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‘सबके लिए रोशनी, सबके लिए प्रगति’ – डॉ. यादव ने बताया राज्य सरकार का विज़न

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि समाधान योजना से प्रदेश के 90 लाख से अधिक नागरिकों को लाभ होगा। यह योजना उन उपभोक्ताओं के लिए राहत का द्वार खोल रही है, जो किसी कारणवश समय पर अपने बिजली बिल नहीं भर पाए। इस योजना में तीन माह या उससे अधिक समय से बिल बकाया रखने वाले घरेलू, गैर घरेलू ,कृषि तथा औद्योगिक उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत तक सरचार्ज में छूट प्रदान की जाएगी। योजना से बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलने के साथ ही राज्य की बिजली व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। इस कदम से जनता का भरोसा और शासन की पारदर्शिता एक साथ बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिमोट का बटन दबाकर समाधान योजना की शुरूआत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पॉवर मैनेजमेंट कंपनी का नया भवन, कंपनियों के प्रबंधन और कार्य क्षमता में वृद्धि में सहायक होगा। नए भवन से ऊर्जा प्रबंधन और जन सामान्य से बेहतर समन्वय में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समाधान योजना के शुभारंभ और एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के भवन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की ऑल राउंडर महिला क्रिकेट खिलाड़ी क्रांति गौड़ को एक करोड़ रुपए प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को एमपी पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण कर दें संवेदनशीलता का परिचय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "समाधान योजना' 2025-26" से प्रदेश के 90 लाख उपभोक्ताओं का 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक बिजली बिल पर सरचार्ज माफ किया जा रहा है। समाधान योजना में 3 माह तक का सरचार्ज रखने वाले उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत सरचार्ज छूट का लाभ मिलेगा। ऊर्जा विभाग के सोमवार को लोकार्पित भव्य भवन से विभाग में कार्यरत तीनों कंपनियों के संचालन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह नया भवन ऊर्जा प्रबंधन, तकनीकी नवाचार और जनसेवा का केन्द्र बनेगा। किसानों को सिंचाई के लिए निर्बाध 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए सरकार संकल्पित है। आशा है विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधियों से सतत् संवाद और आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण से अपनी संवेदनशीलता का परिचय देंगे। वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत नवकरणीय स्त्रोतों से पूर्ण करने का है हमारा लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार "सबके लिए रोशनी-सबके लिए प्रगति'' का ध्येय लेकर प्रदेश में गतिविधियां संचालित कर रही है। खेत हो या कारखाने, शहर हो या गांव हर घर में रोशनी इसका प्रमाण है। ऊर्जा विभाग से वर्ष 2024-25 में लगभग 35 लाख से अधिक किसानों को 18 हजार करोड़ रूपए से अधिक की बिजली सब्सिडी दी गई। राज्य सरकार ने विभिन्न नीतिगत निर्णयों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा और सतत् विकास को प्राथमिकता दी। इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी, रिन्यूबल एनर्जी पॉलिसी 2025 और पंप हाइड्रो पॉलिसी-2025 के अंतर्गत औद्योगिक निवेश के लिए कई आकर्षक प्रोत्साहन दिए गए हैं। राज्य में 62 गीगावाट सौर, 11 गीगावाट पवन, 4 गीगावाट बॉयोमास और 820 मेगावाट लघु जल विद्युत की क्षमता है। हमारा लक्ष्य 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत नवकरणीय स्त्रोतों से पूर्ण करने का है। मुरैना में विकसित हो रही प्रदेश की पहली सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना में 2.70 रूपये प्रति यूनिट बिजली अब तक की सबसे कम टैरिफ दर पर प्राप्त हुई है। यह अपने-आप में रिकार्ड है। शुभ है स्थापना दिवस उत्सव के दौरान समाधान योजना का आरंभ होना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में तीन दिवसीय स्थापना दिवस महोत्सव मनाया जा रहा है। इस दौरान समाधान योजना का शुभारंभ और नए भवन का लोकार्पण शुभ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य केन्द्रित महानाट्य प्रदेश के गौरवशाली अतीत की झलक प्रस्तुत करता है। उन्होंने भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर प्रदेश के इतिहास, संस्कृति और प्रगति पर केन्द्रित प्रदर्शनियों और आयोजनों में सहभागी होने का उपस्थित जनसमुदाय से आह्वान किया। समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक बिजली पहुंचाना है हमारा लक्ष्य : ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सभी स्तर पर ऊर्जा उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। हम अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति की सुविधा को देखते हुए कार्य कर रहे हैं। आज आरंभ हुई समाधान योजना सुशासन और संवेदनशीलता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा विभाग से संबंधित प्रस्तावों को डॉ. यादव ने सहजता से स्वीकार किया। मंत्री श्री तोमर ने कहा कि अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक योजना का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जायेगा। कार्यक्रम में समाधान योजना पर लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना "जल्दी आएं, एकमुश्त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं'' के सिद्धांत पर आधारित है। इस योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्त भुगतान करने पर सबसे अधिक लाभ होगा जबकि द्वितीय चरण के दौरान छूट का प्रतिशत क्रमशः कम होता जाएगा। समाधान योजना दो चरणों में चलेगी। प्रथम चरण 3 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक होगा, जिसमें 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। इसी तरह द्वितीय और अंतिम चरण में यह योजना एक जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी। इसमें 50 से 90 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। प्रथम चरण में एकमुश्त राशि जमा कराने पर अधिकतम लाभ होगा। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को विद्युत वितरण कंपनियों यथा म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल हेतु portal.mpcz.in, म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर हेतु https://www.mpez.co.in/ एवं म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर हेतु https://www.mpez.co.in/ पर पंजीयन कराना होगा। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है। साथ ही विद्युत वितरण केंद्र … Read more

मध्यप्रदेश में परंपरा और प्रगति का संगम, डॉ. यादव बोले – ‘विरासत के साथ तेज़ी से हो रहा विकास’

मध्यप्रदेश में विरासत के संरक्षण के साथ किए जा रहे हैं विकास के तीव्र प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन हमारी समृद्ध विरासत और गौरवशाली इतिहास को प्रस्तुत करने का माध्यम बना 70वें मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह अभ्युदय मध्यप्रदेश के तीसरे व अंतिम दिन ड्रोन शो, महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य और सुप्रसिद्ध गायिका स्नेहा शंकर की सुगम संगीत प्रस्तुति भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में विरासत के संरक्षण के साथ विकास के तीव्र प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुसार मध्यप्रदेश विरासत के संरक्षण में आगे है। विकास के अनूठे कदम उठाए गए हैं। सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन हमारी समृद्ध विरासत और गौरवशाली इतिहास को प्रस्तुत करने का माध्यम बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन ऐतिहासिक नगरी है, जहां भगवान कृष्ण ने सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की। बाबा महाकाल की कृपा उज्जैन पर है। सम्राट विक्रमादित्य ने कलयुग में भी सतयुग जैसा और भगवान राम की तरह शासन किया। ज्ञान, न्याय, दानशीलता, शौर्य के गुणों से उन्हें महान शासक की संज्ञा मिली। उन्होंने विक्रम संवत को प्रारंभ किया। प्रदेश के विकास के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण कदम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 2 वर्ष में प्रदेश के विकास के लिए अनूठे कदम उठाए गए हैं। मात्र डेढ़ वर्ष की अवधि में राज्य में 18 मेडिकल कॉलेज खुले हैं। आयुर्वैदिक मेडिकल कॉलेज खोलने में मध्यप्रदेश में सबसे आगे है। पीएम एक्सीलेंस कॉलेज सभी जिलों में हैं। राज्य के सभी जिलों में पुलिस बैंड के दल गठित किए गए। इसके लिए रिक्त पदों की पूर्ति की गई। आयोजनों को गरिमा मेय बनाने के लिए पुलिस बैंड का उपयोग व्यापक स्तर पर सराहा गया है। पुलिस बैंड के सदस्यों को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिलवाया गया। हाल ही में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर केवड़िया (गुजरात) में हुए कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के पुलिस बैंड दल का उपयोग किया गया। निश्चित ही यह मध्य प्रदेश के लिए गर्व और गौरव की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजा भोज भी प्रदेश के एक प्रतापी शासक थे। उनका शासन काल सम्राट विक्रमादित्य से लगभग 1000 साल बाद का रहा। भोपाल में स्थित विशाल सरोवर भोजताल कहलाता है। भारतीय संस्कृति के ऐसे पुरोधा और सुशासन देने वाले शासको की स्मृति में आयोजनों का सिलसिला चलता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के कार्यक्रम "अभ्युदय मध्यप्रदेश" के समापन पर बधाई और शुभकामनाएं दी। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस महानाट्य मंचन से जुड़े रहे हैं। संस्कृति में उनकी विशेष रूचि है। सम्राट विक्रमादित्य की खूबियों को नाटक के माध्यम से मंच पर लाने का कार्य करीब दो दशक से चल रहा है। भोपाल के निवासियों को पहली बार यह प्रस्तुति देखने को मिली है। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सांस्कृतिक जगत में दिए जा रहे निर्देशन की सराहना की। कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, परिवहन, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री मती संपतिया उईके, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महिला बाल विकास मंत्री सु निर्मला भूरिया, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्य मंत्री मती कृष्णा गौर, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री नारायण सिंह पवार और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल उपस्थित थे। इस अवसर पर भोपाल प्रवास पर आए उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नंद गोपाल गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित थे। देश के हृदय – मध्यप्रदेश ने अपने 70वें स्थापना दिवस पर “अभ्युदय मध्यप्रदेश” के रूप में संस्कृति, परंपरा और प्रगति का ऐसा संगम हुआ, जिससे हर दिल गर्व और उत्साह से भर गया। तीन दिनों तक चले इस भव्य समारोह में प्रदेश की लोक कलाओं, विविधताओं और विकास गाथा के मंचन ने बीते 70 वर्षों की यात्रा को सजीव कर दिया। सोमवार की शाम समारोह के समापन पर हर चेहरा मध्यप्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की नई उम्मीदों से झिलमिला रहा था। स्थापना दिवस के उत्सव के तीसरे एवं अंतिम दिवस भी भव्य ड्रोन शो का प्रदर्शन किया गया। इस शो में 2000 ड्रोन ने एक साथ "विरासत से विकास'' पर केन्द्रित आसमान में आकृतियां बनाईं। इन आकृतियों में मध्यप्रदेश की समृद्ध विरासत के साथ सशक्त वर्तमान और उज्ज्वल भविष्य की आकृतियां आसमान को रोशन कर रही थीं। इसमें उद्योग और आधुनिकरण, रोजगार, विज्ञान, नीलकंठ आलोक, संस्कृति और विकास का संगम इत्यादि देखने को मिला। सोमवार की शाम सर्वप्रथम महानाट्य "सम्राट विक्रमादित्य" का भव्य मंचन हुआ। दर्शकों के उत्साह और उमंग को देखते हुए इसका पुनः प्रदर्शन किया गया। यह महानाट्य मध्यप्रदेश के वैभवशाली अतीत के उस प्रेरणा–पुरुष की गाथा प्रस्तुत करता है, जिन्होंने न्याय, नीति और पराक्रम के बल पर उज्जयिनी एवं मध्यप्रदेश की भूमि को स्वर्ण युग में पहुँचाया। मंचन में सम्राट विक्रमादित्य के अदम्य साहस, उनकी प्रजावत्सलता और विद्या-संस्कृति के प्रति उनके समर्पण को सजीव रूप में प्रदर्शित किया गया। भव्य संगीत, आकर्षक सेट, ऊंट, हाथी, घोड़े, पालकियों ने दर्शकों को उसी युग में पहुंचा दिया। कलाकारों के उत्कृष्ट अभिनय ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। इस महानाट्य की प्रस्तुति उज्जैन की संस्था विशाला सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति द्वारा दी गई, जिसका निर्देशन संजीव मालवीय ने किया है। तीन अलग स्टेज पर अत्याधुनिक ग्राफिक, आश्रम एवं जंगल के भव्य सेट के साथ ही भव्य महाकाल मंदिर के प्रतिरूप सेट और 150 कलाकारों ने महानाट्य को जीवंत बना दिया। विक्रमादित्य केवल योद्धा नहीं, बल्कि न्यायप्रिय और प्रजावत्सल शासक थे। “बेताल पच्चीसी” और “सिंहासन बत्तीसी” उनकी विवेकपूर्ण न्याय कथाओं से परिपूर्ण हैं। उनके दरबार में कालिदास, वराहमिहिर, धन्वंतरि जैसे नवरत्न विद्या और संस्कृति के प्रतीक बने। यह युग भारत के विज्ञान, साहित्य और खगोल की प्राचीन समृद्धि का प्रमाण है। स्वर की कोमलता ने हृदय को छुआ महानाट्य “सम्राट विक्रमादित्य” की यादगार और भव्य प्रस्तुति के बाद सुप्रसिद्ध गायिका सु स्नेहा शंकर एवं साथी, मुंबई द्वारा सुगम संगीत की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। उनकी गायकी में ऐसा सुरीलापन और … Read more

फ्री राशन योजना में परेशानी, पंजाब के इन परिवारों को हो सकती है मुश्किल

पंजाब में मुफ्त राशन पर संकट, कुछ परिवारों के लिए आई बड़ी मुसीबत फ्री राशन योजना में परेशानी, पंजाब के इन परिवारों को हो सकती है मुश्किल पंजाब में मुफ्त राशन के मामलों में चिंता, प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी समस्या लुधियाना माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी किए गए अंतरिम आदेशों के बावजूद फ्री अनाज प्राप्त करने के लिए पंजाब के 1,49,604 राशन कार्ड धारक परिवारों के 4,63,407 लाख सदस्य कभी राशन डिपो तो कभी प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय में इधर से उधर भटक रहे हैं लेकिन तमाम कोशिशों के बाद उक्त ई-श्रम राशन कार्ड धारकों को पिछले 9 महीनों की फ्री गेहूं का लाभ प्राप्त नहीं हुआ है। माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई फटकार के बाद पंजाब सरकार के निर्देशों पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से संबंधित अधिकारियों द्वारा पंजाब भर में डेढ़ लाख के करीब मजदूर परिवारों के ई-श्रम राशन कार्ड तो बना दिए गए हैं लेकिन उक्त सभी परिवार पिछले लंबे समय से अपने अधिकारों से वंचित हैं जो कि राशन डिपुओं पर मिलने वाली फ्री गेहूं प्राप्त करने के लिए पिछले 9 महीनों से डिपुओं और विभागीय कार्यालयों में चक्कर काट रहे हैं लेकिन उक्त परिवारों को डिपो होल्डरों और विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा हर बार झूठा आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है। किस जिले में कितने ई-श्रम राशन कार्डॉ 1 अमृतसर________7984 2 बरनाला________4322 3 बठिंडा_________5201 4 फरीदकोट ______3561 5 फतेहगढ़ साहिब __4499 6 फाजिल्का_______5888 7 फिरोजपुर ______3764 8 गुरदासपुर ______6979 9 होशियारपुर_____12804 10 जालंधर _______7288 11 कपूरथला______1982 12 लुधियाना ______14098 13 मालेरकोटला_____2044 14 मानसा _________5947 15 मोगा___________6008 16 पठानकोट _______4430 17 पटियाला________ 20192 18 रूपनगर__________5086 19 एस.ए.एस.नगर_____5151 20 संगरूर ___________9028 21 एस.बी.एस.नगर____6807 22 श्री मुक्तसर साहिब __3168 23 तरनतारन ________4143  

वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव: यूपी में 50 लाख लोग हो सकते हैं हटाए जाने वाले

