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रन फॉर यूनिटी में युवा जुटे, सीएम बोले- सरदार पटेल ने विभाजनकारी रियासतों को जोड़ा

भोपाल  सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर भोपाल के शौर्य स्मारक पर एकता दिवस का कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी। दो हजार युवाओं ने लगाई दौड़ शौर्य स्मारक से लाल परेड ग्राउंड तक करीब दो हजार युवाओं ने दौड़ लगाकर एकता का संदेश दिया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने शौर्य स्मारक से रन फॉर यूनिटी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जम्मू कश्मीर का मुद्दा यूएन में ले जाना बड़ी गलती थी सीएम ने कहा कि जम्मू कश्मीर का मुद्दा, धारा 370 के मुद्दे को यूएन में ले जाना ये उस समय की बहुत बड़ी गलती थी। उस घटना पर सरदार पटेल ने कहा था कि देश के मसले को देश के लोग सुलझाएंगे। पड़ोस के देश में कोई विवाद होगा तो पड़ोसी देश के नेता और हमारे नेता बैठकर हल करेंगे। इसमें तीसरे पंचायत की जरूरत नहीं हैं। वो हम सबने भोगा है। सीएम ने कहा – आज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरदार पटेल के इस भाव पर कायम हैं कि हमें कोई थर्ड पार्टी नहीं चाहिए, वन टू वन बात होना चाहिए। चाहे ऑपरेशन सिंदूर हो या कुछ भी हो ये सरदार पटेल की उसी भावना का प्रकटीकरण है। राष्ट्र को समर्थ होना चाहिए। सरदार पटेल ने अंग्रेजों को टैक्स देने की प्रथा के खिलाफ आंदोलन किया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरदार पटेल किसान परिवार से आते थे उनके बडे़ भाई बिट्‌ठल भाई पटेल थे। इन दोनों भाईयों की जोड़ी ने नाम कमाया। बिट्‌ठल भाई तो उस समय के बडे़ नेता थे, लेकिन वल्लभ भाई ने वकालत के जीवन के दौरान कई आश्चर्य जुडे़ हैं। सरदार पटेल का कहना था कि अगर अकाल पड़ गया है लोग भूखे मर रहे हैं तो अंग्रेजों को टैक्स नहीं देना चाहिए। उस समय आक्रोशित भाव से सरदार पटेल, महात्मा गांधी के पास गए और गांधी जी ने सहजता से उस आंदोलन में साथ देकर भूमिका निभाई। पटेल को मिली सरदार की उपाधि सीएम ने कहा कि बारडोली के आंदोलन के बाद वल्लभ भाई पटेल सरदार पटेल के नाम से जाने गए। नमक आंदोलन जो गांधी जी ने शुरू किया था। आजादी के हर आंदोलन की सफलता में कोई रहा तो वह नाम है सरदार वल्लभ भाई पटेल है। पटेल ने देश को एकता के सूत्र में बांधा सीएम ने कहा जब अंग्रेजों ने तय कर लिया कि भारत छोड़कर जाना है और अंग्रेज एक भयंकर षड्यंत्र करके देश के टुकडे़-टुकडे़ करना चाहते थे। विभाजन की विभीषिका में देश को कैसे सुरक्षित रखा जाए, ये पटेल ने सोचा। भारत, पाकिस्तान के विभाजन की विभीषिका लिख दी गई उसके साथ ही 562 रियासतों को फ्री करने का निर्णय लिया। उन रियासतों में हमारा भोपाल भी एक है। राजा भारत का पैसा पाक के बैंक में भिजवा देते थे सीएम ने कहा कि हमारे भारतीय स्टेट बैंक की तरह पाकिस्तान का जो बैंक है उस समय यहां का पैसा उठाकर पाकिस्तान में भिजवा देते थे। भोपाल सहित हैदराबाद, जूनागढ़ ऐसी कई स्टेट थीं जो भारत में मिलने से मना कर रही हैं। लेकिन ये अपने आप में केवल कागज पर नहीं थे। सर्वसुविधायुक्त सैन्य शक्ति से संपन्न थे जिन्हें अंग्रेजों ने यह कहकर छोड़ दिया था कि आपकी इच्छा हो तो मिलो अन्यथा आप स्वतंत्र हो। रियासतों को जोड़ने का काम पटेल ने किया सीएम ने कहा कि आजादी के साथ ही एक नेता जिसने भारत पाकिस्तान के विभाजन के समय में अपनी युक्ति बुद्धि से भारत की एक-एक रियासत के सारे राजा-महाराजाओं को समझाकर जोड़ते जा रहे थे। जोड़ते हुए ये अहसास किया कि आज जोड़ रहे हैं, लेकिन कल क्या होगा? भारतीय प्रशासनिक सेवा के आईएएस, आईपीएस अफसरों की रचना भी उन्होंने बनाई थी। जब वे गृह मंत्री थे उन्होंने सारे प्रबंध किए नियमावली बनाई। सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार करके एक हजार साल पुराना विवाद सुलझाया था। सरकारी मदद के बगैर इतना बड़ा मंदिर बनाकर देश का स्वाभिमान जगाने का काम किया। जब देश आजादी की तरफ कदम बढ़ाता है तब ऐसे महापुरुष रहते हैं भविष्य में उनकी बातों की कीमत रहती है।

मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण को नई उड़ान: नौरादेही में भी बसेंगे चीते – सीएम डॉ. यादव

नौरादेही अभयारण्य में भी चीते छोड़ने की योजना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने मां नर्मदा में मगरमच्छ छोड़ने के बाद मीडिया को दी जानकारी भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। मध्यप्रदेश में ईश्वर के आशीर्वाद से थलचर, जलचर और नभचर सभी प्रकार के जीव स्वच्छंद रूप से अपना जीवन यापन करते हैं। आज ओंकारेश्वर में मां नर्मदा के निर्जन स्थान पर मगरमच्छ प्राकृतिक आवास पर छोड़े गए हैं। मां नर्मदा के वाहन मगरमच्छ हैं, जो मध्यप्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में पाए जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को खण्डवा में मां नर्मदा के तट पर मगरमच्छ छोड़ने के बाद मीडिया कर्मियों से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर वन मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो चीता पूरे एशिया से गायब हो गया था उन चीतों के पुनर्स्थापन का प्रयास विश्व में कई जगह हुआ, लेकिन हमें खुशी है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के आशीर्वाद से मध्यप्रदेश में चीता पुनर्स्थापन का ऐतिहासिक कार्य हुआ। यह पुनर्स्थापना पहले पालपुर कूनो और बाद में राज्य के अंदर ही गांधी सागर में हुआ है। बहुत जल्द नौरादेही एक और अभयारण्य बनने वाला है। इसमें अफ्रीका, नामीबिया से चीते लाकर छोड़े जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मां नर्मदा के प्रवाह में चार मादा दो नर मगर छोड़े गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में घड़ियाल और मगरमच्छ, चम्बल, सोन बरगी और अन्य नदियों में हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल का ईको -सिस्टम पर्यावरण की भी रक्षा करता है। जिस प्रकार मां नर्मदा का आशीर्वाद सबको मिलता है, मां नर्मदा अपने वाहन मगर को भी आशीर्वाद दे और प्राकृतिक रूप से स्वच्छता का यह कार्य होता रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खंडवा जिले में हुए इस शुभ कार्य के लिए और प्रदेश की स्थापना दिवस के लिए प्रदेशवासियों को बधाई दी।  

डिजिटल व्यापार में मध्यप्रदेश की बड़ी छलांग: जेम प्लेटफॉर्म पर 86 हजार से अधिक विक्रेताओं की प्रोफाइल पूर्ण

भोपाल मध्यप्रदेश में गवर्मेंट ई-मार्केट (जेम) का दायरा लगातार बढ़ रहा है। राज्य के 86 हजार से ज्यादा विक्रेताओं ने इस प्लेटफॉर्म पर अपनी प्रोफाइल पूरी कर ली है। मध्यप्रदेश के सूक्ष्म और लघु उद्यमों को राज्य के खरीदारों से 5,523 करोड़ रुपए, अन्य राज्यों के खरीदारों से 2,030 करोड़ रुपए और केंद्रीय खरीदारों से 20,298 करोड़ रुपए के ऑर्डर मिले हैं। यह मजबूत भागीदारी, राष्ट्रीय सार्वजनिक खरीद प्रणाली में राज्य के बढ़ते एकीकरण को दर्शाती है और स्थानीय उद्यमों को व्यापक सरकारी बाजार तक पहुंच प्रदान करने में जेम की भूमिका को उजागर करती है। गवर्मेंट ई-मार्केटप्लेस-जेम और मध्यप्रदेश सरकार ने गुरूवार को भोपाल में जेम प्लेटफॉर्म को बढ़ावा देने के उपायों पर चर्चा की। गवर्मेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी  मिहिर कुमार ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव  अनुराग जैन से भोपाल में मुलाकात की और राज्य में जेम प्लेटफॉर्म को अपनाने की भावी रणनीतियों पर चर्चा की। बैठक में केंद्रीय और राज्य मंत्रालयों, विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्वायत्त निकायों, स्थानीय संस्थानों और पंचायती राज संस्थाओं सहित सभी सरकारी खरीदारों के लिए एकीकृत पारदर्शी और कुशल ऑनलाइन खरीद प्रणाली प्रदान करने के जेम के मुख्य उद्देश्य के बारे में जानकारी दी गई। दोनों पक्षों ने राज्य के भीतर सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता, समावेशिता और जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए अधिक मजबूत और सुव्यवस्थित खरीद ढांचा विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसे अपनाने में तेजी लाने की अपनी राष्ट्रीय रणनीति के तहत जेम ने उच्च संचयी सकल व्यापारिक मूल्य वाले राज्यों के साथ सीईओ-स्तरीय बातचीत सहित कई केंद्रित कार्यक्रम शुरू किए हैं। केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  पीयूष गोयल ने भी मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर राज्यों के खरीद नियमों को सामान्य वित्तीय नियमों और जेम के नियमों व शर्तों के अनुरूप बनाने के लिए प्रोत्साहित किया है। गृह मंत्रालय को भी पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि केंद्र शासित प्रदेशों में खरीद जेम के माध्यम से ही हो। मध्यप्रदेश में जेम के संचयी सकल व्यापारिक मूल्य के नई उपलब्धि हासिल करने के साथ, मध्यप्रदेश में यह भागीदारी राज्य के खरीद व्यवस्था को मजबूत करने और सभी विक्रेताओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में एक और कदम है। जेम निष्पक्षता, डिजिटल अखंडता और समावेशिता की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे प्रत्येक विक्रेता, विशेष रूप से छोटे और उभरते उद्यम, भारत के पारदर्शी, प्रौद्योगिकी-संचालित सार्वजनिक खरीद ढांचे में सार्थक रूप से भाग ले सकेंगे।  

लखनऊ में ‘रन फॉर यूनिटी’ के शुभारंभ पर बोले मुख्यमंत्री, सरदार पटेल के आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि

राष्ट्र की अखंडता के साथ कोई खिलवाड़ स्वीकार्य नहींः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में ‘रन फॉर यूनिटी’ के शुभारंभ पर बोले मुख्यमंत्री, सरदार पटेल के आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रनिर्माताओं को सम्मान देने की परंपरा स्थापित हुईः मुख्यमंत्री सीएम बोले- सरदार पटेल ने 563 रियासतों को जोड़कर गढ़ा अखंड भारत का स्वरूप प्रधानमंत्री मोदी ने धारा 370 हटाकर पटेल के संकल्प को साकार कियाः सीएम योगी जातिवाद, परिवारवाद और छुआछूत के विरुद्ध एकता की मशाल जलाएंः मुख्यमंत्री सीएम योगी का आह्वान, जातिवाद, परिवारवाद या छुआछूत के आधार पर समाज को बांटने वालों का करें विरोध सरदार पटेल से प्रेरणा लेकर हर उस शक्ति का विरोध करना चाहिए जो राष्ट्र की एकता को कमजोर करने का प्रयास करेः सीएम मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एकता दिवस पर लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण भारत रत्न सरदार पटेल को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित कर प्रदेशवासियों को एकता दिवस की दी बधाई लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में ‘भारत रत्न’ सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और कहा कि भारत की अखंडता और एकता के लिए जिन्होंने अपना जीवन समर्पित किया, उन लौह पुरुष सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम उनके आदर्शों को अपने आचरण में उतारें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन, समर्पण और त्याग आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। आइए, इस राष्ट्रीय एकता दिवस पर हम संकल्प लें कि जाति, भाषा, धर्म और क्षेत्र से ऊपर उठकर भारत की एकता और अखंडता को सुदृढ़ बनाएंगे। सरदार पटेल के आदर्शों को आचरण में लाना ही सच्ची श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से ही देश में उन महान सपूतों को सम्मान देने की परंपरा शुरू हुई है, जिन्होंने भारत को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया। उन्होंने बताया कि आज पूरे देश में 600 से अधिक स्थानों पर ‘रन फॉर यूनिटी’ के माध्यम से युवाओं में राष्ट्रभक्ति और एकता की भावना को प्रबल करने का यह अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी भारतीय परंपरा में कहा गया है कि“शिवो भूत्वा शिवं यजेत”, अर्थात जिसे हम पूजते हैं, उसके अनुरूप हमें स्वयं को ढालना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल भाषणों में नहीं, बल्कि व्यवहार में भी एकता और अखंडता के मूल्यों को अपनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केवड़िया (गुजरात) में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के रूप में सरदार पटेल की स्मृति को जीवंत बनाया गया है, जो आज राष्ट्रीय प्रेरणास्थली बन चुकी है। 563 रियासतों को जोड़कर अखंड भारत की नींव रखी मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्रता के बाद ब्रिटिश साजिशों को नाकाम करते हुए 563 रियासतों को भारत गणराज्य में शामिल कर अखंड भारत का निर्माण किया। उन्होंने कहा कि जब हैदराबाद और जूनागढ़ की रियासतों ने भारत में विलय से इनकार किया, तब लौह पुरुष ने पहले संवाद का रास्ता अपनाया, लेकिन जब राष्ट्र की अखंडता पर संकट आया, तब उन्होंने कठोर निर्णय लेकर भारत की एकता को सुरक्षित किया। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि भारत की अखंडता के साथ कोई खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर अखंड भारत के उस संकल्प को साकार किया, जो सरदार पटेल ने देखा था। यह उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उत्तर प्रदेश से केवड़िया जाएगा सांस्कृतिक दल मुख्यमंत्री ने बताया कि सरदार पटेल की 150वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में उत्तर प्रदेश से एक सांस्कृतिक दल और हस्तशिल्पियों का प्रतिनिधिमंडल केवड़िया जाएगा। राज्यपाल महोदया के नेतृत्व में 12 नवंबर को केवड़िया में सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करने का कार्यक्रम आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘स्वदेशी अभियान’ को मज़बूती देने के साथ उत्तर प्रदेश के कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने का यह अवसर भी है। 75 जिलों में गूंजी राष्ट्रीय एकता की भावना मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों में आज ‘रन फॉर यूनिटी’ के कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें लाखों युवाओं, विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, प्रशासनिक अधिकारियों और नागरिकों ने भाग लेकर राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है। जातिवाद, परिवारवाद और छुआछूत से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में कार्य करें मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि हमें उन सभी कुत्सित प्रयासों का विरोध करना चाहिए जो जातिवाद, परिवारवाद या छुआछूत के आधार पर समाज को बांटने का काम करते हैं। राष्ट्रीय एकता दिवस का यही संदेश है कि हम सब मिलकर भारत की अखंडता को सशक्त बनाएं और सामाजिक एकता को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेकर हमें हर उस शक्ति का विरोध करना चाहिए जो राष्ट्र की एकता को कमजोर करने का प्रयास करती है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद बृजलाल एवं विधायक गण उपस्थित रहे। एक्स पर भी मुख्यमंत्री ने दी लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल को श्रद्धांजलि इससे पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर भी प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं दीं और भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल को विनम्र श्रद्धांजलि दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, "महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, लौह पुरुष, 'भारत रत्न' सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि एवं प्रदेश वासियों को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' की हार्दिक बधाई। भारत की आंतरिक सुरक्षा और अखण्डता हेतु 'सरदार साहब' द्वारा किए गए अथक प्रयास हमें 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की संकल्पना की सिद्धि हेतु सदैव प्रेरित करते रहेंगे।"

आईटी पार्क से बदलेगा विंध्य का विकास परिदृश्य: उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जताया विश्वास

विंध्य क्षेत्र की प्रगति में आईटी पार्क होगा एक महत्वपूर्ण सोपान: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल आईटी कंपनियाँ टियर-2 शहरों की ओर बढ़ रही हैं, इस अवसर का उठायें अधिकतम लाभ रीवा में प्रस्तावित आईटी पार्क निर्माण की प्रगति की समीक्षा की भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में रीवा में प्रस्तावित आईटी पार्क के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि आईटी पार्क को स्टेट ऑफ द आर्ट सुविधाओं से युक्त किया जाये, जिससे देश और विदेश की अग्रणी कंपनियाँ यहाँ सुविधाजनक रूप से कार्य कर सकें। उन्होंने कहा कि रीवा में वायु परिवहन सेवाओं का तीव्र गति से विस्तार हो रहा है। यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता, शांतिपूर्ण वातावरण और आवश्यक नागरिक सुविधाएँ इसे आईटी एवं सेवा क्षेत्र के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में आईटी कंपनियाँ टियर-2 शहरों की ओर बढ़ रही हैं, ऐसे में हमें इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए। यह परियोजना विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक एवं तकनीकी विकास का एक नया अध्याय सिद्ध होगी। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने औद्योगिक पार्क गुढ़ के विकास कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अधोसंरचना विस्तार कार्य, विशेषकर जल सुविधा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए। तकनीकी समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए, जिससे उद्योगों को शीघ्र सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें। बैठक में एमपीआईडीसी के प्रबंध संचालक  चंद्रमौली शुक्ल तथा निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बताया गया कि प्रस्तावित आईटी पार्क में एक लाख वर्गफीट से भी अधिक कार्यस्थल (वर्कस्पेस) विकसित किया जा रहा है। लगभग 2,500 व्यक्ति यहाँ कार्य कर सकेंगे। 10 मंज़िला इस अत्याधुनिक भवन में 4,500 वर्गफीट के 25 मॉड्यूल होंगे, जिन्हें कंपनियों की आवश्यकता अनुसार कस्टमाइज़ किया जा सकेगा। स्टार्टअप्स के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर, प्लग एंड प्ले सुविधा तथा रेंटल मॉड्यूल्स जैसी व्यवस्थाएँ भी पार्क में उपलब्ध कराई जा रही हैं।  

लोक एवं जनजातीय संस्कृति, परम्पराओं और रंगों से सजा शहर

राजधानी के मार्गों पर गूंजा अभ्युदय मध्यप्रदेश’ का उद्घोष लोक एवं जनजातीय संस्कृति, परम्पराओं और रंगों से सजा शहर 70वें मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह अभ्युदय मध्यप्रदेश के पूर्वरंग अंतर्गत भोपाल के विभिन्न मार्गों से निकाली गईं सांस्कृतिक यात्राएं भोपाल 70वें मध्‍यप्रदेश स्‍थापना दिवस समारोह ‘’अभ्‍युदय मध्‍यप्रदेश’’ के पूर्वरंग अंतर्गत भोपाल के विभिन्न मार्गों, स्‍थलों एवं चौराहों पर गुरुवार को भव्‍य सांस्‍कृतिक यात्राएं निकाली गईं। मध्‍यप्रदेश के लोक अंचलों एवं जनजातीय क्षेत्रों के कलाकारों ने अपनी कला प्रस्‍तुत करते हुए आम नागरिकों से अपने प्रदेश के गरिमापूर्ण स्‍थापना दिवस समारोह में सहभागिता का आह्वान किया। सांस्‍कृतिक यात्राओं में अपनी पारंपरिक वेशभूषा पहनकर लोक एवं जनजातीय नृत्‍य कलाकारों को देख लोग बहुत उत्‍साहित दिखे। यात्राओं के साथ चल रहे अश्‍व एवं उनके वाद्ययंत्रों को देख युवा वर्गों आकर्षण देखने को मिला। लोग कलाकारों के साथ सेल्‍फी लेते नजर आए। लोगों ने मध्‍यप्रदेश की विविधतापूर्ण संस्‍कृति को देख सराहना की और समारोह में सहभागिता का आमंत्रण स्‍वीकार किया। सांस्‍कृतिक यात्रा के अंतर्गत दोपहर 2 बजे भोपाल के विभिन्‍न रूट से यात्राओं का शुभारंभ हुआ। इसके तहत बैरागढ़ से प्रारंभ होकर लालघाटी चौराहा- हलालपुरा- गुफा मंदिर- द्रौणाचल आर्मी कैंट- एयरपोर्ट रोड़ चौराहा – शाहजहांनाबाद होते हुए यात्रा हमीदिया अस्पताल चौराहा तक पहुंची। इस यात्रा में मालवा का पारंपरिक लोक नृत्‍य मटकी सु स्‍वाति उखले एवं साथी, उज्‍जैन द्वारा प्रस्‍तुत किया गया। मालवा अंचल का यह पारंपरिक नृत्‍य शुभ अवसरों पर महिलाओं द्वारा किया जाता है। इसके अलावा  अर्जुन बाघमारे एवं साथी, बैतूल ने ठाठ्या नृत्‍य की प्रस्‍तुति दी। यह नृत्‍य दिवाली के अवसर पर गोण्‍ड जनजाति द्वारा किया जाता है। सीपेट जेके रोड़ से प्रारंभ हुई यात्रा क्वालिटी स्वीट्स पिपलानी- भेल कॉलेज- आइएसबीटी – डीआरएम ऑफिस चौराहा तक पहुंची। इस यात्रा में  लालबहादुर घासी एवं साथी, सीधी द्वारा घासी जनजातीय का घसियाबाजा नृत्‍य की प्रस्‍तुति दी गई। इसके अलावा  संतोष कुमार यादव एवं साथी, सीधी के कलाकारों ने अहिराई नृत्‍य की प्रस्‍तुति देते हुए आम नागरिकों स्‍थापना दिवस समारोह में सहभागिता का आह्वान किया और विविधतापूर्ण संस्‍कृति से भी परिचित कराया। कोलार डीमार्ट से प्रारंभ हुई यात्रा मंदाकिनी चौराहा – सर्वधर्म कॉलोनी निशाल मेगा मार्ट- शाहपुरा चौराहा – बिट्टन मार्केट होते हुए 10 नंबर मार्केट तक पहुंची। जहां बड़ी संख्‍या में लोगों ने इन नृत्‍यों को देखा और स्‍थापना दिवस समारोह के आयोजन से भी परिचित हुए। इसमें मालवांचल का गणगौर लोक नृत्‍य सु अनुजा जोशी एवं साथी, खंडवा द्वारा और धुलिया जनजातीय गुदुमबाजा नृत्य  तुलेश्वर भार्वे एवं साथी, डिण्‍डोरी द्वारा प्रस्‍तुत किया गया। इसी प्रकार सूरज नगर चौराहा से एकांत पार्क चौराहा, 6 नंबर मार्केट से प्रभात चौराहा और अशोका गार्डन से कोहेफिजा चौराहा तक बधाई, अहिराई, ढिमरायाई नृत्‍य की प्रस्‍तुतियों ने सम्‍पूर्ण भोपाल शहर के मार्गों को लोक की संस्‍कृति और रंगों से सजा दिया।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वच्छता और चिकित्सकों की समय पर उपलब्धता के दिए निर्देश

जेपी अस्पताल के नवनिर्मित भवन में शीघ्र चिकित्सा सेवाएं प्रारंभ करें: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने स्वच्छता और चिकित्सकों की समय पर उपलब्धता के दिए निर्देश चिकित्सालय परिसर का निरीक्षण कर चिकित्सकों से की वन-टू-वन चर्चा भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल जयप्रकाश जिला चिकित्सालय भोपाल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल परिसर का निरीक्षण कर विभिन्न विभागों में दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने चिकित्सालय में स्वच्छता व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता, मरीजों के उपचार की प्रक्रिया और चिकित्सकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल के सभी प्रमुख विभागों के चिकित्सकों से वन-टू-वन चर्चा कर सेवाओं की गुणवत्ता का फीडबैक लिया और मरीजों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने निर्देश दिए कि अस्पताल के नवनिर्मित भवन में चिकित्सा सेवाएं शीघ्र प्रारंभ की जाएं, जिससे मरीजों को और अधिक सुसंगठित एवं आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि नवनिर्मित भवन का शीघ्र उपयोग प्रारंभ किया जाए और आवश्यक संसाधन एवं उपकरण की समय पर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अस्पताल में संचालित प्रसूति सेवाओं, बच्चों के उपचार के लिये पी.आई.सी.यू. एवं एस.एन.सी.यू., जनरल सर्जरी, ईएनटी, आर्थोपेडिक सर्जरी, दंत सेवाओं, नेत्र सेवाओं और जनरल मेडिसिन विभाग की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने टेलीमेडिसिन सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श की सुविधा उनके नजदीकी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ही उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें उच्चस्तरीय चिकित्सा परामर्श के शहरों पर निर्भर न रहना पड़े। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. मनीष शर्मा, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. संजय जैन, आर.एम.ओ. डॉ. प्रेमेंद्र शर्मा सहित सभी विभागों के चिकित्सक उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री को अस्पताल प्रबंधन ने आउटसोर्स व्यवस्था के माध्यम से संचालित निशुल्क पैथोलॉजी, सी.टी. स्कैन और एम.आर.आई. सेवाओं की जानकारी दी। बताया गया कि वर्तमान में अस्पताल के ब्लड बैंक में होल ब्लड की सुविधा उपलब्ध है और इसके विस्तार के लिए कंपोनेंट सेपरेटर यूनिट की स्थापना की जा रही है, जिससे मरीजों को रक्त के सभी आवश्यक घटक (ब्लड कॉम्पोनेंट्स) अस्पताल से ही उपलब्ध हो सकेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ नर्मदा नदी के पावन जल में 6 मगरमच्छों का कराया जलप्रवेश

 जलीय वन्यजीव संरक्षण राज्य सरकार जीवों के संरक्षण के लिए है संकल्पबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ नर्मदा नदी के पावन जल में 6 मगरमच्छों का कराया जलप्रवेश जलीय पारिस्थितिक तंत्र एवं जल प्रवाह होगा सुदृढ़: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार जीवों के संरक्षण के लिए संकल्पबद्ध है। माँ नर्मदा का वाहन माने जाने वाले मगरमच्छों को उनके नैसर्गिक आवास में पुनर्स्थापित करना हमारी सांस्कृतिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी है। मगरमच्छों के आवास के लिए यह अत्यंत अनुकूल है और उनकी उपस्थिति से नदी का पारिस्थितिक तंत्र एवं जल प्रवाह और अधिक सुदृढ़ होगा। यह महत्वपूर्ण पहल प्रदेश में चल रहे व्यापक वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रमों की श्रृंखला का एक हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को खंडवा जिले के नर्मदानगर (पुनासा) में विधिवत रूप से पूजन कर वन विहार भोपाल से लाये गये 6 मगरमच्छों को मां नर्मदा नदी के सलिल जल में स्वच्छंद छोड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में वन्यजीवों के साथ ही मगरमच्छ जलीय जीवों के संरक्षण एवं संवर्धन में निरंतर वृद्धि होगी। प्रदेश में सभी प्रकार के जीवों के संरक्षण अभियान के तहत भारतीय संस्कृति में मनुष्य एवं वन्यजीव परस्पर एक दूंसरे पर निर्भर हैं। मगरमच्छ जलीय पारिस्थितिक तंत्र की अहम कड़ी है। इंदिरा सागर परियोजना के बैक वाटर क्षेत्र में माँ नर्मदा के वाहन के संरक्षण एवं संवर्धन की दृष्टि से पूर्ण अनुकुल माहौल उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष वन विभाग के अधिकारियों ने प्रस्तावित ओंकारेश्वर अभयारण्य के संबंध में विस्तृत कार्ययोजना एवं जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि सामान्य वनमण्डल खण्डवा के कुल वनक्षेत्र- 283773.23 हेक्टेयर अंतर्गत प्रस्तावित ओंकारेश्वर अभ्यारण्य का कुल क्षेत्रफल 61407.09 हेक्टेयर है। जिसमें खंडवा वनमंडल अंतर्गत पुनासा, मूंदी, चांदगढ़, बलडी परिक्षेत्र शामिल हैं, वहीं देवास वनमंडल के सतवास, कॉटाफोड, पुंजापुरा, उदयनगर आदि परिक्षेत्र शामिल हैं। इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, सांसद  ज्ञानेश्वर पाटिल, खंडवा की विधायक मती कंचन मुकेश तन्वे, मांधाता विधायक  नारायण पटेल, पंधाना विधायक मती छाया मोरे, खंडवा की महापौर मती अमृता अमर यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष मती पिंकी सुदेश वानखेड़े सहित जनप्रतिनिधि, संभागायुक्त  सुदाम खाड़े, आईजी  अनुराग, डीआईजी  सिद्धार्थ बहुगुणा, कलेक्टर  ऋषव गुप्ता, मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक  शुभ रंजन सेन, मध्यप्रदेश के वन बल प्रमुख  वी.एन. अंबाड़े, वन संरक्षक खंडवा सु वासु कनौजिया, वन मंडल अधिकारी  राकेश डामोर और अधिकारी उपस्थित रहे।  

विशेष आर्टिकल: बदलता उत्तर प्रदेश: ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ से सशक्त हो रही हैं नई पीढ़ी की बेटियाँ

विशेष आर्टिकल: बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ: उत्तर प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा और शिक्षा की अनुपम क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार की मिशन शक्ति फेज-5.0 के अंतर्गत बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (BBBP) अभियान ने बेटियों के जीवन को नई दिशा दी है। यह योजना न केवल कन्या भ्रूण हत्या और लिंग भेद को रोक रही है, बल्कि बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और स्वावलंबन का मजबूत आधार प्रदान कर रही है। मिशन शक्ति के सुरक्षा और सम्मान स्तंभ का यह अभियान अब तक 75 जिलों में 100% कवरेज हासिल कर चुका है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2014 से 2025 तक उत्तर प्रदेश का लिंगानुपात 878 से बढ़कर 928 प्रति 1,000 हो गया है – जो राष्ट्रीय औसत से भी बेहतर है। योजना का उद्देश्य और कार्यप्रणाली: एक संरचित दृष्टिकोण बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का मुख्य उद्देश्य है: • कन्या भ्रूण हत्या रोकना • लिंगानुपात में सुधार • बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा • सामाजिक जागरूकता और कानूनी कार्रवाई उत्तर प्रदेश में BBBP के प्रमुख कदम: कार्यक्रम प्रभाव PC-PNDT एक्ट का सख्ती से पालन 2025 में 1,200+ अल्ट्रासाउंड सेंटर सील कन्या पूजन अभियान नवरात्रि में 5 लाख+ बालिकाओं का सम्मान स्कूल एनरोलमेंट ड्राइव 98% बेटियों का प्राथमिक स्कूल में दाखिला महिला सशक्तिकरण मेला 75 जिलों में 1,500+ आयोजन प्रेरणादायक कहानी: बहराइच की राधा – बेटी बचाओ की जीवंत मिसाल बहराइच जिले के एक छोटे से गांव की राधा यादव (16 वर्ष) की कहानी BBBP की सफलता का प्रतीक है। राधा के जन्म के समय (2009) उनके परिवार पर तीसरी बेटी होने के कारण सामाजिक दबाव था। लेकिन बेटी बचाओ अभियान के तहत गांव में आयोजित जागरूकता सभा ने उनके पिता को समझाया कि "बेटी बोझ नहीं, वरदान है"। राधा को मिले लाभ: 1. जन्म के समय सम्मान: गांव पंचायत ने कन्या जन्मोत्सव मनाया, परिवार को 5,000 रुपये का प्रोत्साहन दिया। 2. शिक्षा में सहायता: BBBP के तहत मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म और साइकिल प्रदान की गई। 3. सेल्फ-डिफेंस ट्रेनिंग: मिशन शक्ति 5.0 में शामिल होकर कराटे सीखा, अब ब्लैक बेल्ट धारक। 4. स्कॉलरशिप: कक्षा 10 में 92% अंक लाने पर 25,000 रुपये की छात्रवृत्ति। 5. करियर गाइडेंस: अब NEET की तैयारी कर रही हैं, मेडिकल कॉलेज में दाखिला पक्का। राधा कहती हैं: “पहले गांव में लोग कहते थे – ‘बेटी पढ़ाओगी तो क्या डॉक्टर बनेगी?’ आज मैं उसी गांव की पहली लड़की हूँ जो मेडिकल की तैयारी कर रही हूँ। बेटी बचाओ ने मुझे बचाया, बेटी पढ़ाओ ने मुझे उड़ान दी।” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ऐतिहासिक योगदान: तारीफ के काबिल नेतृत्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने BBBP को उत्तर प्रदेश में जन आंदोलन बना दिया। उनके नेतृत्व में: • हर पंचायत में ‘बेटी बचाओ समिति’ गठित। • महिला बीट ऑफिसर ने घर-घर जाकर जागरूकता फैलाई। • PC-PNDT एक्ट के तहत 1,200+ क्लीनिक बंद, 800+ डॉक्टरों पर मुकदमा। • नवरात्रि 2025 में 5 लाख कन्या पूजन, योगी जी ने स्वयं 100 बालिकाओं को सम्मानित किया। सीएम योगी का ताजा बयान (गोरखपुर, 27 अक्टूबर 2025): “2017 से पहले बेटियां घर में कैद थीं। आज मिशन शक्ति और BBBP ने उन्हें आसमान दिया है। हमारा संकल्प है – हर बेटी पढ़ेगी, हर बेटी आगे बढ़ेगी।” योगी जी का यह संवेदनशील और सशक्त नेतृत्व उत्तर प्रदेश को ‘बेटी-मैत्री राज्य’ बनाने में मील का पत्थर साबित हुआ है। भाजपा सरकार का सराहनीय कदम: राष्ट्रीय मॉडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2015 में शुरू बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने मिशन शक्ति के साथ जोड़कर क्रांतिकारी परिणाम दिए हैं। • डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम से हर जिले का लाइव डेटा। • पिंक टॉयलेट, पिंक बसें, पिंक पेट्रोलिंग – बेटियों के लिए समर्पित। • 26 लाख+ बेटियों को कन्या सुमंगला योजना से जोड़ा। यह कदम न केवल सामाजिक सुधार है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है – क्योंकि सशक्त बेटी ही सशक्त भारत बनाएगी। निष्कर्ष: योगी सरकार की दूरदर्शिता से बेटियाँ बन रही हैं राष्ट्र की शान बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और मिशन शक्ति फेज-5.0 ने उत्तर प्रदेश को बेटियों का स्वर्ग बनाने की दिशा में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। राधा जैसी लाखों बेटियाँ आज डॉक्टर, इंजीनियर, पुलिस अधिकारी बनने की राह पर हैं। योगी आदित्यनाथ सरकार की यह पहल ऐतिहासिक है क्योंकि: • 2017 से पहले अराजकता थी – आज हर गांव में बेटी का जन्म उत्सव। • लिंगानुपात में 50 अंकों का सुधार – भाजपा शासन की देन। • PC-PNDT एक्ट का सख्त पालन – भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी शासन। • शिक्षा दर में बेटियों का 98% एनरोलमेंट – विश्व स्तर पर मिसाल। • महिला सशक्तिकरण मेला, कन्या पूजन, सेल्फ-डिफेंस – सांस्कृतिक और आधुनिक का सुंदर संगम। योगी सरकार ने साबित कर दिया है – जब इच्छाशक्ति हो, तो असंभव भी संभव हो जाता है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कोई सरकारी योजना नहीं, उत्तर प्रदेश की बेटियों का भविष्य है। आइए, हम सब मिलकर इस क्रांति का हिस्सा बनें! 📞 हेल्पलाइन: 181 | 1090 🌐 वेबसाइट: upmissionshakti.in 🎯 #BetiBachaoBetiPadhao #MissionShakti5 #YogiHaiToBetiSafeHai

विशेष आर्टिकल: ODOP ने बदली तस्वीर: यूपी के कारीगरों ने स्थानीय हुनर को बनाया वैश्विक पहचान

विशेष आर्टिकल: एक जिला एक उत्पाद (ODOP): सफलता की अनगिनत कहानियां – उत्तर प्रदेश के कारीगरों की वैश्विक उड़ान लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार की एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना ने न केवल राज्य के पारंपरिक उद्योगों को नई जान फूंकी है, बल्कि हजारों कारीगरों, किसानों और छोटे उद्यमियों की जिंदगी को हमेशा के लिए बदल दिया है। 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू की गई यह योजना अब 75 जिलों में 74 उत्पादों को कवर कर रही है, और इसके तहत अब तक 40 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिल चुका है। निर्यात में 76% की वृद्धि हो चुकी है, जो ₹2 लाख करोड़ को पार कर गया है। लेकिन ODOP की असली ताकत तो उसके लाभार्थियों की प्रेरणादायक कहानियों में छिपी है। आइए, विस्तार से जानें कैसे यह योजना साधारण लोगों को उद्यमी बना रही है, और कैसे योगी सरकार का यह कदम लाखों परिवारों का सहारा बन गया है। ODOP की सफलता: आंकड़ों से परे, जिंदगियों का बदलाव ODOP ने उत्तर प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ सामाजिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दिया है। योजना के तहत 80,000 से अधिक कारीगरों को कौशल प्रशिक्षण दिया गया, ₹50,000 से ₹5 लाख तक के बिना गारंटी ऋण वितरित किए गए, और GI टैग प्राप्त 15 उत्पादों को वैश्विक बाजार में पहचान मिली। लेकिन ये आंकड़े सिर्फ संख्याएं नहीं – ये उन कारीगरों की कहानियां हैं जो कभी बाजार की मार झेलते थे, आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चमक रहे हैं। योजना ने महिलाओं और ग्रामीण युवाओं को विशेष रूप से सशक्त किया, जिससे पलायन रुक गया और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई। अब ODOP उत्पाद अमेज़न, फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफॉर्म पर बिक रहे हैं, और G20 जैसे वैश्विक आयोजनों में उपहार के रूप में भेजे जा रहे हैं। सफलता की प्रेरक कहानियां: कारीगरों की यात्रा से प्रेरणा ODOP की सफलता लाखों कहानियों में बिखरी हुई है। यहां कुछ चुनिंदा उदाहरण हैं, जो दर्शाते हैं कि कैसे योजना ने लोगों की किस्मत पलट दी: 1. झांसी की सॉफ्ट टॉयज क्रांति: रानी लक्ष्मीबाई की धरती पर खिलौनों का साम्राज्य झांसी जिले का ODOP उत्पाद सॉफ्ट टॉयज है, जो भारतीय खिलौना उद्योग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्थानीय कारीगर शिवानी शर्मा (28 वर्ष) की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है। एक साधारण सिलाई मशीन पर घर से काम करने वाली शिवानी को ODOP के तहत ₹2 लाख का ऋण और 45-दिवसीय डिजाइन ट्रेनिंग मिली। पहले उनकी मासिक आय ₹5,000 थी, लेकिन आज वे 'झांसी क्राफ्ट टॉयज' ब्रांड के तहत 20 महिलाओं को रोजगार दे रही हैं। मासिक टर्नओवर ₹3 लाख हो गया है, और उनके उत्पाद दिल्ली के क्राफ्ट म्यूजियम में बिक रहे हैं। "ODOP ने मुझे सिर्फ पैसा नहीं, आत्मविश्वास दिया। अब मेरी बेटी भी इसी व्यवसाय में हाथ बंटाएगी," शिवानी बताती हैं। योजना ने झांसी में 500+ कारीगरों को जोड़ा, जिससे जिले का खिलौना निर्यात 40% बढ़ा। 2. देवरिया की बांस उत्पाद: पूजा शाही की 'ग्रीन क्राफ्ट' कंपनी – पर्यावरण और रोजगार का संगम देवरिया का ODOP उत्पाद बांस से बने हस्तशिल्प (जैसे थ्रेड्स, कैरी बैग्स और ऑर्गेनिक कंपोस्ट) है। पूजा शाही (32 वर्ष), एक ग्रामीण महिला उद्यमी, ने ODOP के तहत ₹3 लाख सब्सिडी प्राप्त की और देवरिया डिजाइनर प्राइवेट लिमिटेड शुरू की। पहले वे खेतों में मजदूरी करती थीं, आय ₹4,000 मासिक। अब उनकी कंपनी 30 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर मासिक ₹8 लाख का कारोबार कर रही है। उत्पाद फ्लिपकार्ट पर बिकते हैं, और पर्यावरण-अनुकूल होने से अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर आ रहे हैं। पूजा कहती हैं, "ODOP ने बांस को कचरा से खजाने में बदल दिया। अब मेरा गांव आत्मनिर्भर है।" यह कहानी योजना की सस्टेनेबल डेवलपमेंट को दर्शाती है, जहां 200+ परिवार लाभान्वित हुए। 3. हार्दोई का हथकरघा जादू: इकबाल हुसैन – बुनकर से निर्यातक तक हार्दोई का ODOP उत्पाद हथकरघा वस्त्र (कुर्ता-पजामा) है। इकबाल हुसैन (45 वर्ष) एक पारंपरिक बुनकर थे, जिनकी दुकान बाजार की कमी से बंद होने को थी। ODOP ने उन्हें ₹10 लाख ऋण और मार्केटिंग सपोर्ट दिया। आज वे 50 बुनकरों की टीम के साथ मासिक ₹15 लाख का टर्नओवर कर रहे हैं। उनके उत्पाद ODOP मार्ट पोर्टल पर उपलब्ध हैं, और यूरोप में निर्यात हो रहा है। "पहले चीनी कपड़ों से हम हार जाते थे, अब ODOP ने हमें ब्रांड बना दिया," इकबाल कहते हैं। हार्दोई में योजना से 1,000+ नौकरियां पैदा हुईं। 4. मुरादाबाद का पीतल शिल्प: कारीगरों का वैश्विक बाजार मुरादाबाद का ODOP उत्पाद पीतल के हस्तशिल्प है। मोहम्मद शाहिद (38 वर्ष) ने ODOP के कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) से मशीनरी सब्सिडी ली। पहले उनकी आय ₹6,000 मासिक थी, अब 25 कारीगरों को रोजगार देकर ₹20 लाख वार्षिक कमाते हैं। उनके उत्पाद G20 समिट में उपहार बने। योजना ने मुरादाबाद के पीतल निर्यात को दोगुना कर दिया। 5. सिद्धार्थनगर का कलानामक चावल: किसानों की सुनहरी फसल सिद्धार्थनगर का ODOP उत्पाद कलानामक चावल (GI टैग प्राप्त) है। रामप्रसाद यादव (50 वर्ष), एक किसान, ने ODOP ट्रेनिंग से जैविक खेती सीखी और ₹1.5 लाख ऋण से प्रोसेसिंग यूनिट लगाई। पहले फसल बर्बाद हो जाती थी, अब मासिक ₹2 लाख कमाते हैं। 100+ किसान जुड़े, और चावल राष्ट्रीय बाजार में बिक रहा है। 6. गोरखपुर की टेराकोटा: स्थानीय कला का पुनरुत्थान गोरखपुर का ODOP उत्पाद टेराकोटा है। सीता देवी (42 वर्ष) ने योजना से ₹75,000 टूलकिट प्राप्त की। अब वे 15 महिलाओं को प्रशिक्षित कर रही हैं, मासिक आय ₹1 लाख। उनके उत्पाद पर्यटन स्थलों पर बिकते हैं। 7. मुजफ्फरनगर का गुड़ पाउडर: माधुरमीठास ब्रांड की मिठास मुजफ्फरनगर का ODOP उत्पाद रासायनिक-मुक्त गुड़ पाउडर है। माधुरमीठास ब्रांड की संस्थापक अंजली वर्मा ने ODOP से मार्केटिंग सहायता ली। अब राष्ट्रीय स्तर पर बिक्री हो रही है, और 50 किसानों को लाभ। ये कहानियां साबित करती हैं कि ODOP ने न केवल आय बढ़ाई, बल्कि महिलाओं को सशक्त किया और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रेरक उद्गार: ODOP को आत्मनिर्भरता का आधार मुख्यमंत्री योगी ने ODOP को बार-बार 'आत्मनिर्भर भारत' का आधार बताया है। 24 जनवरी 2024 को उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर अवध शिल्पग्राम में बोलते हुए उन्होंने कहा, "पहले निर्यात ₹86,000 करोड़ था, ODOP ने इसे ₹2 लाख करोड़ कर दिया। चीनी नकली उत्पादों की जगह अब ODOP … Read more