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सरकार का बड़ा फैसला: हरियाणा में TGT शिक्षकों की सेवा अवधि 30 नवंबर तक बढ़ी

चंडीगढ़  हरियाणा के TGT (ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर) के लिए राहत भरी खबर आई है। राज्य सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से नियुक्त सभी अनुबंधित TGT का कार्यकाल 30 नवंबर तक बढ़ाने का फैसला किया है। साथ ही, शिक्षा विभाग ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि बिना विभागीय अनुमति के किसी भी अध्यापक को कार्यमुक्त न किया जाए। मौलिक शिक्षा के महानिदेशक की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि यह निर्णय मुख्य सचिव की स्वीकृति से लिया गया है, ताकि विद्यालयों में शिक्षण कार्य बिना किसी रुकावट के जारी रहे। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आर्ट और फिजिकल एजुकेशन असिस्टेंट पदों पर कार्यरत शिक्षकों का कार्यकाल भी 30 नवंबर तक बढ़ाया है। इससे उन हजारों शिक्षकों को राहत मिलेगी, जो पहले कार्यकाल समाप्त होने की स्थिति में अनिश्चितता का सामना कर रहे थे। निदेशालय ने यह भी कहा है कि जिन शिक्षकों की सेवाएं पहले बढ़ाई जा चुकी थीं, वे भी इसी अवधि तक कार्यरत रहेंगे। सभी स्कूल प्रधानाचार्यों व मुख्याध्यापकों को सख्त रूप से निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने स्तर पर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी शिक्षक बिना अनुमति के कार्यमुक्त न किया जाए। कार्यमुक्त से पहले अनुमति जरूरी विभाग ने कहा है कि यदि किसी भी कारण से किसी शिक्षक को कार्यमुक्त करने की आवश्यकता महसूस होती है, तो संबंधित जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से प्रस्ताव भेजा जाए और निदेशालय से पूर्व अनुमति प्राप्त की जाए। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कौशल रोजगार निगम के माध्यम से लगे अध्यापकों के कार्यकाल बढ़ाने संबंधी यह आदेश पूर्व निर्धारित शर्तों और नियमों के तहत ही प्रभावी रहेगा।

इंदौर पुलिस ने पकड़ा फर्जी घी का बड़ा कारोबार, 600 लीटर नकली घी बरामद

 इंदौर  प्रदेश भर में मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में इंदौर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग की टीम ने भारी मात्रा में मिलावटी घी जब्त किया है, जिसे नामी ब्रांड के पैकेट में पैक किया जा रहा था। पल्हर नगर में घर पर छापा खाद्य विभाग की टीम ने पल्हर नगर स्थित 60 फीट रोड पर एक मकान पर छापा मारा। यह मकान गिरिराज गुप्ता का है, जो मल्हारगंज क्षेत्र में प्रभुश्री ट्रेडर्स के नाम से दुकान संचालित करता है। निरीक्षण के दौरान इस मकान से मिलावट का बड़ा जखीरा बरामद हुआ। नामी ब्रांड के रैपर में 'नकली घी' अधिकारियों को मौके से बड़ी मात्रा में वनस्पति तेल, एसेंस और तैयार घी मिला। चिंता की बात यह है कि मौके से सांची, अमूल, नोवा और मालवा जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड के रैपर और आउटर कवर भी बड़ी संख्या में पाए गए। आरोपी इन रैपर का इस्तेमाल वनस्पति तेल और एसेंस से बनाए गए मिलावटी घी को पैक करने के लिए करता था। 600 लीटर घी-तेल जब्त, 6 सैंपल भेजे खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मौके से घी, तेल और एसेंस समेत कुल 6 नमूने जांच के लिए हैं। खाद्य अधिकारी मनीष स्वामी ने बताया कि कार्रवाई में कुल 27 डिब्बे वनस्पति, 13 डिब्बे तेल, 3 डिब्बे घी, 5 बोतल एसेंस और लगभग 350 रैपर जब्त किए गए हैं। * उक्त संस्थान से लगभग 600 लीटर घी और तेल जब्त किया गया है। * निर्माता का परिसर बंद करा दिया गया है। * सभी नमूनों को विस्तृत जांच के लिए राज्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जा रहा है। * संबंधित कंपनियों (अमूल, सांची आदि) को भी सूचित किया जा रहा है, ताकि वे भी अपने स्तर पर वैधानिक कार्रवाई कर सकें। मिलावटखोरी बर्दाश्त नहीं: कलेक्टर कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मिलावटखोरी के विरुद्ध इस तरह की सख्त कार्रवाई भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी। 

