samacharsecretary.com

सड़क दुर्घटना में बड़ी जनहानि: श्रद्धालुओं से भरा टेंपो ट्रक से भिड़ा, छह की मौत

जोधपुर जोधपुर-जैसलमेर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। बालेसर थाना क्षेत्र में रामदेवरा दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं से भरा टेंपो सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक से जा भिड़ा। भीषण टक्कर में 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि महिलाओं और बच्चों समेत 14 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का उपचार एमडीएम अस्पताल, जोधपुर में चल रहा है। मृतक और घायल सभी गुजरात के साबरकांठा जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। हादसा सुबह करीब 5:30 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग-125 पर खारी बेरी गांव के पास हुआ। बालेसर थाना प्रभारी मूल सिंह भाटी ने बताया कि बाजरे की बोरियों से भरा ट्रक तेज गति में अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे टेंपो से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि टेंपो का अगला हिस्सा पूरी तरह से चकनाचूर हो गया, जबकि ट्रक भी आगे जाकर पलट गया। टेंपो में आगे बैठे महेंद्र ने बताया कि सभी श्रद्धालु गुजरात के साबरकांठा जिले से रामदेवरा के दर्शन के लिए निकले थे। हादसे के बाद तीन श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो ने जोधपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दुर्घटना के तुरंत बाद हाईवे से गुजर रहे वाहन चालकों ने अपने वाहन रोककर घायलों की मदद की और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी। बालेसर, आगोलाई और हाईवे सेवा की तीन एंबुलेंस तुरंत मौके पर पहुंचीं। घायलों को पहले बालेसर सीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को जोधपुर रेफर किया गया। पुलिस ने मृतकों के शवों को बालेसर सीएचसी की मोर्चरी में रखवाया है और ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी है। हादसे के बाद स्थल पर चीख-पुकार मच गई थी, और आसपास के वाहन चालकों ने भी बचाव कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। फिलहाल हादसे की जांच जारी है।  

समग्र और सुव्यवस्थित विकास का ख़ाका खींच कर योगी सरकार काशी को विश्व पर्यटन के मानचित्र पर तेजी से उभार रही है

