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मध्य प्रदेश को बड़ी सौगात: पीएमश्री हेली सेवा इन शहरों से करेगी उड़ान

भोपाल  एक नवंबर को मध्य प्रदेश का 70वां स्थापना दिवस है। 1956 में बने मध्य प्रदेश 70 साल का हो जाएगा। इस अवसर पर सरकारी स्तर पर कई बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। वहीं, प्रदेश को कई नई सौगातें मिलने वाली हैं। एक नवंबर को मध्य प्रदेश को पीएमश्री पर्यटन हेली सेवा की सौगात मिलेगी। तीन क्षेत्रों से होगी पीएम हेली सेवा की शुरुआत दरअसल, मध्य प्रदेश के तीन क्षेत्रों से पीएम हेली सेवा की शुरुआत होगी। पहला क्षेत्र भोपाल से उज्जैन, इंदौर, मांडव और ओंकारेश्वर है। वहीं, दूसरा क्षेत्र नर्मदापुरम जिले स्थित हिल स्टेशन पचमढ़ी के साथ ही छिंदवाड़ा जिले के तामिया और छतरपुर जिले में स्थित विश्व धरोहर स्थल खजुराहो है। इसके साथ ही तीसरा क्षेत्र जबलपुर और कान्हा, पेंच और पन्ना राष्ट्रीय उद्यानों तक है। वहीं, पीएम हेली सेवा की शुरुआत से मध्य प्रदेश में टूरिज्म को बुस्टोर डोज मिलेगा। इससे पर्यटक कम समय में अपनी पसंदीदा जगहों पर पहुंच सकते हैं। मध्य प्रदेश में सबसे अधिक पर्यटक इन्हीं जगहों पर आते हैं। सरकार लगातार इन जगहों के विकास के लिए कार्य कर रही है। टाइगर रिजर्व पार्कों में हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के मौके पर प्रदेश में इस बार अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पूरे प्रदेश में तीन दिनों तक उत्सव चलने वाला है। इसकी शुरुआत एक नवंबर से होगी। सभी जगहों पर तैयारी चल रही है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पहले वायु सेवा की शुरुआत हो चुकी है।

बेटियों का घर बसाने की पहल: धीरेंद्र शास्त्री बोले- 300 कन्याओं के हाथ होंगे पीले

छतरपुर बागेश्वर धाम में अगले वर्ष यानी साल 2026 में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 8वां सामूहिक कन्या विवाह का आयोजन होगा. जिसमें 300 बेटियों को परिणय सूत्र में बांधा जाएगा. इस साल यानी कि साल 2025 में 251 जोड़ों को परिणय सूत्र में बांधा गया था. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि "इस बार (साल 2026) 300 बेटियों के घर बसाने का संकल्प लिया है. सामूहिक विवाह में 300 बेटियों के हाथ पीले किए जाएंगे." गुरु शिष्य मिलन कार्यक्रम का आयोजन बागेश्वर धाम में गुरु शिष्य मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसमें बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि "बालाजी और सन्यासी बाबा की प्रेरणा से इस बार 50 अतिरिक्त बेटियों के साथ 300 बेटियों के हाथ पीले किए जाएंगे. गत वर्ष 251 जोड़ों को परिणय सूत्र में बांधा गया था." इस दौरान महाराज ने सभी शिष्य मंडल को बेटियों के विवाह कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया. बेटियों के घर बसाने खुलती है दान पेटियां पंडित धीरेंद्रे शास्त्री ने कहा, संकल्प पूरा हो इसके लिए सभी शिष्य मंडल अपनी जिम्मेदारी निभाये. बागेश्वर धाम की दान पेटी गरीब बेटियों का घर बसाने के लिए ही खोली जाती है. चढ़ोतरी में जो भी राशि आती है, वह बेटियों का वैवाहिक जीवन में प्रवेश कराने में खर्च की जाती है. यदि देश के मंदिरों की दान पेटियां गरीब बेटियों का घर बसाने लगे, तो कोई भी गरीब, बेटी को बोझ नहीं मानेगा." हजारों बेटियों का करा चुके हैं विवाह बागेश्वर धाम से अब तक हजारों बेटियों को विवाह के बंधन में बांधा जा चुका है. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने गुरु शिष्य मिलन कार्यक्रम में शिष्यों से कही कि "जल्द ही एक आयोजन रखा जाएगा, जिसमें फिर से शिष्यों के साथ इत्मीनान से बैठकर बात होगी और भेंट होगी." 'जिनकी दुकानें बंद हो रहीं, वे साजिश में जुटे' बागेश्वर महाराज ने कहा कि "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लेकर उनके विरोध में वीडियो जारी किए जा रहे हैं. जिन तांत्रिकों की दुकानें बंद हो रही हैं वे बौखला रहे हैं और फेक वीडियो के माध्यम से बदनाम करने की कोशिश में लगे हैं. ऐसा ज्ञात हुआ है कि देश-विदेश के 22 लोगों की टीम दुष्प्रचार करने में लगी है. ऐसे लोगों के खिलाफ एक्शन की भी तैयारी चल रही है." सनातन एकता पदयात्रा वैचारिक क्रांति पंडित धीरेंद्रे शास्त्री ने कहा कि "सनातन हिंदू एकता पदयात्रा वैचारिक क्रांति की यात्रा है. जब हिंदू बचेगा, तभी हिंदुस्तान बचेगा. इसलिए इस वैचारिक क्रांति की यात्रा में सबको साथ चलना है. 7 नवंबर से 16 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन की पदयात्रा में न केवल स्वयं शामिल हों, बल्कि अपने रिश्तेदारों, दोस्तों को भी शामिल करें. जब कभी बागेश्वर धाम का इतिहास लिखा जाएगा तो आप सबका भी नाम आएगा. आपकी आने वाली पीढ़ी इस बात की जरूर चर्चा करेगी कि सनातन एकता पदयात्रा के लिए आपके घर से भी कोई निकला था."

पदयात्रा रोको, नहीं तो आंदोलन होगा’ — दामोदर यादव ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

छतरपुर  भीम आर्मी और दलित पिछड़ा समाज संगठन बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा के विरोध में खुलकर सामने आ गए हैं। संगठन के नेताओं ने धीरेन्द्र शास्त्री पर समाज को तोड़ने का आरोप लगाया है। दलित और पिछड़ा समाज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दामोदर यादव ने कहा धीरेन्द्र शास्त्री की 170 किलोमीटर की पदयात्रा को रोकने के लिए पांच दिन पहले राष्ट्रपति को पत्र लिख चुके हैं। अब संगठन की लीगल टीम दो दिन बाद जबलपुर हाईकोर्ट में भी याचिका दायर कर यात्रा पर रोक की गुहार करेगी। धर्म की बातें करने वाले तोड़ रहे समाज बीते दिन पत्रकार वार्ता में यादव ने कहा देश में जातिवादी राजनीति बढ़ रही है। प्रदेश भी इससे अछूता नहीं है। दमोह, कटनी, छतरपुर, दतिया और भिंड में दलित, पिछड़ों के साथ जातिगत घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस ने इन घटनाओं में एससी एसटी एक्ट की धारा लगाई हैं। संगठन की मांग है आरोपियों पर रासुका की कार्रवाई होना चाहिए। यादव ने धीरेन्द्र शास्त्री पर कटाक्ष करते हुए कहा हैरानी की बात है कि धर्म की बातें करने वाले ही समाज को तोड़ने में लगे हैं। आजाद समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सत्येन्द्र विद्रोही ने कहा हम वर्ग संघर्ष नहीं संवैधानिक व्यवस्था चाहते हैं। जाति के नाम पर सांप्रदायिकता फैलाने वालों पर अंकुश जरूरी है। आजाद समाज पार्टी युवा विंग के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनिल गुर्जर ने कहा जहां भी सांप्रदायिकता फैलाई जाएगी भीम आर्मी उसे सफल नहीं होने देगी। यात्रा रोकी जाए, नहीं तो आंदोलन होगा यादव ने कहा धीरेन्द्र शास्त्री 7 नवंबर को दिल्ली से सनातन हिंदू एकता पदयात्रा शुरू कर रहे हैं 170 किलोमीटर की यात्रा 16 नवंबर को वृदावंन में समाप्त होगी। इसके जरिए समाज में सांप्रदायिकता बढ़ावा मिलेगा। इस यात्रा को रोका जाना चाहिए इसलिए उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिख है। अब दो दिन बाद संगठन की लीगल टीम यात्रा पर रोक के लिए जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका भी दायर करेगी। अगर यात्रा नहीं रोकी गई तो संगठन आंदोलन करेगा।

