samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री साय का बच्चों से आह्वान, मन लगाकर पढ़ें; शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी कुंजी

मुख्यमंत्री साय ने बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने का किया आह्वान : शिक्षा को बताया उज्ज्वल भविष्य और सफलता का आधार नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर प्रदेश के विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर प्रदेश के विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें पूरी लगन और उत्साह के साथ पढ़ाई करने का संदेश दिया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि आप सभी बच्चों के सपनों को आकार देने और उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने का माध्यम है। उन्होंने बच्चों से पूरे आत्मविश्वास, अनुशासन और उत्साह के साथ नियमित रूप से विद्यालय जाने तथा मन लगाकर पढ़ाई करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का परिश्रम और शिक्षा ही आने वाले समय में बच्चों की सफलता का आधार बनेगी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर आगे बढ़ने तथा ज्ञान, संस्कार और व्यक्तित्व विकास के माध्यम से प्रदेश और देश के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के बच्चे अपनी प्रतिभा, मेहनत और संकल्प के बल पर भविष्य में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे तथा प्रदेश का नाम गौरवान्वित करेंगे। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के सफल, उज्ज्वल और प्रेरणादायी भविष्य की कामना की।

नशे के खिलाफ निर्णायक जंग, DGP कैलाश मकवाणा ने रखा ड्रग फ्री MP का विजन

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस ने अगले तीन वर्षों में प्रदेश को "ड्रग फ्री मध्यप्रदेश" बनाने का बड़ा लक्ष्य तय किया है। इस दिशा में 15 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान चलाया जाएगा। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाणा ने पुलिस मुख्यालय भोपाल में आयोजित दो दिवसीय जोनल अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक एवं विशेष सशस्त्र बल (विसबल) जोनों की त्रैमासिक समीक्षा बैठक में अपराध नियंत्रण, न्यायालयीन प्रकरणों, पुलिस आधुनिकीकरण, मानव संसाधन प्रबंधन और प्रशासनिक सुधारों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सुशासन, जवाबदेही और प्रभावी पुलिसिंग के निर्देश दिए।  AI आधारित 1 लाख कैमरों का नेटवर्क बनेगा डीजीपी मकवाणा ने सेफगार्ड योजना के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित लगभग एक लाख सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क विकसित करने के निर्देश दिए। यह नेटवर्क कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही नवगठित जिलों मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा में सीसीटीवी नेटवर्क विस्तार को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।  स्कूल-कॉलेजों के आसपास बनेंगे ड्रग फ्री जोन बैठक में निर्णय लिया गया कि शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे को चरणबद्ध तरीके से "ड्रग फ्री जोन" बनाया जाएगा। एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई, ड्रग हॉटस्पॉट क्षेत्रों की निगरानी और जन-जागरूकता अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।  लंबित न्यायालयीन मामलों के शीघ्र निराकरण पर जोर डीजीपी ने उच्च न्यायालय सहित विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों, अवमानना याचिकाओं, सेवा संबंधी विवादों और रिट याचिकाओं की नियमित समीक्षा कर समय-सीमा में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में सभी कार्यालयीन कार्यों में ई-ऑफिस प्रणाली के शत-प्रतिशत उपयोग पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिकतम डिजिटल बनाया जाए और स्थानांतरित अधिकारियों-कर्मचारियों को समयबद्ध तरीके से भारमुक्त किया जाए।  उत्कृष्ट पुलिसकर्मियों को मिलेगा सम्मान डीजीपी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पुरस्कृत करने तथा उनके नाम राज्य और राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कारों, विशेष रूप से के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार के लिए प्रस्तावित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्यों को पहचान मिलना पुलिस बल के मनोबल और कार्य संस्कृति के लिए आवश्यक है। बैठक में बताया गया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत पिछले छह महीनों में की गई कार्रवाई के दौरान 10 महत्वपूर्ण मामलों में लगभग 53 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति फ्रीज की गई है। इसके अलावा मादक पदार्थों के विनिष्टीकरण, चिन्हित अपराधियों पर कार्रवाई और बॉर्डर मीटिंग्स की समीक्षा भी की गई। पुलिस कर्मियों के स्वास्थ्य पर विशेष फोकस डीजीपी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य संबंधी मामलों के त्वरित निराकरण के लिए जिला पुलिस अधीक्षक हर माह सिविल सर्जन के साथ बैठक करें। इसके लिए नोडल अधिकारी नियुक्त कर अस्पतालों के साथ एमओयू किए जाएंगे। 

रामकथा की अमूल्य धरोहर को एक छत के नीचे लाने की पहल, दुर्लभ पांडुलिपियों पर काम शुरू

 अयोध्या  सनातन संस्कृति की अमर गाथा रामकथा अब केवल भारत की भूमि तक सीमित नहीं रही। वह सदियों पहले ही देश की सीमाओं को लांघकर संसार के कोने-कोने में पहुंच चुकी थी और विभिन्न भाषाओं, लिपियों और संस्कृतियों में अपनी अमिट छाप छोड़ चुकी थी। अब उन्हीं बिखरी हुई अमूल्य धरोहरों को एक छत के नीचे लाने का ऐतिहासिक संकल्प लिया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के दूसरे तल पर स्थित राम नाम मंदिर में देश और विदेश में उपलब्ध रामायण की दुर्लभ पांडुलिपियों को संरक्षित कराने तथा उनके डिजिटल संस्करण से आम श्रद्धालुओं को परिचित कराने की एक ऐतिहासिक योजना पर कार्य आरंभ कर दिया है। इस योजना के अंतर्गत फिलहाल तीन ऐसी दुर्लभ पांडुलिपियों की खोज प्रारंभ हुई है जो न केवल धार्मिक बल्कि भाषाई, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इनमें तमिलनाडु के तंजावुर में संरक्षित एक ऐसी विलक्षण संस्कृत पांडुलिपि है जिसके श्लोकों को एक दिशा में पढ़ने पर रामकथा और विपरीत दिशा में पढ़ने पर कृष्णकथा प्रकट होती है। इसके अलावा मुगलकाल में फारसी भाषा में रची गई रामायण की पांडुलिपि और विलुप्त होने के कगार पर खड़ी ताई जनजाति के पास संरक्षित ताई भाषा की रामायण की मूल प्रति को भी प्राप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। यह पहल इस बात का प्रमाण है कि राम केवल एक आस्था नहीं, वे एक वैश्विक सांस्कृतिक चेतना हैं। इस महत्वाकांक्षी योजना का कार्यान्वयन इस महत्वाकांक्षी योजना को मूर्त रूप देने के लिए अवकाश प्राप्त आईएएस अधिकारी एवं प्रधानमंत्री कार्यालय के सलाहकार नृपेन्द्र मिश्र की अध्यक्षता में पांडुलिपि विशेषज्ञों की एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी की प्रथम बैठक में विशेषज्ञों की सम्मति के अनुरूप दो अलग-अलग श्रेणियों की पांडुलिपियों को प्राप्त करने का निर्णय लिया गया है। पहली श्रेणी में अत्यंत दुर्लभ पांडुलिपियां सम्मिलित होंगी जबकि दूसरी श्रेणी में शोध की दृष्टि से महत्वपूर्ण रामायण की अन्य पांडुलिपियां रखी जाएंगी। इस दिशा में अभी से दुर्लभ श्रेणी की तीन अलग-अलग पांडुलिपियों की खोज प्रारंभ हो चुकी है। तेलुगू भाषा की चित्र बंध रामायण काव्य और चित्रकला का अनूठा संगम है तेलुगू भाषा की चित्र बंध रामायण। तमिलनाडु के तंजावुर में स्थित विश्वप्रसिद्ध सरस्वती महल पुस्तकालय में चित्र बंध रामायण की पांडुलिपि के चतुर्थ सर्ग तक के ही अंश उपलब्ध हैं। पांचवें सर्ग के उपरांत की शेष रचना अभी तक अप्राप्त है जो इस कृति की खोज को और भी रोमांचक और आवश्यक बनाती है। इसके रचनाकार के संदर्भ में निश्चित जानकारी का अभाव है परंतु विद्वानों की मान्यता है कि 16वीं शताब्दी में कवि यज्ञराज ने ताड़ पत्र पर यह अनुपम रचना की थी। यह कृति काव्य और चित्रकला का ऐसा दुर्लभ संगम है जो भारतीय साहित्य की अद्वितीय परंपरा का प्रतिनिधित्व करती है। चित्र बंध रामायण का विलक्षण तकनीकी पक्ष यह कृति मुख्यतः संस्कृत भाषा में रचित है जिसमें रामायण की कथा को विभिन्न चित्र बंधों के माध्यम से अत्यंत कलात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। इसमें कवि ने शब्दों को इस प्रकार व्यवस्थित किया है कि वे