प्राचीन काल से ही काशी अपनी संस्कृति, धर्म, अध्यात्म और विरासत के लिए विश्वभर में रही है ख्यातिप्राप्त वाराणसी प्राचीन संस्कृति,आध्यात्मिक चेतना और ऐतिहासिक विरासत से समृद्ध काशी जिसे दुनिया "वाराणसी" और 'बनारस' के नाम से भी जानती है। अब ये शहर एक बार फिर अपने पुराने वैभव की ओर लौट रहा है। योगी आदित्यनाथ सरकार के नेतृत्व में चल रहे सतत विकास कार्यों के चलते यह नगरी न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र बनी हुई है, बल्कि वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर भी नई चमक के साथ उभर रही है। योगी सरकार द्वारा 2017 में प्रदेश की बागड़ोर संभाले के बाद वाराणसी के पर्यटन विकास को प्राथमिकता मिली। आठ सालों के दौरान 35,705.07 लाख रुपये की लागत से 79 परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ । इन परियोजनाओं में से कई कार्य पूर्ण हो चुका हैं, जबकि कई पर्यटन विकास कार्यो पर काम तीव्र गति से चल रहा हैं। काशी के समग्र और सुव्यवस्थित विकास का ख़ाका खींच कर योगी सरकार काशी को विश्व पर्यटन के मानचित्र पर तेजी से उभार रही है। पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार ने बताया कि पिछले करीब 8 सालों में 19219.57 लाख की लागत से 49 पर्यटन के विकास कार्यो को कराया जा चुका है। जबकि 30 पर्यटन विकास के महत्वपूर्ण विकास कार्यों को 16485.5 लाख रूपये की लागत तेजी से कराया जा रहा है।   19219.57 लाख की लागत से पूर्ण हुए प्रमुख पर्यटन विकास के कार्य  गलियों का शहर कहे जाने वाली काशी की गलियों के सौंदर्यीकरण को आधुनिक तरीके से विकसित किया गया है। घाटों का सौंदर्यीकरण कर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाया गया है। काशी की चार धाम यात्रा,काशी विष्णु यात्रा,द्वादश आदित्य यात्रा, नव दुर्गा, अष्ट भैरव, नव गौरी, विनायक, द्वादशज्योतिर्लिंग के लिए पावन पथ का निर्माण कार्य, पंचक्रोशी यात्रा के पांच पड़ाव के पर्यटन विकास का कार्य एवं अन्य कई धार्मिक यात्राओ और मार्ग में पड़ने वाले मंदिरो का विकास, रोहनिया, पिंडरा, शिवपुर आदि क्षेत्रो के ग्रामीण इलाकों में प्राचीन आस्था के केंद्र, मंदिरो, तालाबों, कुंडो आदि का कार्य, सामने घाट एवं रामनगर में शास्त्रीय घाट का पक्के घाट के रूप में निर्माण।  मांर्कण्डये महादेव मंदिर, सारंग नाथ तालाब, शूलटंकेश्वर मदिर गंगा घाट व अन्य मंदिरो और घाटों, सारनाथ में लाइट एंड साउंड शो, बुद्धा थीम पार्क, संत शिरोमणि रविदास जी के जन्म स्थली पर जन सुविधा के कार्य,  क्रूज़ बोट का संचालन, लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट पर पर्यटन सूचना केंद्र, नरसिंह मठ, शंकुलधारा मठ, राजघाट पर चेंजिंग रूम, पिंडरा में माँ भद्रकाली मंदिर का सौंदर्यीकरण आदि कार्य है।  16485.5 लाख की लागत से  प्रमुख से गतिमान पर्यटन विकास के कार्य  टूरिज्म डेवलपमेंट के योजना के अंतर्गत, जैन तीर्थंकर चंद्रप्रभु की जन्मस्थली चंद्रावती, सारनाथ के सारंग नाथ मंदिर का पर्यटन विकास, मणिकर्णिका घाट सतुआ बाबा आश्रम का पर्यटन विकास एवं सौंदर्यीकरण एवं डोमरी स्थित आश्रम में यात्री निवास, पर्यटन आवास गृह परेड कोठी व राही पर्यटक आवास गृह का उच्चीकरण मनारी रोड पर सरफेस पार्किंग, संत रविदास पार्क सौंदर्यीकरण व जीर्णोद्धार, तेलियाना घाट पर निषादराज की प्रतिमा, मांडवी कुंड व गणेश मंदिर, हेलीपोर्ट, सात प्रमुख घाटों पर 7 जेटी चेंजिंग रूम, गुरुधाम मंदिर का पर्यटन विकास, थाईवट टेम्पल (बुद्धा स्टेचू ) पर फसाद लाइट, करखियाँव में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पार्क का निर्माण, लमही स्थित मुंशी प्रेमचंद के घर को संग्रहालय के रूप में विकसित करना, बौद्ध परिपथ में साइनेज, नगवा स्थित संत रविदास पार्क का सौंदर्यीकरण एवं जीर्णोद्धार, मांडवी कुंड का सौंदर्यीकरण, संत कबीर प्राकट्य स्थल का पर्यटन विकास आदि पर्यटन विकास के कई कार्य निर्माणाधीन है।  काशी में पर्यटन विकास पर लोगों की राय  "योगी सरकार ने काशी  का चौतरफा विकास कराया है,जिसमे छोटे से लेकर बड़े पर्यटन स्थल का जीर्णोद्धार हुआ है। जिसको देखने के लिए पर्यटकों अब अधिक दिन तक काशी प्रवास कर रहे है। इससे होटल उद्योग को लाभ हो रहा है।"   होटल व्यवसायी , विकास अग्रवाल  "पहले पर्यटकों श्री काशी विश्वनाथ धाम, घाट ,सारनाथ  आदि स्थानों तक सिमित रहते थे , योगी सरकार ने पिछेल साढ़े आठ सालो में पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से विकास कराया है। इन स्थलों तक आसानी से पहुंचना ,अच्छी सुविधा होना ,और रख-रखाव अच्छा होने से पर्यटकों का आवागमन बढ़ रहा है। जिससे काशी के पर्यटन उद्योग को काफी फायदा हों रहा है।"   अभिषेक शर्मा, गवर्मेंट एप्रूव्ड गाइड, यूपी टूरिज्म

हाईवे हादसा: फॉर्च्यूनर ट्रैक्टर में घुसी, पांच लोगों की मौके पर दर्दनाक मौत

ग्वालियर ग्वालियर-झांसी हाईवे पर सुबह 6.30 बजे भीषण हादसा हो गया। मालवा कॉलेज के ठीक सामने रेत से भरे ट्रैक्टर में एक फॉर्च्यूनर कार जा घुसी। हादसा इतना गंभीर था कि फॉर्च्यूनर में सवार पाँच लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। हादसे में मृत लोगों के नाम क्षितिज उर्फ प्रिंस राजावत, राज पुरोहित, कौशल सिंह भदौरिया, आदित्य उर्फ राम जादौन और अभिमन्यु सिंह तोमर हैं। यह सभी ग्वालियर के ही रहने वाले हैं, छात्र हैं। क्षितिज के पिता उमेश बिल्डर हैं, गाड़ी इसके पिता की ही थी। क्षितिज ही गाड़ी चला रहा था। जानकारी के मुताबिक फॉर्च्यूनर (एमपी 07 सीजी 9006) झांसी की ओर से आ रही थी। मालवा कॉलेज के सामने जैसे ही गाड़ी गुजरी, मोड़ से रेत से भरा ट्रैक्टर निकला। फॉर्च्यूनर तेज रफ्तार में थी, जिससे चालक गाड़ी संभाल नहीं पाया और वाहन ट्रैक्टर ट्रॉली में घुस गया। कार का आधा हिस्सा ट्रॉली के नीचे चला गया और पांचों की मौके पर ही मौत हो गई। शव ट्रैक्टर ट्रॉली और कार के बीच फंसे हुए थे। कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई। सूचना पर पुलिस पहुंची और ग्रामीणों की मदद से कटर से गाड़ी काटकर शवों को निकालने का प्रयास शुरू किया गया। पुलिस ने क्या कहा एसएसपी, धर्मवीर सिंह ने कहा कि "झांसी रोड थाना क्षेत्र के अंतर्गत मलवा कॉलेज के सामने बड़ा हादसा हुआ है। पाँच लोगों की मौत हुई है। मौके पर फोर्स भेजी है।"

प्रतिदिन बढ़ रहे किसानों के पंजीकरण, धान क्रय में भी आ रही तेजी

शनिवार तक 53330 किसानों से की जा चुकी 3.12 लाख मीट्रिक टन से अधिक की धान खरीद धान खरीद के लिए पंजीकरण कराने वाले किसानों की संख्या 3.93 लाख पार  लखनऊ धान की सरकारी खरीद को किसानों का निरंतर साथ मिल रहा है। धान खरीद की नियमित समीक्षा भी हो रही है। इसके मुताबिक धान खरीद में प्रतिदिन किसानों के पंजीकरण में वृद्धि हो रही है तो दूसरी तरफ धान क्रय में भी तेजी आ रही है। आंकड़े इसकी गवाही भी दे रहे हैं। शनिवार दोपहर तक धान खरीद सत्र में पंजीकृत होने वाले किसानों की संख्या 3.93 लाख पार कर गई। वहीं अब तक 3.12 लाख मीट्रिक टन की भी खरीद हो चुकी है। सरकार ने 4000 धान क्रय केंद्र का लक्ष्य रखा था, जिससे आगे बढ़ते हुए किसानों की सुविधा के लिए 4143 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। वहीं धान लेकर पहुंच रहे किसानों के लिए क्रय केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।   53330 किसानों से की जा चुकी 3.12 लाख मीट्रिक टन से अधिक की धान खरीद  खाद व रसद विभाग के मुताबिक शनिवार दोपहर तक 53,330 किसानों से 3.12 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। वहीं धान खरीद विपणन सत्र 2025-26 के लिए 3,93,389 किसानों ने शनिवार तक पंजीकरण भी करा लिया है। सरकार के प्रयासों का नतीजा है कि 4143 धान क्रय केंद्र भी स्थापित हो चुके हैं।  एक नजर  – धान (कॉमन) 2369 रुपये प्रति कुंतल की दर से हो रही खरीद  – धान (ग्रेड-ए) 2389 रुपये प्रति कुंतल की दर से हो रही खरीद – टोल फ्री नंबर 18001800150 के साथ ही जिला खाद्य विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी, विपणन निरीक्षक से संपर्क कर सकते हैं किसान  – विभाग की अपील- 17 फीसदी नमी का धान खरीदा जा सकता है। धान को अच्छी तरह सुखाकर, साफ करके क्रय केंद्र पर ले आएं किसान  – खाद्य विभाग के पोर्टल www.fcs.up.gov.in या UP KISAN MITRA पर पंजीकरण अनिवार्य, पंजीकृत किसानों से ही होगी धान खरीद  – क्रय केंद्र सुबह 9 से शाम पांच बजे तक खुले हैं। – पश्चिम उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी तक होगी धान खरीद  – पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2026 तक होगी खरीद

