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शहर में बढ़ते अपराध से दहशत: युवक की हत्या के बाद थाना प्रभारी लाइन हाजिर

दुर्ग दुर्ग जिले में अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पिछले 10 दिनों में जिले में 5 हत्याओं की खबरें सामने आई हैं। इस तरह की वारदात से लोगों में दहशत का माहौल है। ताजा मामला बीती रात मोहन नगर थाना के शंकर नगर, गली नंबर 3 में हुआ, जहां युवक चुनचुन विश्वकर्मा की बेरहमी से चाकू मारकर हत्या कर दी गई। वहीं जिले में लगातार बढ़ते अपराध के बीच एसएसपी ने एक्शन लेते हुए कोतवाली थाना प्रभारी तपेश्वर नेताम को लाइन अटैच कर दिया है। जानकारी के अनुसार, रात लगभग 1 बजे मृतक चुनचुन विश्वकर्मा अपने घर में सो रहा था। तभी चार युवक उसके घर के बाहर आए और उसे आवाज देकर बुलाने लगे। थोड़ी देर बाद चुनचुन विश्वकर्मा अपने घर से बाहर निकला, तो चारों युवकों ने पहले गाली-गलौज करते हुए हाथापाई की। इसी बीच चार युवकों में से एक युवक ने अपने जेब से चाकू निकाला और उसके छाती और पेट पर ताबड़तोड़ प्रहार कर दिया, जिससे खून से लथपथ होकर चुनचुन विश्वकर्मा वहीं गिर पड़ा। आवाज सुनकर परिजन बाहर निकले, तब तक चारों आरोपी फरार हो चुके थे। परिजन घायल चुनचुन को तत्काल जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल मोहन नगर थाने की पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और शव को मर्चुरी में रखवा दिया गया है। एसएसपी ने थाना प्रभारी को किया लाइन अटैच जिला में लगातार बढ़ते अपराध को देखते हुए एसएसपी दुर्ग ने कोतवाली थाना प्रभारी तपेश्वर नेताम को लाइन अटैच कर दिया और नवीन कुमार को नए थाना प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी सौंपी है।

राजा वड़िंग फिर विवादों में, सिख ककारों को लेकर टिप्पणी पर सभी दलों ने जताई नाराजगी

चंडीगढ़  तरनतारन उपचुनाव में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। चुनाव प्रचार के दौरान नाबालिग सिख बच्चों के जूड़ों से मजाक करने वाला उनका वीडियो वायरल होने के बाद अब शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) भी मैदान में उतर आई है। वायरल वीडियो में राजा वड़िंग बच्चों के केसों को दोनों हाथों से छूते हुए और मजाकिया अंदाज में बोलते नजर आ रहे हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एसजीपीसी ने तरनतारन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को लिखित शिकायत देकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि वड़िंग ने प्रचार के दौरान दो नाबालिग सिख बच्चों के केसों (जूड़ों) के साथ मजाक करते हुए वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। समिति ने आरोप लगाया कि यह हरकत सिख आस्था और धार्मिक प्रतीकों का खुला अपमान है। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने वड़िंग की इस हरकत को ‘सिख धर्म के विरुद्ध अपवित्र कृत्य’ बताया। उन्होंने 17 सेकंड का वायरल वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा करते हुए कहा कि ‘गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज ने सिखों को जो पांच कक्कड़ प्रदान किए, उनमें केश पवित्रता का प्रतीक हैं। राजा वड़िंग ने उनका मजाक उड़ाकर सिख समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है।’ बादल ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से इस घटना का गंभीरता से संज्ञान लेने और सख्त कार्रवाई की मांग की। बच्चों के साथ केवल मजाक किया था : कांग्रेस वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता जसकरण काहलों ने इस विवाद को ‘राजनीतिक रूप से प्रेरित’ बताया। उन्होंने कहा कि राजा वड़िंग ने बच्चों के साथ केवल मजाक किया था। इसे धार्मिक या राजनीतिक विवाद बनाना गलत है।

JMM को घाटशिला में बड़ा नुकसान, महिला और पुरुष कार्यकर्ताओं ने थामा भाजपा का दामन