यूपी पंचायत चुनाव: 50 लाख नाम हो सकते हैं वोटर लिस्ट से बाहर, जानें कौन प्रभावित होंगे वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव: यूपी में 50 लाख लोग हो सकते हैं हटाए जाने वाले यूपी पंचायत चुनाव 2025: 50 लाख नामों के कटने की संभावना, किसका होगा असर लखनऊ  यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है.  राज्य निर्वाचन आयोग को कई जिलों में हजारों-लाखों ऐसे मतदाता दर्ज हैं जिनका नाम एक ही सूची में दो या तीन बार मौजूद है.  पता चला है कि पीलीभीत, वाराणसी, बिजनौर और हापुड़ जैसे जिलों में इस तरह के दोहराव सबसे ज्यादा हैं. केवल पीलीभीत जिले के पूरनपुर ब्लॉक में ही करीब 97 हजार मतदाता ऐसे मिले हैं, जिनके नाम एक से अधिक बार सूची में दर्ज हैं. यानी एक व्यक्ति अलग-अलग वार्डों में मतदाता के रूप में दिख रहा है. गहन पुनरीक्षण अभियान की जरूरत  आयोग ने माना है कि यह समस्या इतनी बड़ी है कि इसे ठीक करने के लिए एक गहन पुनरीक्षण अभियान (Special Intensive Revision – SIR) चलाना पड़ेगा. राज्य निर्वाचन आयोग ने ब्लॉकवार डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची तैयार कर जिलाधिकारियों को भेज दी है ताकि तुरंत सुधार कार्य शुरू किया जा सके. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे घर-घर जाकर जांच करें और जिन नामों की पुनरावृत्ति है, उन्हें सूची से हटाएं. बड़े जिलों में भारी गड़बड़ी आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के 826 विकास खंडों में से 108 ब्लॉकों में 40 हजार से अधिक डुप्लीकेट मतदाता दर्ज हैं. इनमें सबसे ज्यादा नाम वाराणसी के आराजीलाइन ब्लॉक (77,947), गाजीपुर के सैदपुर (71,170), वाराणसी के पिंडरा (70,940) और जौनपुर के शाहगंज सोंधी (62,890) में पाए गए हैं. इन जिलों के अधिकारियों को विशेष निगरानी में रखा गया है.  50 लाख नाम हटने की संभावना एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अगर सभी जिलों में सही जांच की जाए, तो करीब 50 लाख डुप्लीकेट नाम मतदाता सूची से हट सकते हैं. उनका कहना है कि पहले भी ऐसे प्रयास किए गए थे, लेकिन इतने व्यापक स्तर पर जांच पहली बार की जा रही है. इस बार आयोग चाहता है कि पंचायत चुनाव से पहले ही मतदाता सूची पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाई जाए. आयोग की कार्रवाई राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे जल्द से जल्द अपने जिले की मतदाता सूची का सत्यापन करें. निर्देशों में यह भी कहा गया है कि किसी भी कीमत पर डुप्लीकेट नाम चुनावी प्रक्रिया में बाधा नहीं बनने चाहिए. जिलाधिकारियों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष टीम बनाएं, जो मतदाताओं की पहचान और उनके दस्तावेजों की दोबारा जांच करे. खंडवार और ब्लॉकवार रिपोर्ट तैयार कर आयोग को भेजने की अंतिम तारीख भी तय कर दी गई है.  

गीता ज्ञान के 5163 साल पूरे, CM सैनी ने बताया MP हमारा सहयोगी राज्य

CM सैनी: 25 को पीएम कुरुक्षेत्र आएंगे, 21 दिन चलेगा अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव गीता ज्ञान के 5163 साल पूरे, CM सैनी ने बताया MP हमारा सहयोगी राज्य कुरुक्षेत्र में 21 दिन तक अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव, पीएम मोदी 25 को करेंगे उद्घाटन चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की है कि 10वां अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 15 नवंबर से शुरू होकर 6 दिसंबर तक 21 दिनों तक आयोजित होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष गीता उपदेश को 5163 वर्ष पूरे हो रहे हैं। गीता जयंती का आयोजन इस बार न केवल भारत में, बल्कि टोक्यो (जापान) में भी किया गया है, जो गीता के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि “गीता के ज्ञान से हर व्यक्ति जीवन में आगे बढ़ सकता है। पूरा विश्व अब गीता की वाणी से जुड़ रहा है। महोत्सव में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।” इस बार मध्यप्रदेश सहयोगी राज्य के रूप में भाग लेगा, जबकि अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में 16 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। ब्रह्मसरोवर पर रोज होगा भव्य आयोजन सैनी ने बताया कि महोत्सव के दौरान ब्रह्मसरोवर पर प्रतिदिन भव्य गीता महाआरती का आयोजन होगा। साथ ही विभिन्न भाषाओं में श्रीमद्भगवद गीता की प्रदर्शनी, गीता प्रतियोगिताएं और 1 दिसंबर तक गीता पुस्तक मेला भी आयोजित किया जाएगा। बलराम कुश्ती दंगल भी महोत्सव का हिस्सा रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 नवंबर को कुरुक्षेत्र पहुंचकर महोत्सव में भाग लेंगे। प्रारंभिक कार्यक्रम 4 नवंबर से मुख्य कार्यक्रमों से पहले कई आयोजन 4 नवंबर से शुरू होंगे। इनमें 4 से 14 नवंबर तक ऑनलाइन गीता क्विज, 15 नवंबर को ‘गीता रन’, और 15 नवंबर से 5 दिसंबर तक शिल्प एवं सरस मेला शामिल हैं। रोजाना सायं पुरुषोत्तमपुरा बाग में भजन संध्या व महाआरती का आयोजन होगा। मुख्य कार्यक्रम 24 नवंबर से 1 दिसंबर तक महोत्सव के प्रमुख कार्यक्रम 24 नवंबर से 1 दिसंबर तक चलेंगे। इस दौरान हरियाणा पवेलियन, पुस्तक मेला, प्रदर्शनी, और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार होगा। 24 नवंबर को गीता यज्ञ, गीता पूजन, सर्वधर्म सम्मेलन, और ज्योतिसर एवं सन्निहित सरोवर में गीता पाठ के कार्यक्रम होंगे। 25 से 30 नवंबर तक विश्वविद्यालय में सेमिनार, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, और शिक्षा विभाग द्वारा गीता श्लोकोच्चारण, वाद-विवाद, निबंध लेखन, पेंटिंग, रंगोली और मेहंदी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। 1 दिसंबर को सुबह 9 बजे ज्योतिसर में गीता पाठ और यज्ञ, थीम पार्क में वैश्विक गीता पाठ, तथा सायं सन्निहित सरोवर और ब्रह्मसरोवर पर दीपोत्सव और महाआरती होगी। दुनिया के 40 देशों तक पहुंचेगा संदेश विदेश मंत्रालय की पहल पर इस बार गीता महोत्सव के कार्यक्रम 40 से ज्यादा देशों में आयोजित होंगे। इनमें प्रदर्शनी और गीता पाठ जैसे आयोजन शामिल हैं। कुरुक्षेत्र में होने वाले मुख्य कार्यक्रमों का लाइव प्रसारण भी विश्वभर में देखा जा सकेगा। 15 से अधिक देशों के 25 स्कॉलर भी महोत्सव में भाग लेंगे और गीता के उपदेश अपने देशों तक पहुंचाएंगे। 25 नवंबर को पीएम कुरुक्षेत्र आएंगे सीएम ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जानकारी दी कि हर दिन ब्रह्म सरोवर पर भव्य गीता महाआरती की जाएगी। सीएम ने बताया कि विभिन्न भाषाओं में श्रीमद्भागवत की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। गीता प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। 1 दिसंबर तक गीता पुस्तक मेले का आयोजन किया जाएगा। बलराम कुश्ती दंगल का आयोजन भी किया जाएगा। 25 नवंबर को कुरुक्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आएंगे। पहले ही शुरू हो जाएंगे कार्यक्रम महोत्सव से पहले ही कई कार्यक्रमों का आगाज हो जाएगा। इसमें चार से 14 नवंबर तक ऑनलाइन गीता क्विज, 15 नवंबर को गीता रन का आयोजन होगा। इसके अलावा 15 नवंबर से पांच दिसंबर तक शिल्प और सरस मेला चलेगा तथा रोजाना सायं के समय पुरुषोत्तमपुरा बाग में भजन संध्या और महाआरती का आयोजन होगा। 24 से होंगे मुख्य कार्यक्रम इस महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम 24 नवंबर से एक दिसंबर तक होंगे। इसमें हरियाणा पवेलियन, पार्टनर स्टेट, पुस्तक मेला, जनसंपर्क विभाग की राज्य स्तरीय प्रदर्शनी, पुरुषोत्तमपुरा बाग में मुख्य मंच पर दिन और सायंकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम, 24 नवंबर को गीता यज्ञ, गीता पूजन, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय गीता सेमिनार, सर्वधर्म सम्मेलन, ज्योतिसर व सन्निहित सरोवर पर श्रीमद् भगवद गीता और पुरुषोत्तमपुरा बाग में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। ये होगा पूरा शेड्यूल… इसी तरह 25 नवंबर को विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार, ज्योतिसर व सन्निहित सरोवर पर कथा, पुरुषोत्तमपुरा बाग में सांस्कृतिक कार्यक्रम, 26 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार का समापन व पुरुषोत्तमपुरा बाग में सांस्कृतिक कार्यक्रम, 27 नवंबर को पुरुषोत्तमपुरा बाग में सांस्कृतिक कार्यक्रम, 28 से 30 नवंबर को शिक्षा विभाग की तरफ से गीता श्लोकोच्चारण, वाद विवाद, निबंध लेखन, पेंटिंग, रंगोली, मेहंदी सहित अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। एक दिसंबर को सुबह 9 बजे ज्योतिसर में गीता पाठ और यज्ञ, थीम पार्क में वैश्विक गीता पाठ, विश्वविद्यालय में 48 कोस तीर्थ सम्मेलन, सायं 5:30 पर सन्निहित सरोवर पर दीपोत्सव, 6 बजे ब्रह्मसरोवर पर दीपदान व आरती तथा पुरुषोत्तमपुरा बाग में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। 15 देशों के महोत्सव से जुड़ेंगे लोग इस बार विदेश मंत्रालय की पहल करने से महोत्सव के कार्यक्रमों का आयोजन 40 से ज्यादा देशों में होगा। इन देशों में प्रदर्शनी, गीता पाठ सहित अन्य कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इसके साथ ही कुरुक्षेत्र में होने वाले मुख्य कार्यक्रमों का लाइव प्रसारण भी देखा जा सकेगा। इन देशों के नामों की सूची सरकार के पास पहुंच चुकी है। इसके अलावा विदेश मंत्रालय के प्रयासों से 15 से ज्यादा देशों के 25 स्कालर भी महोत्सव में पहुंचेंगे और यहां से पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेश अपने अपने देशों तक पहुंचाएंगे।  

13-15 दिसंबर: अयोध्या के श्रीराम मंदिर में रामलीला का मंचन, MP कलाकार लाएंगे भक्ति का माहौल

अयोध्या के राम मंदिर में मध्य प्रदेश के कलाकारों द्वारा रामलीला, दीपावली मिलन समारोह में भक्ति का रंग 13-15 दिसंबर: अयोध्या के श्रीराम मंदिर में रामलीला का मंचन, MP कलाकार लाएंगे भक्ति का माहौल अयोध्या में दीपावली मिलन समारोह में रामलीला, मध्य प्रदेश के कलाकार करेंगे दर्शकों का मन मोह लेने वाला प्रदर्शन  छिंदवाड़ा  छिंदवाड़ा के छोटी बाजार का विश्वप्रसिद्ध श्रीरामलीला मंडल (Shri Ramlila Mandal) आगामी दिसंबर माह की 13,14 और 15 तारीख को अयोध्या के श्रीराम मंदिर में लीला का मंचन करेंगे। इस आयोजन को लेकर मंडल के कलाकारों एवं पदाधिकारियों में हर्ष और उत्साह का वातावरण है। मंडल के अध्यक्ष अरविंद राजपूत ने जानकारी देते हुए बताया कि यहां के कलाकार भगवान श्रीराम के जीवन आदर्शों को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगे। छिंदवाड़ा सांसद ने विमोचन किया जारी उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक न होकर, सांस्कृतिक एकता और लोक परंपरा का भी प्रतीक होगा। इसी तारतम्य मैं बड़ी माता मंदिर ट्रस्ट की ओर से आयोजित दीपावली मिलन समारोह (Diwali Milan ceremony) के अवसर पर रामलीला मंचन की पटकथा का विमोचन सांसद बंटी विवेक साहू ने किया। सांसद की ओर से मंडल के सदस्यों को अयोध्या जाने एवं आने के लिए दो सुविधाजनक बसों की व्यवस्था की घोषणा की। जिसमें कलाकार जाएंगे। ये होंगे शामिल 213 दिसंबर को अयोध्या में प्रथम दिवस धनुष यज में माता सीता के पिता राजा जनक का अभिनय करने के लिए भी स्वीकृति प्रदान की। पटकथा का संकलन शशांक दुबे की ओर से किया गया है। इस अवसर पर मंडल के संरक्षक कस्तूरचंद जैन, राजू चरणागर एवं सतीश दुबे लाला सहित रामलीला मंडल के सभी पदाधिकारी, कलाकार एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। दीपावली मिलन समारोह में मंडल के सदस्यों ने आगामी यात्रा एवं मंचन की तैयारियों पर भी चर्चा की।  

सरकारी स्कूलों के 55001 छात्रों ने राष्ट्रीय छात्रवृत्ति के लिए किया पंजीकरण

हरियाणा में स्कॉलरशिप के लिए 55 हजार छात्रों ने आवेदन, पानीपत रहा टॉप सरकारी स्कूलों के 55001 छात्रों ने राष्ट्रीय छात्रवृत्ति के लिए किया पंजीकरण हरियाणा: आठवीं कक्षा के छात्रों ने राष्ट्रीय साधन सह पात्रता छात्रवृत्ति के लिए बढ़ाया आवेदन हिसार  प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 8वीं कक्षा में पढ़ने वाले कुल 55001 विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय साधन सह पात्रता छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करवाया है। खास बात है कि आवेदनों की दौड़ में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का गृह जिला पानीपत टॉप पर है, जहां 4232 विद्यार्थियों ने आवेदन किए हैं। 4064 आवेदन के साथ सिरसा दूसरे, 3789 आवेदन के साथ अंबाला तीसरे और 3560 आवेदन के साथ हिसार चौथे पायदान पर है। जबकि पांचवें पायदान पर गुरुग्राम है, जहां 3401 आवेदन प्राप्त हुए हैं। सबसे फिसड्डी चरखी-दादरी रहा, यहां से 1077 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं। बता दें कि 30 नवंबर को राष्ट्रीय साधन सह पात्रता छात्रवृत्ति के लिए परीक्षा होगी, जिसका समय सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहेगा। परीक्षा से 10 दिन पूर्व भिवानी स्थित हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट पर एडमिट कार्ड अपलोड कर दिए जाएंगे। ये रहेंगी शर्तें – आवेदक सरकारी स्कूल में 8वीं कक्षा में पढ़ रहा हो। – आवेदक के परिवार की वार्षिक आय 3.30 लाख रुपये तक हो – चयनित विद्यार्थी को कक्षा 9वीं से 12वीं तक 48 हजार रुपये मिलेंगे यह है राष्ट्रीय साधन सह पात्रता छात्रवृत्ति मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अंतर्गत स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग की ओर से वर्ष 2008 में राष्ट्रीय साधन सह पात्रता छात्रवृत्ति शुरू की थी। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर वे विद्यार्थी, जो सरकारी स्कूल में 8वीं कक्षा में पढ़ रहे हों, उन्हें अगले चार साल तक कुल 48 हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है, ताकि आर्थिक रूप से तंगी होने के कारण विद्यार्थी पढ़ाई से ड्राप न कर लें। इसी उद्देश्य से सरकार ने उपरोक्त प्रोजेक्ट शुरू किया था। किस जिले में कितने आवेदन जिला – कुल आवेदनों की संख्या पानीपत – 4232 सिरसा – 4064 अंबाला – 3789 हिसार – 3560 गुरुग्राम – 3401 करनाल – 3212 कैथल – 3163 जींद – 2996 फतेहाबाद – 2795 सोनीपत – 2768 कुरुक्षेत्र – 2427 भिवानी – 2262 रेवाड़ी – 2185 यमुनानगर – 1971 नूंह – 1885 महेंद्रगढ़ – 1850 पलवल – 1522 रोहतक – 1507 पंचकूला – 1488 फरीदाबाद – 1454 झज्जर – 1393 चरखी दादरी – 1077     राष्ट्रीय साधन सह पात्रता छात्रवृत्ति के तहत प्रदेश में कुल 55001 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें आवेदनों की दौड़ में हिसार चौथे स्थान पर है। जबकि शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का गृह जिला पानीपत पहले पायदान पर है। निश्चित तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए यह योजना अच्छा प्रयास है। – संदीप सिंधु, जिला गणित विशेषज्ञ एवं राष्ट्रीय साधन सह पात्रता छात्रवृत्ति प्रभारी, हिसार।  

रात की ठिठुरन के साथ कड़ाके की ठंड, मध्य प्रदेश में मौसम में फिर बदलाव

मध्य प्रदेश में बारिश के बाद ठंड लौट आई, अगले 48 घंटे में मौसम फिर बदलेगा रात की ठिठुरन के साथ कड़ाके की ठंड, मध्य प्रदेश में मौसम में फिर बदलाव बारिश के बाद ठंड का असर, अगले दो दिन में तापमान में आएगा फेरबदल भोपाल . मध्य प्रदेश में बारिश का दौर खत्म होने के बाद अब एक बार फिर ठंड का असर दिखेगा. ऐसे में दिन के समय अधिकतम तापमान में हल्का उछाल देखा जाएगा. हालांकि तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है. खास तौर पर मैदानी इलाकों में तापमान तेजी से गिरने की संभावना है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटे के बाद ठंड का दौर मैं एक बार फिर से शुरू हो सकता है. रविवार को राजधानी भोपाल सहित कई छोटे बड़े शहरों की अधिकतम तापमान में उछाल देखा गया. सबसे अधिक तापमान नर्मदा पुरम जिले में 33.2 डिग्री रिकॉर्ड हुआ. वहीं न्यूनतम तापमान की बात करें तो खरगोन, खंडवा, राजगढ़ और शिवपुरी जैसे जिलों का तापमान सबसे कम रिकॉर्ड किया जा रहा है. धीरे-धीरे न्यूनतम तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी. मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, वर्तमान समय में लो प्रेशर सिस्टम अरब सागर की ओर बढ़ रहा है, जिससे प्रदेश में इसका असर खत्म हो गया है. हालांकि एक अन्य को प्रेशर सिस्टम बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हो रहा है. इसके अलावा एक आर्डर वेस्टर्न डिस्टरबेंस 4 नवंबर से हिमालय संभाग में चकरी होने की संभावना है. 48 घंटे बाद मौसम साफ होने के साथ ही न्यूनतम तापमान में गिरावट देखी जाएगी. इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने रविवार के लिए प्रदेश के अलग-अलग संभागों के 19 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. इसमें नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, उज्जैन, इंदौर, देवास, शाजापुर, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर और बैतूल जैसे जिलों में हल्की बारिश का दौर देखा जा सकता है. तापमान का ताजा हाल अधिकतम तापमान: नर्मदापुरम – 33.2°C (सबसे ज्यादा), खजुराहो (छतरपुर) – 32°C, दतिया – 31.4°C, भोपाल – 31.1°C, नौगांव (छतरपुर) – 31°C न्यूनतम तापमान: खरगोन – 17°C (सबसे कम), रीवा – 17.1°C, राजगढ़/खंडवा – 17.4°C, अमरकंटक (अनूपपुर) – 17.5°C, नौगांव (छतरपुर) – 17.8°C कैसा रहा बड़े शहरों का पारा भोपाल – 31.1°C ग्वालियर – 31°C इंदौर – 30.1°C उज्जैन – 30°C जबलपुर – 29.8°C  

मैन्युफैक्चरिंग का नया केंद्र: इंदौर को ग्लोबल हब बनाने की तैयारी तेज

इंदौर होगा 'ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब', केंद्र सरकार ने योजना पर किया काम शुरू मैन्युफैक्चरिंग का नया केंद्र: इंदौर को ग्लोबल हब बनाने की तैयारी तेज इंदौर में उद्योग क्रांति: केंद्र सरकार का मेगा प्लान लागू होने लगा इंदौर  भारत सरकार ने देश के लॉजिस्टिक बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर का बनाने के लिए अपने महत्वाकांक्षी 'स्माइल' प्रोग्राम (SMILE – Strengthening Multimodal and Integrated Logistic Ecosystem) की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम के तहत पहले चरण में देश के 8 शहरों में इंटीग्रेटेड स्टेट और सिटी लॉजिस्टिक प्लान बनाए जाने हैं, जिसमें मध्यप्रदेश से इंदौर का चयन किया गया है। यह योजना एशियाई डेवलपमेंट बैंक (ADB) के साथ मिलकर पूरी की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना, लॉजिस्टिक्स लागत में भारी कमी लाना और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को अधिक लचीला और मजबूत बनाना है। क्या है यह योजना और कैसे काम करेगी? इस इंटीग्रेटेड प्लान के तहत सबसे पहले इंदौर में मौजूदा लॉजिस्टिक संसाधनों की पहचान की जाएगी। इसके बाद, विशेषज्ञों द्वारा इन संसाधनों में मौजूद कमियों (Gaps) का विश्लेषण किया जाएगा और उन्हें दूर करने के लिए बेहतर सुविधाओं का खाका तैयार होगा। यह पहल राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (NLP) और पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का समर्थन करती है, जिससे मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग के मानकीकरण को बढ़ावा मिलेगा। ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से मिलेगी राहत इस योजना का एक बड़ा लाभ यह भी है कि यह सिर्फ माल परिवहन तक सीमित नहीं है। इसके तहत इंदौर के ट्रैफिक की समस्या का समाधान भी खोजा जाएगा। शहरों को किस तरह डी-कंजेस्ट (भीड़-भाड़ मुक्त) किया जा सकता है, इसे लेकर बेहतर दिशा-निर्देश मिलेंगे। साथ ही, इंदौर में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और अन्य स्वच्छ ईंधन विकल्पों को अपनाने पर भी जोर दिया जाएगा। पीथमपुर MMLP को मिलेगी दोगुनी ताकत इंदौर के पास पीथमपुर में पहले से ही मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क (MMLP) का प्रोजेक्ट चल रहा है। इसका उद्देश्य आसपास के उद्योगों के लिए एक केंद्रीय हब बनाना है, जहां से देश-विदेश में माल भेजना और मंगाना आसान हो।  सांसद ने कहा हर वर्ग को मिलेगा फायदा सांसद शंकर लालवानी ने इन दोनों प्रोजेक्ट्स पर कहा कि MMLP प्रोजेक्ट इंदौर क्षेत्र में लॉजिस्टिक सेक्टर को बड़ा बूस्ट देगा। वहीं, यह नया इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक प्लान MMLP से होने वाले फायदों को शहर के आम व्यापारियों और उद्योगपतियों तक सीधे पहुंचाने में मदद करेगा। इससे निवेश बढ़ेगा और रोजगार बढ़ेंगे, हर वर्ग को इससे फायदा मिलेगा।  देश के लिए 'मॉडल' बनेगा इंदौर इंदौर का यह प्लान देश के अन्य लैंड-लॉक्ड इलाकों (ऐसे क्षेत्र जहाँ न कोई समुद्र तट है और न ही कोई अंतरराष्ट्रीय सीमा) के लिए एक उदाहरण (Model) के रूप में काम करेगा। इस प्लान के लागू होने के बाद न सिर्फ शहरों में ट्रैफिक जैम कम होंगे, बल्कि माल परिवहन भी सुचारु रूप से हो सकेगा। योजना लागू होने पर ये होंगे मुख्य बदलाव: * सड़क, रेल, हवाई और जलमार्गों को एकीकृत कर मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब बनेंगे। * वेयरहाउसिंग सुविधाओं के मानक तय किए जाएंगे, जिससे सप्लाई चेन प्रभावी बनेगी। * निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देकर नए लॉजिस्टिक्स पार्क में निवेश आकर्षित किया जाएगा। * इलेक्ट्रिक वाहनों और वैकल्पिक ईंधन से कार्बन उत्सर्जन कम किया जाएगा। * महिला उद्यमियों और श्रमिकों के लिए कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इंदौर को होने वाले प्रमुख फायदे: * लॉजिस्टिक्स प्रदर्शन सूचकांक (LPI) में सुधार से इंदौर वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनेगा। * शहर में नए निजी निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। * आपूर्ति श्रृंखला में देरी कम होगी, जिससे निर्यातकों और निर्माताओं को सीधा लाभ मिलेगा। * इंदौर को 'ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब' के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी। * लॉजिस्टिक्स और परिवहन क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आकर्षित होगा।  

नर्मदा घाटों का एकीकरण: MP सरकार का 300 करोड़ का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट, बढ़ेगी पर्यटन और जल यात्रा

मध्यप्रदेश में 300 करोड़ के बड़े प्रोजेक्ट से जुड़ेगा नर्मदा के छह घाट, विकास को मिलेगा नई दिशा नर्मदा घाटों का एकीकरण: MP सरकार का 300 करोड़ का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट, बढ़ेगी पर्यटन और जल यात्रा एमपी में नर्मदा के छह घाट होंगे आपस में जुड़े, सरकार ने किया 300 करोड़ का निवेश जबलपुर  मध्यप्रदेश में नर्मदा घाटों की कायापलट की बड़ी योजना तैयार की गई है। इसके अंतर्गत नर्मदा के आधा दर्जन घाट को आपस में जोड़ा जाएगा। राज्य के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जबलपुर में नर्मदा के छह घाट संवारे जाएंगे। इन्हें अयोध्या में सरयू की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। राज्य सरकार ने जबलपुर के नर्मदा घाटों को संवारने के लिए बड़ा प्रोजेक्ट तैयार किया है। सीएम मोहन यादव इसका भूमिपूजन करेंगे। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने रविवार को पत्रकार वार्ता बुलाई। यहां उन्होंने जबलपुर के आधा दर्जन नर्मदा घाटों को संवारने का अहम ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अभी नर्मदा के घाट अत्यधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में हैं जिससे दिक्कत होती है। नर्मदा भक्तों की सुविधा के लिए 6 घाटों को आपस में जोड़ेंगे। जबलपुर में नर्मदा घाटों को अयोध्या की सरयू की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। प्रोजेक्ट के पहले चरण में जबलपुर के खारीघाट, दरोगा घाट, ग्वारीघाट, उमा घाट, सिद्धघाट और जिलहरी घाट को आपस में जोड़ा जाएगा। इन्हें अयोध्या के सरयू घाटों की तर्ज पर एक समान कर आकर्षक रूप दिया जाएगा। पीडब्लूडी मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि खारीघाट पर खारी विसर्जन के लिए अलग से जलकुंड बनाया जाएगा। घाट पर उतरने के व्यवस्थित सीढ़ियां बनेंगी, नीचे चेंजिंग रूम बनाया जाएगा और पुरोहितों के बैठने की व्यवस्था के साथ ही विशेष मुंडन स्थल भी बनाया जाएगा। श्रद्धालुओं और नर्मदा भक्तों के लिए छोटा नाव घाट भी बनाया जाएगा। ग्वारीघाट का विशेष रूप से जिक्र किया मंत्री राकेश सिंह ने जबलपुर के ग्वारीघाट का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मां नर्मदा की गोद में स्थित यह स्थान स्नान, पूजा और ध्यान की गहरी पवित्रता के लिए बेहद आदर्श जगह है। घाट पर मां नर्मदा की शांत लहरें श्रद्धालुओं को शांति और शक्ति दोनों प्रदान करती हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस विख्यात नर्मदा तट को सुंदर और सुसज्जित रूप दिया जाएगा। जबलपुर का नर्मदा घाट इलाका अत्यधिक भीड़भाड़ वाला क्षेत्र है। रास्ते की चौड़ाई बहुत कम होने के कारण श्रद्धालुओं को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि नए प्रोजेक्ट में ये परेशानियां समाप्त हो जाएंगी। प्रोजेक्ट का भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे।