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अपनी ही रकम के लिए रिटायर्ड फौजी को देनी पड़ी घूस, पुलिस पर उठे सवाल, SP तक पहुंची शिकायत

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रिटायर्ड फौजी को उनका ही पैसा लौटाने के एवज में 10 हजार रुपया रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। फौजी का कहना है रिश्वत बड़ागांव चौकी प्रभारी एएसआई राजकुमार शर्मा ने मांगी है। एएसआई की इस हरकत का 15 जून को उन्होंने वीडियो भी बनाया है। उसमें एएसआई शर्मा बोलते हुए दिख रहे हैं कि “13 लाख रुपया नहीं देख रहे हो, 10 हजार रुपए की चिंता कर रहे हो”। जिसकी शिकायत पर पुलिस अधिकारियों ने इस मामले को लेकर कार्रवाई करने की बात कही है। प्लाट धोखाधड़ी से शुरू हुआ था मामला दअरसल, भिंड असहोना निवासी मुन्नालाल जोतिषी ने पुलिस से शिकायत कर बताया कि उन्होंने दो साल पहले पत्नी बैजंती के नाम से बब्लू बुंदेला की पत्नी रागिनी से 25 गुणा 45 वर्ग फीट का प्लॉट 13 लाख 90 हजार रुपये में खरीदा था। इसमें उनके साथ धोखा हो गया। उन्हें जो प्लॉट दिखाया गया, उसकी जगह रेंच वाले प्लॉट की रजिस्ट्री कर दी गई। इसकी शिकायत उन्होंने 2023 में एसपी दफ्तर में की थी।  ASI ने बिल्डर से चेक लेकर फरियादी को देने का किया वादा फिर पता चला कि रजिस्ट्री भी गड़बड़ है, तो उन्होंने अपने स्तर पर बब्लू बुंदेला पर दबाव बनाया तो उसने एक लाख रुपया तो तत्काल लौटा दिया था। बाकी रकम 12 लाख 50 हजार रुपये का चेक देने का वादा किया। मामले की जांच बड़ागांव चौकी प्रभारी एएसआई राजकुमार शर्मा के पास है। एएसआई शर्मा ने बबलू से उनके नाम का चेक तो ले लिया लेकिन फरियादी को नहीं दिया और उसके बदले 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी।  फोन कर फरियादी से कहा- पैसा दो चेक मिल जाएगा 15 जून को एएसआई राजकुमार शर्मा भिंड मिहोना आए थे। शर्मा ने फोन कर उन्हें बस स्टेंड पर बुलाया था। वहां सीधे कहा था “पैसा दो चेक मिल जाएगा’। मुन्नालाल के मुताबिक उन्होंने एएसआई शर्मा की घूस की डिमांड का वीडियो भी बनाया और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दे दिया। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिटायर्ड फौजी ने एएसआई पर घूस मांगने का आरोप लगाया है। इस मामले की जांच की जा रही हैं वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

खेल अब केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भारत के युवाओं के व्यक्तित्व, करियर और वैश्विक पहचान से जुड़ चुका : CM यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी स्पेन यात्रा के पहले दिन की शुरूआत मैड्रिड स्थित विश्व प्रसिद्ध LaLiga मुख्यालय के भ्रमण से की और वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट कर खेल, युवा सशक्तिकरण और निवेश सहयोग पर केंद्रित संवाद किया। उन्होंने कहा कि LaLiga की खेल विशेषज्ञता और वैश्विक पहुँच का लाभ मध्यप्रदेश के युवाओं तक पहुँचना चाहिए। यह यात्रा सिर्फ एक औपचारिक दौरा नहीं, बल्कि खेल के क्षेत्र में नवाचार, सामाजिक समावेशन और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी की दिशा में प्रदेश के दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने LaLiga के पदाधिकारी और तकनीकी निदेशकों के समक्ष प्रस्ताव रखा कि मध्यप्रदेश में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर फुटबॉल एक्सीलेंस सेंटर, स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन और स्पेनिश कोचिंग आधारित यूथ ट्रेनिंग प्रोग्राम प्रारंभ किए जाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि LaLiga के साथ यह साझेदारी केवल खेलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह प्रदेश में रोजगार सृजन, सामाजिक भागीदारी, अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग और सांस्कृतिक पर्यटन को नई दिशा दे सकती है। LaLiga मैचों में होगी म.प्र. की ब्राडिंग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुझाव दिया कि LaLiga मैचों के दौरान डिजिटल और ग्राउंड को-ब्रांडिंग अभियानों के माध्यम से मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विविधता, वन्यजीव, विरासत स्थलों और पर्यटन अवसरों का स्पेन और यूरोप के व्यापक दर्शकों के बीच प्रभावी प्रचार किया जा सकता है। इससे न केवल पर्यटन बल्कि स्पोर्ट्स टूरिज्म, फिटनेस, मीडिया ब्रॉडकास्टिंग और स्पोर्ट्स टेक जैसे सेक्टर्स में विदेशी निवेश आकर्षित करने की संभावनाएँ मजबूत होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की 18 सेक्टर-विशिष्ट औद्योगिक नीतियों और ‘स्टार्ट योर बिजनेस इन 30 डेज़’ जैसी दूरदर्शी पहलों का उल्लेख करते हुए LaLiga के साथ जुड़े वैश्विक निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक साझेदारियों के लिए एक भरोसेमंद और अनुकूल डेस्टिनेशन बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं के कौशल विकास, फुटबॉल अकैडमीज़ के ज़रिये प्रतिभा पहचान, और सामुदायिक भागीदारी जैसे क्षेत्रों में LaLiga की दीर्घकालिक विशेषज्ञता और भारत में उसकी सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश इस सहयोग के माध्यम से खेल को सामाजिक विकास का सशक्त माध्यम बनाएगा। LaLiga और मध्यप्रदेश: भविष्य के साझेदार LaLiga, स्पेन की प्रमुख पेशेवर फुटबॉल लीग, न केवल स्पोर्टिंग उत्कृष्टता का प्रतीक है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर युवाओं के लिए प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और ब्रांड विस्तार का भी एक प्रभावशाली मंच है। भारत में LaLiga की सक्रियता, विशेषकर LaLiga Football Schools जैसी पहल, यह दर्शाती हैं कि स्पेनिश फुटबॉल का भारतीय युवाओं से गहरा संबंध बन चुका है। अब यह संबंध मध्यप्रदेश जैसे संभावनाशील राज्य के लिए नए अवसरों का द्वार खोल सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह यात्रा, वैश्विक खेल नेटवर्क से जुड़कर प्रदेश में निवेश, युवाओं के कौशल विकास और सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल मानी जा रही है। स्पेन के राजनीतिक, कारोबारी और खेल जगत में इस दौरे को उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है और यह भारत की स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी को भी नई ऊँचाइयाँ देने वाला कदम सिद्ध हो रहा है। फुटबॉल के जरिए भविष्य की नीव और खेलों में अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी का प्रारंभ होगा नया दौर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पेन की राजधानी मैड्रिड में ला लीगा मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को लेकर जिस प्रकार से वातावरण बना है, उसने प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचने का अवसर दिया है। खेल अब केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भारत के युवाओं के व्यक्तित्व, करियर और वैश्विक पहचान से जुड़ चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत सरकार और खेल मंत्रालय के सहयोग से मध्यप्रदेश भी हर स्तर पर खेलों के विकास में अग्रसर है। उन्होंने बताया कि शहडोल के एक छोटे से गाँव में जब प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की "फुटबॉल राजधानी" की उपमा दी, तो वह केवल एक प्रशंसा नहीं थी, बल्कि देश की उस छिपी हुई ताकत को पहचानने का संकेत था, जो ग्रामीण भारत में मौजूद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहडोल से लेकर भोपाल तक, प्रदेश में फुटबॉल सहित सभी खेलों के लिए अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं, प्रशिक्षण और वैश्विक प्रतियोगिताओं में भागीदारी के अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि स्पेन जैसे देशों के अनुभवों से सीखकर, मध्यप्रदेश में भी फुटबॉल को नई दिशा दी जाएगी। प्रतिभाओं को तराशने के लिए तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण केंद्र, और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में सहभागिता की संभावनाओं पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि स्पेन प्रवास के दौरान औद्योगिक निवेश के कार्यक्रमों के साथ उन्होंने खेल क्षेत्र के लिए भी कई उच्च स्तरीय बैठकें की हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश केवल उद्योग, पर्यटन या शिक्षा में ही नहीं, बल्कि खेलों के क्षेत्र में भी अग्रणी बने, यही हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को विश्वस्तरीय अवसर देने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। फुटबॉल जैसे खेलों के माध्यम से न केवल शरीर, बल्कि भविष्य भी गढ़ा जा सकता है।  

भोपाल मंडल में हुआ नया नेतृत्व,अभिराम खरे ने भोपाल मंडल का ADRM पदभार ग्रहण किया

भोपाल  पश्चिम मध्य रेलवे, भोपाल मंडल के नए अपर मंडल रेल प्रबंधक (ए.डी.आर.एम.) के रूप में अभिराम खरे ने विधिवत रूप से कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने यह जिम्मेदारी निवर्तमान ए.डी.आर.एम. रश्मि दिवाकर से संभाली। महत्वपूर्ण पदों पर दे चुकी है अपनी सेवाएं अभिराम खरे भारतीय रेलवे लेखा सेवा (IRAS) के 2006 बैच के अधिकारी हैं। कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व वे पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय, जबलपुर में वित्त सलाहकार (यातायात एवं निर्माण) के पद पर कार्यरत थे। इससे पूर्व वे भोपाल में निर्माण विभाग में उप वित्त सलाहकार के रूप में तथा जबलपुर में वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। आपने अपने रेलवे कैरियर की शुरुआत जबलपुर मंडल में सहायक मंडल वित्त प्रबंधक (ADFM) के पद से की थी। कार्यकुशलता और गहन प्रशासनिक अनुभव के कारण उन्हें वित्त, निर्माण तथा प्रबंधन से संबंधित कई महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन करने का अवसर प्राप्त हुआ। प्रशासनिक दक्षता का भी समृद्ध अनुभव अभिराम खरे ने डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर से फार्मेसी में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त उन्होंने राजनीति शास्त्र एवं अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर तथा कानून (LLB) में भी स्नातक डिग्री हासिल की है। उनके पास बहुविषयी शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ-साथ प्रशासनिक दक्षता का भी समृद्ध अनुभव है। भोपाल मंडल में ए.डी.आर.एम. के रूप में उनकी नियुक्ति पर मंडल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उन्हें बधाई दी और आगामी कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं। मंडल को उनके नेतृत्व में नव ऊर्जा, नयी दृष्टि और सुव्यवस्थित प्रबंधन की अपेक्षा है।

उज्जैन पुलिस ने ट्रैक की दो एक नंबर की कारें — एक मुख्यमंत्री काफिले की

उज्जैन  एक ही नंबर की दो इनोवा कार चलाने का मामला सामने आया है। माधव नगर पुलिस ने दोनों वाहनों को थाने में खड़ा करवाया है। फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों ने इसकी शिकायत की थी। आरोपित ने कंपनी से कार फाइनेंस करवाने के बाद उसकी किश्त जमा नहीं की थी। कंपनी की कार्रवाई से बचने के लिए उसने अपनी दूसरी कार का नंबर लगा लिया था। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। बताया जा रहा है कि एक कार को बीते दिनों सीएम के कारकेट भी लगाया गया था। बचने के लिए दूसरी कार का नंबर लगा दिया जानकारी के अनुसार एक फाइनेंस कंपनी के अधिकारी माधव नगर थाने पहुंचे थे। जहां उन्होंने एक ही नंबर की दो इनोवा कार चलाए जाने की बात कही थी। शिकायत में पुलिस को बताया गया था कि एक सुनील नामक व्यक्ति ने उनकी कंपनी से कार फाइनेंस करवाई थी। इसकी किश्त उसने जमा नहीं की है। इसके बाद उसने फाइनेंस कंपनी की कार्रवाई से बचने के लिए कार पर दूसरी कार का नंबर लगा लिया है। इसके बाद उसे शहर में चलाया जा रहा है। कंपनी के अधिकारियों पर पुलिस ने जांच की तो एक ही नंबर की दो इनोवा कार भी मिली है। जिसके बाद दोनों कारों को जब्त कर थाने पर खड़ा करवा दिया गया है। टीआइ राकेश भारती का कहना है कि दो कारों पर एक ही नंबर लगा होने की सूचना मिली थी। जिस पर दोनों कारों को जब्त कर थाने ले जाया गया है। मामले की जांच की जा रही है। सीएम कारकेट में भी लगी एक कार बताया जा रहा है कि एक नंबर की दो कारों में से एक को बीते दिनों सीएम डा. मोहन यादव के कारकेट में भी लगाया गया था। जिसकी भी जांच की जा रही है।

ठेकेदार की मनमानी: 8 इंच की जगह 4 इंच में ढलाई, कलेक्टर बोले – जांच के बाद नहीं बख्शा जाएगा

बालोद आदिवासी विकासखंड डौण्डी के ग्राम पंचायत बम्हनी के आश्रित गांव कटरेल में सीसी रोड निर्माण में ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है. ग्रामीणों का कहना है कि इस काम में निर्माण एजेंसी मनमानी कर रहा. बिना झिल्ली बिछाए एस्टीमेट में 8 इंच सड़क को महज 4 इंच में ढाला जा रहा है. इस मामले में अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक ने जिला स्तरीय जांच टीम गठित कर जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है. ग्रामीणों की मांग पर प्रशासन ने 266 मीटर सीसी रोड के लिए 10 लाख रुपए स्वीकृत किए थे, जिसका निर्माण RES विभाग की देखरेख में हो रहा है. यह सड़क डीएमएफ की राशि से बनाई जा रही है. ग्रामीणों ने दबी जुबान से बताया कि घटिया सड़क का निर्माण एजेंसी द्वारा किया जा रहा है. इस पर जांच कर जितना काम हुआ है उतना ही मूल्यांकन किया जाना चाहिए और जहां बिना झिल्ली के निर्माण किया गया है उसे पुनः तोड़ कर निर्माण किया जाना चाहिए. इस पूरे मामले में आरईएस के एसडीओ जयप्रकाश चंद्राकर ने बताया कि आपके द्वारा जानकारी मिलने के बाद मौके पर गया था. इंजीनियर को निर्देशित किया गया है कि जांच कर कोर कटिंग जितना निकलेगा उतने का ही मूल्यांकन करें. अब देखना होगा कि डौंडी विकासखण्ड में के घोर जंगल में बसे गांवों में हो रहे इस तरीके के कार्यों पर कार्यवाही हो पाती है या लीपापोती कर अधिकारी ऐसे लोगों को संरक्षण देकर ऐसे ही गुणवत्ताहीन कार्य कराकर भ्रष्टाचार को अंजाम देंगे.

भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे पूर्व सरपंच पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, जांच के लिए टीम पहुंची गांव

कवर्धा विवादों में घिरा ग्राम पंचायत दशरंगपुर एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। यहां के पूर्व सरपंच राजू खान पर 50 लाख से अधिक रुपए का गंभीर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगा है। ग्रामीणों और उपसरपंच दुर्गेश साहू का आरोप है कि पंचायत में आए विकास कार्यों के फंड का दुरुपयोग कर पूर्व सरपंच राजू ने अपनी जेब भरी। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और जनपद सीईओ से की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में 40 साल पुराने बोर खनन के नाम पर राशि निकाल ली गई, जबकि ऐसा कोई काम नहीं हुआ। सड़क, पानी टंकी और अन्य मूलभूत सुविधाओं के नाम पर भी फर्जीवाड़ा कर पैसे की बंदरबांट की गई। इस संबंध में उपसरपंच दुर्गेश साहू ने सूचना का अधिकार (RTI) के तहत पंचायत में जानकारी मांगी थी, जिसके बाद इस पूरे मामले का खुलासा हुआ। ग्रामीणों ने आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर भ्रष्टाचार की शिकायत कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और जनपद सीईओ से की है। शिकायत के बाद जनपद पंचायत के पांच सदस्यीय जांच दल ने ग्राम पंचायत दशरंगपुर पहुंचकर यहां हुए कार्यों की भौतिक जांच शुरू कर दी है। जांच दल जिओ टैगिंग के माध्यम से पूर्व में किए गए तथाकथित विकास कार्यों की पड़ताल कर रहा है। सारे आरोप बेबुनियाद : पूर्व सरपंच इस मामले में पूर्व सरपंच राजू खान ने सभी आरोपों को बेबुनियाद और राजनीतिक साजिश करार दिया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और सबकी नजरें इस पर टिकी है कि जांच के बाद सच्चाई किसके पक्ष में सामने आती है।

भोपाल सार्वजनिक शौचालय का उपयोग हुआ महंगा, अब वसूले जाएंगे 10 रुपये

भोपाल  शहर में संचालित होने वाले सशुल्क सार्वजनिक शौचालय का शुल्क महंगा हो गया है। अब यहां जाने पर नागरिकों को छह के बजाए 10 रुपये देने होंगे। इसकी मंजूरी  महापौर मालती राय की अध्यक्षता वाली मेयर इन काउंसिल ने दे दी है। बैठक में इसके अलावा बरकतउल्ला विश्वविद्यालय परिसर सहित नीलबड़, संजीव नगर, मालीखेड़ी और प्रेमपुरा पर 25 करोड़ आठ लाख रुपये की लागत से नए विसर्जन घाट विकसित किए जाएंगे। कलियासोत डैम से जुड़े नालों की टेपिंग होगी परम्परागत पुराने विसर्जन घाटों पर एनजीटी की रोक के बाद नगर निगम ने यह जगह चिन्हित की हैं । वहीं बड़ा तालाब और कलियासोत डैम से जुड़े नालों की टेपिंग होगी। आइएसबीटी स्थित महापौर कार्यालय में मेयर इन कौंसिल की बैठक आयोजित की गई। एमआइसी के सामने करीब 15 प्रस्ताव रखे गए। सभी प्रस्तावों पर मेंबरों ने चर्चा कर पास कर दिए। यह प्रोजेक्ट एक मई 2025 को पूरा करना था ज्यादातर एचएफए के अधूरे प्रोजेक्ट के प्रस्ताव लाए गए। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्राम समरधा में आवासीय सह व्यवसायिक काम्पलेक्स के बैलेंस वर्क को पूरा करने के लिए 14 करोड़ 11 लाख के टेंडर बुलाने की मंजूरी दी गई। जबकि कलखेड़ा प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए मेसर्स एस्कान इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड को 31 दिसंबर तक का एक्सटेंशन दिया गया है। फर्म को यह प्रोजेक्ट एक मई 2025 को पूरा करना था। नॉन स्लम EWS के लिए 26 आवंटियों को मंजूरी वहीं भौंरी, कलखेड़ा, बागमुगालिया फेस-एक, हिनोतिया आलम और रासलाखेड़ी प्रोजेक्ट में नॉन स्लम EWS के लिए 26 आवंटियों को मंजूरी दी गई। आलम नगर प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए मेसर्स सांई कंस्ट्रक्शन को 15 दिसंबर तक का एक्सटेंशन। यह प्रोजेक्ट 16 जून 2025 को पूरा होना था। इसी तरह रासलाखेड़ी प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए मेसर्स पैराडाइज को 31 दिसंबर तक का एक्सटेंशन। यह प्रोजेक्ट 14 अप्रैल 2025 को पूरा होना था। बड़ा तालाब और कलियासोत डेम का होगा उद्धार अमृत 2.0 में कलियासोत नदी के रिज्युवेशन कार्य के लिए 36.68 करोड़ के टेंडर बुलाने की मंजूरी दी गई । इसी तरह अमृत 2.0 में बड़ा तालाब के रिज्युवनेशन कार्य के लिए 14.91 करोड़ के टेंडर बुलाने की मंजूरी दी। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक कलियासोत डेम में गर्मी के मौसम में पानी खत्म हो जाता है। इसमें पानी स्टोर रहे, इसके लिए स्टाप डेम बनाए जाएंगे। वहीं स्पॉट डेम में शुद्ध पानी रहे, इसके लिए आसपास बाउंड्री बनेगी। इसी तरह बड़ा तालाब में मिल रहे नालों की टेपिंग होगी। नालों के गंदी पानी को एसटीपी की तरफ मोड़ा जाएगा। अमृत मित्र को मिला एक्सटेंशन अमृत 2.0 में अमृत मित्र बनाए गए हैं। इसमें दो स्व सहायता समूह काम करते हैं, जो घर-घर जाकर पानी सेम्पल लेकर टेस्टिंग लैब में देते हैं । इन्हें हर सैम्पल के हिसाब से भुगतान किया जाता है। अमृत मित्र का टेंडर 18 जून को खत्म हो गया है । इसलिए एमआइसी में एक साल एक्सटेंशन की फाइल रखी गई। हालांकि मेंबरों ने इसे तीने महीने करने को ही कहा है।  

करणी सेना–पुलिस झड़प: सीएम ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए, रिपोर्ट तलब

हरदा  हरदा में करणी सेना परिवार के प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा राजपूत छात्रावास में घुसकर किए गए लाठीचार्ज पर सीएम ने संज्ञान लिया है।सीएम ने ट्वीट कर लिखा, हरदा छात्रावास प्रकरण का संज्ञान लेकर मैंने जिला प्रशासन से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। हमारी सरकार के लिए सामाजिक न्याय और परस्पर सद्भाव सर्वोच्चय प्राथमिकता है। मप्र में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी। हरदा में विवाद की पूरी टाइम लाइन     विवाद की शुरुआत 11–12 जुलाई को हुई। करणी सेना परिवार के नेता आशीष सिंह राजपूत ने आरोप लगाया कि उनके साथ हीरा खरीदने के नाम पर ₹18 लाख की धोखाधड़ी हुई, जिसकी उन्होंने मोगली थाने में शिकायत दर्ज करवाई। आशीष राजपूत ने विकास लोधी, मोहित वर्मा, उमेश तपानिया के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।     12–13 जुलाई को पुलिस ने आरोपी मोहित वर्मा को गिरफ्तार किया और उसे कोर्ट ले जाने का प्रयास किया। इस दौरान करीब 40–50 करणी सेना कार्यकर्ता कोर्ट परिसर और मुख्य मार्ग पर आकर अदालत के रास्ते पर आरोपी को सौंपने की मांग की इसको लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ।     पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बातचीत की कोशिश की, लेकिन जब प्रदर्शनकारी नहीं हटे तो आंसू गैस, वाटर कैनन और लाठीचार्ज किया। इस दौरान 4–5 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया, जिनमें जिला अध्यक्ष सुनील राजपूत, आशीष राजपूत भी शामिल थे।     3 जुलाई रविवार सुबह प्रदर्शनकारियों ने खंडवा बायपास हाईवे और अन्य मार्गों को बंद कर दिया। जाम के कारण स्कूल, एम्बुलेंस प्रभावित हुए तो पुलिस ने तीन बार तक लाठीचार्ज किया, साथ में तीन बार वाटर कैनन, आंसू गैस फायरिंग की गई। पुलिस ने नियम तोड़ने के आरोप में सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। 60 से ज्यादा लोगों को जेल भेज दिया गया।     कोर्ट के बाहर और राजपूत छात्रावास में घुसकर क्षेत्र के साथ भी क्षेत्र को खाली कराने के लिए दोबारा बल प्रयोग किया गया।     14 जुलाई को 60 से ज्यादा गिरफ्तारियों की पुष्टि हुई। इसके बाद शांति बनाए रखने के लिए हरदा में प्रशासन ने Section 163 BNS (पूर्व 144) लागू कर दी गई।     पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह हरदा पहुंचे, उन छात्रों से मिले जिनके ऊपर लाठीचार्ज किया गया था। स्थानीय लोगों ने पुलिस पर बच्चों सहित महिलाओं को पीटने का आरोप लगाते हुए न्यायिक जांच की मांग की।     15 जुलाई को करणी सेना परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर को शर्तों के साथ रिहा किया गया। उन्होंने आंदोलन शांतिपूर्ण रखने और आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया     प्रशासन ने अधिकृत रिपोर्ट तैयार की और वीडियो फुटेज जारी कर यह दिखाने की कोशिश की कि पुलिस कार्रवाई समूह विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि स्थानीय कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई थी ।

खुलासा : छांगुर बाबा नेपाल सीमा से सटे गांवों में धर्मांतरण के अड्डे खोलने की तैयारी कर रहा था

 बलरामपुर उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में एटीएस की गिरफ्त में आए छांगुर बाबा को लेकर लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, छांगुर नेपाल सीमा से सटे गांवों में इस्लामिक मूवमेंट फैलाने और धर्मांतरण के अड्डे खोलने की साजिश रच रहा था. इसके लिए उसने 46 गांवों के युवाओं को टारगेट किया था और एक पूरी टीम भी खड़ी कर ली थी.  छांगुर बाबा का मकसद सीमावर्ती युवाओं को कट्टर सोच और जिहाद की तरफ झुकाने का था, जिसके लिए वह जलसों में तकरीरें करता और परचे बांटकर उनकी मानसिकता समझने की कोशिश करता था. चिह्नित युवाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए वह उन्हें पैसों का लालच भी दे रहा था. सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि छांगुर ने इस्लामिक मूवमेंट फैलाने के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रखी थी. विदेशों से उसके पास लगातार पैसे आने लगे थे और वह नेपाल में भी अपनी पैठ बनाने की कोशिश में जुटा था. साल 2020 के बाद वह आर्थिक रूप से बेहद मजबूत हो गया. वर्ष 2015 तक जो छांगुर पुरानी बाइक से अंगूठियां और नग बेचता था, वह अब लग्जरी गाड़ियों में घूमने लगा था. उसके करीबियों की संपत्तियां भी तेजी से बढ़ीं. एटीएस की जांच में सामने आया है कि छांगुर बाबा ने सरकारी जमीनों पर भी कब्जा करने का खेल शुरू कर दिया था. उतरौला क्षेत्र में तालाब, चरागाह, खलिहान की जमीनों पर उसकी नजर थी. तहसील कर्मियों की मिलीभगत से उतरौला के एक तालाब की जमीन अपने नाम करा ली थी और बाद में उसे नीतू रोहरा के नाम एक करोड़ रुपये में बेच दिया गया. नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी ने इस तालाब की जमीन पाटने की रिपोर्ट भी प्रशासन को भेजी थी. उतरौला में छांगुर बाबा ने दो जगहों पर कब्जे किए थे, जिनमें से एक कोठी प्रशासन ने गिरा दी है, जबकि दूसरी जगह को लेकर जांच जारी है. छांगुर बाबा के नेटवर्क में 18 अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. अगस्त 2024 में इसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी, लेकिन करीब आठ महीने तक जांच ही चलती रही. अप्रैल 2025 में इसके बेटे और सहयोगी नवीन रोहरा की गिरफ्तारी के बाद छांगुर का नेटवर्क कमजोर पड़ने लगा और उसके करीबी उससे दूरी बनाने लगे. फिलहाल छांगुर एटीएस की रिमांड कस्टडी में है, जहां उससे पूछताछ जारी है. रिमांड की दो दिन की अवधि और बची है. एटीएस का मानना है कि पूछताछ में इससे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.

अलीराजपुर में सुबह 6 बजे से हो रही लगातार बारिश से उर नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा

भोपाल  मध्यप्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी है। आज 18 जिलों में अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट है। अलीराजपुर में सुबह 6 बजे से हो रही लगातार बारिश से उर नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पुलिया से 3 फीट ऊपर पानी बह रहा है। पानी घरों में घुस गया है। बैतूल जिले के सारणी में सतपुड़ा बांध के 5 गेट 2 फीट तक खोले गए हैं। इन गेटों को आज सुबह 10:45 बजे खोलकर 8390 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। डिंडौरी और मंडला में भी तेज बारिश जारी है। यहां नर्मदा नदी में पानी बढ़ रहा है। कई जगहों पर पुल डूब गए हैं। मंडला के सुभाष वार्ड में पानी निकासी नहीं होने के चलते सड़क पर तीन फीट के ऊपर पानी भर गया है। डिंडौरी में नर्मदा घाटों पर बने मंदिर डूब गए हैं। मंगलवार को 25 से ज्यादा जिलों में हुई बारिश मंगलवार को ग्वालियर, भोपाल, इंदौर समेत 25 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। सबसे ज्यादा ग्वालियर में 2.3 इंच पानी गिर गया। खरगोन में डेढ़ इंच, सीधी में 1 इंच और उमरिया में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा। शाजापुर और रायसेन में भी तेज बारिश का दौर चला। भोपाल, दतिया, इंदौर, नर्मदापुरम, श्योपुर, शिवपुरी, मंडला, सागर, सिवनी, बालाघाट, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर, आगर-मालवा, देवास समेत कई जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई। हालांकि, बीते 24 घंटे में बारिश या वर्षाजनित हादसों में किसी मौत की खबर नहीं है। इस मानसूनी सीजन में मध्यप्रदेश में औसत 18.2 इंच बारिश हो गई है, जो कोटे से आधी है। अब तक की औसत बारिश से यह 72% यानी 5.6 इंच ज्यादा है। अब तक 10.6 इंच पानी गिरता है। निवाड़ी ऐसा जिला है, जहां एक महीने में ही बारिश का आंकड़ा 103% यानी 31.46 इंच पहुंच गया है। इस जिले की सामान्य बारिश साढ़े 30 इंच है। इंदौर और उज्जैन संभाग के जिले पिछड़े हुए हैं। 5 बड़े शहरों में भोपाल में 14.5 इंच, इंदौर में 7 इंच, ग्वालियर में 18.5 इंच, जबलपुर में 21.6 इंच और उज्जैन में 8 इंच पानी गिरा है। वहीं, टीकमगढ़ में 91% (33 इंच), छतरपुर में 75% (28 इंच), शिवपुरी में 82% (25.3 इंच) और मंडला में 75% (35 इंच) बारिश हो चुकी है।