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सीएम योगी ने आज श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें शहीदी पर्व पर संदेश यात्रा का शुभारंभ किया

लखनऊ  यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें शहीदी पर्व पर राजधानी लखनऊ से दिल्ली तक के लिए निकली संदेश यात्रा का शुभारंभ किया। सीएम योगी यात्रा में शामिल हुए और दिल्ली के लिए रवाना किया। यात्रा गुरुद्वारा नाका हिंडोला से निकली और सीएम आवास तक गई। सीएम योगी ने यात्रा का स्वागत पुष्पवर्षा के साथ किया। योगी अपने सिर पर गुरु ग्रंथ साहिब जी को लेकर इस धार्मिक यात्रा में शामिल हुए। सीएम योगी ने इस मौके पर जनसभा को संबोधित भी किया। साथ ही शबद कीर्तन एवं कथा विचार के बाद गुरु लंगर वितरित किया गया। गौरतलब हो कि यात्रा यूपी से दिल्ली जाएगी। लखनऊ के बाद यात्रा कानपुर, इटावा, आगरा के रास्ते दिल्ली के चांदनी चौक, शीशगंज स्थित गुरुद्वारा पहुंचेगी। सीएम योगी ने इस मौके पर जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु तेग बहादुर ने धर्म की रक्षा की, औरंगजेब क्रूर शासक था, जिसने जबरन धर्म परिवर्तन की नीतियां अपनाईं। औरंगजेब ने भय, प्रलोभन और तरह-तरह के अत्याचार के जरिए गुरु तेग बहादुर जी पर इस्लाम कुबूल करने का दबाव बनाया। लेकिन गुरु तेग बहादुर जी ने उसका डटकर मुकाबला किया और हिंदू धर्म की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने अपनी शहादत देकर आने वाली पीढ़ी को एक प्रेरणा दी। धर्मांतरण को लेकर सीएम योगी भड़के और इसपर टिप्पणी करते हुए कहा कि हम राष्ट्रविरोधी साजिशों का पर्दाफाश कर रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि आज भी देश में धर्मांतरण की साजिशें चल रही हैं। बलरामपुर में एक बड़ा खुलासा हुआ है, जहां धर्मांतरण के लिए विदेशी फंडिंग हो रही थी। धर्मांतरण के लिए रेट तय किए गए थे। जांच में 100 करोड़ रुपए के लेन-देन का खुलासा हुआ है। देश के स्वरूप को बदलने की कोशिश की जा रही है। लोगों को ऐसे षड्यंत्रकारियों से सावधान रहने की जरूरत है और समाज को तोड़ने वाली ताकतों को नाकाम करें। सीएम योगी ने कहा कि सिख गुरुओं ने जिस बलिदान और त्याग की परंपरा की नींव रखी थी, उसे हमें आज भी जीवंत बनाए रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हिंदू और सिखों के बीच फूट डालने के प्रयास कभी भी होते रहेंगे, लेकिन हमें सतर्क रहना होगा और इन साजिशों को नाकाम करना होगा।

मुख्यमंत्री निर्देश पर MP में प्राथमिक स्तर पर 13,089 शिक्षक पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू

इंदौर  मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 के लिए शेड्यूल जारी कर दिया है। यह भर्ती स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत की जा रही है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 18 जुलाई से 6 अगस्त 2025 तक esb.mp.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती अभियान के माध्यम से कुल 13,089 पदों पर योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाएगी। इसमें स्कूल शिक्षा विभाग के तहत 10,150 पदों और जनजातीय कार्य विभाग के तहत 2,939 पदों पर भर्ती की जाएगी। यह परीक्षा दोनों विभागों में प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आयोजित की जा रही है। पात्रता मानदंड इस भर्ती प्रक्रिया में केवल वही अभ्यर्थी आवेदन के पात्र होंगे, जिन्होंने प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (PSTET) 2020 या 2024 में मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) द्वारा निर्धारित न्यूनतम अंकों के साथ सफलता प्राप्त की हो। इसके अलावा, उम्मीदवारों के पास डीएलएड (D.El.Ed) डिप्लोमा होना अनिवार्य है। इसके अवाला, उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए। वहीं, अधिकतम आयु की गणना 1 जनवरी 2025 को की जाएगी। अभ्यर्थियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे इस तिथि तक निर्धारित आयु मानदंडों को पूरा करते हों। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु में छूट दी जा सकती है। बीएड धारक आवेदन के पात्र नहीं उम्मीदवार ध्यान दें, इस भर्ती प्रक्रिया में बीएड डिग्री धारियों को पात्र नहीं माना गया है। केवल डीएलएड धारक ही आवेदन कर सकते हैं। साथ ही, अभ्यर्थियों को विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है, बल्कि एक ही आवेदन पत्र के माध्यम से वे सभी योग्य पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा की तिथि और समय एमपी शिक्षक भर्ती परीक्षा 2025 की चयन परीक्षा 31 अगस्त से दो पालियों में आयोजित की जा सकती है। पहली पाली सुबह 10:30 से 12:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3:00 से शाम 5:00 बजे तक होगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा केंद्र पर कम से कम एक घंटा पहले पहुंचें ताकि समय पर प्रवेश और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा सकें। आवेदन शुल्क इस भर्ती के लिए आवेदन शुल्क श्रेणी के अनुसार निर्धारित किया गया है। अनारक्षित वर्ग (General Category) के उम्मीदवारों को 500 रुपये शुल्क देना होगा। वहीं, मध्य प्रदेश राज्य के अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 250 रुपये निर्धारित किया गया है। कितना मिलेगा वेतन? इस भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित शिक्षकों को शुरुआती रूप में न्यूनतम 25,300 रुपये मासिक वेतन दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, उम्मीदवारों को महंगाई भत्ता (DA) भी दिया जाएगा, जिससे कुल वेतन में और बढ़ोतरी होगी। यह वेतन राज्य सरकार की निर्धारित वेतनमान के अनुसार मिलेगा। कैसे करें आवेदन     आधिकारिक वेबसाइट https://esb.mp.gov.in पर जाएं।     प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 के लिंक पर क्लिक करें।     अगर आपने पहले रजिस्ट्रेशन नहीं किया है तो पहले "प्रोफाइल रजिस्ट्रेशन" करें।     रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड की मदद से पोर्टल पर लॉग इन करें।     सभी जरूरी जानकारी जैसे नाम, योग्यता, श्रेणी आदि सावधानीपूर्वक भरें।     पासपोर्ट साइज फोटो, हस्ताक्षर और अन्य जरूरी दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें।     ऑनलाइन मोड (डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग) से आवेदन शुल्क जमा करें।     सभी जानकारी जांचने के बाद आवेदन फॉर्म सबमिट करें।     भविष्य के उपयोग के लिए आवेदन फॉर्म का एक प्रिंट आउट अपने पास रख लें।  

सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, मोटर ट्रांसपोर्ट नियोजकों की कार्यशाला

सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए श्रम विभाग की पहल कामगार सुरक्षा से सड़क सुरक्षा तक: श्रम विभाग ने सड़क हादसों पर नियंत्रण के उपाय जारी किए सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, मोटर ट्रांसपोर्ट नियोजकों की कार्यशाला  भोपाल सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने प्रभावी कदम उठा रही है। इस दिशा में परिवहन वाहनों जैसे बस, ट्रक, टैक्सी आदि का संचालन करने वाले ड्रायवरों तथा अन्य स्टाफ जैसे कंडक्टर और क्लीनर के कार्य के घंटे के संबंध में प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू किए जाने की पहल की जा रही है।इसी सिलसिले में मोटर ट्रांसपोर्ट नियोजकों की कार्यशाला शुक्रवार को श्रमायुक्त कार्यालय, इंदौर में सम्पन्न हुई। कार्यशाला में श्रमायुक्त श्रीमती रजनी सिंह ने मोटर परिवहन कर्मकार अधिनियम, 1961 के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट कार्यों में संलग्न ड्राइवरों और अन्य स्टाफ के कार्य के घंटों, विश्राम अवधि और अन्य सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अधिनियम के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट वर्कर्स के लिए प्रतिदिन 8 घंटे और साप्ताहिक 48 घंटे कार्य की अवधि निर्धारित है। इन प्रावधानों का गंभीरता से पालन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ड्रायवरों और स्टाफ के लगातार लंबी अवधि तक कार्य करने और विश्राम का समय न मिलने से थकान और तनाव की स्थितियाँ उत्पन्न होती हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। श्रमायुक्त ने वाहनचालकों के समय-समय पर नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, विशेषकर नेत्र परीक्षण, सुनिश्चित करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि विभिन्न तकनीकों और उपकरणों की सहायता से, साथ ही जागरूकता और प्रचार-प्रसार के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम किया जा सकता है। इसके लिए ड्रायवरों के कार्य समय और विश्राम अवधि की निगरानी करने तथा अन्य सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने हेतु मोटर वाहनों में सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस प्रणाली जैसे तकनीकी उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। कार्यशाला में अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (AICTSL) के अधिकारी अभिनव चौहान ने भी भाग लिया। उन्होंने बताया कि उनके संस्थान में संभावित वाहन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ड्रायवर और पैसेंजर मैनेजमेंट सिस्टम का भविष्य में उपयोग किया जाएगा। इस संबंध में कार्यशाला में एक प्रस्तुति भी दी गई, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम में मदद मिलेगी। कार्यशाला में ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अधिनियम के परिपालन के लिए सकारात्मक सुझाव प्रस्तुत किए और मोटर यातायात श्रमिक अधिनियम के प्रावधानों के अनुपालन में सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। कार्यशाला में श्रम विभाग से प्रभात दुबे, आशीष पालीवाल, जिला परिवहन अधिकारी प्रदीप शर्मा, अटल इंदौर ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (AICTSL) के अधिकारी अभिनव चौहान, प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद शर्मा, इंदौर ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के सी. एल. मुकाती एवं अन्य ट्रांसपोर्टर्स उपस्थित थे।  

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री का आभार जताया

एमसीबी/चिरमिरी मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सुरजपुर जिले में हुए दोहरे हत्याकांड में पीड़ित प्रधान आरक्षक मोहम्मद तालिब के परिवार को आर्थिक सहायता स्वरूप 20 लाख रुपये राशि की स्वीकृति प्रदान की है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया है। जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा मानवीय संवेदनाओं को समझते हुए यह त्वरित सहायता दिया जाना न केवल पीड़ित परिवार के लिए राहतदायक है, बल्कि यह प्रशासन की संवेदनशीलता का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हमेशा अपने नागरिकों के साथ खड़ी है।   स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने मुख्यमंत्री की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे पीड़ित परिवार को नई आशा मिलेगी और समाज में न्याय व संवेदना की भावना और मजबूत होगी।

बासनपीर में हिंसा फैलाने वाले महिलाओं सहित 23 उपद्रवी हिरासत में

जैसलमेर जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत बासनपीर गांव में छतरी पुनर्निर्माण के दौरान उपजे तनाव के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल से जुड़े विभिन्न वीडियो फुटेज, चश्मदीदों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। अब तक इस मामले में कुल 23 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। गौरतलब है कि 10 जुलाई को पुराने रियासती योद्धाओं की स्मृति में बनाई जा रही छतरियों के पुनर्निर्माण को लेकर अचानक उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब बड़ी संख्या में ग्रामीण पुरुष, महिलाएं और बच्चे एकत्र होकर जोरदार विरोध करने लगे। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य के विरोध में नारेबाजी करते हुए पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान भीड़ ने पुलिसकर्मियों व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को घेरते हुए उन पर लाठियों और पत्थरों से हमला कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए मौके पर तैनात अधिकारियों पर जानलेवा हमला और राजकार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल से जुड़े विभिन्न वीडियो फुटेज, चश्मदीदों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। अब तक इस मामले में कुल 23 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि मामले की तह में जाकर की गई जांच में यह सामने आया कि पूरे घटनाक्रम के पीछे गांव का ही निवासी हासम खान मुख्य भूमिका में था। हासम खान ने ही ग्रामीणों को भड़काया और प्रशासन को भ्रमित करते हुए समुदाय विशेष के खिलाफ परिवाद प्रस्तुत किए, जिससे गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया। एसपी चौधरी के अनुसार हासम खान ने सोची-समझी साजिश के तहत दोनों पक्षों को भड़काने का कार्य किया। उसने पुलिस और प्रशासन को एकपक्षीय परिवाद देकर गुमराह किया और साथ ही ग्रामीणों को धार्मिक भावना से उकसाया। परिणामस्वरूप गांव में तनाव का माहौल बना और छतरी निर्माण कार्य के दौरान हिंसात्मक झड़प हुई। पुलिस की जांच का दायरा सिर्फ हासम खान तक सीमित नहीं रहा। अब उसके पीछे की संभावित साजिशों और अन्य लोगों की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है। एसपी ने बताया कि हासम खान इस पूरे घटनाक्रम में सिर्फ मोहरा नहीं, बल्कि योजना का सूत्रधार था और अब पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि इसके पीछे किन-किन लोगों की भूमिका रही। इसके अलावा अन्य उपद्रवियों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज, फोटो और स्थानीय इनपुट्स के आधार पर दबिशें दी जा रही हैं। पुलिस उन सभी लोगों को चिन्हित करने में लगी है, जिन्होंने इस हिंसा में भाग लिया और कानून व्यवस्था को बाधित किया। गांव में फिलहाल शांति का माहौल है और पुलिस द्वारा लगातार गश्त कर क्षेत्र में कानून व्यवस्था को कायम रखा जा रहा है। स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह से सतर्क है और किसी भी प्रकार की अफवाह या उकसावे को रोकने के लिए सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है।