कैलाश विजयवर्गीय का स्वास्थ्य ठीक, थकान पर अस्पताल में भर्ती, नियमित जांच पूरी

इंदौर  मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को गुरुवार को बांबे अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह गुरुवार सुबह नियमित जांच के लिए अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टरों ने उनकी प्राथमिक जांच के बाद उन्हें भर्ती होने की सलाह दी।देर शाम तक विजयवर्गीय की कई जांचें हुईं। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें थकान थी। जांच रिपोर्ट सामान्य है। उन्हें आराम की सलाह दी है। व्यस्त दिनचर्या के चलते हुए थकान बॉम्बे अस्पताल के उप निदेशक राहुल पाराशर ने बताया, ''मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को पिछले चार-पांच दिनों से व्यस्त दिनचर्या के कारण अत्यधिक थकान महसूस कर रहे थे, जिसके कारण उन्हें पर्याप्त आराम नहीं मिल पाया था. इसी के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. प्राथमिक जांच और परीक्षण किए गए हैं, अब उनकी हालत स्थिर है.'' उन्होंने कहा कि, ''विजयवर्गीय फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में एक वार्ड में आराम कर रहे हैं और उन्हें पूरी तरह आराम करने की सलाह दी गई है. उन्हें जल्द ही छुट्टी मिलने की उम्मीद है, हालांकि रात होते-होते विजयवर्गीय को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया.'' महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया थकान के कारण वे अस्पताल में भर्ती हुए थे. हालांकि अब उन्हें छुट्टी दे दी गई है वह घर पर आराम कर रहे हैं.'' उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, मंत्री बिल्कुल ठीक हैं आप लोग निश्चिंत रहें और बॉम्बे हॉस्पिटल की तरफ ना जाएं. डॉक्टरों ने दी आराम करने की सलाह कैलाश विजयवर्गीय के नजदीकी सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि, मंत्री कई दिनों से लगातार दौरे कर रहे हैं, जिसके चलते उन्हें थकान हुई है. इसी बीच उनकी तबीयत खराब हो गई थी. अस्पताल से उन्हें छुट्टी मिल गई है. डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी है, अब वह घर पर ही आराम कर रहे हैं.   कैलाश विजयवर्गीय का सियासी करियर कैलाश विजयवर्गीय इंदौर-1 विधानसभा से विधायक हैं और मध्य प्रदेश में कैबिनेट मंत्री हैं. उनके पास नगरीय विकास एवं आवास विभाग है. उन्होंने इंदौर से अपने सियासी करियर की शुरुआत की थी. उन्होंने वर्ष 1975 में विद्यार्थी परिषद के माध्यम से छात्र पॉलिटिक्स में प्रवेश किया. 1983 में वह पहली बार नगर पालिक निगम इंदौर के पार्षद बने. 2000 में उन्हें इंदौर पालिक नगर निगम का महापौर बनाया गया था. इसके बाद से उनका राजनीतिक करियर चमकता गया. 1990 में पहली बार विधायक बने. कैलाश विजयवर्गीय अपने बयानों को लेकर अकसर चर्चाओं में रहते हैं.  

