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क्यों बोले भावी चीफ जस्टिस- ‘यही सबसे बेहतर सुबह है’? जानें दिल्ली धमाके से कनेक्शन

नई दिल्ली  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लाल किला के पास हुए कार धमाके के अगले ही दिन यानी मंगलवार को जब सुप्रीम कोर्ट में गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत जेल में बंद एक आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई की बारी आई तो उस मामले की पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ दवे ने कोर्ट से गुजारिश की कि आज इस मामले की सुनवाई नहीं की जाए।उन्होंने जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ से अनुरोध करते हुए कहा कि "कल की घटनाओं के बाद इस मामले में बहस करने के लिए यह सबसे अच्छी सुबह नहीं है।" इस पर भावी CJI जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा, "सख्त संदेश देने के लिए यही सबसे अच्छी सुबह है।" इसके बाद मामले की सुनवाई शुरू हो गई। जब अदालत ने इस बात की ओर इशारा किया कि आरोपी के पास से भड़काऊ सामग्री बरामद हुई है, तो बचाव पक्ष के वकील दवे ने कहा कि केवल इस्लामी साहित्य ही बरामद हुआ है। इसके बाद जस्टिस मेहता ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि आरोपी ने एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया था, जिस पर लगभग ISIS जैसा ही एक झंडा दिखाई दे रहा था। दवे की सारी दलीलें दरकिनार, जमानत अर्जी खारिज इस पर दवे ने दलील दी कि आरोपी दो साल से ज़्यादा समय से जेल में बंद है, लेकिन अदालत ने उनके इस तर्क को काटते हुए कहा कि उसके खिलाफ आरोप भी तो गंभीर हैं। दवे ने जोर देकर कहा कि कोई आरडीएक्स या विस्फोटक सामग्री उसके पास से बरामद नहीं हुई है और आरोपी 70 फीसदी विकलांग है। इसके बाद पीठ ने जमानत याचिका खारिज कर दी। दो साल के अंदर सुनवाई पूरी करने का निर्देश हालांकि,अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया कि ट्रायल कोर्ट दो साल के अंदर इस मुकदमे की सुनवाई पूरी कर ले। पीठ ने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है, तो अभियुक्त जमानत के लिए फिर से आवेदन दे सकता है, बशर्ते कि मुकदमे में देरी उसके कारण न हुई हो। बता दें कि जस्टिस सूर्यकांत के रिटायर होने के बाद फरवरी 2027 में जस्टिस विक्रम नाथ देश के CJI होंगे। जस्टिस सूर्यकांत इसी महीने CJI बनने जा रहे हैं क्योंकि जस्टिस बीआर गवई 23 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं।  

सुप्रिया श्रीनेत ने उठाए सवाल: आखिर लाल किला जैसी सुरक्षित जगह पर हमला कैसे?

नई दिल्ली लाल किले के पास हुए बम ब्लास्ट के बाद कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने मंगलवार को घटना को चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी जिम्मेदारी तय करनी होगी। सरकार इससे बच नहीं सकती। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को यह तय करना होगा कि आखिर यह सब क्यों और कैसे हो रहा है? आखिर कोई कैसे हमारे देश में दाखिल होकर इन हमलों को अंजाम दे रहा है? सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में लगातार इस तरह के हमले हो रहे हैं। सात महीने पहले जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। फरीदाबाद में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी। निसंदेह यह चिंता का विषय है। सरकार को इस संबंध में जवाब देना होगा। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि मंगलवार सुबह प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार के लोगों से वोट देने की अपील की। इसके बाद भूटान चले गए। भूटान जाने के बाद उन्होंने कहा कि मैं बहुत भारी मन से यहां आया हूं, तो आपको वहां जाने के लिए किसने बाध्य किया था? आप नहीं जाते। आप भारत में ही रहते। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कहां पर हैं? आखिर सरकार क्या कर रही है? जांच एजेंसियां क्या कर रही हैं? सरकार को इस संबंध में जवाब देना होगा। अब इस संबंध में बात होना इसलिए जरूरी हो जाता है क्योंकि देश को सुरक्षित रखना सरकार की जिम्मेदारी है और सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि मैं बार-बार कहता हूं कि इसी तरह से भारतीयों को अपनी जान गंवानी पड़ेगी, तो हम निश्चित तौर पर सरकार से इस संबंध में सवाल करेंगे, क्योंकि इस समय यह देश सुरक्षित हाथों में बिल्कुल भी नहीं लग रहा है। लोगों को हमेशा इस बात का डर लगा रहता है कि पता नहीं कब क्या हो जाए। उन्होंने कहा कि पूरा देश मौजूदा समय में यह चाहता है कि बम ब्लास्ट मामले की जांच की जाए और दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले।

मिलिंग कार्य में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जायेगी : खाद्य मंत्री राजपूत

धान परिवहन कार्य में लगे वाहनों पर लगेगा जीपीएस खाद्य मंत्री ने दिये एनसीसीएफ के प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई एवं ब्लैक लिस्टेड करने के निर्देश भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने सख्त निर्देश दिये हैं कि मिलर्स धान मिलिंग के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरते।मिलिंग कार्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आई तो कठोर कार्रवाई की जायेगी। मिलिंग कार्य के दौरान कोई भी गड़बड़ी या अनियमितता पाई जायेगी तो संबंधित जिला प्रबंधक एवं क्षेत्रीय प्रबंधक के खिलाफ भी दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी। खाद्य मंत्री श्री राजपूत मंत्रालय में प्रदेश के मिलर्स के साथ आयोजित बैठक में विपणन वर्ष 2025-26 की मिलिंग नीति के प्रारूप पर चर्चा कर रहे थे। बैठक में शहडोल उमरिया क्षेत्र के मिलर्स द्वारा एनसीसीएफ के प्रभारी एवं कर्मचारियों के कार्य व्यवहार पर विरोध जताये जाने के कारण खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने एनसीसीएफ के प्रभारी एवं संबंधित जिले के ब्रांच मैनेजर के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के साथ कम्पनी को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश अपर मुख्य सचिव खाद्य को दिये। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि अन्तर जिला मिलिंग एवं धान के परिवहन के लिये किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि विपणन वर्ष 2025-26 में जिन ट्रकों से धान परिवहन होगा उन पर जीपीएस ट्रेकर अनिवार्य रूप से लगाते हुए उक्त वाहनों का सत्यापन परिवहन सेवा पोर्टल से कराया जाये। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि यदि कोई ट्रक बिना जीपीएस पाया जायेगा, तो संबंधित धान प्रदाय करने वाले कर्मचारी एवं परिवहनकर्ता तथा संबंधित मिलर्स के खिलाफ दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी। गोदामों की भंडारण क्षमता का निरीक्षण करे अधिकारी खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि वो समय पर मिलर्स के गोदामों की वास्तविक भंडारण क्षमता की पड़ताल करने के साथ इस वर्ष धान मिलिंग के लिये अनुबंध करने वाले मिलर्स के साथ उनके गोदाम, मिल का निरीक्षण जिला स्तरीय समिति द्वारा आवश्यक रूप से कराया जाये। उन्होंने कहा कि यह संज्ञान में आया है कि मिलर्स द्वारा बताये गये गोदाम की स्थिति एवं उसकी क्षमता पर्यप्त नहीं होती है, इसलिये अधिकारी पड़ताल में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरते। खाद्य मंत्री ने अफसरों को निर्देश दिये कि इस विपणन वर्ष 2025-26 में जो मिलर्स गुणवत्तायुक्त अच्छा कार्य करेंगे, उन्हें गत वर्ष की तुलना में 3 से 4 गुना अधिक मात्रा में धान देने के प्रावधान किये जाए, जिससे उनकी मिलिंग क्षमता का पूरा उपयोग किया जा सके। तय समय सीमा में पूर्ण करें मिलिंग कार्य खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि सभी मिलर्स द्वारा इस बार धान मिलिंग का कार्य भारत सरकार द्वारा जून 2026 की तय की गई समय सीमा में पूर्ण करना अनिवार्य है। उन्होंने दिसम्बर 2025 से ही पूरी मिलिंग प्रक्रिया की सतत् निगरानी एवं समीक्षा करने के निर्देश नान के प्रबंध संचालक को दिये। इसके साथ ही उन्होंने निगम मुख्यालय पर प्रत्येक 15 दिवस में क्षेत्रीय प्रबंधक एवं जिला प्रबंधक की बैठक कर प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिये। मिलर्स को समय पर भुगतान करने के दिये निर्देश मिलर्स द्वारा उपार्जन एवं मिलिंग का भुगतान समय पर नहीं होने की समस्या पर खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने नान के प्रबंध संचालक अनुराग वर्मा को समय पर मिलर्स के भुगतान करने के निर्देश दिये गये। साथ ही निर्देश दिये गये कि नियमित रूप से भुगतान कार्य की समीक्षा अनिवार्य रूप से करें। अपर मुख्य सचिव खाद्य श्रीमती रश्मि अरूण समी ने मिलिंग के लिये उपार्जन केन्द्र से ही अधिक से अधिक धान उठाव कराने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि धान उठाव के उपयोग में आने वाले वाहनों के रजिस्टेशन प्रक्रिया का टेस्ट रन करें। बैठक में मिलर्स ने महत्वपूर्ण सुझाव दिये। इस दौरान एमडी नागरिक आपूर्ति विभाग श्री अनुराग वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। 

सुरक्षा एजेंसियों की तगड़ी पकड़: ऑपरेशन सिंदूर के बाद 22 आतंकवादी साज़िशें नाकाम

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दावा किया है कि पिछले छह महीने में 22 आतंकी हमले नाकाम किए गए हैं। पार्टी ने कहा कि प्रत्येक सफलता 140 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा के लिए मोदी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए भाजपा ने आधिकारिक 'एक्स' अकाउंट से किए पोस्ट में लिखा, "मोदी सरकार के तहत भारत का सुरक्षा कवच। कश्मीर से कन्याकुमारी तक, दिल्ली से हैदराबाद तक, 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू होने के बाद से 22 आतंकी हमले नाकाम किए गए। प्रत्येक सफलता 140 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा के लिए मोदी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है।" भाजपा ने 11 मई से 10 नवंबर तक के घटनाक्रमों की एक पूरी लिस्ट जारी की है। इसमें फरीदाबाद में सोमवार को पकड़ी गई 2900 किलो विस्फोटक सामग्री का भी उल्लेख किया गया है। पार्टी ने पोस्ट में लिखा, "आतंकी मॉड्यूल ध्वस्त और सीमा पार नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ। आईएसआईएस, जैश, बीकेआई और अलकायदा के गुर्गों को निष्क्रिय किया गया। नुकसान होने से पहले ही विस्फोटक जब्त कर लिए गए।" भाजपा ने कहा, "यह नए भारत का सुरक्षा सिद्धांत है: आतंक के प्रति शून्य सहिष्णुता और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति 100 प्रतिशत प्रतिबद्धता।" भारतीय जनता पार्टी ने यह लिस्ट उस समय जारी की है, जब फरीदाबाद में आतंकी मॉड्यूल का खुलासा हुआ और उसके कुछ घंटे बाद दिल्ली में कार ब्लास्ट हुआ। फरीदाबाद में सोमवार को कार्रवाई की गई और 7 संदिग्ध आतंकियों को पकड़ा गया। इनके पास से करीब 2900 किलो विस्फोटक सामग्री के अलावा हथियार भी बरामद किए गए। इस आतंकी मॉड्यूल में दो डॉक्टरों के भी नाम जुड़े हैं। सोमवार को दिन में यह कार्रवाई हुई, जबकि शाम को दिल्ली में कार ब्लास्ट हुआ। इसमें कम से कम 10 लोग मारे गए। फिलहाल, एजेंसियां दोनों घटनाओं के कनेक्शन की जांच करते हुए हर कड़ी को जोड़ने की कोशिश कर रही हैं।

पूरी तरह अलर्ट एजेंसियां! दिल्ली ब्लास्ट केस में लगातार छापेमारी, सैनी का बड़ा बयान

पंचकूला दिल्ली में हुए धमाके को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि राज्य की सभी एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जो घटना घटी है, उसके सभी तथ्यों तक पहुंचा जाएगा और जांच जारी है। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा, “इस घटना में जिनकी भी जान गई है, मैं परम पिता परमात्मा से प्रार्थना करता हूँ कि दिवंगत आत्माओं को अपने चरणों में स्थान दें, जिन्होंने भी इस घटना को अंजाम दिया है, उनके मंसूबे फ़ेल होंगे और उन्हें मुंह की खानी पड़ेगी।” उन्होंने बताया कि फरीदाबाद में सर्च अभियान चलाया जा रहा है और जो सामग्री वहां से मिली है, उसकी गहराई से जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई लोगों की इस मामले में गिरफ़्तारी हुई है और इसकी कड़ी कहाँ तक जाती है, यह भी जांच का विषय है। सैनी ने दोहराया कि हरियाणा पुलिस पूरी तरह सतर्क है और केंद्र की एजेंसियां भी राज्य के संपर्क में हैं। बिहार में NDA की सरकार बनेगीः सैनी   मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बिहार चुनाव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज बिहार में मतदान हो रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों से खुश और संतुष्ट हैं। सैनी ने दावा किया कि “बिहार में एनडीए गठबंधन की सरकार बनेगी।” गुरु तेग बहादुर जी के 350वें प्रकाश पर्व पर विशेष यात्रा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी श्री गुरु तेग़ बहादुर जी के 350वें प्रकाश पर्व के अवसर पर पिंजौर स्थित गुरुद्वारे पहुँचे। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर पिंजौर से दूसरी यात्रा शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि तीसरी यात्रा फ़रीदाबाद से और चौथी यात्रा यमुनानगर के सढौरा से आरंभ होगी। ये सभी यात्राएं 24 नवंबर को कुरुक्षेत्र में एकत्र होंगी। 25 नवंबर को श्री गुरु तेग़ बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर कुरुक्षेत्र में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए, और यह यात्रा उनके इतिहास को घर-घर पहुँचाने का माध्यम है।  

मध्यप्रदेश पुलिस की त्वरित एवं संवेदनशील कार्यवाही

डायल-112 ने बचाई दो जानें, अशोकनगर व रीवा में आत्महत्या के प्रयास किए  विफल भोपाल   मध्यप्रदेश पुलिस अपने अनुशासन, दक्षता और जनता की सुरक्षा के प्रति समर्पण के लिए निरंतर उल्लेखनीय कार्य कर रही है। राज्यभर में पुलिस बल न केवल अपराध नियंत्रण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है, बल्कि संकट की घड़ी में मानवीय संवेदनशीलता दिखाकर नागरिकों के जीवन की रक्षा भी कर रहा है। इसी क्रम में डायल-112 सेवा ने अपनी तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण से दो अलग-अलग जिलों — अशोकनगर एवं रीवा में आत्महत्या के प्रयास कर रहे व्यक्तियों के जीवन को सुरक्षित बचाने में उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। अशोकनगर — रेलवे पटरी पर आत्महत्या करने पहुँची महिला की बचाई जान 09 नवम्बर 2025 को दोपहर लगभग 02:00 बजे, राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना कोतवाली, अशोकनगर क्षेत्र अंतर्गत गरिमा पेट्रोल पंप के पास एक महिला रेलवे पटरी पर घूम रही है और किसी अनहोनी की आशंका है। सूचना मिलते ही थाना कोतवाली क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को तत्काल मौके पर भेजा गया। आरक्षक पवन धाकड़ एवं पायलट शिशुपाल शर्मा ने मौके पर पहुँचकर देखा कि लगभग 30 वर्षीय महिला पारिवारिक विवाद से आहत होकर आत्महत्या का प्रयास कर रही थी। डायल-112 के जवानों ने तुरंत महिला को संरक्षण में लिया, समझाइश दी तथा उसे आत्मघाती कदम उठाने से रोका। तत्पश्चात महिला को सुरक्षित थाने में परामर्श देकर परिवार देकर परिवार के पास पहुंचाया गया। रीवा — चार मिनट में पहुँची डायल-112, फंदा लगाते युवक को बचाया थाना अमहिया, रीवा अंतर्गत ललऊ घाट क्षेत्र में 09 नवम्बर की रात 12 बजे, डायल-112 कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि एक व्यक्ति नशे की हालत में अपने कमरे में बंद होकर आत्महत्या की धमकी दे रहा है। सूचना मिलते ही थाना अमहिया पुलिस एवं डायल-112 टीम केवल चार मिनट में स्थल पर पहुँच गई। दरवाजा तोड़कर भीतर प्रवेश करने पर युवक फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास कर रहा था। पुलिस ने तत्काल उसके गले से कपड़ा हटाकर उसे बचाया और शांत किया। थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल ने बताया कि युवक नशे के प्रभाव में था तथा पारिवारिक विवाद के कारण आत्मघाती कदम उठाने जा रहा था। पुलिस ने उसे समझाइश दी, परामर्श दिया और सुरक्षित रूप से परिजनों से मिलवाया। इन दोनों घटनाओं ने पुनः सिद्ध किया है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा केवल एक आपातकालीन नंबर नहीं, बल्कि “जनजीवन की सुरक्षा का भरोसा” है। संकट की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीमें हर कोने में त्वरित प्रतिक्रिया देकर नागरिकों के जीवन की रक्षा कर रही हैं। यह कार्यवाही पुलिस की संवेदनशीलता, तत्परता और जनसेवा के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी आपात स्थिति में DIAL 112 पर तुरंत संपर्क करें।  

प्रदेश में मखाना खेती को प्रोत्साहन, मंत्री कुशवाह ने की योजना की घोषणा

बिहार की तर्ज पर प्रदेश में मखाना खेती को किया जाएगा प्रोत्साहित : मंत्री  कुशवाह प्रदेश के चार जिलें में पायलट प्रोजेक्ट लागू भोपाल  उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री  नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि मध्यप्रदेश में भी बिहार की तर्ज पर मखाना की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रदेश के 4 जिलों नर्मदापुरम, बालाघाट, छिंदवाड़ा और सिवनी में मखाना खेती क्षेत्र विस्तार को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया जा रहा है। मंत्री  कुशवाह ने इन जिलों के किसानों को योजना से जुड़ने की अपील की है। मंत्री  कुशवाह ने कहा कि मखाने का उत्पादन भी सिंघाड़ा की तरह छोटे-छोटे तालाबों में किया जाता है। बिहार में मखाना उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है मखाने के बीज को फल का स्वरूप प्रदान करने के लिए छोटी-छोटी उत्पादन ईकाइयाँ भी लगाई जाती है, मखाने की भारत सहित अरब और यूरोप के देशों में काफी मांग रहती है। उल्लेखनीय है कि मखाना उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए भारत सरकार द्वारा मखाना बोर्ड का गठन भी किया गया है। मध्यप्रदेश की जलवायु भी मखाना के उत्पादन के लिए अनुकूल है। इसलिए प्रदेश के किसानों को इस ओर आकर्षित करने की आवश्यकता है। आयुक्त उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण  अरविन्द दुबे ने बताया कि प्रदेश के 4 जिलों नर्मदापुरम, बालाघाट, छिंदवाड़ा एवं सिवनी जिले में 150 हैक्टेयर क्षेत्र में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पर 45 लाख रूपये खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है। मखाना उत्पादन करने वाले कृषकों को 75 हजार प्रति हैक्टेयर या लागत का 40 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रदेश के 99 कृषकों ने ऑनलाइन आवदेन किया जा चुका है।  

चारों श्रेणियों में अव्वल रहा छत्तीसगढ़ — उद्योग संगम में दिखा सुधार और विकास का नया मॉडल

DPIIT की BRAP रैंकिंग में ‘टॉप अचीवर’ बना छत्तीसगढ़, निवेशकों के लिए भरोसे का केंद्र बना राज्य रायपुर छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर देशभर में अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (DPIIT), भारत सरकार द्वारा आयोजित ‘उद्योग संगम’ में राज्य को बिज़नेस रिफॉर्म एक्शन प्लान (BRAP) की चारों प्रमुख श्रेणियों में ‘टॉप अचीवर’ घोषित किया गया। यह उपलब्धि उस परिवर्तन यात्रा की गवाही है जो छत्तीसगढ़ ने बीते वर्षों में तय की है। कभी BRAP रैंकिंग में निचले पायदान पर रहने वाला यह राज्य आज गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे औद्योगिक दिग्गजों के साथ कदम से कदम मिलाकर खड़ा है। सुशासन, पारदर्शिता और उद्योग-अनुकूल नीतियों के बल पर छत्तीसगढ़ ने खुद को सुधार और विकास का नया मॉडल बना दिया है। राज्य ने BRAP के तहत अब तक 434 सुधार लागू किए हैं — जो इज ऑफ डूइंग बिज़नेस  और इज ऑफ लिविंग को सशक्त बनाने की दिशा में उसके निरंतर प्रयासों को दर्शाते हैं। इन सुधारों में सबसे बड़ी पहल रही ‘जन विश्वास अधिनियम’, जिसके तहत छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य बना जिसने छोटे कारोबारी अपराधों को डीक्रिमिनलाइज कर दिया। इस कदम ने सरकार और उद्योग जगत के बीच भरोसे और सहयोग का नया पुल बनाया है। अब कारोबार में अनावश्यक डर या जटिलता की जगह पारदर्शिता और सहजता ने ले ली है। इसी कड़ी में राज्य ने भूमि अभिलेखों के स्वचालित म्यूटेशन की ऐतिहासिक शुरुआत की — यह कदम छत्तीसगढ़ को देश का पहला राज्य बनाता है जहाँ जमीन पंजीयन के साथ ही स्वामित्व का हस्तांतरण स्वतः हो जाता है। इससे न केवल प्रक्रियाएं सरल हुई हैं बल्कि लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से भी मुक्ति मिली है। राज्य सरकार ने कई और सुधारों को धरातल पर उतारा है — जैसे दुकानों और प्रतिष्ठानों को 24×7 संचालन की अनुमति, फ्लैटेड इंडस्ट्री के लिए FAR में वृद्धि, भूमि उपयोगिता बढ़ाने हेतु सेटबैक में कमी, और फैक्ट्री लाइसेंस की वैधता 10 से बढ़ाकर 15 वर्ष करने के साथ ऑटो-रिन्यूअल सुविधा। इन सभी कदमों ने मिलकर राज्य में उद्योगों के लिए एक भरोसेमंद, स्थिर और पारदर्शी वातावरण तैयार किया है। इन उल्लेखनीय सुधारों के लिए छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन और निवेश आयुक्त ऋतु  सेन (IAS) को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने सम्मानित किया। यह सम्मान इस बात का प्रतीक है कि छत्तीसगढ़ अब भारत के आर्थिक परिदृश्य में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इन सुधारों का असर निवेश माहौल पर साफ दिख रहा है। बीते दस महीनों में ₹7.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो यह साबित करते हैं कि निवेशक छत्तीसगढ़ की नीतियों, पारदर्शी प्रशासन और तेज़ निर्णय प्रणाली पर पूरा भरोसा करते हैं। यह सफलता छत्तीसगढ़ के लिए नए युग की शुरुआत है — ऐसा छत्तीसगढ़ जो विकास की दिशा तय कर रहा है, अवसरों को गढ़ रहा है और सबके लिए प्रगतिशील भविष्य की नींव रख रहा है।"छत्तीसगढ़ का ‘टॉप अचीवर’ बनना पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने उद्योग, सुशासन और पारदर्शिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। छत्तीसगढ़ ने निचले पायदान से उठकर देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों की पंक्ति में स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि सरकार की प्रतिबद्धता, प्रशासन की मेहनत और निवेशकों के भरोसे का परिणाम है।  छत्तीसगढ़ अब इज ऑफ डूइंग बिज़नेस  से आगे बढ़कर इज ऑफ लिविंग का भी प्रतीक बन चुका है – जहाँ सुधार, विश्वास और विकास एक साथ आगे बढ़ रहे हैं।" – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

आजम खां को राहत: अदालत ने भड़काऊ भाषण मामले में किया बरी

रामपुर  समाजवादी पार्टी (सपा) के महासचिव आजम खां को मंगलवार को बड़ी राहत मिल गई। भड़काऊ भाषण के मामले में उन्हें कोर्ट ने बरी कर दिया है। पुलिस की तरफ से उनके खिलाफ साक्ष्य नहीं दिया जा सका। इसके साथ ही कोर्ट ने विवेचक के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है। मंगलवार को इस मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के लिए सपा नेता आजम खां दोपहर में कोर्ट पहुंचे, जहां सुनवाई के बाद एमपी एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में सपा नेता को बरी कर दिया। दरअसल, 2019 के लोकसभा चुनाव में तत्कालीन एसडीएम सदर पीपी तिवारी की ओर से सपा नेता आजम खां के खिलाफ भड़काऊ भाषण का मामला दर्ज कराया गया था। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन था। इस मामले में अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से अंतिम बहस पूरी हो चुकी थी। कोर्ट से बाहर आकर आजम खान अपने अंदाज में नजर आए। उन्होंने कहा कि बहुत कम ऐसा हुआ है कि बेगुनाह ही बेगुनाह साबित हुआ है। पुलिस ने जिस तरह से मुकदमा किया, उन्होंने सच को छुपाने के लिए कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी थी। उन्होंने कहा कि अगर हम इसमें बरी हुए हैं, तो इसका मतलब यह है कि हमने सभी हदें पार कीं और उस साजिश व मंसूबे बाजी के खिलाफ इंसाफ पाने में कामयाब हुए, जिसमें पूरे परिवार को मुजरिम बनाने की कोशिश की गई थी। तमाम सबूत-इलेक्ट्रॉनिक वीडियो और ऑडियो देने के बावजूद उन्हें नहीं माना गया। ज्ञात हो कि चुनाव आचार संहिता उल्लंघन का यह मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव का है। आजम खां लोकसभा चुनाव लड़े थे और जीते भी थे। इस दौरान उनके खिलाफ चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मुकदमे दर्ज हुए थे। चुनाव के दौरान रामपुर के मिलक थाना क्षेत्र के खटानागरिया गांव में आज़म खान ने एक चुनावी सभा को संबोधित किया था। सभा में उन्होंने तत्कालीन रामपुर डीएम अन्जनेय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री योगी, प्रधानमंत्री मोदी और कांग्रेस उम्मीदवार संजय कपूर पर कथित रूप से टिप्पणियां की थी। अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि आज़म ने चुनाव आयोग को ‘भ्रष्ट’ बताते हुए मतदाताओं को ध्रुवीकरण के लिए उकसाया। 

समाधान योजना में मुरैना शहर के श्री रामस्‍वरूप का हुआ 07 लाख 54 हजार से अधिक का सरचार्ज माफ

एकमुश्‍त बकाया बिल जमा करने पर 13 लाख, 216 रूपए में से केवल 5 लाख 45 हजार 920 रूपए हुए जमा समाधान योजना में अब तक 10 हजार 075 बकायादार उपभोक्‍ताओं ने कराया पंजीयन 14 करोड़ 29 लाख मूल राशि हुई जमा, 08 करोड़ 30 लाख का सरचार्ज हुआ माफ भोपाल  मध्‍यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के ग्‍वालियर क्षेत्र के मुरैना शहर जोन के उपभोक्‍ता श्री राम स्‍वरूप उस समय अचरज में पड़ गए जब वे बकाया बिल जमा करने गए तो उनका साढ़े सात लाख रूपए से अधिक का सरचार्ज माफ कर दिया गया। उनका कुल बकाया बिल 13 लाख 216 रूपए था, उन्‍हें समाधान योजना में केवल 05 लाख 45 हजार 920 रूपए जमा करने पड़े। उन्‍होंने तत्काल बकाया बिल जमा किया और अपने घर की बिजली सप्‍लाई बहाल करवा ली है। अब वह बेहद खुश हैं और दूसरों को भी प्रेरित कर रहे हैं। ऐसे अनेक बकायादार उपभोक्‍ता हैं, जिन्‍होंने 8 दिन पहले शुरू हुई समाधान योजना का लाभ लिया और फायदा उठाया है। मध्य प्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 में अब तक 10 हजार 075 बकायादार उपभोक्‍ताओं ने अपना पंजीयन कराया है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खाते में 14 करोड़ 29 लाख से अधिक की मूल राशि जमा हुई है, जबकि 08 करोड़ 30 लाख का सरचार्ज माफ किया गया है। मध्य प्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025- 26 के लागू होने से ऐसे अनेक उपभोक्‍ता हैं जो बकाया बिल जमा कर रहे हैं और एकमुश्‍त बकाया जमा राशि जमा करने पर अधिकतम छूट का लाभ ले रहे हैं। कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने कंपनी के बकायादार उपभोक्‍ताओं से अपील की है कि वे प्रथम चरण में ही एकमुश्‍त भुगतान कर इस योजना में शामिल होकर सरचार्ज में अधिकतम छूट का लाभ उठाएं। उन्‍होंने कहा कि यह योजना उन बकायादार उपभोक्ताओं के लिए वरदान बनी है जो सरचार्ज के कारण मूलधन राशि जमा नहीं कर पा रहे थे। अब उन्हें समाधान योजना के प्रथम चरण में सरचार्ज में 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक छूट के साथ एकमुश्‍त अथवा किस्तों में भुगतान करने का विकल्प मिल रहा है। समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना जल्दी आएं, एकमुश्‍त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं के सिद्धांत पर आधारित है। इस योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्‍त भुगतान करने पर सबसे अधिक लाभ होगा जबकि द्वितीय चरण के दौरान छूट का प्रतिशत क्रमशः कम होता जाएगा। यह योजना दो चरणों में प्रारंभ होकर प्रथम चरण की शुरुआत 3 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक रहेगी जिसमें 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। इसी तरह द्वितीय और अंतिम चरण में जो कि एक जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी, इसमें 50 से 90 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। प्रथम चरण में एकमुश्‍त राशि जमा कराने पर अधिकतम लाभ होगा। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल के लिये portal.mpcz.in पर पंजीयन कराना होगा। कंपनी के उपाय ऐप पर भी पंजीयन की सुविधा शीघ्र ही मिलने लगेगी। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है साथ ही विद्युत वितरण केंद्र में पहुंचकर भी योजना के संबंध में जानकारी ले सकते हैं।