CBI कोर्ट का आदेश: इमरान मसूद को करना होगा सरेंडर, जारी हुआ गैर-जमानती वारंट

सहारनपुर उत्तर प्रदेश सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में 2007 में हुए 40 लाख रुपये से अधिक के घोटाले के मामले में गाजियाबाद स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। यह वारंट तब जारी हुआ जब इमरान मसूद की डिस्चार्ज याचिका अदालत ने खारिज कर दी। यह मामला वर्ष 2007 का है, जब सहारनपुर नगर पालिका परिषद के ईओ (कार्यपालक अधिकारी) की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई थी। आरोप था कि उस समय नगर पालिका के खाते से 40.12 लाख रुपये की हेराफेरी की गई थी, जिसमें इमरान मसूद की भूमिका सामने आई थी। प्रारंभिक जांच में मामला गंभीर पाया गया, जिसके बाद इसे सीबीआई को सौंपा गया। सीबीआई की जांच में मसूद पर लगे आरोपों की पुष्टि हुई। कई बार समन जारी किए जाने के बावजूद इमरान मसूद अदालत में पेश नहीं हुए। इसके बाद विशेष सीबीआई न्यायाधीश अरविंद मिश्रा ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने के आदेश दिए। इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 18 जुलाई 2025 तय की गई है। वहीं, राजनीतिक गलियारों में भी इस घटनाक्रम से हलचल तेज हो गई है, क्योंकि इमरान मसूद वर्तमान में एक सक्रिय और चर्चित राजनीतिक चेहरा माने जाते हैं। सीबीआई की तरफ से कहा गया है कि यदि आरोपी अगली तारीख पर भी उपस्थित नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इमरान मसूद की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐश्वर्य कुमार राय

23 माओवादियों ने किया सरेंडर, इन पर था 1 करोड़ 18 लाख का इनाम

सुकमा  प्रदेश के माओवाद प्रभावित क्षेत्र में सरकार और प्रशासन की ओर से लगातार माओवाद को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके तहत माओवादियों का आत्मसर्पण करवाया जा रहा है। शनिवार को भी पीएलजीए बटालियन में सक्रिय 8 हार्डकोर समेत 23 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। जानकारी के अनुसार, माओवादी संगठन पीएलजीए बटालियन के 23 माओवादियों ने शनिवार को सरेंडर कर दिया है। इन सभी को मिलाकर इनके सिर पर 1 करोड़ 18 लाख का इनाम घोषित किया गया था। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में 8 महिला माओवादी भी शामिल है। बता दें कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी इलाके में होने वाली दर्जनों बड़ी माओवादी गतिविधियों में शामिल थे। सभी माओवादियों ने सरकार की नियद नेल्ला नार और शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर सरेंडरनियद नेल्ला नार और शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर सरेंडर नियद नेल्ला नार और शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर सरेंडर किया है। पुनर्वास नीति के तहत समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा माओवादियों ने एसपी अधीक्षक किरण चव्हाण और सीआरपीएफ डीआरजी आनंद सिंह समेत अधिकारियों के समक्ष सरेंडर किया है। अब इन माओवादियों को सरकार की पुनर्वास नीति के अनुसार समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। 37.50 लाख के इनामी 22 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण नारायणपुर जिले के अत्यंत संवेदनशील माड़ अंचल में चल रहे ‘माड़ बचाव’ अभियान से प्रेरित होकर शुक्रवार को 22 सक्रिय माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने की शपथ ली। आत्मसमर्पितों में 14 पुरुष व 8 महिलाएं शामिल हैं। इन पर 37 लाख 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण में शामिल ये माओवादी माड़ डिवीजन के कुतुल, नेलनार और इंद्रावती एरिया कमेटी में सक्रिय इन माओवादियों ने पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुड़िया के समक्ष आत्मसमर्पण किया। मुख्य आत्मसमर्पितों में 8 लाख का इनामी डीविजनल कमेटी सदस्य (डीवीसीएम) मनकू कुंजाम, पांच-पांच लाख के इनामी हिड़मे कुंजाम, पुन्ना लाल ओयाम और सनीराम कोर्राम शामिल हैं। आत्मसर्पित माओवादियों ने बताया कि माओवादी संगठन की अमानवीय, शोषणकारी विचारधारा, बाहरी नेतृत्व की ओर से भेदभाव और स्थानीय आदिवासियों पर हिंसा के चलते मोहभंग हुआ है। क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास कार्य, स्वास्थ्य, शिक्षा व पुनर्वास योजनाओं ने उन्हें मुख्यधारा की ओर लौटने के लिए प्रेरित किया।

छांगुर बाबा केस में बढ़ा विवाद, सामने आया मुस्लिम धर्म की बढ़ाई और हिंदू धर्म की आलोचना का दावा

बलरामपुर ATS ने छांगुर बाबा के करीबी नवीन रोहरा के सात बैंक खातों की जानकारी ED को शेयर की है. बलरामपुर से गिरफ्तार जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के चार करीबी पूर्वांचल के जिलों में अवैध धर्मांतरण कराते थे. जो त्रिशूल लगाकर मजार पर कव्वाली गाकर अवैध धर्मांतरण के कार्य को आगे बढ़ाते थे. इनके खिलाफ दो वर्ष पूर्व आजमगढ़ में अवैध धर्मांतरण कराने का मुकदमा दर्ज हुआ था. इसी बीच एक और दावा किया गया है. बताया जाता है कि छांगुर गैंग धर्मांतरण के लिए हिंदू धर्म की बुराई करता था. जबकि अन्य की मुस्लिम धर्म की तारीफ करता था. छांगुर की करतूतों का खुलासा करते हुए एसटीएफ को चारों के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले थे. इसके बाद एटीएस थाने में एसटीएफ द्वारा दर्ज कराई गई. एफआईआर में इन चारों को नामजद किया गया. आजमगढ़ के देवगांव थाने में 25 मई 2023 को अवैध धर्मांतरण का मुकदमा दर्ज हुआ था. 2023 में भी पुलिस कर रही थी जांच मुकदमे में 18 लोग नामजद हुए थे, जिनमें छांगुर के करीबी बलरामपुर निवासी मोहम्मद सबरोज, रशीद, शहाबुद्दीन और गोंडा निवासी रमजान शामिल थे. इसके अलावा आजमगढ़ निवासी अवधेश सरोज उर्फ वकील, ऊषा देवी, पन्ना लाल गुप्ता, सिकंदर, हसीना, कुंदन बेनवंशी, आकाश सरोज, मऊ निवासी मोहम्मद जावेद, परवेज आलम, इरफान अहमद, साबिर अली, जावेद अहमद और जौनपुर निवासी फैयाज भी नामजद किए गए थे. इस प्रकरण की जांच के दौरान आजमगढ़ पुलिस छांगुर के अवैध धर्मांतरण रैकेट तक नहीं पहुंच सकी थी. बाद में जब छांगुर की जांच एसटीएफ ने शुरू की तो बलरामपुर के चारों युवकों का नाम भी सामने आया. नवंबर 2024 में छांगुर समेत नौ नामजद आरोपियों की सूची में मोहम्मद सबरोज, रशीद, शहाबुद्दीन और रमजान को भी शामिल किया गया. त्रिशूल लगाकर, कव्वाली कराकर कराते थे धर्मांतरण आजमगढ़ के देवगांव क्षेत्र के ग्राम चिरकिहिट में पुलिस को अवैध धर्मांतरण की सूचना मिली थी. पुलिस जब मौके पर पहुंची तो वहां कई गाड़ियों से आए लोग मजारनुमा जगह पर त्रिशूल लगाकर, उस पर फूल-माला चढ़ाकर कव्वाली गा रहे थे और तकरीरें पढ़ रहे थे. वे मुस्लिम धर्म की तारीफ और हिंदू धर्म की मान्यताओं को पाखंड और झूठ बता रहे थे. जांच में पता चला कि वहां प्रलोभन देकर हिंदुओं का मुस्लिम धर्म में धर्मांतरण कराया जा रहा था. पुलिस ने सभी 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया, लेकिन विवेचना के दौरान अवैध धर्मांतरण के मास्टरमाइंड छांगुर तक नहीं पहुंच सकी. जिसके बाद अब गिरफ्तारी हुई है. गैंग के 30 से 40 लोग अब भी फरार छांगुर बाबा मामले में आजतक ने बड़ा खुलासा किया है. पीड़िता का दावा कि छागुर बाबा के अलावा 30-40 लोग अब भी बाहर, जो पुलिस की गिरफ्त से दूर रहकर धर्मांतरण का नेटवर्क चला रहे हैं. बरेली और आजमगढ़ में धर्मांतरण का बड़ा नेटवर्क फैला है. जिसमें कई डॉक्टर और रसूखदार लोग शामिल हैं. बरेली में कई ऐसे डॉक्टर भी इस गैंग में शामिल हैं, जो हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कराकर खतना जैसे खतरनाक करते थे. पीड़िता ने आरोप लगाया कि पुलिस पीड़ित महिलाओं की मदद नहीं कर रही, महिलाएं खुद को बचाने में असहाय हैं.

सीएम योगी करेंगे पांच बहुमंजिला भवनों का लोकार्पण—KGMU में स्वास्थ्य संरचना को और मिलेगा बल

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को किंग जाॅर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) पहुंचकर रोगियों को सुविधाओं की साैगात देंगे। इसके तहत दो भवनों का लोकार्पण और तीन का शिलान्यास होना है। केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि सोमवार को शाम 4.00 बजे मुख्यमंत्री ने लोकार्पण और शिलान्यास के लिए समय दिया है। इसके तहत कार्डियोलाॅजी भवन और ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी सेंटर का लोकार्पण किया जाएगा। इसके साथ ही जनरल सर्जरी के नए भवन, नए प्रशासनिक भवन और ट्रामा-2 का शिलान्यास किया जाएगा। 300 बेड का होगा जनरल सर्जरी विस्तार भवन केजीएमयू में जनरल सर्जरी विभाग का नया भवन बनाया जाना है। 9.62 एकड़ में 37,128.76 वर्ग मीटर में बनने वाले इस विस्तार भवन के निर्माण में करीब 315 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान है। इस भवन में कार पार्किंग के लिए दो मंजिला अंडर ग्राउंड बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर समेत कुल 11 मंजिला भवन बनाया जाएगा। नए भवन में कुल 300 बेड की क्षमता होगी। 12 ऑपरेशन थिएटर होंगे। इसमें एक एडवांस रोबोटिक सर्जरी की ओटी, 11 माड्यूलर ऑपरेशन थिएटर होंगे। इसमें छह ओटी लैप्रोस्कोप सिस्टम से लैस होंगी। भवन में ऑडिटोरियम समेत अन्य सुविधाएं होंगी। दोगुनी हो जाएगी कार्डियोलाॅजी भवन की क्षमता केजीएमयू के लारी कार्डियोलाॅजी विभाग में छह महीने से नया भवन बनकर तैयार है। इसकी शुरुआत होने पर दिल के रोगियों का इलाज करने की क्षमता दोगुने से ज्यादा हो जाएगी। यहां आईसीयू के बेड की क्षमता 84 से बढ़कर 180 हो जाएगी। इस 10 मंजिला भवन के छह मंजिलों पर मरीजों को भर्ती, इलाज की सुविधा मिलेगी। प्रशासनिक भवन भी होंगे। नीचे की चार मंजिलों पर मल्टीलेवल पार्किंग की सुविधा रहेगी। इसकी शुरुआत होने पर कार्डियोलॉजी विभाग की ओपीडी में मचने वाला घमासान कम हो जाएगा। ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में होगे 340 बेड केजीएमयू के ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में हड्डी रोग के तीन विभाग आर्थोपेडिक सर्जरी, स्पोर्ट्स मेडिसिन और पीडियाट्रिक आर्थोपेडिक शिफ्ट किए जाएंगे। नए भवन में 340 बेड पर मरीज भर्ती करने की क्षमता है। ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी सेंटर भवन में सभी जांचों की सुविधा एक ही भवन में मिल जाएगी। यहां एमआरआई, खून की जांच, सीटी स्कैन और एक्सरे जांच की सुविधा एक ही स्थान पर मिलेगी। यहां 24 प्राइवेट रूम, 24 आईसीयू, 340 बेड, आठ ओटी, आठ ओपीडी रूम, एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्सरे, खून की जांच, हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड की सस्ती दर की दुकान, डॉक्टरों के कमरे, बेसमेंट में पार्किंग, कैंटीन की सुविधा मिलेगी।   ट्राॅमा-2 के निर्माण से मिलेगी गंभीर मरीजों को राहत केजीएमयू में ट्रॉमा सेंटर फेज-2 का निर्माण होने पर गंभीर मरीजों को काफी राहत मिलेगी। इस पर करीब 296 करोड़ रुपये का खर्च प्रस्तावित है। नए भवन में पांच सौ बेड पर भर्ती की सुविधा मिलेगी। ट्रॉमा सेंटर फेज-2 के नए भवन में सड़क दुर्घटना वाले मरीजों को भर्ती किया जाएगा, जबकि पुराना भवन गंभीर रोगियों के लिए आरक्षित रहेगा। इस समय ट्रॉमा सेंटर में घायल और अन्य प्रकार के रोगी एक ही साथ भर्ती किए जा रहे हैं। वर्तमान ट्राॅमा सेंटर की क्षमता 466 बेड की है। लखनऊ ही नहीं, यहां पूरे प्रदेश से गंभीर मरीज लाए जाते हैं। क्षमता के मुकाबले ज्यादा मरीज आने से रोजाना 30 से 40 मरीज वापस किए जाते हैं। इसको देखते हुए नया भवन बनाया जा रहा है। नया प्रशासनिक भवन केजीएमयू में माैजूदा कुलसचिव कार्यालय के बगल में नया प्रशासनिक भवन प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को इसकाशिलान्यास करेंगे। इससे यहां कामकाज में आसानी होगी।  

एमपी के 45 जिलों में आज मूसलाधार बारिश की चेतावनी, जानें अपने शहर का ताजा हाल

भोपाल  मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश से जन जीवन प्रभावित हो रहा है।शुक्रवार को सिवनी, छतरपुर, उमरिया, सतना, कटनी समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात रहे। सिवनी में 9 घंटे में ही साढ़े 6 इंच पानी गिर गया। 20 से ज्यादा जिलों में तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने शनिवार को 10 जिलों में अति भारी और 35 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से तेज बारिश का दौर जारी है। इस मानसूनी सीजन में अब तक करीब 16 इंच बारिश हो चुकी है। पूर्वी हिस्से में सबसे ज्यादा असर है। खासकर मंडला, सिवनी, बालाघाट, मैहर, डिंडौरी समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई है। शुक्रवार को भी ऐसे ही हालात रहे। मंडला में सबसे ज्यादा नुकसान बारिश की वजह से मंडला जिले में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। यहां अब तक बाढ़ के कारण 7 लोगों की मौत हो चुकी हैं। 2 लापता हैं। 300 मकान समेत कई सड़कें और पुलियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। 312 लोगों को रेस्क्यू कर 7 राहत कैंप में रखा गया है। शिवपुरी और ग्वालियर की सीमा पर बना हरसी बांध लबालब भर गया। इससे पानी का ओवरफ्लो होना शुरू हो गया है। इससे दोनों जिलों के करीब 20 गांव में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है। सिवनी में 9 घंटे में 6.5 इंच बारिश दर्ज शुक्रवार को पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का दौर जारी रहा। सिवनी में 9 घंटे में 6.5 इंच बारिश हो गई। छतरपुर के खजुराहो में करीब ढाई इंच, उमरिया-नौगांव में 1.8 इंच, सतना में 1.1 इंच, पचमढ़ी-ग्वालियर में आधा इंच बारिश हो गई। कटनी, शहडोल, सीधी, मैहर, मऊगंज जिले में भी तेज बारिश से घर-दुकानों में पानी भर गया। दतिया, नर्मदापुरम, रतलाम, श्योपुर, दमोह, जबलपुर, रीवा, टीकमगढ़, सीहोर समेत कई जिलों में बारिश का दौर चलता रहा। मध्यप्रदेश में बारिश अब आफत बनकर बरस रही है। चित्रकूट में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश से मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इसके चलते रामघाट, भरतघाट सहित सभी प्रमुख घाट जलमग्न हो गए हैं। घरों-दुकानों में भी पानी घुस रहा है। उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। एक गेट एक मीटर और दूसरा आधा मीटर तक खोला गया है। वहीं, मंडला में बाढ़ से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। शुक्रवार को सिवनी, छतरपुर, उमरिया, सतना, कटनी समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात रहे। सिवनी में 9 घंटे में ही साढ़े 6 इंच पानी गिर गया। 20 से ज्यादा जिलों में तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने शनिवार को 10 जिलों में अति भारी और 35 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से तेज बारिश का दौर जारी है। इस मानसूनी सीजन में अब तक करीब 16 इंच बारिश हो चुकी है। पूर्वी हिस्से में सबसे ज्यादा असर है। खासकर मंडला, सिवनी, बालाघाट, मैहर, डिंडौरी समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई है। शुक्रवार को भी ऐसे ही हालात रहे। आज इन जिलों में तेज बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने शनिवार के लिए 10 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इनमें छतरपुर, दमोह, सागर, कटनी, जबलपुर, रायसेन, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम जिले शामिल हैं। यहां 24 घंटे में 8 इंच तक पानी गिर सकता है। भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, देवास, शाजापुर, विदिशा, सीहोर, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। मध्य प्रदेश से गुजर रही 3 टर्फ मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में 3 टर्फ का असर है। इनमें एक मानसून टर्फ है। इस वजह से अति भारी और भारी बारिश का दौर बना हुआ है। अगले चार से पांच दिन तक ऐसा ही मौसम रहेगा। 48 घंटों के लिए इन जिलों में बारिश का अलर्ट     शनिवार के लिए : छतरपुर, दमोह, सागर, कटनी, जबलपुर, रायसेन, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा नर्मदापुरम अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट । भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, देवास, शाजापुर, विदिशा, सीहोर, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला बालाघाट में भारी बारिश का येलो अलर्ट।     रविवार के लिए: इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार, खरगोन, खंडवा, हरदा, देवास में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट ।भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, नीमच, मंदसौर, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, दतिया, दमोह, सिवनी, बालाघाट में मध्यम से भारी बारिश का येलो अलर्ट। मध्य प्रदेश मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान     वर्तमान में मानसून द्रोणिका बीकानेर, देवमाली, हमीरपुर, डाल्टनगंज, जमशेदपुर, दीघा से होकर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। उत्तरी छग और उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश से लेकर बंगाल की खाड़ी तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो उत्तरी छग, उत्तरी ओडिशा से होकर जा रही है।     उत्तर-पूर्वी अरब सागर से उत्तरी छत्तीसगढ़ पर बने चक्रवात तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो दक्षिणी गुजरात, उत्तरी मध्य महाराष्ट्र, दक्षिणी एमपी से होकर गुजर रही है।एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान के आसपास सक्रिय है। इन अलग-अलग सक्रिय इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला बना हुआ है।