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जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप मामले में छिंदवाड़ा पुलिस की कामयाबी, सप्लायर 3 दिन की रिमांड पर

छिंदवाड़ा  छिंदवाड़ा सहित मध्य प्रदेश में 24 बच्चों की जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से मौत हो गई थी. कफ सिरप में जिस केमिकल की ज्यादा मात्रा मिलाने से वह जानलेवा हो गया था, उसे सफ्लाई करने वाले व्यक्ति को SIT की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है. उसे परासिया कोर्ट में पेश करने के बाद पूछताछ के लिए 3 दिन की रिमांड पर लिया है. श्रेसन कंपनी को डायथिलीन ग्लाइकॉल का सफ्लायर गिरफ्तार छिंदवाड़ा जिले में जहरीले कफ सिरप कोल्ड ड्रिंक से 24 बच्चों की मौत को लेकर पुलिस ने एसआईटी की टीम गठित की थी. एसआईटी के प्रभारी जितेंद्र सिंह जाट ने बताया कि, ''अब तक इस मामले में 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. श्रेशन कंपनी का कोल्ड्रिफ सिरप जिसमें डायथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा अधिक पाई गई थी, जिसकी वजह से बच्चों की किडनी खराब हो रही थी. इस केमिकल को सप्लाई करने वाले व्यक्ति को भी टीम ने गिरफ्तार कर परासिया कोर्ट में पेश किया है. जहां से पूछताछ के लिए तीन दिनों की रिमांड ली गई है.'' मेडिकल दुकानों में नहीं हो रहा नियमों का पालन, 8 के लाइसेंस सस्पेंड जहरीले कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत के बाद जिला औषधि एवं खाद्य विभाग भी लगातार मेडिकल दुकानों पर जांच कर कार्रवाई कर रहा है. इसके चलते परासिया की 7 मेडिकल दुकान और छिंदवाड़ा की एक दुकान पर नियम का पालन नहीं करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. दुकानदारों ने सही समय पर उचित कारण नहीं बता पाया इसलिए आठ मेडिकल दुकानों के अलग-अलग दिनों के लिए लाइसेंस सस्पेंड भी किए गए हैं. 1). दिनेश मेडिकल स्टोर परासिया सात दिवस के लिए निलंबित 2). गुप्ता मेडिकल स्टोर 15 दिन के लिए निलंबित छिदवाडा 3). हरसोरिया मेडिकल स्टोर परासिया 12 दिन के लिए निलंबित 4). कैलाश मेडिकल स्टोर परासिया सात दिवस के लिए निलंबित 5). न्यू सिटी मेडिकल स्टोर परासिया 10 दिन के लिए निलंबित 6). निलेश मेडिकल स्टोर परासिया 7 दिन के लिए 7). राय मेडिकल स्टोर परासिया 12 दिन के निलंबित 8). सुमित मेडिकल स्टोर परासिया 7 दिन के लिए सस्पेंड किए गए हैं. छिंदवाड़ा जिले में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से 24 बच्चों की मौत मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बैतूल में 24 बच्चों की मौत कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने के बाद हो गई थी. सिरप पीने के बाद बच्चों की किडनी फेल हो गई थी. जांच में पाया गया कि बच्चों को दिए गए सिरप में जहरीला पदार्थ मिला हुआ था. इस मामले में सरकार ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप बनाने वाली कंपनी के मालिक, उस सिरप को प्रिसक्राइव करने वाले डॉक्टर, मेडिकल स्टोर में बेचने वाले फार्मासिस्ट, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया है. 

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा: कोपरा जलाशय को रामसर मान्यता मिलने की तैयारी

 राज्य वेटलैंड प्राधिकरण ने भेजा प्रस्ताव रायपुर, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित कोपरा जलाशय को राज्य सरकार ने प्रस्तावित रामसर स्थल घोषित करने की दिशा में बड़ी पहल की है। प्राकृतिक और मानव निर्मित विशेषताओं से युक्त यह जलाशय पूरे क्षेत्र के लिए जलसंसाधन, सिंचाई और जैव विविधता का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। कोपरा जलाशय के रामसर स्थल बनने से क्षेत्र को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी पहचान      वन मंत्री कश्यप ने उम्मीद जताई है कि कोपरा जलाशय के रामसर स्थल बनने से क्षेत्र को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। गौरतलब है कि कोपरा जलाशय मुख्य रूप से वर्षा जल और आसपास के छोटे नालों से भरता है। यह जलाशय स्थानीय ग्रामीणों की जल आवश्यकताओं को पूरा करता है और किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख स्रोत है। जलाशय के आसपास की भूमि अत्यंत उपजाऊ मानी जाती है, जिससे क्षेत्र के कई गाँवों और छोटे कस्बों की कृषि पूरी तरह इस जलाशय पर निर्भर है। जैव विविधता अत्यधिक समृद्ध मानी जाती है यहाँ की       इसके अलावा यह क्षेत्र वर्षभर विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों, जलचर जीवों और वनस्पतियों का सुरक्षित आवास बना रहता है। खासकर प्रवासी पक्षियों की बड़ी संख्या यहाँ हर वर्ष दर्ज की जाती है। जलाशय में मछलियाँ, जलीय पौधे, उभयचर, सरीसृप और अनेक प्रकार के कीट-पतंगे बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं, जिससे इसकी जैव विविधता अत्यधिक समृद्ध मानी जाती है। दुर्लभ पक्षियों के संरक्षण के लिए उपयुक्त स्थल         राज्य वेटलैंड प्राधिकरण के अनुसार कोपरा जलाशय रिवर टर्न, कॉमन पोचार्ड और इजिप्शियन वल्चर जैसे दुर्लभ व महत्वपूर्ण पक्षियों के संरक्षण के लिए अत्यंत उपयुक्त स्थान है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह जलाशय रामसर मानदंड संख्या 02, 03 और 05 की पूर्णता करता है, जो इसे एक उत्कृष्ट वेटलैंड इकोसिस्टम का उदाहरण साबित करता है। स्वीकृति मिलने पर पर्यटन संबंधी महत्व और बढ़ जाएगा       इसी महत्व को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे रामसर स्थल घोषित करने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा है। यदि इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है, तो कोपरा जलाशय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संरक्षण मिलेगा और इसका वैज्ञानिक, पर्यावरणीय तथा पर्यटन संबंधी महत्व और बढ़ जाएगा। ग्रामीण आजीविका के विकास  को मजबूत करने की तैयारी     सरकारी योजनाओं के तहत इस क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा ग्रामीण आजीविका विकास से जुड़ी गतिविधियों को और मजबूत करने की तैयारी है, ताकि स्थानीय आबादी और प्राकृतिक संसाधनों के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके।