कमल, रथ, धनुष अथवा तलवार जैसी सुंदर आकृतियां बनाते हैं। काव्य और दृश्य कला के इस संयोजन को देखकर आज भी विद्वान और कलाप्रेमी विस्मित हो जाते हैं। इस दुर्लभ चित्र बंध रामायण का सर्वाधिक विलक्षण तकनीकी पक्ष इसका अनुलोम-विलोम काव्य है। इस पांडुलिपि के 30 श्लोक इस प्रकार अद्भुत रूप से रचे गए हैं कि उन्हें बाएं से दाएं अर्थात अनुलोम पढ़ने पर रामायण की कथा प्रकट होती है और दाएं से बाएं अर्थात विलोम पढ़ने पर श्रीकृष्ण की कथा उभरती है। इस प्रकार इसमें कुल 60 श्लोक हैं जिनमें 30 मुख्य और 30 उनके प्रतिलोम हैं। उदाहरण के रूप में एक श्लोक श्रीराम के अयोध्या लौटने की भव्य कथा सुनाता है तो उसी श्लोक को उल्टा पढ़ने पर वह श्रीकृष्ण की मनोहर स्तुति बन जाता है। यह प्राचीन पांडुलिपियों की उस गौरवशाली विधा का हिस्सा है जिसे तंजावुर के मराठा राजा सेरफोजी द्वितीय ने अपने शासनकाल 1798 से 1832 के मध्य संरक्षित कराया था। ताड़ के पत्तों पर लिखित इस पांडुलिपि का संग्रह भाषा और साहित्य के क्षेत्र में अपनी तरह का एकमात्र उदाहरण है। फारसी में रामायण की रचना 15वीं शताब्दी में अब्दुल कादिर बदायूंनी ने भी फारसी में की रामायण की रचना। राम मंदिर के दूसरे तल पर दुर्लभतम पांडुलिपियों को स्थान देने के निर्णय के परिप्रेक्ष्य में एक ऐसी अत्यंत महत्वपूर्ण पांडुलिपि की सूचना प्राप्त हुई है जिसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अनूठा एवं बेजोड़ ग्रंथ माना जा सकता है। ज्ञानपीठ पुरस्कार से अलंकृत आचार्य सत्यव्रत शास्त्री ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को यह बहुमूल्य जानकारी प्रदान की कि यदि भाषाई प्रतिबद्धता से ऊपर उठकर देखा जाए तो इस पांडुलिपि को निस्संदेह दुर्लभतम श्रेणी में रखा जाना चाहिए। आचार्य शास्त्री के अनुसार इस ऐतिहासिक पांडुलिपि की रचना मुगल सम्राट अकबर के शासनकाल में सन 1584 से 1588 ईस्वी के मध्य हुई थी और इसके रचनाकार अब्दुल कादिर बदायूंनी थे। यह तथ्य अपने आप में इस बात का प्रमाण है कि रामकथा की व्यापकता और प्रभाव किसी एक भाषा, धर्म अथवा समुदाय की सीमाओं में कभी नहीं बंधा। यह भी बताया गया कि तत्कालीन राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बदायूंनी ने इस अमूल्य पांडुलिपि के संरक्षण के लिए इसे जयपुर नरेश को सुपुर्द कर दिया था। जयपुर नरेश इस पांडुलिपि के प्रति इतने संवेदनशील और समर्पित थे कि उन्होंने घोषणा की थी कि यदि विकट परिस्थितियों में उन्हें राजमहल छोड़कर जाना पड़ा तो वे इस पांडुलिपि को अपने साथ लेकर ही जाएंगे। आचार्य शास्त्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने पूर्व में सरकारी स्तर पर इस पांडुलिपि के संरक्षण के लिए प्रयास किए थे परंतु प्रशासनिक उदासीनता के कारण वह प्रयास सफल नहीं हो सका। इसीलिए उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से इस दिशा में पहल करने का आग्रह किया है जो एक राष्ट्रीय दायित्व भी है। ताई भाषा की रामायण की पांडुलिपि ताई भाषा में रचित रामायण की पांडुलिपि का पुनर्लेखन कराएगा ट्रस्ट। असम से म्यांमार होते हुए चीन के सीमांत क्षेत्रों में निवास करने वाली ताई जनजाति आज विलुप्त होने के कगार पर खड़ी है। इस … Read more

प्री-मानसून की दस्तक: राजस्थान के कई हिस्सों में तेज हवाएं और बारिश, तापमान में बड़ी गिरावट

जयपुर प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर लगातार जारी है. बरसात के बीच लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है. राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं और रविवार (15 जून) दोपहर बाद कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली. जयपुर, चित्तौड़गढ़ समेत कई क्षेत्रों में तेज आंधी के बाद बारिश हुई. कुछ जगहों पर करीब एक इंच तक वर्षा दर्ज की गई. जयपुर, अलवर, दौसा और टोंक में बारिश से पहले तेज हवाएं चलीं. फलोदी राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री दर्ज किया गया. पश्चिमी राजस्थान में राहत नहीं मौसम में आए इस बदलाव से पूर्वी राजस्थान के साथ-साथ पश्चिमी जिलों में भी भीषण गर्मी से राहत मिली है. पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों को छोड़कर राज्य के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है. सोमवार (15 जून) के लिए 15 जिलों में आंधी और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. अलवर-दौसा समेत इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट ऑरेंज अलर्ट के तहत श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर, दौसा और भरतपुर शामिल हैं, जबकि येलो अलर्ट में सीकर, झुंझुनूं, जयपुर, करौली, धौलपुर, सवाई माधोपुर, टोंक, कोटा, बारां और झालावाड़ जिले हैं. राजधानी जयपुर में भी रविवार दोपहर तक मौसम साफ और धूप हल्की रही, लेकिन दोपहर बाद अचानक घने बादल छा गए. शाम होते-होते तेज आंधी चली और कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे उमस भरी गर्मी से राहत मिली. 10 दिन बाद मानसून की एंट्री होगी प्रदेश में 24 से 25 जून के बीच मानसून की एंट्री की संभावना है. इससे पहले, लगातार  बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नम हवाओं के कारण प्रदेश में आंधी-बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं. हालांकि, विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बार मानसून के दौरान बारिश थोड़ी कम होने की संभावना है. इससे पहले 17 जून तक आंधी-बारिश जारी रहने की संभावना है.

लू के चलते बड़ा फैसला: पटना में 6 से 8वीं तक की कक्षाएं अब सुबह 10:30 बजे तक ही चलेंगी

पटना राजधानी पटना समेत बिहार के कई जिलों में भीषण गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है। सूरज की तपिश ने अब बच्चों की पढ़ाई में भी खलल डाल दी है। पटना में 5वीं कक्षा तक के स्कूल बंद रखने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। पटना डीएम की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक, पटना में 5वीं तक के स्कूल 20 जून तक बंद रहेंगे। इसके अलावा छठी क्लास से लेकर आठवीं क्लास तक के क्लास की टाइमिंग को लेकर भी बदलाव किए गए हैं। पटना डीएम की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक, 6 से 8 तक की क्लासें अब सुबह साढ़े दस बजे तक ही चलेंगी। पटना डीएम का आदेश सभी निजी और सरकार स्कूलों के अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी लागू होगा। पटना में सूरज के प्रकोप और बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए यह एहतियातन कदम उठाया गया है। बता दें कि तेज गर्मी की वजह से स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को स्कूल से लौटते वक्त गर्मी का सामना करना पड़ रहा था। आदेश में क्या कहा गया पटना जिला प्रशासन की तरफ से साफ किया गया है कि अगर किसी स्कूल ने इन आदेशों का उल्लंघन किया तो स्कूल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी। यह कदम पटना में लू के प्रकोप को देखते हुए उठाया गयाा है। डीएम की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है, 'जिले में रह रहे अधिक तापमान, विशेष रूप से दोपहर के समय पड़ रही भीषण गर्मी के कारण बच्चों के स्वास्थ्य और जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। मैं त्यागराजन एस.एम., जिला दण्डाधिकारी, पटना भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा – 163 के तहत जिले के सभी निजी / सरकारी विद्यालयों (प्री-स्कूल सहित) में क्लास 5 तक के कक्षाओं की शैक्षणिक गतिविधियों पर दिनांक 20.06.2026 तक पूर्णरूपेण और क्लास 6 से 8 तक के कक्षाओं की शैक्षणिक गतिविधियों पर सुबह 10:30 बजे के बाद प्रतिबंध लगाता हूं। विद्यालय प्रबंधन को निदेश दिया जाता है कि वे उल्लिखित आदेश के अनुरूप शैक्षणिक गतिविधियों को पुनर्निर्धारित करेंगे।' बता दें कि राजधानी पटना में भीषण गर्मी पड़ रही है। पटना में 15 जून को तापमान 38 डिग्री तक पहुंच गया और आने वाले दिनों में यानी 17 और 18 जून को यहां अधिकतम तापमान के 40 डिग्री सेल्सियस पार कर जाने का पूर्वानुमान जताया गया है।

रेलवे का बड़ा सुरक्षा अभियान, 7500 स्टेशनों पर फायर सेफ्टी जांच; नई पॉलिसी भी होगी तैयार

मेदिनी नगर/पलामू. यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूर्व मध्य रेलवे के 800 सहित देश के 7500 रेलवे स्टेशनों की फायर सेफ्टी ऑडिट कराने का निर्णय लिया गया है। इसमें डालटनगंज रेलवे स्टेशन भी शामिल है। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में सभी जोन के महाप्रबंधकों को पत्र भेजा है। इस ऑडिट का उद्देश्य स्टेशनों पर मौजूद अग्नि सुरक्षा इंतजामों की गहन जांच करना है, ताकि कमियों की पहचान कर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें और यात्रियों व रेलवे संपत्तियों को आगजनी जैसी घटनाओं से बचाया जा सके। रेलवे का मानना है कि बढ़ती यात्री संख्या और स्टेशनों पर बढ़ रही व्यावसायिक गतिविधियों के बीच अग्नि सुरक्षा तैयारियों को और मजबूत करने की आवश्यकता है। इसी दिशा में रेलवे एक प्रभावी पॉलिसी तैयार करने की योजना पर भी काम कर रहा है, जो ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर लागू की जाएगी। सुरक्षा उपकरणों और व्यवस्थाओं की होगी विस्तृत जांच ऑडिट के दौरान स्टेशन भवनों की संरचना, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, एसी व वेंटिलेशन सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट, फायर फाइटिंग सिस्टम, पानी की उपलब्धता, पंपिंग व्यवस्था और स्प्रिंकलर सिस्टम सहित सभी महत्वपूर्ण सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। टीम यह भी सुनिश्चित करेगी कि स्टेशनों पर फायर सेफ्टी नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। कमियां मिलने पर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा। स्टेशनों पर मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण जारी रेलवे लगातार स्टेशनों पर आधुनिक सुरक्षा उपकरण लगाने के साथ-साथ मॉक ड्रिल और कर्मचारियों को फायर सेफ्टी प्रशिक्षण दे रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस ऑडिट के बाद देशभर के स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी, जिससे यात्री अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे। संयुक्त टीम करेगी ऑडिट ऑडिट की जिम्मेदारी सिविल, इलेक्ट्रिकल, सिग्नल और सुरक्षा विभागों की संयुक्त टीमों को सौंपी गई है। इसके अलावा विशेषज्ञ एजेंसियों और राज्य अग्निशमन विभाग की भी सहायता ली जाएगी, ताकि तकनीकी खामियों की सटीक पहचान की जा सके।

सीवान में विकास की बड़ी सौगात, 44 योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास करेंगे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

पटना बिहार के मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार 16 जून को सम्राट चौधरी सीवान पहुंचेंगे. सीवान में जिलेवासियों को विकास की बड़ी सौगात देंगे. मुख्यमंत्री अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान 415 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 44 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. उनके आगमन को लेकर प्रशासनिक महकमे से लेकर राजनीतिक गलियारों तक उत्साह और हलचल तेज हो गई है. पहली बार सीवान दौरे पर आ रहे मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 16 जून को पचरुखी प्रखंड के पपौर पंचायत पहुंचेंगे. मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला सीवान दौरा होगा, जिसे लेकर जिले में विशेष तैयारियां की जा रही हैं. प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक सभी कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हैं. 415 करोड़ की 44 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे मुख्यमंत्री जिला प्रशासन के अनुसार मुख्यमंत्री 178.38 करोड़ रुपये की 18 नई योजनाओं का शिलान्यास करेंगे, जबकि 236.80 करोड़ रुपये की 26 योजनाओं का उद्घाटन करेंगे. इस प्रकार कुल 415.18 करोड़ रुपये की 44 योजनाओं की सौगात सीवान को मिलने जा रही है. जनसभा से पहले 20 विभागों के स्टॉल का करेंगे निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी निरीक्षण करेंगे. इन स्टॉलों के माध्यम से सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाई जाएगी. इन विभागों की योजनाओं पर रहेगी मुख्यमंत्री की नजर मुख्यमंत्री जिन विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण करेंगे उनमें जीविका, स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, पंचायती राज विभाग, शिक्षा विभाग, ऊर्जा विभाग, परिवहन विभाग, समाज कल्याण विभाग, उद्योग केंद्र, खेल विभाग, वन विभाग, सहकारिता विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग सहित कुल 20 विभाग शामिल हैं. ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ सहयोग शिविर में भी होंगे शामिल पपौर पंचायत में आयोजित विशेष सहयोग शिविर में मुख्यमंत्री शिरकत करेंगे. इस शिविर का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करना है. यहां विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर ही लोगों की शिकायतों और समस्याओं का निपटारा करेंगे. जनसभा को करेंगे संबोधित, विकास योजनाओं का बताएंगे रोडमैप सहयोग शिविर के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे. माना जा रहा है कि इस दौरान वे राज्य सरकार की उपलब्धियों, आगामी योजनाओं और विकास के रोडमैप को जनता के सामने रखेंगे. पपौर पंचायत बना वीवीआईपी जोन, लगातार पहुंच रहे बड़े अधिकारी मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पचरुखी के पपौर पंचायत में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. पटना से लेकर जिला स्तर तक के वरिष्ठ अधिकारी लगातार कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं. राजनीतिक दलों के नेता भी तैयारियों का जायजा लेने पहुंच रहे हैं. क्या है ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ अभियान? राज्य सरकार के सात निश्चय-3 कार्यक्रम के तहत ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ अभियान शुरू किया गया है. इसके अंतर्गत हर महीने के प्रथम और तृतीय मंगलवार को पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर आयोजित कर आम लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि 415 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास जिले के बुनियादी ढांचे, रोजगार, ग्रामीण विकास और जनसेवाओं को नई गति देगा. मुख्यमंत्री का यह दौरा सीवान के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

मजीठा केस में बिक्रम मजीठिया को बेल, कोर्ट के फैसले से मिली राहत

अमृतसर. शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता एवं पंजाब की पूर्व अकाली-भाजपा सरकार में मंत्री रहे बिक्रम सिंह मजीठिया को मजीठा थाना विवाद मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोनिका शर्मा की अदालत ने बिक्रम सिंह मजीठिया, उनके साथी जोध सिंह समरा और जतिंदर पाल सिंह की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। इस मामले में इससे पहले अधिवक्ता बिक्रम सिंह बाठ को जांच के बाद निर्दोष पाते हुए रिहा किया जा चुका है। बिक्रम सिंह बाठ पेशे से वकील हैं और वह अपने मुवक्किल जोबनप्रीत सिंह के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की प्रति हासिल करने के लिए थाना मजीठा पहुंचे थे। बाद में उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था, जिसके विरोध में अमृतसर बार एसोसिएशन के वकीलों ने प्रदर्शन किया था। वकीलों के विरोध और मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से विशेष जांच दल का गठन किया गया था। जांच के बाद अधिवक्ता बिक्रम सिंह बाठ को निर्दोष माना गया और उनके खिलाफ कार्रवाई समाप्त कर दी गई। नगर निगम चुनाव के दौरान हुआ था विवाद मामले की पृष्ठभूमि नगर निगम चुनाव की मतगणना से जुड़ी बताई जा रही है। आरोप है कि चुनाव के दौरान अकाली समर्थक जोबनप्रीत सिंह को पुलिस ने हिरासत में लिया था। अकाली दल के नेताओं का दावा था कि हिरासत की जानकारी परिवार को नहीं दी गई। इसी मुद्दे को लेकर बिक्रम सिंह मजीठिया अपने समर्थकों के साथ थाना मजीठा पहुंचे और पुलिस कार्रवाई के विरोध में धरना दिया। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान मजीठिया और उनके समर्थक थाने के भीतर पहुंच गए थे। पुलिस ने आरोप लगाया था कि उन्होंने हिरासत में मौजूद अपने समर्थक को छुड़ाने का प्रयास किया। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि एक सब इंस्पेक्टर का मोबाइल फोन छीन लिया गया और थाने के कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों को नुकसान पहुंचाया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद लिया गया फैसला हालांकि बचाव पक्ष ने पुलिस के आरोपों को चुनौती दी थी और मामले में कई कानूनी व तथ्यात्मक सवाल उठाए गए थे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत याचिका स्वीकार कर ली। फिलहाल अदालत से जमानत मिलने के बाद मजीठिया और उनके साथियों को राहत मिली है, लेकिन मामले की सुनवाई और जांच प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। इस मामले पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है क्योंकि यह पंजाब की राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है।

बिलासपुर बुल्स का शानदार जलवा, रायगढ़ लायंस को मात देकर जीता CCPL सीजन-3 का खिताब

रायपुर. छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग (CCPL) सीजन-3 का फाइनल मुकाबला रविवार को नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया, जिसमें बिलासपुर बुल्स (Bilaspur Bulls) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रायगढ़ लायंस (Raigarh Lions) को 7 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। पहले गेंदबाजी और फिर दमदार बल्लेबाजी के दम पर बिलासपुर ने मैच पर पूरी तरह पकड़ बनाई और नया चैंपियन बनकर इतिहास रच दिया। बिलासपुर बुल्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए रायगढ़ लायंस ने निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 160 रन बनाए। रायगढ़ लायंस की ओर से नयन राजकुमार चौहान ने 41 रन, संगीत सोनी ने 32 रन और दीपक यादव ने नाबाद 22 रनों की पारी खेली। वहीं अन्य बल्लेबाज बड़ा स्कोर बनाने में नाकाम रहे। भारत गोंडवानी ने झटके 3 विकेट बिलासपुर बुल्स की ओर से गेंदबाजी में बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिला। भारत गोंडवानी ने 3 विकेट झटके। वहीं वरुण सिंह भूई और मोहित राउत ने 2-2 विकेट हासिल किए। बिलासपुर बुल्स की बल्लेबाजी लक्ष्य का पीछा करने उतरी बिलासपुर बुल्स की शुरुआत मजबूत रही। टीम ने 16.3 ओवर में 3 विकेट खोकर 164 रन बनाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। बल्लेबाजी में वीकल्प तिवारी ने नाबाद 39 रन, पवन परनाटे ने 39 रन और प्रतेक यादव ने मात्र 13 गेंदों में 30 रनों की धमाकेदार पारी खेली। रायगढ़ लायंस के गेंदबाजों ने कोशिश जरूर की, लेकिन वे बिलासपुर के बल्लेबाजों को रोकने में नाकाम रहे। प्रवीण कुमार यादव ने 1 विकेट लिया, जबकि अन्य गेंदबाज महंगे साबित हुए। भारत गोंडवानी बने प्लेयर ऑफ द मैच इस शानदार प्रदर्शन के लिए भारत गोंडवानी को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने गेंदबाजी में 3 अहम विकेट लेकर टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दिलचस्प रहा है टूर्नामेंट का इतिहास सीसीपीएल का इतिहास भी काफी रोचक रहा है। वर्ष 2024 में खेले गए पहले सीजन के फाइनल मुकाबले में रायपुर राइनोज ने बिलासपुर बुल्स को आठ विकेट से हराकर खिताब अपने नाम किया था। वहीं पिछले सीजन में बारिश के कारण फाइनल मुकाबला आयोजित नहीं हो सका था। इसके चलते रायपुर राइनोज और राजनांदगांव पैंथर्स को संयुक्त विजेता घोषित किया गया था। अब तीसरे सीजन (2026) में फिर नया चैंपियन सामने आया है। नवा रायपुर में खेले गए फाइनल मुकाबले में बिलासपुर बुल्स ने रायगढ़ लायंस को 7 विकेट से हराकर पहली बार CCPL का खिताब जीत लिया है। इस जीत के साथ बिलासपुर बुल्स ने पहले सीजन की हार का बदला भी पूरा कर लिया और नया इतिहास रच दिया।

कचरे के पहाड़ से स्वच्छता की ओर भोपाल, आदमपुर खंती में 54 दिन में बड़ा बदलाव; जानिए पूरा प्लान

भोपाल राजधानी भोपाल को सालों पुराने बदबूदार कचरे के पहाड़ से मुक्ति मिलने का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। आदमपुर खंती में वर्षों से जमा 'लिगेसी वेस्ट' (पुराने कचरे) का नामोनिशान मिटाने के लिए नगर निगम का महा-अभियान फुल स्पीड में चल रहा है। महज 54 दिनों के भीतर हाईटेक मशीनों ने 92 हजार टन (करीब 14 प्रतिशत) कचरे को प्रोसेस कर पूरी तरह खत्म कर दिया है। हालांकि, इस बड़ी कामयाबी के बीच एक वैश्विक संकट ने भोपाल के इस ड्रीम प्रोजेक्ट की रफ्तार पर थोड़ा ब्रेक लगा दिया है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण कचरे से कोयला बनाने वाले देश के दूसरे सबसे बड़े प्लांट के कुछ अहम पुर्जे (पार्स) अटक गए हैं। लेगेसी वेस्ट की प्रोसेसिंग का काम 22 अप्रैल से शुरू किया गया था। इसके लिए दो हाईटेक मशीनें दिन-रात काम कर रही हैं। बज्र-250 मशीन हर घंटे 250 टन और बज्र-300 मशीन हर घंटे 300 टन कचरा प्रोसेस कर रही है। दूसरी मशीन ने 6 मई से काम शुरू किया था। पूरी साइट को 330 दिनों के भीतर साफ करना अनिवार्य है। इसमें बारिश के सीजन को भी वर्किंग डेज में शामिल किया गया है। 330 दिन में पूरी साइट साफ करने की शर्त…     पूरे 6 लाख टन से ज्यादा लेगेसी वेस्ट का निष्पादन 330 दिनों में करना होगा।     बारिश के सीजन को भी वर्किंग डेज में शामिल किया गया है।     तय समय में काम पूरा नहीं होने पर कंपनी पर जुर्माना लगेगा।     कचरा निष्पादन, साइट सुरक्षा, आग रोकथाम और धुआं नियंत्रण की जिम्मेदारी कंपनी की होगी।     खंती में आग लगने या नियंत्रण नहीं होने पर 10 लाख रुपए प्रतिदिन की पेनल्टी तय है। ईरान-अमेरिकी तनाव से अटका कचरे से कोयला बनाने वाला प्लांट भोपाल में सूखे कचरे से कोयला (टोरीफाइड चारकोल) बनाने का काम भी शुरू हो गया है। आदमपुर खंती में लगे इस प्लांट के ट्रायल में 20 टन कचरे से सफलतापूर्वक कोयला बनाया जा चुका है। नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (एनटीपीसी) की टीम ने प्लांट के कचरा सेग्रीगेशन (छंटाई) की तारीफ करते हुए ओके रिपोर्ट दे दी है। इस कोयले का उपयोग बिजली संयंत्रों में होगा। यह देश का दूसरा टोरीफाइड चारकोल प्लांट है। हालांकि, ईरान-अमेरिकी युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय तनाव की वजह से प्लांट के कुछ अहम पुर्जे (पार्ट्स) नहीं आ पा रहे हैं। इस कारण प्लांट को पूरी क्षमता के साथ शुरू करने का मामला अटका हुआ है। हर घंटे 550 टन कचरे का खात्मा; दिन-रात चल रही हैं दो 'दानवाकार' मशीनें आदमपुर खंती में कुल 6 लाख टन से ज्यादा पुराना कचरा जमा है। इसे खत्म करने के लिए नगर निगम ने कंपनी को 330 दिनों की सख्त समय-सीमा दी है। कचरा निष्पादन का यह काम 22 अप्रैल से शुरू हुआ था, जिसमें दो अत्याधुनिक मशीनें दिन-रात जुटी हैं: बज़-250 मशीन: यह मशीन हर घंटे 250 टन कचरे को प्रोसेस कर रही है (22 अप्रैल से चालू)। बज़-300 मशीन: इस दूसरी बड़ी मशीन ने 6 मई से काम शुरू किया, जो हर घंटे 300 टन कचरा साफ करती है। नो वेकेशन इन मानसून: इस बार मानसून और बारिश के सीजन को भी 'वर्किंग डेज' में शामिल किया गया है, यानी बारिश में भी काम नहीं रुकेगा। 330 दिन में साइट साफ करने की शर्तें… नहीं तो ₹10 लाख प्रतिदिन का जुर्माना नगर निगम ने इस प्रोजेक्ट के लिए कंपनी के सामने बेहद कड़े नियम और पेनाल्टी की शर्तें रखी हैं। – तय समय (330 दिन) में काम पूरा नहीं होने पर कंपनी पर भारी जुर्माना लगेगा। – कचरा निष्पादन, साइट की सुरक्षा, आग की रोकथाम और धुएं पर नियंत्रण की पूरी जिम्मेदारी कंपनी की होगी। – खंती में आग लगने या उस पर तुरंत नियंत्रण नहीं होने की स्थिति में कंपनी पर 10 लाख रुपये प्रतिदिन की पेनाल्टी (जुर्माना) तय की गई है। कचरे से बनेगा कोयला, लेकिन इंटरनेशनल टेंशन से अटका फुल-ऑपरेशन कचरे के पहाड़ को खत्म करने के साथ ही भोपाल में सूखे कचरे से कोयला (टोरीफाइड चारकोल) बनाने का काम भी शुरू हो चुका है। आदमपुर खंती में लगे इस विशेष प्लांट के ट्रायल रन में 20 टन कचरे से सफलतापूर्वक कोयला बनाया जा चुका है। देश के इस दूसरे टोरीफाइड चारकोल प्लांट की नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (NTPC) की टीम ने भी जांच की है और कचरा सेग्रीगेशन (छंटाई) की तारीफ करते हुए अपनी 'ओके रिपोर्ट' दे दी है। इस कोयले का उपयोग देश के बड़े बिजली संयंत्रों में ईंधन के रूप में होगा। पुर्जों का इंतजार: यह प्लांट भोपाल के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है, लेकिन ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण पैदा हुए अंतरराष्ट्रीय तनाव की वजह से इस प्लांट के कुछ बेहद अहम टेक्निकल पार्ट्स (पुर्जे) भारत नहीं आ पा रहे हैं। यही वजह है कि कोयला बनाने का यह प्लांट अभी तक अपनी पूरी क्षमता के साथ शुरू नहीं हो पाया है।