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मौसम ने ली खतरनाक करवट: पंजाब और हिमाचल में आज रात बढ़ेगा संकट, सावधानी बरतें

पंजाब  भारत की तरफ बड़ा संकट बढ़ता नजर आ रहा है, जिसमें पंजाब-हिमाचल भी शामिल है। जी हां, हाल ही में इथियोपिया में हुए ज्वालामुखी विस्फोट से निकली राख के भारत पहुंचने से हवा की गुणवत्ता पर असर पड़ेगा, जिससे सावधान रहने की अपील की जा रही है। जानकारी के अनुसार इथियोपिया में हायली गुब्बी ज्वालामुखी (Hayli Gubbi volcano) लगभग 12,000 वर्षों की निष्क्रियता के बाद 23 नवंबर, 2025 को अचानक फट गया, जिससे राख और सल्फर डाइऑक्साइड का एक बड़ा गुबार निकला। इस विस्फोट ने आसपास के कई देशों, जिनमें यमन, ओमान और भारत के कुछ हिस्से शामिल हैं, में हवाई यात्रा और वायु गुणवत्ता को प्रभावित किया है। कहा जा रहा है कि   दरअसल, इसका सीधा-सीधा असर पंजाब-हिमाचल, गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा पर पड़ेगा। गत रात दिल्ली में देर रात राख के बादल (जहरीली हवा) बढ़ते दिखाई दिए, जिस कारण कई फ्लाईट्स रद्द कर दी गई है।   वहीं DGCA ने एयरलाइंस को चेतावनी जारी कर राख वाले क्षेत्रों और ऊंचाइयों से दूर उड़ान भरने, रूट बदलने और इंजनों की जांच करने को कहा है।   भारत मौसम विभाग (IMD) ने कहा कि राख के बादल राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली में फैल चुका है और आज रात के समय राख का गुबार पंजाब और हिमाचल प्रदेश को प्रभावित कर सकते है। हालांकि  वैज्ञानिकों  का कहना है कि गुबार की ऊंचाई काफी ज्यादा है जिसका असर जनजीवन पर कम होगा । साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि ज्वालामुखी की राख भारत से रात तक निकल जाएगी और फिर चीन की तरफ बढ़ेगी। 

नवनिर्मित ‘पंचजन्य’ स्मारक राष्ट्र को समर्पित, प्रधानमंत्री मोदी व सीएम सैनी रहे उपस्थित

चंडीगढ़  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मंगलवार को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में कई महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य शंख ‘पंचजन्य’ के सम्मान में नवनिर्मित स्मारक का भव्य लोकार्पण किया. यह स्मारक महाभारत काल की ऐतिहासिक विरासत और आध्यात्मिक महत्व को समर्पित है. समारोह के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी मौजूद रहे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मंगलवार को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में कई महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य शंख ‘पंचजन्य’ के सम्मान में नवनिर्मित स्मारक का भव्य लोकार्पण किया. यह स्मारक महाभारत काल की ऐतिहासिक विरासत और आध्यात्मिक महत्व को समर्पित है. समारोह के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी मौजूद रहे. इसके बाद पीएम नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष समारोह इस दौरे का प्रमुख आकर्षण है. पीएम गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे और उपस्थित जनसभा को संबोधित करेंगे. कुरुक्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए पूरा जिला हाई अलर्ट पर है. 14 IPS अधिकारी, 54 DSP और लगभग 5,000 पुलिसकर्मी सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात किए गए हैं. पुलिस की टीमें कार्यक्रम स्थलों, मार्गों और गीता महोत्सव परिसर की निगरानी कर रही हैं. DGP ओ.पी. सिंह ने सुबह व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर स्पष्ट निर्देश दिया कि पीएम की यात्रा के दौरान जरा भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. शहर भर में हाई-रेजोल्यूशन CCTV से निगरानी बढ़ा दी गई है, जबकि ड्रोन और ग्लाइडर के उड़ान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है. ब्रह्मसरोवर में दर्शन-पूजन करेंगे पीएम दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री शाम 5:45 बजे ब्रह्मसरोवर में दर्शन-पूजन करेंगे. यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 के बीच हो रहा है, जिसके कारण कुरुक्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव का माहौल और अधिक भव्य हो गया है. पीएम मोदी ने किया ‘पंचजन्य’ स्मारक का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को हरियाणा की पवित्र भूमि कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य शंख ‘पंचजन्य’ के सम्मान में नवनिर्मित स्मारक का भव्य लोकार्पण किया. यह स्मारक महाभारत काल की ऐतिहासिक विरासत और आध्यात्मिक महत्व को समर्पित है. समारोह के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी मौजूद रहे.  

बालोद : जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने एसआईआर में उत्कृष्ट कार्य के लिए बीएलओ को किया सम्मानित

बालोद भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली के निर्देशानुसार जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का कार्य निरंतर जारी है। कलेक्टर एवं जिला निवार्चन अधिकारी श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने संयुक्त जिला कार्यालय स्थित अपने कक्ष में आज विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत मतदाताओं को गणना पत्र प्रदान करने एवं गणना प्रपत्रों को डिजिटाईज करने में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के 04 बूथ लेवल अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार भेंट कर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि जिले के संजारी बालोद, गुण्डरदेही एवं डौण्डीलोहारा विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। जिसके अंतर्गत बीएलओ द्वारा गणना पत्रक वितरण कर घर-घर जाकर मतदाताओं से गणना पत्रक भरवाकर बीएलओ एप में ऑनलाइन किया जा रहा है। उक्त कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुये विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 60 डौण्डीलोहारा अंतर्गत ग्राम आलीवारा की बूथ लेवल अधिकारी सुशीला ठाकुर, ग्राम खेरथा की बीएलओ लता पाण्डेय एवं ग्राम आतरगांव की बीएलओ सरस्वती देवांगन तथा विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 61 गुण्डरदेही के ग्राम धनगांव की बीएलओ सुंदरिया देशमुख ने बालोद जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य के अंतर्गत 100 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइजेशन पूर्ण किया है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर एव उप जिला निवार्चन अधिकारी श्री चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम डौण्डीलोहारा श्री शिवनाथ बघेल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

देशभर में बढ़ा प्रदूषण का कहर: दिल्ली समेत कई राज्यों की हवा बेहद खराब

नई दिल्ली  देश के 33 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली सबसे प्रदूषित रही, जहां पीएम 2.5 प्रदूषक तत्वों की सांद्रता का वार्षिक औसत 101 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। यह भारतीय मानक से 2.5 गुना और विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशानिर्देशों से 20 गुना अधिक है। एक नए उपग्रह-आधारित विश्लेषण में यह जानकारी सामने आई है। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2024 से फरवरी 2025 तक की अध्ययन अवधि के दौरान चंडीगढ़ में पीएम 2.5 का वार्षिक औसत स्तर 70 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। वह इस मामले में दूसरे स्थान पर रहा।   रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा में 63 और त्रिपुरा में 62 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर का स्तर दर्ज किया गया। असम में 60, बिहार में 59, पश्चिम बंगाल में 57, पंजाब में 56, मेघालय में 53 और नगालैंड में 52 भी स्तर राष्ट्रीय मानक से अधिक था। कुल 749 जिलों में से 447 (60%) में राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक से अधिक स्तर दर्ज किया गया। इन जिलों में वार्षिक पीएम 2.5 का स्तर 40 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। विश्लेषण से पता चला कि सबसे प्रदूषित जिले कुछ ही राज्यों के हैं। दिल्ली और असम के 11-11 प्रदूषित जिले दिल्ली के 11 और असम के 11 जिले मिलकर इस मामले में शीर्ष 50 में से लगभग आधे जिले हो जाते हैं। इसके बाद बिहार के 7 और हरियाणा के 7 जिले सबसे ज्यादा प्रदूषित रहे। अन्य राज्यों में उत्तर प्रदेश के 4, त्रिपुरा के 3, राजस्थान के 2 और पश्चिम बंगाल के 2 जिले इस लिस्ट में शामिल हैं। अध्ययन अवधि के दौरान अपर्याप्त जमीनी निगरानी आंकड़ों के कारण लद्दाख, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह व लक्षद्वीप को विश्लेषण से बाहर रखा गया था।  

रायपुर : सोरो व्यपवर्तन और कोनपारा तालाब के कार्यों के लिए 6.93 करोड़ रुपये स्वीकृत

रायपुर : सोरो व्यपवर्तन और कोनपारा तालाब के कार्यों के लिए 6.93 करोड़ रुपये स्वीकृत रायपुर छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा जशपुर जिले के की दो सिंचाई योजनाओं के लिए 6 करोड़ 93 लाख 35 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं स्वीकृत सिंचाई योजनाओं में विकासखण्ड-फरसाबहार की कोनपारा तालाब (दलटोली डेम) का मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य के लिए 3 करोड़ 47 लाख 21 हजार रुपये स्वीकृत किये गये है। योजना के प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने पर रूपांकित सिंचाई क्षमता 243 हेक्टेयर के विरूद्ध 201 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई उपलब्ध होगी।   जशपुर जिले के विकासखण्ड-बगीचा की सोरो व्यपवर्तन योजना का मरम्मत एवं जीर्णोंद्धार कार्य के लिए 3 करोड़ 46 लाख 14 हजार रुपये स्वीकृत किये गये है। योजना के प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने पर रूपांकित सिंचाई क्षमता 122 हेक्टेयर के विरूद्ध 86 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षे़त्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। सिंचाई योजनाओं के कार्यों को कराने के लिए मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अंबिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।  

महासमुंद : 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाएगा

महासमुंद : 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाएगा प्रस्तावना का वाचन और विविध कार्यक्रम का आयोजन महासमुंद  केंद्र शासन के निर्देशानुसार 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाएगा। इस उपलक्ष्य में त्रिस्तरीय पंचायतों के समस्त प्रतिनिधि गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने कहा गया है। कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने बताया कि इस वर्ष का थीम हमारा संविधान हमारा स्वाभिमान है। जिला स्तरीय कार्यक्रम जिला पंचायत के सभा कक्ष में सुबह 10 बजे से आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रस्तावना वाचन और चर्चा के तहत संविधान के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करने हेतु 26 नवंबर को दिन भर जिले में प्रीएम्बल रीडिंग रिले आयोजित की जाएगी। शैक्षिक संस्थानों एवं ग्राम पंचायतों को भी प्रस्तावना वाचन के निर्देश दिए गया हैं। राज्य से प्रतिनिधि वीडियो कॉन्फ्रेंस लिंक के माध्यम से रिले सम्मिलित होंगे एवं जनप्रतिनिधि, अधिकारी और अन्य हितधारकों से संविधान की महत्ता पर चर्चा करेंगे। सभी प्रतिभागी निर्धारित समय पर सामूहिक रूप से प्रीएम्बल का वाचन करेंगे। प्रीएम्बल वाचन के बाद प्रतिभागी संविधान के महत्व, उसके लाभ, पंचायत राज प्रणाली, महिलाओं के आरक्षण और ग्राम सभा की भूमिका पर संक्षेप में अपने विचार साझा करेंगे। इसके अलावा संविधान और अन्य बिंदुओं पर चर्चा, वाद-विवाद और क्विज़ जैसी गतिविधियाँ भी आयोजित किए जाएंगे।

हरियाणवी संस्कृति को प्रदर्शित करता हरियाणा पैवेलियन, बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

चंडीगढ़  कुरुक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के भव्य शुभारम्भ के सुअवसर पर महोत्सव में पधारे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हरियाणा पैवेलियन हरियाणवी संस्कृति का आईना है। हरियाणा पैवेलियन प्रदेश की समृद्ध लोक कला एवं संस्कृति को प्रदर्शित करता है। हरियाणा पैवेलियन के माध्यम से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय हरियाणवी संस्कृति के उत्थान व संरक्षण में सराहनीय योगदान दे रहा है। इस प्रशंसनीय योगदान के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के अधिकारी बधाई के पात्र है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय तथा कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में ब्रह्मसरोवर पावन तट पर पुरुषोत्तमपुरा बाग में स्थापित हरियाणा पैवेलियन का उद्घाटन करने के उपरांत बातचीत कर रहे थे।  इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कैबिनेट मंत्री अनिल विज, कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, सांसद नवीन जिंदल, पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने हरियाणा पैवेलियन पहुंचकर विधिवत उद्घाटन किया। इस दौरान हरियाणा की आन – बान – शान पगड़ी बांधकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का सम्मान किया गया। इस अवसर पर सभी मेहमानों ने हरियाणा पैवेलियन में लगे स्टालों का अवलोकन किया। यह पवेलियन कलाकृतियों, कलात्मक शोकेस के माध्यम से हरियाणा के समृद्ध लोक पंरपराओं एवं प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत कर रहा है। 

चंडीगढ़ की कमान बदलेगी? राष्ट्रपति शासन जैसे संकेतों पर सियासी तापमान बढ़ा

चंडीगढ़  चंडीगढ़ पंजाब के लिए एक शरीर ही नहीं बल्कि इसकी आत्मा भी है और चंडीगढ़ के साथ पंजाब ही नहीं बल्कि विदेशों में बैठे हर पंजाबी चाहे वह किसी भी धर्म जात का हो उसकी भावनाएं जुड़ी हुई है, लेकिन चंडीगढ़ पंजाब का मुद्दा नया नहीं है. यह कई दशकों से पंजाब ओर हरियाणा के बीच चलता आ रहा है. जिसमें दोनों राज्य उसके ऊपर अपना अपना हक जताते आ रहे है. चंडीगढ़ महा पंजाब का एक हिस्सा था. जिसको फ़्रांस के आर्किटेक्ट ली कार्बुजिया ने बसाया था. इसमें उसने हर एक चीज का ध्यान रखा था, खासकर भविष्य की आने वाली मुश्किलों को लेकर यहां पर विधासनभा भी बनाई गई और एक सिविल सेक्रेट्रिएट भी बनाया गया. पंजाब और हरियाणा बनाने के बाद बनी चंडीगढ़ की समस्या चंडीगढ़ में एक झील भी बनाई गई थी. पंजाब और हरियाणा बनाने के बाद चंडीगढ़ की समस्या का जन्म भी हुआ. इससे पहले हिमाचल, पंजाब और हरियाणा एक पंजाब था. जिसके टुकड़े टुकड़े करके छोटे छोटे राज्य बना दिए गए. इसका विवाद भी उसी समय से चला आ रहा है. चाहे एसवाईएल नहर हो या फिर चंडीगढ़ पंजाब को देने की बात हो. इन्हीं मांगों के कारण पंजाब ने दशकों तक आंतकवाद का जख्म झेला है. पाकिस्तान हमेशा से ही पंजाब के भावनात्मक मुद्दों को हवा देता आया है, लेकिन अब चंडीगढ़ का जिन्न केंद्र सरकार ने फिर से बोतल से निकाल दिया है. इससे पहले पंजाब यूनिवर्सिटी का मुद्दा गर्माया हुआ है और छात्र आज भी यूनिवर्सिटी की सीनेट चुनाव को लेकर धरने पर बैठे है. पंजाब के सारे राजनीतिक और सोशल संगठन उनकी मांगों का समर्थन कर रहे है. वहीं चंडीगढ़ के मुद्दे पर एक बार फिर से चंडीगढ़ को चाहने वाले राजनीतिक ओर सोशल संगठनों ने सोशल मीडिया पर अपनी आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है.   राष्ट्रपति के हाथ चली जाएगी चंडीगढ़ की कमान अकाली दल द्वारा चंडीगढ़ के लिए एक बड़ा प्रस्ताव श्री आनंदपुर साहिब का दशकों पहले पास किया हुआ है. अब श्री आनंदपुर साहिब में ही श्री गुरु तेग बहादुर साहिब का 350 साला शहीदी पर्व मनाया जा रहा है. अचानक चंडीगढ़ के स्टेटस की धारा 239 से 240 करने और आने वाले पार्लियामेंट सेशन में लाने ने सबको हैरत में डाल दिया है. इसके पास होने पर इसकी सीधी कमान राष्ट्रपति के हाथ चली जाएगी. यहां का सारा प्रशाशन राष्ट्रपति के अधीन आ जाएगा. चंडीगढ़ पंजाब को देने की वकालत करने वाले कहते है कि चंडीगढ़ पंजाब के गांवों को उजाड़ कर बनाया गया था. पंजाब की जमीन पर इसकी नींव रखी गई. जिसके कारण पंजाबियों का हक इसपर बनता है. इसलिए पंजाब और हरियाणा के कारण इसको यूनियन टेरेटरी का दर्जा दिया गया. जिसमें काम करने वाले अधिकारियों को यहां पर 60-40 की रेशों से तैनात किया जाता है. अब इस रेशों के हिसाब को भी तोड़कर ज्यादा संख्या हरियाणा के अधिकारियों की कर दी गई. जिसका सामाजिक संगठन और राजनीतिक पार्टियां आरोप लगाती है. 1952 में पंडित जवाहरलाल नेहरू के ने रखी थी इसकी नींव चंडीगढ़ के हक का विवाद भी सत्तर वर्ष पुराना है. जिसकी शुरुआत महा पंजाब के पूर्वी पंजाब को तोड़कर शुरू हुई थी. 1966 से लेकर 1986 तक छह कमीशन बने, लेकिन इस विवाद का अंत नहीं हो पाया. ऐसे में अब संशोधन विधेयक ने आग पर घी का काम किया है. चंडीगढ़ को पंजाब की राजधानी बनाने का भी एक दिलचस्प किस्सा है. जो दो पंजाब को एक करने के बाद इसकी राजधानी बनाया गया. 1952 में पंडित जवाहरलाल नेहरू के ने इसकी नींव रखी थी. 7 अक्टूबर 1953 को उस समय के राष्ट्रपति जगजीवन लाल ने इसका उद्घाटन किया था. उस समय पेप्सू (पटियाला ओर ईस्ट पंजाब स्टेट्स यूनियन जिनमें पटियाला, नाभा, जींद, कपूरथला, फरीदकोट, नालागढ़, कालका, फरीदकोट जिसकी राजधानी पटियाला थी. पूर्वी पंजाब की राजधानी एक नवंबर 1956 को मिलाकर महा पंजाब बनाया गया, तो चंडीगढ़ को पंजाब की राजधानी बना दिया गया था. उस समय चंडीगढ़ में एक विधानसभा थी. जो 1966 तक जारी रही. चंडीगढ़ की विधान सभा में बनी हरियाणा की विधानसभा इसके बाद हरियाणा का जन्म हुआ तो चंडीगढ़ में बनी विधानसभा में ही अलग से हरियाणा की विधानसभा बनाई गई. यहां से ही दोनों राज्यों का चंडीगढ़ को लेकर हक शुरू हुआ. 1980 के दशक के बाद पंजाब में आतंकवाद की शुरुआत हुई. फिर 1984 के बाद उस समय शिरोमणी अकाली दल के अध्य्क्ष हरचंद सिंह लोंगोवाल और राजीव गांधी के बीच समझौता हुआ. जिसमें चंडीगढ़ को पंजाब को देने की बात कही गई जो अब तक सिरे नहीं चढ़ पाया. फिलहाल पंजाब की सारी राजनीतिक पार्टियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चाबंदी शुरू कर दी है. अपनी अपनी पार्टी की रणनीति बनाने में जुट गए है. जिसमें शिरोमणी अकाली दल ने एक कदम आगे बढ़कर कल अपनी पार्टी की एमरजेंसी कोर कमेटी की बैठक बुला ली है. वही पर कांग्रेस ओर आम आदमी पार्टी भी इसको लेकर योजना बना रही है.

रायपुर में निवेश की बड़ी घोषणा: APL अपोलो ने प्रस्तावित किया 1200 करोड़ का प्रोजेक्ट और चैरिटी अस्पताल

रायपुर एपीएल अपोलो इंडस्ट्रीज ग्रुप के चेयरमैन  संजय गुप्ता ने अपनी टीम के साथ आज नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से मुलाक़ात की। मुलाक़ात के दौरान कंपनी ने राज्य में लगभग ₹1200 करोड़ के औद्योगिक निवेश का बड़ा प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखा। कंपनी ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि वह छत्तीसगढ़ में उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नए औद्योगिक संयंत्रों की स्थापना पर गंभीरता से काम कर रही है। निवेश प्रस्ताव राज्य की नई औद्योगिक नीति और तेज़ी से विकसित हो रहे औद्योगिक बुनियादी ढांचे को देखते हुए पेश किया गया है। बैठक में एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल की घोषणा भी की गई। एपीएल अपोलो ग्रुप ने बताया कि वह छत्तीसगढ़ में 100 बिस्तरों का एक आधुनिक चैरिटी अस्पताल भी जल्द शुरू करेगा, जिससे आम जनता को किफ़ायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ मिल सकेंगी।

मुख्यमंत्री साय का बयान: शांति और विकास के लिए नक्सलियों को मिलेगा पूरा सहयोग

रायपुर  खूंखार नक्सली हिड़मा के एनकाउंटर के बाद नक्सली संगठनों में हड़कंप मचा हुआ है। नक्सलियों ने तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को लेटर लिखकर संघर्ष विराम की अपील की है। नक्सलियों के लिखे लेटर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि इसमें कोई नई बात नहीं है। राज्य में नई सरकार बनने के बाद से ही लगातार नक्सलियों से अपील की जा रही है कि वे हिंसा के रास्ते को छोड़कर मुख्यधारा में लौटें और विकास की राह पर आगे बढ़ें। संवाद और विश्वास से संभव है मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, "हमने हमेशा कहा है कि सरकार उनके लिए न्याय सुनिश्चित करेगी, जो भी रास्ता शांति और विकास का होगा, सरकार उसे पूरा समर्थन देगी।" मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि वर्षों से हिंसा के कारण पिछड़ चुके क्षेत्रों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ा जाए और वहां रहने वाले युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाया जाए। नक्सलवाद की समस्या का समाधान केवल हथियारों से नहीं, बल्कि संवाद और विश्वास से संभव है।उन्होंने उम्मीद जताई कि नक्सली संगठनों के लोग इस अपील को समझेंगे और हथियार छोड़कर समाज और राष्ट्र के हित में आगे आएंगे। सीएम ने कहा कि नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्य धारा में लौट आएं। उसके बाद हर तरह की बातचीत संभव है। उन्होंने सुरक्षाबल के जवानों के हौंसले को भी सलाम किया। नक्सलियों ने जारी किया है लेटर नक्सलियों ने तीन राज्यों के मुख्यमंत्री से अपील की है कि 15 फरवरी तक ऑपरेशन रोक दें। इस दौरान नक्सली भी कुछ नहीं करेंगे। युद्धविराम के दौरान कोई गोलीबारी नहीं हो। नक्सली संगठन हिड़मा के एनकाउंटर के बाद से खौफ में हैं। क्या लिखा है लेटर में नक्सली संगठन ने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के सीएम को लेटर लिखा है। यह बयान माओवादियों की स्पेशल जोनल कमेटी की तरफ से जारी किया गया है। लेटर में कहा गया है कि तीनों राज्यों की सरकारें 15 फरवरी 2026 तक युद्धविराम को रोक दें। संगठन का कहना है कि यदि सरकारें गोलीबारी रोकती हैं तो वे भी इस अवधि में PLGA गतिविधियों को बंद रखेंगे। संगठन ने यह भी लिखा कि अगर सरकार युद्धविराम मानती है तो वे आगे बातचीत के लिए भी तैयार हैं। नक्सलियों के ठिकाने पर मारी रेड राजनांदगांव जिले में सुरक्षाबल के जवानों को बड़ी सफलता मिली है। जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान जवानों ने नक्सली सामग्री बरामद की है। बोरतलाव थाना क्षेत्र के कौहापानी गांव के पहाड़ी जंगल क्षेत्र में जवानों ने सर्चिंग अभियान शुरू किया था। जवानों को जानकारी मिली थी कि इस इलाके में बड़ी संख्या में नक्सली मौजूद हैं। जिसके बाद मध्य प्रदेश के बालाघाट, महाराष्ट्र की गोंदिया और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई एवं राजनांदगांव जिले की संयुक्त टीमों ने अभियान चलाया। सर्चिंग के दौरान पुलिसकर्मियों एवं नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। जिसमें जिला बालाघाट के निरीक्षक आशीष शर्मा गोली लगने से शहीद हो गए थे। मुठभेड़ के बाद नक्सलियों की घेराबंदी के लिए अभियान को और अधिक तेज किया गया था। लगभग 300 अतिरिक्त बल को ऑपरेशन में शामिल करते हुए लगातार 3-4 दिनों तक सघन सर्चिंग की गई। नक्सलियों की सामग्री बरामद हुई सर्चिंग पार्टी 22 नवंबर को नक्सलियों के डेरे तक पहुंची, जहां पुलिस को देख नक्सली अपने सामान को छोड़कर जंगल की ओर भाग निकले। घटनास्थल से बड़ी मात्रा में दैनिक उपयोग की सामग्री एवं नक्सली सामग्री बरामद की गई, जिनमें नक्सलियों की वर्दी, पिट्ठू बैग, लिखे हुए दस्तावेज एवं डायरियां, वर्दियां, सोलर पैनल एवं चार्जिंग सेट्स, खाना बनाने के बर्तन, टेंट, तिरपाल, वॉकी-टॉकी सेट, विस्फोटक सामग्री और राशन सामग्री हैं। कई नक्सलियों के घायल होने की खबर पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुठभेड़ स्थल से कुछ दूरी पर खून के धब्बे पाए गए, जिससे यह आशंका है कि इस मुठभेड़ में कम से कम 3 नक्सली गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें एक की स्थिति अत्यंत गंभीर बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, घायल नक्सलियों के उपचार के लिए नक्सली दस्ता स्थानीय ग्रामीणों से दवाई एवं डॉक्टर की व्यवस्था करने के प्रयास कर रहा था, किंतु ग्रामीणों ने उसका विरोध किया तथा सहयोग करने से इनकार किया। जारी रहेगा नक्सल विरोधी अभियान इस अभियान में एसटीएफ बघेरा की 6 पार्टियां, डीआरजी मोहला एवं डीआरजी राजनांदगांव की पार्टियां सम्मिलित रहीं। सर्चिंग के दौरान नक्सलियों द्वारा छोड़ी गई सभी सामग्री को जब्त किया गया है। आने वाले दिनों में भी एसटीएफ एवं जिला बल, पड़ोसी राज्यों के बल के द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुए सघन नक्सल विरोधी अभियान निरंतर जारी रहेगा।