जुबिन नौटियाल ने महाकाल मंदिर में दी भस्म आरती की पूजा, टूर की शुरूआत का किया एलान

उज्जैन  बॉलीवुड के मशहूर सिंगर जुबिन नौटियाल शुक्रवार तड़के उज्जैन पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान महाकाल के दर्शन कर अपने आने वाले इंडिया टूर की सफलता की प्रार्थना की। सुबह लगभग 4 बजे वे महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे और नंदी हॉल से भस्म आरती में शामिल हुए। शिव भक्ति में पूरी तरह डूबे जुबिन का चेहरा आध्यात्मिक उत्साह से चमक रहा था। दर्शन के बाद उन्होंने देहरी से महाकाल का आशीर्वाद लिया। बताया जाता है कि जुबिन महाकाल के गहरे भक्त हैं—दो साल पहले भी वे भस्म आरती में शामिल होकर भजन प्रस्तुत कर चुके हैं। इस बार भी मंदिर समिति की ओर से सहायक प्रशासक आशीष पलवाडिया ने उन्हें दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया। जुबिन गुरुवार देर रात इंदौर पहुंचे थे और शुक्रवार दोपहर भोपाल के लिए रवाना होंगे। उनका मल्टी-सिटी इंडिया टूर दिसंबर से शुरू हो रहा है, जिसे लेकर वे बेहद उत्साहित हैं और इसे शुरू करने से पहले महाकाल का आशीर्वाद लेना उन्होंने आवश्यक समझा। दर्शन के बाद उन्होंने मंदिर प्रशासन की व्यवस्था की सराहना की और कहा — "यह मेरा चौथा महाकाल दर्शन है… यहां की भक्ति और श्रद्धा हर बार मन को शांति देती है।

बुरहानपुर में SIR रिव्यू कार्रवाई: लापरवाही पर नोटिस, दो ब्लॉकों को मिला सम्मान

बुरहानपुर भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मध्य प्रदेश सहित देश के 12 राज्यों में मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम चल रहा है। हाल ही में मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा SIR को लेकर की गई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद बुरहानपुर जिले में भी इस कार्य में तेजी आई है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी हर्ष सिंह ने बुरहानपुर जिले में SIR कार्य की समीक्षा की। समीक्षा में लापरवाही मिलने पर 17 अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। इनमें 5 बीएलओ सुपरवाइज़र, 7 बीएलओ और 5 नोडल अधिकारी शामिल हैं। वहीं, उत्कृष्ट कार्य करने पर दो बीएलओ को सम्मानित भी किया गया।  मध्य प्रदेश में चल रहे SIR कार्य की प्रगति में बुरहानपुर जिला बुधवार को प्रदेश में 17वें स्थान पर रहा, जबकि शहरी क्षेत्र में प्रदेश की 16 नगर निगमों में बुरहानपुर शहर SIR कार्य में पहले स्थान पर चल रहा है। जिला निर्वाचन अधिकारी हर्ष सिंह ने अपील की है कि मतदाता अपने फॉर्म भरने के बाद अंतिम तारीख का इंतजार न करें। वह तुरंत अपने बीएलओ के पास जाकर फॉर्म जमा कर दें।

मध्य प्रदेश में जनधन खातों का दुरुपयोग, बैतूल पुलिस ने ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्य पकड़े

 बैतूल बैतूल पुलिस ने  साइबर ठगों के शातिर गिरोह का खुलासा किया है। आरोपित अलग अलग तरीकों से ठगी करते थे और यह रकम निकालने के लिए ग्रामीणों के जनधन खाते इस्तेमाल करते थे। इस काम में बैंक का अस्थायी कर्मचारी भी उनकी मदद करता था। पुलिस ने बैंककर्मी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनसे दो लैपटाप, 11 बैंक पासबुक, 21 एटीएम कार्ड, 15 मोबाइल, 25 सिम, दो पीओएस मशीनें और 28 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। चार माह में 1.5 करोड़ का लेनदेन पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के मुताबिक 14 अक्टूबर 2025 को कनारा के मजदूर बिसराम इवने ने शिकायत की थी। खेड़ी सांवलीगढ़ स्थित बैंक आफ महाराष्ट्र में खुले उसके जन धन खाते से चार माह (जून से अक्टूबर तक) में लगभग 1.5 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। पुलिस ने बैंक प्रबंधन के सहयोग से जांच शुरू की तो सात खातों से नौ करोड़ 84 लाख 95 हजार 212 रुपये का लेनदेन सामने आया। ये खाते बिसराम इवने, नर्मदा इवने, मुकेश उइके, नितेश उइके, राजेश बर्डे, अमोल और चंदन के थे। राजेश बर्डे का बैंकखाता उसकी मृत्यु के बाद भी संचालित किया जा रहा था। आरोपित पांच तरीकों से करते थे ठगी पुलिस ने अस्थायी बैंककर्मी राजा उर्फ आयुष चौहान को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने कई राज खोले। बताया कि इंदौर निवासी अंकित राजपूत के कहने पर वह ऐसे खाता धारकों की जानकारी दे देता था जो लंबे समय से लेनदेन करने नहीं आते थे। पुलिस ने गिरोह के सरगना इंदौर के नंदानगर निवासी अंकित राजपूत (32) और उसके साथी नरेन्द्र राजपूत (24) को भी गिरफ्तार किया है। तीनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधीक्षक जैन ने बताया कि आनलाइन ठगी के पांच माध्यम सामने आए हैं। इनमें गेमिंग एप, बैटिंग एप, क्रिप्टो करंसी फ्राड, फिशिंग फ्राड समेत अन्य आनलाइन ठगी माध्यम शामिल हैं।

