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भावांतर योजना: सोयाबीन का मॉडल रेट बढ़कर 4184 रुपए

भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट बढ़कर हुआ 4184 रुपए किसानों को गुरूवार को मिली 233 करोड़ रूपए भावातंर राशि भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को प्रदेश के किसानों के खाते में भावांतर राशि के 233 करोड़ रूपए अंतरित किए। आज भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए आज 14 नवंबर को 4184 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। सोयाबीन के मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। यह मॉडल रेट बढ़कर 13 नवंबर को 4130 रुपए और आज 4184 रूपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी हुआ।  

आधी आबादी ने बदला समीकरण—नीतीश कुमार को मिला महिला वोटरों का ज़बरदस्त साथ

  नई दिल्ली बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के रुझानों में एनडीए बहुमत के आंकड़े से काफी आगे निकल चुका है। तमाम एग्जिट पोल ने साफ इशारा किया था कि एनडीए को महिलाओं, ओबीसी और ईबीसी वर्ग का बंपर समर्थन मिला है। रुझान भी इस बात पर मुहर लगा रहे हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार बिहार में दोनों चरणों में कुल मतदान 66.91 फीसदी रहा था। मतदान के दोनों ही चरणों में पुरुषों के मुकाबले में महिलाओं ने ज्यादा वोटिंग की। आंकड़ों के मुताबिक महिलाओं का मतदान प्रतिशत 71.6 फीसदी रहा था। वहीं पुरुषों का मतदान प्रतिशत 62.8 फीसदी ही रहा। इन आंकड़ों से साफ हो जाता है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं ने करीब 10 फीसदी ज्यादा मतदान किया। रुझानों में एनडीए को 190, महागठबंधन को 49 और अन्य के खाते में 4 सीटें जाने के संकेत मिल रहे हैं। अगर ये रुझान नतीजों में बदलते हैं तो एनडीए बिहार में इतिहास रच देगा। जीविका दीदी योजना ने बदल डाला सियासी माहौल बिहार विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार की सरकार ने राज्य में जीविका दीदी योजना के तहत 1.30 करोड़ महिलाओं को दस-दस हजार रूपये दिए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 सितंबर को नीतीश सरकार की इस योजना की शुरुआत महिलाओं को दस-दस हजार रुपये देकर की थी। तीन अक्तूबर को 25 लाख नई महिलाओं को दस-दस हजार रुपये दिए गए। शराबबंदी के फैसले ने नीतीश को बनाया महिलाओं का 'लाडला' मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में शराबबंदी लागू करने का फैसला लिया। इसकी वजह से महिलाओं में नीतीश कुमार को काफी लोकप्रियता मिली। 2006 की ये योजना भी बनी भविष्य की गेमचेंजर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2006 में मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत लड़कियों को साइकिल और स्कूल की पोशाक दी जाती है। इस योजना ने बिहार की उन बेटियों को काफी मजबूत किया, जो स्कूल दूर होने की वजह से पढ़ाई छोड़ देती थीं।  

व्यापार मेले के दौरान प्रशासन की चेतावनी, नियम तोड़ा तो आवंटन रद्द और भारी जुर्माना

ग्वालियर  100 साल से भी ज्यादा पुराना रियासतकालीन ग्वालियर व्यापार मेला जल्दी ही शुरू होने वाला है, प्रशासनिक स्तर पर इसकी तैयारियां शुरू हो गई है, दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया चल रही है, मेला प्राधिकरण दुकानों को व्यवस्थित करने में लगा है, इस बीच प्रशासन ने मेले की शेष बची दुकानों के आवंटन के लिए एक बार फिर पोर्टल खोलने का निर्णय लिया हैं वहीं दुकान ब्लैक करने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला लिया है। श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेले में वर्ष 2025-26 में दुकानों के आवंटन के लिये दुकान आवंटन का कार्य एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से 14 अक्टूबर से शुरू किया गया था। निर्धारित तिथि 10 नवम्बर 2025 तक मेले में केवल 60 प्रतिशत दुकानों का आवंटन ऑनलाइन हुआ है। इसलिए प्रशासन ने एक बार फिर पोर्टल ओपन करने के निर्णय लिया है। 14 से 21 नवम्बर तक खुलेगा एमपी ऑनलाइन पोर्टल  मेला प्रशासन ने तय किया है कि मेले की शेष 40 प्रतिशत दुकानों के आवंटन के लिये 14 नवम्बर से 21 नवम्बर 2025 तक एमपी ऑनलाइन पोर्टल खोला जायेगा। इस अवधि मेले में दुकान लगाने के इच्छुक दुकानदार एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवंटन के लिये आवेदन कर सकते हैं। स्वच्छता में लापरवाही: 5 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी, 5 निलंबित, 4 आउटसोर्स सफाई श्रमिकों की सेवा समाप्त दुकान ब्लैक की तो लगेगा 1 लाख रुपये जुर्माना  ग्वालियर संभाग आयुक्त/मेला प्राधिकरण अध्यक्ष  मनोज खत्री ने गुरुवार को ग्वालियर व्यापार मेला के संचालन के संबंध में समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि मेले की दुकानों के लिये अंतिम बार 21 नवम्बर तक की अवधि निर्धारित की गई है। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया समाप्त हो जायेगी। संभाग आयुक्त ने बैठक में यह भी निर्देश दिए हैं कि मेले की दुकानों को ब्लैक करने की शिकायत भी प्राप्त होती है। किसी भी दुकानदार द्वारा अगर दुकान अन्य किसी को ब्लैक में या किराए पर दी जाती है तो आवंटित दुकानदार पर एक लाख रुपए की पैनल्टी लगाई जायेगी। साथ ही 5 वर्ष के लिये दुकान आवंटन ब्लैक लिस्ट में दर्ज किया जायेगा। इन व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त रखने के निर्देश  संभाग आयुक्त ने मेले की व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने मेले की साफ-सफाई के संबंध में नगर निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि तत्परता के साथ साफ-सफाई का कार्य किया जाए। इसके साथ ही प्रचार-प्रसार, विद्युत व्यवस्था, ऑटोमोबाइल सेक्टर, झूला सेक्टर की व्यवस्थाओं के संबंध में भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

हरियाणा की रिया को गूगल में मिला 57 लाख रुपये का पैकेज

चंडीगढ़  भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी की प्रतिभाशाली छात्रा रिया अरोड़ा ने अपनी मेहनत व लगन से नया मुकाम हासिल किया है। हरियाणा के सोनीपत की रहने वाली रिया गूगल में साफ्टवेयर इंजीनियर हैं। 22 साल की उम्र में रिया को 57 लाख रुपये का वार्षिक पैकेज मिला है। खास बात यह है कि रिया का चयन डिग्री पूरी होने से चार महीने पहले हो गया था। वीरवार को आयोजित 13वें दीक्षा समारोह में रिया को राष्ट्रपति स्वर्ण पदक व संस्थान रजत पदक से सम्मानित किया गया। उनकी यह उपलब्धि न केवल संस्थान के लिए गर्व का विषय है, बल्कि देशभर की बेटियों के लिए प्रेरणा भी बनी है।  रिया की आरंभिक शिक्षा शिवा शिक्षा सदन, सोनीपत में हुई। 12वीं के बाद उन्हें आइआइटी मंडी में प्रवेश मिला था। अपनी सफलता पर रिया ने कहा कि संस्थान में उनका सफर शानदार रहा। जो कुछ सीखा, यहीं आकर सीखा। राष्ट्रपति पदक पाना एक सपने जैसा लगता है। मेहनत व आत्मविश्वास से हर कोई इस मुकाम तक पहुंच सकता है। उन्होंने जूनियर्स को संदेश दिया कि अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें, मेहनत करें और खुद पर भरोसा रखें।  रिया के पिता डा. हरिंद्र पाल व माता गुंजन अरोड़ा ने बेटी की उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि रिया ने परिवार व देश का नाम रोशन किया है। उसकी मेहनत और समर्पण ने यह मुकाम दिलाया है।    

PK का आगे क्या होगा राजनीतिक सफ़र? उनकी हार के 5 बड़े कारण हुए उजागर

पटना बिहार विधानसभा चुनावों में प्रशांत किशोर की नई पार्टी जनसुराज पार्टी (जेएसपी) की उम्मीदें धराशायी हो गईं। शुरुआती रुझानों में न केवल उन्हें कोई सीट नहीं मिली, बल्कि उनके सबसे मजबूत उम्मीदवार भी किसी मुकाबले में दिखाई नहीं दिए। चुनावी मैदान में किशोर न तो एनडीए को चुनौती दे पाए, न ही महागठबंधन को प्रभावित कर पाए -मतलब कि वे उम्मीद के मुताबिक वोटकटवा भी नहीं बन सके। अब सवाल यह उठता है कि जो उन्होंने जोर-शोर से कहा था- अगर जनता दल यूनाइटेड 25 से अधिक सीटें जीत गया तो मैं संन्यास ले लूंगा- क्या किशोर उस वादे पर कायम रहेंगे? बिहार विधानसभा चुनावों के नतीजों ने प्रशांत किशोर और उनकी नई राजनीतिक मुहिम जनसुराज पार्टी (जेएसपी) के लिए उम्मीदों के बुलंद पंखों को तोड़ दिया है। शुरुआती रुझानों में पार्टी एक भी सीट हासिल नहीं कर सकी, जबकि एग्जिट पोल्स ने 0-5 सीटों का अनुमान लगाया था। खास बात यह रही कि पार्टी के सबसे मजबूत उम्मीदवार भी किसी मुकाबले में नजर नहीं आए। जनसुराज पार्टी के जमावड़े और सभाओं में उमड़ने वाली भीड़ ने शुरुआती तौर पर यह भरोसा दिया था कि किशोर किसी न किसी रूप में बिहार की राजनीति में सेंध लगाने में सक्षम हैं। लेकिन चुनाव परिणाम यह साबित करते हैं कि जमीन पर उनकी पकड़ लगभग शून्य रही। अब सवाल उठता है कि प्रशांत किशोर अपने चुनाव प्रचार के दौरान किए गए वादों पर खरे उतरेंगे या नहीं। संन्यास का वादा और विफलता चुनाव प्रचार के दौरान किशोर ने नेशनल टीवी पर दावा किया था कि अगर जनता दल यूनाइटेड 25 से अधिक सीटें जीतता है तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे। यह वादा इतनी आत्मविश्वास के साथ किया गया था कि उन्होंने पत्रकार से कहा कि यह रिकॉर्डिंग रख लें। अब परिणाम सामने हैं और किशोर के वादे के पालन पर राजनीतिक दबाव बढ़ गया है। हार के पीछे पांच प्रमुख कारण:- 1 तेजस्वी यादव को चुनौती देने से पीछे हटना जेएसपी की हार का सबसे बड़ा कारण प्रशांत किशोर का तेजस्वी यादव को चुनौती न देना रहा। शुरुआती घोषणा में उन्होंने राघोपुर से मैदान में उतरकर तेजस्वी की ‘परिवारवाद’ और वादों की पोल खोलने की बात कही थी। लेकिन आखिरकार यह मुकाबला नहीं हुआ, जिससे उनका वैकल्पिक नेता बनने का मौका गंवा गया। 2- मोदी और शाह के खिलाफ खुलकर नहीं बोले किशोर ने केंद्रीय नेताओं नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ सीधे तौर पर हमला नहीं किया। विपक्ष के कई नेता चुनावी मुद्दों पर उनके विरोध में जहर उगल रहे थे, लेकिन किशोर इस लहर का हिस्सा नहीं बने। जनता ने यह महसूस किया कि जेएसपी बीजेपी की ‘बी टीम’ जैसी भूमिका निभा रही है। 3 – शराबबंदी के खिलाफ विवादास्पद रुख किशोर ने शराबबंदी समाप्त करने की घोषणा कर महिलाओं और परिवारों की नाराजगी झेली। बिहार में महिलाओं के लिए यह नीति सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता का प्रतीक मानी जाती है। किशोर का यह कदम युवाओं को लुभाने की कोशिश में महिलाओं के विरोध को जन्म देने वाला साबित हुआ। 4- जाति और धर्म के आधार पर टिकट वितरण किशोर ने चुनाव से पहले घोषणा की थी कि उनकी पार्टी जाति और धर्म से ऊपर उठकर राजनीति करेगी। लेकिन टिकट वितरण में वही पैटर्न अपनाया गया, जिससे उनकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा हुआ। 5- NDA नेताओं के खिलाफ माहौल नहीं बना पाए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मंत्री अशोक चौधरी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बावजूद किशोर ने इसे केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित रखा। जनता तक इस मुद्दे का प्रभाव नहीं पहुंच पाया।

प्रचंड बहुमत पर मीठा जश्न: सीएम सैनी बोले— जलेबी की तरह बनी रहे जीत की मिठास

सोनीपत  सोनीपत के राई स्थित राजीव गांधी एजुकेशन सिटी में राज्य स्तरीय बलिदान दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया और इस मौके पर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंच से दादा कुशाल सिंह के बलिदान दिवस पर शत-शत नमन किया। इसके साथ बिहार चुनाव में एनडीए का प्रचंड बहुमत मिलने पर सीएम सैनी ने जलेबी बांटकर मुंह मिठा किया।   इसके साथ सोनीपत के राई में उन्होंने धर्म और देश की रक्षा के लिए अनेकों शहीदों ने अपने बलिदान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशाल सिंह की शहादत हरियाणा की पहचान बनी है। कुशाल सिंह के जीवन पर बनी फिल्म बनाने का मुख्य उद्देश्य उनके जीवन के बारे में सबको बताना है। मुगलों के राज में धर्मपरिवर्तन के खिलाफ गुरु तेग बहादुर ने हमेशा से ही लड़ाई लड़ी थी। नायब सिंह सैनी ने गुरू तेग बहादुर और बाबा कुशाल सिंह के बलिदान पर प्रकाश डाला और कहा कि जब मानवता पर संकट आएगा तब हरियाणा का जवान बलिदान देने से पीछे नहीं हटता हैं। वो बलिदान केवल धर्म नहीं बल्कि राष्ट्रीय चेतना के लिए भी था। 25 तारीख को गुरु तेग बहादुर पर कुरुक्षेत्र में एक कार्यक्रम आयोजित हो रहा है, जिसमें देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिरकत करेंगे।हिंद की चादर कार्यक्रम के तहत चार यात्राएं चल रही है, जिनका समापन 25 को कुरुक्षेत्र में होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1984 के दंगों में पीड़ित 121 परिवारों के एक सदस्य को मिलेगी सरकारी नौकरी देने का हमारी सरकार का निर्णय है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि यमुनानगर में बना रहे मेडिकल कॉलेज का नाम हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखा गया हैं। दादा कुशाल सिंह दहिया जी ने जिस धर्म, निष्ठा और देशभक्ति का परिचय दिया वह हर दिल के लिए बन प्रेरणा चुका है। जीटी रोड से बड़खालसा जाने वाली रोड का नाम दादा कुशाल सिंह दहिया मार्ग किया जाएगा। बड़खालसा सामुदायिक केंद्र का नाम बदलकर अमर शहीद दादा कुशाल सिंह दहिया किया जाएगा। गांव बड़खालसा में दादा कुशाल सिंह दहिया के शहीदी स्मारक का जीर्णोधार भी किया जाएगा। गांव दिपालपुर में ग्राम पंचायत द्वारा उपलब्ध कराई गई भूमि पर महिलाओं एवं युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट पार्क भी बनाया जाएगा।  इस पार्क के निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये की राशि का खर्च आएगा। गांव दिपालपुर में कम्युनिटी सेंटर का भी निर्माण करवाया जाएगा, जिस पर आएगी 65 लाख रुपये की लागत आएगी। राई विधानसभा के 25 किलोमीटर के रास्तों को खेत खलिहान योजना के तहत पक्का करवाया जाएगा। पौंड अथॉरिटी द्वारा निरीक्षण के बाद तालाबों का विस्तारीकरण एवं सौंदर्यकरण करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बड़खालसा में विकास कार्यों के लिए 31 लाख रुपए देने घोषणा भी की है।  

बिहार चुनाव परिणाम: BJP को मिला नया रास्ता, नीतीश पर निर्भरता खत्म!

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों ने सारे एग्जिट पोल्स को फेल कर दिया है। कुल 11 एग्जिट पोल आए थे, जिनमें से एक पोल डायरी ने ही एनडीए को 184 से 206 तक सीटें मिलने का अनुमान जताया था। अब आंकड़ा 200 पहुंच गया है तो इस एग्जिट पोल की चर्चा है। इस बीच सबसे ज्यादा चर्चा भाजपा के प्रदर्शन को लेकर है। भाजपा ने कुल 101 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 91 पर जीत हासिल हो गई है। इस आंकड़े के साथ भाजपा बिहार में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। भाजपा ने 2010 में इतनी ही सीटें पाई थीं, लेकिन तब सबसे बड़ी पार्टी जेडीयू थी। इस बार हालात अलग हैं।   जेडीयू ने भी शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन 79 सीटें लेकर भाजपा से 12 सीट पीछे है। इस तरह भाजपा की स्थिति ऐसी बन रही है कि उसके लिए जेडीयू के बिना भी बिहार की सत्ता में पहुंचने के रास्ते खुल रहे हैं। यह रास्ता चिराग पासवान की लोजपा-आर, जीतनराम मांझी की HAM और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोकमोर्चा को साथ लेकर बनता है। दरअसल बिहार विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 122 है। अब अकेले भाजपा के पास 91 है तो खुद को पीएम मोदी का हनुमान कहने वाले चिराग पासवान के पास भी 21 सीटें हैं। दोनों मिलकर 112 हो जाते हैं। फिर HAM की 5 और RLM की 4 सीटों को मिलाकर 121 नंबर होते हैं। बसपा का भी एक कैंडिडेट जीतता दिख रहा है। यदि बसपा का समर्थन मिल जाए तो बहुमत ही हासिल हो जाएगा। यही नहीं दूसरे दलों के कुछ विधायकों को सदन से गैर-हाजिर कराकर भी बहुमत के नंबर हासिल किए जा सकते हैं। हालांकि यह सिर्फ एक विकल्प है और भाजपा शायद ही ऐसा करना चाहेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि नीतीश कुमार अब भी बिहार में एक फैक्टर हैं। इसके अलावा यदि वह चाहें तो वह भी सरकार बनाने का दम रखते हैं। यही नहीं ऐसी सरकार में वह कंफर्ट में भी होंगे क्योंकि यदि भाजपा को छोड़कर वह निकले तो कम ताकत वाली आरजेडी उनके साथ होगी। नीतीश कुमार के पास क्या हैं रास्ते, क्या कहता है आंकड़ा उनकी सीटों के साथ यदि आरजेडी की 28, कांग्रेस की 5, ओवैसी की 5 और अन्य की 9 सीटों को मिला लिया जाए तो वह भी अलग होकर सरकार बना सकते हैं। इस तरह यह नतीजा बेहद रोचक है और आंकड़ा मजेदार हो गया है। हालांकि फर्क यह है कि नीतीश कुमार को कई ऐसे दलों को साधना होगा, जो अतिवादी हैं और नीतीश की उदार विचारधारा से मेल नहीं खाते, जैसे असदुद्दीन ओवैसी।  

मुख्यमंत्री ने गोपाल मंदिर के जीर्णोद्धार और विकास कार्यों का लिया जायजा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर गोपाल मंदिर का किया औचक निरीक्षण मुख्यमंत्री ने गोपाल मंदिर के जीर्णोद्धार और विकास कार्यों का लिया जायजा गोपाल मंदिर परिसर में नवनिर्मित सभागृह बनेगा गीता भवन एक दिसम्बर को गीता जयंती पर नवनिर्मित सभागृह किया जाएगा लोकार्पित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को इंदौर के ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर गोपाल मंदिर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में नवनिर्मित सभागृह को “गीता भवन” के रूप में विकसित किया गया है। गीता जयंती के अवसर पर इसे एक दिसंबर को जनता को समर्पित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह सभागृह 500 सीट का रहेगा। इसमें सभी अत्याधुनिक सुविधाएं रहेंगी। यह सभागृह धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का केन्द्र बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोपाल मंदिर में बच्चों को स्नेहपूर्वक दुलार किया और आसपास के दुकानदारों से भी चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूरे मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों और जीर्णोद्धार के कार्यों को देखा। उन्होंने निर्देश दिए कि मंदिर को अपने प्राचीन तथा गौरवशाली स्वरूप में पुनर्स्थापित किया जाए।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि गीता जयंती पर पूरे मध्यप्रदेश में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। हर जिले में गीता भवन विकसित किए जाएंगे ताकि धार्मिक, सांस्कृतिक और अध्यात्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके। निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, विधायक मती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर  शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त  दिलीप कुमार यादव, स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  अर्थ जैन एवं  सुमित मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लाड़ली बहनों और स्वच्छता दीदियों ने जताया आभार  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का शुक्रवार को इंदौर में लाड़ली बहनों और स्वच्छता दीदियों ने पुष्प-गुच्छ और पुष्प-मालाओं से स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लाड़ली बहनों ने उन्हें हर माह 1500 रुपये दिए जाने और स्वच्छता दीदियों के लिए नगर निगम के माध्यम से अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आभार जताया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, विधायक मती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर  शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त  दिलीप कुमार यादव, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर  अमित सिंह,  सुमित मिश्रा, अपर आयुक्त नगर निगम  रोहित सिसोनिया एवं  सुमित मिश्रा सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे। इंदौर के प्रसिद्ध पोहे का लिया आनंद  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर के राजवाड़ा के एक रेस्टोरेंट में मौजूद लोगों से चर्चा की। उन्होंने इंदौर के प्रसिद्ध पोहे का आनंद भी लिया।  

NDA की जीत में चिराग का बड़ा योगदान, बिहार चुनाव में साबित हुए ‘फिनिशर’

पटना  शुक्रवार दोपहर तक जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव के रुझान सामने आते गए, सोशल मीडिया पर चर्चा का माहौल गर्म होता गया. वजह साफ थी, NDA भारी बहुमत की ओर बढ़ रहा था और चिराग पासवान की LJP(RV) ने एक ऐसे फिनिशर की भूमिका निभाई, जिसने सबका ध्यान खींच लिया. ठीक वैसे ही जैसे क्रिकेट में रविंद्र जडेजा आख़िरी ओवरों में ताबड़तोड़ पारी खेलकर मैच को अपने नाम कर लेते हैं, चिराग पासवान ने भी NDA के लिए वैसा ही प्रदर्शन कर दिखाया. 29 सीटों पर चुनाव लड़ी पार्टी LJP(RV) इस चुनाव में 29 सीटों पर लड़ रही थीं, जबकि बीजेपी और जेडीयू 101–101 सीटों पर चुनाव लड़ रहे थे. बड़ी पार्टियों ने ओपनिंग बैट्समैन की तरह मजबूत शुरुआत की, लेकिन फिनिशिंग टच चिराग की पार्टी को देना था और उन्होंने यह काम शानदार तरीके से किया. 2024 में 5 सीटों पर जीत दर्ज की 2024 लोकसभा चुनाव में 5 सीटों पर 5 जीत दर्ज कर चुके चिराग को प्रधानमंत्री मोदी ने 'हनुमान' कहा था, वे 2025 में फिर से सुर्खियों में आ गए हैं. 29 में से 23 सीटों पर बढ़त, यानी लगभग परफेक्ट स्ट्राइक रेट. मगध, सीमांचल और पाटलिपुत्र क्षेत्रों में पार्टी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है, और 5% से ज्यादा वोट शेयर हासिल किया है. NDA के वोट का ट्रांसफर चिराग की पार्टी को मिला सबसे बड़ी बात यह रही कि NDA के वोट का बेहतरीन ट्रांसफर चिराग की पार्टी को मिला. बीजेपी और जेडीयू के समर्थकों ने LJP(RV) के उम्मीदवारों पर भरोसा जताया और चिराग ने भी वोट ट्रांसफर के मामले में गठबंधन को पूरा समर्थन दिया. 2020 के मुकाबले चौंकाने वाला प्रदर्शन यह प्रदर्शन 2020 के मुकाबले चौंकाने वाला है. तब 137 सीटों पर चुनाव लड़कर LJP(RV) सिर्फ एक जीत पाई थी और उसकी ‘एंटी-नीतीश’ मुहिम ने जेडीयू को बड़ा नुकसान पहुंचाया था. लेकिन इस बार NDA के साथ रहते हुए चिराग ने न सिर्फ अपनी पार्टी को मजबूत किया, बल्कि नीतीश कुमार और पूरे NDA की सीटों में भी इजाफा कर दिया. चिराग पासवान ने खुद को 'हनुमान' साबित किया इस तरह चिराग पासवान ने खुद को सचमुच 'हनुमान' साबित कर दिया जो गठबंधन को मजबूती देते हुए जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाते हैं. इस जीत के बाद NDA में चिराग का कद और बढ़ेगा, और बिहार की राजनीति में समीकरण भी बदलेंगे. जेडीयू और LJP(RV) के बीच लंबे समय से चली आ रही खटास के बीच यह नतीजे चिराग के लिए राजनीतिक पूंजी का काम करेंगे. अब चिराग के लिए भी 'जडेजा स्टाइल' में जश्न मनाने का वक्त है. बैट उठाने और तलवार घुमाने का अंदाज वाला.

सुबह-सुबह ED की Raid, नामी एक्सपोर्टर के घर-दफ्तर और फैक्ट्री पर छापेमारी

फगवाड़ा फगवाड़ा में सुबह सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा एक नामी एक्सपोर्टर के घर, दफ़्तर और फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी करने की सनसनीखेज सूचना मिली है।  फगवाड़ा पहुंची ED की टीम में बड़ी संख्या में अधिकारी शामिल हैं, जो एक्सपोर्टर के निवास स्थान, कार्यालय और फैक्ट्री के अंदर दस्तावेज़ों व लेन-देन की बारीकी से जांच कर रहे हैं। ED किस कारण से इस एक्सपोर्टर के प्रतिष्ठानों की जांच कर रही है, यह खबर लिखे जाने तक स्पष्ट नहीं हो सका है। मामले को लेकर शहर में तरह-तरह की चर्चाएं तेज़ हैं और कई लोग इसे बड़े घोटाले से जुड़ा मामला मान रहे हैं। बता दें कि जिस एक्सपोर्टर के ठिकानों पर रेड चल रही है, उससे संबंधित अब तक ED की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि सूत्रों का दावा है कि इस छापेमारी के पीछे बड़े कारण हैं और आने वाले समय में सनसनीखेज खुलासे होने की संभावना है।