घाटशिला घाटशिला विधानसभा सीट पर मतदान कल यानी 11 नवंबर को कराया जाएगा। 14 नवंबर को मतगणना होगी। वहीं, घाटशिला उपचुनाव से पहले झामुमो को बड़ा झटका लगा है। झामुमो ने जनता को केवल निराश किया दरअसल, बीते रविवार को झामुमो महिला मोर्चा की नगर अध्यक्ष लिली भगत के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों ने झामुमो पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा नेता चंपई सोरेन ने नए सदस्यों का स्वागत किया। इस दौरान चंपई सोरेन ने कहा कि अब जनता का रुझान साफ दिखने लगा है। घाटशिला से परिवर्तन की शुरुआत हो चुकी है। जनता झूठे वादों से ऊब चुकी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास जता रही है। चंपई सोरेन ने कहा कि यह सिर्फ पार्टी परिवर्तन नहीं, बल्कि “विचारधारा का बदलाव” है। उन्होंने कहा कि भाजपा विकास और पारदर्शिता की राजनीति करती है, जबकि झामुमो ने जनता को केवल निराश किया है। बता दें कि झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के आकस्मिक निधन से खाली हुई इस सीट पर अब उनके बेटे सोमेश चंद्र सोरेन मैदान में हैं और भाजपा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन ताल ठोक रहे हैं। दोनों ही संताल समाज से आते हैं। इसलिए संभावना है कि आदिवासी मत दोनों तरफ जाएगा। भाजपा के अपने सहयोगी लोजपा के सहारे चार प्रतिशत दलित मतों को साथ लाने की कोशिश में हैं। झामुमो गठबंधन के मुस्लिम मंत्री भी अल्पसंख्यक मतों को अपने पाले में लाने के लिए लगे हैं, लेकिन भाजपा आदिवासी मतों के अलावा कुड़मी, पिछड़ी और अन्य दलित मतों पर नजर रख रही है। चंपाई के गहरे मित्र विद्युतवरण महतो की भी इस क्षेत्र में काफी पकड़ है। वे तीन बार से जमशेदपुर लोकसभा के सांसद भी हैं। ज्ञात हो कि रामदास सोरेन एक साल से ज्यादा समय से किडनी संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। उनका 15 अगस्त को एक अस्पताल में निधन हो गया था। इसी के कारण घाटशिला सीट पर उपचुनाव कराने की आवश्यकता पड़ी।  

एमपी कैबिनेट ने मंजूरी दी: लाड़ली बहना योजना की 1500 रुपये मासिक सहायता और सोयाबीन भावांतर योजना का नया रेट

भोपाल  मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों को अब हर महीने 1500 रुपये मिलेंगे, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक ने इसे मंजूरी दे दी, मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक लाड़ली बहना के लिए हुए इस फैसले के अलावा भी कैबिनेट ने कई अन्य महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगा दी इसमें भावांतर योजना के तहत सोयाबीन का मॉडल रेट और भगवान बिरसा मुंडा की जयंती से जुड़े फैसले शामिल हैं। राजधानी भोपाल में आज मंगलवार को मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई , बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की गई और उसके बाद मुख्यमंत्री की सहमति के बाद कई फैसलों को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी, इसमें लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाना, बिरसा मुंडा जयंती के कार्यक्रमों को प्रदेश में भव्य तरीके से मनाना, भावांतर योजना के तहत सोयाबीन का मॉडल रेट को स्वीकृति देना शामिल है। इन फैसलों पर लगी कैबिनेट की मुहर      मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों के अब हर महीने 1500 रुपये मिलेंगे। 12 नवंबर को सीएम डॉ मोहन यादव सिवनी से यह राशि सिंगल क्लिक से ट्रांसफर करेंगे।     भावांतर योजना के तहत सोयाबीन का मॉडल रेट 4036 रुपये क्विंटल घोषित। 13 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव किसानों के खातों में ट्रांसफर करेंगे भावांतर योजना की राशि।     देवास में आयोजित कार्यक्रम में सीएम डॉ मोहन यादव 1.32 लाख किसानों को 300 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक से भुगतान करेंगे।     15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती पूरे प्रदेश में गरिमापूर्ण  ढंग से मनाई जाएगी। जबलपुर और अलीराजपुर में होंगे राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम, पीएम मोदी जबलपुर के कार्यक्रम में लाइव जुड़ेंगे।     सभी जिलों में जनजातीय प्रतिभाओं को सम्मानित करने के लिए जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।     खंडवा जिले में नया सिविल न्यायालय स्थापित होगा। इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी      ओंकारेश्वर एकात्म धाम परियोजना की संशोधित लागत 2,424 करोड़ रुपये स्वीकृत, 108 फीट ऊँची आदि शंकराचार्य प्रतिमा तैयार।     रेस्को सोलर योजना के तहत सभी शासकीय भवनों पर सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित की जाएगी।     मुख्यमंत्री ने महिला क्रिकेटर क्रांति गौड़ को 1 करोड़ की सहायता राशि प्रदान की।     प्रदेश में बिजली बिल समाधान योजना जारी, उपभोक्ता 30 दिसंबर तक बिलों की विसंगतियां सुधार सकते हैं।

