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चुनाव आयोग की सख्ती के बाद मध्यप्रदेश ने डिजिटाइज किए 9.72% गणना पत्रक, गोवा रही सबसे आगे

भोपाल  मध्यप्रदेश में चुनाव आयोग की सख्ती के बाद अब तक कुल 9.72 प्रतिशत गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है। चुनाव आयोग द्वारा इसको लेकर रोज की जा रही समीक्षा के आधार पर एमपी का नम्बर देश के 12 राज्यों में कराई जा रही एसआईआर की कार्यवाही में छठे स्थान पर।  चुनाव आयोग द्वारा सोमवार को दोपहर बाद तीन बजे तक की स्थिति में जारी गणना पत्रक वितरण और डिजिटाइजेशन की रिपोर्ट के अनुसार देश के राज्य 12 राज्यों में कराई जा रही एसआईआर की कार्यवाही में मध्य प्रदेश का परफॉर्मेंस छठे स्थान पर है। चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर गणना पत्र के वितरण और गणना पत्र के डिजिटाइजेशन को लेकर जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्य प्रदेश में गणना पत्रक वितरण 99.63% और डिजिटाइजेशन की कार्रवाई 9.72% हुई है। रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश में 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 वोटर्स में से 5 करोड़ 71 लाख 94 हजार 700 वोटर्स को गणना पत्रक बांटे जा चुके हैं। इसके साथ ही 55 लाख 81 हजार 488 गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है। देश के 12 राज्यों में की जा रही एसआईआर की कार्रवाई की तुलनात्मक रिपोर्ट से पता चलता है कि मध्य प्रदेश की प्रोग्रेस छठे स्थान पर है और सबसे अच्छी स्थिति गोवा की है जहां 100% गणना पत्रक वितरण और 35.74% डिजिटाइजेशन का काम हो चुका है। इसके बाद राजस्थान में 98.85% गणना पत्रक बांटे जा चुके हैं और 27.84% डिजिटाइजेशन किया जा चुका है। तीसरे नंबर पर लक्षद्वीप है जहां 100% गणना पत्रक वितरण और 19.64% डिजिटाइजेशन किया जा चुका है। पुडुचेरी चौथे स्थान पर है जहां 94.35 प्रतिशत गणना पत्रक बांटे गए हैं और 18.79 प्रतिशत डिजिटाइजेशन किया जा चुका है। 50 करोड़ 97 लाख मतदाताओं की हो रही SIR चुनाव आयोग की रिपोर्ट के अनुसार 12 राज्यों के 50 करोड़ 97 लाख 84 हजार 423 वोटर्स में से 50 करोड़ 11 लाख 75 हजार 907 मतदाताओं को गणना पत्रक बांटे जा चुके हैं। इनमें से चार करोड़ 42 लाख 64 हजार 69 मतदाताओं की गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है जो कुल मतदाता संख्या का 8.68 प्रतिशत है। सभी 12 राज्यों में गणना पत्रक वितरण का प्रतिशत 98.32 है। क्या है गणना पत्रक चुनाव आयोग के आदेश पर प्रदेश के सभी जिलों में गणना पत्रक बांटे जाने का काम बीएलओ कर रहे हैं। बीएलओ जो गणना पत्रक बांट रहे हैं, उसमें तय फार्मेट में चुनाव आयोग मतदाताओं का वेरिफिकेशन करा रहा है। इसमें 2003 में हुई एसआईआर के आधार पर वर्तमान मतदाता के माता-पिता, परिजनों, रिश्तेदारों की मतदाता सूची संख्या के आधार पर वेरिफिकेशन किया जा रहा है। इस रिपोर्ट के आधार पर शिफ्ट हुए, मृत हो चुके मतदाताओं की पहचान कर मतदाता सूची को फाइनल किया जाएगा। एसआईआर में टिमरनी के बीएलओ का काम 100 प्रतिशत पूर्ण उधर संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी आरपीएस जादौन ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण SIR–26 के अंतर्गत, विधानसभा क्षेत्र 134 टिमरनी के भाग संख्या 68, ग्राम खरतलाय में नियुक्त बूथ लेवल ऑफिसर हंस कुमार दिलारे द्वारा सारा कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण किया गया है। यह भी उल्लेखनीय है कि जिला हरदा में सर्वप्रथम 100% कार्य पूर्ण करने का दायित्व ग्राम खरतलाय में रोजगार सहायक पद पर नियुक्त BLO द्वारा सफलतापूर्वक पूरा किया गया है, जो सराहनीय है।

उज्जैन के पत्रकारों ने पत्रकारिता जगत के प्रेरणास्रोत

डॉ. नवीन आनंद जोशी, अध्यक्ष – मध्य प्रदेश प्रेस क्लब का किया सम्मान उज्जैन पत्रकारिता की तपस्विनी भूमि उज्जैन में उस समय गरिमा और गौरव का वातावरण सृजित हो उठा, जब प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार और मध्य प्रदेश प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. नवीन आनंद जोशी का सम्मान स्थानीय पत्रकारों द्वारा बड़े आदर एवं उत्साह के साथ किया गया। समारोह में उपस्थित पत्रकार साथियों ने डॉ. जोशी को न केवल अपनी शुभकामनाएँ दीं, बल्कि यह संकल्प भी दोहराया कि देश–प्रदेश के पत्रकारों के विरुद्ध होने वाले शोषण, अन्याय और दमन के प्रत्येक प्रयास के सामने वे एकजुट होकर खड़े रहेंगे। डॉ. जोशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि पत्रकार की कलम सिर्फ शब्द नहीं लिखती, वह समाज के अधिकारों की रक्षा की प्रहरी भी है। जब कभी सत्ता या व्यवस्था अन्याय के पक्ष में झुके, तब पत्रकार का साहस ही सच की लौ को जलाए रखता है। उन्होंने यह भी आह्वान किया कि"कलम की धार जितनी पैनी होगी, संघर्ष की राह उतनी ही उज्ज्वल बनेगी; पर आवश्यकता पड़े तो पत्रकार समाज तलवार की तरह तेज होकर भी खड़ा हो — क्योंकि सच की रक्षा के लिए दोनों ही आवश्यक हैं।" उज्जैन के पत्रकारों ने यह भरोसा दिलाया कि वे हर परिस्थिति में प्रेस क्लब और पत्रकार बिरादरी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे, ताकि सत्य, स्वतंत्रता और जनतंत्र की आवाज़ कभी कमजोर न पड़े। हमने कलम को दिया है जुनून का उजाला, अन्याय की दीवारों पर लिखा है हर दर्द का लफ़्ज़ निराला। जो चल पड़ा है सच की राह, उसे रोक न पाएगा कोई ज़माना — कलम भी हमारी हथियार, और हौसला हमारी चमकती तलवार का पाला। जहाँ हक़ की पुकार दबाने की कोशिश होगी, वहाँ हम आवाज़ बनकर उठ खड़े होंगे बार–बार; हम पत्रकार हैं, सच के सिपाही — कलम से भी लड़ेंगे, और ज़रूरत पड़ी तो हक़ की लड़ाई तलवार-सी धार।

आयोग ने एसआईआर के दौरान दस्तावेज़ प्रस्तुत करने के नियम स्पष्ट किए

एसआईआर के दौरान दस्तावेज प्रस्तुति के संबंध में आयोग द्वारा निर्धारित किए गए नियमों को किया स्पष्ट भोपाल  भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2025 की प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और मतदाता–हितैषी बनाने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने यह सुनिश्चित किया है कि Enumeration Phase के दौरान किसी भी मतदाता को अनावश्यक कागज़ी प्रक्रिया या दस्तावेज़ प्रस्तुत करने की आवश्यकता न पड़े। इसी उद्देश्य से आयोग ने निम्नलिखित नियम अनिवार्य रूप से लागू किए हैं:         1. Enumeration Phase में किसी भी मतदाता से कोई भी दस्तावेज़ (जैसे जन्म प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण, पहचान पत्र आदि) नहीं लिया जाएगा।         BLO का कार्य केवल घर–घर जाकर भौतिक उपस्थिति की पुष्टि करना और उपलब्ध जानकारी को फॉर्म में दर्ज करना है।         2. ERO द्वारा दस्तावेज़ केवल तभी माँगे जाएंगे जब Draft Roll प्रकाशित होने के बाद किसी मतदाता की उपलब्ध जानकारी, Declaration या Enumeration Form या डेटाबेस से मेल न खाती हो।         3. जिन मतदाताओं या उनके माता–पिता का नाम राज्य की अंतिम Intensive Revision सूची (2003 या उससे पहले) में दर्ज है, ऐसे सभी मतदाताओं को ‘Pre-validated’ पूर्व-सत्यापित माना गया है। ऐसे मतदाताओं से BLO द्वारा किसी भी प्रकार के प्रमाण–पत्र या दस्तावेज़ की माँग नहीं की जाएगी। BLO केवल वर्तमान निवास की पुष्टि करेगा। आयोग का उद्देश्य नागरिकों को सरलीकृत, सुगम और भरोसेमंद प्रक्रिया उपलब्ध कराना है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता दस्तावेज़ों की कमी, भ्रम या अनावश्यक औपचारिकताओं के कारण मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।  

अल फलाह ट्रस्ट पर ED का बड़ा एक्शन, केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं दिल्ली-फरीदाबाद में छापेमारी

 नई दिल्ली प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार सुबह दिल्ली के ओखला इलाके में स्थित अल-फलाह ट्रस्ट और फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े कई ठिकानों पर बड़े स्तर पर छापेमारी की. ये छापे मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के एक मामले में हो रहे हैं, जिसमें यूनिवर्सिटी और इसके मालिकों-प्रबंधकों पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं. सूत्रों के मुताबिक, ED ने अल-फलाह ट्रस्ट के ओखला स्थित मुख्यालय, यूनिवर्सिटी कैंपस और संचालकों के निजी आवास समेत 25 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. दिल्ली के जामिया नगर, ओखला विहार और फरीदाबाद के सेक्टर-22 स्थित कैंपस में ED की टीमें सुबह से ही तैनात हैं. साथ ही ईडी ने अल फलाह और उसके मालिकों से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं को लेकर पीएमएलए का मामला दर्ज किया है. कई ठिकानों पर छापेमारी सूत्रों के मुताबिक, ED की टीम दस्तावेज, बैंक खातों की डिटेल, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल डिवाइस को जब्त कर लिया है. छापेमारी अभी जारी है और शाम तक और ठिकानों पर दबिश पड़ने की संभावना है. वहीं, ईडी की कार्रवाई को देखते हुए दिल्ली पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है. अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच एजेंसी के सूत्रों का कहना है कि जल्द ही बड़े खुलासे हो सकते हैं. ED ने कुछ महीने पहले ही अल-फलाह यूनिवर्सिटी और इसके मालिकों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत केस दर्ज किया था. आरोप है कि यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट के नाम पर करोड़ों रुपये की अवैध फंडिंग की गई, विदेशी डोनेशन के नियमों का उल्लंघन हुआ और संपत्तियों के गलत इस्तेमाल के जरिए काले धन को सफेद किया गया.

मुख्यमंत्री योगी देंगे आधुनिक क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला की सौगात

सीएम योगी देंगे उच्चीकृत क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला की सौगात 72.78 करोड़ रुपये की परियोजना का मंगलवार को लोकार्पण करेंगे मुख्यमंत्री गोरखपुर  पुलिसिंग को अत्याधुनिक बनाने में जुटे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर को उच्चीकृत क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला की सौगात देंगे। वह मंगलवार (18 नवंबर) को गोरखपुर में शास्त्री चौक के समीप, जिला अस्पताल रोड पर 72.78 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के नवीन उच्चीकृत भवन का लोकार्पण करेंगे। अब यह प्रयोगशाला बी श्रेणी से अपग्रेड होकर ए श्रेणी की हो गई है। लोकार्पण का समारोह पूर्वाह्न 11 बजे से होगा।  गोरखपुर में स्थापित क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के भवन को उच्चीकृत कर छह मंजिला बनाया गया है। इसके साथ ही अब यहां फोरेंसिक जांच सुविधाओं का विस्तार हो जाएगा। उच्चीकृत लैब की बिल्डिंग में लैपटॉप, मोबाइल, सीसीटीवी के डाटा स्टोरेज की रिकवरी के साथ आवाज संबंधी फोरेंसिक जांच भी होगी। आग्नेय अस्त्र और विस्फोटक पदार्थों की जांच की भी मॉडर्न सुविधा उपलब्ध होगी। गृह विभाग के इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम ने कराया है।

बालाघाट में पुलिस का एकल सुविधा केन्द्र बना बदलाव का माध्यम, नक्सल प्रभावित क्षेत्र लाभान्वित

बालाघाट पुलिस द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संचालित एकल सुविधा केन्द्र की उल्लेखनीय सफलता एकल सुविधा केन्द्र के रोजगार मेले में 105 युवाओं को मिला रोजगार युवको ने हैदराबाद में किया प्रशिक्षण पूर्ण, L&T कंपनी ने देशभर के शहरों में किया पदस्थ भोपाल बालाघाट पुलिस द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें स्वरोजगार एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित “एकल सुविधा केन्द्र” लगातार महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ दर्ज कर रहा है। इसी क्रम में 36वीं बटालियन, कनकी में दिनांक 9 से 11 सितम्बर 2025 तक तीन दिवसीय रोजगार मेला आयोजित किया गया था, जिसमें लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (Larsen & Toubro Ltd.) द्वारा 105 युवाओं का प्रथम चरण में टेक्नीशियन पद पर चयन किया गया। कंपनी द्वारा चयनित सभी युवाओं को हैदराबाद में दो माह का निशुल्क प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें रहने, भोजन एवं यात्रा की संपूर्ण व्यवस्था भी कंपनी द्वारा ही की गई थी। अब इन सभी 105 युवाओं ने अपने प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है तथा उन्हें देश के विभिन्न बड़े शहरों में L&T कंपनी के तकनीशियन के रूप में पदस्थ कर किया गया है। इनमें मुंबई, पुणे, चेन्नई, बंगलुरु, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे औद्योगिक केंद्र शामिल हैं। यह उपलब्धि न केवल इन युवाओं के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि पूरे बालाघाट जिले के लिए प्रेरणास्रोत उदाहरण भी है। “एकल सुविधा केन्द्र” की यह पहल युवाओं को न केवल रोजगार दिलाने का माध्यम है, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक ठोस कदम भी है। पुलिस प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले समय में ऐसे रोजगार मेलों का नियमित आयोजन किया जाए ताकि अधिक से अधिक युवाओं को राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार के अवसर प्राप्त हों सकें। साथ ही, प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित की जाए जिससे वे स्थायी आजीविका की दिशा में अग्रसर हों। इस पहल ने बालाघाट पुलिस की छवि को केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था के रूप में ही  नहीं, बल्कि एक सामाजिक संरक्षक और विकास सहयोगी संस्था के रूप में स्थापित किया है। इस सफलता के साथ “एकल सुविधा केन्द्र” ने यह सिद्ध कर दिया है कि पुलिस और समाज के संयुक्त प्रयासों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, समृद्धि और विकास का नया अध्याय लिखा जा सकता है।  

पर्यटक आकाशवाणी के जरिए धर्म, आध्यात्म और संस्कृति से होगें अवगत

योगी सरकार की पहल से काशी में मंदिर मार्ग पर गुंजेगी ऊं नम: शिवाय की ध्वनियां पर्यटक आकाशवाणी के जरिए धर्म, आध्यात्म और संस्कृति से होगें अवगत आकाशवाणी के जरिये वैदिक मंत्रोच्चार से गुंजायमान होगी मंदिर की गलियां कालभैरव मंदिर के मार्ग पर ॐ तथा ॐ नमः शिवाय की ध्वनि पहले से गूंज रही है  वाराणसी    काशी में आने वाले पर्यटक आकाशवाणी के माध्यम से यहाँ के धर्म, अध्यात्म, संस्कृति और ऐतिहासिक महत्व की जानकारियां सुन सकेंगे। योगी सरकार द्वारा इस योजना के तहत, काल भैरव मंदिर चौराहा से मैदागिन चौराहा और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से होते हुए गोदौलिया चौराहा से दशाश्वमेध घाट तक एक विशेष ऑडियो सिस्टम स्थापित किए जाने की योजना है।  मंदिर मार्ग पर गुंजेगी ऊं नम: शिवाय की ध्वनियां इस प्रणाली के माध्यम से अनवरत मंत्रोच्चारण, धार्मिक ध्वनियाँ एवं काशी से सम्बन्धित जानकारियाँ प्रसारित की जाएंगी। जबकि काल भैरव मंदिर के मार्ग पर ॐ तथा ॐ नमः शिवाय की ध्वनि गूंज रही है। यह परियोजना न केवल श्रद्धालुओं को एक आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कराएगी बल्कि काशी की प्राचीन परंपराओं को भी आधुनिक तकनीक के माध्यम से जीवंत बनाए रखने का कार्य करेगी। वाराणसी शहर के 18 चिन्हित स्थानों के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव काशी में उत्तरवाहिनी गंगा के किनारे द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रधान ज्योतिर्लिंग श्री काशी विश्वनाथ विराजमान है। शिव की त्रिशूल पर बसी काशी का कण-कण पौराणिक कथा से जुड़ा हैं, अब काशी की प्रमुख कथा व जानकारियां ऑडियो सिस्टम से प्रसारित की जाएगी। वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने बताया कि सरकार द्वारा निर्धारित एक्शन प्लान फॉर काशी एण्ड सारनाथ के अंतर्गत वाराणसी शहर के 18 चिन्हित स्थानों के सौंदर्यीकरण एवं सार्वजनिक अनुभव को बेहतर करने के लिए कई कार्य प्रस्तावित हैं। इसमें से एक काल भैरव मंदिर चौराहा से मैदागिन चौराहा, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर गेट सं-4 वाया गोदौलिया चौराहा, दशाश्वमेध घाट तक स्थापित होना है। सुबह 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक होगा मंत्रोच्चार सुबह 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक ॐ एवं  नमः शिवाय ध्वनि, मंत्रोच्चारण, धार्मिक ध्वनियां एवं काशी से सम्बन्धित जानकारियाँ प्रसारित की जाएँगी। वीडीए के अपर सचिव डॉ गुडाकेश शर्मा ने बताया कि काल भैरव चौराहे से मंदिर जाने के मार्ग तक ऑडियो सिस्टम लग चुका है, इसमें 3 बार ॐ की ध्वनि और 1 बार ॐ नमः शिवाय बजता है। इस योजना का उद्देश्य पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को काशी के प्रमुख मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों की जानकारी देना जिससे उन्हें शहर की धार्मिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व को समझने में सहायता मिले सके। स्थानीय नागरिकों एवं आगंतुकों को आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कराना है। मंत्रोच्चारण एवं धार्मिक ध्वनियों के माध्यम से क्षेत्रीय वातावरण को विशिष्ट धार्मिक स्वरूप देना, जो काशी की प्राचीन परम्पराओं एवं मान्यताओं को संजोए रखे।

मुख्यमंत्री योगी बोले—हर प्रोजेक्ट के लिए नियुक्त हों नोडल अधिकारी

हर प्रोजेक्ट के लिए तय हों नोडल अधिकारी : मुख्यमंत्री योगी अधिकारियों के साथ बैठक में सीएम योगी ने दिए निर्देश एक निश्चित अवधि पर प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग की रिपोर्ट ली जाए – योगी आदित्यनाथ  गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि हर प्रोजेक्ट के लिए एक नोडल अधिकारी तय करते हुए उनसे मॉनिटरिंग की साप्ताहिक या पाक्षिक रिपोर्ट ली जाए। हर परियोजना की एक समय सीमा तय होती है और कार्य में तेजी लाते हुए उसे उसी अवधि में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की जो परियोजनाएं अगले साल मानसून के बाद पूरी होनी हैं, उनके कार्यों में और तेजी लाकर मानसून से पहले ही पूरा करने के विशेष प्रयास किए जाएं। गोरखपुर दौरे पर आए सीएम योगी गोरखनाथ मंदिर के बैठक कक्ष में अधिकारियों के साथ गोरखपुर में गतिमान परियोजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य को समयबद्ध तरीके और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए एक नोडल अधिकारी को पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी जाए। नोडल अधिकारी एक निश्चित अवधि पर प्रगति की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को उपलब्ध कराए। वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस पर पूरा ध्यान देना होगा। उन्होंने नागरिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने की हिदायत भी अफसरों को दी।   कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति बरकरार रहनी चाहिए। उन्होंने ठंड की दस्तक होने के साथ ही पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। ट्रैफिक प्रबंधन को और सुदृढ़ करने पर जोर देते हुए सीएम योगी ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सड़कों पर जाम न लगने पाए।

छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र: 18 नवंबर को क्या होगा और नए भवन में शिफ्टिंग के नियम क्या हैं?

रायपुर   छत्तीसगढ़ के नए विधानसभा भवन का उद्घाटन हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्योत्सव के दौरान एक नवंबर को नवा रायपुर स्थित नवनिर्मित विस भवन का लोकार्पण किया। इस नए भवन में अगल शीतकालीन सत्र आयोजित किया जाएगा। याने रेगुलर सत्र अब नए भवन में होंगे। मगर शीतकालील सत्र से पहले 18 नवंबर को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। इसे विदाई सत्र कहा गया है। इसमें विधायक पुराने विधानसभा भवन में अपने अनुभवों को शेयर करेंगे। सदन की सहमति जरूरी संसदीय नियमों के तहत विधानसभा या लोकसभा को नए भवन में शिफ्ट किया जाता है तो उसके लिए सदन की सहमति आवश्क होती है। जिस तरह किसी विधयेक को पारित करने के लिए सदन की अनुमति जरूरी होती है, उसी तरह विधानसभा और लोकसभा को शिफ्थ करने के लिए भी चाहिए होता है। दिल्ली में जब पिछले साल लोकसभा और राज्यसभा नए भवन में शिफ्ट हुआ तो उसमें प्रस्ताव पारित किया गया था। क्या होगा 18 को विशेष सत्र में 18 नवंबर को छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। ये नियमित सत्र नहीं है, इसलिए इसमें प्रश्नकाल नहीं होगा। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद स्पीकर, सदन के नेता, नेता प्रतिपक्ष समेत मंत्री, विधायक अपने अनुभव शेयर करेंगे। फिर आएगा महत्वपूर्ण क्षण, जब विधानसभा अध्यक्ष डॉ0 रमन सिंह विधानसभा को नए भवन में शिफ्ट करने के साथ ही अगला शीतकालीन सत्र नए विधानसभा भवन में रखने का प्रस्ताव पेश करेंगे। इस प्रस्ताव पर सदन की सहमति लगेगी। विधायक हाथ उठाकर इस प्रस्ताव को पारित करेंगे, फिर विधानसभा अध्यक्ष नए विधानसभा भवन में अगले सत्र होने का ऐलान करेंगे। इतिहास बन जाएगा विधानसभा भवन छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद केंद्रीय जल संसाधन विभाग के भवन को विधानसभा के लिए चुना गया था। दिलचस्प यह है कि इस बिल्डिंग की बनावट ऐसी की गई थी मानो विधानसभा के लिए ही तैयार किया गया हो। इसीलिए सरकार को इस भवन में ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ी। हर साल बजट, मानसून और शीतकालीन मिलाकर 25 साल में 75 सत्र आयोजित किया गया। तीन विशेष सत्र भी बुलाए गए। 18 नवंबर की शाम के बाद विधानसभा भवन अब इतिहास बनकर रह जाएगा। अब इसे पुराना विधानसभा भवन कहा जाएगा। आगे इस बिल्डिंग को किस रूप में उपयोग किया जाएगा, ये अभी स्पष्ट नहीं किया गया है।

सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मारा गया हिडमा, छत्तीसगढ़-आंध्र सीमा पर नक्सलियों के साथ हिंसक मुठभेड़

रायपुर  छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों का नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन जारी है, जगदलपुर जिले में छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश की सीमा पर बड़ी मुठभेड़ हुई है, जहां आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम जिले के जंगलों में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में कई नक्सलियों को ढेर किया है. हालांकि अभी तक यह क्लीयर नहीं हुआ है कि मरने वाले नक्सलियों की संख्या कितनी है, लेकिन जवान इलाके में लगातार चल रहे सर्च अभियान चला रहे हैं. सुरक्षाबलों के जवानों ने इलाके को चारों तरफ से घेर के रखा हुआ है, ऐसे में यहां तेजी से कार्रवाई की जा रही है. हिड़मा के अलावा 5 अन्य नक्सलियों को भी सुरक्षाबलों ने मार गिराया है। सुकमा से सटे आंध्र प्रदेश के अल्लुरी सीताराम जिले के पास सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही थी। कई घंटों की फायरिंग के बाद एनकाउंटर में 6 नक्सली ढेर कर दिए गए हैं। नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच फायरिंग अभी भी जारी है। पुलिस ने दी जानकारी पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह एनकाउंटर आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर हुआ है। पुलिस को इन जंगलों में कई नक्सलियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। मुखबिरी के आधार पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। आज सुबह से ही सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच फायरिंग चल रही है। इस दौरान पुलिस ने सुकमा में भी 1 नक्सली को मार गिराया है। वहीं, आंध्र प्रदेश में हिड़मा समेत 6 नक्सलियों का एनकाउंटर किया गया है। अल्लुरी सीताराम जिले के एसपी अमित बरदार के अनुसार,     आज सुबह 6:30-7 बजे के करीब मारेडुमिल्ली मंडल के जंगल में एनकाउंटर शुरू हुआ था। अब तक 6 नक्सलियों के मारे जाने की सूचना मिली है। यह पुलिस और सुरक्षाबलों के द्वारा चलाया गया साझा ऑपरेशन है। हिड़मा की पत्नी भी ढेर बता दें कि माड़वी हिड़मा को सबसे खूंखार नक्सलियों में गिना जाता है। हिड़मा आम नागरिकों समेत सुरक्षाबलों पर हुए 26 नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड रहा है, जिसमें कई लोगों की जान भी गई है। हिड़मा पर पुलिस ने 50 लाख रुपये का इनाम रखा था। हिड़मा के अलावा उसकी पत्नी राजे की भी एनकाउंटर में मौत हो गई है। सुकमा जिले में सुबह हुई मुठभेड़  बताया जा रहा है कि 18 नवंबर की सुबह-सुबह सुकमा जिले से लगे आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम जिले की सीमा पर सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई. दोनों तरफ से काफी देर तक जोरदार फायरिंग होती रही, जिसके बाद माना जा रहा है कि यहां 6 के आसपास नक्सली ढेर हुए हैं. पुलिस को इस बात की जानकारी मिली थी कि एर्राबोर के जंगल में बड़ी संख्या में नक्सलियों ने डेरा डाला है, जिसके बाद रात में ही डीआरजी के जवानों ने मौके पर मोर्चा संभाला और सुबह होते ही नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई.  जैसे ही नक्सलियों ने जवानों को देखा तो तुरंत ही फायरिंग शुरू कर दी, ऐसे में जवानों ने भी बदले में फायरिंग की और जंगल को चारों तरफ से घेरकर मोर्चा संभाल लिया, बताया जा रहा है कि यहां कई बड़े कैडर के नक्सली होने की पूरी संभावना है. हालांकि सर्च ऑपरेशन के बाद ही इन बातों की पूरी जानकारी सामने आ पाएगी, फिलहाल फोर्स का यहां ऑपरेशन जारी है.  बीजापुर में मारे गए थे 6 नक्सली  बता दें कि इससे पहले बीजापुर में जिले में भी सुरक्षाबलों ने 6 नक्सलियों को ढेर किया था, जिसमें नक्सली बच्नन्वा भी शामिल था. पुलिस और सुरक्षाबलों के साथ-साथ डीआरजी के जवानों की तरफ से नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है. जहां अब तक कई नक्सलियों को ढेर किया गया है.   कौन था माड़वी हिड़मा? हिड़मा का जन्म 1981 को सुकमा जिले में हुआ था। पीपुल्स लिब्रेशन की गुरिल्ला बटालियन का नेतृत्व करने के बाद वो सीपीआई-माओवादी की केंद्रीय कमेटी का सदस्य बन गया था। हिड़मा बस्तर इलाके से इस कमेटी का अकेला सदस्य था। झीरम घाटी हमले के बाद हिड़मा का नाम पहली बार चर्चा में आया था। इसके बाद हिड़मा ने लगातार कई नक्सली हमलों को अंजाम दिया और दशकों तक उसके नाम की दहशत पूरे इलाके में देखने को मिलती थी।