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उत्तर प्रदेश की महिलाओं के लिए महाअभियान, मिशन शक्ति फेज-5.0 की शुरुआत

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति एक क्रांतिकारी पहल है, जो महिलाओं और बालिकाओं को सशक्त बनाने के लिए समर्पित है। फेज-5.0 का शुभारंभ 20 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया गया, यह एक माह लंबा अभियान है, जो महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को मजबूत करने पर केंद्रित है। मिशन शक्ति की आधिकारिक वेबसाइट (upmissionshakti.in) के अनुसार, यह पहल जागरूकता बढ़ाने, सुरक्षित वातावरण बनाने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखती है। अब तक के चरणों में लाखों महिलाओं को लाभ पहुंचाने वाली यह योजना फेज-5.0 में नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही है, जिसमें स्वास्थ्य हेल्पलाइन, ड्राइविंग प्रशिक्षण और मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता जैसे नवीन आयाम जोड़े गए हैं। मिशन शक्ति फेज-5.0 का उद्देश्य- मिशन शक्ति फेज-5.0 का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को हिंसा, शोषण और असमानता से मुक्त समाज प्रदान करना है। यह तीन प्रमुख स्तंभों—सुरक्षा (Safety), सम्मान (Dignity) और स्वावलंबन (Self-Reliance)—पर आधारित है। • सुरक्षा: अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, जैसे कि अभियान के दौरान 2,500 से अधिक FIR और 3,900 गिरफ्तारियां। • सम्मान: सामाजिक जागरूकता के माध्यम से महिलाओं को समाज का अभिन्न अंग मानना। • स्वावलंबन: कौशल विकास, उद्यमिता और आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लॉन्च के दौरान कहा, "मिशन शक्ति महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्रता का मार्ग दिखा रहा है, और इसके सकारात्मक परिणाम हर जगह दिखाई दे रहे हैं।" यह अभियान न केवल सरकारी योजना है, बल्कि पूरे समाज को जोड़ने वाला जन आंदोलन बन चुका है। सरकार द्वारा महिलाओं को जागरूक करने के तरीके: उत्तर प्रदेश सरकार मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत बहुआयामी जागरूकता अभियान चला रही है, जो ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों तक पहुंच रहा है। यह अभियान स्कूलों, पंचायतों, पुलिस स्टेशनों और सामुदायिक केंद्रों के माध्यम से संचालित हो रहा है। यहां कुछ प्रमुख उदाहरण दिए जा रहे हैं: 1. बाइक रैलियां और सड़क नाटक: 21 सितंबर 2025 को सभी जिलों में विशाल बाइक रैलियां आयोजित की गईं, जिसमें हजारों महिलाएं और युवतियां शामिल हुईं। इसके अलावा, 45,000 से अधिक स्कूलों में छात्राओं द्वारा नौ दुर्गा रूपों पर आधारित स्ट्रीट प्ले (नुक्कड़ नाटक) प्रस्तुत किए गए, जो महिलाओं की शक्ति और सुरक्षा पर केंद्रित थे। ये कार्यक्रम जागरूकता फैलाने के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं। 2. महिला बीट ऑफिसर तैनाती: अभियान के दौरान 44,177 महिला पुलिसकर्मियों को 57,000 ग्राम पंचायतों और 14,000 शहरी वार्डों में तैनात किया गया। ये अधिकारी घर-घर जाकर महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, हेल्पलाइन नंबरों (जैसे 1090, 181) और सेल्फ-डिफेंस तकनीकों के बारे में जागरूक कर रही हैं। 3. स्वास्थ्य और स्वच्छता जागरूकता कार्यशालाएं: 10 अक्टूबर 2025 को मासिक धर्म स्वच्छता पर विशेष कार्यशालाएं आयोजित की गईं, जहां विशेषज्ञों ने सैनिटरी पैड के सुरक्षित उपयोग और निपटान पर चर्चा की। मिथकों को दूर करने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाया गया, जिससे हजारों महिलाओं को लाभ हुआ। इसके अलावा, 'ड्राइविंग माय ड्रीम्स' पहल के तहत 3,000 से अधिक लड़कियों को मुफ्त ड्राइविंग ट्रेनिंग दी जा रही है, जो उनकी स्वावलंबन को बढ़ावा दे रही है। 4. कन्या पूजन और सम्मान समारोह: नवरात्रि के दौरान 5 लाख से अधिक बालिकाओं का कन्या पूजन किया गया, जो शिक्षा, सम्मान और आर्थिक सहायता (कन्या सुमंगला योजना के माध्यम से) पर जोर देता है। झांसी जैसे जिलों में विशेष आयोजनों में महिलाओं को सम्मानित किया गया, जहां मिशन शक्ति की सफलताओं पर चर्चा हुई। ये अभियान न केवल जागरूकता फैला रहे हैं, बल्कि महिलाओं को सक्रिय भागीदार बना रहे हैं, जिससे अपराध दर में कमी आ रही है। महिलाओं के सम्मान की प्रेरणादायक कहानियां मिशन शक्ति फेज-5.0 ने कई महिलाओं को नई दिशा दी है, जो अब समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बनी हुई हैं। यहां कुछ चुनिंदा कहानियां हैं: • जौनपुर की रानी देवी: मत्स्य पालन की 'लाखपति दीदी': जौनपुर जिले की रानी देवी एक साधारण गृहिणी थीं, लेकिन मिशन शक्ति और ब्लू रेवोल्यूशन योजना के तहत 15 लाख रुपये की अनुदान राशि और वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने मत्स्य पालन व्यवसाय शुरू किया। आज वे न केवल आर्थिक रूप से स्वतंत्र हैं, बल्कि स्थानीय महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें भी सशक्त बना रही हैं। उनकी सफलता उत्तर प्रदेश के मत्स्य क्षेत्र में लहरें पैदा कर रही है। • लखपति दीदी कार्यक्रम की लाभार्थी: आशा और उद्यमिता की मिसाल: नवंबर 2024 तक लाखपति दीदी योजना के तहत हजारों महिलाओं ने स्वरोजगार अपनाया। लखनऊ की एक महिला, जिन्होंने मिशन शक्ति के कौशल विकास केंद्र से सिलाई प्रशिक्षण लिया, आज अपना बुटीक चला रही हैं और 10 अन्य महिलाओं को रोजगार दे रही हैं। यह योजना महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी दिला रही है। • कन्या सुमंगला की कहानी: शिक्षा से सशक्तिकरण: नवरात्रि के कन्या पूजन में सम्मानित एक बालिका, वाराणसी की प्रिया, ने योजना की सहायता से अपनी पढ़ाई पूरी की और अब आईएएस की तैयारी कर रही हैं। मुख्यमंत्री योगी ने कहा, "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाएं उत्तर प्रदेश को महिलाओं के सशक्तिकरण में अग्रणी बना रही हैं।" ये कहानियां साबित करती हैं कि मिशन शक्ति केवल योजना नहीं, बल्कि जीवन बदलने वाला आंदोलन है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रेरक भाषणों में महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन शक्ति फेज-5.0 के लॉन्च और विभिन्न आयोजनों में महिलाओं के सशक्तिकरण पर गहन चर्चा की है। उनके भाषण समाज को दिशा दे रहे हैं: • लॉन्च समारोह (20 सितंबर 2025): लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा, "महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन एक मजबूत समाज और समृद्ध राष्ट्र की नींव हैं। मिशन शक्ति केवल अभियान नहीं, बल्कि जन आंदोलन है। 2017 से पहले बेटियां असुरक्षित महसूस करती थीं, लेकिन आज अंगनवाड़ी केंद्रों से लेकर पुलिस स्टेशनों तक परिवर्तन आया है।" उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की महिला सशक्तिकरण योजनाओं की भी प्रशंसा की। • झांसी सम्मान समारोह (27 सितंबर 2025): "उत्तर प्रदेश ने महिलाओं को सशक्त करने में मजबूत उदाहरण स्थापित किया है। मिशन शक्ति के माध्यम से हम बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, कन्या सुमंगला जैसी योजनाओं को मजबूत कर रहे हैं। महिलाओं को शक्ति देना राष्ट्र निर्माण का मूल मंत्र है।" • नवरात्रि कन्या पूजन (अक्टूबर 2025): "कन्या पूजन से हम न … Read more