सिहाड़ा गांव में जमीन विवाद: वक्फ बोर्ड का दावा, ग्रामीणों का विरोध

 खंडवा  मध्य प्रदेश के खंडवा स्थित पूरे सिहाड़ा गांव की जमीन को वक्फ बोर्ड द्वारा अपनी संपत्ति बताने से ग्रामीणों में आक्रोश है। उनका कहना है कि हम यहां बरसों से रह रहे हैं। हमारी पुरखों की जमीन को कोई कैसे अपनी बता सकता है। कुछ लोग भोपाल जाकर सरकार के संज्ञान में भी इस मामले को लाएंगे। इस बीच, मन्यायालय मप्र स्टेट वक्फ ट्रिब्यूनल भोपाल से मिले नोटिस का जवाब देने के लिए सरपंच प्रतिनिधि भोपाल रवाना हो गए हैं। सोमवार को ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश होकर सप्रमाण जवाब दाखिल करना है। इस विवाद की शुरुआत तब हुई, जब ग्राम पंचायत ने स्थानीय दरगाह के पास अतिक्रमण और तार फेंसिंग हटाने का नोटिस दिया था। कमेटी ने नोटिस का जवाब देने के बजाय भोपाल वक्फ बोर्ड में शिकायत कर दी। वक्फ बोर्ड द्वारा आनन-फानन में दुर्भावनावश पूरे गांव का खसरा क्रमांक 781 रकबा 14.0500 हेक्टेयर जमीन को अपनी संपत्ति बताने से ग्रामीणों में हड़कंप है। न्यायालय मप्र स्टेट वक्फ ट्रिब्यूनल भोपाल से मिले नोटिस के बाद सिहाड़ा ग्राम पंचायत की ओर से सरपंच कोकिला बाई के प्रतिनिधि हेमंत चौहान अधिवक्ता के साथ सोमवार को भोपाल में नोटिस का जवाब देंगे। चौहान ने बताया कि वक्फ बोर्ड के झूठे दावे के खिलाफ जवाब के साथ आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएंगे। गांव नहीं दरगाह की जमीन का है विवाद जिला वक्फ बोर्ड के सचिव रियाज खान ने बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा दरगाह की जमीन को अपनी बता कर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। विवाद इस जमीन को लेकर है, पूरे गांव की जमीन को लेकर पंचायत लोगों को गुमराह कर रही है। दरगाह कमेटी को अतिक्रमण हटाने का नोटिस     न्यायालय मप्र स्टेट वक्फ ट्रिब्यूनल भोपाल से प्रशासन को अभी तक कोई नोटिस नहीं मिला है। ग्राम पंचायत सिहाड़ा द्वारा इस संबंध में अवगत करवाया गया है। स्वामित्व योजना में ड्रोन सर्वे के रिकार्ड में खुली जमीन शासकीय रिकार्ड में दर्ज है। ग्राम पंचायत के आवेदन पर दरगाह के पास खाली जमीन से दरगाह कमेटी को अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस दिया है। -महादेव राठौड़, तहसीलदार (ग्रामीण) खंडवा ग्रामीण बोले     नरेंद्र सिंह ने बताया कि गांव की आबादी जमीन पर वक्फ बोर्ड का दावा समझ से परे है। हमारे पूर्वज यहां के मालगुजार रहे हैं। करीब 500 साल से हम पीढ़ी-दर-पीढ़ी यहां निवासरत हैं। इसके लिए हर संभव लड़ाई लड़ी जाएगी।     लखन मालाकार ने कहा कि वक्फ बोर्ड की मनमानी नहीं चलने देंगे। यहां हिंदू -मुस्लिम परिवार मिलकर बरसों से रह रहे हैं। गांव और सरकारी जमीन को अपनी बताने वालों पर कार्रवाई होना चाहिए।     किसान रोहित मालाकार ने बताया कि गांव सिहाड़ा में हमारे बाप -दादाओं की संपत्ति शासकीय रिकार्ड में दर्ज है। वक्फ बोर्ड इसे कैसे अपनी बात सकता है। हमारे पास दस्तावेज है।     सावन राजपाली का कहना है कि खसरा क्रमांक 781 में पूरा सिहाड़ा गांव दर्ज है। हमारी संपत्ति भी इसी में है। इसका शासन को टैक्स भी जमा कर रहे हैं। शासन-प्रशासन को वस्तु स्थिति स्पष्ट करना चाहिए।  

JMM बनाम BJP का बड़ा मुकाबला — जीत का ताज किसे मिलेगा?

  घाटशिला घाटशिला उपचुनाव नजदीक है। 11 नवंबर को घाटशिला सीट पर चुनाव कराया जाएगा। वहीं, बता दें कि घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन, झामुमो के उम्मीदवार सोमेश चंद्र सोरेन और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के उम्मीदवार रामदास मुर्मू के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है जिससे घाटशिला विधानसभा उपचुनाव दिलचस्प बन गया है। 13 उम्मीदवारों की सूची बता दें कि कुल 13 प्रत्याशी घाटशिला विधानसभा उपचुनाव लड़ेंगे। 13 में से 9 प्रत्याशी पहली बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं, मुख्य मुकाबला फिलहाल सत्तारूढ़ झामुमो के सोमेश चंद्र सोरेन और भाजपा के बाबूलाल सोरेन के बीच है। एक तरफ झामुमो प्रत्याशी सोमेश सोरेन अपने दिवंगत पिता रामदास सोरेन की विरासत पर भरोसा जता रहे है तो दूसरी ओर, भाजपा नेता चंपई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन मोदी सरकार की योजनाओं के दम पर मैदान में उतरे हैं, लेकिन झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के प्रत्याशी रामदास मुर्मू ने मैदान में उतरकर इस बार मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। 13 प्रत्याशियों में बाबूलाल सोरेन (भाजपा), सोमेश चंद्र सोरेन (झामुमो), रामदास मुर्मू (जेएलकेएम), पार्वती हांसदा (पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया-डेमोक्रेटिक), पंचानन सोरेन (भारत आदिवासी पार्टी), परमेश्वर टुडू, श्रीलाल किस्कू, मानस राम हांसदा, नारायण सिंह, विकास हेम्ब्रम, बसंत कुमार टोपनो, मनोज कुमार सिंह, और रामकृष्ण कांती महली शामिल हैं। दरअसल, झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के आकस्मिक निधन से खाली हुई इस सीट पर अब उनके बेटे सोमेश चंद्र सोरेन मैदान में हैं और भाजपा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन ताल ठोक रहे हैं। दोनों ही संताल समाज से आते हैं। इसलिए इसकी संभावना है कि आदिवासी मत दोनों तरफ जाएगा। भाजपा के अपने सहयोगी लोजपा के सहारे चार प्रतिशत दलित मतों को साथ लाने की कोशिश में हैं। झामुमो गठबंधन के मुस्लिम मंत्री भी अल्पसंख्यक मतों को अपने पाले में लाने के लिए लगे हैं, लेकिन भाजपा आदिवासी मतों के अलावा कुड़मी, पिछड़ी और अन्य दलित मतों पर नजर रख रही है। चंपाई के गहरे मित्र विद्युतवरण महतो की भी इस क्षेत्र में काफी पकड़ है। वे तीन बार से जमशेदपुर लोकसभा के सांसद भी हैं। ज्ञात हो कि रामदास सोरेन एक साल से ज्यादा समय से किडनी संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। उनका 15 अगस्त को एक अस्पताल में निधन हो गया था। इसी के कारण घाटशिला सीट पर उपचुनाव कराने की आवश्यकता पड़ी जिसके लिए 11 नवंबर को मतदान होगा। वहीं, चुनाव आयोग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस निर्वाचन क्षेत्र में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से लगभग पांच प्रतिशत अधिक है। 2,56,252 मतदाताओं में से 1,31,180 महिलाएं और 1,25,078 पुरुष मतदाता हैं।  

शहरी निकायों में घपले पर रोक, हर घंटे कर्मचारियों की एंट्री-एग्ज़िट रिपोर्ट सीधे नगर निगम कमिश्नर के पास

भोपाल  नगर निकायों में हजारों फर्जी कर्मचारियों का मामला गर्माया है। इसके मद्देनजर शहरी प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के सभी 413 नगर निकायों को नई फेस अटेंडेंस प्रणाली लागू होने के बाद स्टाफ स्ट्रेंथ और वेतन व्यय का विस्तृत डेटा तीन दिन के भीतर पेश करने के निर्देश दिए हैं। भोपाल निगम में मिले 3000 फर्जी कर्मचारी हालांकि, अनियमितताएं पहले ही सामने आ चुकी हैं।भोपाल नगर निगम में अकेले 3000 से अधिक फर्जी या संदिग्ध कर्मचारी पाए गए। यूएडी के रिकॉर्ड के अनुसार बीएमसी में 19,854 पंजीकृत कर्मचारी हैं, जबकि निगम का दावा है कि उसके पास लगभग 16,000 वास्तविक कर्मचारी हैं। तीन दिन में जमा करना होगा डेटा विभाग ने एक सर्कुलर जारी कर नगर निगमों के आयुक्तों और नगर परिषदों के मुख्य नगर अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपने को कहा है कि आधार-आधारित बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (एईबीएएस) रजिस्ट्रेशन के बाद रोल से कितने कर्मचारियों की संख्या कम हुई है और इससे मासिक वेतन व्यय में कितनी बचत हो रही है। निर्धारित फॉर्मेट में यह डेटा तीन दिन में जमा करना होगा। एमपी में करीब 1.39 लाख नगर निगम कर्मचारी रजिस्टर्ड यूएडी के मुताबिक, पूरे एमपी में करीब 1.39 लाख नगर निगम कर्मचारियों ने नई आधार-आधारित फेस रिकग्निशन अटेंडेंस प्रणाली के तहत पंजीकरण कराया है। इस सिस्टम में जीपीएस-सक्षम तकनीक का उपयोग किया जाता है, जो कार्यालय स्थल के 30-मीटर दायरे में उपस्थिति सत्यापित करती है। 31 अक्टूबर को पंजीकरण की अंतिम तिथि समाप्त हो गई है। इन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद पहल के तीसरे चरण में आदतन देर से आने वाले या अटेंडेंस रेकॉर्ड करने में विफल रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होने की उम्मीद है। इस डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली को निगम के कामकाज में दक्षता और जवाबदेही में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम मान रहा है। -वरुण अवस्थी, अपर आयुक्त, निगम

फर्जी पीएनबी अफसर बन साइबर ठगों ने उड़ाए 10 लाख, पुलिस कर रही जांच

मुज्जफरपुर साइबर अपराधियों ने एक बार फिर बैंक अधिकारी बनकर ठगी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। इस बार शिकार बने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के एक रिटायर्ड कर्मचारी, जिनसे ठगों ने सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के नाम पर 10 लाख रुपये उड़ा लिए। मामले की शिकायत साइबर थाने में दर्ज कराई गई है और पुलिस जांच में जुट गई है। जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरपुर के माड़ीपुर निवासी मो. खलीफ खान, जो पीएनबी की जवाहरलाल रोड शाखा में पेंशन डेस्क पर सहायक के पद पर कार्यरत थे, करीब आठ वर्ष पहले सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद वे हर साल अपना लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट कराते हैं। इसी क्रम में 6 नवंबर को उन्होंने फॉर्म के माध्यम से सर्टिफिकेट अपडेट के लिए आवेदन किया था। पीड़ित के अनुसार, शनिवार को उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिस पर पीएनबी बैंक का लोगो दिखाई दे रहा था। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए कहा कि उनका लाइफ सर्टिफिकेट वेरिफाई करना है और इसके लिए उन्हें एक ओटीपी भेजा जा रहा है। विश्वास में आकर मो. खलीफ खान ने ओटीपी साझा कर दिया। कुछ ही मिनटों में उनके दो बैंक खातों से कुल 10 लाख रुपये की निकासी कर ली गई। खलीफ खान ने बताया कि यह रकम उनके पेंशन खाते से ही निकाली गई है। घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने तत्काल साइबर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। इस संबंध में साइबर थाने के टीसी हिमांशु कुमार ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। ठगी ओटीपी के माध्यम से की गई है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

नई डिजिटल व्यवस्था लागू, AIIMS का पेमेंट सिस्टम बनेगा पूरी तरह डिसेंट्रलाइज्ड

भोपाल   एम्स में मरीजों को अब शुल्क जमा कराने के लिए बिलिंग काउंटर की लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। एम्स प्रबंधन ने एक डिजिटल नवाचार की घोषणा की है, जिसके तहत इस महीने के अंत तक स्मार्ट कार्ड आधारित भुगतान सुविधा शुरू कर दी जाएगी। यह कदम मरीजों और उनके परिजनों को हो रही दिक्कतों से बड़ी राहत देगा। शुरु होगा डिसेंट्रलाइज्ड पेमेंट सिस्टम वर्तमान में मरीजों को जांच, टेस्ट या अन्य सेवाओं का भुगतान करने के लिए बार-बार बिलिंग काउंटर तक जाना पड़ता है। एम्स प्रशासन के अनुसार, नई व्यवस्था लागू होने पर पेमेंट सिस्टम पूरी तरह डिसेंट्रलाइज्ड हो जाएगा। अस्पताल के प्रत्येक विभाग में स्कैनर लगाए जाएंगे, जहां मरीज तुरंत कार्ड स्कैन कर भुगतान कर सकेंगे। इससे मरीजों को अस्पताल के बड़े परिसर में बार-बार चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे उनके समय और ऊर्जा दोनों की बचत होगी। एसबीआइ संभाल रहा जिम्मेदारी इस अत्याधुनिक स्मार्ट कार्ड प्रणाली को लागू करने की जिम्मेदारी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को सौंपी गई है। एसबीआई की टीम वर्तमान में कार्ड निर्माण और स्कैनर सेटअप का अंतिम ट्रायल करने की तैयारी में है। सफल परीक्षण के बाद यह सुविधा मरीजों के लिए शुरू कर दी जाएगी। इस स्मार्ट कार्ड में मरीज से जुड़ी पूरी मेडिकल जानकारी सुरक्षित रहेगी। किसी भी यूनिट में कार्ड स्कैन करते ही उसका विवरण कंप्यूटर पर खुल जाएगा। उपचार के दौरान मरीज कार्ड के माध्यम से तुरंत भुगतान कर सकेगा, जिससे नकद लेनदेन की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी और पूरा प्रोसेस तेज हो जाएगा।- संदेश कुमार जैन, डिप्टी डायरेक्टर, एम्स  

आज का भावांतर रेट: सोयाबीन का मॉडल रेट तय, 4036 रुपए प्रति क्विंटल

भावांतर योजना में आज 4036 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी भोपाल     भावांतर योजना 2025 अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए आज भी 10 नवंबर को 4036 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया है कि यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी।       मॉडल रेट में लगातार 2 दिनों से वृद्धि जारी रही। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी हुआ था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए और 9 नवंबर को 4036 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ।