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छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव: पांच दिनों तक झूमेगा संस्कृति का रंगारंग संगम

  रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के रजत महोत्सव में देश एवं प्रदेश के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। एक नवम्बर से 5 नवम्बर तक मुख्यमंच के अलावा शिल्पग्राम मंच पर भी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। राज्योत्सव में इस बार छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय कलाकारों के साथ ही देश के जाने-माने कलाकार, श्री हंशराज रघुवंशी, श्री आदित्य नारायण, श्री अंकित तिवारी, श्री कैलाश खेर, सुश्री भूमि त्रिवेदी अपनी शानदार प्रस्तुति देंगे। राज्योत्सव के शुभारंभ अवसर पर नवा रायपुर के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी वाणिज्य एवं व्यापार परिसर में बनाये गए मुख्यमंच से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरूआत सुबह 11 बजे सुश्री ऐश्वर्या पंडित के गायन से होगी। इसके बाद श्री पीसी लाल यादव, सुश्री आरू साहू, श्री दुष्यंत हरमुख, श्रीमती निर्मला ठाकुर तथा शाम 8 बजे राष्ट्रीय कलाकार श्री हंशराज रघुवंशी की प्रस्तुति होगी। इसी प्रकार 2 नवम्बर को सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक श्री आदित्य नारायण प्रमुख आकर्षण के केन्द्र होंगे। उनके द्वारा गीतों की प्रस्तुति रात्रि 9 बजे से दी जाएगी। इस दिन सांस्कृति कार्यक्रमों की शुरूआत शाम 6.30 बजे से होगी। सबसे पहले श्री सुनील तिवारी, सुश्री जयश्री नायर चिन्हारी द गर्ल बैंड, पद्मश्री डोमार सिंह कंवर नाचा दल का कार्यक्रम होगा। इसी प्रकार 3 नवम्बर को पार्श्व गायिका सुश्री भूमि त्रिवेदी रात्रि 9 बजे से प्रस्तुति देंगी। इस दिन सांस्कृति संध्या में शाम 6 बजे से पद्मश्री उषा बारले पण्डवानी, श्री राकेश शर्मा सूफी-भजन गायन, श्री कुलेश्वर ताम्रकार लोकमंच की प्रस्तुति होगी तथा 4 नवम्बर को रात्रि 9 बजे पार्श्व गायक श्री अंकित तिवारी प्रस्तुति देंगे। इस दिन शाम 6 बजे कला केन्द्र रायपुर बैण्ड, श्रीमती रेखा देवार की लोकगीत, श्री प्रकाश अवस्थी की प्रस्तुति होगी। इसी प्रकार 5 नवम्बर को रात्रि 9 बजे पार्श्व गायक श्री कैलाश खेर अपनी प्रस्तुति देंगे। सांस्कृतिक संध्या में शाम 6 बजे से श्रीमती पूनम विराट तिवारी, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ का कार्यक्रम होगा। शिल्पग्राम मंच की प्रस्तुतियां- शिल्पग्राम मंच में 1 नवम्बर को श्री मोहम्मद अनस पियानो वादन, श्रीमती बासंती वैष्णव द्वारा कत्थक, सुश्री रमादत्त जोशी और श्रीमती सोनाली सेन का गायन, सुश्री स्वीटी पगारिया कत्थक, श्री मंगलूराम यादव की बांसगीत, सुश्री चारूलता देशमुख भारत नाट्य, श्री दुष्यंत द्विवेदी की पण्डवानी, श्री लोकेश साहू की भजन, श्रीमती बॉबी मंडल की लोक संगीत तथा श्री चन्द्रभूषण वर्मा लोकमंच की प्रस्तुति होगी। 2 नवम्बर को श्रीमती रेखा जलक्षत्रीय की भरथरी, श्री ईकबाल ओबेराय की म्यूजिक ग्रुप, श्री बसंतबीर उपाध्याय मानस बैंड, संश्री दीपाली पाण्डेय की कत्थक, श्री लिलेश्वर सिंहा की लोक संगीत, सुश्री अंविता विश्वकर्मा भारतनाट्यम, सुश्री आशिका सिंघल कत्थक, श्री प्रांजल राजपूत भरथरी, सुश्री प्रसिद्धि सिंहा कत्थक, श्री जीवनदास मानिकपुरी लोकमंच एवं श्री जितेन्द्र कुमार साहू सोनहा बादर की प्रस्तुति होगी। 3 नवम्बर को श्री सुरेश ठाकुर भजन, डॉ. आरती सिंह कत्थक, श्रीमती राखी राय भरतनाट्यम, श्री पुसउराम बंजारे पण्डवानी, सुश्री इशिका गिरी कत्थक, श्री गिरवर सिंह ध्रुव भंुजिया नृत्य, सुश्री राधिका शर्मा कत्थक, श्रीमती शांतिबाई चेलक पण्डवानी, श्री दुष्यंतकुमार दुबे सुआ नृत्य, श्रीमती गंगाबाई मानिकपुरी पण्डवानी, सुश्री संगीता कापसे शास्त्रीय नृत्य, श्री महेन्द्र चौहान की चौहान एव बैंड तथा श्री घनश्याम महानंद फ्यूजन बैंड की प्रस्तुति होगी। 4 नवम्बर को सुश्री भुमिसूता मिश्रा ओडिसी, श्री चैतुराम तारक नाचा दल, सुश्री आशना दिल्लीवार कत्थक, सुश्री पुष्पा साहू लोक संगीत, श्री महेन्द्र चौहान पण्डवानी, सुश्री प्रिति गोस्वामी कत्थक, सुश्री पृथा मिश्रा शास्त्रीय गायन, श्री महेश साहू लोकमंच, श्री विजय चंद्राकर लोक संगीत तथा श्री तिलक राजा साहू लोकधारा की प्रस्तुति होगी। 5 नवम्बर को सुश्री दुर्गा साहू पण्डवानी, सुश्री डाली थरवानी कत्थक, श्री संजय नारंग लोकसंगती, सुश्री सारिका शर्मा कत्थक, सुश्री महेश्वरी सिंहा लोकमंच, श्री चंद्रशेखर चकोर की लोक नाट्य, श्री नीतिन अग्रवाल लोकसंगीत, श्री द्वारिकाप्रसाद साहू की डंडा नृत्य, सुश्री महुआ मजुमदार की लोकसंगीत तथा श्री नरेन्द्र जलक्षत्रीय लोकसंगीत की प्रस्तुति देंगे।

