जोड़ा गया। करीब ढाई-तीन घंटे की मशक्कत के बाद लाइन को क्लियर किया जा सका। अच्छी बात ये रही कि कोई हताहत नहीं हुआ सबसे बड़ी राहत की बात ये रही कि कपलिंग टूटने के बावजूद ट्रेन पटरी से नहीं उतरी और कोई यात्री घायल नहीं हुआ। रेलवे ने इसे “तकनीकी खराबी” बताया है और पूरी घटना की उच्चस्तरीय जाँच के आदेश दे दिए गए हैं।

IAS संतोष वर्मा को ‘बरी’ करने वाले न्यायाधीश पर संकट, सरकार कर सकती है बड़ी कार्रवाई

इंदौर  ब्राह्मण बेटियों पर असभ्य टिप्पणी करने वाले विवादित आइएएस अधिकारी (IAS) व मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) के अध्यक्ष संतोष वर्मा पर दर्ज फर्जीवाड़ा केस की फाइल खुल गई है। इस मामले में पुलिस एक न्यायाधीश पर कड़ी कार्रवाई कर सकती है। पुलिस ने हाई कोर्ट की अनुमति के बाद न्यायाधीश से पूछताछ के लिए 50 सवालों की सूची तैयार की है। फर्जी आदेश दिखाकर पदोन्नति का रास्ता साफ किया दरअसल वर्मा ने कूटरचित न्यायालय आदेश के जरिए आइएएस कैडर में पदोन्नति प्राप्त की थी। उनके खिलाफ एक महिला ने शारीरिक शोषण का मुकदमा दर्ज कराया था। इसी मामले में उन्होंने बरी होने का फर्जी आदेश दिखाकर आइएएस कैडर में पदोन्नति का रास्ता साफ किया था। मामला खुला तो इसमें स्पेशल जज विजेंद्र सिंह रावत की भूमिका भी संदिग्ध मिली। तब उनका तबादला कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।   हाई कोर्ट ने विधि अनुसार कार्रवाई की अनुमति दी मामला हाई कोर्ट में चल रहा था। चार वर्ष पुराने इस केस में पुलिस अभी तक हाई कोर्ट की अनुमति का इंतजार कर रही थी। एसीपी विनोद दीक्षित ने हाई कोर्ट से मिली अनुमति की पुष्टि करते हुए कहा है कि कोर्ट ने पुलिस के प्रतिवेदन पर विधि अनुसार कार्रवाई की अनुमति दे दी है। न्यायाधीश का निलंबन हुआ तो एसआइटी सक्रिय हुई न्यायालय का फर्जी आदेश बनाए जाने के मामले में जांच में पता चला था कि मास्टरमाइंड स्वयं न्यायाधीश विजेंद्र सिंह रावत हो सकते हैं जो वर्ष 2021 में जिला कोर्ट में पदस्थ रहे हैं। संदेह के आधार पर हाई कोर्ट ने उनका तबादला कर दिया, लेकिन गिरफ्तारी की अनुमति नहीं दी। न्यायाधीश को नोटिस जारी कर बुलाया जाएगा उच्च स्तरीय कमेटी की रिपोर्ट के बाद हाल ही में विवादित न्यायाधीश का निलंबन हुआ तो पुलिस की एसआइटी सक्रिय हुई और अग्रिम कार्रवाई की अनुमति मांगी। हाई कोर्ट ने 20 नवंबर को विधि अनुसार कार्रवाई करने की हरी झंडी दे दी। जांच में शामिल एक अफसर के अनुसार न्यायाधीश को नोटिस जारी कर बुलाया जाएगा। गौरतलब है कि वर्मा को भी चार वर्ष पूर्व इसी तरह बुलाकर गिरफ्तार किया था। हार्ड डिस्क रिकवर करवाने पर मिले फर्जी फैसले के सबूत पुलिस को जांच की शुरुआत से ही न्यायाधीश पर शक था। पुलिस ने उनकी कोर्ट से कंप्यूटर जब्त किया तो फैसला डिलीट मिला। हार्ड डिस्क जब्त कर फोरेंसिक लैब में जांच करवाई गई। हार्ड डिस्क में दो फैसले मिले, जिसमें एक राजीनामा और दूसरा बरी का बनाया गया था। न्यायाधीश ने खुद को छुट्टी पर बताया था, लेकिन मोबाइल टावर लोकेशन निकालने पर कोर्ट में ही उनकी मौजूदगी मिली। इसके बाद साक्ष्य एकत्र हो गए। पुलिस को वर्मा की चैटिंग से भी अहम सबूत मिला है। वर्मा को एक अन्य मजिस्ट्रेट ने न्यायाधीश के पास भेजा था। उसकी वर्मा से लेनदेन संबंधित चैटिंग हो रही थी। जय युवा आदिवासी संगठन संतोष वर्मा के समर्थन में आया जय युवा आदिवासी संगठन (जयस) संतोष वर्मा के समर्थन में आया है। जयस प्रमुख लोकेश मुजाल्दा ने बताया कि उनका संगठन और अजाक्स की तरफ से संतोष वर्मा के पक्ष में रविवार को इंदौर में कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया जाएगा, जिसमें संतोष वर्मा को शासन की ओर से दिया गया नोटिस वापस लेने की मांग की जाएगी। इधर, जयस के संरक्षक विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने कहा उनके संगठन के नाम से ही मिलता-जुलता एक अन्य संगठन भी है। इस संगठन से उनका कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि संतोष वर्मा का बयान असभ्य है जो अस्वीकार है।