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स्पीड और स्टंट का रोमांच रायपुर में: नेशनल सुपरक्रॉस चैम्पियनशिप में नन्हे राइडर्स भी लेंगे हिस्सा

रायपुर छत्तीसगढ़ मोटरस्पोर्ट्स एसोसिएशन द्वारा राजधानी के बूढ़ापारा स्थित आउटडोर स्टेडियम में नेशनल सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग प्रतियोगिता का आयोजन 8 और 9 नवंबर को किया जा रहा है. एसोसिएशन के अध्यक्ष उज्ज्वल दीपक ने बताया कि इस स्पर्धा में देश भर के लगभग 115 प्रोफेशनल राइडर्स हिस्सा लेने आ रहे हैं. उनकी टीम 7 नवंबर तक राजधानी पहुंच जाएगी. वहीं छत्तीसगढ़ से भी 50 राइडर्स इसकी तैयारी पाटन स्थित ट्रैक पर कर रहे हैं, इनमें से बेस्ट राइडर्स का चयन कर उन्हें इस स्पर्धा में भेजा जाएगा. इस स्पर्धा की थीम सेफ रेसिंग-सेफ राइडिंग-सेफ ड्राइविंग है. स्पर्धा की तैयारी के संबंध में एसोसिएशन के महासचिव अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि आउटडोर स्टेडियम के पूरे ग्राउंड को समतल करने के बाद उसमें राइडर्स की जंपिंग के लिए ट्रैक तैयार हो चुका है. इसकी ऊंचाई लगभग 3-5 फीट तक होगी. चूंकि इस ट्रेक पर राइडर्स को स्पीड नियंत्रित करते हुए अनेक बाधाओं का भी सामना करना पड़ेगा, इसके लिए भी अलग से तैयारी की गई है. वहीं फ्री स्टाइल मोटोक्रॉस के लिए 13 फीट ऊंचा हर्डल ट्रैक भी तैयार किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस रेसिंग में 10 साल से कम उम्र के बच्चे भी प्रदर्शन के लिए उतरेंगे. उन्हें एसोसिएशन की ओर से जांच-पड़ताल के बाद सुरक्षा मानक को ध्यान में रखकर अनुमति दी जाएगी. श्री श्रीवास्तव ने बताया कि देश की सबसे कम उम्र की राइडर्स ऐलिना मंसूर जिन्होंने 9 साल की उम्र में ही नेशनल में भाग लिया था, अभी वह 14 साल की हो चुकी है, वह यहां भाग लेने आ रही है. नामी कंपनियों के राइडर्स का आकर्षण नेशनल सुपरक्रॉस चैम्पियनशिप में भाग लेने के लिए यामहा, टीवीएस और होण्डा जैसी कंपनियों के राइडर्स भी हिस्सा लेने आ रहे हैं. इनकी टीम 8 नवंबर की सुबह राजधानी पहुंच जाएगी. एसोसिएशन के अध्यक्ष उज्ज्वल ने कहा कि यह प्रतियोगिता नेशनल सुपरक्रॉस नियमों के तहत आयोजित की जाएगी. इसमें सुरक्षा के सभी मापदंड तय किये गये हैं.

दिल्ली एयरपोर्ट ने साइबर हमले से किया इनकार, सिस्टम गड़बड़ी से यात्रियों को झेलनी पड़ी लंबी प्रतीक्षा

नई दिल्ली दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGIA) पर गुरुवार दोपहर एक बड़ी तकनीकी खराबी के कारण हवाई यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। इस गड़बड़ी का असर न सिर्फ दिल्ली बल्कि मुंबई सहित कई अन्य शहरों की उड़ानों पर भी पड़ा। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम में इस्तेमाल होने वाला Automatic Message Switching System (AMSS) अचानक ठप पड़ गया। यह वही सिस्टम है, जो एयरलाइनों के फ्लाइट प्लान, मौसम संबंधी जानकारी और परिचालन संदेश एटीसी अधिकारियों तक पहुंचाता है। AMSS फेल होने के बाद एटीसी को पूरी तरह मैनुअल मोड में काम करना पड़ा, यानी फ्लाइट-प्लान की हैंड प्रोसेसिंग, आवाज के जरिये कोऑर्डिनेशन और मैन्युअल लॉगिंग जैसी प्रक्रियाएं अपनानी पड़ीं। इससे एयर ट्रैफिक की क्षमता बहुत घट गई और उड़ानों में देरी शुरू हो गई। प्रभाव कितना बड़ा था? शुक्रवार को कई उड़ानें प्रभावित रहीं, क्योंकि सिस्टम बहाल होने में समय लगा। दिल्ली एयरपोर्ट पर रोज औसतन 1,500 फ्लाइट मूवमेंट्स होती हैं, और पीक टाइम पर 60–70 मूवमेंट प्रति घंटे दर्ज किए जाते हैं। ऑटोमेशन के बिना इतनी घने एयर ट्रैफिक को संभालना लगभग असंभव होता है। औसतन, दिल्ली से रवाना होने वाली उड़ानों में करीब 50 मिनट की देरी दर्ज की गई। एयरलाइनों ने यात्रियों से अनुरोध किया कि वे यात्रा से पहले फ्लाइट स्टेटस चेक करें, और अतिरिक्त समय लेकर एयरपोर्ट पहुंचें। एयरपोर्ट और एयरलाइनों ने क्या बताया दिल्ली एयरपोर्ट (DIAL) और AAI दोनों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और इंस्टाग्राम पर बयान जारी कर कहा कि Automatic Message Switching System में तकनीकी समस्या आई है, जिसे हमारी तकनीकी टीम प्राथमिकता पर हल करने की कोशिश कर रही है। इंडिगो, स्पाइसजेट, एयर इंडिया और अकासा एयर जैसी एयरलाइनों ने यात्रियों को एडवाइजरी जारी कर अपडेटेड शेड्यूल चेक करने और धैर्य बनाए रखने की अपील की। AAI ने यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ा है। केवल ऑटोमेशन बंद होने से क्षमता घटी है, लेकिन सभी उड़ानें सुरक्षित अंतराल बनाए रखते हुए नियंत्रित की जा रही हैं। जांच में साइबर अटैक से इनकार सूत्रों के अनुसार, AMSS सिस्टम में यह खराबी ATC सॉफ्टवेयर अपग्रेड के दौरान आई तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुई। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (IT Ministry) के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक यह साइबर अटैक नहीं है। अपग्रेडेशन प्रक्रिया के दौरान फ्लाइट-प्लान के ऑटोमेटिक अपडेट का कार्य बंद हो गया था। शुक्रवार सुबह IT मंत्रालय ने सिविल एविएशन मंत्रालय के साथ मिलकर जांच की और यह पुष्टि की कि कोई साइबर हमला नहीं हुआ था। यात्री क्या करें  अगर आप दिल्ली से उड़ान भरने या यहां लैंड करने वाले हैं, तो अपनी फ्लाइट का स्टेटस एयरलाइन की वेबसाइट या ऐप से जांचें। एयरपोर्ट कम से कम 2 घंटे पहले पहुंचें। कनेक्टिंग फ्लाइट होने पर अतिरिक्त समय का अंतर रखें। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि भारत को अब ऐसे सिस्टम के लिए मजबूत बैकअप नेटवर्क, तेज रिस्टोरेशन प्रोटोकॉल और कंट्रोल रूम में स्वचालित-से-मैनुअल संक्रमण (fail-safe) प्रक्रियाएं विकसित करनी होंगी।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा बोले – अभिलेखागार से रिकॉर्ड रहेंगे व्यवस्थित, कार्य की गति में आएगी तेजी

अभिलेखागार बनने से रिकॉर्ड व्यवस्थित रहेंगे एवं कार्य की गति बढ़ेगी : उप मुख्यमंत्री  देवड़ा मंदसौर में एक करोड़ 66 लाख से निर्मित राजस्व एवं सामान्य अभिलेखागार भवन का किया भूमि-पूजन भोपाल  उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा ने कहा है कि अभिलेखागार भवन के निर्माण से मंदसौर जिले के समस्त राजस्व एवं सामान्य अभिलेख व्यवस्थित रूप से संधारित किए जा सकेंगे। सभी रिकॉर्ड एक ही स्थान पर सुरक्षित रहेंगे। इससे कार्य प्रणाली में पारदर्शिता एवं गति आएगी। रिकॉर्ड के व्यवस्थित नहीं रहने से कई बार कार्यों में विलंब या कठिनाई आती है, अभिलेखों के सुव्यवस्थित रखरखाव से यह समस्या नहीं होगी। यह बात उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने शुक्रवार को सुशासन भवन परिसर मंदसौर में राजस्व अभिलेखागार एवं सामान्य अभिलेखागार भवन का भूमि-पूजन कार्यक्रम में कही। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अभिलेखागार प्रशासनिक कार्यों को अधिक सुगम और प्रभावी बनाएगा। भवन लगभग 1 करोड़ 66 लाख रुपए की लागत से निर्माण एजेंसी पीआईयू विभाग द्वारा निर्मित किया जाएगा। कार्यक्रम में लोकसभा सांसद  सुधीर गुप्ता, जिला पंचायत अध्यक्ष मती दुर्गा विजय पाटीदार, मंदसौर विधायक  विपिन जैन, पूर्व विधायक  यशपाल सिंह सिसोदिया, योजना समिति सदस्य  राजेश दीक्षित, नगर पालिका अध्यक्ष मती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष मती मनुप्रिया विनीत यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर मती अदिती गर्ग, पुलिस अधीक्षक  विनोद कुमार मीना, अपर कलेक्टर मती एकता जायसवाल, सीईओ जिला पंचायत  अनुकूल जैन, अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।  