पंजाब में मौसम ने बदला रूख, नवंबर शुरू होने से पहले ही गिरी तापमान की पारा

चंडीगढ़ नवंबर महीने की शुरुआत से पहले ही पंजाब का मौसम बदलने लगा है। इसका मतलब है कि नवंबर के शुरुआती दिनों से ही ठंड पूरी तरह जोर पकड़ लेगी। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, एक नई पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) उत्तरी भारत में सक्रिय हो रही है, जिसका हल्का असर अब पंजाब में भी देखने को मिल रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में राज्य में ठंडी हवाओं का असर और बढ़ेगा, तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और कई जगहों पर धुंध (कोहरा) पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, अगले चार से पाँच दिनों में राज्य के कई जिलों में रात का तापमान 2 डिग्री तक गिर सकता है। इससे सुबह और शाम के समय हवा में ठंडक महसूस की जाएगी। अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, बठिंडा और फिरोजपुर जैसे क्षेत्रों में धुंध पड़नी शुरू हो गई है, जिसके चलते सुबह से ही ठंडी हवाएं महसूस हो रही हैं। ग्रामीण इलाकों में लोग अब सुबह-शाम हल्के गर्म कपड़े पहनने लगे हैं। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों को तापमान में आ रहे अचानक बदलाव से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने और सुबह की ठंडी हवा से बचने की अपील की गई है। ऐसा लग रहा है कि अब पंजाब में सर्दी की दस्तक हो चुकी है और आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की पूरी संभावना है। 

राहत भरी खबर! हरियाणा के लाखों छात्रों के स्कूलों की मान्यता अब अगले साल तक मान्य

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने राज्य के 1032 अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों को शिक्षण सत्र 2025-26 के लिए मान्यता का एक साल का विस्तार प्रदान कर दिया है। इस निर्णय से लगभग 3 लाख विद्यार्थियों को राहत मिली है, जिनकी बोर्ड परीक्षाएं मान्यता न मिलने की स्थिति में प्रभावित हो सकती थीं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा से कई बार मुलाकात के बाद निजी स्कूल संचालकों की यह मांग पूरी की गई। इन स्कूलों में अधूरी सुविधाओं और निर्धारित मानकों की अनुपालना न होने के कारण शिक्षा विभाग ने पूर्व में मान्यता रोक दी थी। विभाग का कहना है कि आगामी सत्र तक सभी स्कूलों को निर्धारित मानक पूरे करने होंगे, अन्यथा नए प्रवेश बंद कर दिए जाएंगे। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अनुसार, जिन स्कूलों को विस्तार दिया गया है, वे 30 अप्रैल 2003 से पहले स्थापित हुए संस्थान हैं या फिर 30 अप्रैल 2003 से 31 मार्च 2007 के बीच हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी से मान्यता प्राप्त कर चुके हैं। सभी स्कूलों को इस विस्तार की शर्तों को स्वीकार करते हुए एक शपथपत्र (एफिडेविट) जमा कराना होगा। प्रदेश में 2003 से अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों को हर वर्ष एक-एक वर्ष का विस्तार मिलता आ रहा है। उस समय कुल 3200 स्कूल थे, जिनमें से 2106 संस्थान अब स्थायी मान्यता प्राप्त कर चुके हैं। शेष 1032 स्कूल अभी भी भूमि और अधोसंरचना संबंधी कमी के कारण मानक पूरे नहीं कर पाए हैं। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अस्थायी राहत अंतिम मानी जाए और आगामी शिक्षण सत्र तक सभी संबंधित संस्थानों को आवश्यक सुधार पूरे करने होंगे।

सुरक्षा अलर्ट! संवेदनशील इलाके में टोल प्लाजा संचालन पर विवाद, मंत्री ने दिए जांच के आदेश

गुरुग्राम  केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने शुक्रवार को स्थानीय पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पंचगांव चौक पर निर्माणाधीन टोल प्लाजा के विषय में एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में प्रधान सलाहकार (शहरी विकास) डी.एस. ढेसी, डीसी अजय कुमार, SDM मानेसर दर्शन यादव, HSIIDC के AGM राजीव गोयल, NHAI के प्रोजेक्ट निदेशक तिलक राज सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि NHAI के अधिकारी पंचगांव के पास टोल प्लाजा को शिफ्ट करने की प्रक्रिया में स्थानीय ग्रामीणों के सुगम आवागमन और प्रमुख मार्गों पर उनकी सीधी कनेक्टिविटी का विशेष ध्यान रखें। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन और NHAI द्वारा टोल प्लाजा के लिए चिन्हित स्थल का नक्शा भी देखा। राव ने बताया कि सहरावन और पंचगांव के बीच चिन्हित स्थान राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील क्षेत्र है। जिसको लेकर संबंधित अधिकारियों ने कुछ आपत्तियां दर्ज कराई हैं। उन्होंने NHAI को निर्देश दिया कि इन आपत्तियों पर विचार करते हुए उनके निवारण या वैकल्पिक स्थान की दिशा में आगे बढ़ा जाए। केंद्रीय मंत्री ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि इस विषय में विस्तृत खाका तैयार कर मंगलवार तक उनके कार्यालय में प्रस्तुत करें ताकि केंद्रीय स्तर पर समन्वय बैठक आयोजित की जा सके। मानेसर में फ्लाईओवर निर्माण से पूर्व वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था आवश्यक बैठक में राव ने कहा कि मानेसर में प्रस्तावित एलिवेटेड फ्लाईओवर के निर्माण से पूर्व जिला प्रशासन और NHAI वाहनों के सुगम आवागमन हेतु वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने सुझाव दिया कि गुरुग्राम–पटौदी–रेवाड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग (352D) के निर्माण पूरा होने के बाद ही फ्लाईओवर निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाए। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर यातायात दबाव कम होगा और जनता को असुविधा से राहत मिलेगी। राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि किसी भी विकास योजना का उद्देश्य तभी सार्थक माना जाएगा, जब उसका सीधा लाभ स्थानीय नागरिकों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि योजनाएं केवल निर्माण या ढांचे तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उनमें लोगों की सुविधा और क्षेत्र की सुरक्षा का समुचित समावेश होना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी परियोजना पर निर्णय लेने से पहले ग्रामीणों की आवश्यकताओं, यातायात की सहजता और भविष्य में क्षेत्र के औद्योगिक विस्तार पर उसके प्रभाव का संतुलित मूल्यांकन किया जाए।

उमा भारती ने दी चेतावनी, 2029 के लोकसभा चुनाव में हिस्सेदारी पक्की

जबलपुर   मध्यप्रदेश की पूर्व सीएम और भाजपा की फायर ब्रांड नेता उमा भारती ने 2029 का लोकसभा चुनाव जरूर लड़ने का ऐलान किया है। जबलपुर में गोपाष्टमी पर्व के मौके पर गोसंवर्धन संकल्प सभा में पहुंची थीं और इसी दौरान उन्होंने मंच से ये ऐलान किया। उमा भारती ने कहा कि वो साल 2029 में लोकसभा का चुनाव जरूर लड़ेंगी। क्योंकि सांसद और मंत्री बनने से आम जनता का भला करने का मौका मिलता है। साथ ही यह भी कहा कि उन्होंने चुनाव लड़ने से उनने कभी इंकार नहीं किया था, बस उसे टाला था। 'लाड़ली बहनों को पैसों के साथ मिले एक-एक गाय' गोसंवर्धन संकल्प सभा को संबोधित करते हुए उमा भारती ने गाय का जिक्र करते हुए कहा कि गाय सेक्युलेरिज्म के चक्कर में फंस गई है। कई नेता डर के मारे गाय पर बोलने से बचते हैं। क्योंकि उन्हें यह लगता है कि धर्म विशेष का वोटर नाराज हो जाएगा। उमा भारती ने आगे कहा कि लाड़ली बहनों को जो राशि मिल रही है वो तो मिलनी ही चाहिए लेकिन इसके साथ ही लाड़ली बहनों को एक-एक दुधारू गाय भी देनी चाहिए। इससे उनकी आमदनी 3 हजार से बढ़कर 10 हजार तक हो जाएगी। वहीं उन्होंने कहा राम के नाम पर पूरा भारत एक हुआ। लेकिन भगवान के कार्य पूरे नहीं हुए हैं। ललितपुर से चुनाव लड़ने की जता चुकी हैं इच्छा बता दें कि उमा भारती बीते दिनों यूपी के ललितपुर के दौरे पर थीं और तब उन्होंने वहां पर भी 2029 का लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी। तब उन्होंने कहा था कि यदि पार्टी अनुमति देती है तो वे 'अगला लोकसभा चुनाव झांसी लोकसभा सीट' से लड़ेंगी। उमा ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर भी अपनी इच्छा जाहिर कर दी थी । सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा था कि 'अगर पार्टी कहेगी तो मैं चुनाव जरूर लड़ूंगी, लेकिन मैं सिर्फ झांसी से ही चुनाव लड़ूंगी।' तब उन्होंने ये भी कहा था कि उनका बुंदेलखंड क्षेत्र से गहरा जुड़ाव है, और वे चाहेंगी कि आने वाले लोकसभा चुनाव में बुंदेलखंड की जनता एक बार फिर उन्हें लोकसभा तक पहुंचाए।

एआई, बिग डेटा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, कोडिंग एंड प्रोग्रामिंग जैसी भविष्य की प्रौद्योगिकियों में प्रदान किए जाएंगे प्रमाण पत्र

गोरखपुर उद्योग और सेवा क्षेत्र की मांग के अनुसार अद्यतन व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए सैमसंग इंडिया के सहयोग से संचालित सैमसंग इनोवेशन कैंपस के तहत गोरखपुर विश्वविद्यालय के 1600 विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है। प्रशिक्षण प्राप्त विद्यार्थियों को शनिवार को प्रमाण पत्र का वितरण किया जाएगा। योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित प्रमाण पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुछ विद्यार्थियों को अपने हाथों से प्रमाण पत्र सौंपेंगे। इस अवसर पर विद्यार्थियों को सीएम योगी से मार्गदर्शन भी प्राप्त होगा।  सैमसंग इनोवेशन कैंपस प्रमाण पत्र वितरण समारोह में  विशिष्ट अतिथि के रूप में सैमसंग इंडिया के प्रेसिडेंट एवं सीईओ जेबी पार्क तथा इलेक्ट्रानिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल आफ इंडिया के अध्यक्ष विनोद शर्मा की सहभागिता रहेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन करेंगी। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के 1600 से अधिक विद्यार्थी, जिन्होंने सैमसंग इनोवेशन कैंपस के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त किया है, उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डेटा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, कोडिंग एंड प्रोग्रामिंग जैसी भविष्य की प्रौद्योगिकियों में प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम इलेक्ट्रानिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल आफ इंडिया के सहयोग से तथा स्वदेश (सोशल वेलफेयर एंड डेवलपमेंट फॉर इम्पॉवर्ड सोसाइटी) संस्था द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन का कहना है कि सैमसंग इनोवेशन कैंपस जैसी पहलें विश्वविद्यालय के ‘स्किल टू एम्प्लॉयमेंट’ मिशन को नई गति देती हैं। इसका लाभ हमारे विद्यार्थियों के साथ-साथ क्षेत्र की युवा पीढ़ी को भी मिलेगा। यह गोरखपुर और पूर्वांचल के लिए डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

जबलपुर में 12 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, 16 करोड़ की संपत्ति जब्त, धान खरीदी में 43 करोड़ का घोटाला

जबलपुर  मध्य प्रदेश के जबलपुर में करोड़ों के घोटाले में सरकारी खजाने का जो नुकसान हुआ है उसको पूरा करने के लिए अब अधिकारी-कर्मचारियों की संपत्ति को नीलाम किया जाएगा. जबलपुर कलेक्टर ने 12 कर्मचारियों की संपत्ति कुर्की के आदेश जारी किए हैं. आरोप है कि, इन लोगों की मिली भगत से जबलपुर में एक धान खरीदी में घोटाला हुआ था. जिसमें सरकार को लगभग 43 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था. फिलहाल अधिकारी-कर्मचारियों से 16 करोड़ रुपए की वसूली की जा रही है. 43 करोड़ के धान घोटाले का पर्दाफाश जबलपुर में पिछले साल लगभग 43 करोड़ रुपए का धान घोटाला किया गया था. आरोप है कि, इसमें कई मिल मालिकों ने जबलपुर के सरकारी गोदाम से धान मिलिंग के लिए ली थी, लेकिन उतना चावल वापस नहीं किया. कई स्थानों पर तो अच्छी धान को गोदाम से उठाया गया था, लेकिन उसे मिलिंग के लिए ना भेज कर सीधे बाजार में बेच दिया गया. उसके बदले बाजार से खराब किस्म का चावल खरीद कर नागरिक आपूर्ति में जमा करवा दिया गया. सरकार से ट्रांसपोर्टेशन और मिलिंग का पैसा ले लिया गया. इस दौरान जिन गाड़ियों से ट्रांसपोर्टेशन दिखाया गया था, उस गाड़ियों का नंबर स्कूटर और कहीं कार का पाया गया था. 16 मिल मालिक और 12 अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ केस जब इस मामले में जांच शुरू की गई तो 43 राइस मिलर्स के अकाउंट में गड़बड़ी पाई गई. जिसमें करीब 43 करोड़ रुपए का धान घोटाला हुआ. सरकार को चूना लगाने के साथ ही कई किसानों के साथ भी धोखाधड़ी की गई और उन्हें पैसा नहीं दिया गया. तत्कालीन कलेक्टर दीपक सक्सेना ने जब इस मामले की बारीकी से जांच करवाई तो 16 मिल मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. वहीं 12 अधिकारी कर्मचारियों को भी दोषी पाया गया. इन लोगों के खिलाफ भी गबन का मुकदमा दर्ज किया गया. क्योंकि इन अधिकारी कर्मचारियों की भी इस पूरे फर्जीवाड़े में मिलीभगत थी. सहकारी समिति के 4 कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज इस मामले में सरकार को लगभग 43 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ. जिसमें से 16 करोड़ रुपए की वसूली अधिकारी कर्मचारी से किया जाना है. जबलपुर के वर्तमान कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कर्मचारियों के खिलाफ नोटिस जारी किए हैं और उनकी चल अचल संपत्ति को कुर्क किया जा रहा है. इसी को बेचकर सरकार अपना नुकसान पूरा करेगी और किसानों को भुगतान करेगी. इस मामले में चार सहकारी समिति के कर्मचारियों को और अधिकारियों के खिलाफ नोटिस जारी किए गए हैं. अधिकारी और सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगी धान खरीदी जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कहा कि "पूर्व के अनुभव अच्छे नहीं हैं. इसलिए इस बार खरीदी में ज्यादातर स्वयं सहायता समूह को आगे लाया जा रहा है, उनकी ट्रेनिंग की जा रही है. खरीदी का पूरा काम सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगा. पहले स्तर पर सर्वेयर, नोडल ऑफिसर और सीसीटीवी कैमरे के बावजूद भी दूसरे अधिकारियों की भी ड्यूटी लगा रहे हैं. जो इस पूरी धान खरीदी को अपने निगरानी में करवाएंगे. धान खरीदी की रिपोर्ट प्रतिदिन तैयार की जाएगी." सरकारी घाटे या नुकसान को इसी तरीके से अधिकारी कर्मचारियों के व्यक्तिगत चल अचल संपत्ति के माध्यम से बेचकर वसूला जाएगा. तो दूसरे अधिकारी कर्मचारियों में भी इस बात की दहशत होगी कि यदि वे गड़बड़ करते हैं तो कल इसी तरह की कार्यवाही उनके खिलाफ भी हो सकती है.

CM योगी का बड़ा हमला: बिहार में RJD के दौर में अपराधियों का था राज, जनता त्रस्त थी

सीवान  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने बिहार के मतदाताओं से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के मार्गदर्शन में निरंतर विकास सुनिश्चित करने के लिए राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार को फिर से चुनने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और उन्हें "अंग्रेजों का उत्तराधिकारी" बताया। विकसित बिहार के लिए, हमें एनडीए सरकार चाहिए- CM Yogi योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को सीवान में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, "एनडीए ने यूपी में वादा किया था कि वह माफिया राज और दंगों को खत्म करेगा। पिछले 8.5 सालों में एक भी दंगा नहीं हुआ है, और जब किसी ने भड़काने की कोशिश की तो दंगा भड़काने के लिए उन्हें न केवल जेल में डाला गया, बल्कि उनकी संपत्ति जब्त कर ली गई और गरीबों के लिए घर बनाने में इस्तेमाल की गई। उन्होंने कहा कि  एक विकसित भारत के लिए, हमें एक विकसित बिहार चाहिए और एक विकसित बिहार के लिए, हमें एनडीए सरकार चाहिए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व और प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में, हमें बिहार में एनडीए सरकार को फिर से स्थापित करना होगा।" राजद के शासन में बिहार में अराजकता और गुंडागर्दी व्याप्त थी- CM Yogi मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और उन्हें "अंग्रेजों का उत्तराधिकारी" बताया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों की उत्तराधिकारी होने के नाते, कांग्रेस ने उसी ब्रिटिश परंपरा का पालन करते हुए, पहले पूरे बिहार के लिए संकट पैदा किया। इसने बिहार के विकास में बाधा डाली। जो कुछ बचा था, उसे राजद ने पूरी तरह से मिटा दिया। राजद के शासन में, बिहार में अपराध और अपहरण एक उद्योग बन गए थे। राजद के शासन में बिहार में अराजकता और गुंडागर्दी व्याप्त थी। वे बिहार के युवाओं के लिए पहचान का संकट पैदा कर रहे थे।   

दिवंगत IPS वाई. पूरन कुमार के केस में नया मोड़, IAS पत्नी अमनीत ने फोन-लैपटॉप लौटाने की रखी मांग

चंडीगढ़  हरियाणा की वरिष्ठ IAS अधिकारी अमनीत पी. कुमार ने चंडीगढ़ की अदालत में याचिका दायर कर अपने दिवंगत पति IPS वाई. पूरन कुमार का मोबाइल फोन और लैपटॉप वापस दिलाने की मांग की है। यह दोनों उपकरण पुलिस ने आत्महत्या मामले की जांच के दौरान जब्त किए थे। अदालत ने इस आवेदन पर चंडीगढ़ पुलिस सहित सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा है। सूत्रों के अनुसार, IPS अधिकारी के परिवार ने अदालत के आदेश के बाद लैपटॉप पुलिस को सौंपा था, लेकिन इससे पहले उन्होंने उसे देने में कुछ देरी की थी। पुलिस का कहना है कि यह लैपटॉप एक अहम सबूत है, क्योंकि इसे अधिकारी ने अपना अंतिम नोट टाइप करने के लिए इस्तेमाल किया था। पुलिस ने बताया कि यह लैपटॉप CFSL (सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) भेजा जाना है, ताकि नोट की प्रामाणिकता, फिंगरप्रिंट और ईमेल अकाउंट्स की जांच की जा सके। इसके अलावा, पुलिस ने वाई. पूरन कुमार के दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। गौरतलब है कि 2001 बैच के IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार की 7 अक्तूबर 2025 को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित आवास पर गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस जांच में इसे आत्महत्या का मामला बताया गया था। मृतक अधिकारी ने अपने सुसाइड नोट में 16 वरिष्ठ IAS और IPS अधिकारियों के नाम दर्ज किए थे, जिन पर उन्होंने उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए अपने कदम के लिए जिम्मेदार ठहराया था। पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी रखे हुए है।

तेजी से बढ़ रहे डेंगू केस: सिरसा में 275 मरीज, प्रशासन ने जारी की सख्त हिदायतें

सिरसा  जिले में डेंगू के केस लगातार बढ़ते जा रहे है। अब तक 275 मरीज डेंगू के मिल चुके है, जिनमें से 235 मरीज ठीक भी हो चुके है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार दिवाली के त्यौहार बीतने के बाद नवंबर महीने में डेंगू के मरीज बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग सिरसा जिला में लोगों को अपने आस पास के एरिया में साफ-सफाई रखने की हिदायत जारी कर रहे है। डेंगू का लक्षण मिलने के बाद तुरंत अपने नजदीकी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करवाएं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार ग्रामीण इलाकों में ज्यादा डेंगू के मरीज बढ़ रहे है। लारवा मिलने पर नोटिस जारी स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार संदिग्धों के सैंपल एकत्रित करने और लार्वे की तलाश के लिए सर्वे किया जा रहा है। विभाग ने जिले में अब तक काफी लोगों को लारवा मिलने पर नोटिस जारी किए गए हैं। नागरिक अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 30 बेड लगाए हैं, लेकिन अस्पताल में नाम मात्र मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। विभाग ने अब तक करीब सैंकड़ों संदिग्ध लोगों के सैंपल एकत्र किए हैं। कई दिन पहले हुए बारिश होने के बाद अभी भी शहर में अलग-अलग स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इसके कारण डेंगू व मलेरिया के मच्छरों के पनपने का खतरा बढ़ गया है और केसों की संख्या में बढ़ोतरी होने की आशंका भी जताई जा रही है। शहर में फॉगिंग भी करवाई जा रहीः डिप्टी सीएमओ सिरसा नागरिक अस्पताल के डिप्टी सीएमओ डॉ गौरव अरोड़ा ने बताया कि जिला में डेंगू के 275 मरीज मिले है जिनमें से 235 मरीज स्वस्थ हो चुके है। उन्होंने कहा कि सिरसा शहर में फॉगिंग भी करवाई जा रही है। साथ में सीएमओ ने लोगों से अपील की कि लोगों को कूलर, फ्रिज के पिछले हिस्से, टायरों में पानी जमा नहीं होने दें। डेंगू के बचाव के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनने। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें क्षेत्रों में लगातार सर्वे कर रही हैं और लार्वा को नष्ट करने के लिए दवाओं का छिड़काव भी किया जा रहा है।  स्वास्थ्य विभाग ने नगरपरिषद से किया ये आग्रह  खाली प्लाटों में जलभराव की समस्या को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने नगरपरिषद से आग्रह किया है कि प्लाट मालिकों को नोटिस जारी किए जाएं और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इन प्लाटों में बारिश का पानी भरने से मच्छरों के लार्वा तेजी से पनप रहे हैं, जिससे बीमारी फैलने की आशंका बढ़ गई है।