छठ पर्व: सीएम ने सूर्य को दिया अर्घ्य, कहा- पर्व से मजबूत होती है सनातन संस्कृति की आस्था

उज्जैन मध्य प्रदेश के उज्जैन में सूर्य को अर्ध्य देकर छठ पूजा का समापन किया गया. विक्रम सरोवर पर हुए आयोजन में सीएम डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए. इस दौरान खास बात यह रही कि बादल छाए रहने के कारण सूर्य उदय नहीं होन पर भी सीएम ने व्रतियों के साथ अर्घ्य अर्पित कर प्रदेशवासियों के लिए मंगल कामना की. दरअसल, चार दिन तक चलने वाला छठ महापर्व मंगलवार को संपन्न हो गया. सुबह 7.30 बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विक्रम सरोवर पर आयोजित छठ पूजन में शामिल हुए. उन्होंन व्रती महिलाओं के साथ पूजा कर प्रदेशवासियों की तरक्की और खुशहाली की मंगल कामना की.इसके अलावा बड़ी संख्या में व्रती महिलाओं ने शिप्रा नदी और तालाबों पर पहुंचकर भी सूर्य को अर्घ्य देकर छठी मइया की पूजा-अर्चना की.  मुख्यमंत्री ने विक्रम सरोवर पर पारंपरिक विधि से पूजा-अर्चना कर सूर्य देव से जनता की खुशहाली, संतान की दीर्घायु और परिवार की समृद्धि की कामना की। उन्होंने छठ मैया की आराधना करते हुए प्रदेशवासियों और मिथिलांचल के लोगों को इस महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।चार दिनों तक चलने वाले इस लोकपर्व की शुरुआत ‘नहाय-खाय’ से होती है और समापन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ होता है। इस वर्ष 26 अक्टूबर को खरना, 27 अक्टूबर को सायंकालीन अर्घ्य और 28 अक्टूबर को प्रातःकालीन अर्घ्य के साथ छठ व्रत की पूर्णता हुई।   पर्व के तीसरे दिन डूबते सूर्य को और चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा निभाई जाती है। इस दौरान महिलाएं जल में खड़े होकर बांस के सूप में फल, ठेकुआ, चावल के लड्डू, गन्ना और अन्य प्रसाद रखकर सूर्य देव की आराधना करती हैं।रामघाट और विक्रम विश्वविद्यालय परिसर स्थित विक्रम सरोवर पर हजारों श्रद्धालु इस पावन अवसर के साक्षी बने। पूजा-अर्चना के उपरांत मुख्यमंत्री डॉ. यादव कालिदास अकादमी पहुंचे, जहां उन्होंने भाजपा नगर द्वारा आयोजित ‘आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान’ संगोष्ठी में भाग लिया। सीएम बोले- छठ पूर्वांचल का प्रमुख पर्व छठ पूजन में शामिल हुए सीएम यादव ने कहा कि छठ पूर्वांचल का प्रमुख पर्व है, जिसमें महिलाएं परिवार के लिए कठोर व्रत रखती हैं. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश नदियों का मायका है. यहां चढ़ाया गया जल क्षिप्रा नदी से होकर चंबल, यमुना और फिर गंगा नदी तक पहुंचता है. चार दिन चला छठ पर्व  चार दिवसीय छठ पूजन पर्व की शुरुआत 25 अक्टूबर को ‘नहाय-खाय' के साथ हुई. इसके बाद 26 को ‘खरना', 27 को निर्जल उपवास कर सायंकालीन अर्घ्य दान दिया गया और आज सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ इस महापर्व का समापन हो गया. इस दिन महिलाओं और परिवार के लोगों ने सूर्य को अर्घ्य देकर संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना की.  तीसरे दिन डूबते, चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य पर्व के तीसरे दिन, डूबते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा निभाई जाती है। इस दिन महिलाएं बांस के सूप में फल, गन्ना, चावल के लड्डू, ठेकुआ और अन्य सामग्री रखकर जल में खड़े होकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करती हैं। इस तरह चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ महापर्व का समापन होता है। इस दौरान शिप्रा नदी के रामघाट और विक्रम विश्वविद्यालय परिसर स्थित विक्रम सरोवर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजन-अर्चन के लिए पहुंचते हैं। पूजन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कालिदास अकादमी में भाजपा नगर द्वारा आयोजित आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान संगोष्ठी में शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव जलवायु परिवर्तन एवं सतत विकास पर आयोजित संगोष्ठी में लेंगे हिस्सा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को जलवायु परिवर्तन और सतत विकास वैचारिक संगोष्ठी में होंगे शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के वीथी संकुल, मुक्ताकाश (एम्फिथियेटर) में 12 बजे जलवायु परिवर्तन और सतत विकास वैचारिक संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।संगोष्ठी का आयोजन राज्य नीति आयोग,मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद और EPCO के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। नर्मदा समग्र, सिकोईडिकोन, पैरवी, और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय कार्यक्रम के सह-आयोजक हैं।संगोष्ठी प्रातः 9:30 बजे से सायं 4:30 बजे तक होगी। संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के समाधान में राज्यों की भूमिका पर विमर्श करना और व्यक्ति, समाज एवं सरकारों की सहभागिता से सतत विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है। जलवायु संकट, जो जल, जंगल, जमीन, जैव विविधता और मानव जीवन के सभी पहलुओं को प्रभावित कर रहा है और वर्तमान समय की गंभीर चुनौती है। यह संगोष्ठी नवंबर 2025 में ब्राजील में होने वाले संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (CoP 30) के लिए पूर्व परामर्श का कार्य करेगी। इसके सुझाव और विचार CoP 30 के अंतर्राष्ट्रीय मंच पर साझा किए जाएंगे। मध्यप्रदेश इस चर्चा को शुरू करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है। लिविंग द राइट वे की थीम पर आधारित इस संगोष्ठी में जलवायु परिवर्तन और सतत विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर सत्र आयोजित होंगे। इन सत्रों में पर्यावरण और जीवनशैली, जलवायु और सतत विकास के बीच संबंधों का सुदृढ़ीकरण, राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में राज्य की भूमिका जैसे विषयों पर गहन चिंतन-मंथन किया जाएगा। इस आयोजन में विषय विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, सरकारी अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि शामिल होंगे।  

छठ पर्व पर मुख्यमंत्री साय ने सूर्य को अर्घ्य दिया, प्रदेश में खुशहाली और उन्नति की की प्रार्थना

रायपुर : मुख्यमंत्री  साय ने जशपुर में दुलदुला छठ घाट में सूर्य को दिया अर्घ्य: प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय एवं उनकी धर्मपत्नी मती कौशल्या साय ने आज छठ महापर्व के अवसर पर दुलदुला छठ घाट में पहुँचकर सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेशवासियों को छठ पूजा की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत सौभाग्य का अवसर है कि मुझे छठ पर्व में सम्मिलित होने का अवसर मिला।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जनता के विश्वास और स्नेह से ही उन्हें जनसेवा का अवसर मिला है, और वे क्षेत्र के विकास एवं जनता की अपेक्षाओं की पूर्ति के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री  साय ने दुलदुला क्षेत्रवासियों की माँग पर छठ घाट के सौन्दर्यीकरण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आगामी छठ पर्व तक दुलदुला छठ घाट का सौन्दर्यीकरण कार्य पूर्ण कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुनकुरी छठ घाट का सौन्दर्यीकरण लगभग ₹5 करोड़ 17 लाख की लागत से किया गया है, जहाँ इस वर्ष व्रती महिलाएँ पूर्ण श्रद्धा-भाव से पूजा-अर्चना कर रही हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष  शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जनपद पंचायत दुलदुला अध्यक्ष  रामकुमार सिंह, आईजी  दीपक कुमार झा, कलेक्टर  रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक  शशिमोहन सिंह सहित छठ व्रत करने वाली महिलाएँ, जनप्रतिनिधिगण एवं ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

ग्वालियर का गजरा राजा मेडिकल कॉलेज बनेगा आधुनिक सुविधाओं से लैस : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

गजरा राजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर को विश्वस्तरीय स्वरूप देने के लिए प्रावधानों को प्रस्ताव में करें शामिल : उप मुख्यमंत्री  शुक्ल मेडिकल कॉलेज ग्वालियर एवं संबद्ध चिकित्सालय के सुदृढ़ीकरण कार्यों की वृहद समीक्षा की ग्वालियर उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में गजरा राजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर एवं संबद्ध चिकित्सालय के सुदृढ़ीकरण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गजरा राजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर-चंबल अंचल का एक प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान है, जो लंबे समय से क्षेत्र के नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कर रहा है। इस संस्थान को भविष्य की आवश्यकताओं, अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और मरीजों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए सुदृढ़ीकरण किया जाना आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा और जन-स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर को उन्नत करना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने गजरा राजा मेडिकल कॉलेज और उससे संबद्ध चिकित्सालय के मास्टर प्लान की समीक्षा कर सभी आवश्यक प्रावधानों को सम्मिलित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव इस तरह तैयार किया जाए कि आने वाले वर्षों में किसी भी प्रकार की संरचनात्मक या तकनीकी बाधा न आए और कॉलेज परिसर का विस्तार दीर्घकालिक दृष्टि से उपयोगी सिद्ध हो। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि मरीजों की सुविधा, चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के कार्यस्थल की सहजता, साथ ही शिक्षण-प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार के सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाए। उन्होंने 500 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल को योजना में शामिल करने के निर्देश दिए तथा एमआरआई, लिनेक सहित अत्याधुनिक चिकित्सकीय उपकरणों की स्थापना का भी प्रावधान करने को कहा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि अस्पताल परिसर में एस.टी.पी. (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की क्षमता भविष्य मांग अनुसार हो ताकि स्वच्छता और पर्यावरणीय मानकों का पूर्ण पालन हो सके। मरीजों के परिजनों एवं बाहर से आने वाले आगंतुकों की सुविधा के लिए रैन बसेरा (विश्राम गृह) का निर्माण भी प्रस्ताव में शामिल किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्यों में समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित की जाए और समस्त प्रक्रियाएँ गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्यों के मानकों के अनुरूप हों। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण और अधोसंरचना से जुड़ी समस्त प्रक्रियाएँ वर्ष 2028 के पूर्व पूर्ण कर ली जाएँ, ताकि नागरिकों को शीघ्र ही उच्चस्तरीय और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें। प्रभारी आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  विशेष गढ़पाले, एमडी बीडीसी  सिबी चक्रवर्ती, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अरुणा कुमार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

मिलावटखोरी कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनता के स्वास्थ्य और जीवन रक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मिलावटखोरी कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं इंदौर स्वच्छता में सिरमौर, अब बन रहा है शुद्धता का भी पर्याय जबलपुर और ग्वालियर में भी लैब जल्द ही प्रारंभ होंगी फूड एंड ड्रग टेस्टिंग के लिए चलाई जायेंगी मोबाईल लैब्स मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया इंदौर में फूड एण्ड ड्रग टेस्ट की नई लैब का लोकार्पण इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिये हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर केवल स्वच्छता और स्वाद की धरती नहीं, बल्कि सुशासन और सेवा की धरती भी है। यहां पर लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने सिखाया कि शासन का सच्चा अर्थ जन-कल्याण, न्याय और संवेदना है। आज जब हम इस खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला जैसी माडर्न लैब का लोकार्पण कर रहे हैं तो यह उसी सुशासन की परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास है जिसके मूल में “जनता का स्वाद, जनता का स्वास्थ्य और जनता की सुरक्षा” सम्मिलित है। शुद्धता और स्वच्छता अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी कही जाती है। खाना बहुत अच्छा बना हो लेकिन शुद्धता और स्वच्छता की कसौटी पर खरा न हो तो बीमार कर देता है। इंदौर में संभागीय खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला का शुभारंभ प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह केवल एक भवन नहीं, बल्कि खाद्य गुणवत्ता और स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक मजबूत कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां अन्नपूर्णा की कृपा से यह प्रयोगशाला स्वाद, सुरक्षा और पोषण का केंद्र बने। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ड्रग रेगुलेटरी सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए हमने इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में नई खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशालाएं बनाने का निर्णय लिया था, आज हम इंदौर में इसका साकार रूप देख रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को इंदौर जिले की सांवेर विधानसभा क्षेत्र के लसुड़िया मोरी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां नवनिर्मित खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला (फूड एण्ड ड्रग टेस्टिंग लैब) का फीता काटकर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह नई लैब एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस लैब से इंदौर संभाग के सभी नागरिकों को फूड एण्ड ड्रग टेस्ट की शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं समय पर और संभागीय स्तर पर ही मिल जायेंगी। जांच का दायरा बढ़ाएगी इंदौर लैब- 20 हजार सैम्पल प्रतिवर्ष का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में नागरिकों के स्वास्थ्य की चिंता करने वाली हमारी संवेदनशील सरकार है। खाद्य सामग्री में मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश में खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़ाई जा रही है। भोपाल और इंदौर के बाद जबलपुर और ग्वालियर में भी ऐसी प्रयोगशालाएं शुरू की जायेंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी सिर्फ एक खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला राजधानी भोपाल में स्थित है। यहां जांच की क्षमता सालाना 6000 सैंपल की थी। इंदौर में अत्याधुनिक प्रयोगशाला के लोकार्पण के साथ अब खाद्य सामग्रियों के परीक्षण की क्षमता बढ़कर प्रतिवर्ष 20 हजार सैंपल तक हो जाएगी। इंदौर में लैब खुलने से पूरे मालवांचल को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खाद्य सामग्री एवं दवाओं में मिलावटखोरों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रदेश में कोई गलत काम करेगा तो सरकार उसे छोड़ने वाली नहीं है। अच्छा काम करने वालों को प्रोत्साहन भी मिलेगा। नागरिकों के जान-माल की रक्षा करना राज्य सरकार का कर्तव्य है। राज्य सरकार ने 18 नई नीतियां लागू करते हुए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को कई प्रकार की छूट दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अगले 3 माह में जबलपुर में खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला की शुरुआत होगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार चलित प्रयोगशालाएं (मोबाइल लैब्स) शुरू करने पर भी काम कर रही है। इसमें माइक्रोबायोलॉजिकल जांच की सुविधा भी मिलेगी। संभागीय मुख्यालयों के बाद सभी जिलों में भी खाद्य एवं औषधि परीक्षण की ऐसी ही प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। यह प्रयोगशालाएं जन-जागरूकता एवं सर्टिफिकेशन जैसे कई प्रकार के कार्य भी करेंगी। अत्याधुनिक पांच मंजिला प्रयोगशाला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह अद्भुत और अत्याधुनिक पांच मंजिला प्रयोगशाला 3700 वर्ग फीट में बनी है। इसकी लागत 8 करोड़ रुपए से अधिक है। यह प्रयोगशाला ऐसे प्रहरी है जो हमारे भोजन और औषधियों दोनों की गुणवत्ता और शुद्धता की रक्षा करेगा। पूरी तरह से आधुनिक और सर्व सुविधायुक्त यह लैब संभाग की सेहत की निगरानी करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर में नई लैब के खुलने से आसपास के सभी जिलों को बड़ी आसानी होगी। इससे जांच का दायरा बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि यहां खाने-पीने की चीजों और दवाओं के सैंपल की जांच नई और भरोसेमंद मशीनों से होगी ताकि लोगों को सटीक और सुरक्षित रिपोर्ट मिल सके। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। जल संसाधन एवं मछुआ कल्याण मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि नागरिकों को हर वस्तु शुद्ध मिले, यह राज्य सरकार का संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सिंहस्थ 2028 के भव्य और दिव्य आयोजन के लिए तैयारियां चल रही हैं। सरकार अन्नदाता और मातृ शक्ति के कल्याण के लिए नई-नई योजनाओं की सौगात दे रही है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई सौगातों को पूरा करने की गारंटी मुख्यमंत्री डॉ. यादव हैं। आज प्रदेश की दूसरी खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला का लोकार्पण हुआ है। अगले तीन माह में जबलपुर में तीसरी, ग्वालियर में चौथी और पांचवीं खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला उज्जैन में स्थापित कर दी जाएगी। सिंहस्थ-2028 के आयोजन के मद्देनजर यह प्रयोगशाला राष्ट्रीय स्तर की होगी। कार्यक्रम में विधायक मधु वर्मा, महापौर इंदौर पुष्यमित्र भार्गव, सुमित मिश्रा, चावड़ा सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।    

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – सबका साथ, सबका विकास ही हमारी सरकार की पहचान

हर समाज को साथ लेकर चलना ही हमारी सरकार का उद्देश्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 30 करोड़ रूपये की सीवर लाइन परियोजना का भूमिपूजन इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा दिवाली का यह समय शुभ अवसर है, जब जनकल्याण के कार्यों की शुरुआत करना मंगलकारी माना जाता है। सरकार का संकल्प है कि विकास की हर योजना जनता के द्वार तक पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार सभी वर्गों और समाजों को साथ लेकर समान अवसर और विकास के पथ पर आगे बढ़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक सुख और सुविधा पहुंचाना है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के ‘अंत्योदय’ के विचार को मूर्त रूप देने का प्रयास हमारी हर योजना में झलकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को ब्लू लोटस गार्डन इंदौर में आयोजित भूमिपूजन समारोह और सामाजिक समरसता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 4 के अंतर्गत अमृत 2.0 योजना के तहत सुदामा नगर सेक्टर-डी और ई में ₹30 करोड़ की लागत से 34.235 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाने के कार्य का भूमिपूजन किया। इस परियोजना से नागरिकों को ड्रेनेज चोकिंग की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी और जल-मल निकासी व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने जनजातीय समाज और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि पहली बार रानी दुर्गावती के नाम पर जबलपुर में कैबिनेट आयोजित की गई और खरगोन में टंट्या मामा के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। यह हमारी प्रतिबद्धता है कि हम हर समाज के महापुरुषों के योगदान को सम्मान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले जहाँ प्रदेश का वार्षिक बजट 20 हज़ार करोड़ रुपये तक सीमित था, वहीं आज यह 4 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए हमारी सरकार ने 2 हजार 600 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा, जो हमारे किसान सम्मान के संकल्प का प्रमाण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘2047 अमृत काल’ के विजन के अनुरूप मध्यप्रदेश में विकास के नए मानक स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर और भोपाल एरिया में एक आधुनिक मेट्रोपॉलिटन सर्किट का निर्माण किया जा रहा है, जिससे मालवा क्षेत्र देश के प्रमुख विकास केंद्रों में शामिल होगा। विधायक मती मालिनी गौड़, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव और  सुमित मिश्रा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री की जनसेवा भावना और समरसता की नीति ने प्रदेश में एक नई राजनीतिक संस्कृति स्थापित की है। इस अवसर पर मंत्री  तुलसीराम सिलावट, विधायक  मनोज पटेल, पूर्व महापौर  कृष्ण मुरारी मोघे, सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष  प्रताप करोसिया,  निशांत खरे,  सावन सोनकर,  सुमित मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

छठ पर्व पर महिलाओं ने अर्पित किया अर्घ्य, आमातालाब घाट पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

लोक आस्‍था के पर्व छठ पर महिलाओं ने अस्‍ताचलगामी सूर्य को दिया अर्घ्‍य, आमातालाब छठ घाट पर उमड़े श्रद्धालु रायपुर लोक आस्था का महापर्व छठ पर  व्रती महिलाओं राजधानी रायपुर के आमातालाब छठ घाट पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया. 4 दिनों तक चलने वाले इस लोक आस्था के पर्व का आज तीसरा दिन है। रायपुर विश्वकर्मा समाज के अध्यक्ष श्री रमेश शर्मा ने बताया कि राजधानी रायपुर के आमातालाब छठ घाट पर लोक आस्था का महापर्व छठ पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है. सोमवार शाम को अस्‍ताचलगामी सूर्य को अर्घ्‍य देने के लिए आमातालाब छठ घाट पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी. पारंपरिक गीतों और पूजा के बीच माहौल आस्थामय नजर आया. इस मौके पर भोजपुरी इंडस्‍ट्री के कलाकार भी भक्ति में सराबोर नजर आए. घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और प्रशासन ने व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष टीम तैनात की थी. छठ पूजा की खासियत यह रही कि लोग सुबह से ही तैयारी में जुटे रहे और शाम होते ही सूर्य को अर्घ्‍य देने के लिए घाटों पर पहुंचे. सोमवार को इस पर्व के तीसरे दिन व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। कल 28 अक्टूबर को प्रातः 6 बजे उषा अर्घ्य उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इस अवसर पर क्षेत्र के विधायक एवं पार्षद गण,मंडल अध्यक्ष सहित समाज के सभी सदस्य सपरिवार उपस्थित रहेंगे। आज के कार्यक्रम में विशेष रूप से  विश्वकर्मा समाज के पूजन व्यवस्था हेतु युवा वर्ग से सुरज शर्मा,विनय शर्मा,रोहित,विश्वकर्मा संतोष विश्वकर्मा,शंकर शर्मा,सुनील शर्मा,सन्नी शर्मा,आकाश शर्मा एवं अन्य सदस्यों ने अपना योगदान दिया है।  

विकसित उत्तर प्रदेश: 57 लाख से ज्यादा नागरिकों ने साझा किया अपना फीडबैक

विकसित यूपी के लिए अब तक 57 लाख से अधिक लोगों ने दिया फीडबैक फीडबैक में शीर्ष पर रहे जौनपुर, संभल और गाजीपुर 75 जिलों में नोडल अधिकारियों ने किया जनसंवाद  ग्रामीण इलाकों से आए 45 लाख से अधिक सुझाव  28 लाख युवाओं ने दिया भविष्य के विकास पर मत  करीब 50 हजार ग्राम पंचायतों में हुई बैठकें और गोष्ठियां  शिक्षा, कृषि और आईटी पर जनता ने दिए सर्वाधिक सुझाव मुख्यमंत्री योगी का विजन 2047 बना जनआंदोलन  जनता के सुझावों से बनेगा यूपी का विजन डॉक्यूमेंट  सामूहिक भागीदारी से साकार होगा 'विकसित उत्तर प्रदेश' का सपना लखनऊ उत्तर प्रदेश को 2047 तक समर्थ और विकसित राज्य के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य के साथ शुरू किया गया 'समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047: समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान' जनसहभागिता का एक ऐतिहासिक अभियान बन गया है। इस महाभियान के तहत सोमवार तक प्रदेश के सभी 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों और प्रबुद्धजनों ने भ्रमण कर जनता से संवाद स्थापित किया और प्रदेश के विकास यात्रा से संबंधित जानकारी साझा की। इस दौरान छात्रों, शिक्षकों, व्यापारियों, उद्यमियों, कृषकों, स्वयंसेवी संगठनों, श्रमिक संघों, मीडिया और आम नागरिकों के साथ विकास के रोडमैप पर चर्चा कर सुझाव लिए गए। प्रदेश सरकार द्वारा तैयार किए गए पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक करीब 57 लाख से अधिक फीडबैक प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 45 लाख ग्रामीण क्षेत्रों से और 12 लाख नगरीय क्षेत्रों से सुझाव आए हैं। फीडबैक देने वालों में करीब 28 लाख युवा (31 वर्ष से कम आयु), 26 लाख मध्यम आयु वर्ग (31-60 वर्ष) और करीब 3 लाख वरिष्ठ नागरिक (60 वर्ष से अधिक) शामिल हैं। इन सेक्टर के लिए मिले अमूल्य सुझाव विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त सुझावों में कृषि क्षेत्र में लगभग 14.4 लाख, पशुधन एवं डेरी में 2.3 लाख, उद्योग क्षेत्र में 2 लाख, आईटी एवं टेक सेक्टर में 1.6 लाख, पर्यटन क्षेत्र में 1.4 लाख, ग्रामीण विकास में 11.4 लाख, इन्फ्रास्ट्रक्चर में 50 हजार, संतुलित विकास में 83 हजार, समाज कल्याण में 4.4 लाख, नगरीय एवं स्वास्थ्य में 3.9 लाख, शिक्षा क्षेत्र में 13.4 लाख और सुरक्षा सम्बंधित 1 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए। सुझाव देने में ये हैं टॉप और बॉटम जिले जनपदवार सर्वाधिक फीडबैक देने वाले जिलों में जौनपुर (4.5 लाख), संभल (3.8 लाख), गाजीपुर (2.5 लाख), प्रतापगढ़ (1.8 लाख) और बिजनौर (1.7 लाख) रहे। वहीं सबसे कम फीडबैक इटावा (20 हजार), महोबा (26 हजार), हापुड़ (29 हजार), गौतमबुद्ध नगर (29 हजार) और ललितपुर (30 हजार) से मिले। व्यापक जनसंवाद और गोष्ठियों का हुआ आयोजन महाभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में नगर निकायों से लेकर ग्राम पंचायतों तक संवाद बैठकों और गोष्ठियों का आयोजन किया गया। इनमें 214 नगर पालिकाओं में बैठकें, 227 नगर पालिकाओं में सम्मेलन/गोष्ठियां, 18 नगर निगमों में बैठकें एवं सम्मेलन, 63 जिला पंचायतों में गोष्ठियां, 556 नगर पंचायतों में बैठकें और 577 में सम्मेलन, 751 क्षेत्र पंचायतों में बैठकें और गोष्ठियां तथा करीब 50 हजार ग्राम पंचायतों में भी सफल आयोजन किए गए। इन बैठकों से स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के बीच संवाद और समन्वय को नई दिशा मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन 'समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047' के अनुरूप प्राप्त सुझावों के आधार पर राज्य सरकार विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर रही है। यह महाभियान जनसहभागिता और सामूहिक विकास की भावना को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।    

