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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु नानक जयंती पर गुरुद्वारा में टेका मत्था, सबके कल्याण की कामना की

नानक नाम जहाज है, चढ़े सो उतरे पार… गुरु नानक जी का उपदेश मानवता की सेवा का है सर्वोच्च मार्ग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु नानक जयंती पर गुरुद्वारा में टेका मत्था, सबके कल्याण की कामना की मुख्यमंत्री ने की घोषणा – गुरु तेगबहादुर जी का 350वां जयंती वर्ष और शहीदी दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा भोपाल  नानक नाम जहाज है, चढ़े सो उतरे पार… मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को गुर नानक जयंती के अवसर पर अरेरा कॉलोनी स्थित प्रसिद्ध गुरुद्वारा पहुंचकर मत्था टेका। शबद कीर्तन (गुरुवाणी) का श्रवण किया और सभी देशवासियों को गुरुपरब की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने वाहेगुरु जी से प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं सबके कल्याण की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरु नानक देव जी सामाजिक एकता, सद्भावना और सेवा भाव की मिसाल थे। उन्होंने मानवता की सेवा और सबके प्रति समानता का भाव रखने का जो संदेश दिया है, वह आज भी सर्व समाज के लिए प्रकाशपुंज है। उन्होंने कहा कि गुरु नानक जी का जीवन सत्य, करुणा और परोपकार का प्रतीक है। उनका जीवन संदेश समय की सीमाओं से भी परे है और मानवता की सेवा के लिए हमेशा प्रेरणा-स्रोत रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाजजनों की मांग पर घोषणा करते हुए कहा कि म.प्र. सरकार गुरु तेग बहादुर जी का 350वां जयंती वर्ष और शहीदी दिवस समाज की मंशा अनुसार धूमधाम से मनायेगी। मध्यप्रदेश सरकार सत्य के मार्ग पर चलने वाले गुरु तेग बहादुर जी के सम्मान लिए हर जरूरी प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री गुरू नानक देव जी के 556वें प्रकाश पर्व के अवसर पर सभी को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरू नानक देव जी साक्षात ईश्वर समान थे, उन्होंने संसार को मानवता, सेवा और कीर्तन की शिक्षा और सिख धर्म की स्थापना की। उन्होंने भारत में पदयात्रा तो की ही, यहां से बाहर निकलकर पाकिस्तान, अफगानिस्तान और अरब तक सिख धर्म का प्रकाश पहुंचाया। उस दौर में अरब में गुरू नानक देव जी का जो भाव था, वो बाबर के सामने भी रहा। हम सभी ओंमकार रूपी ध्वनि से सचेतन रहें। जातिगत भेदभाव को दूर करते हुए एक संगत में रहें। समाज में दूरियों को मिटाने के लिए किसी भी दिखावे की जरूरत नहीं है। मनुष्य, मनुष्य के काम आए और अन्याय के खिलाफ लड़ें। अफगानी, मुगल और अंग्रेजों के सामने गुरूजी के मार्ग पर चलते हुए हमारे वीरों ने अपना बलिदान तक कर दिया। उन्होंने कहा कि कार्तिक मास की पूर्णिमा पर प्रकाश पर्व अद्भुत है। गुरू नानक देव जी द्वारा सेवा और देश भक्ति के लिए दिया संदेश सभी के लिए प्रेरित करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरु नानक देव जी की अमरवाणी हमें सिखाती है कि सच्चे अर्थों में धर्म वही है जो सबके हित में हो। हमारी सरकार भी गुरुनानक जी की उसी नेक भावना के अनुरूप जनकल्याण और सबके समुत्थान की राह पर अग्रसर है। गुरु नानक देव जी कहते थे – एक नूर से सब जग उपज्या, कौन भले, कौन मंद? एक ही साजे सब सुरतें, एक ही ज्योति अखंड। अर्थात् ईश्वर एक है, उसी का प्रकाश हर जीव में है। जब हम सबमें उसी एक नूर को देखते हैं, तब भेदभाव मिट जाता है और सच्चा प्रेम प्रकट होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुद्वारा परिसर में आयोजित विशेष दीवान सभा में सिक्ख श्रद्धालुओं के साथ शबद कीर्तन में शामिल हुए और श्री सतनाम वाहेगुरु जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु नानक देव जी ने मनुष्य को जीवन का जो मार्ग दिखाया है, वह केवल उपदेश नहीं, एक सम्पूर्ण जीवन दर्शन है। उनका मानना था कि ईश्वर के नाम जप से आध्यात्मिक और मानसिक शक्ति मिलती है, तेज बढ़ता है। उन्होंने हमें ईमानदारी से जीवन यापन करना, मेहनत से काम करना और मिल-बांटकर खाना सिखाया। गुरु नानक देव जी ने लंगर की परंपरा शुरू की, जो सामाजिक समरता और भाईचारे का संदेश देता है। लंगर में कोई छोटा-बड़ा नहीं होता। गुरु नानक देव का जीवन सिख समुदाय के साथ हर भारतीय के लिए प्रेरणा पुंज हैं। उनके संदेशों में हमेशा विश्व को समता, सद्भावना, सदाचार और बंधुत्व पर जोर दिया है। आज के समय में गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं मानवता के लिए मार्गदर्शक हैं। "गुरुग्रंथ साहिब" के रूप के हमारे पास जो गुरुजी की अमृतवाणी है, उसकी महिमा ही अपार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वाहे गुरु जी की कृपा से हम सभी हमेशा सद्मार्ग पर चलें, सद्भावना, करुणा, प्रेम हमारे आचार-विचारों में रहे। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं से प्रेरणा लेते हुए हमारी सरकार सेवा को समर्पित है। हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश का हर नागरिक सम्मान, सुविधा और अवसर से जुड़ सके। हम सबको एक समान मानते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाएं हर घर तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। समाज के आखिरी पंक्ति के आखिरी व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचे, इस संकल्प की सिद्धि के लिए हम दिन रात एक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी के दिखाए मार्ग पर चलते हुए हम सेवा, समानता और संवेदनशीलता के साथ प्रदेश को प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ा रहे हैं। इस अवसर पर विधायक श्री भगवान दास सबनानी, श्री रविन्द्र यति, श्री राहुल कोठारी, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष श्री बलजिन्दर सिंह, श्री पी.एस. बिन्द्रा, ग्रंथी, जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में सिक्ख समाज के सेवादार एवं श्रद्धालु उपस्थित थे। शबद कीर्तन में संगतकारों ने प्रदेश की उन्नति और समाज में भाईचारे की भावना के विस्तार की प्रार्थना की। इससे पहले सिक्ख श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का गुरुद्वारे में आत्मीय स्वागत-अभिनंदन किया और उन्हें सरोपा भेंटकर सम्मानित किया।  

हाईकोर्ट ने आदेश दिया: प्रत्यारोपित पेड़ों की GPS लोकेशन पेश करने को कहा, भोजपुर-बैरसिया रोड पेड़ कटाई मामले में सख्त रवैया

जबलपुर  भोपाल के समीप भोजपुर-बैरसिया रोड निर्माण के लिए 488 पेड़ों की कटाई से संबंधित जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की युगलपीठ के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सर्राफ ने राज्य सरकार के पक्ष से प्रस्तुत जवाब पर असंतोष व्यक्त किया। युगलपीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि जिन पेड़ों के प्रत्यारोपण का दावा किया गया है, वास्तव में उन्हें काटा गया है। अदालत ने प्रत्यारोपित किए गए 253 पेड़ों की तस्वीरें जीपीएस लोकेशन सहित प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही हस्तक्षेपकर्ता बनाए जाने के आवेदन को स्वीकार करते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने भोजपुर-बैरसिया रोड चौड़ीकरण के दौरान बिना अनुमति 488 पेड़ काटे जाने संबंधी अखबार में प्रकाशित खबर पर संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया था। प्रकाशित खबर में यह तथ्य उजागर हुआ था कि लोक निर्माण विभाग, रायसेन ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए पेड़ों की कटाई की अनुमति लिए बिना ही कार्य कराया। नियमों के अनुसार राज्य सरकार को पेड़ों की कटाई से संबंधित मामलों में एक समिति का गठन करना आवश्यक है, जिसकी अनुमति के बाद ही कटाई की जा सकती है। इस मामले में सरकार ने 9 सदस्यीय समिति या वृक्ष अधिकारी से अनुमति नहीं ली थी। सुनवाई के दौरान मंगलवार को राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि कलेक्टर ने 448 पेड़ों के स्थानांतरण की अनुमति दी थी और जो पेड़ स्थानांतरित नहीं किए जा सके, उनकी भरपाई के लिए 10 गुना अधिक पेड़ लगाए जाएंगे। इसके अलावा 253 पेड़ों का प्रत्यारोपण किया गया है। सरकार की इस दलील पर हाईकोर्ट ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रस्तुत तस्वीरों से स्पष्ट है कि पेड़ों का प्रत्यारोपण नहीं हुआ, बल्कि उन्हें पूरी तरह काटकर उनके तनों को जमीन में गाड़ दिया गया है। कुछ तनों में नए अंकुर भी दिखाई दे रहे हैं। सुनवाई के अंत में युगलपीठ ने हस्तक्षेपकर्ता नितिन सक्सेना के आवेदन को स्वीकार करते हुए आदेश जारी किया और राज्य सरकार से इस संबंध में विस्तृत जवाब मांगा है।  

किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

किसानों का हित सर्वोपरि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों को हर हाल में मिलेगी 10 घंटे निर्बाध बिजली  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निरस्त किया विवादित सर्क्यूलर हटाए गए संबंधित चीफ इंजीनियर भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अन्नदाता (किसानों) का हित हमारे लिए सर्वोपरि है। किसानों के कल्याण के लिए हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। किसानों को हर हाल में 10 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की जाएगी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को जारी संदेश में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस सर्क्यूलर को लेकर जनसामान्य में गलतफहमी पैदा हुई है, उस विवादित सर्क्यूलर को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। साथ ही विवादित सर्क्यूलर मामले से जुड़े संबंधित चीफ इंजीनियर को भी तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में संवेदनशील और किसान हितैषी सरकार काबिज है। किसानों के समग्र उत्थान के लिए हमारी सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिजली आपूर्ति से संबंधित विवादित सर्क्यूलर को रद्द कर दिया गया है और इसे जारी करने वाले संबंधित अधिकारी पर भी विधि अनुरूप कार्रवाई की जा रही है।  

VIP परिवार में दर्दनाक हादसा: राज्यसभा सदस्य के बेटे की कार अनियंत्रित होकर पलटी

पटियाला/राजपुरा पंजाब से राज्यसभा सदस्य और देश के प्रसिद्ध औद्योगिक समूह ट्राइडेंट ग्रुप के प्रमुख राजिंदर गुप्ता के बेटे अभिषेक गुप्ता की कार के साथ एक भयानक हादसा हुआ। यह हादसा मंगलवार देर रात राजपुरा जी.टी. रोड पर हुआ। अच्छी बात यह रही कि अभिषेक गुप्ता और कार में सवार सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार अभिषेक गुप्ता अपनी लेक्सस LX570 कार से दिल्ली से लौट रहे थे। इसी दौरान जब उनकी कार राजपुरा जी.टी. रोड पर थी, तभी पीछे से आ रही एक अन्य गाड़ी ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कारों को काफी नुकसान हुआ, लेकिन गनीमत रही कि सभी सवार सुरक्षित रहे। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। 

मौसम अलर्ट! पंजाब में ओले गिरे, इन इलाकों में सतर्क रहने की अपील

पंजाब  मौसम में अचानक बदलाव से शाम करीब साढ़े 5 बजे तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई और कुछ देर में कई इलाकों में ओलावृष्टि होने लगी। इससे जहां ठंडक का अहसास हुआ, वहीं धुएं की मोटी परत ने शहर को दिन भर अपनी चपेट में रखा।   वहीं मौसम विभाग के अनुसार यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुआ है। शाम को अचानक हुई बारिश से खेतों में नमी बढ़ गई है, जिसका कपास और गेहूं की फसलों पर मिला-जुला असर पड़ेगा। यह बारिश उन किसानों के लिए लाभदायक साबित हुई, जिन्होंने हाल ही में कपास की कटाई पूरी की थी, क्योंकि हवा में नमी होने से अगली फसल की तैयारी आसान हो जाएगी।  इस बीच ओलावृष्टि से कपास के खेतों को नुक्सान पहुंचने की आशंका है, जहां अभी भी कपास की कटाई हो रही है। कुछ इलाकों में फलियों और कपास पर ओलों के निशान दिखाई दे रहे हैं। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि इस बारिश से धुंध कुछ हद तक छंटेगी और हवा की गुणवत्ता में सुधार होगा। पिछले कुछ दिनों से बठिंडा, मानसा और फिरोजपुर इलाकों में पराली जलाने, वाहनों से होने वाले प्रदूषण और ठंडी हवाओं की कमी के कारण हवा की गुणवत्ता बेहद खराब बनी हुई है, ऐसे में इन शहरों के लोगों को घर से बाहर निकलने से पहले मुंह ढक कर जाने की अपील की गई है।  

झारखंड कक्षपाल भर्ती 2025: युवाओं के लिए बड़ी राहत, दौड़ के नए नियम लागू

रांची झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से निकाली गई जेल वार्डर ( कक्षपाल ) के 1733 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 7 नवंबर 2025 से शुरू होगी। झारखण्ड कक्षपाल प्रतियोगिता परीक्षा 2025 के लिए उम्मीदवार jssc.jharkhand.gov.in पर जाकर एप्लाई कर सकेंगे एप्लाई करने की लास्ट डेट 8 दिसंबर 2025 तय की गई है। 10 दिसंबर 2025 की मध्य रात्रि तक परीक्षा शुल्क भुगतान तथा फोटो एवं हस्ताक्षर अपलोड कर आवेदन पत्र का प्रिंटआउट लेने के लिए लिंक उपलब्ध रहेगा। 11 दिसंबर 2025 से 13 दिसंबर 2025 के मध्य रात्रि तक ऑनलाइन आवेदन पत्र में अभ्यर्थी के नाम, जन्म तिथि, ईमेल आईडी एवं मोबाइल संख्या को छोड़कर किसी भी गलत एंट्री को संशोधित करने के लिए फिर से लिंक उपलब्ध करायी जायेगी। नियुक्ति की कार्रवाई झारखंड राज्य की पुलिस, कक्षपाल, सिपाही (गृह रक्षा वाहिनी), उत्पाद सिपाही संयुक्त भर्ती नियमावली-2025 के तहत की जाएगी। फिजिकल टेस्ट के नियम हुए आसान शारीरिक परीक्षा के तहत अभ्यर्थियों के लिए दौड़ का आयोजन होगा। दौड़ प्रक्रिया को पहले से काफी सरल करते हुए दूरी को घटाया गया है। बता दें कि बीते मार्च माह में हुई कैबिनेट बैठक में पुलिस, कक्षपाल, सिपाही और उत्पाद सिपाही नियुक्ति के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा में बदलाव किया गया है। पुरुष अभ्यर्थियों को 06 मिनट में 1600 मीटर दौड़ पूरी करनी होगी। पहले यह दौड़ 10 किमी की होती थी। वहीं, महिला अभ्यर्थियों को 10 मिनट में 1600 मीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। पहले महिलाओं को 06 किलोमीटर की दौड़ लगानी पड़ती थी। कक्षपाल भर्ती की वैकेंसी डिटेल्स रिक्तियों में 1634 पद पुरुषों और 64 पद महिलाओं के लिए हैं। पुरुषों में 165 पद भूतपूर्व सैनिकों के लिए, 413 होमगार्ड के लिए और शेष 1056 अन्य अभ्यर्थियों के लिए हैं। कक्षपाल भर्ती योग्यता – 10वीं पास। आयु सीमा – 18 वर्ष से 25 वर्ष। अधिकतम आयु सीमा में अत्यंत पिछड़ा वर्ग के पुरुषों को दो वर्ष, अनारक्षित, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, ईडब्ल्यूएस वर्गों की महिलाओं को 3 वर्ष, एससी एसटी पुरुष व महिलाओं को 5 वर्ष की छूट मिलेगी। कद काठी कितनी हो पुरुष अनारक्षित, ईडब्ल्यूएस, अत्यंत पिछड़ा वर्ग – लंबाई कम से कम 160 सेमी, सीना फुलाकर कम से कम 81 सेमी हो। एससी व एसटी – लंबाई कम से कम 155 सेमी, सीना फुलाकर कम से कम 79 सेमी हो। महिलाओं के लिए लंबाई कम से कम 148 सेमी हो। चयन – सबसे पहले शारीरिक मापदंड व शारीरिक दक्षता परीक्षा होगी। इसमें सफल अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद मेडिकल जांच होगी। वेतन – लेवल -2 (19900 – 63200 रुपये) आवेदन फीस – 100 रुपये राज्य के एससी व एसटी के