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने राष्ट्रीय एकता दिवस की दिलायी शपथ

भोपाल  मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में प्रात: 10 बजे राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलायी। इसके पूर्व सरदार वल्लभ भाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। शपथ में सभी अधिकारियों-कर्मचारियों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करने और अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना योगदान करने का भी सत्यनिष्ठा से संकल्प लिया। इस अवसर पर  अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा,  के.सी. गुप्ता,  संजय दुबे,  संजय कुमार शुक्ल,  शिवशेखर शुक्लासहित मंत्रालय, विंध्याचल,सतपुड़ा भवन और पुलिस विभाग के अधिकारी- कर्मचारी उपस्थितरहे।

सीमा पर बीएसएफ का ऑपरेशन ‘क्लीन बॉर्डर’: पाक ड्रोन, हेरोइन और हथियार जब्त

चंडीगढ़  भारत-पाक सीमा पर एक बार फिर BSF (सीमा सुरक्षा बल) की सतर्कता और सटीक खुफिया कार्रवाई ने पाकिस्तान प्रायोजित गतिविधियों को नाकाम कर दिया है। BSF ने पंजाब के सीमावर्ती जिलों में चलाए गए विशेष ऑपरेशन में तीन पाकिस्तानी ड्रोन, हेरोइन और हथियार बरामद किए हैं। वहीं, दूसरी ओर पंजाब पुलिस ने खालिस्तानी नारे लिखने और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल प्रतिबंधित संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (एसएफजे) के तीन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा, BSF ने फिरोजपुर सेक्टर में एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को भी काबू किया है। इन लगातार हुई कार्रवाइयों ने साबित कर दिया है कि सीमाओं पर भारत की सुरक्षा एजेंसियां पूरी मुस्तैदी से डटी हुई हैं और किसी भी कीमत पर देश की अखंडता से समझौता नहीं करेंगी। BSF प्रवक्ता के अनुसार, अमृतसर और फिरोजपुर सेक्टर के कई गांवों – धनोई कलां, रानियां, दाओके और हबीबवाला में सटीक खुफिया इनपुट के आधार पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस अभियान में तीन पाकिस्तानी ड्रोन (डीजेआई माविक 3 मॉडल) बरामद किए गए, जिनके साथ 3.8 किलोग्राम से अधिक हेरोइन और गोला-बारूद भी मिला है। BSF ने बताया कि ड्रोन का इस्तेमाल पाकिस्तान की ओर से भारत में नशीले पदार्थ गिराने के लिए किया जा रहा था। स्थानीय पुलिस की मदद से चलाए गए ऑपरेशन में यह तस्करी नेटवर्क ध्वस्त किया गया। प्रवक्ता ने कहा कि यह लगातार बरामदियां BSF की सतर्कता, समन्वय और अटूट प्रतिबद्धता का परिणाम हैं। BSF सीमा पार से आने वाले हर खतरे के खिलाफ एक मज़बूत ढाल के रूप में कार्य कर रही है। तीन एसएफजे समर्थक गिरफ्तार सीमा पार की नापाक कोशिशों के बीच, पंजाब पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने भी बठिंडा जिले में एक अहम सफलता हासिल की है। पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (एसएफजे) के तीन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने भिसियाना और मननवाला गांवों के स्कूलों की दीवारों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखे थे।   पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि इन आरोपियों को अमेरिका में बैठे एसएफजे के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू का सीधा समर्थन प्राप्त था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इन लोगों को विदेशी फंडिंग मिल रही थी और वे जन अशांति भड़काने व राष्ट्र-विरोधी माहौल पैदा करने की साजिश में शामिल थे। डीजीपी ने कहा कि राज्य में किसी भी राष्ट्र-विरोधी गतिविधि को फैलने नहीं दिया जाएगा। पुलिस ने पेशेवर और वैज्ञानिक तरीके से जांच कर यह सुनिश्चित किया कि दोषी कानून के शिकंजे से बच न सकें। घुसपैठ की कोशिश नाकाम, पाक नागरिक गिरफ्तार इस बीच, फिरोजपुर सेक्टर के जलालाबाद इलाके में तैनात BSF जवानों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक पाकिस्तानी नागरिक को अवैध रूप से भारतीय सीमा में दाखिल होते हुए पकड़ लिया। घटना बार्डर आउटपोस्ट डीआरडी पोस्ट नंबर-5 के पास की है। ड्यूटी पर मौजूद हवलदार शेख हामिद और कांस्टेबल पवन कुमार ने सतलुज दरिया किनारे एक व्यक्ति को संदिग्ध तरीके से घुसपैठ करते देखा। चेतावनी देने के बाद BSF ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम इमतियाज़ अहमद, निवासी गांव परवाल, तहसील नरवाल, जिला शकरगढ़ (पाकिस्तान) बताया। प्रारंभिक जांच के बाद बहिराम पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है और BSF आगे की पूछताछ कर रही है।

हाई कोर्ट ने नगर निगम को रोका, स्कूल और कॉलेजों से उपकर वसूलने से मना किया

 इंदौर  शैक्षणिक संस्थानों को राहत देते हुए हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने कहा है कि नगर निगम शैक्षणिक संस्थानों के भूमि-भवन जिनका उपयोग वे खुद कर रहे हैं, उस पर शिक्षा उपकर और शहरी विकास उपकर नहीं ले सकता। कोर्ट की एकलपीठ ने एक निजी स्कूल की ओर से दायर याचिका की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है। हाई कोर्ट ने वसूली के आदेश को निरस्त कर दिया है। निगम ने इस निजी स्कूल को वर्ष 2021 में लाखों रुपये की वसूली के लिए नोटिस जारी किया था। इसे चुनौती देते हुए स्कूल ने याचिका दायर की। स्कूल प्रबंधन का कहना था कि पूर्व में हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ शैक्षणिक संस्थानों को संपत्तिकर, शिक्षा उपकर और शहरी विकास शुल्क से छूट दे चुकी है। इस पर निगम की तरफ से तर्क रखा गया था कि हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के फैसले के खिलाफ अपील की गई है। हालांकि इस पर अब तक कोई फैसला नहीं हुआ है। हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था जो गुरुवार को जारी हुआ। कोर्ट ने नगर निगम से कहा है कि वह निजी स्कूल द्वारा जमा की गई राशि को उसके खातों में समायोजित करे। इसके साथ ही दो माह में जो राशि शिक्षा उपकर और शहरी विकास उपकर के रूप में जमा की गई है, उसे भी निजी स्कूल को लौटाया जाए। इस तरह मामले में स्कूल प्रबंधन को राहत मिली। पदोन्नति मामले में चार सप्ताह में लें निर्णय इंदौर नगर निगम अपर आयुक्त की पदोन्नति से जुड़े मामले में हाई कोर्ट ने नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे को चेतावनी जारी की है। कोर्ट ने कहा है कि वे पूर्व में दिए गए फैसले के अनुसार अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर के आवेदन पर चार सप्ताह में निर्णय लें। निगम के अपर आयुक्त राजनगांवकर ने पदोन्नति नहीं दिए जाने के खिलाफ एक याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने पांच मई 2025 को आदेश दिया था कि सरकार राजनगांवकर की पदोन्नति के आवेदन पर एक माह में निर्णय लें। सात मई को राजनगांवकर ने कोर्ट के आदेश की प्रति के साथ नगरीय प्रशासन विभाग को नया आवेदन किया। इस आवेदन पर जब सरकार ने पांच माह बाद भी फैसला नहीं लिया तो राजनगांवकर ने अवमानना याचिका दायर कर दी। गुरुवार को कोर्ट में इस पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने प्रमुख सचिव को चेतावनी के साथ पूर्व में दिए आदेश का पालन करने के लिए एक मौका दिया है। कोर्ट ने राजनगांवकर से कहा है कि वे सात दिन में नया आवेदन दें। कोर्ट ने पीएस से कहा है कि वे चार सप्ताह में इस आवेदन पर निर्णय लें।

अंजुमन इस्लामिया स्कूल का नया फरमान, रविवार स्कूल लगाने पर बवाल

जबलपुर  शहर में स्कूल की छुट्टी का एक अनोखा मामला सामने आया है. यहां अंजुमन इस्लामिया नाम के स्कूल ने शुक्रवार की छुट्टी रखी है और रविवार के दिन स्कूल लगाने का फरमान जारी किया है. इस फरमान के खिलाफ अल्पसंख्यक मोर्चा के एक नेता ने आपत्ति जाहिर की है, उनका कहना है कि स्कूल के स्टाफ और कई अभिभावकों ने इस फैसले को गलत माना है लेकिन स्कूल प्रबंधन उनकी बात नहीं सुन रहा है.मामले में जिला शिक्षा अधिकारी को शिकायत की गई है. जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि वे जल्द ही इस मामले में जांच करके फैसला देंगे. पाकिस्तान और बांग्लादेश में होती है शुक्रवार की छुट्टी जबलपुर अल्पसंख्यक मोर्चा के नेता मुजम्मिल अली ने अंजुमन इस्लामिया स्कूल के एक अनोखे फरमान के खिलाफ कलेक्टर कार्यालय में शिकायत की है. मुजम्मिल अली ने कहा, '' स्कूल में एक अनोखा फरमान निकला है, जिसमें स्कूल में साप्ताहिक अवकाश रविवार की जगह शुक्रवार के दिन रखा जाएगा और रविवार के दिन स्कूल लगाया जाएगा. भारत में रविवार की ही छुट्टी होती है, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे मुस्लिम देश में शुक्रवार के दिन की छुट्टी रखी जाती है इसलिए भारत में इस तरह की छुट्टी सही नहीं है. मुजम्मिल ने प्रशासन से इस मामले में दखल देने की अपील की है. शुक्रवार की छुट्टी पर मैनेजमेंट की सफाई इस मामले में अंजुमन इस्लामिया स्कूल के प्रबंधक अनवर अली ने कहा, '' अंजुमन इस्लामिया संस्था पांच स्कूल और एक कॉलेज का संचालन करती है और केवल एक स्कूल नहीं बल्कि सभी स्कूलों में शुक्रवार के दिन की छुट्टी पहले से ही रहती है. मैंने केवल इंग्लिश मीडियम स्कूल की छुट्टी की है और रविवार के दिन इसलिए स्कूल लगाया जा रहा है ताकि बच्चों की पढ़ाई का नुकसान ना हो.'' डीईओ के पास पहुंची अंजुमन की शिकायत वहीं, जबलपुर के जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने कहा, '' हमारे पास यह शिकायत आई है क्योंकि अंजुमन इस्लामिया स्कूल एक निजी संस्था चलाती है ऐसी स्थिति में हमें उनके नियम देखने होंगे. हालांकि, भारत में रविवार को ही छुट्टी की परंपरा है. ऐसी स्थिति में अंजुमन इस्लामिया स्कूल ने मनमाने ढंग से कैसे नियम बदला है, इसे देखना होगा. यदि संस्थान नियम विरुद्ध तरीके से काम करेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.'' अब देखना ये होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और अंजुमन इस्लामिया स्कूल ने किस नियम के तहत ये बदलाव किया.

राज्यपाल ने आयोजित किया एकता दिवस समारोह और शपथ ग्रहण

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने दिलाई एकता दिवस की शपथ राज्यपाल ने आयोजित किया एकता दिवस समारोह और शपथ ग्रहण  सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर राज्यपाल  पटेल ने किया पुण्य स्मरण भोपाल   राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने राजभवन के अधिकारी-कर्मचारियों को एकता दिवस पर शपथ दिलाई। लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर पुण्य स्मरण किया और सादर श्रद्धांजलि अर्पित की। एकता दिवस शपथ समारोह का आयोजन राजभवन के बैंक्वेट हॉल में शुक्रवार को किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, अपर सचिव  उमाशंकर भार्गव सहित राजभवन में पदस्थ सभी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल के नेतृत्व में राजभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों ने शपथ ली कि "मैं राष्ट्र की एकता, अखण्डता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिये स्वयं को समर्पित करूंगा और अपने देशवासियों के बीच यह संदेश फैलाने का भी भरसक प्रयत्न करूंगा। मैं यह शपथ अपने देश की एकता की भावना से ले रहा हूँ जिसे सरदार वल्लभ भाई पटेल की दूरदर्शिता एवं कार्यों द्वारा संभव बनाया जा सका। मैं अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये अपना योगदान करने का भी सत्यनिष्ठा से संकल्प करता हूँ।"  

मध्यप्रदेश में पुलिस अफसरों का बड़ा फेरबदल, जिले में 24 पदों पर बदलाव

ग्वालियर  मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में शुक्रवार को बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव ने ग्वालियर शहर और देहात के 24 निरीक्षकों, कार्यवाहक निरीक्षकों, उपनिरीक्षकों और कार्यवाहक उपनिरीक्षकों के तबादले किए हैं। लंबे समय से पुलिस लाइन में पदस्थ अधिकारियों को अब थानों की कमान सौंपी गई है। निरीक्षकों की नई जिम्मेदारी: आलोक सिंह परिहार — पड़ाव से बहोडापुर आसिफ मिर्जा बेग — ग्वालियर से बिजौली हितेन्द्र सिंह राठौर — भितरवार से साइबर क्राइम सुधीर सिंह कुशवाह — पुलिस लाइन से भितरवार शैलेन्द्र भार्गव — पुलिस लाइन से पड़ाव यशवंत गोयल — डबरा से महाराजपुरा कार्यवाहक निरीक्षकों को थानों की कमान: प्रशांत शर्मा — पुलिस लाइन से ग्वालियर जितेन्द्र सिंह तोमर — बहोडापुर से हजीरा पूरन शर्मा — यातायात थाना कंपू से घाटीगांव शिवराम सिंह कंसाना — साइबर क्राइम से तिघरा धर्मेन्द्र सिंह यादव — महाराजपुरा से डबरा उपनिरीक्षकों के तबादले: देवेन्द्र कुमार लोधी — करहिया से हस्तिनापुर अभिनव शर्मा — पुलिस लाइन से आरीन महेन्द्र प्रजापति — पुलिस लाइन से बेलगढ़ा नरेन्द्र सिसौदिया — मुरार से उटीला उपेन्द्र सिंह धाकड़ — सिरोल से गिजौरी संजू सिंह यादव — विश्वविद्यालय से करहिया अन्य तबादले: शिखा दंडौतिया — विश्वविद्यालय से चौकी प्रभारी बड़ागांव सतीश यादव — गिर्जीरा से मुरार शिवम सिंह राजावत — उटीला से क्राइम ब्रांच अजय सिंह सिकरवार — बेलगढ़ा से ग्वालियर दिनेश सिंह — बड़ागांव से विश्वविद्यालय थाना अतुल सिंह चौहान — आरोन से बहोडापुर राजकुमार सिंह राजावत — हस्तिनापुर से हजीरा इस फेरबदल के बाद ग्वालियर पुलिस के थानों में नई ऊर्जा के साथ व्यवस्था संभालने की उम्मीद जताई जा रही है।

बाल अश्लील सामग्री देखने और शेयर करने पर मध्यप्रदेश में 8 FIR

भोपाल  सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नाबालिगों से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो शेयर करने के मामले में भोपाल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. केंद्रीय एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर राजधानी के आठ अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज की गई है.  दरअसल, केंद्रीय जांच एजेंसियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (META सहित) से मिले डेटा के आधार पर राज्य साइबर पुलिस को जानकारी भेजी थी कि कुछ मोबाइल यूज़र्स नाबालिगों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री (चाइल्ड पोर्नोग्राफी) सोशल मीडिया देख रहे हैं और फॉरवर्ड भी कर रहे हैं.  मेटा ने जांच एजेंसियों को उन वीडियो के लिंक, आईपी एड्रेस और मोबाइल नंबरों की जानकारी दी थी, जिनसे यह कंटेंट अपलोड या शेयर किया गया था. पुलिस के मुताबिक, शुरुआती सत्यापन में कई ठिकानों से संदिग्ध गतिविधियां पाई गईं.  इसके बाद भोपाल के मंगलवारा, मिसरोद, कोतवाली, पिपलानी, अशोका गार्डन, बिलखिरिया, अयोध्या नगर और टीटी नगर थानों में एफआईआर दर्ज की गई. पुलिस एक-एक नंबरों पर कॉल कर जानकारी जुटा रही है जिसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा.   भोपाल पुलिस के मुताबिक सोशल मीडिया पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ाई जा रही हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके.