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मुख्यमंत्री ने किया ‘मेक इन सिलिकॉन’ संगोष्ठी का शुभारंभ

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) नवा रायपुर के 10वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय ‘मेक इन सिलिकॉन’ संगोष्ठी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन भारत को सेमीकंडक्टर निर्माण और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपना रजत जयंती वर्ष मना रहा है और आज राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ का भी ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों और ट्रिपल आईटी परिवार को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान महान शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर स्थापित है, जिन्होंने शिक्षा, एकता और औद्योगिक विकास को राष्ट्र की प्रगति से जोड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने सेमीकंडक्टर मिशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। यह मिशन न केवल बुनियादी ढांचा विकसित कर रहा है, बल्कि युवाओं को सशक्त बनाने और नवाचार को प्रोत्साहन देने का भी कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सेमीकंडक्टर आज आधुनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है— मोबाइल, सैटेलाइट, रक्षा प्रणाली और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सभी इससे जुड़े हैं। ऐसे में ‘मेक इन सिलिकॉन’ जैसी पहल भारत की चिप क्रांति को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ इस मिशन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति में सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कुशल मानव संसाधन, सुदृढ़ औद्योगिक ढांचा, निर्बाध बिजली आपूर्ति और तकनीकी विकास के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध है।  नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर यूनिट की स्थापना का भूमिपूजन हो चुका है, जिससे युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर को आईटी और इनोवेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य का ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन डॉक्यूमेंट’ सतत विकास पर केंद्रित है, जिसमें सेमीकंडक्टर को प्रमुख क्षेत्र के रूप में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार  इज ऑफ डूइंग बिज़नेस के साथ अब स्पीड आफ डूइंग बिज़नेस पर भी बल दे रही है। मुख्यमंत्री ने देशभर से आए विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस संगोष्ठी से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश को लाभ मिलेगा। उन्होंने आह्वान किया कि “हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ को मध्य भारत का ज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार का केंद्र बनाएं तथा भारत के सेमीकंडक्टर मिशन में सक्रिय योगदान दें।” वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि जब मैं पढ़ाई कर रहा था, तब छत्तीसगढ़ में एक भी राष्ट्रीय स्तर का संस्थान नहीं था। किंतु पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता के कारण आज प्रदेश में आईआईटी, आईआईएम, एचएनएलयू, एम्स, एनआईटी और ट्रिपल आईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान स्थापित हुए हैं। इन संस्थानों ने राज्य को उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नई पहचान दी है। चौधरी ने कहा कि वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ में शिक्षा और तकनीकी विकास की अपार संभावनाएँ हैं। आज का युग टेक्नोलॉजी-ड्रिवन इकोनॉमी का है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर डाउन होने से विश्वभर में जिस प्रकार कार्य प्रभावित हुए, उससे स्पष्ट है कि पावर टेक्नोलॉजी आज जीवन, अर्थव्यवस्था और वैश्विक प्रणाली को किस हद तक प्रभावित करती है। इसलिए हमें इन चुनौतियों का सामना करने के लिए अभी से तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि नवाचार, कौशल और काबिलियत ही भविष्य में आपकी वास्तविक उपयोगिता सिद्ध करेंगे। बड़ी उपलब्धियाँ वही व्यक्ति प्राप्त करता है, जो अपनी क्षमता को निरंतर तराशता है। युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि परिवर्तन हमेशा दृष्टिकोण, संकल्प और निरंतर प्रयास से आता है। साउथ कोरिया के तकनीकी परिवर्तन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि “हमें भी उसी प्रकार शिक्षा, तकनीक और शोध में निवेश बढ़ाकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना होगा।” वित्त मंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे तकनीकी दक्षता, शोध और रचनात्मक सोच को अपने जीवन का आधार बनाएं, क्योंकि आने वाला समय उन्हीं का होगा जो ज्ञान और नवाचार को अपनी शक्ति बनाएंगे। उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि सेमीकंडक्टर और औद्योगिक क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ‘मेक इन सिलिकॉन’ संगोष्ठी एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप शैक्षणिक संस्थान सेमीकंडक्टर क्षेत्र में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार उच्च शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने युवाओं से कहा कि “आपका नवाचार और आपका संकल्प भारत की तकनीकी पहचान को नई ऊँचाई देगा।” डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) नवा रायपुर के निदेशक प्रो. ओम प्रकाश व्यास ने अतिथियों को संस्थान की 10 वर्षों की उपलब्धियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि संस्थान में विकसित भारत की अवधारणा के अनुरूप शिक्षण, अनुसंधान और नवाचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। छात्रों के कौशल विकास और क्षमता निर्माण के लिए उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण एवं उद्योग आधारित परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर ट्रिपल आईटी इलाहाबाद के निदेशक प्रो. मुकुल सुतावणे, आईआईटी इंदौर के प्रो. संतोष विश्वकर्मा, मनोज कुमार मजूमदार सहित शिक्षाविद् एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहीं। उल्लखेनीय है कि ‘मेक इन सिलिकॉन’ – स्वदेशी सेमीकंडक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर पर राष्ट्रीय संगोष्ठी – ट्रिपल आईटी नया रायपुर के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी (ECE) विभाग के माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स और वीएलएसआई डिजाइन समूह द्वारा आयोजित की जा रही है। इस संगोष्ठी का उद्देश्य भारत की सेमीकंडक्टर क्षमताओं को सशक्त बनाना और आत्मनिर्भर सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण को प्रोत्साहित करना है। यह आयोजन शिक्षा जगत, उद्योग और अनुसंधान संस्थानों के बीच नवाचार, ज्ञान-विनिमय और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक सशक्त मंच है, जिससे भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा सके। संगोष्ठी में वीएलएसआई डिजाइन और माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स … Read more

न्यूजीलैंड ने वनडे स्क्वॉड का किया ऐलान, फिट होकर लौटे मैट हेनरी

लखनऊ बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्टार प्रचारक की भूमिका में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के लोग लालटेन लेकर आते थे, केरोसिन बेच देते थे। फिर अंधेरे में डकैती डालते थे। अराजकता पैदा करना इनका जन्मसिद्ध अधिकार है। लौरिया के विधायक, भाजपा प्रत्याशी व भोजपुरी कलाकार विनय बिहारी के पक्ष में एक जनसभा को संबोधित करते हुये उन्होंने कहा ' पशुओं का चारा खाने वाले आपका राशन भी नहीं छोड़ेंगे। यह लोग विकास, गरीब कल्याण की योजनाएं रोक देंगे और फिर से जंगलराज पैदा करेंगे। यूपी में माफिया की छाती पर बुलडोजर गड़गड़ाकर चलता है  कांग्रेस व राजद के समय में बिहार में 60 से अधिक जातीय नरसंहार हुए थे। अपहरण की 30 हजार से अधिक घटनाएं हुईं। व्यापारी, इंजीनियर, चिकित्सक, बेटियों का लगातार अपहरण होता था। सरकार कारर्वाई की बजाय अपहरणकर्ताओं के सामने नतमस्तक होकर मध्यस्थता की बात करती थी। महागठबंधन में हिम्मत नहीं है कि अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्य कर सके।' उन्होने कहा ' यूपी को देखें, जब वहां माफिया की छाती पर बुलडोजर गड़गड़ाकर चलता है तो उनके आका भी थर-थर कांपते हैं। कांग्रेस, राजद खानदानी माफिया को गले से लगाते हैं कांग्रेस, राजद व इनके पाटर्नर आमजन की आस्था का अपमान, दंगाइयों को प्रश्रय, व्यापारियों का सरेआम अपहरण करने वालों और खानदानी माफिया को गले से लगाते हैं। इनकी संवेदना गरीबों के प्रति नहीं, बल्कि माफिया-गुंडों के प्रति है।' योगी ने कहा कि राजद, कांग्रेस वाले बहकाने आएंगे। जब यह 15 वर्ष सत्ता में थे तो नौजवानों को ठगते थे। नौकरी के बहाने उनकी जमीन हड़प डाली थी। अपहरण उद्योग बन चुका था। नया उद्योग नहीं लगता था। नीतीश कुमार के नेतृत्व में अपहरण उद्योग बंद हुआ। गुंडागर्दी रोकने पर प्रभावी कदम उठाए गए। विकास कार्यों को तेजी से बढ़ाया गया। अब नए भारत का नया बिहार है। जब बिहार समृद्ध होता है तो भारत समृद्ध होता है। अब लालटेन का समय नहीं …एलईडी की दूधिया रोशनी का समय  उन्होने लोगों से अपील की कि जिन्होंने 2005 के पहले बिहार के जंगलराज, अराजकता, गुंडागर्दी, भ्रष्टाचार को देखा है, वे वर्तमान पीढ़ी को भी बताएं। अब लालटेन का समय नहीं है। बिहार पीएम मोदी के मार्गदर्शन व नीतीश बाबू के नेतृत्व में एलईडी की दूधिया रोशनी में सुशासन की सुद्दढ़ नींव बनाने की ओर अग्रसर हुआ है। एनडीए ने पिछले 20 वर्ष राजद व कांग्रेस के पापों के गड्ढों को भरने, अराजकता-भ्रष्टाचार को नियंत्रित करने व सुशासन की आधारशिला को सुद्दढ़ करने में लगाया। समृद्ध बिहार की नींव पुख्ता करने के लिए प्रदेश बढ़ चुका है, इसलिए एनडीए सरकार बिहार में फिर से आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं को गिनाते हुये कहा कि मोदी सरकार ने 11 वर्ष में विकास की अनेक योजनाएं चलाईं तो बिहार में भी विकास की हर योजनाएं हैं। कांग्रेस की सरकार के समय में 50 हजार रुपये में सिलेंडर ब्लैक होता था, जबकि मोदी जी ने 10 करोड़ गरीबों को फ्री में रसोई गैस का सिलेंडर दिया।    भोजपुरी कलाकार दिनेश लाल यादव को बीजेपी ने सांसद बनाया  योगी ने कहा कि भोजपुरी की मिठास दुनिया में हर जगह पहुंची है। भोजपुरिया लोगों ने बंजड़ दीपों को भी उपजाऊ बनाने का कार्य किया है। भोजपुरी संस्कृति जहां भी गई, उस क्षेत्र को उपजाऊ बनाया। बिहार मैथिली और भोजपुरी छठ गीतों के माध्यम से वैश्विक पहचान दिलाने वाली शारदा सिन्हा की भी धरा है। उन्हें पद्म पुरस्कार एनडीए सरकार ने ही दिया। उन्होने कहा ' कलाकार भगवान की अनमोल धरोहर होते हैं। कला का सम्मान होना चाहिए। एनडीए ने भोजपुरी के बड़े कलाकार को लौरिया से मैदान में उतारा है। हमने भी यूपी में भोजपुरी के दो कलाकारों को चुनाव लड़ाया। मैंने गोरखपुर से अपनी संसदीय सीट छोड़कर भोजपुरी कलाकार रवि किशन को दी। भोजपुरी कलाकार दिनेश लाल यादव को भी हमने आजमगढ़ से सांसद बनवाया था। सुशासन की सुद्दढ़ नींव में ही स्वर्णिम बिहार की संकल्पना साकार होगी। लौरियावालों को अर्जुन की तरह एकटक निशाना केवल कमल के फूल पर रखकर ईवीएम बटन दबाना है। ईवीएम 14 को खुलेगी तो एनडीए की सरकार बनेगी  योगी ने कहा कि एनडीए के समर्थन में पहले चरण में बिहार की माताओं, किसानों, नौजवानों का उत्साह दिखा। बिहार की धरती पर 65 फीसदी मतदान बताता है कि 14 नवंबर को ईवीएम खुलेगी तो फिर एक बार एनडीए सरकार का नारा साकार होगा। उन्होने कहा कि आज वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण हुए हैं। 

दिल्ली कोचिंग हादसे पर सख्त कार्रवाई, दो अधिकारियों पर गिरा गाज

नई दिल्ली दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) वीके सक्सेना ने जुलाई 2024 में ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित राउज आईएएस स्टडी सर्कल के बेसमेंट में तीन स्टूडेंट्स की दर्दनाक मौत के मामले में फायर सेफ्टी विभाग के ग्रुप 'ए' के दो अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई को मंजूरी दे दी है। ये अधिकारी वेद पाल (डिविजनल ऑफिसर) और उदयवीर सिंह (असिस्टेंट डिविजनल ऑफिसर) हैं, जिन्हें ड्यूटी के दौरान लापरवाही और तथ्यों को छिपाने के आरोप में तत्काल निलंबित कर दिया गया है। राज निवास के अनुसार, यह कार्रवाई सीसीएस (सीसीए) नियम 1965 के नियम 18 के साथ नियम 14 के तहत की गई है, और आगे की कार्रवाई के लिए मामला नेशनल कैपिटल सिविल सर्विस अथॉरिटी (एनसीसीएसए) को भेजा जाएगा। बता दें, 27 जुलाई 2024 को भारी बारिश के कारण कोचिंग सेंटर के बेसमेंट लाइब्रेरी में पानी भर गया, जिसमें उत्तर प्रदेश की श्रेया यादव (25), तेलंगाना की तन्या सोनी (25) और केरल के नेविन डेल्विन (24) की दम घुटने से मौत हो गई थी।   जांच में पाया गया कि वेद पाल और उदयवीर सिंह ने जुलाई 2024 में फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी करने के लिए निरीक्षण किया था, लेकिन उन्होंने बेसमेंट के अवैध उपयोग (लाइब्रेरी के रूप में) की जानकारी छिपाई और म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली (एमसीडी) को सूचित नहीं किया। नतीजतन, 9 जुलाई को गलत तरीके से सर्टिफिकेट जारी हो गया, जो हादसे का प्रमुख कारण बना। जिला मजिस्ट्रेट (सेंट्रल) की जांच ने इनकी लापरवाही को साबित किया।   

छत्तीसगढ़ की शान आकांक्षा सत्यवंशी लौटीं रायपुर, मरीन ड्राइव पर हुआ शानदार स्वागत

रायपुर भारत की महिला क्रिकेट टीम ने बीते 2 नवंबर को विमेंस वर्ल्ड कप 2025 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। इस गौरवशाली पल के पीछे छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी का भी अहम योगदान रहा है, जिन्होंने बतौर फिजियोथैरेपिस्ट खिलाड़ियों को फिट रखने और चोटों से दूर रखने में अहम भूमिका निभाई। रायपुर लौटने पर उनका स्वागत किसी सेलिब्रेशन से कम नहीं रहा, गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और पारंपरिक छत्तीसगढ़ी नृत्य के साथ मरीन ड्राइव पर लोगों ने उनका शानदार स्वागत किया गया। दोपहर 12 बजे से ही लोग आकांक्षा की एक झलक पाने के लिए जुटने लगे थे। जैसे ही आकांक्षा रायपुर पहुंचीं, लोगों की भीड़ ने “छत्तीसगढ़ की शान” के नारे लगाए। माहौल पूरी तरह उत्सवमय था, फूलों की वर्षा, पटाखों की गूंज और नाचते-गाते प्रशंसकों के बीच आकांक्षा ने मुस्कुराते हुए सबका अभिवादन स्वीकार किया। आकांक्षा ने कहा, “मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। लोग इतनी देर से खड़े होकर हमारा इंतज़ार कर रहे हैं और इतना प्यार दे रहे हैं, इसके लिए मैं बेहद आभारी हूं। यह मेरे लिए गर्व और सम्मान का पल है कि मेरी मेहनत और काम की सराहना हुई है।” आकांक्षा ने बातचीत में आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में टैलेंट की कोई कमी नहीं है, बस सही अवसर और मार्गदर्शन की जरूरत है। उन्होंने कहा, “हमारी बेटियां किसी से कम नहीं हैं। टूर्नामेंट के दौरान हमारा लक्ष्य सिर्फ़ एक था, वर्ल्ड कप जीतना। खिलाड़ियों की फिटनेस पर लगातार नज़र रखनी पड़ती है ताकि उन्हें किसी तरह की चोट या दर्द न हो। 55 दिनों तक हम घर से दूर रहे, लेकिन टीम को घर जैसा माहौल देने की पूरी कोशिश की।” आकांक्षा ने यह भी बताया कि क्रिकेट की दुनिया में काम कभी रुकता नहीं और यही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि यह तो सिर्फ़ शुरुआत है, आगे भी वह देश और राज्य का नाम रोशन करने के लिए कुछ बड़ा करना चाहती हैं। आकांक्षा ने यह साबित कर दिया कि आज छत्तीसगढ़ की बेटियां भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। आकांक्षा सत्यवंशी न केवल महिला सशक्तिकरण की मिसाल हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा की प्रतीक बन चुकी हैं। टीम इंडिया ने पहली बार जीता वर्ल्ड कप 2 नवंबर को नवी मुंबई के डॉ डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए वर्ल्ड कप के फाइनल में भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका को 52 रनों से हराया और ODI वर्ल्ड कप जीतने वाली दुनिया की चौथी टीम बनी। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड ने खिताब जीता था।

महिला की सफलता की कहानी: Artificial Flowers ने बदली ज़िंदगी, घर बैठे हो रही मोटी कमाई

कुरुक्षेत्र हरियाणा में ग्रामीण परिवेश की महिलाओं का हुनर अब सामने आ रहा है और महिलाओं के द्वारा अब अपना स्टार्टअप शुरू करके अच्छा पैसा कमा रही है और दूसरी महिलाओं और लोगों के लिए प्रेरणा बन रही है। महिलाओं के स्टार्टअप शुरू करने में सबसे बड़ा योगदान स्वय सहायता ग्रुप का रहता है। यह सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त एक संगठन होता है जिसमें कई महिलाएं मिलकर एक ग्रुप बनाती है और फिर वह किसी भी स्टार्टअप को शुरू करती हैं जिसमें सरकार उनकी आर्थिक तौर पर मदद करते हैं और जिससे वह काम शुरू करके लाखों रुपए कमाती हैं। ऐसे ही कहानी हम आज आपको बता रहे हैं जहां कुरुक्षेत्र के सुरा गांव की महिलाओं ने आर्टिफिशियल फ्लावर बनाने का काम शुरू किया अब वह लाखों रुपए कमा रही है। और अपने हुनर से बनाए गए सुंदर-सुंदर फ्लावर लोगों के घरों की शोभा बढ़ा रहे हैं। छोटे स्तर से आर्टिफिशियल फ्लावर बनाने का काम किया शुरू संजू ने बताया कि उसकी मां ने 10 महिलाओं के साथ मिलकर स्वयं सहायता समूह ग्रुप बनाया था। इसके बाद उन्होंने मार्च 2020 में आर्टिफिशियल फ्लावर बनाने का काम शुरू किया। उन्होंने कहा कि हमने यह काम छोटे से स्तर से शुरू किया था लेकिन अभी यह काफी बड़ा हो गया है करीब 10 महिलाएं मिलकर इस ग्रुप को चला रही हैं जो इसे अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। उन्होंने कहा कि फ्लावर बनाने का काम महिलाएं करती है वह भी उसमें थोड़ी सहायता कर देते हैं बाहर बेचने का काम वह खुद करते हैं कि महिलाएं अपने घर के काम के साथ-साथ फ्लावर बनाने में ज्यादा व्यस्त रहती है इसलिए बाहर से खरीदारी करने का और बेचने का काम संजू खुद करती हैं। उन्होंने कहा कि वह करीब 50 से ज्यादा अलग-अलग प्रकार के फ्लावर बनाते हैं जो सजावट के लिए काम आते हैं लोग इनको खरीद कर अपने घरों में ले जाते हैं जिसे उनके घरों की शोभा बढ़ती है। 5000 पर लगाकर काम रहे 15 लाख रुपए सालाना  संजू ने बताया कि जब 2020 से उन्होंने इस काम की शुरुआत की थी तब उन्होंने पहली बार 5000 रुपए आर्टिफिशियल फ्लावर बनाने के लिए इन्वेस्ट किए थे। लेकिन उनके द्वारा तैयार किए गए फ्लावर लोगों को काफी पसंद आने लगे जिसके चलते उनकी डिमांड बढ़ गई अब वह साल में करीब 15 लाख रुपए का टर्नओवर ले रहे हैं जिससे वह काफी खुश है। सरकार द्वारा आयोजित प्रत्येक मेले में जाते हैं स्टॉल लगाने  उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना ग्रुप स्वयं सहायता ग्रुप के द्वारा रजिस्टर करवाया हुआ है। इसमें उनका यह फायदा होता है कि हरियाणा सरकार के द्वारा जितने भी मेले के  कार्यक्रम प्रदेश में आयोजित किए जाते हैं वहां पर सरकार के द्वारा उनको निमंत्रण भेजा जाता है जिसमें उनका फ्री में स्टॉल दी जाती है। वहां जाकर वह अपने आर्टिफिशियल फ्लावर भेजते हैं और अपनी कमाई करते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में गीता जयंती , फरीदाबाद सूर्यकुंड मेला, कपाल मोचन मेला यमुनानगर सहित जितने भी हरियाणा में मेले आयोजित किए जाते हैं सभी में वह स्टॉल लगते हैं और लोगों के द्वारा उनके फ्लावर काफी पसंद किए जाते हैं। ₹25 से लेकर ₹1500 तक के बनाते हैं फ्लावर  संजू ने बताया कि  वह ₹25 से लेकर ₹1500 तक के फ्लावर तैयार करते हैं यह सभी फ्लावर महिलाओं के द्वारा तैयार किए जाते हैं जो गांव की ही रहने वाली है उन्होंने कहा कि अगर कोई फ्लावर के डिमांड करता है उसे आधार पर फ्लावर को छोटा या बड़ा भी बनाया जा सकता है लेकिन वह सिर्फ ऑर्डर के आधार पर ही बनाया जाता है। खुद का कच्चा माल करते हैं तैयार , कुछ खरीदा जाता हैं दिल्ली से  उन्होंने कहा कि ज्यादातर घर पर ही कच्चा माल तैयार करते हैं जिनसे वह फ्लावर बनाते हैं। फ्लावर बनाने के लिए जो प्रोडक्ट आते हैं उनको वह दिल्ली से खरीद कर लाते हैं वह अलग-अलग पार्ट में होते हैं और महिलाएं उनका घर पर अलग-अलग पार्ट को जोड़कर फ्लावर बनती है। हालांकि उनके सामने एक चुनौती भी रहती है कि किस प्रकार से लोगों को आकर्षित करने वाला फ्लावर बनाया जाए लेकिन महिलाएं कढ़ाई सिलाई में पहले ही काफी अच्छा काम करती है जिसके चलते वह अपनी समझ से आर्टिफिशियल फ्लावर को एक नया रूप देकर लोगों के लिए फ्लावर के प्रति आकर्षण करने का काम महिलाएं अपने हुनर से करती है।  उनके साथ 10 महिलाओं को भी मिला रोजगार  आर्टिफिशियल फ्लावर बनाने का काम करने वाली महिला रेखा ने बताया कि वह भी उनके साथ ग्रुप में जुड़ी हुई है जिसके चलते वह भी फ्लावर बनाने का काम करती है घर में अपना काम खत्म करने के बाद जितना भी समय बचता है वह उसमें फ्लावर बनाने का काम करती है जिससे उनके अच्छी आमदनी हो जाती है।  500 से 1000 रुपए लिए कमाती हैं महिलाएं कविता और बिना ने बताया कि महिलाओं को लिए उनके घर के पास ही रोजगार मिला हुआ है। वरना उनको कहीं बाहर काम करने के लिए जाना पड़ता जिसे उनके घर का काम भी रह जाता लेकिन यहां पर वह अपने पूरे घर का काम खत्म करके आती है और अपने खाली समय के आधार पर वह एक दिन में 500 से 1000 रुपए फ्लावर बनाकर कमा लेती हैं।इससे एक महिला एक महीने में 10 से 15000 रुपए आसानी से कमा लेती है। यह सिर्फ एक महिला के द्वारा ग्रुप शुरू किया गया था लेकिन अब अकेली महिला के द्वारा 10 अन्य महिलाओं को रोजगार दिया हुआ है जिनको कहीं घर से बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती घर के पास ही हो उनको परमानेंट काम मिला हुआ है। 

गैंगस्टरों की कमर टूटी! हरियाणा पुलिस के ऑपरेशन ट्रैकडाउन में पकड़े गए कुख्यात अपराधी

चंडीगढ़ हरियाणा पुलिस ने बुधवार को शुरू हुए ऑपरेशन ट्रैकडाउन के पहले ही दिन 32 कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। 20 नवंबर तक पूरे प्रदेश में चलने वाले अभियान में गोलीबारी, फिरौती, अपहरण और हत्या जैसे गंभीर अपराधों में लिप्त भगोड़े अपराधियों को पकड़कर जेल भेजा जाएगा। इन कुख्यात अपराधियों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने का लक्ष्य रखा गया है। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह के निर्देश पर ऑपरेशन का नेतृत्व आइजी क्राइम राकेश आर्य कर रहे हैं, जिन्होंने अपना व्यक्तिगत नंबर (90342 90495) जनता के लिए साझा किया है। कोई भी नागरिक गुप्त रूप से पुलिस को सूचना दे सकता है। चार कुख्यात बदमाशों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है, ताकि उनके आपराधिक इतिहास को अपडेट करके भविष्य में उनकी जमानत रद कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके।   कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह द्वारा जारी आदेश के मुताबिक अभियान में सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका एसएचओ और डीएसपी की रहेगी। हर थाना प्रभारी अपने क्षेत्र में सबसे कुख्यात पांच अपराधियों की पहचान कर इनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करेगा। प्रत्येक जिला और पुलिस जोन में सबसे कुख्यात 10 बदमाशों की सूची बनाई जाएगी, जिन पर कार्रवाई की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस आयुक्त या पुलिस आयुक्त की होगी। राज्य स्तर पर एसटीएफ सबसे कुख्यात 20 अपराधियों की सूची बनाकर उनकी धरपकड़ के लिए छापामारी करेगा। आपरेशन में स्पष्ट किया गया है कि यदि अपराधी दोबारा वारदात करते हैं तो क्षेत्राधिकार वाले एसएचओ या डीएसपी को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया जाएगा यानी गिरफ्तारी के साथ-साथ रोकथाम को भी उतनी ही प्राथमिकता दी गई है। ऑपरेशन के तहत पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ पुलिस के साथ समन्वय तेज किया गया है। सीमावर्ती जिलों में नाके लगाकर, संयुक्त छापेमारी और वारंट तामील जैसी कार्रवाई की जा रही है। इस तरह एक इंटरस्टेट नेटवर्क बनाया गया है जहां सूचनाओं का आदान-प्रदान और कस्टडी ट्रांसफर तुरंत हो सके।  

विदेश में छत्तीसगढ़ का गौरव: मनीष तिवारी को लंदन में मिला अप्रवासी भारतीय सम्मान

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य के सृजन के 25वें वर्ष पर आयोजित रजत उत्सव के समापन संध्या पर भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 41 व्यक्तियों को राज्य अलंकरण सम्मान से अलंकृत किया। समारोह में लंदन निवासी छत्तीसगढ़िया उद्यमी मनीष तिवारी को छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान से पुरस्कृत किया गया। इस अति विकासमान युग में भारत की समृद्ध विरासत को पश्चिम, विशेष रूप से ग्रेट ब्रिटेन जैसे देश में अपनी विशिष्ट क्षमताओं के साथ स्थापित करना एक बड़ी उपलब्धि है, जिसके लिए भारत के अनेक हिस्सों से इंग्लैंड जाकर बसे भारतीय बहुत समर्पण और तन्मयता के साथ काम कर रहे हैं। इन्ही में से मनीष तिवारी एक हैं। रायपुर में सन १९७२ में जन्म लिए मनीष तिवारी पिछले बीस वर्षों से भी अधिक समय से लंदन में निवासरत हैं। इस दो दशक के अपने ब्रिटेन निवास के दौरान उन्होंने उस बहू सांस्कृतिक नगर में भारत के विभिन्न राज्यों की भाषा, संस्कृति, उद्योग, व्यापार आदि के साथ ब्रिटेन के साथ तादात्म्य बनाने और बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मनीष तिवारी ने बिरला तकनीकी संस्थान रांची से बीई और धीरूभाई अंबानी प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद से एमबीए की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने लंदन में HereandNow365 नामक विज्ञापन संस्था की स्थापना की है, जिसने वहां महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त कर लिया है। ब्रिटेन खासकर लंदन भारत से जुड़े हर तरह के आयोजन में मनीष की महत्वपूर्ण भागीदारी रहती है। वे वहां मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के प्रवासियों के साथ मिलकर राज्य की संस्कृति को प्रचारित, प्रसारित और लोकप्रिय करने के लिए प्रयासरत हैं। मनीष तिवारी एक मूल छत्तिसगढ़िया, छत्तीसगढ़ी भाषी परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जो रायपुर जिले के दरबा गांव से हैं और मूरा गांव उनका ननिहाल है।

तेजप्रताप का RJD नेताओं पर हमला, भाई वीरेंद्र को कहा—‘बिहार को बर्बाद करने वाला’

पटना तेज प्रताप यादव ने राजद विधायक और मनेर से पार्टी के उम्मीदवार भाई वीरेंद्र पर बड़ा हमला किया है। उन्होंने राजद नेता को गुंडा,मवाली और बिहार को बर्बाद करने वाला बता दिया। उन्होंने सरकार से उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। भाई वीरेंद्र पर एक दारोगा के साथ गाली, गलौज करने और जला देने की धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज किया गया है। मनेर में गुरुवार को मतदान के दौरान एक बूथ पर विवाद हुआ था। तेज प्रताप यादव शुक्रवार को पटना में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उनसे भाई वीरेंद्र पर सवाल पूछा गया तो भड़क गए। राजद नेता को गुंडा, मवाली बताने लगे। कहा कि इस पर कार्रवाई होना चाहिए। चाहे राजद के नेता हों या किसी भी दल के हो। तेज प्रताप ने कहा कि इन्हीं लोगों ने बिहार को बर्बाद किया है। ये गुंडे, मवाली हैं और दलितों की पिटाई करते हैं। सरकार को संज्ञान में लेना चाहिए और गुंडे मवालियों पर कार्रवाई करना चाहिए। इससे पहले पंचायत सचिव को गाली गलौज करने के मुद्दे पर तेज प्रताप यादव ने भाई वीरेंद्र को भला बुरा कहा था। वे मनेर भी गए थे। तब भाई वीरेंद्र ने चंपारण निवासी पंचायत सेवक के साथ गाली गलौज और दुर्व्यवहार किया था। उसकी ऑडियो क्लिप काफी वायरल हुई। उस मामले में विधायक के खिलाफ एससी एसटी थाने में केस दर्ज है। ताजा बवाल में विधायक पर भी केस दर्ज कर लिया गया है।

रेलवे की बड़ी घोषणा: बिहार से दिल्ली, मुंबई, पुणे और कोलकाता के लिए अतिरिक्त 500 ट्रेनें चलेंगी

पटना बिहार में विधानसभा चुनाव का माहौल अब समाप्ति की ओर है। पहले चरण का मतदान संपन्न हो चुका है और 11 नवंबर को दूसरे चरण की वोटिंग के बाद, दिवाली और छठ महापर्व मनाने और वोट डालने आए लाखों प्रवासी लोग वापस अपने काम पर लौटेंगे। इसके लिए राजधानी पटना और गया से प्रमुख शहरों के लिए अगले तीन हफ्तों में रोजाना 500 से अधिक स्पेशल ट्रेन चलेंगी। इस बात का ऐलान रेलवे ने किया है। भारतीय  रेलवे ने ऐलान करते हुए कहा है कि अगले तीन हफ्तों के दौरान लगभग 500 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। ये ट्रेनें मुख्य रूप से पटना और गया स्टेशनों से शुरू होकर देश के प्रमुख महानगरों तक जाएंगी। जानिए किस मार्ग से चलेंगी कितनी ट्रेन पटना से दिल्ली रोजाना 20 स्पेशल ट्रेनें चलेंगी। मुंबई रूट से रोजाना 15 स्पेशल ट्रेनें चलेंगी। पुणे, सूरत और अहमदाबाद से रोजाना 10-10 स्पेशल ट्रेनें चलेंगी। वहीं गया से कोलकाता रोजाना 12 स्पेशल ट्रेनें चलेंगी। इस बात की जानकारी देते हुए रेलवे के पीआरओ डायरेक्टर ने बताया कि इस बार छठ के तुरंत बाद लोग चुनाव के कारण रुके रहे, जिससे अब भीड़ अत्यधिक बढ़ने की संभावना है। यह कदम प्रवासियों की सुगम वापसी सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। इस संबंध में रेलवे अधिकारीका कहना है कि 3.75 करोड़ वोटरों में लाखों प्रवासी भी शामिल हैं, और उनकी सुरक्षित और समय पर वापसी रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रवासियों ने भी स्पेशल ट्रेनों की इस व्यवस्था पर खुशी जताई है, जिससे वे वोटिंग के बाद समय पर अपनी ड्यूटी पर लौट सकेंगे। यात्रियों की सुविधा के लिए यह है व्यवस्था ज्यादातर ट्रेनें अनारक्षित होंगी, जिससे तुरंत यात्रा शुरू की जा सके। बुकिंग IRCTC ऐप और स्टेशन काउंटर दोनों जगह उपलब्ध रहेगी। स्टेशनों पर अतिरिक्त काउंटर, पीने का पानी और बैठने की बेहतर व्यवस्था की गई है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए आरपीएफ जवान तैनात रहेंगे।

कांग्रेस पार्षदों का प्रदर्शन तेज, नगर निगम लुधियाना में मचा घमासान

लुधियाना  नगर निगम लुधियाना के माता रानी चौक स्थित कार्यालय में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। यह विवाद कांग्रेस पार्षदों और नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर परमदीप सिंह खैहरा के बीच हुआ। मामला विकास कार्यों में कथित लापरवाही और राजनीतिक पक्षपात से जुड़ा बताया जा रहा है। कांग्रेस पार्षदों का आरोप है कि शहर में विकास कार्य ठप पड़े हैं, शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हो रही और आम आदमी पार्टी के हारे हुए उम्मीदवारों के कहने पर ही काम करवाए जा रहे हैं। कांग्रेस पार्षद इंदरजीत इंदी ने आरोप लगाया कि एडिशनल कमिश्नर ने कुछ दिन पहले एक मीटिंग के दौरान उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की बात कही थी। इसी मुद्दे को लेकर सभी पार्षद विरोध दर्ज करवाने पहुंचे थे।   सूत्रों के अनुसार, पहले तो कार्यालय के भीतर कहासुनी हुई, लेकिन जब एडिशनल कमिश्नर बाहर निकले तो कांग्रेस पार्षदों ने उनका घेराव किया। इस दौरान काफी देर तक तीखी नोकझोंक होती रही। बताया जा रहा है कि मीटिंग से जुड़ी जानकारी बी. एंड आर. ब्रांच के एक कर्मचारी द्वारा लीक की गई थी। बाद में कांग्रेसी पार्षदों और अधिकारियों के बीच बैठक हुई, जिसमें पार्षदों ने शहर में सड़कों, पार्किंग और स्ट्रीट लाइटों के कार्यों को जल्द शुरू करने की मांग की।