बेंगलुरू में आयोजित इंडिया मैन्युफैक्चरिंग शो में मध्यप्रदेश के 16 उद्यमियों की भागीदारी

इंडिया मैन्युफैक्चरिंग-शो बेंगलुरू में मध्यप्रदेश के 16 उद्यमी शामिल भोपाल रैम्प योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के 16 चयनित एमएसएमई उद्यमियों का प्रतिनिधिमंडल इंडिया मैन्युफैक्चरिंग-शो (IMS) 2025), बेंगलुरु में सहभागिता करेगा। तीन दिवसीय एक्सपोज़र विजिट और शो का उद्देश्य उद्यमियों को नवीनतम तकनीक, औद्योगिक नवाचार, बाज़ार एवं सप्लाई चेन अवसरों से अवगत कराना है। मध्यप्रदेश के प्रतिनिधिमंडल को भोपाल एयरपोर्ट से गुरूवार को रवाना करते समय जिला उद्योग केंद्र भोपाल के जीएम  सतेंद्र कुमार , प्रबंधक  निकेश भिड़े एवं सहायक प्रबंधक  भूपेंद्र ठाकुर उपस्थित रहे। एमपीएलयूएन की ओर से  संतोष सिंह दल प्रभारी के रूप में उद्यमियों के साथ बेंगलुरु गए हैं। शो के प्रमुख फोकस क्षेत्रों में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, रोबोटिक्स, एआई, इंडस्ट्री 4.0, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन टेक्नोलॉजी एवं एमएसएमई सप्लाई चेन इंटीग्रेशन शामिल हैं। यह पहल मध्यप्रदेश के एमएसएमई उद्यमों की ज्ञान क्षमता, प्रतिस्पर्धात्मकता और औद्योगिक नेटवर्किंग को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह शो 8 नवम्बर तक चलेगा।

नशा तस्करी पर तगड़ा प्रहार! यमुनानगर में पकड़ी सबसे बड़ी स्मैक खेप, पड़ोसी राज्यों से कनेक्शन बेनकाब

यमुनानगर  यमुनानगर के इतिहास की सबसे बड़ी नशा तस्करी को पकड़ने में पुलिस को बड़ी कायमाबी मिली है। दरअसल आज यमुनानगर पुलिस ने 1 किलो से अधिक स्मैक की सप्लाई करने वाले 2 तस्करों को गिरफ्तार किया है। फिलहाल दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी यूपी के हैं और दोनों को कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया जाएगा। इस मामले में कई खुलासे होने की उम्मीद है।   एएसपी अमरिंदर सिंह ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर टीम में पश्चिमी यमुना नहर पुल के पास 2 तस्करों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से एक थैली के अंदर एक किलो 112 ग्राम समैक बरामद हुई, जोकि एक बड़ी नशे की खेप बताई जा रही है। इससे पहले एंटी नारकोटिक सेल में 600 ग्राम स्मैक बरामद की थी लेकिन यह उससे काफी मात्रा में ज्यादा पाई गई है। पकड़े गए दोनों आरोपियों की पहचान  नाईम और सरताज के रूप में हुई है और दोनों ही बरेली के रहने वाले हैं। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। एएसपी ने आगे बताया कि एक किलो 112 ग्राम समैक की कीमत अंतरराष्ट्रीय मार्केट में करीब 1 करोड़ रुपये से ज्यादा है।  बता दें कि आज तक जितनी भी समैक यमुनानगर में सप्लाई के लिए आई थी। हालांकि यहां पर यह स्मैक किसको सप्लाई दी जानी थी इसके बारे में भी अभी पूछताछ करना बाकी है। इस मामले की जांच की जा रही है।  

प्रशांत किशोर का दावा — बिहार में बदलाव की लहर, जनता जन सुराज को देख रही विकल्प के रूप में

गया जी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान के बाद जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर (पीके) ने कहा है कि इस बार रिकॉर्ड मतदान बदलाव का संकेत है। उन्होंने दावा किया कि बिहार की 60% से अधिक जनता परिवर्तन चाहती है और जन सुराज को अब एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में देख रही है। गयाजी  में मीडिया से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, “आजादी के बाद पहली बार बिहार में इतना ज्यादा वोटिंग प्रतिशत देखने को मिला है। यह दिखाता है कि लोग बदलाव के लिए वोट कर रहे हैं। पिछले 30 वर्षों से बिहार की राजनीति में कोई ठोस विकल्प नहीं था, लेकिन जन सुराज के आने से लोगों को एक नया रास्ता मिला है।” पीके ने कहा कि इस बार प्रवासी मजदूर चुनाव के “एक्स फैक्टर” बन गए हैं। “छठ के बाद जो प्रवासी मजदूर बिहार में रुके हुए थे, उन्होंने खुद वोट किया और अपने परिजनों को भी वोटिंग के लिए प्रेरित किया। महिलाओं से ज्यादा इस बार प्रवासी मजदूरों की भूमिका अहम रही है। यही लोग बिहार में बदलाव की बयार ला रहे हैं।” उन्होंने दावा किया कि 14 नवंबर को बिहार का इतिहास लिखा जाएगा, क्योंकि जनता ने इस बार लोकतंत्र के पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। पीके ने कहा, “दो करोड़ से ज्यादा लोगों ने वोट किया है। यह दिखाता है कि जनता अब डर की राजनीति से बाहर निकल चुकी है।” राजनीतिक हमले करते हुए उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार के डर से लालू यादव को और लालू के डर से नीतीश कुमार को वोट देने की मजबूरी अब खत्म हो गई है। जनता को अब असली विकल्प मिल गया है।” पीके ने एनडीए और राजद-कांग्रेस गठबंधन दोनों पर निशाना साधते हुए कहा, “सम्राट चौधरी कहते हैं कि पार्टी का चेहरा साफ है, लेकिन बिहार में आज भी असुरक्षा का माहौल है। पहले जनता झेलती थी, अब नेता और मंत्री झेल रहे हैं।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी जिसमें कहा गया था कि राजद और कांग्रेस एक-दूसरे का बाल नोचेंगे। पीके ने कहा, “बाल नोचेंगे या सिर नोचेंगे, यह उनका काम है, लेकिन बिहार की जनता ने कल दिखा दिया कि अब उन्हें एक नया विकल्प मिल गया है।” अंत में उन्होंने कहा, “अब चुनाव सिर्फ सत्ता तय नहीं करता, बल्कि यह भी तय करता है कि विपक्ष में कौन होगा और कौन जनता के मुद्दों पर सड़क पर उतरेगा। जन सुराज की सबसे बड़ी सफलता यही है कि उसने बिहार को विकल्प दिया है।”

जिले में कलेक्टोरेट परिसर के आसपास विरोध-प्रदर्शन और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर रोक

खैरागढ़ खैरागढ़–छुईखदान–गंडई जिले में प्रशासन ने सार्वजनिक व्यवस्था और सरकारी कामकाज को प्रभावित होने से रोकने के लिए बड़ा फैसला लिया है. कलेक्टर और जिला दंडाधिकारी इन्द्रजीत चंद्रवाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर के 100 मीटर के दायरे को पूरी तरह “शांति क्षेत्र” घोषित कर दिया है. अब इस क्षेत्र में धरना, प्रदर्शन, जुलूस, नारेबाजी और लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं किया जा सकेगा. आदेश में कहा गया है कि कलेक्ट्रेट के आसपास कई प्रमुख विभागों के कार्यालय हैं, जहां महिलाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों का लगातार आना-जाना रहता है. ऐसे में प्रदर्शन या भीड़ जुटने से लोगों को परेशानी होती है. साथ ही सरकारी कामकाज भी प्रभावित होते हैं. इसी वजह से इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के विरोध कार्यक्रम पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है. नए आदेश के अनुसार, पांच से अधिक लोगों का समूह भी बिना अनुमति कलेक्ट्रेट क्षेत्र के 100 मीटर दायरे में इकट्ठा नहीं हो सकेगा. किसी भी प्रकार के हथियार, जैसे लाठी, डंडा, परसा, तीर–धनुष, तलवार, चाकू या अन्य आक्रामक वस्तुएं लेकर सार्वजनिक स्थान पर जाना पूरी तरह निषिद्ध रहेगा. ध्वनि-विस्तारक यंत्रों का उपयोग भी पूरी तरह बंद कर दिया गया है. यदि किसी व्यक्ति या संगठन को किसी कार्यक्रम की जरूरत होती है तो उसे कार्यक्रम से 48 घंटे पहले प्रशासन से अनुमति लेनी होगी, अन्यथा उसे अवैध माना जाएगा. कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 188 के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा और उल्लंघन करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. यह आदेश 06 नवंबर 2025 से प्रभावी हो गया है और 31 दिसंबर 2025 तक लागू रहेगा. आवश्यकता पड़ने पर इसकी अवधि बढ़ाई जा सकती है.प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि शांति और व्यवस्था बनाए रखने के हित में आदेश का पालन करें, ताकि सरकारी कार्य सुचारू रूप से चल सकें और किसी भी तरह की अव्यवस्था की स्थिति न बने.

HC का बड़ा फैसला: भूपेंद्र हुड्डा की याचिका खारिज, मानेसर लैंड स्कैम पर बढ़ी मुश्किलें

चंडीगढ़  हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने मानेसर लैंड स्कैम मामले में सुनवाई के दौरान उनकी याचिका को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही अब पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष कोर्ट में उनके खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। सीबीआई पहले ही इस मामले में कोर्ट में चालान दाखिल कर चुकी है। हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद अब विशेष अदालत भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ आरोप तय करेगी और इसके बाद ट्रायल की प्रक्रिया शुरू होगी। सीबीआई ने अपनी जांच में कई अनियमितताओं का हवाला देते हुए पूर्व सीएम समेत अन्य आरोपियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बता दें कि हुड्डा ने मुख्यमंत्री रहते हुए मानेसर एरिया में आईएमटी रद्द कर 25 अगस्त 2005 को सेक्शन-6 का नोटिस जारी करवाया था। मुआवजा 25 लाख रुपये प्रति एकड़ तय करते हुए अवार्ड के लिए सेक्शन-9 का नोटिस भी जारी किया था। बिल्डर्स ने 400 एकड़ जमीन किसानों के औने-पौने दामों में खरीदी थी। साल 2007 में हुड्डा के मुख्यमंत्री रहते हुए ही सरकार ने उक्त 400 एकड़ जमीन अधिग्रहण से मुक्त कर दी थी। इससे किसानों को उस समय करीब 1500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। सीबीआई ने साल 2015 में जांच शुरू की और सितंबर 2018 में हुड्डा समेत 34 आरोपियों के खिलाफ 80 पेज की चार्जशीट अदालत में पेश की थी। अब भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर आरोप तय करते हुए सीबीआई की विशेष अदालत मामले की सुनवाई करेगी।  ध्यान रहे, सुप्रीम कोर्ट ने मानेसर लैंड स्कैम में सीबीआई जांच का निर्देश दिया था। अदालत ने पाया कि अधिग्रहण प्रक्रिया को रद्द करने का तत्कालीन हुड्डा सरकार का 2007 का फैसला दुर्भावनापूर्ण था और इसे धोखाधड़ी माना। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को बिचौलियों द्वारा कमाए गए अनुचित लाभ की जांच करने और राज्य सरकार को "एक-एक पाई वसूलने" का निर्देश दिया था।

शिक्षक भर्ती 2025: ग्रेड-III के 7000+ पदों पर भर्ती, नोटिफिकेशन जारी

जयपुर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) ने थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती 2025 के लिए विस्तृत  आधिकारिक विज्ञप्ति जारी कर दी है। इस भर्ती के तहत लेवल-1 (कक्षा 1 से 5) और लेवल-2 (कक्षा 6 से 8) में कुल 7,123 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। रीट पास अभ्यर्थी अब 7 नवंबर 2025 से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए उम्मीदवार rssb.rajasthan.gov.in या recruitment.rajasthan.gov.in वेबसाइट पर जा सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 6 दिसंबर, 2025 है। भर्ती परीक्षा 17 से 21 जनवरी 2026 तक आयोजित होगी और इसका रिजल्ट 10 जुलाई 2026 को घोषित किया जाएगा, जिसके बाद मेरिट के आधार पर अभ्यर्थियों को फाइनल पोस्टिंग दी जाएगी। कौन कर सकता है आवेदन? लेवल-1 (कक्षा 1 से 5) के लिए उम्मीदवार के पास उच्चतर माध्यमिक या इसके समकक्ष कम से कम 50% अंकों के साथ प्रारंभिक शिक्षा में द्विवर्षीय डिप्लोमा होना अनिवार्य है और उम्मीदवार ने राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (REET) उत्तीर्ण की होनी चाहिए। लेवल-2 (कक्षा 6 से 8) के लिए उम्मीदवार के पास स्नातक डिग्री और प्रारंभिक शिक्षा में द्विवर्षीय डिप्लोमा होना आवश्यक है। इसमें विषय विशेष के लिए सामाजिक अध्ययन, अंग्रेजी, गणित-विज्ञान या हिन्दी का ज्ञान होना चाहिए। उम्मीदवार आवेदन करने से पहले ऑफिशियल नोटिफिकेशन में शैक्षणिक योग्यता और भर्ती की पूरी जानकारी जरूर देख लें। आयु सीमा: उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए। आयु की गणना 1 जनवरी 2026 को आधार मानकर की जाएगी। इतना लगेगा आवेदन सामान्य वर्ग और कीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग के आवेदकों के लिए आवेदन शुल्क 600 रुपये है। राजस्थान के नॉन-कीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के आवेदकों के लिए आवेदन शुल्क 400 रुपये है। ऐसे करें आवेदन     सबसे पहले आप आधिकारिक वेबसाइट rsmssb.rajasthan.gov.in या SSO पोर्टल पर जाएं।     इसके बाद, अपनी ईमेल और मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन पूरा करें।     अब रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड से लॉगिन करें।     इसके बाद, फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सही-सही भरें।     स्पेलिंग और विवरण पर खास ध्यान दें।     पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर को स्कैन करके दिए गए साइज में अपलोड करें।     आवेदन शुल्क भुगतान करें और फाइनल सबमिट और प्रिंट आउट ले लें।  

सरकारी सिस्टम पर सख्ती! क्यों जारी हुए नोटिस और दर्ज हुई FIR? पढ़ें पूरी रिपोर्ट

चंडीगढ़ देशभर में हरियाणा के तीन शहर सबसे प्रदूषित हैं। रोहतक देशभर में पहले, चरखी दादरी दूसरे और जींद प्रदूषण के मामले में तीसरे स्थान पर है। वीरवार को रिकॉर्ड 35 एक्टिव फायर लोकेशन (एएफएल) चिह्नित की गई। अब एएफएल के मामलों की संख्या बढ़कर 206 हो गई। निगरानी में लापरवाही मिलने पर 47 अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। हरियाणा कृषि एवं कल्याण विभाग के अनुसार वीरवार को जीद में 11, हिसार और सिरसा में 4-4, फतेहाबाद, रोहतक, करनाल, सोनीपत में 3-3, कैथल में 2 और अंबाला, फरीदाबाद में 1-1 आग लगने का मामला चिह्नित किया गया है। 5 नवंबर तक 158 मामले चिह्नित किए गए थे जिनमें से 70 पराली जलाने के, 84 जगह अन्य आगजनी की पुष्टि हुई और 4 मामलों की जांच जारी है। कृषि विभाग के अनुसार इस बार पराली जलाने के मामलों में गिरावट आई है। 15 सितंबर से 6 नवंबर तक 2020 में 2988, 2021 में 4216, 2022 में 2576, 2023 में 1579, 2024 में 888 मामले चिह्नित किए गए थे। अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई थी जिसमें 35 कर्मचारियों की चार्जशीट किया गया था। 28 कर्मचारियों को निलंबित और 582 को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। इस बार किसानों पर 3.80 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। 58 किसानों पर एफआईआर और 47 किसानों की रेड एंट्री की गई है। प्रदेश के जिन 47 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस दिए गए है उनमें पलवल के 24, कैचल के 19, करनाल के 1, सिरसा के 3 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं।