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सिख पंथ से माफी मांगो, सुखबीर का पंजाब कांग्रेस पर तीखा निशाना, पोस्टर विवाद में फंसी पार्टी

तरनतारन तरनतारन उपचुनाव में प्रचार के चक्कर में पंजाब कांग्रेस एक पोस्टर विवाद में फंस गई है। कांग्रेस ने श्री गुरु तेग बहादुर जी और भाई जीवन सिंह (भाई जैता जी) की फोटो के ऊपर अपने नेशनल और स्टेट के नेताओं की फोटो लगा दी। इसकी फोटो सामने आने पर शिअद (बादल) के प्रधान सुखबीर बादल ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यह सरासर गलत है। कांग्रेस को इसके लिए सिख पंथ से माफी मांगनी चाहिए। पहले कांग्रेस के पंजाब प्रधान राजा वड़िंग ने दलित भाईचारे का अपमान किया। अब नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी और भाई जीवन सिंह जी का निरादर किया है। इससे सिखों के मन को बड़ी ठेस पहुंची है। सुखबीर बादल ने अपनी पोस्ट में तीन बातेंं उठाई हैं – 1. सुखबीर बादल ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि मैं कांग्रेस पार्टी द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर जी और भाई जीवन सिंह (भाई जैता जी) की तस्वीरों के निरादर की कड़ी निंदा करता हूं। 2. कांग्रेस पार्टी द्वारा चुनाव प्रचार के लिए लगाए गई स्टेज के ऊपर लगे बैनर पर गुरु तेग बहादुर जी और बाबा जीवन सिंह जी की तस्वीरों के ऊपर सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं की तस्वीरें लगाना एक जब्र गुनाह है । 3.पहले कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राजा वड़िंग ने दलित समाज का अपमान किया था, और अब नौंवे पातशाह श्री गुरु तेगबहादुर व भाई जीवन सिंह का निरादर किया है। इससे सिख समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। कांग्रेस पार्टी को सिख पंथ से माफ़ी मांगनी चाहिए। इलेक्शन कमीशन को करेंगे शिकायत शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता डॉ दलजीत सिंह चीमा का कहना है कि वह इस मामले में इलेक्शन कमीशन व श्री अकाल तख्त साहिब के पास भी इस मामले में शिकायत करेंंगे। उन्होंने कहा कि पहले इनके नेताओं ने पूर्व गृहमंत्री बूटा सिंह के बारे में इस गलत टिप्पणी की थी। इसको कवर करने के लिए इन्होंने यह पोस्टर लगाया था। जिसमें इन्होंने गुरुओं को निरादर किया है। इनसे मर्यादा की उम्मीद नहीं कर सकते एसजीपीसी मेंबर गुरचरन सिंह ने कहा कि ऐतबार तो उसका हो, जिसका रिकॉर्ड पहले अच्छा है। जिन लोगों ने दरबार साहिब पर टैंक, तोप चढ़ा दिए हों, 38 गुरुद्वारों पर हमला किया हो, वहां घेराबंदी की हो, उनसे हम मर्यादा की उम्मीद नहीं कर सकते हैं। गुरु साहिब जी और भाई जैता जी का मान-सम्मान का तरीका होता है। उन्हें हमेशा ऊपर सम्मान दिया जाता है। शहीदों और गुरुओं का मान-सत्कार कैसे करना है, इन्हें पता है, लेकिन ये जानबूझकर नहीं करते हैं। तरनतारन उपचुनाव में कांग्रेस के 3 विवाद ..     पहला विवाद: पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग द्वारा खालिस्तान समर्थक को वोट देने से माहौल खराब होने संबंधी दिए बयान से शुरू हुआ था। तरनतारन में सिखों के ज्यादा वोट हैं, इसलिए अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को बैकफुट पर आना पड़ा था।     दूसरा विवाद: राजा वड़िंग के पूर्व गृह मंत्री स्व. बूटा सिंह पर दिए बयान से बवाल चल रहा है। उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होने के साथ-साथ नेशनल SC कमीशन ने भी इस बारे में जवाब मांगा है। पंजाब SC कमीशन ने तो वड़िंग को व्यक्तिगत तौर पर पेश होने का आदेश दे दिया।     तीसरा विवाद: अब तरनतारन में जनसभा के दौरान स्टेज पर श्री गुरू तेग बहादुर और भाई जैता जी की फोटो के ऊपर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की फोटो लगा दी गई। इस मामले में अकाली दल ने पहले ही विरोध शुरू कर दिया है। सिख बहुल सीट तरनतारन में कांग्रेस के लिए यह और मुश्किलें बढ़ा सकता है।

दशहरा शस्त्र पूजन केस में पुलिस की जांच पूरी, राजा भैया के हथियारों पर उठा बड़ा सवाल

प्रतापगढ़  यूपी के प्रतापगढ़ की कुंडा से विधायक बाहुबली नेता रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का दशहरे के मौके पर हथियारों के जखीरे के साथ किए गए शस्त्र पूजन की जांच रिपोर्ट आ गई है। इस शस्त्र पूजन की तस्वीरें और वीडियो खूब वायरल हुए थे। इसी के बाद पूर्व आईजी और अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने शिकायत करते हुए हथियारों की जांच की मांग की थी। पुलिस की रिपोर्ट में राजा भैया के बेंती आवास पर हुए इस शस्त्र पूजन को पारंपरिक कार्यक्रम बताया गया है। हालांकि अधिकारियों ने पुलिस टीम को आगे भी मामले पर सतर्क नजर रखने के निर्देश दिए हैं।   राजा भैया के शस्त्र पूजन का वीडियो अमिताभ ठाकुर ने पुलिस अधिकारियों को भेजा था। कहा था कि वीडियो में एक साथ सैकड़ो शस्त्र देखे जा सकते हैं। राजा भैया के लोगों ने इन्हें वैध हथियार होने की बात कही है लेकिन इसके बाद भी एक स्थान पर इतनी बड़ी संख्या में शस्त्रों के सार्वजनिक प्रदर्शन के मामले की जांच होनी चाहिए। अमिताभ ठाकुर की शिकायत के बाद प्रतापगढ़ एडिशनल एसपी बृजनंदन राय ने सीओ कुंडा अमरनाथ गुप्ता से जांच कराई। इसी की जांच रिपोर्ट अब सामने आई है। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि राजा भैया द्वारा विजयादशमी के अवसर पर बेंती आवास स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर प्रांगण में 30 वर्षों से शस्त्र पूजन कार्यक्रम किया जा रहा है। राजा भैया के दादा स्वर्गीय राय बजरंग बहादुर सिंह और पिता उदय प्रताप सिंह द्वारा भी यह कार्यक्रम किया जाता था। इस अवसर पर किसी प्रकार के शस्त्र प्रदर्शन, अभ्यास, नारेबाजी, अवैध शस्त्र होने या विधि विरुद्ध कार्य के कोई तथ्य सामने नहीं आए हैं। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि यह आयोजन निजी आवास परिसर की चाहरदीवारी के भीतर शांतिपूर्ण ढंग से पारम्परिक रूप से संपन्न होता है। स्थानीय जनता द्वारा भी इस कार्यक्रम के प्रति किसी प्रकार की आपत्ति या विरोध नहीं व्यक्त किया गया है, और न ही कोई शिकायत प्राप्त हुई जिससे शांति व्यवस्था प्रभावित हुई हो। एडिशनल एसपी ने सीओ कुंडा और इंस्पेक्टर हथीगंवा को मामले पर निरंतर सतर्क दृष्टि रखने और कोई तथ्य प्रकाश में आने पर विधिक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं।  

पंजाब में मौसम बदलाव: तापमान में गिरावट और 5 दिन में पराली जलने के 1291 मामले, संगरूर सबसे आगे

अमृतसर  पंजाब में पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने के बाद अब तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आने वाले तीन दिनों में 3 से 5 डिग्री तक तापमान गिरने की संभावनाएं हैं। जबकि उसके बाद अधिक बदलाव देखने को नहीं मिलेगा।  कंसोर्टियम फॉर रिसर्च ऑन एग्रो-इकोसिस्टम मॉनिटरिंग एंड मॉडलिंग फ्रॉम स्पेस के अनुसार बीते 5 दिनों में राज्य में 1291 मामले पराली जलाने के सामने आए हैं। जबकि बीते 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक डेढ़ माह में 1642 मामले सामने आए थे। 5 दिनों में पराली जलाने घटनाएं तेज हो गईं हैं। लेकिन, 5 नवंबर को मात्र 94 मामले देखने को मिले। ये गिरावट गुरु नानक देव जी प्रकाश पर्व के कारण हो सकती है। इन आंकड़ों के अनुसार बीते 5 दिनों में सबसे अधिक पराली मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह जिले संगरूर में जली। यहां 5 दिनों में 245 मामले देखने को मिले। जबकि तरनतारन में 135, फिरोजपुर में 130, बठिंडा में 109, मानसा व मोगा में 87-87, मुक्तसर में 73, पटियाला में 71, लुधियाना में 58 और अमृतसर में 57 मामले देखने को मिले हैं। 24 घंटों में 1.6 डिग्री गिरा तापमान पंजाब में बीते 24 घंटों में सर्वाधिक तापमान में 1.6 डिग्री की गिरावट देखने को मिली है। जबकि सर्वाधिक तापमान मानसा में 31.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा अमृतसर में 26.4 डिग्री, लुधियाना में 31.2 डिग्री, पटियाला में 29.5 डिग्री, बठिंडा में 30.5 डिग्री, फरीदकोट में 27.5 डिग्री, गुरदासपुर में 27 डिग्री दर्ज किया गया है। आने वाले दिनों में अब मौसम साफ रहेगा व बारिश का अनुमान नहीं है। लेकिन अगले तीन दिनों तक तापमान में 3 से 5 डिग्री तक गिरावट देखने को मिल सकती है। उत्तर भारत में अगले तीन दिनों में 5 डिग्री कम हो जाएगा पारा उत्तर भारत में ठंड बढ़ने लगी है। मौसम विभाग ने बताया है कि अगले तीन दिनों में पांच डिग्री तक न्यूनतम तापमान गिर जागा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक उत्तर पश्चिम भारत में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। हालांकि, उसके बाद कुछ दिनों तक कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। इसके अलावा, अगले तीन दिनों तक मध्य भारत में न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। बारिश की बात करें तो बंगाल की खाड़ी के उत्तर पू्रव और उससे सटे हुए बांग्लादेश में एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसकी वजह से पांच से आठ नवंबर के दौरान तमिलनाडु के कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने वाली है। इसके अलावा, पांच से सात नवंबर के दौरान रायलसीमा, पांच को तटीय और उत्तरी आंतरिक क्रनाटक, पांच से सात नवंबर के दौरान दक्षिा आंतरिक कर्नाटक में बारिश, बिजली कड़कने की संभावना है। पश्चिम भारत की बात करें तो पांच नवंबर को कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र में बिजली कड़कने के साथ साथ छींटे पड़ने की संभावना है। पूर्व और पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो पांच नवंबर को अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में बिजली कड़कने के साथ छींटे पड़ने का अलर्ट है। पांच नवंबर को नगालैंड, मणिपुर, मिजोमर, त्रिपुरा में भारी बरसात होगी।

पार्किंग में खड़ी थी बाइक, चालान पहुंचा 400 किमी दूर: मालिक भी रह गया हैरान

जींद  हरियाणा के जींद जिले के सामान्य अस्पताल से जुड़ी एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है, जहाँ एक सरकारी बाइक का चालान उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर से कट गया। दिलचस्प बात यह है कि चालान बिना हेलमेट के चलाने के लिए एक हज़ार रुपये का है, जबकि बाइक उस समय जींद अस्पताल की पार्किंग में ही खड़ी थी। यह मामला यातायात नियमों की स्वचालित निगरानी प्रणाली की खामियों या तकनीकी गड़बड़ी की ओर इशारा कर रहा है।  कर्मचारी का बयान  अस्पताल के क्षयरोग विभाग में कार्यरत कर्मचारी अंकुर ने बताया कि उन्हें यह बाइक अस्पताल प्रशासन द्वारा क्षेत्रीय कार्य के लिए दी गई थी। छह नवंबर की सुबह करीब नौ बजे उन्होंने अपनी हाज़िरी लगाई और कार्य पर लगे रहे। ग्यारह बजे के आसपास उनके फ़ोन पर चालान का संदेश आया, जिसमें नोएडा यातायात पुलिस द्वारा बिना हेलमेट चलाने के लिए एक हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया गया था।  बाइक की स्थिति अंकुर के अनुसार, चालान कटने के समय बाइक जींद के सामान्य अस्पताल की पार्किंग में ही सुरक्षित खड़ी थी। वे खुद उस समय अस्पताल परिसर में ही थे और बाइक कहीं बाहर नहीं ले गए थे। अंकुर ने तुरंत अस्पताल के उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी है। अस्पताल प्रशासन अब इसकी जाँच कर रहा है और नोएडा यातायात पुलिस से संपर्क करने की योजना बना रहा है। संभवतः यह चालान गलत वाहन क्रमांक की पहचान या कैमरा प्रणाली की त्रुटि के कारण कटा हो।

बिहार विधानसभा चुनाव का असर सरहद पार? पाकिस्तान में भी उठे सियासी सवाल

नई दिल्ली  बिहार विधानसभा चुनाव में भले ही अब तक पाकिस्तान की चर्चा नहीं हुई है, लेकिन पाकिस्तान में जरूर बिहार की चर्चा है। पाकिस्तानी अखबार डॉन ने अपने पहले पन्ने पर आज बिहार विधानसभा चुनाव को जगह दी है। अखबार ने लिखा है कि बिहार इलेक्शन मोदी सरकार के लिए लिटमस टेस्ट की तरह है। अखबार लिखता है कि मोदी की सरकार फिलहाल अल्पमत में है और सहयोगी दलों के सहारे ही चल रही है। इनमें नीतीश कुमार की जेडीयू अहम है। यदि बिहार चुनाव में नतीजा थोड़ा अलग रहा और नीतीश कुमार के साथ रिश्ते बदले तो फिर केंद्र सरकार भी खतरे में हो सकती है। 'बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की JDU मोदी सरकार को सहारा देने में अहम है। भाजपा 2024 के आम चुनावों में 240 सीटों पर सिमट कर रह गई थी। इसके बाद जेडीयू और चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी ने समर्थन किया था और सरकार ने 272 के आंकड़े को छुआ है। नीतीश कुमार की जेडीयू 12 सांसदों के साथ और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू 16 तेलुगु देशम सांसदों के साथ मोदी का भाग्य अपने हाथों में पकड़े हुए हैं। एनडीए का नेतृत्व कर रहे पीएम मोदी के पास साधारण बहुमत से केवल 21 सांसद ऊपर हैं। बिहार और आंध्र प्रदेश के दो सहयोगी मिलकर 28 सांसदों का समर्थन देते हैं।' अखबार लिखता हैं कि ऐसी स्थिति में नीतीश और चंद्रबाबू दोनों ही अहम हैं। ऐसी स्थिति में यदि नीतीश कुमार की सरकार पर खतरा आया तो वे रास्ता बदलकर दांव चल सकते हैं। भाजपा ऐसी स्थिति नहीं चाहेगी क्योंकि चंद्रबाबू नायडू भी हार्ड बारगेनर हैं। यही नहीं पाकिस्तानी अखबार लिखता है कि राहुल गांधी के लिए भी यह चुनाव अहम हैं। डॉन का कहना है कि राहुल गांधी ने 2024 के चुनाव में अच्छी वापसी की थी और वह अब नेता विपक्ष हैं। खासतौर पर यूपी में कांग्रेस, सपा के प्रदर्शन का जिक्र डॉन ने किया है। अखबार लिखता है कि यूपी में कमजोर प्रदर्शन के चलते ही केंद्र में मोदी सरकार का समर्थन कम हुआ है।  

क्यों बदला जाए चांदनी चौक का नाम? पंजाब BJP ने बताई बड़ी वजह

चंडीगढ़ पंजाब भाजपा द्वारा दिल्ली के ऐतिहासिक चांदनी चौक का नाम बदलकर ''शीश गंज चौक'' रखने की मांग की गई है। इसे लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पंजाब बीजेपी प्रवक्ता प्रीतपाल सिंह बलिएवाल ने पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस पर इसे लेकर घोषणा की जाए। पंजाब बीजेपी प्रवक्ता प्रीतपाल सिंह बलिएवाल ने पत्र में लिखा है कि चांदनी चौक वही स्थान है जहां गुरु तेग बहादुर जी ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए शहादत दी थी, इसलिए यह स्थान उनके बलिदान को समर्पित होना चाहिए। इसके साथ ही पार्टी ने सुझाव दिया है कि चांदनी चौक से सटे तीन मेट्रो स्टेशनों के नाम भाई मती दास, भाई सती दास और भाई दयाल दास के नाम पर रखे जाएं, जिन्होंने गुरु तेगबहादुर जी के साथ बलिदान दिया था। बलिएवाल ने कहा कि यह कदम न सिर्फ इतिहास को सम्मान देगा, बल्कि देश की नई पीढ़ी को सिख गुरुओं के त्याग और शौर्य की प्रेरणा भी प्रदान करेगा। 

बिहार में सियासी बवाल: विजय सिन्हा के काफिले पर हमला, उपमुख्यमंत्री ने RJD पर लगाया आरोप

पटना बिहार चुनाव के बीच लखीसराय से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। दरअसल राजद (RJD) समर्थकों ने उपमुख्यमंत्री और लखीसराय निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार विजय कुमार सिन्हा की कार को घेर लिया, चप्पल फेंकी और "मुर्दाबाद" के नारे लगाते हुए उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। मौके पर पुलिसकर्मी मौजूद हैं। बिहार के उपमुख्यमंत्री और  लखीसराय विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार विजय कुमार सिन्हा ने कहा, "ये राजद के गुंडे हैं। NDA सत्ता में आ रही है… गुंडे मुझे गांव में जाने नहीं दे रहे हैं। विजय सिन्हा जीतने वाले हैं…उन्होंने मेरे पोलिंग एजेंट को भगा दिया और उसे वोट नहीं देने दिया…उनकी गुंडागर्दी देखिए…।" आरजेडी के गुंडों ने बूथ कैप्चर किया है। आरोपियों पर बुलडोडर एक्शन होगा। हम निर्वाचन आयोग से शिकायत करेंगे।

भाजपा प्रवक्ता ने की मांग, चांदनी चौक का नाम बदलकर शीश गंज चौक रखने का पत्र दिल्ली सरकार को भेजा

चंडीगढ़  भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की पंजाब ईकाई ने दिल्ली के चांदनी चौक का नाम शीश गंज रखने की मांग की है. 25 नवंबर को गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहीदी वर्षगांठ से पहले पार्टी ने ये अपील की है. पंजाब बीजेपी के नेता और पार्टी प्रवक्ता प्रीतपाल सिंह बलियावाल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को लेटर लिखकर ये मांग की. बलियावाल ने लिखा, यह भारत के सहिष्णुता, बहादुरी और आस्था की स्वतंत्रता के मूल्यों के प्रति ऐतिहासिक श्रद्धांजलि होगी. उन्होंने कहा कि वह एक सिख और एक भारतीय दोनों के रूप में गहरी श्रद्धा के साथ गुरु तेग बहादुर जी, हिंद की चादर के अद्वितीय बलिदान को याद करने के लिए लिख रहे हैं. गुरु तेग बहादुर ने धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा और मानवता की अंतरात्मा की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया. चुप्पी के बजाय बलिदान को चुना उन्होंने कहा कि चांदनी चौक का नाम बदलकर शीश गंज रखने से गुरु तेग बहादुर जी की शहादत की भावना अमर हो जाएगी और आने वाली पीढ़ियों को याद दिलाया जाएगा कि भारत उन लोगों की वजह से मजबूत है, जिन्होंने चुप्पी के बजाय बलिदान को चुना. उन्होंने मुख्यमंत्री से इस प्रस्ताव पर संवेदनशीलता और गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया. मानवता की अंतरात्मा की रक्षा के लिए दिया बलिदान  बलियावाल ने अपने पत्र में लिखा है कि वह गुरु नानक देव जी की 556वीं जयंती के इस पवित्र अवसर पर ‘हिंद की चादर’ गुरु तेग बहादुर के अद्वितीय बलिदान को याद करने के लिए एक सिख और एक भारतीय दोनों रूप में गहरी श्रद्धा के साथ यह पत्र लिख रहे हैं. गुरु तेग बहादुर ने धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा और मानवता की अंतरात्मा की रक्षा के लिए बलिदान दिया. निर्दोष लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए किया गया मजबूर  उन्होंने लिखा कि औरंगजेब के अधीन मुगल शासन के दौरान 1675 में धार्मिक उत्पीड़न अपने चरम पर था. उस समय मंदिरों को नष्ट कर दिया गया, धर्मग्रंथों को जला दिया गया और निर्दोष लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया. पंडित कृपा राम के नेतृत्व में 500 से अधिक कश्मीरी पंडितों ने अपने धर्म की रक्षा के लिए श्री आनंदपुर साहिब में गुरु तेग बहादुर से मुलाकात की. गुरु साहिब ने उनकी पीड़ा सुनकर सर्वोच्च बलिदान देने का निर्णय लिया. उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर का सिर उसी स्थान पर काटा गया था, जहां आज गुरुद्वारा शीशगंज साहिब स्थित है, यह स्थान साहस, बलिदान और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा का प्रतीक है. बलियावाल ने आग्रह किया कि चांदनी चौक का नाम बदलकर शीशगंज करना और आसपास के मेट्रो स्टेशन को इन शहीदों को समर्पित करना एक प्रशासनिक निर्णय से कहीं बढ़कर होगा. शीश गंज गुरुद्वारा का क्या है महत्व? शीश गंज गुरुद्वारा का क्या महत्व है, बलियावाल ने इसके बारे में भी बताया.उन्होंनेलिखा कि 1675 में मुग़ल शासन के दौरान धार्मिक उत्पीड़न अपने चरम पर था. मंदिरों को नष्ट कर दिया गया, धर्मग्रंथों को जला दिया गया और निर्दोष लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया. पंडित कृपा राम के नेतृत्व में 500 से ज़्यादा कश्मीरी पंडितों ने अपने धर्म की रक्षा के लिए श्री आनंदपुर साहिब में गुरु तेग बहादुर से संपर्क किया. बीजेपी नेता ने लिखा कि गुरु साहिब ने सरबत दा भला के सिद्धांत को कायम रखने के लिए सर्वोच्च बलिदान देने का निर्णय लिया. उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर का सिर उसी स्थान पर काटा गया था जहां आज गुरुद्वारा श्री शीश गंज साहिब स्थित है, यह स्थान आज भी साहस, बलिदान और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा का प्रतीक है. उन्होंने लिखा, इस पवित्र स्थान से गुजरने वाले हर व्यक्ति को यह याद दिलाया जाएगा कि यह वह भूमि है जहां सत्य के लिए सिर कुर्बान किया गया था, लेकिन सत्य से कभी समझौता नहीं किया गया. बलियावाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ऐसा निर्णय दुनिया भर के करोड़ों सिखों और भारतीयों को गर्व और श्रद्धा से भर देगा और एकता तथा सर्वधर्म सम्मान का एक मजबूत संदेश देगा  

मतदान के दौरान छपरा में बड़ी गड़बड़ी — 150 वोटर लिस्ट से नदारद!

छपरा बिहार में पहले चरण की 121 सीटों पर जारी मतदान के  बीच बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल, छपरा विधानसभा के ब्रह्मपुर मोहल्ले के 150 लोगों का नाम वोटर लिस्ट से गायब है, जिसके चलते लोगों में भारी आक्रोश है।   वोट डालने पहुंचे लोग इसे बड़ी साजिश बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि 'BLO की लापरवाही के कारण हम वोट नहीं दे पा रहे हैं। सारे डॉक्यूमेंट देने के बाद भी लिस्ट में नाम नहीं है। दूसरी ओर राजद ने लखीसराय में बूथ कैपचरिंग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महागठबंधन के 'मजबूत बूथों' पर वोटिंग की गति को धीमा करने के लिए जानबूझकर बिजली काटी जा रही है। हालांकि, चुनाव आयोग ने आरजेडी के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है।

आज से MP में हेलमेट नियम सख्त, पीछे बैठने वालों को भी पहनना होगा, इन 5 जिलों पर फोकस

भोपाल  मध्यप्रदेश में सड़क हादसों में बढ़ती मौतों को देखते हुए आज से प्रदेशभर में हेलमेट अनिवार्यता को लेकर पुलिस का विशेष अभियान शुरू हो गया है. अब न केवल दोपहिया वाहन चालक, बल्कि पीछे बैठने वाले व्यक्ति को भी हेलमेट पहनना जरूरी होगा. राज्य पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर 6 नवंबर से पूरे प्रदेश में यह अभियान शुरू किया गया है. इस दौरान ट्रैफिक पुलिस हेलमेट न पहनने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी. पुलिस का कहना है कि यह अभियान केवल चालान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर भी फोकस किया जाएगा. भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन इन पांच जिलों में अभियान को लेकर विशेष सख्ती बरती जाएगी. कारण यह है कि पूरे प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों में से 58 प्रतिशत मौतें इन्हीं जिलों में दर्ज हुई हैं.  2 व्हीलर्स पर अगर एक शख्स ने हेलमेट पहना है और दूसरे ने नहीं तो 300 रुपए का चालान होगा और अगर दोनों ने हेलमेट नहीं पहना तो 500 रुपए का जुर्माना होगा.  4 साल की उम्र से बड़े पिलियन राइडर (दोपहिया पर ड्राइवर के पीछे बैठने वाले) के हेलमेट न पहनने पर 300 रुपए का चालान बनता है। डीआईजी टीके विद्यार्थी ने कहा- फिलहाल 5 बड़े शहरों में इसे लागू किया गया है। अगले चरण में इसे पूरे प्रदेश में लागू करेंगे। इस अभियान के पहले दिन गुरुवार को भोपाल में ट्रैफिक पुलिस 20 पॉइंट्स पर चालानी कार्रवाई कर रही है। इस दौरान अलग-अलग नजारे सामने आ रहे हैं। कोई कह रहा है कि पुलिसकर्मी सामने से गुजरा, तब चालान क्यों नहीं किया? किसी ने कहा- बच्ची एडमिट है। जल्दी में हेलमेट भूल गया।  एक नजर आंकड़ों पर:- – 2024 में प्रदेशभर में 14 हजार 791 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई  – इंदौर: शहर में 2 हजार 425 और ग्रामीण क्षेत्र में 290 मौतें – भोपाल: शहर में 945 और ग्रामीण क्षेत्र में 235 मौतें – जबलपुर: 2,035 मौतें – उज्जैन: 1,536 मौतें – ग्वालियर: 1,049 मौतें – इन पांच जिलों में कुल 8 हजार 515 लोगों की जान गई, जो राज्य की कुल मौतों का 58 प्रतिशत है.