एमपी हाईकोर्ट का कड़ा रुख: युवक को टाइपिंग त्रुटि से हुई जेल, कलेक्टर से दो लाख वसूलने के निर्देश

जबलपुर मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के 26 वर्षीय सुशांत बैस ने कहा कि एक लिपिकीय त्रुटि के कारण मुझे एक साल से ज्यादा समय तक जेल में रहना पड़ा। राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत उनकी गलत हिरासत इस बात का एक स्पष्ट उदाहरण बन गई है कि कैसे एक नौकरशाही का जाल किसी की ज़िंदगी को उलट-पुलट कर सकता है। सुशांत को पिछले साल चार सितंबर को गिरफ़्तार किया गया था और इस साल नौ सितंबर को हाई कोर्ट द्वारा उनकी रिहाई के आदेश के बाद उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया। हाई कोर्ट ने ज़िला कलेक्टर को अवमानना ​​का नोटिस जारी किया और उन्हें सुशांत को दो लाख रुपये का मुआवज़ा देने का निर्देश दिया। लेकिन यह राहत उनके लिए कोई सांत्वना नहीं है। पत्नी अकेले संघर्ष कर रही थी 26 वर्षीय सुशांत का कहना है कि एक साल तक चली इस यातना ने उनके दिल पर गहरे जख्म छोड़ दिए हैं। मेरी बेटी अनाया का जन्म 13 मार्च को हुआ था। मैंने उसे पहली बार घर लौटने के बाद ही देखा था। उन्होंने यह याद करते हुए कि कैसे उनकी पत्नी अकेले संघर्ष कर रही थीं और उनके माता-पिता ने एक ऐसा मुकदमा लड़ने के लिए पैसे उधार लिए थे जिसे वे समझ नहीं पा रहे थे। अनाया ने अपने पहले कदम तब रखे जब मैं जेल में था। कोई व्यवस्था, कोई पैसा मुझे वह समय वापस नहीं दिला सकता। अपनी गिरफ्तारी से बमुश्किल कुछ महीने पहले ही शादी करने वाले सुशांत कहते हैं कि इस यातना ने उनके दिल पर गहरे जख्म छोड़ दिए हैं। अब, इस गलत तरीके से कैद किए जाने के कारण मेरी नौकरी की संभावना भी खत्म हो गई हैं। कोर्ट ने अपनाया गंभीर रूख सुशांत को जेल में डालने वाला कोई अपराध नहीं था, बल्कि अधिकारियों ने शुरुआत में इसे एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया के दौरान टाइपिंग की गलती बताकर टाल दिया था। शहडोल के ज़िला कलेक्टर केदार सिंह ने एक एनएसए निरोध आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसमें वास्तविक अभियुक्त नीरजकांत द्विवेदी के बजाय सुशांत का नाम था। न्यायालय ने युवक को हुई मानसिक प्रताड़ना पर गंभीर रुख़ अपनाया। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति अवनींद्र कुमार सिंह की युगलपीठ ने राज्य सरकार की भी खिंचाई की और कहा कि वह निरोध आदेश को मंज़ूरी देने से पहले उसकी जांच-पड़ताल करने में विफल रही।

तीन चरणों में मिलेगी नेवर पेड और लॉन्ग अनपेड उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

ब्याज पर 100% और मूलधन पर 25% तक की छूट आगरा के 1.60 लाख उपभोक्ताओं का 501 करोड़ रुपए बकाया होगा माफ आगरा उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने विद्युत उपभोक्ताओं को एक बड़ी सौगात देते हुए "बिजली बिल राहत योजना 2025- 26" को लागू करने का निर्णय लिया है। यह योजना 01 दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक तीन चरणों में लागू रहेगी और इसका उद्देश्य लंबित बिल वाले नेवर पेड और लॉन्ग अनपेड उपभोक्ताओं को बकाये से मुक्ति दिलाना है। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) में लागू हो रही इस एक मुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के तहत, 2 किलोवॉट तक के घरेलू (एलएमवी-1) और 01 किलोवॉट तक के वाणिज्यिक  (एलएमवी-2) उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। डीवीवीएनएल के मुख्य अभियंता कपिल सिंधवानी ने बताया कि इस योजना के माध्यम से केवल दक्षिणांचल में ही लगभग 501 करोड़ रुपये का बकाया माफ होने का अनुमान है, जो 1.60 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को सीधा लाभ पहुँचाएगा। आगरा देहात के 1.60 लाख उपभोक्ता होंगे लाभान्वित   मुख्य अभियंता कपिल सिंधवानी ने बताया कि आगरा देहात में 24,300 नेवर पेड घरेलू उपभोक्ता और 1,35,725 लॉन्ग अनपेड घरेलू उपभोक्ता (जिन्होंने 31 मार्च 2025 तक बिल जमा नहीं किया) हैं। उन्होंने योजना की छूट का विवरण देते हुए कहा कि पहली बार तीन चरणों की इस योजना में, नेवर पेड व लॉन्ग अनपेड बिजली उपभोक्ताओं को ब्याज पर 100 फीसदी और मूलधन पर 25 फीसदी तक की छूट प्रदान की जाएगी।  उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रथम चरण (01 से 31 दिसंबर 2025) में पंजीकरण कराकर 30 दिन में पूरा भुगतान करने पर ब्याज में 100% और मूल बकाए में 25% की छूट मिलेगी। द्वितीय चरण में मूलधन में छूट का दायरा 20% और तृतीय चरण में यह 15% रहेगा। किस्त भुगतान पर भी मिलेगी राहत किस्त में भुगतान का विकल्प चुनने वाले उपभोक्ताओं के लिए भी राहत है। मुख्य अभियंता ने बताया कि मासिक 500 या 750 रुपए की किस्त व नियमित बिल का भुगतान करने पर ब्याज में 100% छूट रहेगी। साथ ही, मूल बकाये में भी 5% से 10% तक की छूट मिलेगी। हालांकि, तीन बार किस्त बाउंस होने पर उपभोक्ता योजना से अयोग्य हो जाएगा। जन-जन तक पहुँचें योजना का लाभ, होगा व्यापक प्रचार- प्रसार योजना को जन-जन तक पहुँचाने के लिए योगी सरकार ने व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया, एफएम रेडियो, प्रिंट/इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ-साथ प्रत्येक गाँव में मुनादी कराना अनिवार्य किया गया है। राजस्व संग्रह एजेंसियों को विशेष प्रोत्साहन योजना की सफलता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्शन एजेंसियों (जनसेवा केंद्र, विद्युत सखी, मीटर रीडर्स) को विशेष प्रोत्साहन देने की व्यवस्था की गई है, जिससे वे नेवर पेड उपभोक्ताओं से अधिक से अधिक वसूली कर सकें और योजना को सफल बना सकें। योगी सरकार की ऐतिहासिक 'बिजली बिल राहत योजना पर आम लोगों की राय "मैं 1.5 किलोवाट का घरेलू उपभोक्ता हूँ और लंबे समय से बिल नहीं भर पाया था। अब योगी सरकार ने जो ब्याज पूरी तरह माफ किया है और मूल में भी छूट दी है, उससे हम जैसे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। यह योजना हमारे लिए नया जीवनदान है।" -मनोज कुमार, उपभोक्ता "यह योजना केवल आर्थिक राहत नहीं है, बल्कि यह लाखों परिवारों को बिजली कनेक्शन कटने के डर से मुक्ति दिलाकर उन्हें मुख्यधारा में जोड़ेगी। योगी सरकार का यह कदम अत्यंत संवेदनशील और लोक-कल्याणकारी है, खासकर बिजली चोरी के प्रकरणों में राजस्व निर्धारण में छूट देने का प्रावधान सराहनीय है।" -समाजसेवी मुकेश कुमार गर्ग

वन्यजीव संरक्षण कदम: कुत्तों का टीकाकरण कर रोका जाएगा CDV संक्रमण

भोपाल मध्य प्रदेश में चीता और बाघ सुरक्षित रहें, इसके लिए श्वानों का टीकाकरण किया जाएगा। प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क और पन्ना टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र व इसके बाहर बेसहारा श्वानों को टीके लगाए जाएंगे। दरअसल, कूनो में चीतों और पन्ना में बाघों को कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (सीडीवी) का संक्रमण होने की आशंका जताई गई थी। जिसके बाद वन विभाग ने चीतों और बाघों को इस संक्रमण से बचाने के लिए श्वानों के टीकाकरण का निर्णय लिया। पिछले वर्ष भी श्वानों को टीके लगाए गए थे। दरअसल, सीडीवी तेजी से फैलने वाला वायरस है जिससे प्रभावित वन्य प्राणी की मौत भी हो सकती है। यह प्रभावित प्राणी के श्वसन, पाचन और नर्वस सिस्टम को बुरी तरह प्रभावित करता है। पूर्व में श्वानों के खून के नमूनों में सीडीवी और रैबीज के लक्षण मिल चुके हैं। इन श्वानों के वन्य प्राणियों के संपर्क में आने के बाद यह वायरस फैल सकता है। पहले भी मिल चुके बाघ और तेंदुए में सीडीवी के लक्षण वर्ष 2015 में पन्ना में मृत बाघ के शरीर के सैंपल इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आइवीआरआइ) बरेली भेजे गए थे। जांच में बाघ में सीडीवी होने की पुष्टि हुई थी। उस समय भी पार्क प्रबंधन ने बाघों के खून की जांच की थी और 1200 श्वानों का टीकाकरण हुआ था। वर्ष 2024 में छतरपुर में एक बाघ और एक तेंदुए में सीडीवी के लक्षण मिले थे। संजय टाइगर रिजर्व भेजे गए बाघ में भी रैबीज वायरस पाया गया था। सीडीवी संक्रमण न फैले चीता व बाघों में सीडीवी संक्रमण न फैले, इसके लिए यहां श्वानों का टीकाकरण किया जाएगा। – सुभरंजन सेन, मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक, मप्र वन यह होता है कैनाइन डिस्टेंपर वायरस सीडीवी गंभीर वायरल संक्रमण है जो कुत्तों, फेरेट्स, रैकून और लोमड़ी जैसे मांसाहारी जानवरों को प्रभावित करती है। यह श्वसन, जठरांत्र और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। यह बीमारी टीकाकरण के माध्यम से रोकी जा सकती है। यह मनुष्यों को प्रभावित नहीं करती है। सीडीवी सीधे संपर्क से फैलता है, जैसे संक्रमित जानवरों से हवा में निकली बूंदों के माध्यम से। यह संक्रमित स्राव (जैसे नाक से स्राव, मूत्र और मल) या भोजन और पानी के दूषित होने से भी फैल सकता है। इससे दस्त और उल्टी, आंखों और नाक से गाढ़ा पीला स्राव, खांसी, सिर का झुकना या लड़खड़ाना जैसे गंभीर लक्षण देखने को मिलते हैं।

25 नवंबर का दिन बनेगा स्वर्णिम,ध्वजारोहण के साथ मंदिर पूर्णता की ओर

सुरक्षा अभेद्य, आधार अनिवार्य,अतिथियों के लिए विशेष व्यवस्था तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की घोषणा,ध्वजारोहण मंदिर निर्माण यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव होम स्टे से कारसेवकपुरम तक ठहरने की व्यापक तैयारी, भोजन-पानी की पूरी व्यवस्था रामलला के दर्शन और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम दोपहर 2 बजे तक चलेगा अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सीधे निगरानी में अयोध्या एक बार फिर इतिहास के स्वर्णिम क्षण का साक्षी बनने जा रही है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भव्य निर्माण के बाद अब 25 नवंबर को एक और ऐतिहासिक अध्याय लिखा जाएगा, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर के मुख्य शिखर पर ध्वजारोहण करेंगे। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंदिर परिषद में मौजूद रहेंगे। यह क्षण न केवल मंदिर की पूर्णता का संदेश पूरे विश्व तक पहुंचाएगा, बल्कि सदियों से रामभक्तों की आस्था और संघर्ष का प्रतीक बनकर उभरेगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि ध्वजारोहण के साथ मंदिर निर्माण यात्रा अपने सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंचेगी। यह आयोजन हर रामभक्त के लिए अविस्मरणीय और आध्यात्मिक रूप से अत्यंत ऊर्जावान होगा। छह हजार विशिष्ट अतिथि होंगे शामिल ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस भव्य समारोह में पूर्वी उत्तर प्रदेश, अयोध्या मंडल तथा आसपास के जिलों से करीब छह हजार चुनिंदा मेहमान शामिल होंगे। सभी मेहमानों को 24 नवंबर को ही अयोध्या पहुंचने का अनुरोध किया गया है, ताकि किसी प्रकार की भीड़ या असुविधा की स्थिति न बने। प्रवेश के लिए सुबह 7:30 बजे से 9:00 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है, जिसके लिए सभी को अधिकृत पास प्रदान किए जाएंगे। दोपहर दो बजे तक चलेगा कार्यक्रम ध्वजारोहण कार्यक्रम दोपहर लगभग दो बजे तक चलेगा। सुरक्षा कारणों से आधार कार्ड साथ लाना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति लाइसेंसी रिवॉल्वर या किसी प्रकार का हथियार लेकर मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा। महासचिव चंपत राय ने स्पष्ट अपील की है कि मेहमान समारोह में बिना किसी हथियार के ही आएं। भोजन-पानी और ठहरने की विशेष व्यवस्था भीड़ और असुविधा से बचाने के लिए इस बार प्रशासन और ट्रस्ट ने बड़े स्तर पर तैयारियां की हैं। ठहरने के लिए आश्रम, होम स्टे, बाग बिगेसी, कारसेवकपुरम आदि स्थानों पर लगभग तीन हजार लोगों के लिए ठोस व्यवस्था की गई है। शेष मेहमानों को अन्य सुरक्षित स्थलों पर ठहराया जाएगा। मंदिर परिसर के भीतर ही बैठने की उचित व्यवस्था रहेगी। सभी मेहमानों के लिए भोजन एवं पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। समारोह के दौरान मेहमान रामलला के दर्शन करेंगे तथा कार्यक्रम के अंत में सभी को पवित्र प्रसाद वितरित किया जाएगा। यह प्रसाद रामलला की कृपा एवं आशीर्वाद का प्रतीक माना जा रहा है। अयोध्या के विकास और मंदिर की महिमा का वैश्विक संदेश यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि अयोध्या के तेजी से बदलते स्वरूप और राम मंदिर की भव्यता का वैश्विक प्रदर्शन भी है। प्रधानमंत्री द्वारा मंदिर के मुख्य शिखर पर किया जाने वाला ध्वजारोहण इस बात का प्रतीक होगा कि सदियों की प्रतीक्षा के बाद रामलला अब अपने दिव्य और भव्य मंदिर में विराजमान हैं। चंपत राय का कहना है कि यह ध्वजारोहण मंदिर निर्माण के अंतिम चरण की औपचारिक घोषणा जैसा होगा, जिसके बाद दुनिया को यह संदेश जाएगा कि मंदिर का स्वरूप अब पूर्णता की ओर अग्रसर है। योगी सरकार के निर्देश पर प्रशासन ने झोंक दी है पूरी ताकत  कार्यक्रम को भव्य और त्रुटिहीन बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन, पुलिस और ट्रस्ट लगातार तैयारी में जुटे हैं। सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम किए गए हैं। यातायात व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, अतिथियों की सुरक्षा और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। कुल मिलाकर, 25 नवंबर का दिन अयोध्या के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने वाला है। मंदिर के शिखर पर फहराते ध्वज और प्रधानमंत्री मोदी का यह ऐतिहासिक क्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए भी स्मरणीय बन जाएगा।

MP के रायसेन में सड़क हादसा, कार की टक्कर से ट्रैक्टर ट्राली पलटी, 24 घायल

रायसेन मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के सुल्तानगंज-बेगमगंज मार्ग पर शनिवार रात में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। ट्रैक्टर ट्रॉली में बैठकर दर्शन के लिए जा रहे तीर्थयात्री घायल हो गए। हादसा इंडियन गैस एजेंसी के समीप उस वक्त हुआ जब मोदकपुर गांव से करीब 40 लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर सागर जिले के बंडा क्षेत्र के नोनिया गांव स्थित कुएं के दर्शन के लिए निकले थे। इसी दौरान सामने से आ रही तेज रफ्तार कार ने ट्रॉली को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि यात्रियों से भरी ट्रॉली मौके पर पलट गई। हादसे में ट्रॉली में सवार 24 यात्री घायल हो गए। इनमें सात की हालत गंभीर बताई जा रही है। कार में सवार चार लोगों में से तीन मौके से फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार सवार लोग शराब के नशे में थे। गंभीर रूप से घायल गेंदालाल अहिरवार निवासी सिंगपुर गांव, गैरतगंज तहसील को प्राथमिक उपचार के बाद सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। घटना के बाद सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहगीरों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को सुल्तानगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां से 25 घायलों को बेहतर उपचार के लिए सागर रेफर किया गया। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर सड़क किनारे खेत में जा गिरी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सब्जी बेचने वाला बना समिति संचालक: महिला से 5.40 लाख की ठगी कर फरार

रायपुर सब्जी विक्रेता बनकर भरोसा जीतने के बाद अपना सहारा जन सेवा कल्याण समिति के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी राजू बाघ के खिलाफ टिकरापारा पुलिस ने धोखाधड़ी, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया है। 38 वर्षीय पीड़िता पुष्पा नामदेव उर्फ डॉली नामदेव की शिकायत पर यह एफआइआर दर्ज की गई है। संस्था में निवेश का दिया लालच साल 2024 में पीड़िता की पहचान मोती नगर सामुदायिक भवन के पास सब्जी का ठेला लगाने वाले आरोपी राजू बाघ से हुई। आरोपी ने खुद को अपना सहारा जन सेवा कल्याण समिति नामक संस्था का संचालक बताते हुए पीड़िता को यह बताया कि संस्था स्किल डेवलपमेंट कर रोजगार देती है और प्रॉफिट कमाकर सदस्यों में बांटती है। राजू बाघ के झांसे में आकर पीड़िता संस्था की सदस्य बन गई और मार्च–अप्रैल 2024 में आरोपी के फोन-पे नंबर पर एक लाख रुपये जमा किए। इकरारनामा बनवाकर भी नहीं लौटाए रुपये दिसंबर 2024 में दोनों के बीच लेनदेन को लेकर लिखित इकरारनामा भी हुआ, जिसमें आरोपी ने 5,40,000 रुपये वापस देने की बात मानी। लेकिन आरोपी ने अब तक राशि नहीं लौटाई। आरोपी ने महिला को जान से मारने की दी धमकी रकम मांगने पर राजू बाघ ने पीड़िता को अश्लील गाली-गलौज दी और कहा कि पैसा नहीं दूंगा, जो करना है कर लो। कोर्ट जाने पर उठवा दूंगा और रायपुर में कहीं भी रहोगी तो जान से मरवा दूंगा। आरोपी द्वारा अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह समिति में सदस्य बनाने और मुनाफा दिलाने के नाम पर ठगने की जानकारी सामने आई है।