लिए – 50 रुपये झारखंड सहायक कारापाल प्रतियोगिता परीक्षा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने झारखंड सहायक कारापाल प्रतियोगिता परीक्षा 2025 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके जरिए राज्य में सहायक कारापाल ( JSSC Assistant Jailor Vacancy ) के 42 पदों पर भर्ती होगी। इच्छुक अभ्यर्थी jssc.jharkhand.gov.in पर जाकर 7 नवंबर से 8 दिसंबर 2025 तक आवेदन कर सकेंगे। 11 दिसंबर से 13 दिसंबर के बीच एप्लीकेशन फॉर्म में करेक्शन कर सकेंगे। चयनितों को पे मैट्रिक्स लेवल-5 29200 – 92300 का वेतनमान मिलेगा। लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षण और चिकित्सकीय परीक्षण के आधार पर चयन करेगा। कारपाल के अलावा कक्षपाल के 1700 से ज्यादा पदों पर भी भर्ती निकाली गई है। इसकी डिटेल्स आप नीचे दिए गए लिंक से देख सकते हैं। शैक्षणिक योग्यता: मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक या समकक्ष डिग्री कद काठी कितनी हो पुरुष अनारक्षित, ईडब्ल्यूएस, अत्यंत पिछड़ा वर्ग – लंबाई कम से कम 160 सेमी, सीना फुलाकर कम से कम 81 सेमी हो। एससी व एसटी – लंबाई कम से कम 155 सेमी, सीना फुलाकर कम से कम 79 सेमी हो। महिलाओं के लिए लंबाई कम से कम 148 सेमी हो। फिजिकल टेस्ट पुरुष अभ्यर्थियों को 06 मिनट में 1600 मीटर दौड़ पूरी करनी होगी। महिला अभ्यर्थियों को 10 मिनट में 1600 मीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। चयन – शारीरिक दक्षता परीक्षा, लिखित परीक्षा, मेडिकल टेस्ट। लिखित परीक्षा का स्वरूप एवं पाठ्यक्रम :- (क) परीक्षा दो चरणों में ली जायेगी – प्रारंभिक परीक्षा एवं मुख्य परीक्षा। परन्तु शारीरिक क्षमता परीक्षा में 50,000 (पचास हजार) से कम अभ्यर्थियों के सफल रहने पर सामान्यतः प्रारंभिक परीक्षा नहीं ली जायेगी। 50,000 की अधिकतम सीमा से अधिक अभ्यर्थी रहने की स्थिति में भी विभिन्न परिस्थितियों के आधार पर सीधी मुख्य परीक्षा आयोजित करने के संबंध में आयोग निर्णय ले सकेगा। (ख) परीक्षा में सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ एवं बहुविकल्पीय उत्तर आधारित होंगे। एक प्रश्न का पूर्णांक 3 (तीन) होगा। प्रत्येक सही उत्तर के लिए 3 (तीन) अंक दिये जायेंगे तथा प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1 (एक) अंक की कटौती की जायेगी। (ग) भाषा विषयों को छोड़कर अन्य विषयों के प्रश्न हिन्दी एवं अंग्रेजी भाषा में होंगे। (घ) प्रारंभिक परीक्षा का पाठ्यक्रम – सामान्य ज्ञान से संबंधित निम्नलिखित विषयों से संबंधित बहुविकल्पीय उत्तर आधारित प्रश्न पूछे जायेंगे। परीक्षा की अवधि दो घंटों की होगी। (i) सामान्य अध्ययन – 30 प्रश्न (ii) झारखण्ड राज्य से संबंधित ज्ञान – 60 प्रश्न (iii) सामान्य गणित – 10 प्रश्न (iv) सामान्य विज्ञान – 10 प्रश्न (v) मानसिक क्षमता जाँच – 10 प्रश्न कुल – 120 प्रश्न  

लोकतंत्र का पर्व सहरसा में जोरों पर: दो सीटों पर 1 घंटे पहले थमेगा मतदान

सहरसा बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का प्रचार थमने के साथ ही सहरसा जिले में मतदान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी दीपेश कुमार और पुलिस अधीक्षक हिमांशु ने समाहरणालय के सभा कक्ष में संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर विस्तृत जानकारी दी। डीएम ने बताया कि जिले की चार विधानसभा सीटों 74 सोनवर्षा, 75 सहरसा, 76 सिमरी बख्तियारपुर और 77 महिषी पर 6 नवंबर, गुरुवार को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। हालांकि, सिमरी बख्तियारपुर और महिषी विधानसभा क्षेत्रों में भौगोलिक स्थिति को देखते हुए मतदान शाम 5 बजे तक ही कराया जाएगा। मतगणना 14 नवंबर, शुक्रवार को होगी। सहरसा जिले में कुल 12 लाख 96 हजार 74 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 6 लाख 79 हजार 117 पुरुष, 6 लाख 16 हजार 875 महिला और 22 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। मतदान के लिए कुल 1566 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। सोनवर्षा विधानसभा में 6 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, जहां 358 मतदान केंद्रों पर 3 लाख 1 हजार 868 मतदाता मतदान करेंगे। सहरसा विधानसभा में 10 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं और यहां 437 मतदान केंद्रों पर 3 लाख 69 हजार 912 मतदाता वोट डालेंगे। सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा में 15 उम्मीदवार मैदान में हैं और यहां 410 मतदान केंद्रों पर 3 लाख 36 हजार 625 मतदाता मतदान करेंगे। इस क्षेत्र में पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर 35 लोकेशन पर 69 मतदान केंद्र हैं, जहां भौगोलिक स्थिति के कारण मतदान शाम 5 बजे तक ही होगा। महिषी विधानसभा में 14 प्रत्याशी मैदान में हैं और यहां 361 मतदान केंद्रों पर 2 लाख 87 हजार 669 मतदाता मतदान करेंगे। महिषी क्षेत्र में भी पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर 46 मतदान केंद्र हैं, जो कठिन भूगोल वाले क्षेत्र में स्थित हैं और यहां भी मतदान शाम 5 बजे तक ही होगा। दोनों तटबंध वाले क्षेत्रों में मतदान कर्मियों और सामग्री के आवागमन के लिए जीपीएस युक्त नावों और ट्रैक्टरों की व्यवस्था की गई है। डीएम ने बताया कि सोनवर्षा और महिषी विधानसभा क्षेत्रों के ईवीएम डिस्पैच, संग्रहण और मतगणना केंद्र के रूप में रमेश झा महिला महाविद्यालय को चुना गया है। सोनवर्षा के विभागीय जांच अधिकारी अपर समाहर्ता गणेश कुमार और महिषी के विभागीय अधिकारी अपर समाहर्ता मृत्युंजय कुमार होंगे। सहरसा विधानसभा का मतगणना केंद्र सहरसा जिला स्कूल में रहेगा, जिसके प्रभारी अपर समाहर्ता संजीव चौधरी होंगे। वहीं, सिमरी बख्तियारपुर का मतगणना केंद्र राजकीय कन्या उच्च विद्यालय सहरसा में बनाया गया है, जिसके अधिकारी उप विकास आयुक्त संजय कुमार निराला होंगे। डीएम ने बताया कि आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का एक मामला जन सुराज पार्टी के निर्वाचन अभिकर्ता पर दर्ज किया गया है। सहरसा जिले में 3092 मतदान कर्मियों ने डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान किया है। चुनावी सख्ती के तहत अब तक 40 लाख 39 हजार 490 रुपये नकद और 11,153.525 लीटर अवैध शराब जब्त की गई है, जिसकी कीमत करीब 36 लाख 72 हजार रुपये है। पुलिस अधीक्षक हिमांशु ने बताया कि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान के लिए 53 कंपनियां CAPF, 2 कंपनियां BSAP, 1500 पुलिसकर्मी और पदाधिकारी, तथा 2400 होमगार्ड जवान तैनात किए गए हैं। कोसी तटबंध के भीतर स्थित 105 मतदान केंद्रों तक पहुंचने के लिए मतदान कर्मियों को जीपीएस युक्त नावों और ट्रैक्टरों की सुविधा दी गई है। इन मतदान केंद्रों पर 15 क्लस्टर पॉइंट बनाए गए हैं, जहां जनरेटर और प्रकाश की व्यवस्था भी की गई है। रात में नावों को आसानी से पहचानने के लिए रेडियम लाइट स्ट्रिप लगाई गई है। इसके अलावा, दुर्गम इलाकों में मतदान कर्मियों की मदद के लिए 8 SDRF टीम तैनात की गई हैं। सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है। इस बार जिले में 12 मॉडल मतदान केंद्र, 11 यूथ केंद्र, 15 वीमेन केंद्र, और 4 पीडब्लूडी केंद्र बनाए गए हैं। जिले में 6932 पोलिंग अधिकारी और 177 माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात रहेंगे। सभी मतदान केंद्रों पर पुरुष और महिला के लिए अलग-अलग शौचालय, स्वच्छ पेयजल, बिजली, और रैंप की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। दिव्यांग मतदाताओं के लिए 794 व्हीलचेयर और स्वयंसेवकों की सहायता का प्रावधान किया गया है। डीएम ने बताया कि सक्षम ऐप के माध्यम से पंजीकृत दिव्यांग मतदाताओं को मतदान के दिन वाहन सुविधा भी दी जाएगी, ताकि वे आसानी से मतदान केंद्र तक पहुंच सकें।

यूपी के मुख्यमंत्री ने सासाराम विधानसभा क्षेत्र से एनडीए प्रत्याशी स्नेहलता कुशवाहा के पक्ष में की जनसभा

सासाराम, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,  नीतीश कुमार, उपेंद्र कुशवाहा, जीतनराम मांझी और चिराग पासवान को पांडव की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि 1990 से 2005 के बीच राजद ने बिहार में जंगलराज लाया था, लेकिन पीएम मोदी व नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार बिहार का विकास कर रही है। देश का उत्थान करते हुए भारत को वैश्विक महाशक्ति के रूप में स्थापित किया जा रहा है। पांच पांडव (मोदी, नीतीश कुमार, उपेंद्र कुशवाहा, जीतनराम मांझी और चिराग पासवान) के नेतृत्व में मजबूत गठबंधन एनडीए के रूप में संकल्प लेकर बढ़ा है कि बिहार में फिर से जंगलराज नहीं आने देना है। सीएम ने बिहार वासियों से अपील की कि जंगलराज के खिलाफ सुशासन की सुदृढ़ नींव पर मजबूत व समृद्ध बिहार के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना है। उत्तर प्रदेश की व्यस्तताओं के बीच बुधवार को भी बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार किया। दूसरी रैली में सासाराम विधानसभा क्षेत्र से एनडीए उम्मीदवार स्नेहलता कुशवाहा के पक्ष में रैली की।सीएम ने यहां भी राजद-कांग्रेस गठबंधन पर करारा प्रहार भी किया। उन्होंने कार्तिक पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं। योगी का तंज- ठगी की दुकान खोलकर चुनाव के बहाने आपके बीच आए हैं महागठबंधन वाले सीएम ने वाराणसी के देव दीपावली का जिक्र करते हुए मिट्टी से बनने वाले दीप से प्रजापति समाज को लाभ होगा। इसमें लगे तेल का पैसा किसानों के पास जाएगा। पुजारी, माली,  कुम्हार समेत हर व्यक्ति इससे जुड़कर आस्था का सम्मान व रोजगार का सृजन कर रहा है। सीएम योगी ने मां जानकी के साथ ही बिहार के अनेक महापुरुषों का भी स्मरण किया। सीएम ने कहा कि बिहार की तरह सासाराम व रोहतास जनपद का भी गौरवशाली इतिहास रहा है, लेकिन कांग्रेस व राजद ने नागरिकों के सामने पहचान,  बहन-बेटियों, व्यापारियों व उद्यमियों के सामने सुरक्षा का संकट खड़ा किया था तो किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया। आज जो लोग घोषणाएं कर रहे हैं, वह लोग महागठबंधन बनाकर ठगी की दुकान खोलकर चुनाव के बहाने आपके बीच आए हैं, इन्हें फिर से नहीं आने देना है। सीएम ने दिलाया विश्वास- वाराणसी में हुई घटना की कर रहे जांच, दोषियों पर करेंगे कड़ी कार्रवाई सीएम योगी ने कहा कि साल भर पहले यहां की बेटी परीक्षा की तैयारी की कोचिंग के लिए वाराणसी गई थी। उसके साथ दुखद घटना हुई,  हम उसकी जांच कर रहे हैं। एसआईटी गठित करेंगे और दोषियों को सख्त सजा देंगे। बेटी की सुरक्षा व सम्मान होगा। बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों का यमराज के घर का टिकट कटवा देंगे। बिहार को भी त्रस्त करने वाले माफिया के आतंक को समाप्त किया और उसकी हवेली को धराशायी कराया सीएम योगी ने कहा कि एक माफिया ने बिहार को भी त्रस्त किया था। आजमगढ़, गाजीपुर, वाराणसी, लखनऊ तक उसका आतंक था। वह सपा और राजद का शागिर्द था। उसने लखनऊ में डीजीपी आवास के सामने गरीबों व सरकारी जमीन पर कब्जा कर महलनुमा आवास बना लिया था। सरकार बनी तो हमने पूछा कि सरकारी जमीन पर किसने कब्जा किया है। लोग नाम लेने से डरते थे। हमने जमीन कब्जा मुक्त कराई, उसकी हवेली को धराशायी कराया और वहां गरीबों के आवास बनवाए। आज सुबह वहां गरीबों को आवास उपलब्ध कराया। यह कार्य केवल एनडीए कर सकती है। यूपी में नौजवान मस्त और माफिया पस्त है सीएम योगी ने कहा कि एनडीए गठबंधन स्वर्णिम बिहार के लिए आप सभी का समर्थन मांगने आई है। यूपी व बिहार सांझी विरासत को लेकर बढ़ता है। श्रीराम व मां जानकी के अटूट संबंध जैसा ही यूपी व बिहार का संबंध इसी पवित्रता के साथ जुड़ा हुआ है। यूपी में कानून का राज, सबको सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन है। विकास, रोजगार सृजन, निवेश हो रहा है। यूपी में नौजवान मस्त है, माफिया पस्त है। यही बिहार के अंदर भी करना है।   11 वर्ष में पीएम मोदी ने भारत को दिलाई वैश्विक पहचान सीएम योगी ने केंद्र सरकार की योजनाएं भी गिनाईं। फिर कहाकि पिछले 20 वर्ष में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार को आगे बढ़ते देखा है। आज रेल,  एयर, मेट्रो कनेक्टिविटी समेत इनलैंड वॉटरवे की कनेक्टिविटी बिहार होते हुए यूपी के काशी व प्रयागराज तक होने जा रही है। बिहार में अब विकास की हर योजनाएं हैं। 11 वर्ष में पीएम मोदी ने भारत को वैश्विक पहचान दिला दी। बिहार का व्यक्ति देश में कहीं भी चला जाए, यदि उसके पास राशन-आयुष्मान कार्ड है तो वह यूपी-एमपी, गुजरात में भी लाभ ले सकता है। यूपी में बनी भाजपा सरकार तो हमने कराया राम मंदिर का निर्माण सीएम योगी ने कहा कि मोदी सरकार ने गरीब कल्याणकारी योजनाओं को बढ़ाया तो विरासत का सम्मान भी किया है। योगी ने राजद व कांग्रेस के पार्टनर समाजवादी पार्टी के कारनामे पर भी चर्चा की। बोले कि कांग्रेस कहती थी कि राम हुए ही नहीं,  राजद ने राम मंदिर के रथ को रोक दिया और समाजवादी पार्टी ने रामभक्तों पर गोली चलाकर अयोध्या को लहुलूहान किया था। हम तब भी बोलते थे कि रामलला हम आएंगे, लाठी-गोली खाएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। यूपी में भाजपा की डबल इंजन सरकार बनने के बाद राममंदिर बनने से कोई नहीं रोक पाया। सीतामढ़ी में भी मां जानकी का मंदिर भी बन रहा है। अयोध्या को सीतामढ़ी से जोड़ने के लिए 6155 करोड़ रुपये से कॉरिडोर बन रहा है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर और काशी में काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण का निर्माण हो गया।

उद्योगों की रफ्तार बढ़ी: राजस्थान में 7.05 लाख करोड़ के निवेश पर जमीन पर काम शुरू

जयपुर राजस्थान में निवेश परिदृश्य अब इरादों से हकीकत की ओर बढ़ रहा है। अब तक हुए 3,362 एमओयू पर ज़मीनी स्तर पर काम शुरू हो गया है, जिनमें 7.05 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं। ये निवेश राज्य के 20 प्रमुख सेक्टरों में किए जा रहे हैं। ऊर्जा क्षेत्र निवेश में सबसे आगे है, जिसमें 432 एमओयू के माध्यम से 5.60 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इनमें अक्षय ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन से जुड़े बड़े उपक्रम शामिल हैं, जो राजस्थान को देश का अग्रणी क्लीन एनर्जी हब बनाने की दिशा में हैं। सेक्टर वाइज निवेश का ब्योरा: उद्योग विभाग ने 1,182 एमओयू के तहत 57,319 करोड़ रुपये के निवेश आकर्षित किए हैं, जो विनिर्माण और एमएसएमई सेक्टर में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाते हैं। शहरी विकास एवं आवासन क्षेत्र में भी 306 एमओयू के तहत 26,826 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट क्रियान्वयन के चरण में हैं, जिनका फोकस शहरी विस्तार, सस्ती आवास योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर है। इसके अलावा, खनन क्षेत्र में 22 एमओयू के माध्यम से 28,092 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। पर्यटन क्षेत्र में 267 एमओयू के तहत 8,907 करोड़ रुपये के निवेश से हेरिटेज, इको और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। कृषि क्षेत्र में 663 एमओयू से 7,741 करोड़ रुपये के निवेश के जरिए एग्री-वैल्यू चेन और फूड प्रोसेसिंग को मज़बूती दी जा रही है। चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा में भी 5,500 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं, जो स्वास्थ्य और कौशल विकास के बुनियादी ढांचे को सशक्त करेंगे। इसके साथ ही, एविएशन, आयुष, पशुपालन, आईटी और खेल जैसे उभरते क्षेत्रों में भी नई नीतियों के तहत ठोस प्रगति हो रही है। सभी एमओयू की मॉनिटरिंग के लिए एक समर्पित तंत्र बनाया गया है ताकि तय समयसीमा में इन निवेशों को धरातल पर उतारा जा सके। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह राजस्थान की आर्थिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। राज्य ने निवेश घोषणाओं और वास्तविक कार्यान्वयन के बीच की खाई को पाट दिया है। 7.05 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर कार्य प्रगति पर होने के साथ, राजस्थान देश के सबसे तेज़ी से बढ़ते निवेश गंतव्यों में शामिल हो रहा है- अक्षय ऊर्जा, विनिर्माण उत्कृष्टता और प्रगतिशील नीतियों के बल पर। गौरतलब है कि दिसंबर 2024 में आयोजित इन्वेस्ट राजस्थान समिट (9-11 दिसंबर) के दौरान राज्य सरकार ने रिकॉर्ड 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए थे। 12 नई नीतियां लाने की तैयारी निवेश प्रस्तावों को रफ्तार देने के लिए सरकार इसी साल 12 नई नीतियां भी लाने की तैयारी कर चुकी है। इनमें से कुछ नीतियों के ड्रॉफ्ट कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजे जा चुके हैं। आने वाली नई नीतियां इस प्रकार हैं: 1. एग्रीकल्चर एवं फूड प्रोसेसिंग: किसानों की आय बढ़ाने और एग्रो-बेस्ड इंडस्ट्री को प्रोत्साहन देने पर जोर। 2. नई औद्योगिक नीति: मैन्युफैक्चरिंग को सशक्त बनाकर बड़े निवेश को आकर्षित करने की योजना। 3. एविएशन और लगिंग: राजस्थान को एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस का हब बनाना, ड्रोन्स और स्पेयर पार्ट्स के लिए तैयार करेंगी नीति। 4. ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर: बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए राजस्थान को नया ग्लोबल हब बनाना। मल्टीनैशनल कंपनियों के आने से टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और सपोर्ट सेंटर खुल सकेंगे। 5. नई टूरिज्म नीति: राजस्थान की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विविधता को नए रूप में पेश करने की कोशिश। हेरिटेज, ईको और ग्रामीण टूरिज्म को प्राथमिकता। 6. ग्रीन ग्रोथ क्रेडिट नीति: पर्यावरण अनुकूल प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा, जिसमें सोलर एनर्जी, ग्रीन एनर्जी और हरित उद्योग शामिल होंगे। 7. स्पोर्ट्स नीति: नई प्रतिभाओं के लिए अवसर, विश्वस्तरीय ढांचा का विकास। प्रशिक्षकों और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर पर फोकस। 8. एफएमसीजी नीति: मैन्युफैक्चरिंग और कृषि की बेहतर उपयोगिता सुनिश्चित कर एफएमसीजी क्षेत्र को बढ़ावा। छोटे और मध्यम उद्योगों की भागीदारी की दिशा में कदम। 9. आईटी आउटसोर्सिंग और फॉरेस्ट नीति: ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी और युवाओं को रोजगार बढ़ाने और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को सशक्त बनाने की दिशा। 10. ट्रेड प्रमोशन नीति: व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ाने और विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए योजना। 11. सेमीकंडक्टर पॉलिसी: टेक्नोलॉजी हार्डवेयर निवेश के लिए नई सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग नीति तैयार की जाएगी। 12. ड्रोन और एयरो स्पेस पॉलिसी: एयरोस्पेस उद्योगों में निवेश को नई दिशा देने। राज्य में हार्ड-कोर मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस हब स्थापित करने पर फोकस।  

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दंपति ने प्रकाश उत्सव पर गुरुग्रंथ साहिब के आगे झुकाया शीश

रांची मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज यानी गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के मौके पर पीपी कंपाउंड स्थित गुरु नानक स्कूल में 556वें “प्रकाश उत्सव” में शामिल हुए। इस दौरान उनकी पत्नी कल्पना सोरेन भी मौजूद रही। मुख्यमंत्री ने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेका और झारखंड वासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव जी के विचार समाज को एक सूत्र में बांधने का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि यह दिन सिख समाज ही नहीं, पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है। प्रकाश उत्सव में शामिल होकर मुझे हर बार अपार हर्ष की अनुभूति होती है। यह आयोजन सामाजिक एकता और सद्भाव का प्रतीक है। सीएम हेमंत ने कहा कि गुरु नानक देव जी सिर्फ सिख समाज के लिए ही नहीं, बल्कि समूचे मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनकी दूरदर्शी सोच और मानवीय दृष्टिकोण आज भी मार्गदर्शन देता है। उनके बताए रास्तों और आदर्शों पर चलकर ही एक सशक्त और समरस समाज का निर्माण संभव है।