चिराग पासवान का हमला: असदुद्दीन ओवैसी मुसलमानों को ‘अपनी प्रॉपर्टी’ समझते हैं

पटना  केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के मुसलमानों पर दिए बयान पर जोरदार पलटवार करते हुए कहा कि वे मुसलमानों को अपनी निजी संपत्ति मानते हैं। वह बिहार में आकर धर्म के आधार पर बांटने की राजनीति और डर पैदा करते हैं। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कई चुनावी सभाओं को संबोधित किया। उन्होंने संबोधन में कहा कि अगर 3 फीसदी वाला उपमुख्यमंत्री बन सकता है, तो 17 फीसदी वाला मुसलमान समाज से उपमुख्यमंत्री क्यों नहीं बन सकता? उन्होंने मुस्लिम समाज से अपील की है कि वे अपनी नेतृत्व की क्षमता खुद विकसित करें। ओवैसी के बयान पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि इन लोगों ने मुसलमानों को अपनी निजी संपत्ति समझ लिया है। वे किस अधिकार से कह रहे हैं कि मुसलमानों को किसे वोट देना चाहिए या किसे नहीं देना चाहिए। मतदान करना एक व्यक्ति का मौलिक अधिकार है। लोकतंत्र में ओवैसी किस तरह की मानसिकता को बढ़ावा दे रहे हैं, सिर्फ इसलिए कि आप जीत नहीं सकते, सिर्फ इसलिए कि जब आपके विधायक जीतते हैं, तब भी वे आपको छोड़ देते हैं। चिराग ने कहा कि ओवैसी कब तक मुसलमानों में डर फैलाते रहेंगे? आप कब तक डर की राजनीति करते रहेंगे। मैं मुस्लिम समुदाय से कहना चाहता हूं कि आप कब तक डर की राजनीति से इस्तेमाल होते रहेंगे। इन चीजों से बाहर निकलिए। सत्ता में जिसे लाना है, उसे वोट कीजिए, जवाबदेही तय कीजिए। उन्होंने कहा कि बिहार में राजद की 15 साल की सरकार में मुसलमानों ने जवाबदेही तय की होती तो ये हालात नहीं होते। एनडीए सरकार का जिक्र करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि हमारी सरकार बिना भेदभाव के सभी धर्मों को लाभकारी योजनाएं दे रही है। हम भेद नहीं करते। सरकार की लाभकारी योजनाओं का लाभ मुसलमानों को भी मिल रहा है। लेकिन, ओवैसी की सिर्फ धर्म के नाम पर बांटने की राजनीति प्रदेश के लिए सही नहीं है। वे हमारे देश-प्रदेश को किस कगार पर ले जाना चाह रहे हैं। हमारा मंत्र विकास की बात करता है। मैं खुद बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट की बात करता हूं।

‘सिलेबस से बाहर गया वादा’ — मैथिली ठाकुर ने तेजस्वी पर कसा तंज, कहा अब रोजगार का क्या हुआ?

पटना  बिहार में अलीनगर से भाजपा प्रत्याशी और प्रसिद्ध गायिका मैथिली ठाकुर ने बुधवार को कहा कि जब से उन्होंने जंगलराज की परिभाषा समझी है और मुख्यमंत्री पद की अहमियत को समझा है, तब से वह नीतीश कुमार को ही मुख्यमंत्री के रूप में देखती हैं। उन्होंने राजद नेता तेजस्वी यादव के नौकरी से जुड़े बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तेजस्वी यादव के उस ऐलान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर हमारी सरकार सत्ता में आएगी, तो हर परिवार में से एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। मैथिली ठाकुर ने सवाल उठाते हुए कहा कि मुझे यह समझ नहीं आ रहा है कि आखिर कैसे वो सत्ता में आने के बाद हर परिवार में से एक सदस्य को सरकारी नौकरी दे पाएंगे। किसी भी सरकारी विभाग में नौकरी सीमित संख्या में होती है। ऐसी स्थिति में हर परिवार में से किसी एक सदस्य को नौकरी देने का विचार ही समझ से परे है। हमें अपने प्रदेश में नौकरियों का सृजन करने के लिए अपने यहां निवेशकों को आमंत्रित करना होगा, तभी यहां पर नौकरियों का सृजन करना होगा। मैथिली ठाकुर ने कहा कि बिहार में बेरोजगारी को दूर करने के लिए हमें युवाओं के कौशल निर्माण पर ध्यान देना होगा, तभी यहां से बेरोजगारी दूर होगी। अगर हम ऐसा करेंगे, तो निश्चित तौर पर लोगों के पास अपनी जीविका चलाने के लिए एक ठोस माध्यम होगा। अब ऐसी स्थिति में अगर कोई हर परिवार को सरकारी नौकरी देने का वादा कर रहा है, तो यह सिलेबस से ही बाहर नजर आता है। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में मैथिली ठाकुर ने प्रदेश की जनता से एक बार फिर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को एक बार फिर से नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाना चाहिए। वह इस पद के लिए सबसे उपयुक्त दावेदार हैं। उन्होंने हमेशा से ही प्रदेश के विकास के लिए काम किया। उनके कार्यकाल में प्रदेश के हर क्षेत्र में विकास कार्य होते हुए दिख रहे हैं। जब उनसे शराबबंदी पर सवाल किया गया, तो मैथिली ठाकुर ने कहा कि मैं इस विषय पर टिप्पणी नहीं करना चाहूंगी, क्योंकि अभी मेरा विशेष रूप से ध्यान मेरे विधानसभा क्षेत्र पर है। मैं अभी अपने क्षेत्र के लोगों की आवाज उठा रही हूं। उनकी समस्याओं पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही हूं। मैथिली ठाकुर ने अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन की तरफ से तारीफ किए जाने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए बहुत अच्छा अनुभव है कि कोई मेरी तारीफ कर रहा है। निसंदेह इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि पिछले कुछ दिनों से जिस तरह की स्थिति से मैं गुजर रही हूं और जिस तरह से उन्होंने मेरी तारीफ की है, उससे मेरा उत्सावर्धन हुआ है, जिसे मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने के बाद मुझे लगा था कि मैं इसे छोड़ दूं। मेरी बस की बात नहीं है, क्योंकि मैं संगीत के क्षेत्र से आती हूं। संगीत क्षेत्र हमेशा से ही मेरे लिए ऐसा रहा है, जहां पर लोगों ने मेरी तारीफ की है। मेरी प्रशंसा की है। जहां कहीं भी मैं गई हूं, लोगों ने मुझसे गाने की ही फरमाइश की है. लेकिन राजनीति में आने के बाद मेरा अनुभव अच्छा नहीं रहा। सभी लोग मेरी टांग खींचते नजर आए। हालांकि अब मेरे अंदर आत्मबल आ चुका है। मैं अंदर से काफी अच्छा महसूस कर रही हूं। अभी चुनाव प्रचार का दौर जारी है। मैं लोगों के बीच में जा रही हूं। मुझे अच्छा लग रहा है। मैथिली ठाकुर ने कहा कि मैं अपने जीवन के बारे में नहीं सोचती हूं। मैं यह विश्वास करती हूं कि एक अदृश्य शक्ति मुझे चला रही हूं। मुझे अच्छे से याद है कि मैं बचपन में सोचती थी कि मैं बड़ी होकर ब्यूरोक्रेट बनूंगी, लेकिन ईश्वर की इच्छा कुछ और रही और मैं गायिका बन गई। इसके बाद मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन में राजनीति में आ जाऊंगी, लेकिन स्थिति कुछ ऐसी हो गई कि मैं अब राजनीति में आ चुकी हूं। मैं यह विश्वास करती हूं कि एक अदृश्य ईश्वरीय शक्ति मुझे संचालित कर रही है।

दिल्ली में पार्किंग फीस में उछाल: NDMC ने ऑफ-रोड व इनडोर पार्किंग का शुल्क दोगुना किया — 29 अक्टूबर से

नई दिल्ली  पलूशन की मार के बीच दिल्लीवालों के लिए ये खबर टेंशन बढ़ा सकती है। CAQM के आदेश को मानते हुए नई दिल्ली नगर पालिका परिषद ने पार्किंग शुल्क को बढ़ाकर दोगुना कर दिया है। नई दरें आज यानी 29 अक्टूबर से ही लागू हो गई हैं। आदेश के अनुसार,यह तब तक लागू रहेगा जब तक ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का चरण-II हटाया नहीं जाता।   यह बढ़ोतरी NDMC क्षेत्र के सभी ऑफ-रोड और इनडोर पार्किंग स्थलों पर लागू होगी। यह फैसला ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण-II के लागू होने के बाद लिया गया है,जो राजधानी में हवा की गुणवत्ता बिगड़ने के कारण शुरू हुआ है। एक नोटिस के अनुसार वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में चरण-II ('बहुत खराब' हवा की गुणवत्ता) के उपायों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है। एक वरिष्ठ एनडीएमसी (NDMC) अधिकारी ने न्यूज एजेंसी को बताया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की ओर से जारी आदेश के पालन में NDMC की तरफ से प्रबंधित पार्किंग (ऑफ-रोड/इनडोर) के लिए पार्किंग शुल्क को मौजूदा दरों से दोगुना कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी 29 अक्टूबर से GRAP के चरण-II के हटने तक जारी रहेगी। कहां लागू होगा यह फैसला? अधिकारी ने बताया कि NDMC वर्तमान में 126 पार्किंग स्थलों का प्रबंधन करती है। इन 126 साइट्स में 99 ऑफ-रोड, 3 इनडोर/मल्टी-लेवल कार पार्क और 24 ऑन-स्ट्रीट साइट्स शामिल हैं। अधिकारी ने कहा,"पार्किंग शुल्क बढ़ाने के फैसले से कुल 102 पार्किंग स्थल प्रभावित होंगे।" वाहन प्रकार     वर्तमान फीस (रुपये में)    नई फीस (रुपये में) चार पहिया वाहन     20    40 दो पहिया वाहन     10    20 बस                             150    300 कार (इंडोर)            10    20 स्कूटर (इंडोर)            5    10

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव विद्यार्थियों के खातों में गुरूवार को अंतरित करेंगे 300 करोड़ रूपये की छात्रवृत्ति

 52 लाख से अधिक विद्यार्थियों को पहुँचेगा फायदा भोपाल मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार 30 अक्‍टूबर को 52 लाख से अधिक विद्यार्थियों के बैंक खातों में समेकित छात्रवृत्ति योजना की 300 करोड़ रूपये से अधिक की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन के सभागार में आयोजित होगा। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह और जनजातीय कल्याण मंत्री कुँवर विजय शाह भी मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव विद्यार्थियों और जन-समुदाय को वर्चुअली संबोधित करेंगे। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण सभी जिलों के समस्त विद्यालयों में भी होगा। कार्यक्रम में समेकित छात्रवृत्ति योजना के पात्र विद्यार्थी जिला अथवा विकासखण्ड के विद्यालयों के समेकित छात्रवृत्ति कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में विधायक और जन-प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। उल्‍लेखनीय है कि समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन में समेकित छात्रवृत्ति योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग को सौंपी गई है। इस योजना के तहत 6 विभागों स्कूल शिक्षा, अनुसूचित जाति कल्याण, जनजातीय कल्याण, विमुक्त, घुमक्कड़ और अर्द्ध घुमक्कड़, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण और सामाजिक न्याय विभाग की 20 प्रकार की छात्रवृतियों की राशि प्रदान की जाती है। समेकित छात्रवृत्ति योजना में प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के कक्षा-1 से 12 तक अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि एजुकेशन पोर्टल 3.0 के माध्यम से स्वीकृत की गई है। मुख्‍यमंत्री द्वारा अंतरित की जाने वाली राशि में स्कूल शिक्षा विभाग की 7 प्रकार की छात्रवृत्ति जैसे सामान्य निर्धन वर्ग छात्रवृत्ति, सुदामा प्री-मेट्रिक, स्वामी विवेकानन्द पोस्ट मेट्रिक, सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों के बच्चों की छात्रवृत्ति, पितृहीन कन्याओं की छात्रवृत्ति, इकलोती बेटी की शिक्षा विकास छात्रवृत्ति की राशि भी शामिल है। लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी किये निर्देश लोक शिक्षण संचालनालय ने समेकित छात्रवृत्ति-2025 के संबंध में समस्त जिला शिक्षा अधिकारी एवं जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्तों को निर्देश जारी किये हैं। निर्देश में जिला स्तर पर होने वाले कार्यक्रम में विद्यार्थियों और स्थानीय जन-प्रतिनिधियों को शामिल किये जाने के संबंध में निर्देश दिये गये हैं।  

MLA पर टूटा कानून का शिकंजा: पंजाब पुलिस ने दर्ज की FIR, बढ़ी सियासी गर्मी

जालंधर  हरियाणा पुलिस ने आप विधायक कुलवंत सिंह बाजीगर (शुतराणा) और छह अन्य लोगों के खिलाफ थाना गुहला, कैथल में एफ.आई.आर. दर्ज की है। यह कार्रवाई 28 अक्टूबर 2025 को शिकायतकर्ता गुरचरण सिंह काला (कैथल) की शिकायत के आधार पर की गई। एफ.आई.आर. संख्या 217/2025 के तहत विधायक और अन्य आरोपियों पर कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। यह एफ.आई.आर. इस महीने के दौरान राजनीतिक और कानून व्यवस्था के लिहाज़ से एक बड़ी घटना मानी जा रही है। धारा 115 – अपराध के लिए उकसाना धारा 126 – राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ना धारा 140(2) – हथियारों के साथ गैरकानूनी जमावड़ा धारा 351(2) – हमला या बल प्रयोग धारा 61 बीएनएस – प्रतिबंधित पदार्थों का कब्ज़ा धारा 25 शस्त्र अधिनियम – आग्नेयास्त्रों का अवैध कब्ज़ा 

मंडी में प्याज के दाम गिरे जमीन पर, किसानों ने कहा- अब तो नुकसान ही नुकसान

शाजापुर कृषि उपज मंडी शाजापुर में बुधवार को प्याज की बंपर आवक के साथ ही भाव ऐसा गिरा कि किसान मायूस होकर लौटे। स्थिति यह रही कि कुछ किसानों की प्याज दो रुपए प्रति किलो तक बिकी। कमिश्नर आशीष सिंह के निरीक्षण के दौरान एक किसान ने खुद अपनी व्यथा बताई कि साहब, जो भाव मिला है, उससे ट्रक का किराया भी नहीं निकलेगा। बामनगांव निवासी किसान पूनमचंद पुत्र गुलाब सिंह ने कमिश्नर से मुलाकात कर अपनी नीलामी पर्ची दिखाई और बताया कि उनकी 40 कट्टी प्याज मात्र दो रुपए प्रति किलो के हिसाब से कुल 3200 रुपए की बिक्री हुई। “साहब, इतना खर्च तो खेत से मंडी तक ट्रक में प्याज लाने में लग गया। अब तो घाटा ही घाटा है।' किसानों की यह शिकायत सुनकर खुद संभाग कमिश्नर आशीष सिंह ने मंडी अधिकारियों को जांच के निर्देश देने पड़े। कमिश्नर ने मौके पर ही मंडी सचिव और संबंधित अधिकारियों को तलब किया। उन्होंने कहा कि किसानों को उचित मूल्य दिलाने में किसी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ाने और नीलामी में निष्पक्षता बनाए रखने के निर्देश दिए। मंडी में बुधवार को प्याज की रिकॉर्ड 27,497 क्विंटल आवक हुई। इतनी भारी मात्रा में प्याज आने से भाव औंधे मुंह गिर गए। कई किसानों को दो से चार रुपए प्रति किलो के बीच का भाव मिला।   भावांतर योजना इसी दिशा में एक बड़ा कदम बुधवार दोपहर को उज्जैन संभाग कमिश्नर आशीष सिंह शाजापुर कृषि उपज मंडी पहुंचे। उन्होंने भावांतर योजना के तहत सोयाबीन खरीदी की समीक्षा की। व्यापारियों और किसानों के बीच नीलामी प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और किसानों से बातचीत कर मंडी की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कमिश्नर सिंह ने कहा कि “राज्य सरकार किसानों की उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। भावांतर योजना इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। मंडी में मौजूद व्यापारियों और अधिकारियों ने बताया कि प्याज की दर गुणवत्ता के आधार पर तय होती है। जो प्याज आकार में छोटी या नमीदार होती है, उसका भाव स्वाभाविक रूप से कम रहता है। किसान सवाल कर रहे हैं जब मेहनत का दाम नहीं मिलेगा, तो खेती कौन करेगा? वहीं जब तक बाजार व्यवस्था में स्थायित्व नहीं आता, तब तक प्याज के आंसू किसानों की आंखों से बहते रहेंगे। मंडी परिसर में किसानों की भीड़, मायूस चेहरे सुबह से मंडी परिसर में ट्रैक्टर-ट्रालियों की कतारें लगी रहीं। किसानों की भीड़ ऐसी थी कि प्याज की बोरियां मंडी के गेट के बाहर तक ढेर लग गईं। परंतु जब नीलामी शुरू हुई, तो भाव सुनकर कई किसानों के चेहरे उतर गए। किसी को दो, किसी को तीन, तो कुछ को चार किलो का भाव मिला वहीं अधिकतम भाव 1075 प्रति क्विंटल रहा। कई किसानों ने अपनी उपज वापस ले जाने का विचार भी किया, लेकिन ट्रांसपोर्ट खर्च के डर से उन्हें औने-पौने भाव पर बेचना पड़ा। किसानों ने बताया कि इस सीजन में प्याज की पैदावार अच्छी रही, लेकिन लागत लगातार बढ़ती जा रही है। खाद, बीज, सिंचाई और मजदूरी पर हजारों रुपए खर्च करने के बाद जब दो किलो का भाव मिलता है, तो हिम्मत टूट जाती है। किसानों ने प्रशासन से प्याज की खरीदी के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने और परिवहन सहायता देने की मांग की।  

चुनाव से पहले मायावती की अपील: मुस्लिम वोट बसपा को दें, तभी बीजेपी को रोका जा सकता है

लखनऊ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने बुधवार को कहा कि मुस्लिम समाज को एकजुटता के साथ समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बजाय सीधे बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का समर्थन करना चाहिये ताकि भाजपा की घातक राजनीति को चुनाव में हराया जा सके। उन्होंने कहा कि सपा के समर्थन में मुस्लिम समाज के एकतरफा वोट देने के बावजूद वह (सपा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराने में विफल रही। बसपा नेता मायावती ने पार्टी के जनाधार को बढ़ाने के लिये बुधवार को यहां ‘बसपा मुस्लिम समाज भाईचारा संगठन’ की विशेष बैठक की अध्यक्षता की तथा मुस्लिम समाज को बसपा में जोड़ने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिये। मायावती ने कहा,‘‘वर्ष 2022 के पिछले विधानसभा चुनाव तथा उससे पहले के चुनाव से यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि उप्र में मुस्लिम समाज का पूरे तन, मन, धन से जबरदस्त समर्थन मिलने के बावजूद समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पार्टी भाजपा को हराने में विफल रहीं। इसके विपरीत बसपा ने मुस्लिम समाज का काफी कम समर्थन पाकर भी भाजपा को परास्त करने में सफल रही और वर्ष 2007 में बसपा की बहुमत के साथ सरकार बनी।’’ पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा और कांग्रेस, दोनों ने ऐतिहासिक रूप से ‘दलित-विरोधी, पिछड़ा-विरोधी और मुस्लिम-विरोधी’ राजनीति की है। उन्होंने कहा कि उनकी ‘गलत नीतियों और गतिविधियों’ के कारण ही उत्तर प्रदेश में भाजपा मजबूत हुई है। मायावती ने कहा, ‘‘न केवल 2022 के विधानसभा चुनाव में, बल्कि लगभग हर चुनाव में, इन पार्टियों – सपा और कांग्रेस – ने भाजपा को हराने के लिए नहीं, बल्कि बसपा को नुकसान पहुंचाने के लिए छल-कपट समेत हर संभव हथकंडा अपनाया। एकतरफा मुस्लिम वोट पाने के बावजूद, वे भाजपा को रोकने में नाकाम रहे। मुस्लिम समुदाय को इस सच्चाई को जल्द से जल्द समझ लेना चाहिए।’’ मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल को याद करते हुए मायावती ने कहा, ‘‘एक पार्टी और एक सरकार के रूप में, बसपा ने मुसलमानों को हर स्तर पर सुरक्षा, संरक्षा और उचित प्रतिनिधित्व की गारंटी देकर उनका वास्तविक कल्याण सुनिश्चित किया। हमने उनके जीवन, संपत्ति और आस्था की रक्षा के लिए उत्कृष्ट कानून-व्यवस्था प्रदान की और जातिवाद और सांप्रदायिकता पर काफी हद तक अंकुश लगाने का काम किया।’’ उन्होंने आगे कहा कि बसपा सरकार ऐसी पहली सरकार थी जिसने अन्याय, अराजकता और आपराधिक तत्वों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया और पीड़ितों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए काम किया। उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘हमने उत्तर प्रदेश को दंगों, शोषण, अन्याय और भय से मुक्त बनाया, जबकि अन्य दलों के बड़े-बड़े दावे खोखले साबित हुए क्योंकि उनकी कथनी और करनी में बहुत फर्क है।’’ मायावती ने कहा, ‘‘दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग, मुस्लिम और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय के लाखों लोग बसपा के ‘बहुजन समाज’ के अभिन्न अंग हैं। पार्टी का मिशन राजनीतिक सशक्तिकरण के माध्यम से इन वंचित और उपेक्षित समुदायों का उत्थान करना है, ताकि वे संविधान के मानवीय और कल्याणकारी सिद्धांतों के अनुसार सम्मान और आत्मसम्मान का जीवन जी सकें, जो भारत को वास्तव में महान बनाने के लिए आवश्यक है।’’ बैठक में मुस्लिम समाज भाईचारा संगठन के पदाधिकारियों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष एवं सभी जिलाध्यक्ष व मंडल प्रभारी भी उपस्थित थे, जिन्हें निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से सम्बन्धित दिशा-निर्देशों के संबंध में भी अवगत कराया गया। बसपा अध्यक्ष ने पार्टी नेताओं को बूथ स्तर पर यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से बाहर ना रहे। उन्होंने पार्टी नेताओं को निर्देश दिया कि वे उन लोगों की मदद करें जिनके नाम सूची में नहीं हैं और उनके निर्धारित प्रपत्र भरकर आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें ताकि उनका नाम सूची में शामिल हो सके। मायावती ने मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान मुसलमानों के कल्याण के लिए अपनी सरकार द्वारा की गई विभिन्न पहलों का भी विवरण दिया।