एयर एम्बुलेंस सेवाओं के प्रदाय में प्राथमिकता से निर्णय लें: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य जनसामान्य को सुगम, गुणवत्तापूर्ण और समय पर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना है। इस दिशा में विभागीय कार्यों की नियमित समीक्षा आवश्यक है ताकि स्वास्थ्य अधोसंरचनाओं का समयबद्ध सुदृढ़ीकरण और सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। बैठक में प्रभारी आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  विशेष गढ़पाले तथा संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अरुणा कुमार उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि एयर एम्बुलेंस सेवा आपातकालीन स्थितियों में त्वरित एवं उत्कृष्ट चिकित्सकीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई है। अतः इसके संचालन में समय का विशेष ध्यान रखा जाए तथा इमरजेंसी प्रकरणों में तत्काल निर्णय लेकर मरीजों को शीघ्रतम राहत दी जाए। उन्होंने कहा कि यह सेवा केवल परिवहन का माध्यम नहीं बल्कि जीवनरक्षक प्रणाली का अभिन्न अंग है, इसलिए इसके संचालन में समन्वय और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता में रहे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने ओ.पी.डी. सेवाओं के समय को जनसुविधा के दृष्टिकोण से और प्रभावी बनाने के लिए इसे प्रातः 9 बजे से अपराह्न 4 बजे तक संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे मरीजों को बेहतर और विस्तारित समयावधि में चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने मेडिकल रिकूटमेंट प्रक्रिया को विभाग की शीर्ष प्राथमिकताओं में रखते हुए निर्देश दिए कि रिकूटमेंट एजेंसियों के साथ नियमित संवाद कायम रखा जाए। सभी लंबित प्रस्ताव शीघ्र भेजे जाएँ और औपचारिकताओं की पूर्ति कर समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ की समय पर नियुक्ति से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता दोनों में सुधार आएगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने एमआरआई एवं सीटी स्कैन सेवाओं की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को इन सुविधाओं का सुविधाजनक, पारदर्शी और निर्बाध प्रदाय सुनिश्चित किया जाए। मशीनों की कार्यशील स्थिति और रिपोर्टिंग में किसी भी प्रकार की देरी को गंभीरता से लिया जाए। आगामी वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए नए मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों के प्रस्ताव भविष्य की आवश्यकताओं और चिकित्सकीय मानकों के अनुरूप तैयार किए जाएँ। इन संस्थानों में शिक्षण, अनुसंधान और सेवा – तीनों पहलुओं में संतुलन बनाकर दीर्घकालिक उपयोगिता और स्थायित्व सुनिश्चित किया जाए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने दवाओं की गुणवत्ता एवं पर्याप्त उपलब्धता पर विशेष बल देते हुए कहा कि प्रत्येक जिला और मेडिकल कॉलेज में दवाओं की आपूर्ति प्रणाली की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। बैठक में उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में मेडिकल टीचर्स के वेतन एवं आयुष्मान भत्ते के वितरण, छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज में छात्रावास निर्माण और नर्सिंग पदों पर भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा भी की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।