CM योगी का संदेश: न्याय प्रत्येक नागरिक के लिए सुरक्षा और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करे

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज लखनऊ में आयोजित विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के 26वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल हुए, उन्होंने कहा वसुधैव कुटुम्बकम् यानी ‘पूरा विश्व एक परिवार है’ ( ‘The whole world is one family’ has been a basic philosophy of India for thousands of years.) यह हजारों वर्षों से भारत का मूल दर्शन रहा है। उन्होंने विश्व भर से आये मुख्य न्यायाधीशों का स्वागत करते हुए कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि यह सम्मेलन भारतीय संस्कृति के अनुरूप ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के भाव को फिर से पूरी दुनिया में मूर्त रूप से प्रस्तुत करने में सफल होगा। योगी आदित्यनाथ ने कहा ये सम्मेलन दुनिया के न्यायविदों के बीच दुनिया की मानवता के लिए संवाद का एक माध्यम है, जिन लोगों ने अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए और दुनिया में अशांति और अराजकता का वातावरण पैदा करना का सहस किया है उनके लिए भी एक माध्यम है। विश्व के न्यायाधीशों के सम्मेलन में बोले सीएम योगी, न्याय प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा, स्वावलंबन और उनके उन्नत भविष्य का आधार बनना चाहिए योगी ने कहा हमें हमें UN की उस घोषणा को कभी भूलना नहीं चाहिए की दुनिया की वास्तव में समस्या क्या है? और जब हम इसकी गहराई में जाते हैं तो हमें लगता है कि संवाद एक दूसरे के बीच में नहीं है, किन्हीं कारणों से स्वयं के वर्चस्व को स्थापित करने के लिए उस संवाद को बाधित किया गया। दुनिया कई चुनौतियों से जूझ रही है, समाधान संवाद से संभव  सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा हमने इस युग की सबसे बड़ी महामारी कोविड को झेला है , एक पुरानी कहावत है कि कहीं आग लगी हो और व्यक्ति उससे अपने आप को निश्चिन्त पाता है तो याद रखना वो आग एक दिन आपको भी नुकसान पहुंचा सकती है दुनिया आज जिस चुनौती से जूझ रही है चाहे जलवायु परिवर्तन हो , साइबर सुरक्षा हो या फिर आतंकवाद हो  यदि कोई भी देश कोई भी समाज इन मुद्दों से आँखें बंद कर दुनिया की मानवता के सामने संकट खड़ा करता है तो यह मानकर चलें कि ये संकट उसको भी एक दिन अवश्य निगल सकता है। मानवता की समस्या के समाधान का सन्देश यहां से देन संभव है   कोविड ने बता दिया कि आज की कोई भी समस्या एक देश की समस्या  ये दुनिया की समस्या होती है इसलिए दुनिया को मिलकर ही इसके समाधान का रास्ता निकालना पड़ेगा। दुनियाभर के न्यायविद जब यहाँ एकत्रित हुए हैं तो मानवता की समस्या के समाधान का रास्ता कैसे निकले इसका वे सन्देश इस सम्मेलन से दे सकते हैं  न्याय न केवल समता का, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा का उनके स्वावलंबन का और उनके उन्नत भविष्य का आधार बनना चाहिए।

84 साल का रिकॉर्ड टूटा: मध्यप्रदेश में शीतलहर, पचमढ़ी और अन्य शहरों में तापमान बेहद गिरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस नवंबर का मौसम अब तक रिकॉर्ड तोड़ रहा है। 6 नवंबर से शुरू हुई कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने प्रदेशवासियों की सांसें रोक रखी थीं। पचमढ़ी जैसे हिल स्टेशन में पारा 5.8 डिग्री तक गिर गया, जबकि बड़े शहरों जैसे भोपाल, इंदौर और जबलपुर में भी तापमान लगातार 10 डिग्री के नीचे बना रहा।हालांकि, हवाओं का रुख बदलने के साथ अब प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। लगातार गिरावट के बाद तापमान में हल्की वृद्धि होने लगी है, जिससे ठंड और शीतलहर से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार, रात में भोपाल में 9.6 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री, ग्वालियर में 12.8 डिग्री, उज्जैन में 11.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 11.1 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, छतरपुर के नौगांव में 8.5 डिग्री, खरगोन में 8.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 9 डिग्री और खंडवा में 9.4 डिग्रीर दर्ज किया गया। बाकी शहरों में भी पारे में गिरावट देखने को मिली है। इस बार प्रदेश में 6 नवंबर से ही कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो गया। प्रदेश का मालवा-निमाड़ सबसे ठंडा है। भोपाल में तो पिछले 10 दिन से कोल्ड वेव यानी, शीतलहर चल रही है। यहां अगले 2 दिन भी ऐसा ही मौसम बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को इंदौर, भोपाल, राजगढ़, शाजापुर और सीहोर में शीतलहर का अलर्ट है। कई जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को इंदौर, भोपाल, राजगढ़, सीहोर और शाजापुर में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, खंडवा और खरगोन में तेज शीतलहर का प्रभाव देखा गया। गुरुवार की रात का सबसे कम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस राजगढ़ में रिकॉर्ड किया गया। भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 12 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ। हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात का तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में दूसरा सबसे कम तापमान है। नवंबर के पहले सप्ताह में ही कड़ाके की ठंड इस बार नवंबर के पहले सप्ताह से ही प्रदेश में कड़ाके की ठंड है। स्थिति यह है कि रात का पारा लगातार नीचे जा रहा है। इस वजह से भोपाल में नवंबर की सर्दी का पिछले 84 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है। वहीं, इंदौर में 25 साल में सबसे ज्यादा सर्दी है। मौसम विभाग ने पूरे नवंबर में तेज ठंड का दौर बरकरार रहने का अनुमान जताया है। अगले दो दिन तक प्रदेश में शीतलहर का अलर्ट है। फिर शीतलहर से थोड़ी राहत मिल सकती है। 22 नवंबर को लो प्रेशर एरिया एक्टिव होगा 22 नवंबर से देश के दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दबाव का क्षेत्र) एक्टिव हो रहा है। इससे पहले प्रदेश में अगले 2 दिन तक शीतलहर का अलर्ट है। इस बार नवंबर में पहले सप्ताह में ही तेज ठंड प्रदेश में नवंबर में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। आम तौर पर दूसरे सप्ताह में कड़ाके की ठंड पड़ती है, लेकिन इस बार पहले सप्ताह से ही तेज ठंड का असर है। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। इस महीने औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है। जानिए, नवंबर में 5 बड़े शहरों का मौसम… भोपाल: इस बार टूट गया ओवरऑल रिकॉर्ड नवंबर में भोपाल में रात का तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है। पिछले 10 साल से ऐसा ही ट्रेंड रहा है। इस बार पहले सप्ताह से ही तेज ठंड का असर रहा। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में नवंबर में रात का तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंच चुका है। यह 30 नवंबर 1941 को दर्ज किया गया था, लेकिन इस साल 16 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री रहा। इस तरह नवंबर की सर्दी का ओवरऑल रिकॉर्ड बन गया है। यहां इस महीने बारिश होने का ट्रेंड भी है। 10 साल में तीन बार बारिश हो चुकी है। साल 1936 में महीने में साढ़े 5 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। दिन का तापमान और कोहरा दिन में अधिकतम तापमान उज्जैन में 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, जबलपुर के भेड़ाघाट में घना कोहरा छाया रहा। इस तरह, प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बेहद बदलता रहा। लो प्रेशर एरिया और भविष्य का पूर्वानुमान मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 22 नवंबर से दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया सक्रिय होने जा रहा है। भोपाल मौसम केंद्र के मुताबिक, मलक्का जलडमरूमध्य के ऊपर 5.8 किलोमीटर तक ऊपरी हवा चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। इसके प्रभाव से 22 नवंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह डिप्रेशन 24 नवंबर तक दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों में विकसित हो सकता है। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तरी-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए अगले 48 घंटों में और अधिक तीव्र होने की संभावना है। इस प्रभाव के चलते अगले 3-4 दिन प्रदेश में तापमान में हल्की वृद्धि देखने को मिलेगी। उसके बाद फिर से ठंड और शीतलहर का सिलसिला शुरू होने की संभावना है। इंदौर: 5.6 डिग्री तक जा चुका न्यूनतम पारा इंदौर में नवंबर में ठंड का असर रहता है। खासकर दूसरे सप्ताह से पारा तेजी से गिरता है। इस वजह से रातें ठंडी हो जाती हैं और टेम्प्रेचर 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। 25 नवंबर 1938 को पारा 5.6 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है। इंदौर में कभी-कभार बारिश भी हो जाती है। दिन में 31 से 33 डिग्री के बीच तापमान रहता है।   MP के शहरों में तापमान एमपी के इन शहरों में इतना टेम्प्रेचर शहर रात का तापमान राजगढ़ 7.5 पचमढ़ी (नर्मदापुरम) 7.6 गिरवर (शाजापुर) 7.8 शिवपुरी 8.0 नौगांव (छतरपुर) 8.3 खंडवा 8.4 नरसिंहपुर 8.8 खरगोन 9.0 उमरिया 9.0 रायसेन 9.6 छिंदवाड़ा 10.0 रतलाम 10.1 रीवा 10.1 मलाजखंड (बालाघाट) 10.7 मंडला 10.8 बैतूल 11.0 दतिया 11.3 गुना 11.4 खजुराहो (छतरपुर) 11.8 दमोह 12.0 धार 12.1 श्योपुर 12.4 सतना 12.4 सिवनी 12.6 सीधी 12.6 सागर 13.9 नर्मदापुरम 14.1 नोट: 19-20 नवंबर की रात का, डिग्री सेल्सियस में … 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MP में जुजुत्सु के अधिकारी गिरफ्तार, रोहिणी कलम सुसाइड केस में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी से प्रेम का मामला सामने आया

 देवास मध्य प्रदेश के देवास में एक जिउ-जित्सु ( jiu-jitsu ) ऑर्गनाइजेशन के सीनियर अफसर को 35 साल की एक इंटरनेशनल महिला  खिलाड़ी को परेशान करने और सुसाइड के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया.बैंक नोट प्रेस पुलिस स्टेशन के इंचार्ज अमित सोलंकी ने बताया कि जि-जित्सु प्लेयर रोहिणी कलम (35) ने 26 अक्टूबर को अपने घर में फांसी लगा ली. उन्होंने कहा कि कलाम के परिवार के बयानों और टेक्निकल सबूतों के आधार पर जांच से पता चला कि उनके कोच और मध्य प्रदेश जि-जित्सु एसोसिएशन के प्रेसिडेंट विजेंद्र खरसोदिया और वाइस-प्रेसिडेंट प्रीतम सिंह सोलंकी उन्हें मेंटली परेशान कर रहे थे. एथलीट की मौत के सिलसिले में दोनों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (सुसाइड के लिए उकसाना) और दूसरे जरूरी कानूनी नियमों के तहत मामला दर्ज किया गया और सोलंकी को गिरफ्तार कर लिया गया. खरसोदिया की तलाश शुरू कर दी गई है. प्राइवेट स्कूल में मार्शल आर्ट की कोच भी थी रोहिणी मार्शल आर्ट खिलाड़ी रोहिणी कलम के पिता महेश कलम बीएनपी के रिटायर्ड कर्मचारी हैं। रोहिणी आष्टा के निजी स्कूल में मार्शल आर्ट कोच थीं और वहीं रह रही थीं। उन्होंने 2007 में खेल जीवन की शुरुआत की थी। 2015 से पेशेवर रूप से जुजुत्सु में भाग लेने लगीं। वह जुजुत्सु संघ की महासचिव भी थीं। चार बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी थीं। उनकी आईपीएस बनने की इच्छा थीं। खरसोदिया कलम के कोच थे और उनकी देखरेख में उन्होंने नेशनल और इंटरनेशनल जि-जित्सु कॉम्पिटिशन में कई अवॉर्ड जीते थे. एक और पुलिस ऑफिसर ने FIR का जिक्र करते हुए कहा कि जून में कलाम के पेट के ट्यूमर की सर्जरी होने के बावजूद आरोपी उसे बार-बार फोन करके और ट्रेनिंग करने की मांग करके परेशान करते रहे. आरोप है कि दोनों कलम को उनकी इजाजत के बिना किसी भी कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने नहीं देते थे और उसकी मर्जी के खिलाफ हिस्सा लेने के लिए दबाव डालते थे. इस बीच, कलम परिवार ने देवास पुलिस की जांच से नाखुशी जताई है. रिपोर्टर्स से बात करते हुए कलम की छोटी बहन रोशनी ने कहा, "जब हमने अपनी बहन की आत्महत्या के खिलाफ प्रोटेस्ट करने की बात की, तभी पुलिस ने बुधवार को जल्दबाजी में केस दर्ज किया. मैं पुलिस की जांच से पूरी तरह नाखुश हूं और चाहती हूं कि सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) मेरी बहन की मौत की जांच करे." उन्होंने कहा कि खरसोदिया और सोलंकी कभी-कभी उनकी बहन की पर्सनल लाइफ में बहुत ज्यादा दखल देते थे और उन पर बेवजह दबाव डालते थे. परिजन ने आगे दावा किया कि उनकी गुजर चुकी बहन के कमरे से एक लैपटॉप और एक पेन ड्राइव गायब है और उनके परिवार को इस बारे में पता नहीं था. पुलिस की जांच- तनाव में थीं रोहिणी पुलिस जांच में सामने आया कि रोहिणी काफी तनाव में थीं। घटना वाले दिन भी आत्महत्या से पहले रोहिणी की प्रीतम सिंह से फोन पर बात हुई थी। इसके बाद ही यह कदम उठाया। परिवार का कहना है कि 26 अक्टूबर को कोच विजेंद्र खरसोदिया ने रोहिणी की छोटी बहन को फोन किया। बताया था कि रोहिणी के कमरे में देखो, कुछ करने वाली है। बहन कमरे में पहुंची, तो बाहर से दरवाजा बंद था। दरवाजा तोड़कर देखा तो वह फंदे पर लटकी थी। बहन ने शोर मचाया तो अन्य लोग पहुंचे और से फंदे से नीचे उतारा। उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पता चला कि घटना की जानकारी मिलते ही कोच भी बेसुध हो गया था। बीपी बढ़ने के कारण वह दो दिन तक निजी अस्पताल में भर्ती रहा था। कोचिंग के दौरान प्रीतम से मुलाकात पुलिस के अनुसार 26 अक्टूबर को रोहिणी की मौत की सूचना मिली थी। पूछताछ में परिवार ने बताया कि रोहिणी कलम वर्ष 2009-10 से जुजुत्सु (मार्शल आर्ट्स) की ट्रेनिंग के लिए यूनिवर्सल मार्शल आर्ट्स अकेडमी जॉइन किया था। बाद में उसने M.Ped तक पढ़ाई की। अकेडमी में विजेंद्र खरसोदिया उसके कोच थे। रोहिणी ने मार्शल आर्ट्स में नेशनल, इंटरनेशनल अवॉर्ड जीते। साल 2022-2023 में म.प्र. जुजुत्सु संघ के महासचिव भी रही, जिसमें विजेंद्र खरसोदिया अध्यक्ष (कोच) हैं। इसी दौरान दो साल पहले रोहिणी की प्रीतम सिंह सोलंकी निवासी हाटपिपल्या देवास से पहचान हुई। प्रीतम सिंह भी म.प्र. जुजुत्सु संघ में उपाध्यक्ष था और अभी भी उसी पद पर है। रोहिणी की उसके कोच विजेंद्र खरसोदिया और प्रीतम सिंह सोलंकी से फोन पर बात होती थी। रोहिणी को मई महीने में पेट में तेज दर्द होने लगा था, तो विजेंद्र सिंह उसे इंदौर में डॉक्टर के पास ले गए थे, जहां डॉक्टर ने पेट में गठान होना बताया था। रोहिणी का जून महीने में ऑपरेशन हुआ था, जिसके बाद वह घर पर ही रहकर आराम कर रही थी। मर्जी से कहीं नहीं जा सकती थी रोहिणी परिजनों का आरोप- मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर सुसाइड किया परिवार ने बताया कि डॉक्टर ने उसे आराम करने के लिए बोला था, लेकिन उसके कोच विजेंद्र खरसोदिया और प्रीतम सिंह बार-बार फोन करके परेशान करते थे। ऑपरेशन के बाद भी कोच उसे ट्रेनिंग दिलाने के लिए बुलाते रहते थे। उस पर दबाव बनाकर रखते थे। बिना पूछे कहीं भी जाने नहीं देते थे। उन्हें जहां लेकर जाना होता था, वहां रोहिणी की मर्जी के बिना भी लेकर चले जाते थे। प्रीतम कभी भी उसे फोन लगाता रहता था। रोहिणी अगर प्रीतम का फोन नहीं उठाती, तो वह घर के अन्य सदस्य को फोन करके पूछता रहता था। रोहिणी को जब नैनीताल के टूर्नामेंट के लिए जाना था, तब वह फोन पर बात करते हुए कह रही थी कि प्रीतम को पता नहीं चलना चाहिए कि वह नैनीताल जा रही है, नहीं तो वह भी आ जाएगा। उनकी बातों से यह तो पक्का था कि वह रोहिणी के पीछे पड़ा था, लेकिन वह उससे दूर भाग रही थी। रोहिणी ने भी यह बात घर पर बताई थी कि वह उसके कोच और प्रीतम से परेशान हो गई है। कोच विजेंद्र खरसोदिया और प्रीतम सिंह से मानसिक रूप से प्रताड़ित होकर रोहिणी ने सुसाइड किया है।

धनबाद में ED ने की रेड, कारोबारी ने रोकने के लिए छोड़े कुत्ते; थैलों में मिले भारी नोट और ज्वेलरी

रांची  केन्द्रीय जांच एजेंसी ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय (Directorate of Enforcement/ED) ने झारखंड (Jharkhand) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) में कोयला माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई में बड़े खुलासे हुए हैं. 21 नवंबर की सुबह करीब साढ़े पांच बजे ही इस सर्च ऑपरेशन के दौरान झारखंड के 18 लोकेशन पर दबिश दी गई, जिसके बाद कोयला माफियाओं के बीच यह खबर चर्चा का विषय बन गया. काफी समय के बाद इतने बड़े स्तर पर कोयला माफियाओं के खिलाफ सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया गया है. कोयला माफियाओं के यहां से बड़ी मात्रा में नकदी और ज्‍वेलरी बरामद की गई हैं. जांच एजेंसी के सूत्र बताते हैं कि झारखंड के 18 लोकेशन और उसी वक्त पश्चिम बंगाल के करीब 24 से अधिक लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई प्रारंभ की गई. इन कोयला माफियाओं का आपस में काफी करीबी संबंध बताया जा रहा है, जिसका आपस में कई राज्यों में अपना नेटवर्क है. इसके मार्फत वो अपना काला साम्राज्य चलाते हैं. इसी काले नेटवर्क को तोड़ने के लिए जांच एजेंसी ईडी द्वारा बड़े पैमाने पर दो राज्यों में सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया गया है. एजेंसी के सूत्र बताते हैं कि जांच के शुरुआती चरण में ही काफी महत्वपूर्ण सबूतों और इलेक्ट्रोनिक एविडेंस को कई लोकेशन से इकठ्ठा किए गए हैं. इसके आधार पर अब जांच का दायरा काफी आगे बढ़ने वाला है. धनबाद में भी एक्‍शन झारखंड की कोयला राजधानी के तौर पर चर्चित धनबाद के कई कोल माफियाओं के यहां सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है. धनबाद में लाल बहादुर सिंह का नाम भी शामिल है. बड़े स्तर के कोयला कारोबारी के यहां जब जांच एजेंसी की टीम पहुंची तब आसपास काफी संख्या में लोग इकठ्ठा होने लगे. लिहाजा पहले से ही मुस्तैद जांच एजेंसी की टीम अर्धसैनिक बल के जवानों की संख्या में और ज्यादा बढ़ोतरी कर दी, ताकि कानून व्यवस्था बरकरार रहे. सूत्र बताते हैं कि धनबाद स्थित देव विला इलाके में पहले भी अन्य एजेंसी द्वारा दबिश दी गई थी, लेकिन आरोपियों के इशारे पर काफी संख्या में लोग इकट्ठे हो जाते थे और जांच एजेंसी की टीम को परेशान कर उन्हें प्रभावित करने का प्रयास करते थे. इस बार ईडी की टीम मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के साथ लोकेशन पर पहुंची और अपने स्तर पर जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है. हर तरफ मची खलबली जांच एजेंसी के सूत्र की मानें तो 21 नवंबर को जब ये सर्च ऑपरेशन स्टार्ट हुआ तब कोल माफियाओं के बीच खलबली मच गई. ऐसा माना जाता है कि उनके कनेक्शन कई राजनीतिक हस्तियों सहित अन्य प्रभावशाली लोगों के साथ हैं. ईडी द्वारा कोलकाता के सॉल्टलेक जैसे प्राइम लोकेशन में रहने वाले आरोपी नरेंद्र खड़का (Narendra Kharka ) के कोलकाता, दुर्गापुर सहित कई लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया गया. इसके साथ ही अन्य कोल माफियाओं के हावड़ा, दुर्गापुर, आसनसोल, पुरुलिया, वर्धमान में भी सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया गया. सूत्र बताते हैं कि पश्चिम बंगाल में चर्चित कोल माफिया (कृष्ण मुरारी, युधिष्ठिर घोष, परवेज आलम सिद्दकी) के आवास सहित अन्य लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया गया. ED टीम को रोकने के लिए कारोबारी ने छोड़े पालतू कुत्ते प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध कोयला खनन और परिवहन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में झारखंड और पश्चिम बंगाल में 40 से अधिक जगहों पर एक समन्वित और बड़ी कार्रवाई शुरू की है. कोयला कारोबार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सबसे पहले आज धनबाद में बड़ी कार्रवाई की. ईडी की टीम ने तड़के सुबह कोल कारोबारी एल.बी. सिंह के आवास और उनसे जुड़े प्रतिष्ठानों पर एकसाथ छापेमारी शुरू की. जानकारी के अनुसार, ईडी की टीम ने धनबाद में देव बिला क्षेत्र सहित कुल 18 ठिकानों पर दबिश दी है.  एक अधिकारी ने बताया कि ये सर्च ऑपरेशन कोयला चोरी और स्मगलिंग के कई बड़े मामलों से जुड़े हैं, जिसमें अनिल गोयल, संजय उद्योग, एलबी सिंह और अमर मंडल के मामले शामिल हैं. इन मामलों में कुल मिलाकर कोयले की बड़ी चोरी और चोरी शामिल है, जिससे सरकार को सैकड़ों करोड़ का भारी फाइनेंशियल नुकसान हुआ है. पने पालतू कुत्तों को छोड़ दिया. कुत्ते परिसर में घूम रहे हैं और ईडी अफसरों को घर में घुसने से रोके हुए हैं, जबकि एल.बी. सिंह घर के अंदर से बाहर नहीं निकल रहे हैं. यह घटना ईडी की कार्रवाई में बाधा डालने के प्रयास को दर्शाती है. ईडी के अधिकारी अब कानूनी और सुरक्षात्मक उपायों के तहत परिसर में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि छापेमारी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके. बंगाल में भी छापेमारी इसके अलावा, ईडी कोलकाता, दुर्गापुर, पुरुलिया और हावड़ा जिलों में अवैध कोयला खनन, गैर-कानूनी ट्रांसपोर्टेशन और कोयले के स्टोरेज से संबंधित मामलों में 24 स्थानों पर तलाशी ले रहा है. इस कार्रवाई के तहत जिन लोगों से जुड़ी जगहों को कवर किया जा रहा है, उनमें नरेंद्र खरका, अनिल गोयल, युधिष्ठिर घोष, कृष्ण मुरारी कयाल और अन्य शामिल हैं. यह कार्रवाई झारखंड और पश्चिम बंगाल में सक्रिय कोयला माफियाओं के खिलाफ ईडी की व्यापक कार्रवाई का हिस्सा है. 

नई बिहार सरकार में बीजेपी ने जेडीयू को पीछे छोड़ा, मंत्रियों की संख्या में हासिल बढ़त

 नई दिल्ली बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में एनडीए सरकार बन गई है. नीतीश कुमार ने सीएम, तो सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली. नीतीश कैबिनेट में दोनों डिप्टी सीएम सहित 26 मंत्री बनाए गए हैं, जिसमें जेडीयू से ज्यादा बीजेपी कोटे से मंत्री बने हैं. इस तरह मंत्रिमंडल के नंबर गेम में फिलहाल बीजेपी आगे निकल गई है. क्या मंत्रियों को विभागों के बंटवारे में भी बीजेपी अपनी गठबंधन सहयोगी जेडीयू पर भारी पड़ेगी या फिर नीतीश कुमार का रहेगा होल्ड? नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी एनडीए सरकार में फिलहाल 26 मंत्री बनाए गए हैं. बीजेपी कोटे से 14 मंत्री, जेडीयू से 8 मंत्री, एलजेपी (आर) के 2, आरएलएम और हिंदुस्तान आवाम मोर्चा से एक-एक मंत्री बने हैं. ऐसे में कैबिनेट के गठन में जेडीयू से करीब दोगुना मंत्री बीजेपी के बनाए गए हैं. हालांकि, नीतीश सरकार में 9 मंत्री पद अभी भी खाली है, जिन्हें बाद में भरा जाएगा. बिहार में एनडीए सरकार के शपथ ग्रहण के बाद अब बारी मंत्रालय के विभागों के बंटवारे की है. नीतीश सरकार में कौन सा मंत्रालय किस मंत्री को मिलेगा, इस पर लोगों की निगाहें लगी हुई हैं. खासकर गृह, वित्त, ऊर्जा, स्वास्थ्य, लोक निर्माण जैसे मंत्रालय को हाईवेट माना जाता है. बीजेपी मंत्रियों के नंबर गेम में जिस तरह से आगे निकली है, क्या उसी तरह से विभागों के बंटवारे में भी उसका वर्चस्व बरकरार रहेगा? अध्यक्ष पद के लिए जेडीयू और बीजेपी के बीच खींचतान कई दिनों तक चलती रही. बाद में स्पीकर पोस्ट बीजेपी के हिस्से में जाने की बात सामने आई है. माना जा रहा है कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार को स्पीकर बनाया जा सकता है, क्योंकि उन्होंने गुरुवार को मंत्री पद की शपथ नहीं ली. अब बारी मंत्रालय के विभागों के बंटवारे की है. ऐसे में सबसे ज्यादा निगाहें गृह और वित्त मंत्रालय पर है. नीतीश क्या गृह मंत्रालय अपने पास रखेंगे नीतीश कुमार बिहार की सत्ता जब से संभाल रहे हैं, तब से गृह मंत्रालय अपने पास रखे हुए हैं. विधानसभा चुनाव नतीजे आने के बाद से ही गृह विभाग को लेकर बीजेपी और जेडीयू दोनों ही दावे कर रही हैं. 2024 में नीतीश महागठबंधन से नाता तोड़कर दोबारा से एनडीए के साथ आए थे तो उस समय शपथ ग्रहण के पांच दिनों के बाद तक विभागों का बंटवारा नहीं हो सका था. बीजेपी की लाख कोशिश के बावजूद नीतीश कुमार गृह विभाग अपने पास रखने में कामयाब रहे थे. गृह मंत्रालय के जरिए ही नीतीश कुमार ने सुशासन बाबू वाली अपनी छवि बनाने में कामयाब रहे. नीतीश कुमार इसी यूएसपी के सहारे आरजेडी के जंगल राज के तिलिस्म को तोड़ा. कानून-व्यवस्था,पुलिस प्रशासन और भ्रष्टाचार नियंत्रण जैसे मामलों पर सीधी पकड़ रखने के लिए गृह विभाग को छोड़ना नहीं चाहते हैं. बीजेपी की नजर लंबे समय से इसी गृह विभाग पर है, जिसे लेकर 2024 में जेडीयू के साथ कई दिनों तक बार्गेनिंग करती रही. उस समय बात नहीं बनी, लेकिन अब देखना है कि इस बार गृह मंत्रालय किसे मिलता है. स्वास्थ्य, वित्त और शिक्षा मंत्रालय पर नजर गृह मंत्रालय ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य, वित्त, शिक्षा और लोक निर्माण जैसे हाईवेट मंत्रालय पर भी लोगों की नजर है. नीतीश कुमार 2005 से ही गृह मंत्रालय अपने पास रखते हैं तो वित्त मंत्रालय बीजेपी कोटे से बनने वाले डिप्टीसीएम को देती रही है. पहले सुशील मोदी के पास रहा और उसके बाद तारकिशोर प्रसाद और फिर सम्राट चौधरी को मिला. हालांकि, महागठबंधन सरकार के दौरान वित्त मंत्री का जिम्मा जेडीयू के विजय चौधरी के पास रहा. 2024 में नीतीश दोबारा से एनडीए में वापसी किए तो माना जा रहा है था कि वित्त जेडीयू के खाते में रहेगा और बदले में शिक्षा बीजेपी के पास रहेगी. बीजेपी ने वित्त विभाग को प्राथमिकता दी और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को वित्त मंत्रालय मिला था. ऐसे में वित्त मंत्रालय पर बीजेपी और जेडीयू दोनों की नजर है, लेकिन सियासी पैटर्न देखें तो बीजेपी के हिस्से में जा सकता है. बीजेपी-जेडीयू के पास कौन-कौन मंत्रालय थे बिहार की एनडीए सरकार में बीजेपी के पास वित्त, नगर विकास और आवास, स्वास्थ्य, खेल, पंचायती राज, उद्योग, पशु एवं मत्सय संसाधन,विधि, सहकारिता, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, पर्यटन, कृषि, पथ निर्माण, भूमि सुधार, गन्ना उद्योग, खान एवं भूतत्व, श्रम संसाधन, कला, संस्कृति और युवा, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण जैसे विभाग थे. वहीं, जेडीयू के पास फिलहाल सामान्य प्रशासन, गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन, जल संसाधन, संसदीय कार्य, भवन निर्माण और परिवहन, शिक्षा, सूचना और जन संपर्क, ऊर्जा, योजना और विकास, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, ग्रामीण कार्य, अल्पसंख्यक कल्याण, ग्रामीण विकास, समाज कल्याण, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्रालय थे. जीतनराम मांझी की पार्टी को सूचना प्रौद्योगिकी, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग मिला था. कैबिनेट में किसे मिलेगा कौन सा विभाग नीतीश कुमार ने अपनी सरकार में जेडीयू कोटे से भी पुराने और अनुभवी चेहरों को मंत्री बनाया है जबकि बीजेपी ने अपने कई पुराने चेहरे को ड्राप करके उनकी जगह नए फेस को मंत्री बनाया है. ऐसे में हाई प्रोफाइल मंत्रालय पर जेडीयू अपना दावा करेगी. अभी तक के पैटर्न के लिहाज से राजस्व, सहकारिता, पशु एवं मत्स्य संसाधन, विधि, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण,उद्योग, पर्यटन और पथ निर्माण बीजेपी को मिल सकता है. जेडीयू के खाते में कृषि, खान एवं भूतत्व, जल संसाधन, संसदीय कार्य, ऊर्जा, योजना एवं विकास, विज्ञान एवं प्रावैधिकी, तकनीकी शिक्षा, ग्रामीण विकास, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण जैसे मंत्रालय मिल सकते हैं. हालांकि, बीजेपी चाहती है कि गृह और शिक्षा उसके पास आ जाए, इसके बदले वह स्वास्थ्य और वित्त जैसे विभाग छोड़ने को तैयार है. ऐसे में देखना होगा कि बिहार के बदले हुए माहौल में कौन मंत्रालय का जिम्मा किसे मिलता है?